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72 घंटे से भूख हड़ताल पर बैठे अरुण, रणवीर और राजवीर को प्रशासन ने अस्पताल में कराया भर्ती

भरतपुर भरतपुर के पीलूपुरा में पिछले 3 दिनों से जारी आमरण अनशन सोमवार रात गंभीर मोड़ पर पहुंच गया. रीट (REET) परीक्षा में 372 पदों की मांग को लेकर धरने पर बैठे तीन युवाओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया. स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने देर रात ही तीनों आंदोलनकारियों को जबरन उठाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है. इन युवाओं को कराया गया अस्पताल में भर्ती आमरण अनशन पर बैठे अरुण गुर्जर, रणवीर गुर्जर और राजवीर की शारीरिक स्थिति पिछले 72 घंटों से अन्न-जल त्यागने के कारण काफी नाजुक हो गई थी. जिला प्रशासन ने उनकी जान को जोखिम में न डालते हुए उन्हें मेडिकल इमरजेंसी के तहत अस्पताल शिफ्ट किया. सूचना मिलते ही तहसीलदार ने खुद जिला अस्पताल पहुंचकर तीनों युवाओं की सेहत का जायजा लिया और डॉक्टरों को उचित देखभाल के निर्देश दिए. 'प्रशासन ने जबरदस्ती अस्पताल में भर्ती कराया' जिसकी तबीयत राजवीर (बड़ागांव) ने बताया कि उन्हें एक माह पहले आश्वासन दिया गया था कि सरकार से वार्ता की जाएगी. लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसी के चलते हुए दोबारा धरने पर बैठे. उन्होंने खाना नहीं खाया तो इसी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ी. प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जबरदस्ती उठा कर अस्पताल लेकर आए. राजवीर का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं पूरी होंगी, इसी तरह धरने पर बैठे रहेंगे. पुलिस के एक्शन पर SDM ने क्या कहा? एसडीएम दीपक मित्तल का कहना है कि धरने पर बैठे अभ्यर्थियों से समझाइश की. लेकिन वह नहीं माने. उनमें से तीन युवकों की तबीयत खराब हुई, जिन्हें एंबुलेंस के सहयोग से बयाना अस्पताल भर्ती कराया, जहां से उन्हें भरतपुर रैफर कर दिया. वहां उनका इलाज जारी है. युवकों की तबीयत में सुधार हो रहा है और जो धरने पर बैठे हैं उनसे वार्ता की जा रही है. हालांकि उनसे जब पूछा गया कि युवक जबरदस्ती धरने से उठाने का आरोप लगा रहे हैं तो उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है. उनसे सिर्फ समझाइश की जा रही है. जिन लोगों की तबीयत खराब हुई उन्हें अस्पताल भिजवाया गया है. सहमति के बाद दोबारा क्यों शुरू हुआ अनशन? यह पूरा विवाद तब फिर से गहराया जब सरकार और युवाओं के बीच बातचीत का रास्ता बंद हो गया. दरअसल, इन युवाओं ने अपनी मांगों को लेकर 31 मार्च को भी धरना दिया था, जिसे प्रशासन ने सरकार से वार्ता कराने के आश्वासन पर स्थगित करवा दिया था. लेकिन जब 1 मई को निर्धारित वार्ता नहीं हुई, तो युवाओं ने खुद को ठगा हुआ महसूस किया और दोबारा अनशन पर बैठने का फैसला किया. क्या है 372 पदों का पूरा मामला? युवाओं की मुख्य मांग रीट भर्ती में 372 अतिरिक्त पदों को शामिल करने की है. उनका आरोप है कि सरकार बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रही है. युवाओं का कहना है कि जब तक पदों की संख्या को लेकर कोई ठोस आदेश जारी नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा. फिलहाल प्रशासन के लिए इन युवाओं की सेहत और कानून व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है.

पंजाब में दिल दहला देने वाली घटना: संगरूर में 10वीं के छात्र का मर्डर, सफर बना मौत का रास्ता

संगरूर/पटियाला. संगरूर के पटियाला गेट की कृष्णा बस्ती में युवकों के बीच हुई लड़ाई ने खूनी रूप धारण कर लिया। यहां कुछ युवकों ने एक 15 साल के लड़के की तेजधार हथियार से हत्या कर दी। वहीं मृतक का भाई गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में रेफर कर दिया गया। मीडिया को जानकारी देते हुए परिवार के सदस्यों ने बताया कि गली में किसी बात को लेकर दो बच्चों के बीच आपसी तकरार हो गई और 2 युवकों द्वारा लड़के की तेजधार हथियार से हमला कर बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस दैरान लड़के की मौके पर ही मौत हो गई। उसे संगरूर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दूसरे युवक को पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिवार का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनके बच्चे नकोदर जा रहे थे, लेकिन उक्त युवकों ने उन्हें घेर लिया और उन पर हमला हमला कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए डॉ. निकिता ने बताया कि दो लड़कों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से एक की मौत हो गई और दूसरे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पटियाला रेफर कर दिया गया है। 

घर में इन पौधों को लगाना माना जाता है अशुभ, जानें कारण

घर में लगे पौधे सिर्फ सजावट का हिस्सा नहीं होते, ये हमारे आसपास की ऊर्जा को प्रभावित भी करते हैं। कई लोग हरियाली बढ़ाने के लिए तरह-तरह के पौधे लगा लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार हर पौधा घर के लिए शुभ नहीं होता। कुछ पौधे ऐसे भी माने जाते हैं, जो अनजाने में नकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकते हैं और घर के माहौल को प्रभावित कर देते हैं। मान्यता है कि ऐसे पौधे परिवार में तनाव, रुकावट और आर्थिक परेशानियों का कारण बन सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि सही जानकारी के साथ ही पौधों का चयन किया जाए। आइए जानते हैं किन पौधों को घर में लगाने से बचना चाहिए। कैक्टस और कांटेदार पौधे वास्तु के अनुसार, गुलाब को छोड़कर अन्य कांटेदार पौधों को घर में रखना उचित नहीं माना जाता। कहा जाता है कि ऐसे पौधे घर में तनाव और मतभेद बढ़ा सकते हैं। साथ ही ये तरक्की में भी बाधा डालते हैं। बोन्साई पौधा बोन्साई देखने में आकर्षक जरूर लगता है, लेकिन इसे घर में रखना शुभ नहीं माना जाता। मान्यता है कि यह पौधा जीवन में प्रगति को सीमित कर देता है और करियर की गति को धीमा कर सकता है। इमली का पेड़ इमली का पौधा या पेड़ घर के भीतर या आसपास लगाना भी अशुभ माना जाता है। कहा जाता है कि इस पर नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव रहता है, जिससे घर में परेशानी बढ़ सकती है। दूध निकलने वाले पौधे ऐसे पौधे जिनसे दूध जैसा तरल पदार्थ निकलता है, उन्हें भी घर में लगाने से बचना चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, ये पौधे आर्थिक तंगी और कर्ज बढ़ने का कारण बन सकते हैं। सूखे या मुरझाए पौधे घर में सूखे या खराब हो चुके पौधों को रखना भी अच्छा नहीं माना जाता। ऐसे पौधे नकारात्मकता का संकेत होते हैं और जीवन में रुकावटें ला सकते हैं। इसलिए इन्हें तुरंत हटा देना चाहिए। घर में कौन से पौधे लगाना शुभ होता है? वास्तु के अनुसार, कुछ पौधे सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि के प्रतीक माने जाते हैं। जैसे तुलसी, मनी प्लांट, जेड प्लांट, स्नेक प्लांट और शमी का पौधा। ये पौधे घर में सुख-शांति और खुशहाली लाने में सहायक माने जाते हैं।  

अंतिम छोर तक पानी पहुंचने से बदलेगी तस्वीर

भोपाल अनूपपुर जिले का आदिवासी बहुल विकासखंड पुष्पराजगढ़ अब कृषि विकास की नई दिशा की ओर अग्रसर है। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के अंतर्गत झिलमिल जलाशय की नहरों के निर्माण, सुदृढ़ीकरण एवं विस्तार कार्य से यहाँ किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। वर्षों से इस क्षेत्र के किसान वर्षा आधारित खेती या सीमित जल स्त्रोतों पर निर्भर थे। नहर प्रणाली की जर्जर स्थिति के कारण जल अंतिम छोर तक नहीं पहुँच पाता था, जिससे सिंचाई में बाधा आती थी। अब जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत झिलमिल जलाशय के मुख्य नहर तथा माइनर नहर के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। करीब 19 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से यह कार्य पूर्ण होने पर 5.04 एमसीएम क्षमता वाले जलाशय का जल अंतिम छोर के खेतों तक पहुँच सकेगा। इससे सिंचाई व्यवस्था में स्थायी सुधार होगा। लगभग 905 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। करीब 11 किलोमीटर लंबा नहर तंत्र विकसित किया जा रहा है। इस योजना से सीधे तौर पर बीजापुरी, पीपाटोला, कछरा टोला और झिलमिल गाँवों के लगभग एक हजार किसान परिवार लाभान्वित होंगे। उनकी आय में वृद्धि और आजीविका में स्थिरता आयेगी। अनूपपुर कलेक्टर श्री हर्षल पंचोली परियोजना की नियमित निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिए हैं कि कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए। स्थानीय किसानों में इस परियोजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। किसान जगत सिंह, ठाकुर सिंह और कमलेश्वर सिंह सहित कई कृषकों का कहना है कि नहरों के सुधार से अब अंतिम खेत तक पानी पहुँचने की समस्या समाप्त हो जाएगी, जिससे वे दोनों मौसमों में बेहतर खेती कर सकेंगे। पुष्पराजगढ़ में झिलमिल जलाशय से प्रवाहित यह जल न केवल खेतों को सिंचित करेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। ‘‘जल गंगा संवर्धन अभियान’’ के तहत यह पहल भविष्य में अन्य क्षेत्रों के लिए भी एक मॉडल साबित हो सकती है।  

पिता बनने के बाद भावुक हुए केएल राहुल, कहा—बेटी संग हर दर्द हो जाता है दूर

 बंगलूरू दिल्ली कैपिटल्स के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने हाल ही में पिता बनने के अनुभव को अपनी जिंदगी का सबसे खूबसूरत दौर बताया। उन्होंने कहा कि बेटी के आने के बाद उन्हें असली खुशी, शांति और सुकून का एहसास हुआ है। राहुल ने जियोस्टार के कार्यक्रम सुपरस्टार्स में कहा, 'पिता बनना मेरे लिए सबसे खूबसूरत चीज रही है। मुझे हमेशा लगता था कि मेरी जिंदगी में शांति और खुशी है, लेकिन मैं गलत था। जब तक आप अपने बच्चे को गोद में नहीं लेते, तब तक असली खुशी, सुकून और आनंद का मतलब नहीं समझते।'  बेटी से दूर रहना सबसे मुश्किल केएल राहुल ने जनवरी 2023 में अभिनेत्री अथिया शेट्टी से शादी की थी। दोनों ने 2025 की शुरुआत में अपनी बेटी इवारा का स्वागत किया। राहुल ने बताया कि बेटी जैसे-जैसे बड़ी हो रही है, उससे दूर रहना और मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा था कि जैसे-जैसे वह बड़ी होगी, चीजें आसान हो जाएंगी, लेकिन अब तो और मुश्किल हो गया है। वह दौड़ती है, बातें करने की कोशिश करती है। मैं चाहता हूं कि मैच खेलकर लौटूं, उसके साथ समय बिताऊं और फिर मैदान पर जाऊं, लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं होता।' राहुल ने कहा कि क्रिकेटर की जिंदगी में चोट, दबाव और चिंता आम बात है, लेकिन बेटी की एक मुस्कान सब कुछ बदल देती है। उन्होंने कहा, 'जब मैं वापस आता हूं और उसे मुस्कुराते देखता हूं, जब वह मुझे गले लगाती है और किस करती है, तो मेरी सारी चोटें, दर्द और चिंताएं खत्म हो जाती हैं। पिछले एक साल में इसने मेरे क्रिकेट की भी मदद की है।' भारतीय बल्लेबाज ने बताया कि अब वह खेल को लेकर जरूरत से ज्यादा नहीं सोचते और इसी वजह से क्रिकेट फिर से रोमांचक लगने लगा है। उन्होंने कहा, 'अब मैं खेल के बारे में ज्यादा नहीं सोचता। जब मैं 4-5 घंटे मैदान पर होता हूं, तो पूरी तरह फोकस रहता हूं। मैं खेल का आनंद लेता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं।' राहुल ने माना कि करियर की शुरुआत में उन्हें सिर्फ टेस्ट खिलाड़ी माना जाता था, लेकिन उन्होंने अपनी सफेद गेंद क्रिकेट में पहचान बनाई। उन्होंने कहा, '10 साल पहले मैं टी20 टीम का हिस्सा बनने के लिए कुछ भी कर देता। मुझे अच्छा टी20 खिलाड़ी नहीं माना जाता था। इसलिए उस छवि से बाहर निकलना और यहां तक पहुंचना मेरे लिए गर्व की बात है।'

नेशनल हाईवे पर बड़ा हादसा: गोसलपुर में ट्रैक्टर और बस की जोरदार भिड़ंत, 39 घायल

जबलपुर. गोसलपुर में नेशनल हाईवे के बीच में मंगलवार सुबह ट्रैक्टर एमपी 20 ac 0372 बस क्रमांक एमपी 20 pa 9849 क्रॉसिंग के दौरान जबरदस्त भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद यात्रियों से भरी बस और ट्रैक्टर दोनों पलट गए। बस में सवार 39 लोग घायल, जिसमें 21 लोग सिहोरा अस्पताल और 18 गोसलपुर में के सरकारी अस्‍पतासल में भर्ती किए गए हैं। वहीं पाटन थाना क्षेत्र के नुनसर चौकी के पास बस और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में एक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। एक ट्रक पाटन से जबलपुर की ओर जा रहा था, जबकि यात्री बस जबलपुर से पाटन की ओर आ रही थी। दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त नुनसर तिराहे के पास दोनों वाहनों की जोरदार भिड़ंत हो गई, जिससे दोनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बस में सवार यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गंभीर रूप से घायल बच्ची को तुरंत उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के साथ ही सड़क पर लगे जाम को हटाकर यातायात बहाल कराया।

दिल्ली में भगवंत मान का बड़ा बयान: ‘पंजाब में ऑपरेशन लोटस नहीं’, द्रौपदी मुर्मू से की मुलाकात

चंडीगढ़.  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पंजाब कोई ट्रक नहीं है, जिसकी बारी आएगी और कोई भी आकर उसे चला लेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लोकतांत्रिक ढांचे और संवैधानिक मूल्यों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान राज्यसभा सांसदों के पार्टी बदलने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इसे “संविधान की हत्या” बताते हुए कहा कि अचानक कुछ सांसद इकट्ठे होकर खुद ही यह ऐलान कर देते हैं कि वे अब इस पार्टी में नहीं हैं और दूसरी पार्टी में मर्ज हो गए यह पूरी तरह असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पार्टी विलय और दल-बदल के स्पष्ट नियम हैं, लेकिन यहां उन नियमों को दरकिनार कर राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वे लगातार यह कह रहे हैं कि अब पंजाब का नंबर है। आखिर किस चीज का नंबर? पंजाब का कोई नंबर नहीं है। यह उनकी गलतफहमी और राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने हर संकट में देश का साथ दिया है और आगे भी देता रहेगा, लेकिन राज्य के अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार पर एजेंसियों और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार पर एजेंसियों और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास पंजाब में महज दो विधायक हैं, लेकिन राज्यसभा में संख्या बढ़ना जनादेश के विपरीत है। मुख्यमंत्री ने केंद्र द्वारा पंजाब के अधिकारों में कथित दखल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कभी बीबीएमबी (बीबीएमबी) को लेकर विवाद खड़ा किया जाता है, कभी भाखड़ा डैम पर दावा किया जाता है। पानी के बंटवारे में भी पंजाब के हक को नजरअंदाज करने की कोशिश होती है।” इसके अलावा उन्होंने चंडीगढ़ और पंजाब यूनिवर्सिटी को लेकर दिए जा रहे बयानों पर भी आपत्ति जताई। आर्थिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा आर्थिक मोर्चे पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि एनएचएम एनएचएम) और आरडीएफ (आरडीएफ) जैसे महत्वपूर्ण फंड रोके जा रहे हैं, जिससे राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक कि गणतंत्र दिवस की झांकी पर भी सवाल उठाना पंजाब की अनदेखी को दर्शाता है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सदस्यों ने भी राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा और पंजाब सरकार पर एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए। द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात के बाद बोले राघव चड्ढा  वहीं, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने कहा कि आप अब डेंजरस गेम खेल रही है और इसका अंजाम खतरनाक होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी बदले की राजनीति कर रही है और विरोधियों को निशाना बना रही है। कुल मिलाकर, पंजाब की सियासत इस समय टकराव के चरम पर है। एक ओर मुख्यमंत्री मान लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमे से लगातार पलटवार हो रहा है।

राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने किया खुलासा, कहा – ‘AAP मुझे भी टारगेट कर सकती है’

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल होने वाले सांसदों ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और आप सरकार द्वारा उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर चर्चा की। मुलाकात के बाद राज्यसभा सांसद ने आम आदमी पार्टी पर खूब निशाना साधा। उन्होंने कहा, आज हमने राष्ट्रपति को बताया कि पंजाब सरकार किस तरह आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसदों के खिलाफ बदले की राजनीति के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। पंजाब पुलिस की मदद से आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विश्व कप विजेता हरभजन सिंह के आवास के बाहर 'देशद्रोही' लिखा। इसके बाद पंजाब में पद्म श्री राजेंद्र गुप्ता की फैक्ट्री का पानी का कनेक्शन काट दिया गया। राघव चड्ढा ने दावा किया है कि इनका अगला टारगेट मैं बनूंगा। मीडिया से बात करते हुए राघव चड्ढा ने कहा , आम आदमी पार्टी ने संदीप पाठक के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत एफआईआर दर्ज कराईं और मीडिया के जरिए यह अफवाह फैलाई कि उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। मैं आम आदमी पार्टी को बताना चाहता हूं कि उन्होंने सतर्कता बोर्ड और प्रदूषण बोर्ड की मदद से बदले का एक खतरनाक खेल शुरू किया है, जिसका अंजाम बेहद बुरा होगा। आप का अगला टारगेट मैं- राघव चड्ढा उन्होंने सूत्रों के हवाले से दावा करते हुए कहा कि , मैं उनका अगला निशाना बनूंगा। ये मेरे ऊपर भी कोई कार्रवाई करने जा रहे हैं। इन्होंने हम सब की छवि खराब करने की पूरी कोशि्श की है। पंजाब सरकार ने सोशल मीडिया पर हमें धमकाने के लिए एजेंसियों को काम पर रखा है। आम आदमी पार्टी यह सब पंजाब सरकार के फंड से कर रही है। यही कारण है कि मैंने कहा कि आम आदमी पार्टी भ्रष्ट और समझौतावादी लोगों के हाथों में फंसी हुई है। बता दें, आम आदमी पार्टी (आप) को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके राज्यसभा के 10 सदस्यों में से सात- राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी कि 'आप' अपने मूल्यों और मूल सिद्धांतों से भटक गई है। इसके बाद इन सभी ने भाजपा में विलय कर लिया था। 'आप' छोड़ने वाले सात सांसदों में से छह पंजाब से थे। 

भाजपा की बड़ी रणनीति: बंगाल में अमित शाह, असम में जेपी नड्डा बने पर्यवेक्षक

नई दिल्ली  पश्चिम बंगाल में अमित शाह को पर्यवेक्षक बनाया गया है। इसके अलावा मोहन चरण माझी को शह पर्यवेक्षक की भूमिका सौंपी गई है। यह दोनों बंगाल में विधायक दल के नेता का चयन करेंगे। वहीं, असम  जेपी नड्डा को नियुक्त किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल में अपने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पार्टी का केंद्रीय पर्यवेक्षक नामित किया। पार्टी ने असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा को भी केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया। पार्टी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को असम में भाजपा के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। वहीं, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पश्चिम बंगाल में भाजपा के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। बंगाल में भाजपा की बंपर जीत गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सोमवार को 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया। पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 148 है। हालांकि, फालता में मतदान रद्द होने के कारण 293 निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती हुई और इस वजह से फिलहाल बहुमत का आंकड़ा 147 है। पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ों में सेंध लगाई और शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अपना जनाधार बढ़ाया। इस जीत के साथ, भाजपा राज्य में पहली बार सरकार बनाएगी। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भाजपा ने 206 सीटें जीत लीं हैं। असम में हैट्रिक बात असम की करें तो यहां पर एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है। उसने 126 सदस्यीय विधानसभा में रिकॉर्ड 102 सीट जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने हाल के समय का अपना सबसे खराब प्रदर्शन किया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जिन 90 सीट पर चुनाव लड़ा उनमें से 82 पर जीत हासिल की। जबकि उसके सहयोगी दलों – बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 11 सीट पर चुनाव लड़ा और 10 सीट पर जीत हासिल की। असम गण परिषद (अगप) ने 26 सीट पर चुनाव लड़ा जबकि 10 सीट पर जीत दर्ज की। भाजपा ने राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया। इससे पहले उसने 2021 और 2016 में 60 सीट जीती थीं।  

सैटेलाइट तस्वीरों में खुलासा: मुजफ्फराबाद और बहावलपुर में आतंकी ठिकानों पर तेजी से चल रहा निर्माण कार्य

इस्लामाबाद  भारत ने बीते साल मई में ऑरपरेशन सिंदूर लॉन्च करते हुए पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं। इस दौरान पंजाब में जैश-ए-मोहम्मद के हेडक्वार्टर को एक सटीक हमले में तबाह कर दिया गया था। आतंकी मसूद अजहर का गुट जैश अब इस नुकसान से उबरते हुए फिर से सक्रिय हो रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि बहावलपुर में जैश के हेडक्वार्टर में बड़े पैमाने पर निर्माण का काम चल रहा है। इसकी कई इमारतों को बना लिया गया है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि जैश-ए-मोहम्मद बहावलपुर में अपने मुख्यालय का फिर से निर्माण कर रहा है। पाकिस्तान के पंजाब में N-5 नेशनल हाईवे के पास स्थित 'जामिया सुभान अल्लाह' नाम के इस परिसर की बीते महीने की सैटेलाइट तस्वीरों में यहां भारी मशीनरी और निर्माण वाहन दिखाई दिए हैं। परिसर की मस्जिद को बनाया जा रहा अमेरिका स्थित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी वैंटोर और इंडिया टुडे की ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस टीम ने सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर बताया है कि परिसर स्थित मस्जिद के क्षतिग्रस्त गुंबदों की मरम्मत कर दी गई है। इन पर हाल ही में काम किया गया है। आसपास की कई इमारतों को हाल-फिलहाल में ठीक किया गया है। बहावलपुर जैश का अकेला ठिकाना नहीं है, जहां मरम्मत का काम चल रहा है। 22 अप्रैल की तारीख वाली सैटेलाइट तस्वीरों में पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर के मुजफ्फराबाद में भी जैश के ठिकानों पर निर्माण दिखा है। जैश से जुड़े ठिकाने सैयदना बिलाल मस्जिद को बनाया जा रहा है। इस मस्जिद पर भी हमला किया गया था। हालिया तस्वीरें संकेत देती हैं कि बहावलपुर में जैश हेडक्वार्टर का पुनर्निर्माण चल रहा है। परिसर में बने गुंबद अब ठीक दिखाई दे रहे हैं। परिसर में अन्य गतिविधियां भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। इन ठिकाने पर भारी मशीनरी देखी गई है। कई जगहों का निर्माण पूरा हुआ इंटेल लैब के भू-खुफिया शोधकर्ता डेमियन साइमन ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा कि बहावलपुर स्थित उस ठिकाने पर पुनर्निर्माण का काम चल रहा है, जिसे पहले भारत ने निशाना बनाया था। मरकज सुभान अल्लाह के ऊपर बने गुंबद अब ठीक किए हुए दिखाई दे रहे हैं। यह इसे पूरी तरह से चालू करने की कोशिश है। साइमन का कहना है कि हमलों से क्षतिग्रस्त हुई इमारतों का मलबा हटाया जा रहा है। वहीं मुजफ्फराबाद में सैयदना बिलाल मस्जिद को पूरी तरह से फिर बनाया जा रहा है। भारत के हमलों में मस्जिद की इमारत को जो नुकसान पहुंचा था। उसके बाद मरम्मत करना मुमकिन नहीं था। ऐसे में इसे दोबारा बनवाने का फैसला लिया गया है। FATF की निगरानी पर सवाल पाकिस्तान में आतंकी गुटों की गतिविधियों पर FATF (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) की निगरानी है। इसका काम टेरर फाइनेंसिंग को रोकना है। जैश खुलेआम 'सुभान अल्लाह कंपाउंड' को फिर से बनाने के लिए पैसे जुटाने का अभियान चला रहा है। FATF इस मामले में पूरी तरह बेखबर दिख रहा है। ये तस्वीरें दिखाती हैं कि पाकिस्तान में आतंकी गुटों को पनाह मिलना और उनका फलना-फूलना जारी है। जैश सरगना अजहर मसूद अपनी गतिविधियां लगातार कर रहा है।