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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक बंडारू ने की भेंट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक नरसिम्हा राव बंडारू तथा उपाध्यक्ष नवीन कुमार ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भेंट कर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी गतिविधियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उल्लेखनीय है कि ग्रीनको ग्रुप भारत की अग्रणी नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में से एक है। यह ग्रुप शिवपुरी जिले में सौर ऊर्जा संयंत्र और मंदसौर व रतलाम जिलों में पवन ऊर्जा संयंत्र संचालित कर रहा है। नीमच जिले में गांधी सागर के पास 1920 मेगावाट क्षमता के भारत के सबसे बड़े पंप हाइड्रो स्टोरेज प्लांट का निर्माण भी 11 हजार करोड़ रूपए के निवेश से किया जा रहा है। इस परियोजना से लगभग 4 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। ग्रीनको ग्रुप प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा गतिविधियों के विस्तार का इच्छुक है।  

शेयर बाजार में तूफान: क्रूड 6% फिसला, सेंसेक्स 1000 अंक उछला

मुंबई   देश भर के पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजों के बीच शेयर बाजार में आज (4 मई) जो हफ्ते का पहला ट्रेडिंग दिन है. तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स लगभग 1,000 अंकों की बढ़त के साथ 77,850 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. निफ्टी में भी लगभग 300 अंकों की बढ़त हुई है. यह 24,250 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है।  सेंसेक्स में शामिल 30 शेयरों में से 23 में बढ़त देखने को मिल रही है, जबकि 7 में गिरावट दर्ज की जा रही है. मारुति, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में 4% तक की बढ़त देखी जा रही है. इस बीच, निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो मीडिया सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टरों में तेजी का रुख देखने को मिल रहा है. ऑटो, FMCG, मेटल, फार्मा, पब्लिक सेक्टर बैंक और रियल्टी जैसे सेक्टरों में लगभग 2% तक की बढ़त देखने को मिल रही है।  लेकिन शुरुआती तेजी ज्यादा देर टिक न सकी,  दोपहर 12 बजे तक बाजार की रफ्तार कमजोर पड़ गई. ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली बढ़ी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए. बाजार में कमजोरी की वजह वेस्ट एशिया तनाव और ग्लोबल अनिश्चितता बनी हुई थी. निवेशक लगातार क्रूड ऑयल की कीमतों और अमेरिका-ईरान से जुड़ी खबरों पर नजर रखे हुए थे।  लेकिन दोपहर करीब 2 बजे अचानक बाजार का मूड बदल गया. AXIOS की एक रिपोर्ट सामने आई, जिसमें कहा गया कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने को लेकर लगभग सहमत हो गए हैं. इस खबर का असर सीधे क्रूड ऑयल पर दिखाई दिया।  कच्चे तेल यानी क्रूड का भाव करीब 3 फीसदी टूट गया. क्रूड की कीमतों में गिरावट आते ही भारतीय बाजार में खरीदारी लौट आई. क्योंकि भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए सस्ता क्रूड बड़ी राहत माना जाता है. इससे महंगाई कम होने, कंपनियों की लागत घटने और अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।  सेंसेक्स 941 अंक उछलकर 77,959 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 298 अंक चढ़कर 24,331 के पार पहुंच गया. सबसे ज्यादा दम बैंकिंग शेयरों में दिखा।  बैंक निफ्टी 1,434 अंक की बड़ी छलांग लगाकर 55,981 पर बंद हुआ. भारती एयरटेल, फाइनेंशियल शेयर और एमएंडएम ने बाजार को ऊपर की ओर खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।  तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार में जान फूंक दी. ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया. इसका असर ऑयल कंपनियों पर साफ दिखा. डाउनस्ट्रीम ऑयल कंपनियों में तेजी आई, जबकि अपस्ट्रीम कंपनियों में दबाव दिखा।  मिडकैप शेयरों में तो मानो त्योहार जैसा माहौल रहा. कोफोर्ज शानदार तिमाही नतीजों के बाद 10% उछल गया. वॉकहार्ट में लगातार दूसरे दिन जोरदार खरीदारी हुई और शेयर 13% चढ़ गया. फर्स्टसोर्स 12% और अरविंद फैशंस 10% उछले।  निफ्टी में इंटरग्लोब एविएशन सबसे बड़ा स्टार रहा. शेयर 6% से ज्यादा भागा. वहीं, एलएंडटी के नतीजे अनुमान से कमजोर रहे, जिससे शेयर 1% से ज्यादा टूट गया।  एसआरएफ 8% चढ़ा, जबकि हीरो मोटोकॉर्प में मैनेजमेंट की पॉजिटिव टिप्पणी के बाद तेजी दिखी. दूसरी तरफ एक्साइड इंडस्ट्रीज पर बढ़ती कमोडिटी लागत का दबाव दिखा और शेयर 2% से ज्यादा फिसल गया।  एनएसई का एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो 3:1 पर रहा, यानी हर गिरने वाले शेयर के मुकाबले तीन शेयर चढ़े. इससे साफ है कि आज की तेजी सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे बाजार में खरीदारी का माहौल था।  निफ्टी की दिनभर की चाल: कब आई गिरावट और कब बाजार ने पकड़ी रफ्तार सुबह 9:00 बजे: प्रीओपन में निफ्टी ने मजबूत शुरुआत की. इंडेक्स करीब 24,171 के आसपास खुला और शुरुआती मिनटों में ही 24,200 के ऊपर निकल गया. बाजार में शुरुआती उत्साह दिखा।  सुबह 10:00 बजे से 12:30 बजे तक: बाजार में धीरे-धीेरे मुनाफावसूली हावी हुई. निफ्टी लगातार दबाव में रहा और इंडेक्स फिसलकर 24,100 के नीचे पहुंच गया. ट्रेडर्स सतर्क नजर आए।  दोपहर 1:00 बजे: बाजार ने दिन का निचला स्तर छुआ. निफ्टी करीब 23,998 तक फिसल गया. इस दौरान बाजार में हल्की घबराहट दिखी, लेकिन बड़ी बिकवाली नहीं आई।  दोपहर 1:30 बजे से 2:15 बजे तक: निचले स्तरों से खरीदारी शुरू हुई. धीरे-धीरे निफ्टी ने रिकवरी पकड़ी और 24,100 के ऊपर वापस पहुंच गया।  दिनभर हाल एक मिनट में जानिए दोपहर 2:30 बजे: बाजार में अचानक तेज खरीदारी देखने को मिली. निफ्टी ने जोरदार उछाल के साथ 24,250 का स्तर पार कर लिया. बैंकिंग और बड़े शेयरों में तेजी बढ़ी।  दोपहर 3:00 बजे के बाद: निफ्टी ने दिन का उच्च स्तर करीब 24,356 छुआ. बाजार में बुल्स पूरी तरह हावी दिखे.बाजार बंद होने के समय: निफ्टी 24,330.95 पर बंद हुआ. इंडेक्स में 298 अंकों यानी 1.24 फीसदी की मजबूत तेजी दर्ज हुई। 

बिहार में कैबिनेट विस्तार की हलचल, गांधी मैदान से लेकर सड़कों तक दिख रही चमक

पटना. सम्राट चौधरी मंत्र‍िमंडल विस्‍तार कार्यक्रम के लिए पटना का ऐतिहासि‍क गांधी मैदान तैयार हो रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री, गृह मंत्री व अन्‍य गणमान्‍य के आगमन के रास्‍ते भी सज-धज रहे हैं। गांधी मैदान में व‍िशाल पंडाल और हैंगरों का निर्माण अंतिम चरण में है। एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक के रास्‍ते में जगह-जगह रंगरोगन किया जा रहा है। मंंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर हलचल तेज है। इस बीच चर्चा यह भी हो रही है कि पूर्व सीएम न‍ीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी मंत्री पद की शपथ लेंगे।  सुरक्षा एवं सफाई के विशेष इंतजाम   जिला प्रशासन के साथ नगर निगम कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह मुस्‍तद है। नगर आयुक्‍त यशपाल मीणा लगातार इसकी निगरानी कर रहे हैं। गांधी मैदान की गहन साफ-सफाई के लिए लगभग 40 सफाई कर्मियों को लगाया गया है। परिसर एवं शौचालयों की स्वच्छता बनाए रखने, पेयजल वितरण तथा जल निकासी के लिए 300 से अधिक सफाईर्मी लगाए गए हैं। सभी 50 प्रभारी निरीक्षकों को अपने वार्ड से पांच-पांच सफाई कर्मियों की टीम तैयार करने का निर्देश दिया गया है। चयनित सभी सफाई कर्मियों को पहचान पत्र भी उपलब्ध कराए जाएंगे। संभावित वर्षा को देखते हुए जल निकासी के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। निगम द्वारा पांच सुपर सकर मशीनें तैनात की गई है, जिनमें से चार मशीनें गांधी मैदान परिसर के भीतर रहेंगी। पिंक टॉयलेट एवं लू कैफे की सुविधा आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए परिसर में तीन पिंक टॉयलेट एवं पांच लू कैफे विभिन्न स्थानों पर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही गेट संख्या 7 के समीप स्थित ग्रीन टॉयलेट की नियमित साफ-सफाई के लिए भी निगम कर्मियों की तैनाती की गई है।

ग्राहक को मिला इंसाफ, पार्सल खोने पर DTDC एक्सप्रेस पर लगा जुर्माना

जालंधर. पार्सल गुम होने के मामले में उपभोक्ता को आखिरकार न्याय मिल ही गया। उपभोक्ता फोरम में दायर एक केस में फैसला उपभोक्ता के पक्ष में सुनाया, जिसके बाद डी.टी.डी.सी. एक्सप्रैस कंपनी को उपभोक्ता को कुल 28,915 रुपए का भुगतान करना पड़ा। यह राशि कंपनी ने ड्राफ्ट के माध्यम से अदा की है। प्रीत नगर, सोढल रोड निवासी रजत शर्मा ने बताया कि 22 अक्तूबर 2022 को उन्हें एक पार्सल डिलीवर किया जाना था। लेकिन निर्धारित तिथि पर पार्सल उन्हें प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद जब उन्होंने कंपनी से संपर्क किया, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उपभोक्ता का आरोप है कि कंपनी की लापरवाही के चलते उनका पार्सल रास्ते में ही गुम हो गया। कंपनी अपनी जिम्मेदारी निभाने में रही असफल  रजत शर्मा ने कई बार डी.टी.डी.सी. एक्सप्रैस के अधिकारियों से संपर्क कर पार्सल की जानकारी लेने की कोशिश की, लेकिन उन्हें हर बार टालमटोल का सामना करना पड़ा। लगातार निराशा हाथ लगने के बाद उन्होंने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया और न्याय की मांग की। फोरम में सुनवाई के दौरान उपभोक्ता द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों को ध्यान में रखते हुए यह स्पष्ट हुआ कि कंपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रही है। फोरम ने इसे सेवा में कमी मानते हुए कंपनी को उपभोक्ता को मुआवजा देने का आदेश दिया। कंपनी ने ड्राफ्ट के जरिए किया भुगतान फोरम के आदेश के बाद कंपनी ने उपभोक्ता को 28,915 का ड्राफ्ट भेजकर भुगतान कर दिया। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि यदि उपभोक्ता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और सही मंच का सहारा लें, तो उन्हें न्याय अवश्य मिल सकता है। साथ ही, यह फैसला कुरियर कंपनियों के लिए भी एक चेतावनी है कि वे अपनी सेवाओं में पारदर्शिता और जिम्मेदारी बनाए रखें, अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

पानी की समस्या पर CM साय ने लिया त्वरित एक्शन, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले के मैनपाट क्षेत्र की चेराजोबला बस्ती में पेयजल समस्या से संबंधित समाचार पर त्वरित संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने आज सुबह नाला और ढोढ़ी के दूषित जल की मीडिया रिपोर्ट्स को गंभीरता से लिया और सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत को फोन कर प्रभावित बस्ती में शीघ्र पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि चेराजोबला बस्ती में पेयजल संकट की स्थिति का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार हैंडपंप खनन, वैकल्पिक पेयजल व्यवस्था और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मुख्यमंत्री साय ने यह भी कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के निवास वाले क्षेत्रों में पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाए. उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ जमीन पर सुनिश्चित करना है.

LPG कनेक्शन बचाने के लिए जरूरी, सरकार का नया नियम लागू; जानें क्या करना होगा

नई दिल्ली अगर आपके घर में भी रसोई गैस सिलेंडर (LPG) और पाइप वाली गैस (PNG) दोनों का इस्तेमाल हो रहा है, तो आपके लिए बड़ी खबर है। भारत सरकार अब एक घर, एक कनेक्शन (One Household, One Connection) के नियम को बेहद सख्ती से लागू कर रही है। नए नियमों के मुताबिक, किसी भी एक परिवार के लिए सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर और पीएनजी कनेक्शन दोनों को एक साथ रखना अब पूरी तरह से गैर-कानूनी घोषित कर दिया गया है। पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसके चलते सरकार ने गैस के सही इस्तेमाल को सुनिश्चित करने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी को रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि गैस सिलेंडर केवल उन जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे, जहां अभी तक पीएनजी की पाइपलाइन नहीं बिछी है। दिल्ली और देश के अन्य बड़े शहरों में गैस कंपनियां अब ऐसे घरों की पहचान कर रही हैं, जो दोनों कनेक्शन का एक साथ फायदा उठा रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी नए आदेश के तहत ऑयल कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को साफ निर्देश दिए गए हैं कि पीएनजी वाले घरों को नया एलपीजी सिलेंडर जारी या रीफिल न किया जाए।     एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करें- अगर आपके घर में पीएनजी (पाइपलाइन गैस) चालू हो चुकी है, तो आपको तुरंत अपना पुराना एलपीजी गैस कनेक्शन सरेंडर (वापस) करना होगा।     स्वेच्छा से छोड़ रहे हैं लोग- अब तक देश भर में 43,000 से अधिक उपभोक्ता स्वेच्छा से अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं, लेकिन सरकार के पास मौजूद डेटा के अनुसार ऐसे घरों की संख्या काफी अधिक है।     कार्रवाई की चेतावनी- अगर कोई परिवार इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है और बिना किसी पूर्व सूचना के उसका कनेक्शन भी रद्द किया जा सकता है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल, 50% प्राकृतिक गैस और लगभग 60% एलपीजी विदेशों (मुख्य रूप से सऊदी अरब और यूएई) से आयात करता है। ईरान-इजराइल तनाव और वैश्विक संकट के कारण गैस सप्लाई काफी सीमित हो गई है। इसका असर न केवल घरों पर, बल्कि होटलों, रेस्तरां और कॉमर्शियल यूनिट्स पर भी पड़ रहा है, जहां एलपीजी की कम आपूर्ति के चलते वैकल्पिक ईंधन अपनाने को कहा जा रहा है। इसलिए, अगर आपके पास भी डबल कनेक्शन है, तो परेशानी से बचने के लिए जल्द से जल्द एक कनेक्शन सरेंडर कर दें। सबसे अधिक घरों में 14.2 किलो वाला सिलेंडर इस्तेमाल होता है। आज दिल्ली में यह एलपीजी सिलेंडर ₹913 में मिल रहा है। वहीं, छोटे परिवार या अस्थायी उपयोग के लिए 5 किलोग्राम का सिलेंडर ₹339 में उपलब्ध है।

30 दिनों में 1.13 लाख बाइक्स की बिक्री, Royal Enfield ने बनाया रिकॉर्ड

मुंबई  रॉयल एनफील्ड के लिए अप्रैल 2026 एक बेरतरीन महीना रहा है. इसके साथ ही कंपनी ने वित्तवर्ष 2027 की दमदार शुरुआत की है. कंपनी ने अप्रैल 2026 में 1,13,164 बाइक्स को बेचा है. पिछले साल के मुकाबले ये आंकड़ा 31 परसेंट ज्यादा है।   पिछले साल अप्रैल में कंपनी ने 86,559 यूनिट्स को बेचा था. ब्रांड ने घरेलू मार्केट में 1,04,129 बाइक्स को बेचा है. अप्रैल 2025 में घरेलू मार्केट का आंकड़ा 76,002 यूनिट्स पर था. यानी देश में कंपनी की सेल 37 परसेंट बढ़ी है।         ब्रांड की मजबूत शुरुआत दिखाती है कि कंपनी भारतीय बाजार को अच्छी तरह से समझ रही है और सही दिशा में आगे बढ़ रही है. हालांकि, एक्सपोर्ट के मामले में कंपनी को इस महीने नुकसान हुआ है. ब्रांड ने 9,035 यूनिट्स को शिप किया है, जो पिछले साल 10,557 यूनिट्स तक पहुंच गया था। अप्रैल 2026 रॉयल एनफील्ड के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि कंपनी ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक बाइक को पेश किया है. ब्रांड ने रॉयल एनफील्ड की पहली इलेक्ट्रिक बाइक Flying Flea C6 को लॉन्च कर दिया है।  ये बाइक रेट्रो लुक और मॉडर्न टेक्नोलॉजी के कॉम्बिनेशन के साथ आती है. Flying Flea C6 को चरणबद्ध तरीके से मार्केट में उतारा जाएगा. ब्रांड इसकी शुरुआत बेंगलुरू से करेगी।  ब्रांड का 350सीसी से सेगमेंट में अभी भी दबदबा है. हाल में ही कंपनी ने हंटर 350 का नया बेस वेरिएंट पेश किया है. साथ ही ये बाइक नए कलर ऑप्शन में भी आ रही है. इन अपडेट्स के जरिए कंपनी अर्बन यूजर्स को टार्गेट कर पा रही है।        ग्लोबल मार्केट में कंपनी की Himalayan 450 अच्छा परफॉर्म कर रही है. ये अपनी कैटेगरी में बेस्ट सेलिंग बाइक्स की लिस्ट में भी जगह बना सकती है. इस मॉडल की ग्रोथ लगातार देखने को मिल रही है। 

भारत से नहीं, अब चीन से संपर्क करेंगे: बंगाल में बीजेपी जीत पर बांग्लादेश की प्रतिक्रिया

ढाका  पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के तुरंत बाद पड़ोसी देश बांग्लादेश की तरफ से एक बड़ा बयान आया है। बांग्लादेश ने दोनों देशों के बीच सालों से अटके तीस्ता समझौते को लेकर कहा है कि इसके लिए अब वह भारत का इंतजार नहीं करेगा। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने एक बयान में यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा है कि तीस्ता समझौते के लिए बांग्लादेश अब भारत का इंतजार नहीं कर सकता और इसीलिए अब चीन का रुख करेगा। डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेशी विदेश मंत्री ने इस समझौते को अपने देश के लिए बहुत जरूरी बताया। बता दें कि खलीलुर रहमान जल्द ही चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। बीजिंग की आधिकारिक यात्रा से पहले मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चीन में बातचीत के एजेंडे में तीस्ता परियोजना भी होगी। बंगाल में बीजेपी की सरकार पर क्या बोले रहमान? बांग्लादेशी विदेश मंत्री का यह बयान तब आया है जब पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनाने जा रही है। भाजपा की जीत पर पूछे गए सवालों पर रहमान ने कहा, “देखिए, पश्चिम बंगाल में अभी सरकार नहीं बनी है। वे क्या सोचते हैं या क्या करेंगे, यह उन्हें कहना है। उनका मन पढ़ना मेरा काम नहीं है। हम हाथ पर हाथ धरकर नहीं बैठ सकते, हमें अपना काम करना है।” तीस्ता पर क्या है विवाद? गौरतलब है कि तीस्ता नदी को लेकर दोनों देशों के बीच काफी समय से बात चल रही है, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। बांग्लादेश चाहता है कि उसे नदी में बराबर हिस्सा मिले, लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार इसका विरोध करती है। 2011 में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जब बांग्लादेश गए थे, तब इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश हुई थी। एक योजना के तहत तीस्ता का करीब 37.5 फीसदी पानी बांग्लादेश को और 42.5 फीसदी भारत को मिलने की योजना पर बात हुई थी। हालांकि बंगाल के विरोध के कारण यह बात आगे नहीं बढ़ सकी। 1983 में हुआ था अस्थायी समझौता इससे पहले 1983 में दोनों देशों के बीच एक अस्थायी समझौता हुआ था, जिसमें बांग्लादेश को 36 फीसदी और भारत को 39 फीसदी पानी देने की बात थी। वहीं बाकी 25 फीसदी का हिसाब बाद में तय होना था। लेकिन यह समझौता पूरी तरह लागू नहीं हो पाया। 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के समय भी बांग्लादेश को उम्मीद थी कि कोई हल निकलेगा, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। बता दें कि भारत और बांग्लादेश आपस में बीच 54 नदियां साझा करते हैं, लेकिन अब तक सिर्फ दो पर ही समझौता हुआ है, गंगा और कुशियारा। अन्य नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर अब भी विवाद चल रहा है। चीन के पास पहुंचा बांग्लादेश तीस्ता समझौते में देरी को देखते हुए बांग्लादेश ने 2019 में 'तीस्ता नदी व्यापक प्रबंधन और बहाली परियोजना' शुरू की और शेख हसीना की बीजिंग यात्रा के दौरान चीन से मदद मांगी थी। अब रहमान ने एक बार फिर चीन से सहयोग लेने की बात कही है। जानकारी के मुताबिक रहमान तीन दिवसीय इस दौरे पर वे चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान तीस्ता समझौते पर मदद के अलावा बांग्लादेश चीन से कम ब्याज दर पर कर्ज की मांग करेगा। वहीं बांग्लादेश चीन से निवेश भी मांगेगा। इससे पहले जुलाई के विद्रोह के बाद चीन की ओर से निवेश की गति धीमी रही है, जिसे अब नई सरकार फिर से रफ्तार देना चाहती है। वहीं चीन ने भी बांग्लादेश को करीबी पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार बताते हुए संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा जताई है।

पानी की किल्लत दूर करने हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, पंचायतों के लिए खुलेंगे जीरो बैलेंस बैंक अकाउंट

भिवानी. जन स्वास्थ्य विभाग प्रदेश में पहली बार पंचायतों के जीरो बैलेंस बैंक खाते खाेलेगा। पंचायतों के खातों में बजट डाला जाएगा। गांव की पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाने के लिए पंचायतों को ही आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। देखरेख से लेकर लाइनों की मरम्मत आदि का कार्य खुद पंचायत ही अपने स्तर पर करवाएंगी। गांव से पानी के बिल के रूप में जितनी राशि एकत्रित की जाएगी, उतनी राशि विभाग पंचायत के खाते में डालेगा। गांवों में पानी के बिल करोड़ों में बकाया है। ऐसे में बिलों की उगाही करने की जिम्मेदारी भी पंचायतों को दी जा रही है ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। गांव की आधी आबादी बनेगी सहयोगी गांव की आधी आबादी को इस व्यवस्था को सुधारने में भागीदार बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं यह कार्य आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर भी इसे सार्थक कदम माना जा रहा है। गांव में 500 की आबादी पर एसएसजी की एक महिला होगी तैनात। ये महिला प्रतिदिन पानी के तीन सेंपल एकत्रित करेगी। प्रति सेंपल 10 रुपये उसे मिलेंगे। इसी प्रकार जो राशि बिल की एकत्रित की जाएगी उस पर उसे 10 प्रतिशत राशि मिलेगी। इस तरह से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की भी यह सार्थक पहल मानी जा रही है। योजना की खास बातें  प्रदेश की 6237 ग्राम पंचायतों में लागू होगी व्यवस्था पंचायतों के इंडियन बैंक में जीरो बैलेंस खाते खुलेंगे गांव की महिलाएं करेंगी पानी बिल वसूली वसूली राशि का 10 प्रतिशत महिलाओं को प्रोत्साहन रोज कम से कम तीन पानी के सैंपल लेने होंगे प्रति सैंपल 10 रुपये मिलेगा 500 की आबादी पर एक महिला की तैनाती होगी। स्वयं सहायता समूह की महिला का 12वीं पास होना जरूरी जितनी बिल वसूली, उतनी ही राशि विभाग पंचायत खाते में डालेगा सलाहकार अधिकारी अशोक भाटी ने कहा कि सरकार गांवों में पेयजल व्यवस्था को केवल सरकारी तंत्र पर निर्भर नहीं रखना चाहती। इसी सोच के तहत पंचायत आधारित मॉडल तैयार किया गया है। पंचायतें अपने स्तर पर बेहतर निगरानी कर सकती हैं। महिलाओं की भागीदारी से बिल वसूली, गुणवत्ता जांच और डिजिटल रिकार्ड व्यवस्था मजबूत होगी।

झारखंड बोर्ड 12वीं रिजल्ट: छोटी, रशीदा और श्वेता बनीं टॉपर, टॉप करने वाले लड़कों की भी सूची

रांची  झारखंड में 12वीं के छात्रों का अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार खत्म हो गया है. झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने वार्षिक इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के नतीजे 6 मई, 2026 दिन बुधवार को जारी कर दिया है. इस परीक्षा परिणाम में कुल 81,144 सफल रहे. वहीं, 85,104 छात्रों एग्जाम दिया था. इंटरमीडिएट के रिजल्ट में एक बार फिर छात्राओं ने बाजी मारी है. मगर, छात्र भी पीछे नहीं रहे. लड़कियों के साथ लड़कों ने भी अपना परचम परीक्षा में लहराया है।  झारखंड एकेडमिक काउंसिल की ओर से जारी इंटरमीडिएट के रिजल्ट में बोकारो की छोटी कुमारी 478 नंबर के साथ आर्ट्स की टॉपर बनी. जबकि, दुमका के अंकित कुमार को दूसरा स्थान और सदमा रांची की अंशु कुमारी आर्ट में थर्ड टॉपर बनी. वहीं, कॉमर्स में रांची के छात्र-छात्राओं का शानदार प्रदर्शन रहा।  कॉमर्स में 478 मार्क्स के साथ श्वेता प्रसाद साइंस में टॉप किया. कृष कुमार बरनवाल सेकंड टॉपर और प्रियांशी खत्री थर्ड टॉपर बनी.  श्वेता प्रसाद धुर्वा स्थित योगदान सत्संग इंटरमीडिएट महाविद्यालय की छात्रा हैं. कृष कुमार बरनवाल बाल कृष्णा हाई स्कूल छात्र हैं. संत जेवियर गर्ल्स इंटर कॉलेज चाईबासा की छात्रा प्रियांशी खत्री हैं।  अब बात करें साइंस में झारखंड 12वीं बोर्ड परीक्षा में किसने बाजी मारी, तो साइंस स्ट्रीम में धनबाद की रशीदा नाज ने पहला स्थान हासिल किया है. नाज ने 489 नंबर लाकर टॉप किया है. वह वह डीएवी +2 हाई स्कूल की छात्रा हैं. वहीं, पाटन के रहने वाले फैजान आलम साइंस के सेकंड टॉपर बने हैं. उनको 483 अंक मिला है. 481 नंबर के साथ आकांक्षा कुमारी सिमरिया और सना आफरीन सतबरवा ने संयुक्त रूप से तीसरे स्थान हासिल किया है।  आर्ट्स, कॉमर्स और साइंस: मिलिए झारखंड के स्टेट टॉपर्स से झारखंड बोर्ड की इस परीक्षा में छोटी कुमारी, रशीदा नाज और श्वेता प्रसाद ने अपने-अपने स्ट्रीम में टॉप कर राज्य का मान बढ़ाया है।  साइंस स्ट्रीम (Science): धनबाद की रशीदा नाज़ ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर पूरे राज्य में टॉप किया है. वो DAV +2 हाई स्कूल, पाथरडीह की छात्रा हैं।  आर्ट्स स्ट्रीम (Arts): बोकारो की छोटी कुमारी ने 478 अंक लाकर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. छोटी KN +2 हाई स्कूल, हरनाद की छात्रा हैं।  कॉमर्स स्ट्रीम (Commerce): रांची की श्वेता प्रसाद ने 478 अंकों के साथ राज्य में टॉप किया है. वे योगदा सत्संग इंटर कॉलेज, रांची की छात्रा हैं।  बेटियों का शानदार प्रदर्शन राज्य स्तरीय आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष भी छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों से बेहतर रहा है. आर्ट्स स्ट्रीम में जहाँ 96.68% छात्राएं सफल रहीं, वहीं छात्रों का सफलता प्रतिशत 95.34% रहा. गुमला और लोहरदगा जैसे जिलों में छात्राओं का प्रदर्शन शत-प्रतिशत के करीब रहा है, जो राज्य में महिला शिक्षा के बढ़ते स्तर को दर्शाता है.  परीक्षार्थी अपना विस्तृत रिजल्ट DigiLocker के माध्यम से results.digilocker.gov.in पर देख सकते हैं.