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CM का संदेश: पंजाब में हो रही घटनाओं से सतर्क रहें, फिरकू पार्टियों से दूरी बनाएं

जालंधर  जालंधर सेंट्रल से शुकराना यात्रा शुरू करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा बेअदबी मामले में अगर कोई मानसिक रोगी होता है तो उसके परिजनों पर मामला दर्ज किया जाएगा, उन्होंने कहा ऐसा नहीं है कि घर से किसी रोगी को सीखा कर बेअदबी के लिए बाहर भेज दो और खुद इसे दूर हो ऐसे मामलों में परिजनों पर मामला दर्ज होगा बेअदबी कानून बनने के बाद बुधवार को श्री आनंदपुर साहिब से शुकराना यात्रा शुरू कर भगवंत मान रात को जालंधर पहुंचे। वीरवार की सुबह आठ बजे वे जालंधर सेंट्रल हलके के वरिंदर सिंह घुम्मण पार्क में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसके बाद वे आदमपुर में नुक्कड़ सभा में हिस्सा लेंगे। उसके बाद वे अपनी शुकराना यात्रा के अगले पड़ाव के तहत अमृतसर के रास्ते बठिंडा जिले के तलवंडी साबो स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब के लिए रवाना होंगे। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को खालसा पंथ की जन्मस्थली श्री आनंदपुर साहिब से राज्यव्यापी शुकराना यात्रा की शुरुआत की थी। मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और आनंदपुर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद मलविंदर सिंह कंग भी मौजूद रहे। यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लिया था। यह यात्रा पंजाब सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए “जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार कानून संशोधन 2026” के लागू होने के बाद निकाली जा रही है। सरकार का कहना है कि इस नए कानून का उद्देश्य श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की बेअदबी रोकना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसी को लेकर सरकार ने इसे श्रद्धा और धन्यवाद से जुड़ी “शुकराना यात्रा” का नाम दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब मानसिक रोगी होने का बहाना नहीं चलेगा और ऐसे मामलों में दोषियों के संरक्षकों पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने नशे के खिलाफ कड़े रुख और पंजाब की अटूट भाईचारक सांझ पर जोर देते हुए विरोधियों द्वारा नफरत फैलाने की कोशिशों की निंदा की और वादा किया कि वे एक परिवार के मुखिया की तरह पंजाब के निवासी के हितों की रक्षा करेंगे। सीएम ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पूरी मानवता के भले की बात करते हैं। वो एक समुदाय के नहीं बल्कि दुनिया के गुरु हैं। उनकी बेअदबी हो और बंदे जो बच कर निकल जाएं यह दिलों को बहुत ठेस पहुंचाता था। मैं अक्सर कहता हूं कि पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है। यहां हर किस्म का बीज उग पड़ता है, लेकिन नफरत का बीज यहां कभी नहीं उगता। पंजाब में बलास्ट बीजेपी की एंट्री के संकेत इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फिरकू पार्टियों से बचना चाहिए। बीजेपी और अकाली दल वाले लड़ाते हैं लोगों को आपस में। ये धर्म के नाम पर लड़ा कर वोटें लेते हैं। ये जो कल-परसों जालंधर-अमृतसर में छोटे-मोटे ब्लास्ट हुए हैं, ये बीजेपी की एंट्री के संकेत हैं। कहते हैं कि आ गए हम। बंगाल जीतने के बाद कहते हैं कि बंगाल सरकार हमारी है, अब पंजाब की बारी है। ये जहां जाते हैं वहां लड़ाइयां कराते हैं। ये हिंदू-सिख को लड़ाना चाहते हैं पर हम नहीं लड़ते। नितिन कोहली बोले-बेअदबी कानून से व्यवस्था सुधरेगी सीएम मान की शुकराना यात्रा में उमड़े जनसैलाब और उनके द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून पर प्रतिक्रिया देते हुए सेंट्रल हलके से आप इंचार्ज नितिन कोहली ने कहा कि इसमें सभी धर्मों और वर्गों के लोग शामिल हुए हैं। आप सरकार ने बेअदबी के खिलाफ जो सख्त कानून बनाया है, उससे समाज में कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरेगी। यह सरकार का सबसे बेहतरीन प्रयास है, जिससे आने वाले समय में सभी समुदाय मिल-जुलकर रहेंगे और पंजाब की खुशहाली व भाईचारा हमेशा कायम रहेगा। कैबिनेट मंत्री भगत बोले- लोगों की मांग पूरी की इस मौक मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि मान सरकार ने बेअदबी के खिलाफ कानून बनाकर जनता की पुरानी मांग को पूरा किया है। आज जालंधर से शुरू होकर अमृतसर जाने वाली इस यात्रा में भारी जनसैलाब उमड़ा है, जो मुख्यमंत्री और नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल का धन्यवाद करने पहुंचा है। लोगों का मानना है कि इस ऐतिहासिक कानून के बनने से उनकी भावनाओं का सम्मान हुआ है। सरकार ने लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखा मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लोग बेअदबी की घटनाओं पर सख्त कानून की मांग कर रहे थे और अब सरकार ने लोगों की भावनाओं के अनुसार कदम उठाया है।

मंगलादित्य योग का असर: 11 मई से बदलेगा भाग्य, 4 राशियों को बड़ा फायदा

द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 मई को मंगल ग्रह के मेष राशि में प्रवेश करते ही एक खास योग बनने जा रहा है, जिसे मंगलादित्य योग कहा जाता है. यह योग तब बनता है जब मंगल और सूर्य एक ही राशि में आ जाते हैं और इसे ज्योतिष में काफी प्रभावशाली माना जाता है. इस बार इस योग की अहमियत और भी बढ़ जाएगी, क्योंकि मेष मंगल की अपनी राशि है, जबकि सूर्य यहां उच्च का है. ऐसे में दोनों ग्रहों का एक साथ आना बेहद शुभ और ताकतवर संयोग बना रहा है. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, इस विशेष योग का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 4 राशियों के लिए यह समय खासतौर पर भाग्यशाली साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कौन-सी हैं ये राशियां. मेष राशि मेष राशि के लिए बनने वाला मंगलादित्य योग काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा. करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. नौकरी करने वालों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. जो पैसा लंबे समय से अटका हुआ है, उसके मिलने के संकेत हैं. बिजनेस करने वालों के लिए भी मुनाफे के अच्छे योग बन रहे हैं. निवेश से फायदा हो सकता है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय सफलता और लाभ लेकर आ सकता है. व्यापार में तेजी आएगी. अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं. पुराने कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छा मौका मिल सकता है. साथ ही, किसी बड़े काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा. समाज में सम्मान भी मिलेगा. धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य को मजबूत करने वाला रहेगा. लंबे समय से अटके काम पूरे होने लगेंगे. पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है. इस दौरान आप नई संपत्ति या वाहन खरीदने का विचार भी बना सकते हैं. विदेश जाने के योग भी बन रहे हैं, जिससे नए अवसर मिल सकते हैं. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह योग कई अच्छे बदलाव लेकर आ सकता है. नौकरी में सैलरी बढ़ने या नई जॉब मिलने की संभावना है. रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होंगे. अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं. इसके अलावा, धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा पर जाने का मौका भी मिल सकता है, जिससे मन को शांति मिलेगी.

योगी आदित्यनाथ ने किया बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के मंदिर में दर्शन

बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के दरबार में माथा टेका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्वर ने लोकमंगल और प्रदेश की खुशहाली की कामना की  मंदिर में श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा वाराणसी  मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह काशी पहुंचे। उन्होंने यहां बाबा विश्वनाथ धाम व काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में माथा टेक कर पूजन-अर्चन किया। उन्होंने लोकमंगल और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।  बाबा काल भैरव मंदिर में मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। साथ ही आसपास के घरों में नन्हे-मुन्नों को दुलारा। काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन करने आए भक्तों ने मुख्यमंत्री को देखकर ‘हर-हर महादेव’ का जयकारा लगाया। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।  इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री बुधवार सुबह बड़ा लालपुर स्थित चांदमारी निवासी राजीव कृष्ण के आवास पर पहुंचे। उन्होंने यहां मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं।

तेज रफ्तार बस रेलिंग तोड़ रामगंगा नहर में पलटी, बचाव कार्य जारी

कानपूर उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद के बिधनू थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सवारियों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए रामगंगा नहर में पलट गई। हादसे के वक्त बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए हैं और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस काफी तेज रफ्तार में थी। जैसे ही बस रामगंगा नहर के पुल के पास पहुंची, चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। बस पहले सड़क किनारे लगी लोहे की मजबूत रेलिंग से टकराई और उसे उखाड़ते हुए सीधे नहर में जा गिरी। अंदर बैठी सवारियां एक-दूसरे के ऊपर जा गिरीं। गनीमत यह रही कि बस पूरी तरह पानी में डूबने के बजाय किनारे पर अटक गई। कुछ लोग तत्काल शीशे तोड़कर बस के ऊपर आ गए। राहत और बचाव कार्य हादसे की जानकारी मिलते ही बिधनू थाना पुलिस और स्थानीय राहगीर बचाव कार्य में जुट गए। बस की खिड़कियां तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, करीब एक दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और हैलट अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने क्रेन मंगवाई है ताकि बस को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई यात्री नीचे न दबा हो। हाईवे पर लगा भीषण जाम इस हादसे के कारण कानपुर-सागर हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। एंबुलेंस को निकालने के लिए पुलिसकर्मी कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालना और घायलों को इलाज मुहैया कराना है। प्रशासनिक सतर्कता कानपुर के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को त्वरित राहत कार्य और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, चालक की स्थिति स्पष्ट नहीं है कि उसे नींद की झपकी आई थी या बस में कोई तकनीकी खराबी हुई थी।

पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ते ही लौटेगी गर्मी, कई जिलों में लू का अलर्ट

जयपुर राजस्थान में हाल ही में हुई बारिश से मिली राहत अब ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3 से 4 दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होगी. पिछले 24 घंटों में एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर देखने को मिला, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. जयपुर के शाहपुरा में सबसे अधिक 68 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीकर ग्रामीण क्षेत्र में 31 मिमी वर्षा हुई. हल्की से मध्यम बारिश होगी   मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार को कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि, यह राहत अस्थायी रहेगी और अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क होने लगेगा. ज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित मंगलवार शाम को बालोतरा जिले के समदड़ी कस्बे में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. उदयपुर में भी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने गर्मी से राहत दिलाई. गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई बीते दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया. दिन की शुरुआत हल्की गर्मी के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद बादल छा गए और शाम तक आसमान पूरी तरह घिर गया.  इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जिसने मौसम को ठंडा कर दिया. अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा.  हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या आंधी की संभावना बनी रह सकती है. 8 से 11 मई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप फिर से बढ़ने के आसार हैं.

ED की कार्रवाई में मोहाली IT कारोबारी के 9वीं मंजिल से कैश फेंके, एक बैग ड्राइवर ने उठाकर ले भागा

मोहाली  Enforcement Directorate ने मोहाली और चंडीगढ़ में सनटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कथित घोटाले को लेकर 12 स्थानों पर छापेमारी की. जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई ABS Townships Pvt Ltd, Altus Builders, Dhir Constructions और कारोबारी अजय सहगल समेत अन्य सहयोगियों के खिलाफ की. आरोप है कि इन लोगों ने GMADA से CLU लाइसेंस हासिल करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं और आम लोगों से सैकड़ों करोड़ रुपये जुटाकर धोखाधड़ी की. सूत्रों के मुताबिक, ईडी की जांच के दायरे में नितिन गोहल भी हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने GMADA फीस भुगतान में डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों की मदद की और उन्हें राजनीतिक संरक्षण दिलाने की कोशिश की। एजेंसी वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की जांच कर रही है. ईडी की टीम जब छापेमारी कर रही थी, तभी एक इमारत के नौवें फ्लोर से 500-500 के नोट बरसने लगे।  मोहाली जिले के खरड़ स्थित नामी हाउसिंग सोसायटी वेस्टर्न टावर्स में वीरवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेड की है। रेड के दौरान नौवीं मंजिल के एक फ्लैट से नकदी से भरे दो बैग नीचे फेंके गए, जिसके बाद सोसायटी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार ईडी की टीम सुबह करीब सात बजे दिल्ली से खरड़ पहुंची और चज्जूमाजरा स्थित वेस्टर्न टावर्स सोसायटी के फ्लैट नंबर 906 में तलाशी अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह फ्लैट आईटी कारोबारी नितिन गोयल से जुड़ा हुआ है। ईडी अधिकारियों ने फ्लैट के अंदर कई घंटों तक दस्तावेजों और अन्य रिकार्ड की गहन जांच की। इस दौरान फ्लैट अंदर से बंद बताया गया। ईडी ने कब्जे में लिए दोनों बैग प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेड के दौरान अचानक फ्लैट की ऊपरी मंजिल से दो बैग नीचे फेंके गए। बैग गिरते ही उनमें से 500-500 रुपये के नोट सोसायटी परिसर में बिखर गए। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग हैरान रह गए और कुछ ही देर में बड़ी संख्या में निवासी वहां इकट्ठा हो गए। बाद में ईडी अधिकारियों ने नकदी से भरे दोनों बैग अपने कब्जे में ले लिए। सूत्रों के मुताबिक बैगों से करीब 21 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ईडी की ओर से बरामद रकम या कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ईडी के अधिकारी पूरे मामले में फिलहाल चुप्पी बनाए हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह कार्रवाई मनी लान्ड्रिंग से जुड़े किसी बड़े मामले की जांच का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि जिस कारोबारी के यहां रेड हुई, उसके संबंध राज्य सरकार के एक वरिष्ठ राजनीतिक पदाधिकारी के करीबी लोगों से बताए जा रहे हैं। हालांकि इस राजनीतिक कनेक्शन की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि गुरुवार (07 मई, 2026) ईडी को ईडी ने पंजाब में बड़ी कार्रवाई करते हुए मोहाली और चंडीगढ़ में 12 अलग-अलग ठिकानों पर छापामारी शुरू की है। यह तलाशी अभियान सनटेक सिटी परियोजना, अजय सहगल, एबीएस टाउनशिप्स प्राइवेट लिमिटेड, अल्टस बिल्डर्स, धीर कंस्ट्रक्शंस और उनके सहयोगियों के खिलाफ चलाया जा रहा है। कार लेकर भागा ड्राइवर पता चला है कि ED के पहुंचने की जानकारी कारोबारी को पहले से ही हो गई थी। इसलिए, उसने नौवीं मंजिल स्थित फ्लैट से कथित तौर पर नोटों से भरे बैग नीचे फेंके थे। नीचे पहले से ही उसका ड्राइवर खड़ा था जो तुरंत एक सफेद रंग की कार में सवार होकर एक बैग उठा ले गया। हालांकि, मौके पर मौजूद टीम ने उसका पीछा किया, फिर भी वह हाथ नहीं आया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस इस घटना को देखकर सोसाइटी में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इससे इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही खरड़ के DSP ईशांत सिंगला के निर्देश पर स्थानीय पुलिस को मौके पर भेजा गया। खरड़ सिटी थाने के SHO अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। टावर में रहने वाला 4 महीने पहले आया प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह कार्रवाई सोसाइटी के फ्लैट नंबर 906 में रेड हुई है। यहां रहने वाले व्यक्ति की पहचान नितिन कुमार गोहिल के रूप में हुई है, जो IT सेक्टर में कार्यरत बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, नितिन कुमार गोहिल के कुछ राजनीतिक संपर्क होने की भी चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सोसाइटी के लोगों ने बताया कि नितिन कुमार करीब 4 महीने पहले ही यहां रहने आया था। इसलिए, लोगों को भी उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। रोजाना कूरियर आते थे सोसाइटी के लोगों के अनुसार, नितिन कुमार के फ्लैट पर रोजाना बड़ी संख्या में कूरियर आते थे, जिन्हें अधिकतर उसका ड्राइवर ही रिसीव करता था। जांच एजेंसियों ने बरामद कैश से भरे बैग को कब्जे में ले लिया है। फिलहाल, उसके फ्लैट में रेड जारी है। मोहाली-चंडीगढ़ में 12 स्थानों पर रेड चल रही मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ED ने सनटेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित धोखाधड़ी के सिलसिले में मोहाली और चंडीगढ़ में 12 जगहों पर दबिश दी है। ABS टाउनशिप, ऑल्टस बिल्डर्स और धीर कंस्ट्रक्शन्स समेत बिल्डर्स पर जनता को धोखा देने और GMADA से मिले CLU लाइसेंस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है। नितिन गोहिल पर भी कथित राजनीतिक लिंक और फाइनेंशियल गड़बड़ियों के लिए जांच चल रही है।  

दुबई से शुरू हुई लव स्टोरी, अब कानूनी बंधन में बंधे शिखर धवन और सोफी शाइन

नई  दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर श‍िखर धवन (Shikhar Dhawan) एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं. धवन ने पत्नी सोफी शाइन (Sophie Shine) के साथ गुरुग्राम में अपनी शादी का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन कराया. मंगलवार (6 मई 2026) को दोनों विकास सदन स्थित मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल दोपहर करीब 3 बजे रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचा. उनके साथ परिवार के कुछ सदस्य, करीबी दोस्त और एक पुजारी भी मौजूद थे. पूरी प्रक्रिया करीब 35 मिनट चली, जिसके बाद दोनों को ऑफिशियल मैरिज सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया.   इस दौरान शिखर धवन बेहद कैजुअल अंदाज में नजर आए. उन्होंने डार्क ब्लू टी-शर्ट पहनी थी, जबकि सोफी शाइन स्काई ब्लू टॉप में दिखाई दीं. दोनों ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चुपचाप वहां से रवाना हो गए. फरवरी में हुई थी ग्रैंड वेडिंग शिखर धवन और सोफी शाइन ने 21 फरवरी 2026 को दिल्ली-NCR में एक निजी लेकिन बेहद भव्य समारोह में शादी की थी. शादी में पारंपरिक लाल रंग की बजाय आइवरी और फ्लोरल थीम चुनी गई थी, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. दोनों ने मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए हुए आउटफिट पहने थे. शादी समारोह में भारतीय क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं, जिनमें रोहित शर्मा, युजवेंद्र चहल और रोहित शर्मा जैसे नाम शामिल रहे. हल्दी, संगीत और रिसेप्शन जैसे इवेंट भी काफी चर्चा में रहे थे. दुबई से शुरू हुई थी लव स्टोरी शिखर धवन और सोफी की पहली मुलाकात दुबई में हुई थी. दोनों ने करीब एक साल तक एक-दूसरे को डेट किया. साल 2024 में दोनों कई इवेंट्स में साथ नजर आए, जिसके बाद रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. आखिरकार मई 2025 में कपल ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया और तमाम अफवाहों पर विराम लगा दिया. इसके बाद 12 जनवरी 2026 को दोनों ने सगाई की और फिर फरवरी में शादी रचा ली. शिखर धवन फाउंडेशन संभालती हैं सोफी आयरलैंड मूल की सोफी शाइन फिलहाल शिखर धवन फाउंडेशन की हेड हैं और सोशल वेलफेयर एक्टिविटीज में सक्रिय भूमिका निभाती हैं. धवन इस साल 40 साल के हो चुके हैं और अब उन्होंने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत को कानूनी रूप से भी आधिकारिक बना दिया है. ध्यान रहे भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ओपनर रहे शिखर धवन की पहली शादी आयशा मुखर्जी से हुई थी, जो उनसे उम्र में 10 साल बड़ी थी. 2009 में दोनों ने सगाई की थी. इसके बाद 2012 में धवन ने आयशा से शादी की थी. यह शिखर की पहली शादी थी, लेकिन आयशा की दूसरी शादी थी. 2023 में दोनों का तलाक हो गया था. आयशा की पहली शादी ऑस्ट्रेलिया के बिजनेसमैन से हुई थी, जो टूट गई थी. आयशा और उनके पहले पति की दो बेटियां हैं जिनका नाम रेया और आलिया है. शिखर और आयशा का एक बेटा है जिसका नाम जोरावर है.

सामूहिक विवाह योजना से बेटियों को सम्मान, कमजोर परिवारों के लिए मुख्यमंत्री की पहल

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: आर्थिक कमजोर परिवारों को बड़ा सहारा, बेटियों को मिल रहा सम्मानजनक जीवन योगी सरकार की पहल से सुनिश्चित हुआ प्रदेश की बेटियों का रीति-रिवाज के मुताबिक विवाह  खाने से लेकर जरूरी सामान तक की पूरी व्यवस्था, पारदर्शी प्रक्रिया से मदद सीधे लाभार्थियों तक लखनऊ  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा बनकर सामने आई है। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश की लाखों बेटियों के विवाह को न केवल आसान बनाया है, बल्कि उन्हें सम्मानजनक तरीके से नई जिंदगी शुरू करने का अवसर भी दिया है। शादी जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक आयोजन में होने वाले भारी खर्च से जूझ रहे परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न करा चुकी है। योगी सरकार की पहल से बढ़ा भरोसा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना की शुरुआत वर्ष 2017-18 में की गई थी, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानजनक विवाह सुनिश्चित करना है। योजना के तहत प्रति जोड़े 1 लाख की सहायता दी जाती है। इसमें 60,000 सीधे वधू के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि 25,000 के उपहार और आवश्यक सामान तथा 15,000 विवाह आयोजन की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया के तहत धनराशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंचने से भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है और लोगों का भरोसा इस योजना पर लगातार बढ़ा है। खाने से लेकर जरूरी सामान तक पूरी व्यवस्था इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि योगी सरकार विवाह की पूरी जिम्मेदारी अपने स्तर पर सुनिश्चित करती है। सामूहिक विवाह समारोह में खान-पान, पंडाल, सजावट और अन्य व्यवस्थाएं सरकारी स्तर पर की जाती हैं। इसके साथ ही नवविवाहित जोड़े को कपड़े, बर्तन, पायल, बिछिया सहित अन्य जरूरी घरेलू सामान भी उपलब्ध कराया जाता है। इन सभी के चीजों लिए रुपये निर्धारित हैं। इससे गरीब परिवारों को आर्थिक बोझ से राहत मिलती है और वह अपनी बेटियों की शादी बिना किसी तनाव के कर पाते हैं। पारदर्शी प्रक्रिया, सीधे खाते में सहायता योजना की पारदर्शिता इसकी सफलता का प्रमुख आधार है। लाभार्थियों का चयन निर्धारित पात्रता के आधार पर किया जाता है, जिसमें परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम होना जरूरी है। आवेदन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, जिससे इच्छुक परिवार ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सहायता राशि सीधे वधू के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है और लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचता है। लाखों बेटियों का हुआ सम्मानजनक विवाह योजना की लोकप्रियता और प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2025- 26 में करीब 76,522 विवाह इस योजना के तहत सम्पन्न कराए जा चुके हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना ने प्रदेश के हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है और गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है। इससे न केवल आर्थिक सहायता मिली है, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। सामाजिक समरसता को मिल रहा बढ़ावा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही है। सामूहिक विवाह के माध्यम से समाज में समानता और एकता का संदेश दिया जा रहा है। अलग-अलग वर्गों और समुदायों के लोग एक ही मंच पर विवाह कर एक सकारात्मक सामाजिक वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। पात्रता और आवेदन प्रक्रिया आसान समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख से कम है। लाभार्थी शादी अनुदान पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पूरी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवार योजना से जुड़ सकें।

शपथ से पहले भावुक पल: पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर लिया आशीर्वाद

पटना  आखिरकार नीतीश कुमार ने अपने बेटे को सत्ता का सारथी बना दिया। सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल के विस्तार में कुल 31 मंत्रियों को शामिल किया जा रहा है, जिनमें सबसे अधिक चर्चा नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की हो रही है। निशांत कुमार की सरकार में डायरेक्ट एंट्री कैबिनेट के तौर पर हो रही है। मंत्री पद की गरिमा संभालने से ठीक पहले निशांत ने अपनी पारिवारिक परंपरा को निभाया। उन्होंने अपने पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस दौरान नीतीश कुमार ने भावुक होकर अपने बेटे को गले लगाया निशांत को मिला पिता नीतीश का आशीर्वाद निशांत कुमार ने शपथ ग्रहण समारोह के लिए निकलने से पहले अपने पिता नीतीश कुमार का पैर छूकर अभिवादन किया। नीतीश कुमार ने न केवल उनके सिर पर हाथ रखकर विजयी होने का आशीर्वाद दिया, बल्कि उन्हें गले से भी लगा लिया। पिता-पुत्र के बीच का ये भावुक पल वहां मौजूद सभी लोगों के लिए खास रहा। बेटे को आशीर्वाद देने के बाद नीतीश ने लगाया गले बेटे निशांत को आशीर्वाद देने के बाद नीतीश कुमार गले लगा लिया। जब निशांत आशीर्वाद ले रहे थे, तब वहां पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह सहित जदयू के कई दिग्गज नेता मौजूद थे। निशांत ने अपने पिता के बाद ललन सिंह के भी पैर छुए, जिस पर ललन सिंह ने उनकी पीठ थपथपाकर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। नीतीश ने संजय झा और ललन सिंह ​से दिलवाया आशीर्वाद फिर नीतीश कुमार ने निशांत को संजय झा और ललन सिंह से भी आशीर्वाद दिलवाया। नई कैबिनेट के गठन में गठबंधन के सभी दलों का ध्यान रखा गया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस नई टीम में भाजपा के 15, जदयू के 13 और चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) के 2 मंत्रियों को स्थान दिया गया है। निशांत कुमार को जदयू कोटे से मंत्रिमंडल में शामिल किया जा रहा है।  

गो सेवा से समृद्धि: यूपी की डेयरी सेक्टर बनी ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़

गो सेवा से समृद्धि का मॉडल, यूपी में डेयरी सेक्टर बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार मिनी नंदिनी योजना से गांव-गांव में रोजगार, सालाना 10–12 लाख की आय तक पहुंच रहे युवा सीएम योगी ने बदली तस्वीर, साहिवाल एवं गिर गोवंशों के जरिए बड़े पैमाने पर पैदा हो रहा रोजगार योगी सरकार ने तैयार की उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अपार संभावनाएं लाभार्थियों की जुबानी, धरातल पर योजनाओं की सफलता की कहानी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में गो सेवा अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाला एक सशक्त आर्थिक मॉडल बनकर उभरी है। योगी सरकार में डेयरी सेक्टर ने जिस तेजी से विस्तार किया है, उसने न केवल किसानों और युवाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि गांवों में रोजगार के स्थायी अवसर भी पैदा किए हैं। “मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना” और “नंद बाबा दुग्ध मिशन” जैसी पहल ने इस बदलाव को जमीनी स्तर पर साकार किया है। आज प्रदेश के हजारों युवा डेयरी उद्यम के माध्यम से सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं, जो पहले कभी पारंपरिक पशुपालन में आसान नहीं माना जाता था। योगी सरकार के सहयोग से देवेंद्र बने आत्मनिर्भर मथुरा जिले के गांव रदोई निवासी देवेन्द्र सिंह का चयन नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में हुआ। उन्होंने आठ साहिवाल एवं दो गिर गोवंश खरीदकर डेयरी यूनिट स्थापित की। सरकार ने उन्हें योजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया। वर्तमान में उनकी डेयरी से औसतन 100 लीटर प्रतिदिन दूध उत्पादन हो रहा है, जिससे उनका व्यवसाय लगातार बढ़ रहा है। देवेन्द्र का कहना है कि योगी सरकार के सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला। दुग्ध उत्पादन में यूपी देश में पहले स्थान पर अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि योगी सरकार में उत्तर प्रदेश ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में रिकॉर्ड उपलब्धि हासिल की है। देश के कुल दुग्ध उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी अब 16 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ते हुए यूपी वर्तमान में देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य बन गया है। स्वदेशी नस्लों ने बदली तस्वीर साहिवाल और गिर नस्ल की गायें अधिक दूध उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं। योगी सरकार ने इन नस्लों को बढ़ावा देकर डेयरी सेक्टर को नई दिशा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब स्थानीय स्तर पर आधुनिक डेयरी इकाइयां स्थापित हो रही हैं, जिनसे न केवल दूध का उत्पादन बढ़ा है बल्कि पशु आहार, परिवहन, दुग्ध संग्रहण और विपणन जैसे क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। गांवों में रुक रहा पलायन, बढ़ रही आय प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर युवाओं को डेयरी सेक्टर से जोड़कर आर्थिक मुख्यधारा में लाया गया है। अपर मुख्य सचिव पशुपालन मुकेश मेश्राम ने बताया कि यह वृद्धि योजनाबद्ध विकास और मुख्यमंत्री के जमीनी प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर में आई यह तेजी उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुकी है। आय बढ़ने से युवा गांवों से पलायन नहीं कर रहे हैं। अब गो सेवा से आर्थिक समृद्धि ग्रामीण युवाओं का कहना है कि पहले पशुपालन सीमित आय का जरिया माना जाता था, लेकिन अब यही क्षेत्र सम्मानजनक और स्थायी रोजगार का बड़ा माध्यम बन गया है। बड़े पैमाने पर युवा डेयरी यूनिट स्थापित कर खुद के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। गांवों में गो सेवा अब आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता का नया मॉडल बनती दिखाई दे रही है।