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BJP की रणनीति और थलापति विजय की ताकत, तमिलनाडु में कांग्रेस की स्थिति पर सवाल

चेन्नई तमिलनाडु की सियासत में गजब ट्विस्ट आया है. थालापति विजय की टीवीके सरकार बनाने की कवायद में जुटी है. उसके पास बहुमत वाला नंबर नहीं है. इसलिए एक्टर विजय की पार्टी टीवीके को अन्य साथियों की जरूरत है. थलापति विजय को सरकार बनाने के लिए कुल 118 विधायकों की जरूरत है. टीवीके के पास हैं 108. अब ऐसे में कैसे 118 के आंकड़े तक पहुंचा जाए, अभी इस पर मंथन जारी है. इस बीच तमिलनाडु के सियासी गेम में अचानक भाजपा की एंट्री हो गई है. सरकार वाली फ्रेम में अब तक भाजपा नहीं थी. मगर अब भाजपा ने एआईएडीएमके को धर्मसंकट में डाल दिया है. मगर एक्टर विजय के लिए तब भी खुशखबरी ही है।  जी हां, भाजपा के नए दांव से टीवीके चीफ थलापति विजय की चांद ही चांदी है. भाजपा अब चाहती है कि टीवीके की ही तमिलनाडु में सरकार बने. इसके लिए भाजपा तमिलनाडु में अपनी सहोयगी एआईएडीएमके को थलापति विजय की TVK के साथ गठबंधन के लिए जोर दे रही है. भाजपा के इस दांव से एआईएडीएमके धर्मसंकट में है. एआईएडीएमके पर टूट यानी विभाजन का खतरा मंडरा रहा है. उसे भी उद्धव ठाकरे की शिवसेना जैसा खतरा महसूस हो रहा है।  भाजपा का चाणक्य वाला दांव इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, तमिलनाडु रिजल्ट के बाद एआईएडीएमके (AIADMK) अपने सबसे गंभीर अंदरूनी संकट की ओर बढ़ती दिख रही है. एआईएडीएमके विजय की टीवीके के साथ गठबंधन को लेकर धर्मसंकट में है. पार्टी के भीतर इस बात पर गहरे मतभेद उभर आए हैं कि क्या थलापति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) को गठबंधन सरकार बनाने में समर्थन दिया जाए या नहीं. सूत्रों का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे भाजपा बहै. भाजपा नहीं चाहती कि टीवीके और कांग्रेस का गठबंधन हो. इसके लिए भाजपा चाहती है कि एआईएडीएमके और टीवीके साथ मिलकर सरकार बनाए. इसकी वजह है भाजपा की जिद, सके तहत वह कांग्रेस को तमिलनाडु की सत्ता में आने से रोकना चाहती है।  क्यों भाजपा चाहती है टीवीके और AIADMK का गठबंधन खुद एआईएडीएमके के सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि भाजपा टॉप लीडरशिप इस बात से असहज है कि तमिलनाडु में कांग्रेस के सममर्थन से टीवीके की सरकार बन सकती है. वह भी ऐसी स्थिति में जब पड़ोसी राज्य केरल में कांग्रेस ने एक बार फिर से जोरदार वापसी की है. यही कारण है कि भाजपा नहीं चाहती कि तमिलनाडु की सत्ता में कांग्रेस की किसी भी तरह वापसी हो।  तमिलनाडु में सरकार का नंबर गेम समझिए थलापति विजय की TVK के पास 108 सीटें हैं. बहुमत के लिए चाहिए 118 सीटें. मतलब बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें कम हैं. इसलिए तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए गठबंधन बनाना अब जरूरी हो गया है. ऐसे में भाजपा उन कोशिशों का समर्थन करती दिख रही है, जिनका मकसद AIADMK को विजय का साथ देने के लिए राजी करना है, ताकि कांग्रेस और वामपंथी दल को नई सरकार में आने से रोका जा सके।  भाजपा के दांव से एआईएडीएमके में धर्मसंकट हालांकि, भाजपा के दांव से एआईएडीएमके में धर्मसंकट है. यह संकट तब और गहरा गया, जब मंगलवार रात एआईएडीएमके की वरिष्ठ नेता लीमा रोज मार्टिन ने सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया कि टीवीके और AIADMK के बीच बातचीत चल रही है. लीमा रोज मार्टिन लॉटरी किंग की पत्नी हैं. उनके बेटे पुडुचेरी से विधायक हैं और एनडीए गठबंधन का हिस्सा हैं. इसलिए एआईएडीएमके का एक खेमा चाहता है कि विजय की पार्टी संग गठबंधन हो. मगर एक खेमा चाहता है कि गठबंधन न हो. ऐसे में एआईएडीएमके में टूट का खतरा मंडरा रहा है।  इसके बाद भी 5 सीटें उसके पास कम हैं। वजह यह कि वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, सीपीआई और सीपीएम जैसे दलों ने समर्थन देने से इनकार कर दिया है। एआईएडीएमके ने भी विजय के साथ जाने की बात खारिज की है। यही नहीं कई दलों के नेताओं ने बुधवार को एमके स्टालिन से मुलाकात की है। ऐसे में यह भी कयास लग रहे हैं कि क्या डीएमके और एआईएडीएमके मिलकर सरकार बनाने पर विचार कर रहे हैं। दोनों ही दल तमिलनाडु की राजनीति में कट्टर विरोधी रहे हैं। ऐसे में दोनों साथ आए तो यह उसी तरह होगा, जैसे सपा और बसपा यूपी में मिले थे। जम्मू-कश्मीर में भाजपा और पीडीपी ने भी सरकार साथ में बनाई तो ऐसा ही सवाल उठा था। इसके अलावा महाराष्ट्र में जब उद्धव की शिवसेना, कांग्रेस और शरद पवार की एनसीपी साथ आए तो वह भी राजनीति की उलटबासी थी। अब तमिलनाडु में ऐसा देखने को मिल सकता है। ऐसी स्थिति में कांग्रेस फंसा हुआ अनुभव करेगी, जिसने जल्दबाजी में ही विजय की टीवीके को समर्थन दे दिया। डीएमके की ओर से इसकी आलोचना भी की जा रही है। वहीं कांग्रेस ने इसे विचारधारा से समझौता मानने से इनकार किया है और कहा कि विजय की विचारधारा भी सेकुलर है। यही नहीं कांग्रेस की सांसद जोथीमणि सेन्निमलाई ने डीएमके को भी जवाब दिया है। कांग्रेस बोली- हमें तो चुनाव से एक सप्ताह पहले कर दिया था बाहर उन्होंने कहा कि राजनीति में गठबंधन बनना और टूटना सामान्य बात है। उन्होंने कहा कि 2014 में डीएमके ने कांग्रेस को गठबंधन से बाहर कर दिया था। वह अकेले ही लड़ी थी। तब हमने यह माना था कि डीएमके का यह कदम राजनीतिक है और इसकी हमने आलोचना नहीं की थी। उन्होंने कहा कि राजनीति में गठबंधन बनना या फिर अलग होना नेचुरल है। यहां तक कि 2014 के संसदीय चुनाव से एक सप्ताह पहले ही डीएमके ने कांग्रेस को अलायंस से बाहर कर दिया था। हमें अचानक से अकेले उतरना पड़ा था, लेकिन हमने उसकी मजबूरी को समझा था। विजय ने बुलाई अहम बैठक इस बीच टीवीके यानी तमिलगा वेत्री कड़गम के संस्थापक विजय ने सरकार गठन पर चर्चा के लिए आज यानी गुरुवार को यहां चुनाव जीतने वाले पार्टी के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई. यह बैठक सरकार बनाने के लिए टीवीके के बहुमत से कुछ सीट पीछे रहने की पृष्ठभूमि में हो रही है. कांग्रेस के पांच विजयी उम्मीदवारों ने टीवीके को समर्थन देने की पेशकश की है, लेकिन विजय की … Read more

कलेक्टर और एसपी ने मोटरसाइकिल से तय किया दुर्गम पहाड़ी सफर, सुशासन का संदेश

सुशासन की मोटरसाइकिल से दुर्गम पहाड़ों तक पहुँचे कलेक्टर-एसपी  गोंडेरास और नीलावाया में ऐतिहासिक सुशासन चौपाल रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत अब विकास की किरण केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे सुदूर वनांचलों तक पहुँच रही है। इसी क्रम में छत्तीसगढ के सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की। बुधवार को कलेक्टर श्री अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने किसी प्रोटोकॉल की परवाह न करते हुए, खुद मोटरसाइकिल चलाकर 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को पार किया और पहुंचविहीन ग्राम गोंडेरास व नीलावाया पहुँचे।    जिला प्रशासन सुशासन तिहार के माध्यम से 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं को सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचा रहा है। कलेक्टर और एसपी का यह दौरा साबित करता है कि जब प्रशासन संवेदनशीलता के साथ दूरी मिटाता है, तो जनता के मन में व्यवस्था के प्रति विश्वास और बदलाव की नई उम्मीद जागती है। ग्राम गोंडेरास में इमली की छाँव में समस्याओं का तत्काल समाधान         गोंडेरास गांव में कलेक्टर और एसपी ने किसी आलीशान मंच के बजाय इमली के पेड़ के नीचे बिछी खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों द्वारा सोलर प्लेट्स के खराब होने की शिकायत पर कलेक्टर ने तत्काल क्रेडा विभाग को सभी घरों में मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। गाँव में आंगनबाड़ी और पंचायत भवन जैसे बुनियादी कार्यों के लिए 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई, जिसकी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को ही सौंपी गई है। शिविर में 17 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 जाति प्रमाण पत्र और 11 पीएम-किसान प्रकरणों का निराकरण, 2  किसान किताब, 2 पटवारी प्रतिवेदन सहित कई दस्तावेज मौके पर ही वितरित किए गए।  स्वास्थ्य सुरक्षा और पुलिया की सौगात        ग्राम नीलावाया पहुँचकर अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई। बारिश के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली 15 किमी की अतिरिक्त दूरी को खत्म करने के लिए कलेक्टर ने मौके पर ही नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दी। 4 मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजने और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए सचिव को कड़े निर्देश दिए गए। शिविर के दौरान 2 गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र तत्काल बनाकर सौंपे गए। कागजी नहीं, धरातली सुशासन हमारा लक्ष्य        कलेक्टर श्री अमित कुमार ने ग्रामीणों से कहा कि शासन का लक्ष्य नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गाँव) योजना के जरिए हर घर को बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के सैचुरेशन (पूर्णता) से जोड़ना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानीय पंचायत को निर्माण एजेंसी बनाना कार्य में तेजी और पारदर्शिता लाने का एक बड़ा कदम है। यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर हमारे गाँव तक मोटरसाइकिल से पहुँचा है। अब हमें भरोसा है कि हमारी समस्याएँ अनसुनी नहीं रहेंगी। गांव के सरपंच श्री जोगा वंजामी ने अधिकारियों के आगमन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब कोई कलेक्टर उनके गांव तक पहुंचा है।

सुशासन तिहार: आवेदन के घंटे भर में कौशिल्या को मिला आयुष्मान कार्ड, चेहरे खिले

सुशासन तिहार:आवेदन के चंद घंटों में कौशिल्या को मिला आयुष्मान कार्ड, खिले चेहरे रायपुर राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु आयोजित सुशासन तिहार शिविर ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इसी क्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम पंचायत मोहतरा में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन की संवेदनशीलता का एक अनूठा उदाहरण देखने को मिला, जहाँ ग्राम मोहतरा निवासी महिला कौशिल्या साहू को आवेदन करते ही तत्काल आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। मौके पर ही हुआ समाधान          शिविर में अपनी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर पहुँची कौशिल्या साहू ने जैसे ही आयुष्मान कार्ड के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत किया, संबंधित विभाग के अधिकारियों ने सक्रियता दिखाई। मौके पर ही पात्रता की जाँच कर ऑनलाइन प्रक्रिया पूर्ण की गई और तत्काल कार्ड प्रिंट कर उन्हें सौंप दिया गया। ग्रामीणों के द्वार तक पहुँची सरकार         हाथों-हाथ आयुष्मान कार्ड मिलने पर कौशिल्या साहू ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, ष्पहले छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन सुशासन तिहार के माध्यम से अब सरकार खुद हमारे द्वार तक आ रही है। उन्होंने इस त्वरित सुविधा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्ड उनके परिवार के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की गारंटी है। सुशासन की नई मिसाल         जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से मिल रहे इन त्वरित समाधानों की ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक सराहना हो रही है। प्रशासन की इस कार्यप्रणाली ने न केवल सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाई है, बल्कि आम नागरिकों का शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ किया है।

कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान

 लखनऊ यूपी में अभी बारिश का सिलासिला थमने वाला नहीं है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ केंद्र ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले तीन घंटों के लिए मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं कई जगह में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने का भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार देश के अलग अलग हिस्सों पर बने एक चक्रवातीय हवाओं के दबाव का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। बीते दिनों हुई बारिश की नमी अभी भी वातावरण में मौजूद है। हवाओं की दिशा बदली है और पहाड़ों की ओर से आ रही हवाएं भी मिलकर चल रही हैं। जिनसे तापमानों में स्थिरता देखी गई। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि हो सकती है। अलबत्ता अगले 24 घंटों के दौरान भी आसमान पर बादल नजर आने तेज धूप में तापमान बढने पर कुछ स्थानों पर बारिश की गतिविधियां भी हो सकती हैं। अगला पश्चिमी विक्षोभ 10 मई के आसपास पहाड़ों पर पहुंच सकता है। जिससे एक बार फिर मौसम में बदलाव होने की संभावना बन सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में वृद्धि होने की संभावना जताई है। मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी मौसम विभाग ने जालौन, आगरा, कानपुर नगर, इटावा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, एटा, कासगंज, उन्नाव, औरैया, कन्नौज, हरदोई, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, बदायूं, संभल, अमरोहा और मुरादाबाद समेत आसपास के क्षेत्रों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी और बिजली चमकने का अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मध्यम बारिश भी हो सकती है। कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी इसके साथ ही प्रयागराज, प्रतापगढ़, चित्रकूट, महोबा, बांदा, कौशांबी, हमीरपुर, फतेहपुर, झांसी, हाथरस, सीतापुर, अयोध्या, बाराबंकी, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हल्की आंधी, बिजली और हल्की बारिश के आसार जताए गए हैं। तापमान में गिरावट ने बढ़ाई बच्चों में बीमारी पिछले कुछ दिनों में तापमान में आई गिरावट का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। तापमान की गिरावट ने छोटे बच्चों को सबसे अधिक प्रभावित किया है। इससे पिछले दो दिन में निमोनिया से बीमार बच्चे जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए आ रहे है। ओपीडी में आने वाले ज्यादातर बच्चों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ रहती है।

बीकानेर में 3.4 लाख पांडुलिपियों का रिकॉर्ड, भारत की ज्ञान परंपरा को मिल रहा संरक्षण

जयपुर भारत सरकार ने इस वर्ष प्राचीन पांडुलिपियों को सहेजने का एक अभियान शुरू किया है. ‘ज्ञान भारतम मिशन' नाम के इस अभियान की शुरुआत 16 मार्च को की गई थी जो तीन महीने तक चलेगा. इसका उद्देश्य देश भर में स्थित पांडुलिपियों की पहचान करना और दस्तावेजों के तौर पर उनका रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके. अभियान के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और सर्वे का कार्य तेज गति से जारी है. बताया जा रहा है कि इसमें राजस्थान में सबसे अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है. प्रदेश में भी सबसे अधिक काम बीकानेर में हुआ है. तीन महीने तक चलेगा ‘ज्ञान भारतम मिशन' का सर्वे देश भर में ‘ज्ञान भारतम मिशन' अभियान के तहत 16 जून तक सर्वे कार्य जारी रहेगा. प्रदेशों में राजस्थान में अब तक 15 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सर्वे किया जा चुका है जो देश में सबसे अधिक माना जा रहा है. वहीं बीकानेर जिला भी इस मिशन में अहम भूमिका निभा रहा है जहां अब तक करीब 3 लाख 40 हजार पांडुलिपियों का सर्वे पूरा हो चुका है. बीकानेर में तेजी से हो रहा काम बीकानेर की खास बात यह है कि यहां स्थित अभय जैन ग्रंथालय में ही करीब 2 लाख पांडुलिपियां संरक्षित हैं जो अपने आप में एक बड़ी धरोहर मानी जाती हैं. इन पांडुलिपियों में इतिहास, संस्कृति, धर्म और परंपरा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां संजोई गई हैं. खास बात यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने अपने ‘मन की बात' कार्यक्रम में बीकानेर की इन पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए हो रहे कार्य का उल्लेख किया था जिससे इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली. बीकानेर की जिला नोडल अधिकारी डॉ. नितिन गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि यह अभियान पूरी तरह लक्ष्य आधारित है और इसके तहत घर-घर जाकर और विभिन्न संस्थानों में पहुंचकर पांडुलिपियों का सर्वे, सत्यापन और दस्तावेजीकरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस मिशन का उद्देश्य न केवल इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखना है बल्कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से इनका डिजिटलीकरण कर इन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराना भी है ताकि आने वाली पीढ़ियां भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें.

झारखंड यूनिवर्सिटी भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव, नियुक्ति के साथ 1 साल की ट्रेनिंग जरूरी

 रांची  राज्य के सभी विश्वविद्यालयों व अंगीभूत कालेजों में नियुक्त होनेवाले शिक्षकों के लिए 12 माह का प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, यह प्रशिक्षण की अनिवार्यता शिक्षकेत्तर कर्मियों पर भी लागू होगी। शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति के साथ ही उन्हें यह अनिवार्य प्रशिक्षण नवगठित झारखंड स्टेट फैकल्टी डवलपमेंट एकेडमी में दिया जाएगा। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग इसका माड्यूल तैयार कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा पिछले दिनाें लागू झारखंड विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 में जहां विश्वविद्यालयों एवं कालेजों में शिक्षकों व कर्मियों की नियुक्ति के लिए झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग के गठन का प्रविधान किया है, वहीं इनके प्रशिक्षण को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। इसमें 12 माह के अनिवार्य प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके लिए अलग से परिनियम भी तैयार किए जाएंगे। अभी तक विश्वविद्यालय एवं कालेजों में शिक्षकों की नियुक्ति झारखंड लाेक सेवा आयोग से होती थी, जबकि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति विश्वविद्यालय स्तर पर होती थी। नए अधिनियम में इस प्रक्रिया में व्यापक बदलाव किया गया है। इसमें यह भी प्रविधान किया गया है कि विश्वविद्यालयों और अंगीभूत कालेजों में पदों का सृजन राज्य सरकार करेगी, लेकिन संबद्ध कालेजों को पद सृजन की स्वतंत्रता होगी। इसे लेकर भी विभाग द्वारा अलग से परिनियम तैयार किए जाएंगे। अधिनियम में यह भी प्रविधान किया गया है कि विश्वविद्यालयों व कालेजों में शिक्षकों की नियुक्ति पदों की रिक्तता के अनुसार प्रत्येक वर्ष जनवरी से जुलाई के बीच की जाएगी, जबकि शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति जुलाई से दिसंबर के बीच होगी।  

न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गंभीर मामला, 2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल

कोटा कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री  गजेन्द्र सिंह खींवसर ने घटना की पूरी जानकारी ली. प्रसूताओं के इलाज के लिए सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम कोटा भेजने के निर्देश दिए. साथ ही निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं. 2 प्रसूताओं की हालत क्रिटिकल इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अस्पताल पहुंचकर प्रसूताओं के बेहतर इलाज के न‍िर्देश द‍िए. परिजन जल्द ठीक होने के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं. कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 5 में से 2 की हालत क्रिटिकल बताई जा रही है. अन्य तीन की हालत में हल्का सुधार बताया जा रहा है. अस्पताल में भर्ती पांचों प्रसूताओं को कुछ घंटे के लिए गहन ऑब्जर्वेशन में रखा गया है. इटावा की रागनी अस्पताल में भर्ती हैं, उनके पिता और भाई  ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि उसकी तबीयत में सुधार हो. कोटा की रहने वाली ज्योति की हालत गंभीर बताई जा रही है. ज्योति के भाई संतोष ओर परिवार के लोग च‍िंत‍ित हैं.   जयपुर से 5 डॉक्टर की टीम भेजा सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज जयपुर से निश्चेतना विभाग के डॉ. निहार शर्मा, मेडिसिन विभाग के डॉ. सुनील कुमार महावर, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉ. पवन अग्रवाल, नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ. संजीव कुमार शर्मा को कोटा भेजा गया है. ये इलाज में सहयोग करेंगे. एक प्रसूता की मौत हो गई कोटा के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक वार्ड में भर्ती 6 प्रसूताओं की तबीयत बुधवार को अचानक बिगड़ गई, जिनमें से 1 महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. बाकी 5 महिलाओं की हालत अभी चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें तुरंत नेफ्रोलॉजी और गायनिक वार्ड में शिफ्ट किया गया है. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल स्टाफ के गलत दवा या इंजेक्शन देने के कारण यह घटना हुई है.

अंबाला से चला प्रहार,गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन ने दुश्मन के ठिकाने किए तबाह

अंबाला भारतीय वायुसेना के बेड़े में शामिल होने के बाद राफेल लड़ाकू विमानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपनी पहली ही अग्निपरीक्षा दी। इसमें सफलता प्राप्त करते हुए वायु वीरों ने दुश्मन के दांत खट्टे कर दिए थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अंबाला स्थित 17 स्क्वाड्रन गोल्डन ऐरो ने पाकिस्तानी सीमा में घुसकर न केवल आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया, बल्कि उनके सैन्य एयरबेस और डिफेंसिव एयर पावर को भी पूरी तरह पंगु बना दिया। अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के म्यूजियम में अब इस शौर्य गाथा को ऑपरेशन सिंदूर वॉल के जरिए सार्वजनिक किया गया है। जल, थल और नभ का संयुक्त प्रहार 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों समेत 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस बर्बरता का जवाब देने के लिए भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन सिंदूर का बिगुल फूंका। रणनीति के तहत अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को फ्रंटलाइन बेस बनाया गया, जहां से राफेल और जगुआर विमानों ने दुश्मन पर गहरा प्रहार करने की कमान संभाली। राफेल और गोल्डन ऐरो की पहली जंग वायुसेना में शामिल होने के बाद राफेल का यह किसी युद्ध जैसी स्थिति में पहला मुकाबला था। एयर कमोडोर बी. सतीश (वीएम) के नेतृत्व में गोल्डन ऐरो स्क्वाड्रन ने पाकिस्तान के अंदरूनी इलाकों में सटीक लक्षित हमले किए। राफेल की अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों और लंबी दूरी की मिसाइलों के आगे दुश्मन का रडार तंत्र फेल हो गया। स्क्वाड्रन ने पाकिस्तानी सैन्य एयरबेस और उनके महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचे पर लंबे समय तक हमले जारी रखे, जिससे दुश्मन की जवाबी कार्रवाई की क्षमता ध्वस्त हो गई। पदकों से चमकी अंबाला की वीर धरा इस ऐतिहासिक ऑपरेशन में अदम्य साहस दिखाने के लिए अंबाला वायुसेना स्टेशन को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कुल 26 राष्ट्रपति पुरस्कारों से नवाजा गया है। इनमें वीर चक्र ग्रुप कैप्टन रंजीत सिंह सिद्धू और स्क्वाड्रन लीडर सार्थक कुमार के नाम हुआ। युद्ध सेवा पदक ग्रुप कैप्टन विकास वर्मा को मिला। वहीं वायु सेना पदक से ग्रुप कैप्टन दीपक चौहान, स्क्वाड्रन लीडर कौस्तुभ नलबड़े, मिहिर विवेक चौधरी और अमन सिंह नवाजे गए। मेंशन-इन-डिस्पैचेस से ग्रुप कैप्टन इंद्रजीत सिंह और विंग कमांडर एमआई संचिया समेत 19 जांबाज को सम्मानित किया गया। सभी वायु वीरों को दिल्ली में सम्मान मिला। म्यूजियम में दर्ज हुआ इतिहास अंबाला एयरबेस के म्यूजियम में बनी विशेष दीवार अब इन वीरों के नाम और उनके बलिदान की गवाह बन गई है। यह दीवार न केवल राफेल की मारक क्षमता को दर्शाती है, बल्कि उन तकनीकी श्रेष्ठताओं (उन्नत मिसाइल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम) का भी विवरण देती है, जिन्होंने इस मिशन को सफल बनाया। अंबाला ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह देश की रक्षा पंक्ति का सबसे मजबूत और अभेद्य किला है।  

सीएम योगी ने लॉन्च की डिजिटल जनगणना-2027 प्रक्रिया, घर-घर होगा डेटा संग्रह

 लखनऊ  स्वगणना के साथ गुरुवार से प्रदेश में जनगणना-2027 के पहले चरण की शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसका शुभारंभ करते हुए कहा कि जनगणना केवल लोगों की गिनती नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र और समावेशी विकास की मजबूत नींव है। लोकभवन में गुरुवार को शुभारंभ के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में पहली बार डिजिटल और जातीय जनगणना के साथ वन ग्रामों को भी इसमें शामिल किया गया है। इस दौरान सभी को सात से 21 मई तक लोगों को स्वगणना का विकल्प भी मिलेगा उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे जनगणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और सही जानकारी दें, ताकि सरकार विकास योजनाओं को सही तरीके से तैयार कर सके। आज के समय में डेटा आधारित निर्णय बेहद जरूरी हैं। जनगणना से मिलने वाले सटीक आंकड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य होगा। स्वगणना के तहत पहली बार लोग डिजिटल प्लेटफार्म पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सूचीकरण का काम करेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस बार जनगणना में जातीय गणना भी शामिल की गई है। साथ ही पहली बार वन ग्रामों को भी जनगणना प्रक्रिया में जोड़ा गया है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से पूरी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाया गया है। इसके लिए विशेष जनगणना पोर्टल तैयार किया गया है, जिससे ग्राम और वार्ड स्तर तक निगरानी की जा सकेगी। हर व्यक्ति केवल एक स्थान पर ही अपनी गणना कराए और सही व तथ्यात्मक जानकारी दे। इससे सरकार को योजनाएं बनाने और जरूरतमंदों तक सुविधाएं पहुंचाने में आसानी होगी। जनगणना से स्पष्ट होगी प्रदेश की तस्वीर प्रदेश की अनुमानित आबादी करीब 25 करोड़ 70 लाख है। जनगणना का कार्य प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जिलों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 अन्य नगरीय निकायों, 21 छावनी परिषदों, 57,694 ग्राम पंचायतों और करीब 1.04 लाख राजस्व गांवों में किया जाएगा। इस बड़े अभियान के लिए लगभग 5.47 लाख कार्मिक लगाए जाएंगे। इनमें 4.50 लाख गणनाकर्मी, 85 हजार सुपरवाइजर और 12 हजार राज्य व जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। करीब 5.35 लाख कर्मचारियों को दोनों चरणों के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।  

बंबोरी गांव में सीएम का जनता से सीधा संवाद, खाट पर बैठकर सुनी समस्याएं

 प्रतापगढ़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रतापगढ़ जिले के बंबोरी गांव में रात्रि प्रवास किया. उन्होंने देर रात तक ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया. चौपाल में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा, जनजाति विकास और अन्य स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की.       किसानों एवं पशुपालकों ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन एवं डेयरी विकास से जुड़े सुझाव दिए और युवाओं ने राज्य सरकार द्वारा रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर अपने अनुभव साझा किए.   21 लाख से अधिक महिलाएं प्रशिक्षित    मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृ शक्ति के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने से ही देश समृद्ध होगा. लखपति दीदी योजना के माध्यम से देश में मातृ शक्ति की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है. हमारी सरकार ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत 21 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है, और 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया है. उन्होंने कहा कि लखपति दीदी समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य करें. "लाभकारी खेती की तरफ बढ़ना जरूरी" मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में किसानों को लाभकारी खेती की ओर बढ़ना आवश्यक है. इसके लिए हमारी सरकार 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजन कर रही है. उन्होंने कहा कि ग्राम 2026 में प्रदेश के हजारों किसान और पशुपालक के साथ ही देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, एग्रीटेक डेवलपर, स्टार्टअप्स और कृषि प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगपति भाग लेंगे.   ऑर्गेनिक खेती अपनाने के लिए किया प्रेरित मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है. विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है. उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाने, फलदार पौधे लगाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया. उन्होंने किसानों से सोलर ऊर्जा से जुड़ने और फव्वारा प्रणाली जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया.    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूरे प्रदेश में 27 अप्रैल से ग्राम विकास रथ अभियान शुरू किया है.इसके माध्यम से हर पंचायत तक सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है.उन्होंने कहा कि इस अभियान में सरकार सुझाव पेटिका के जरिए आमजन से सुझाव ले रही है.   महिला सशक्तीकरण की दिखी प्रेरक तस्वीर ग्राम विकास चौपाल में महिला प्रभारी मंत्री, महिला संभागीय आयुक्त, महिला कलेक्टर और महिला सरपंच की उपस्थिति प्रेरक रही.मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित कर उनका सम्मान किया और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया.   गैर नृत्य के साथ सीएम स्वागत मुख्यमंत्री के आगमन पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गैर नृत्य के साथ उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ गैर नृत्य में शामिल होकर उत्साहवर्धन किया.मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार और अपनत्व से कलाकार अभिभूत नजर आए.मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रथ का अवलोकन भी किया तथा इससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली.  इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा,सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, सांसद सीपी जोशी, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभान सिंह आक्या एवं सुरेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. लखपति दीदी ने अनुभव साझा किया लखपत‍ि दीदी कांता सेने ने कहा क‍ि पहले मैंने सिलाई मशीन से काम शुरू किया, फिर गाय खरीदी. आज मेरी वार्षिक आय 1.40 लाख रुपये है. अब मैं अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हूं. ईना रावत ने कहा क‍ि पहले मैं केवल खेतों में काम करती थी, ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया, फिर बैंक सखी की ट्रेनिंग ली.  आज मेरी गांव में अलग पहचान है.  पहले कोई नहीं जानता था, अब हर कोई सम्मान से नमस्ते करता है.    स्कूली छात्रा लवीशा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बम्बोरी में विज्ञान संकाय खोलने का आग्रह किया.  छात्रा की बात सुन मुख्यमंत्री ने विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का आश्वासन दिया.