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‘गंगा बहाएगी, तिरंगा लहराएगा’: राघव चड्ढा की पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी

 चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। शुक्रवार (08 मई, 2026) को अपने इस बेबाक अंदाज में राघव चड्ढा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट करते हुए पाकिस्तान को चेतावनी दे डाली। बीजेपी सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह सुधर जाए नहीं तो वो दिन दून नहीं जब गंगा काशी से इस्लामाबाद तक बहेगी। आइए जानते हैं सांसद ने और क्या-क्या कहा। दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन पड़ोसी नहीं: राघव चड्ढा राघव चड्ढा ने कहा,'जय हिंद साथियों, ये सच्चाई है कि आप दोस्त बदल सकते हैं, लेकिन अपना पड़ोसी नहीं और अगर पड़ोसी पाकिस्तान जैसा हो, तो उसे ठीक करने के लिए कठोर दंड देना हमारा पहला कर्तव्य है। आज भारत सिर्फ पाकिस्तान नहीं बल्कि क्रूरता बर्बरता और आतंकी मानसिकता के खिलाफ है और एक जंग लड़ रहा है। हमारी सेना जिस अद्भुत वीरता और शौर्य से लड़ रही है। उससे साफ है कि इस बार आतंकवाद का खात्मा होकर रहेगा।' राज्यसभा सांसद ने आगे कहा, 'जिन परिवारों के बेटे सरहद पर दुश्मन का मुकाबला कर रहे हैं, उन परिवारों के साथ चट्टान की तरह खड़ा होना चाहिए। दुनिया जानती है कि हमारा ये वसूल है, ना हम किसी को पहले छेड़ते हैं और ना ही बाद में किसी को छोड़ते हैं। राघव चड्ढा ने सेना की प्रशंसा की आप से बीजेपी में आए राज्यसभा सांसद ने पहलगाम हमले को लेकर सेना के द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, '22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकियों ने जिस कार्यरता और क्रूरता से हमारे निहत्थे लोगों की हत्या की थी। वो मानवता के इतिहास पर एक कलंक की तरह है। तो हमने भी अपने बहनों के सिंदूर का बदला ऑपरेशन सिंदूर कि पहली इंस्टॉलमेंट से ले लिया। हमारी मिसाइलें, हमारे विमान, पाकिस्तान की छाती पर गरज रहे हैं। हमारा एयर डिफेंस सिस्टम पाकिस्तान की मिसाइलों और ड्रोन्स को मच्छर की तरह मसलकर मार रहा है।' उन्होंने कहा, 'जिन आतंकियों ने रहम की भीख मांग रही माताओं के सामने उनके कलेजे के टुकड़े को छीना था, जिन आतंकियों ने पुलवामा से लेकर उरी तक हमारे लोगों पर नापाक नजर डाली थी, जिन आतंकियों ने 2008 में मुंबई में हमारे सैकड़ों निहत्थे और बेकसूर लोगों की हत्या की थी, जिन आतंकियों ने 2001 में हमारे लोकतंत्र के मंदिर भारतीय संसद भवन पर घिनौना हमला किया, जिन आतंकवादियों ने 1993 में हमारी आर्थिक राजधानी मुंबई को सीरियल ब्लास्ट से दहला दिया था। हमारी सेना उन आतंकियों को और उनके नफरत की मानसिकता को पूरी ताकत से दफनाने में जुटी है।' काशी से लेकर इस्लामाबद तक बहेगी गंगा: राघव चड्ढा बीजेपी सांसद ने पाकिस्तान को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा, 'हम सबको आपस में एक रहना है। मुसीबत में देश की कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बनना। हमारी आर्मी, नेवी और एयर फोर्स पाकिस्तान को फिर से याद दिला रहे हैं कि ऐसे ही 1971 में उसको धूल चटाया थी। ऐसे ही पाकिस्तान के 90 हजार से अधिक सैनिको को घुटनों पर लाकर भारत ने नया बांग्लादेश बनाया था। ऐसे ही 1999 में कारगिल में हमारी सेना ने पाक के सारे नापाक इरादों को मिट्टी में मिलाया था। अबकी बार पाकिस्तान को सुधार कर रहेंगे। भारत, पाकिस्तान को चुनौती और चेतावनी दे रहा है कि सुधर जाओ, नहीं तो काशी से लेकर इस्लामाबाद तक बहेगी गंगा और रावलपिंडी में लहराएगा भारत का तिंरगा। जय हिंद।'  

सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का मिशन, यूपी में शुरू होगा बड़ा वृक्षारोपण अभियान

 लखनऊ प्रदेश में इस बार पौधारोपण सिर्फ हरियाली बढ़ाने का अभियान नहीं होगा, बल्कि सामाजिक समरसता, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन का व्यापक मिशन भी बनेगा। “नवीन विशिष्ट वनों की स्थापना” थीम के तहत सरकार ने अलग-अलग उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए कई प्रकार के वनों के विकास की योजना तैयार की है। महाअभियान कई अभिनव माडलों के जरिए प्रदेश के पर्यावरणीय परिदृश्य को नई दिशा देने का प्रयास करेगा। पिछले वर्षों की भांति इस मानसून सीजन में भी एक दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने की तैयारी है। अभियान के तहत महर्षि चरक ''औषधि वन'', ''समरस वन'', ''समृद्धि वन'', ''कृषि वन'', ''ऊर्जा वन'', ''कपि '''' और पौराणिक वनों के पुनर्स्थापन जैसी योजनाएं तैयार की हैं। इसके साथ ही विशेष तिथियों में पौधारोपण कार्यक्रमों की शृंखला भी तय की गई है, जिससे आमजन की भागीदारी सुनिश्चित हो सके। ‘विविधता में एकता’ की थीम पर आधारित समरस वन में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी पौधारोपण में होगी। ब्लाक स्तर तक पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर सामाजिक सौहार्द को मजबूत किया जाएगा। समृद्धि वन में किसानों की आय बढ़ाने वाले पौधे लगाए जाएंगे। कृषि भूमि पर विकसित किए जाने वाले समृद्धि वन से किसानों को कार्बन क्रेडिट और अतिरिक्त आय का लाभ मिलेगा। बंदरों के लिए आबादी के बाहर फलदार पौधे लगाकर ''कपि वन'' विकसित किए जाएंगे। इसके जरिए शहरों में इनके प्रवेश को रोका जाएगा। ऊर्जा वन में ऐसी प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे जिनसे ग्रामीणों को ईंधन के लिए लकड़ी मिल सके। महर्षि चरक औषधीय वन प्रत्येक जिले में औषधीय पौधों के संरक्षण और प्रचार के लिए न्यूनतम एक हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। अभियान का एक प्रमुख हिस्सा ‘मिशन छाया’ भी है, जिसके तहत गर्मी से राहत देने के लिए सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर छायादार पौधे लगाए जाएंगे। एक अध्ययन में पाया गया कि पेड़ों की छाया में तापमान में लगभग आठ डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की गई। इस मॉडल को प्रदेशभर में लागू करने की तैयारी है। प्रदेश के 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे सहित अन्य मार्गों के किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया जाएगा। मथुरा में 36 पौराणिक वनों के पुनर्जीवन के लिए 487 हेक्टेयर क्षेत्र में इको-रेस्टोरेशन कार्य किया जा रहा है। इन वनों में इस बार पारंपरिक और धार्मिक महत्व वाले पौधों का रोपण किया जाएगा। विशेष अवसरों पर भी होगा पौधारोपण 15 अगस्त: वंदे मातरम् वाटिका-‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर प्रत्येक जिले में कम से कम एक वाटिका विकसित की जाएगी, जिसमें 150 पौधे लगाए जाएंगे। इसमें ट्रस्ट, सामाजिक संगठनों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। 28 अगस्त: भाई-बहन पौधारोपण-रक्षाबंधन के दिन इसमें भाई-बहन मिलकर पौधे लगाएंगे। 5 सितंबर: ‘एक पेड़ गुरु के नाम’ अभियान-शिक्षक दिवस के दिन प्रदेश में एक पौधा गुरु के नाम पर लगाया जाएगा।  

गर्मी से राहत के लिए घर पर बनाएं शाही बादाम शरबत, दे अंदरूनी ठंडक और ऊर्जा

 चिलचिलाती गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच शरीर को अंदरूनी ठंडक देने के लिए शाही बादाम का शरबत बेहतर कुछ नहीं हो सकता. पुराने समय में यह शरबत राजा-महाराजाओं के दरबार की शान हुआ करता था जिसे खासतौर पर गर्मी के मौसम में ताजगी और ऊर्जा के लिए खूब पिया जाता था. अगर आपको भी यह शरबत पीना है तो आपको इसके लिए बाजार पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है. बाजार में मिलने वाला बादाम शरबत न केवल काफी महंगा होता है, बल्कि उसमें अत्यधिक चीनी और प्रिजर्वेटिव्स भी मिले होते हैं जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में यहां हम आपको घर पर ही शुद्ध शाही बादाम शरबत बनाने का तरीका बता रहे हैं. बादाम शरबत के लिए आपको चाहिए होंगी ये चीजें बादाम: 1 कप (रात भर भीगे हुए और छिले हुए) मिठास के लिए: आधा कप धागे वाली मिश्री या खजूर (मिश्री को चीनी का हेल्दी विकल्प माना जाता है) इलायची: 8-10 (ताजी खुशबू और ठंडक के लिए) केसर: 10-12 धागे (शाही रंग और स्वाद के लिए) खरबूजे के बीज: 2 बड़े चम्मच (ठंडक बढ़ाने के लिए) पानी/दूध: आवश्यकतानुसार बनाने का तरीका पहले पेस्ट तैयार करें छिले हुए बादाम, इलायची और खरबूजे के बीज को थोड़े से पानी या दूध के साथ मिक्सर में डालकर एक बहुत ही महीन पेस्ट बना लें. चाशनी (मिश्री का घोल) बनाएं एक बर्तन में 2 कप पानी लें और उसमें मिश्री डालकर धीमी आंच पर उबालें जब तक मिश्री पूरी तरह घुल न जाए. अगर खजूर डाल रहे हैं तो उन्हें बादाम के साथ ही पीस लें. मिश्रण को पकाएं तैयार बादाम पेस्ट को मिश्री वाले पानी में मिलाएं. इसे धीमी आंच पर 10-15 मिनट तक लगातार चलाते हुए पकाएं जब तक कि यह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए. केसर का तड़का लगाएं केसर के धागों को थोड़े गुनगुने दूध में भिगोकर मिश्रण में डाल दें. इससे शरबत को प्राकृतिक रंग और शाही खुशबू मिलेगी. स्टोर और सर्व करने का सही तरीका मिश्रण ठंडा होने के बाद इसे कांच की बोतल में भरकर फ्रिज में रख दें. सर्व करते समय एक गिलास ठंडे दूध या पानी में 2-3 चम्मच यह सिरप मिलाएं और ठंडे-ठंडे शाही बादाम शरबत का मजा लें.

एससी-एसटी छात्रों के लिए बड़ी राहत, 9.78 लाख से ज्यादा को मिला योजना का लाभ

पटना अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के 10वीं पास करने वाले छात्र-छात्राओं एवं 12वीं की परीक्षा उतीर्ण करने वाले मेधावी छात्राओं को मुख्यमंत्री मेधावृति योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके तहत पिछले 5 वर्षों में 9 लाख 78 हजार 306 छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है। इस योजना के माध्यम से छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। दसवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर 10 हजार और द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर 8 हजार रुपये तक एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस क्रम में बारहवीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर 15 हजार और द्वितीय स्थान प्राप्त करने पर 10 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाती है। ऐसे स्टूडेंट्स उठा सकते हैं लाभ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में 1 लाख 63 हजार 826 एससी-एसटी छात्र-छात्राओं ने इसका लाभ उठाया है। वहीं वर्ष 2024 में 1 लाख 87 हजार 298, 2023 में 1 लाख 64 हजार 790, 2022 में 1 लाख 58 हजार 760, 2021 में 1 लाख 40 हजार 267 और 2020 में 1 लाख 63 हजार 365 छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है। इस दौरान विभाग ने 941.31 करोड़ रुपये की राशि वितरित की है। इस उपलब्धि से न केवल छात्रों की संख्या में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों से आने वाले एससी-एसटी युवाओं में उच्च शिक्षा की ओर रुझान भी बढ़ा है। विशेष रूप से राज्य में इस योजना ने एससी-एसटी छात्र-छात्राओं को मजबूत प्रोत्साहन दिया है। इसके माध्यम से छात्र-छात्राएं अब बिना आर्थिक चिंता के शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा ले रहे है। ऐसे करें योजना में आवेदन इस वर्ष में उतीर्ण छात्र-छात्राएं जल्द ही योजना का लाभ लेने के लिए आधिकारिक वेबसाइट मेधासॉफ्ट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवश्यक दस्तावेजों में 10वीं और 12वीं की अंक-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण शामिल है।

मालगाड़ी का डिब्बा मंदसौर में पटरी से उतरा, ट्रेनों में देरी, बड़ा हादसा टला

मंदसौर  मध्य प्रदेश के मंदसौर के दलौदा में गुरुवार देर शाम को एक मालगाड़ी का एक डिब्बा पटरी से उतर गया। जानकारी के मुताबिक हादसा उस वक्त हुआ जब दलौदा से मंदसौर तक शुरू होने वाले नए रेलवे ट्रैक पर निरीक्षण का काम चल रहा था। इस हादसे के बाद दोनों तरफ की कई ट्रेनें प्रभावित हुई है। एआरटी टीम भेजी गई हादसे की सूचना रेलवे के अधिकारियों को मिलते ही रतलाम से एआरटी (एक्सीडेंट रिलिफ टीम) की टीम को घटनास्थल के लिए भेज दिया गया। जिसके बाद एआरटी की टीम ने ट्रैक शुरू करने के प्रयास प्रारंभ किए। पूरी प्रक्रिया के दौरान लगभग तीन घंटे से अधिक तक रेलवे ट्रैक पूरी तरह बंद था। 8 मई को स्पीड ट्रायल होना है बड़ी बात यह कि मंदसौर से नीमच तक के रेलवे दोहरीकरण में महज दलौदा से मंदसौर तक का करीब 14 किलोमीटर का कार्य बचा हुआ था, जो पूरा हो चुका है। इस ट्रैक का सीआरएस निरीक्षण भी वर्तमान में चल रहा है, जिसके बाद ही इसे यात्री ट्रेनों के लिए खोला जाएगा। शुक्रवार 8 मई को इस नए ट्रैक पर स्पीड ट्रायल भी होना है, लेकिन उससे पहले हुआ यह हादसा रेल्वे की कार्यशैली पर प्रश्न लगा रहा है। ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी शुरुआती जानकारी की मानें तो दोनों ट्रैक पर ट्रेनों के ट्रैक चेंजिंग पोजीशन में गड़बड़ी की झलक भी दिखाई दे रही है। घटना के प्राथमिक वीडियो में एक इंजन मौके पर खड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में इंजन से डिब्बे को लगी टक्कर भी साफ दिखाई दे रही है। हादसा और भी बड़ा हो सकता था वीडियो देखकर साफ जाहिर हो रहा है कि ट्रैक चेंजिंग में गड़बड़ी हुई है, जिससे दोनों गाड़ियों को एक ही ट्रैक पर डाल दिया गया था। उसी दौरान पीछे से आ रहे इंजन से इस मालगाड़ी के डिब्बे को टक्कर लगी और वह डिरेल हो गया। यह हादसा और भी बड़ा हो सकता था । इसी कारण रेलवे के अधिकारी कुछ भी साफ साफ कहने से बचते दिखाई दे रहे हैं। वे महज डिब्बे का पटरी से उतरने की जानकारी दे रहे हैं, लेकिन हादसे का घटनाक्रम क्या रहा, इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है।

पर्यटन मंत्री का बड़ा आदेश, निर्माण कार्यों में देरी पर होगी कठोर कार्रवाई

 लखनऊ  पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने वर्ष 2027 में होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले पर्यटन विभाग की परियाेजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा है कि स्वीकृत परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरा करते हुए 20 मई तक स्वीकृति पत्र जारी करें। निर्माणाधीन परियोजनाओं को 20 नवंबर तक हर हाल में पूरा कराया जाए। चेतावनी दी कि फाइलों को लटकाने की संस्कृति छोड़ दें, ऐसी शिकायत पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। पर्यटन भवन में आयोजित बैठक में मंत्री ने कहा कि चुनाव को देखते हुए निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा कर लोकार्पण के लिए तैयार करें। नवंबर तक परिणाम धरातल पर दिखना चाहिए। वर्ष 2017 से अब तक पर्यटन और संस्कृति, दोनाें विभागों द्वारा कराए गए कार्य, लागत, स्वीकृति और व्यय धनराशि, योजनाओं की प्रगति आदि की रिपोर्ट तैयार की जाए। मंत्री ने कहा कि कुंदरकी विधान सभा क्षेत्र में 16 अप्रैल को शिलान्यास के बाद अब तक काम शुरू नहीं हुआ है और इस संबंध में कार्यदायी संस्था एवं अधिकारियों द्वारा गलत सूचना दी गई। यह आपत्तिजनक है। निर्देश दिए कि समय-समय पर मुख्यालय से अधिकारियों की टीम फोटोग्राफर सहित मौके पर जाकर कार्य की प्रगति का भौतिक सत्यापन करे। परियोजनाओं में विलंब होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था और अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। आगरा और मथुरा में हेलीपोर्ट को संचालित किया जाए। जिलाें के स्थापना दिवस पर महोत्सव का आयोजन कराया जाए। अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात ने निर्देश दिए कि जो कार्य शुरू किए गए हैं, उन्हें समय से पूरा किया जाए। भुगतान के लिए समय सारिणी निर्धारित की जाए। बैठक में विशेष सचिव पर्यटन मृदुल चौधरी, प्रबंध निदेशक यूपीएसटीडीसी आशीष कुमार, निदेशक ईको पर्यटन पुष्प कुमार के., विशेष सचिव संस्कृति संजय कुमार सिंह, पर्यटन सलाहकार जेपी सिंह, क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी अंजू चौधरी, संयुक्त निदेशक प्रीति श्रीवास्तव, प्रचार अधिकारी कीर्ति आदि मौजूद थे।  

शनि जयंती 2026 में दुर्लभ संयोग, वृषभ से धनु तक इन राशियों को मिल सकता है लाभ

 इस साल शनि जयंती 16 मई 2026, शनिवार के दिन मनाई जाएगी. खास बात यह है कि शनि जयंती इस बार शनिवार को पड़ रही है, जिसे ज्योतिष में बेहद खास संयोग माना जा रहा है. इसके अलावा, शनि जयंती के दिन अन्य संयोग भी बन रहे हैं जिसमें चंद्रमा का गोचर, अमावस्या तिथि का रहना, शोभन योग और भरणी नक्षत्र का संयोग. यह दुर्लभ संयोग शनि जयंती पर करीब 15 साल बाद बन रहा है. पंचांग के अनुसार, पूरे दिन अमावस्या तिथि का प्रभाव रहेगा. शाम के समय चंद्रमा राशि परिवर्तन करेंगे और रात तक वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे. इसलिए यह दिन ज्योतिष के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मान्यताओं के अनुसार, इस खास संयोग का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 4 राशियों के लिए यह समय राहत और अच्छे बदलाव लेकर आ सकता है. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए शनि जयंती का समय काफी फायदेमंद माना जा रहा है. पिछले कुछ समय से अगर आर्थिक परेशानियां चल रही थीं, तो अब उनमें धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है. रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है. पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है. बचत बढ़ाने के मौके भी बनेंगे. कामकाज में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है. बिजनेस करने वालों को नए लोगों से फायदा मिल सकता है. वहीं नौकरी करने वाले लोगों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है. परिवार में भी माहौल पहले से शांत और बेहतर रहेगा. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर में आगे बढ़ने वाला साबित हो सकता है. ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है और बड़े अधिकारी आपसे खुश नजर आ सकते हैं. नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिलने की संभावना बन रही है. जो लोग नौकरी बदलने की सोच रहे हैं या नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अच्छे मौके मिल सकते हैं. व्यापार करने वालों के लिए भी समय ठीक रहेगा. लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं. आर्थिक स्थिति में भी धीरे-धीरे मजबूती आएगी. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय राहत भरा माना जा रहा है. जिन लोगों के काम लंबे समय से अटके हुए थे, उनमें अब तेजी देखने को मिल सकती है. खासकर जमीन, मकान या कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सकारात्मक खबर मिल सकती है. इस दौरान आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. लोग आपकी बातों को महत्व देंगे. नौकरी और बिजनेस दोनों में स्थिति बेहतर हो सकती है. परिवार के साथ रिश्ते मजबूत होंगे. मानसिक तनाव भी कम हो सकता है. धनु राशि धनु राशि वालों को इस दौरान किस्मत का साथ मिल सकता है. कई काम जो पहले रुक रहे थे, अब आसानी से पूरे होते नजर आएंगे. अचानक धन लाभ मिलने के योग भी बन रहे हैं. नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं. धार्मिक और आध्यात्मिक चीजों में मन ज्यादा लग सकता है. किसी यात्रा का प्लान भी बन सकता है, जो आपके लिए शुभ साबित हो सकती है. इस समय आप खुद को पहले से ज्यादा सकारात्मक और ऊर्जावान महसूस करेंगे.

मौसम का बदला मिजाज बना खतरा, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी

पटना  बिहार में अप्रैल-मई महीने में आंधी, बारिश और ठनका का कहर देखा जा रहा है। वज्रपात की चपेट में आने और आंधी में पेड़ गिरने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई। बारिश के कारण गर्मी की तपिश से राहत मिली है। पर मौसम का मिजाज लोगों को डरा रहा है। आज राज्य के 15 जिलों में ठनका और आंधी के साथ वर्षा का ऑरेंज अलर्ट मौम विभाग की ओर से जारी किया गया है। छह जिलों में लोगों को यथा संभव घरों में रहने की सलाह दी गई है। पूरे प्रदेश के किसानों को मौसम पर नजर रखते हुए खेती-बारी का कार्य करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि राज्य के पूर्णिया, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर किशनगंज, अररिया, कटिहार, मधेपुरा, सुपौल, सहरसा, मधुबनी, और समस्तीपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश और ठनका गिरने की संभावना बनी हुई है। इन जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में वज्रपात की भी चेतावनी दी गई है आज और कल गर्मी संग उमस तो 10 को बारिश बीएयू, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार एवं शनिवार को जहां आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे और धूप-छांव के बीच लोगों को गर्मी व उमस का एहसास होगा। वहीं 10 एवं 11 मई को धूल भरी आंधी के बीच जिले में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है। दिन में गर्मी-उमस ने किया परेशान भागलपुर में गुरुवार को आई आंधी-बारिश से जहां मौसम सुहाना हो गया था। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली तो बिजली की गड़गड़ाहट के बीच हल्की बारिश हुई। इस बारिश को भारतीय मौसम विभाग के पैमाने पर 8.5 मिमी मापा गया। वहीं दिन में धूप-छांव से उपजे गर्मी व उमस से लोग परेशान रहे। बारिश के कारण जहां न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। वहीं पूर्वाह्न 11:30 बजे तक चमकी धूप व इसके बाद छाए बादल के कारण गर्मी का तेवर चढ़ गया और दिन का पारा ढाई डिग्री सेल्सियस तक उछल गया। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.2 व न्यूनतम 19.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य तापमान से क्रमश: पांच व 4.3 डिग्री सेल्सियस नीचे रहा।

गर्मियों के लिए हेल्दी डेजर्ट, चिया पुडिंग से पाएं ठंडक और एनर्जी

 गर्मियों के मौसम में भारी और तला-भुना खाने के बजाय कुछ हल्का और ठंडा खाने की इच्छा होती है. खासतौर पर दोपहर के भोजन और डिनर के बाद कुछ ठंडा और मीठा खाने की क्रेविंग बहुत ज्यादा होती है लेकिन कैलोरी के डर से हम मन मार लेते हैं. ऐसे में आलिया भट्ट की फेवरेट चिया पुडिंग आपके लिए बहुत ही बेहतरीन डेजर्ट साबित हो सकती है. चिया पुडिंग ओमेगा-3, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती है जो ना केवल आपके मीठी की क्रेविंग भी शांत करती है बल्कि आपको लंबे समय तक तृप्त भी रखती है. साथ ही चिलचिलाती गर्मी में शरीर को ठंडक भी पहुंचाती है. आलिया कुछ समय पहले अपने एक वीडियो में चिया पुडिंग की रेसिपी भी बताई थी. चिया पुडिंग के लिए आपको चाहिए होगी ये चीजें चिया सीड्स: 3-4 बड़े चम्मच दूध (बादाम, नारियल या सामान्य दूध): 1 कप शहद या मेपल सिरप: 1 बड़ा चम्मच (स्वादानुसार) वनीला एसेंस: 2-3 बूंदें (वैकल्पिक) ताजे फल: आम, बेरीज या केला (बारीक कटे हुए) मेवे: बादाम, पिस्ता या अखरोट बनाने का तरीका इसके लिए सबसे पहले एक कांच के जार या कटोरे में चिया सीड्स और दूध को अच्छी तरह मिला लें. इस मिश्रण को ढककर कम से कम 2-4 घंटे या रात भर के लिए फ्रिज में रख दें. जब चिया सीड्स फूलकर जेल जैसा गाढ़ा हो जाएं तो उसे फ्रिज से निकालें. अब इसमें शहद और वनीला एसेंस डालें और दोबारा चलाएं ताकि गांठें न बनें. ऊपर से कद्दू के बीज, कटे हुए अखरोट और बादाम डालें. आप चाहें तो इसमें कटे हुए फल भी मिला सकते हैं. आपकी ठंडी-ठंडी चिया पुडिंग तैयार है.

राज्य कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: अरुणाचल प्रदेश सरकार ने बढ़ाया महंगाई भत्ता

ईटानगर केंद्र सरकार ने अप्रैल महीने में अपने कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 फीसदी हो गया है.केंद्र सरकार के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के बाद अब राज्‍य सरकारें भी अपने कर्मचारियों को तोहफा देने लगी हैं।  अरुणाचल प्रदेश सरकार ने अब 7वें वेतन आयोग के तहत सेवारत कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत (DR) में दो प्रतिशत की  बढ़ोतरी का ऐलान किया है. बीते 6 मई को अरुणाचल प्रदेश ने इसका ऐलान किया।  राज्‍य सरकार पर पड़ेगा इतना बोझ  अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक बयान में कहा गया है कि DA और DR में बढ़ोतरी एक जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी. सरकारी बयान में कहा गया है कि मई 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत, मासिक वेतन और पेंशन के साथ दिया जाएगा. इससे राज्य भर में 69,248 नियमित कर्मचारी और 40,477 पेंशनभोगी लाभ मिलेगा. इस बढ़ोतरी के कारण सालान बोझ करीब 100.54 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।  किसे मिलेगा महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का लाभ?  इसके अलावा, कर्मचारियों को जनवरी से अप्रैल तक की अवधि का बकाया भी आने वाली सैलरी के साथ भेजा जाएगा. बकाया पर कुल वित्तीय बोझ करीब 33.51 करोड़ रुपये होने का अनुमान है. बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता अरुणाचल प्रदेश सरकार के तहत काम करने वाले अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों, राज्‍य सरकार में काम करने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों और राज्‍य सरकार के सभी रेगुलर कर्मचारियों को दिया जाएगा।  इस राज्‍य सरकार ने भी की है बढ़ोतरी  अरुणाचल के अलावा, अप्रैल में एक और राज्‍य सरकार ने महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा दिया है. राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि की है. राजस्‍थान सरकार के इस फैसले से 12 लाख से ज्‍यादा कर्मचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिलेगा. सातवें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता और महंगाई राहत अब 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है और यह निर्णय एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगा।   राज्‍य सरकार के इस फैसले से लगभग 7.02 लाख राज्य कर्मचारी और 5.44 लाख पेंशनभोगी को लाभ होगा. इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 1,156 करोड़ रुपये का एक्‍स्‍ट्रा बोझ पड़ने की संभावना है।