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मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिला प्रशासन ने वितरित की मुआवजा राशि

रायपुर : हाथी के हमले में जान गंवाने वाले ग्रामीणों के परिजनों को त्वरित राहत पीड़ितों को मिली राहत: मंत्री लक्ष्मी Rajwade के प्रयास से वितरित हुआ मुआवजा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल पर सूरजपुर जिला प्रशासन ने वितरित की मुआवजा राशि रायपुर महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देशों पर जिला प्रशासन और वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए सूरजपुर जिला के कल्याणपुर में हाथी हमले के शिकार हुए हितग्राहियों के परिजनों को मुआवजा राशि का वितरण कर दिया है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया था कि पीड़ित परिवारों को बिना किसी विलंब के सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।   सूरजपुर जिले के कल्याणपुर निवासी दो ग्रामीणों की हाथी हमले में मृत्यु होने के पश्चात, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (सूरजपुर मंडल) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत त्वरित कार्रवाई की गई। विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, दोनों प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा राशि स्वीकृत कर वितरित की गई है, जिनमें हितग्राही श्रीमती कांति भोई को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में 5 लाख 50 हजार रूपए एवं श्रीमती राजेश्वरी सिंह श्याम को डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खाते में 5 लाख 50 हजार रूपए भेज दी गई है। साथ ही डिविजनल फारेस्ट ऑफिसर सूरजपुर को 50-50 हजार रूपए डीबीटी के माध्यम से प्रदान किया गया है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े जी ने कहा कि क्षेत्र की जनता की सुरक्षा और संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना सुशासन सरकार की प्राथमिकता है। हाथी-मानव द्वंद्व को कम करने के लिए प्रशासन सजग है और प्रभावितों को हर संभव मदद दी जाएगी। इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिला है, जिसके लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मंत्री श्रीमती राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया है।

बिना गार्ड वाले ATM बनते थे निशाना: जालंधर पुलिस ने लुटेरे गिरोह का किया पर्दाफाश

जालंधर जालंधर देहात पुलिस ने एटीएम लूट की बड़ी वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने भोगपुर के यूके बैंक और किशनगढ़ के एसबीआई बैंक के एटीएम को निशाना बनाने वाले तीन आरोपियों कमलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया। जालंधर के एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि बीती 1 और 2 मई की मध्यरात्रि को अपराधियों ने दो अलग-अलग जगहों पर एटीएम लूटने की कोशिश की थी। पहली वारदात भोगपुर स्थित यूके बैंक के एटीएम में हुई और दूसरी किशनगढ़ में एसबीआई बैंक के एटीएम में। इन घटनाओं की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत विशेष टीमों का गठन किया। तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और गिरोह के तीन मुख्य सदस्यों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कमलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। ड्राइवर बनकर करते थे रेकी पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पेशे से ड्राइवर हैं। अपनी इसी नौकरी की आड़ में वे अलग-अलग रूटों पर जाते थे और ऐसे एटीएम की पहचान करते थे जहां सुरक्षा के इंतजाम पुख्ता नहीं होते थे। एसएसपी विर्क ने बताया कि यह गिरोह विशेष रूप से उन एटीएम को टारगेट करता था, जहां रात के समय कोई सिक्योरिटी गार्ड तैनात नहीं होता था। वारदात से पहले आरोपी कई दिनों तक उस इलाके की रेकी करते थे ताकि पुलिस की गश्त और स्थानीय हलचल का पता लगा सकें। हथियार और वाहन बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वह गाड़ी भी बरामद की है, जिसका इस्तेमाल वे वारदात के बाद भागने के लिए करते थे। इसके अलावा, एटीएम मशीन को काटने और तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कटर और अन्य लोहे के औजार भी पुलिस ने जब्त किए हैं। पुलिस का मानना है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी से इलाके में एटीएम लूट की घटनाओं पर लगाम लगेगी। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने पहले कितनी और वारदातों को अंजाम दिया है। रिमांड पर शुरू हुई पूछताछ पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस ने उनका रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ करेगी। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके द्वारा की गई पिछली वारदातों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि चोरी किए गए कैश को वे कहां ठिकाने लगाते थे।  

प्रधानमंत्री के आहवान पर लग्जरी कार छोड़ इलेक्ट्रिक स्कूटी से मंत्रालय पहुंचे ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा डीजल , पेट्रोल की बचत करने के लिए वाहनों के कम से कम उपयोग के देशव्यापी आव्हान का असर अब मध्यप्रदेश में भी दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री के आहवान के बाद ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने मंगलवार को इस पर अमल शुरू कर दिया है। ऊर्जा मंत्री  तोमर भोपाल में इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहन से न केवल सड़कों पर घूमते नजर आए, बल्कि भोपाल स्थित अपने शासकीय बंगले सी-18 शिवाजी नगर से मंत्रालय भी इसी वाहन से पहुंचे। ऊर्जा मंत्री  तोमर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत करते हैं और उनकी अपील का अनुसरण करते हुए इसका पालन कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह सभी से अपील करेंगे कि वह भी पेट्रोल डीजल का कम से कम इस्तेमाल करें और अत्याधिक आवश्यकता होने पर ही डीजल-पेट्रोल वाहनों का उपयोग करें। मंत्री  तोमर ने कहा कि इससे विदेशों पर हमारी निर्भरता कम होगी और पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि अपनी विधानसभा में भ्रमण के दौरान भी वह इलैक्ट्रिक दोपहिया वाहन का ही इस्तेमाल करेंगे।  

‘आरोप साबित हुए तो सियासत छोड़ दूंगा’: AAP MLA का मजीठिया पर तीखा वार

लुधियाना लुधियाना हलका सेंट्रल से आम आदमी पार्टी के विधायक अशोक पराशर पप्पी ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार, ठगी और अवैध वसूली के गंभीर आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। एक दिन पहले अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और विधायक के कथित पूर्व पीए। घर को ही प्रेस क्लब बना लिया है प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विधायक अशोक पराशर पप्पी अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर जमकर बरसे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा मजीठिया ने अपने घर में ही एक प्रेस क्लब खोल रखा है। जो कोई भी झूठी कहानी लेकर उनके पास पहुंच जाता है, उसे वो अपने साथ बिठा लेते हैं और बिना किसी जांच-पड़ताल के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देते हैं। विधायक ने बड़ी चुनौती देते हुए कहा कि अगर मजीठिया और निखिल सभरवाल अपनी बातों में जरा भी सच्चे हैं तो वे मेरे साथ गुरु घर (गुरुद्वारा साहिब) चलें। वहां पांच प्यारे बैठें और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करें। अगर मैं इस जांच में दोषी या गलत पाया गया तो मैं उसी वक्त हमेशा के लिए सियासत छोड़ दूंगा। निखिल एक हैकर है, जिन खातों की बात हो रही वो मेरे हैं ही नहीं कल निखिल द्वारा मीडिया के सामने जारी की गई बैंक स्टेटमेंट पर सफाई देते हुए विधायक ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया। उन्होंने कहा कि जिन बैंक खातों के नंबर दिखाकर पैसे ट्रांसफर होने के दावे किए जा रहे हैं असल में उन बैंकों में उनका या उनके किसी परिवार वाले का कोई अकाउंट ही नहीं है। विधायक ने निखिल को एक शातिर इंसान और हैकर बताते हुए कहा कि इसने पहले भी एक अन्य व्यक्ति की आईडी हैक की थी। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे इस पूरे झूठे प्रकरण को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। कल मजीठिया और निखिल ने लगाए थे ये आरोप यह सारा विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक के दफ्तर इंचार्ज रहे निखिल सभरवाल जो की चाय का कम करता था बिक्रम सिंह मजीठिया से मुलाकात की। दोनों ने संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मजीठिया ने आम आदमी पार्टी को एक बिजनेस मॉडल बताते हुए विधायक और उनके बेटे पर करोड़ों रुपए ऐंठने का आरोप लगाया था। 30 लाख की ट्रांजेक्शन का दावा निखिल ने बैंक स्टेटमेंट सार्वजनिक करते हुए आरोप लगाया था कि 24 अप्रैल 2024 को नगर निगम के एक बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने उसके (निखिल के) खाते में 30 लाख रुपए डाले थे। उसका दावा था कि अगले ही दिन इसमें से 15 लाख रुपए विधायक पप्पी पराशर के खाते में और 99 हजार रुपए उनके बेटे के खाते में ट्रांसफर किए गए। बकाया 14 लाख रुपए कैश निकालकर उसने विधायक को सौंपे थे। मजीठिया ने सवाल उठाया था कि एक इंस्पेक्टर किस हैसियत से निखिल को 30 लाख रुपए दे रहा है? उन्होंने इस मामले में ED की जांच की मांग की थी। डीसी रेट पर भर्ती के लिए 1 लाख रुपए फीस निखिल ने खुद को विधायक के दफ्तर का इंचार्ज बताते हुए अपना आईडी कार्ड भी दिखाया था। उसने दावा किया कि विधायक की तरफ से डीसी रेट पर सरकारी विभागों (39 क्लर्क और 87 कर्मचारी) में भर्ती करवाने के लिए प्रति व्यक्ति एक लाख रुपए की फीस तय की गई थी। निखिल के मुताबिक, उसने 100 से ज्यादा लोगों से पैसे लेकर विधायक को पहुंचाए। नौकरी से निकाला और धमकियां दीं निखिल ने आरोप लगाया कि जब लोगों की भर्तियां नहीं हुईं और वे पैसे वापस मांगने विधायक के दफ्तर आने लगे (जिनमें निखिल के रिश्तेदार भी थे), तो खुद को फंसता देख विधायक ने 2 साल पहले उसे नौकरी से निकाल दिया। उलटा, एसीपी सेंट्रल से कहकर उसी पर ठगी का पर्चा (FIR) दर्ज करवा दिया और सारा दोष उसके सिर मढ़ दिया। निखिल ने वीडियो जारी कर यह भी कहा था कि विधायक ने उसे शहर छोड़ने की धमकी दी है और कहा है कि अगर उसने कहीं उनका नाम लिया तो उसके घर के 2-3 लोगों को मरवाने में उन्हें कोई हिचक नहीं होगी।  

प्रमाण पत्र जारी करने में लापरवाही पड़ी भारी, गोंडा के पंचायत सचिवों पर कार्रवाई तय

गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में ग्राम पंचायत सचिवालयों से आमजन को मिलने वाली सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले ग्राम पंचायत सचिवों पर अब कार्रवाई तय मानी जा रही है। डीपीआरओ लालजी दूबे ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए सभी सहायक विकास अधिकारियों (पंचायत) और ग्राम पंचायत सचिवों को पंचायत भवनों से नियमित रूप से प्रमाण पत्र जारी कराने के निर्देश दिए हैं। डीपीआरओ ने चेतावनी दी है कि लापरवारी पर मई माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी। डीपीआरओ कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि शासन के निर्देशों के बावजूद जिले की कई ग्राम पंचायतों में सीएससी के माध्यम से प्रमाण पत्र जारी करने का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। विभागीय समीक्षा में सामने आया कि जिले की कुल 1192 ग्राम पंचायतों में से वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक केवल 431 ग्राम पंचायतों द्वारा ही प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि 761 ग्राम पंचायतों में अभी तक यह कार्य शुरू भी नहीं हो पाया है। पत्र में पंचायत सहायकों और वीएलई के माध्यम से प्रत्येक ग्राम पंचायत में हर माह कम से कम 100 प्रमाण पत्र जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र शामिल हैं। विकासखंडवार समीक्षा में इटियाथोक, करनैलगंज और पंडरी कृपाल ब्लॉक की स्थिति बेहतर पाई गई, जबकि कई विकासखंडों में कार्य संतोषजनक नहीं मिला। डीपीआरओ लालजी दूबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि मई माह तक जिन ग्राम पंचायतों में प्रमाण पत्र जारी नहीं होंगे, वहां कार्यरत संबंधित ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोक दिया जाएगा। काम न करने वाली कार्यकत्रियों की संविदा होगी समाप्त मनकापुर ब्लाक सभागार में बाल विकास परियोजनाधिकारी रमा सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जिस कार्यकत्री के काम में लापरवाही मिली उसे नोटिस देने के बाद संविदा समाप्त करने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। बैठक में ब्लॉक की समस्त आंगनबाडी कार्यकत्रियों के कार्यों की समीक्षा की गई। जिन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के कार्यों में शिथिलता पाई गई। उन्हें कडी फटकार लगाते हुए शासन की मंशानुसार काम पूरा करके पोर्टल पर अपलोड करने की हिदायत दी गई। सीडीपीओ ने प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना की समीक्षा के दौरान सभी गांवों से लाभार्थियों का आवेदन लेकर योजना का लाभ दिलवाने का निर्देश दिया। कहा कि इस योजना में कोताही कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा। अपार आईडी बनवाने पर विशेष जोर देने के साथ समुदाय आधारित गतिविधियों को सम्पन्न कराने का निर्देश दिया।

अब टैंकर नहीं, सीधे गंगाजल से बुझेगी फरीदाबाद की प्यास

फरीदाबाद औद्योगिक नगरी से गंगाजल केवल 35 किलोमीटर दूर है। जिले को गंगाजल हापुड़ जिले के डेहरा गांव के पास से गुजर रही अपर गंगा कैनाल से मिलेगा। वहां से पाइप लाइन यमुना नदी को पार करते हुए जिले के अमीपुर गांव तक बिछाई जाएगी। यहीं पर इस पानी को साफ करने का प्लांट भी लगाया जाएगा। इसके बाद यह पानी शहर में भेजा जाएगा। सिंचाई विभाग ने इसका पूरा रूट तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया है। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जल्द जलशक्ति मंत्री और उत्तर प्रदेश के मंत्री से मुलाकात करेंगे पता चला है कि इसी सप्ताह में दिल्ली में यह मुलाकात हो सकती है। इसके बाद योजना को सिरे चढ़ाया जाएगा। याद रहे गंगाजल को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी काफी गंभीर हैं। इसलिए अधिकारियाें को जल्द योजना का खाका तैयार करने के आदेश दिए गए थे। 3500 एमएम मोटाई की होगी पाइप लाइन दिनभर में अधिक गंगाजल आ सके, इसलिए 3500 एमएम मोटाई वाली पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसमें एक दिन में 500 एमएलडी पानी शहर में आ सकेगा। इतना पानी आने वाले 25 साल के लिए काफी होगा। इस लाइन को डालने में कहीं कोई अड़चन भी नहीं होगी, क्योंकि जहां से लाइन आएगी, वह पूरी जमीन उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की है। इसके बाद यमुना नदी और फिर अमीपुर गांव, यहां हरियाणा सिंचाई विभाग की जमीन है। बाकी प्लांट लगाने के लिए जमीन भी आसानी से मिल जाएगी। शहर तक लाइनें पहले से ही बिछी हुई हैं और योजना स्वीकृत होने के बाद नए सिरे से लाइन बिछा दी जाएंगी। मांग-आपूर्ति में बड़ा अंतर शहर की आबादी 30 लाख से अधिक है। शहर में पेयजल आपूर्ति की मांग 450 एमएलडी और आपूर्ति 330 एमएलडी हो रही है। यमुना नदी किनारे 22 रेनीवेल लगे हुए हैं। 12 और लगाने शुरू कर दिए हैं। फिलहाल शहर में पेजयल किल्लत है। मांग व आपूर्ति में अधिक अंतर होने की वजह से शहर की काफी आबादी टैंकरों के पानी पर निर्भर है। नगर निगम द्वारा टैंकर मुहैया नहीं कराए जाते। लोगों को अपने स्तर पर इंतजाम करना होता है। सबसे अधिक दिक्कत अरावली पहाड़ी के आसपास व एनआइटी क्षेत्र में है। पेयजल मुद्दे को लेकर जनप्रतिनिधि भी आमने-सामने हो जाते हैं। पेयजल सप्लाई को लेकर भेदभाव के आरोप लगते हैं। हांफने लगे हैं रेनीवेल मानसून में ही यमुना नदी में पानी होता है, बाकी महीनों में यह नाले के रूप में बहती है। इसलिए नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल का भूजल लगातार खिसक रहा है। इसलिए चिंता बढ़ गई है। अब एफएमडीए और रेनीवेल लगा तो रहा है लेकिन अगले 20 से 30 साल के लिए अभी से पूरा इंतजाम करना जरूरी हो गया है। यमुना नदी किनारे लगे हुए रेनीवेल का भूजल स्तर हर साल खिसक रहा है। इसलिए आने वाले कुछ साल में और दिक्कत हो सकती है। इसलिए गंगा जल लाने की योजना पर काम किया जा रहा है। यह योजना स्वीकृत हो जाती है तो कई दशक तक पानी की दिक्कत नहीं होगी।     – विशाल बंसल, मुख्य अभियंता, एफएमडीए     हमारी ओर से पूरी तैयारी है। योजना का पूरा खाका तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवा दिया है। स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।     – गौरव लांबा, कार्यकारी अभियंता, सिंचाई विभाग  

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर नर्सों के सम्मान में नर्सिंग संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की घोषणा की

रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस पर राज्य की नर्सों के सम्मान में नर्सिंग संवर्ग के पदनाम परिवर्तन की बड़ी घोषणा की है। इस घोषणा के अनुसार "नर्सिंग सिस्टर" अब "सीनियर नर्सिंग ऑफिसर" कहलाएंगी जबकि स्टाफ नर्स का नाम नर्सिंग ऑफिसर होगा।     डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेस दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ये घोषणा की है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नर्सिंग अधिकारी व नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ अस्पताल के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों की सेवा में नर्सों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो दिन-रात समर्पण भाव से मरीजों की देखभाल कर उन्हें नया जीवन देने का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा में मानवीय संवेदनाओं और सेवा भाव का सबसे बड़ा उदाहरण नर्सिंग स्टाफ प्रस्तुत करता है।  उन्होंने कोविड काल में नर्सिंग स्टाफ की सेवाओं को याद करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने समर्पण और सेवा भाव के साथ कार्य किया। चिकित्सा सेवा में नर्स माँ के समान होती है। उनका दर्जा माँ के समान उच्च है क्योंकि वे मरीजों की देखभाल परिवार की तरह करती हैं।  स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। वर्षों से लंबित कई सुविधाओं और व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने सीनियर नर्सिंग ऑफिसर डॉ. रीना राजपूत, नीलिमा शर्मा, रंजना सिंह ठाकुर, सुमन देवांगन, कोमेश्वरी नवरंगे, प्रगति सतपुते, शीतल सोनी और नमिता डेनियल सहित पूरे नर्सिंग ऑफिसर को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की।

अंबाला बना मिसाल: फसल अवशेष प्रबंधन से बढ़ रही मिट्टी की उर्वरता और खेती का लाभ

फरीदाबाद  हरियाणा में गेहूं कटाई के बाद फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर किसानों में काफी जागरूकता देखने को मिल रही है. दरअसल पहले जहां खेतों में बचे डंठलों (फाने) और पराली को जला दिया जाता था. वहीं अब किसान वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे रहे हैं, बल्कि अपनी भूमि की उर्वरता भी बढ़ा रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फसल अवशेष जलाना खेती के लिए हानिकारक कदम है, क्योंकि इससे मिट्टी के लाभकारी सूक्ष्म जीव नष्ट हो जाते हैं. जैविक कार्बन की मात्रा घटती है और खेत की उत्पादक क्षमता प्रभावित होती है. साथ ही इससे निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण और तापमान वृद्धि का कारण बनता है, यही वजह है कि कृषि विभाग लगातार किसानों को जागरूक कर रहा है और इसके साथ ही फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर कई जगह कानूनी कार्रवाई भी की जा रही हैं. पराली को जलाया नहीं बल्कि मिट्टी में मिला दिया बता दे कि इस दिशा में अंबाला जिला पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है. क्योंकि इस वर्ष जिले में गेहूं की कटाई पूरी होने के बाद किसानों ने फसल अवशेषों का प्रबंधन अत्यंत जिम्मेदारी के साथ किया है. फसलों के फाने (डंठलों) को जलाने के बजाय किसानों ने रोटावेटर, हैप्पी सीडर और मल्चर जैसी आधुनिक मशीनों का उपयोग करके उन्हें मिट्टी में मिला दिया. इससे अवशेष धीरे-धीरे सड़कर प्राकृतिक खाद में परिवर्तित हो जाते हैं, जिससे मिट्टी में उर्वरक शक्ति बढ़ती है और जल धारण क्षमता मजबूत होती है. खासतौर पर इस वैज्ञानिक पद्धति से खेत की सेहत सुधरती है और आने वाली फसलों को बेहतर पोषण मिलने के साथ साथ पशुओं के लिए भूसे की व्यवस्था भी होती हैं. ढैंचा की खेती के लिए किया जा रहा जागरूक कृषि विभाग की निरंतर जागरूकता का परिणाम है. कृषि वैज्ञानिक ने बताया कि गेहूं कटाई के बाद खाली पड़े खेतों का बेहतर उपयोग करने के लिए किसानों को ढैंचा की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है. क्योंकि ढैंचा एक महत्वपूर्ण दलहनी हरी खाद फसल है, जो मिट्टी में नाइट्रोजन स्थिर करती है और भूमि की प्राकृतिक उर्वरता को बढ़ाती है. इसकी खेती के लिए प्रति हेक्टेयर लगभग 25 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है ओर बुवाई के 30 से 40 दिन बाद इस फसल को खेत में पलटकर मिट्टी में मिला दिया जाता है, जिससे जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है. रासायनिक खाद से कम होती है उर्वरता लगातार यूरिया और डीएपी जैसे रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी के लाभकारी जीवों की संख्या घट रही है, जिससे भूमि की शक्ति कमजोर हो रही है और खेती की लागत बढ़ रही है.उन्होंने कहा कि ऐसे में ढैंचा जैसी हरी खाद फसलें किसानों के लिए कम खर्च में अधिक लाभ देने वाला विकल्प साबित हो रही हैं. सरकार भी इस पहल को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रति एकड़ ढैंचा की खेती पर 1,000 रुपये का अनुदान दे रही है तथा बीज सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है. वहीं अंबाला जिले के किसानों ने यह साबित कर दिया है कि यदि आधुनिक तकनीक, सरकारी योजनाओं और वैज्ञानिक सोच को अपनाया जाए तो खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है. फसल अवशेष न जलाने और हरी खाद को अपनाने की यह पहल हरियाणा के अन्य जिलों के किसानों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है.

इजरायली PM ने भारत को लेकर कही बड़ी बात: बोले- भारतीयों का इजरायल के प्रति प्यार अद्भुत

नई दिल्ली इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर भारत की दिल खोलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा है कि भारत में इजरायल के लिए बेशुमार प्यार है। इस दौरान नेतन्याहू ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है कि दुनियाभर में इजरायल अलग-थलग पड़ता जा रहा है। नेतन्याहू ने आरोप लगाया कि मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए इजरायल को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। अमेरिकी न्यूज प्रोग्राम '60 मिनट्स' को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू ने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में इजरायल के लिए जो सम्मान है, वह असाधारण है। अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए नेतन्याहू ने कहा, “मेरी भारत यात्रा किसी 'लव फेस्ट' यानी प्यार के उत्सव जैसी थी। वहां की जनता के मन में इजरायल के लिए गहरी सहानुभूति और सम्मान है।” वहीं PM मोदी का जिक्र करते हुए उन्होंने याद किया कि जब प्रधानमंत्री मोदी इजरायल आए थे, तो उनका स्वागत भी उतनी ही गर्मजोशी से किया गया था। नेतन्याहू ने आगे कहा कि उनकी पत्नी सारा और उन्हें भारत में जो प्यार मिला, वह दिखाता है कि इजरायल दुनिया में अकेला नहीं है। इजरायल के खिलाफ चल रहा प्रोपेगैंडा… नेतन्याहू ने आगे आरोप लगाया कि कुछ देश सोशल मीडिया के जरिए इजरायल को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी मीडिया और सोशल मीडिया पर इजरायल के खिलाफ गलत नैरेटिव सेट किया जा रहा है। इजरायली पीएम ने आगे स्वीकार किया कि वे अब तक इस 'प्रोपेगेंडा' का प्रभावी ढंग से मुकाबला नहीं कर पाए हैं, लेकिन अब इजरायल इस इन्फॉर्मेशन वॉर में पलटवार करने के लिए तैयार है। ईरान युद्ध को लेकर क्या दावा? इंटरव्यू के दौरान नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ की गई गुप्त सैन्य कार्रवाइयों पर भी बात की। उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े 20 वैज्ञानिकों को मार गिराया दिया है। नेतन्याहू ने बताया कि 'ऑपरेशन राइजिंग लॉयन' के तहत शुरुआती एक मिनट के भीतर ही 12 वैज्ञानिकों को ढेर कर दिया गया था, जबकि 8 बाद में मारे गए। उन्होंने दावा किया कि इन ऑपरेशनों ने ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को काफी पीछे धकेल दिया है।

आसमान से बरस रही आग: मध्यप्रदेश में दिन ही नहीं, रातें भी हुईं तपती; मौसम विभाग की चेतावनी

भोपाल मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती सिस्टम का असर खत्म होते ही प्रदेश में चिलचिलाती गर्मी की शुरुआत हो गई है. हालात यह हैं कि सोमवार को रतलाम में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि मालवा-निमाड़ के कई जिले भी भीषण गर्मी और लू की गिरफ्त में आ चुके हैं. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. वहीं दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं, जिससे लोगों को चौबीस घंटे गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। रतलाम बना प्रदेश का सबसे गर्म शहर मध्य प्रदेश में सबसे अधिक तापमान रतलाम में दर्ज किया गया, जहां पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. यह सामान्य से करीब 5.7 डिग्री अधिक है. वहीं धार में भी तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया. जबकि इंदौर में 43.2 डिग्री, उज्जैन में 43.0 डिग्री, खरगोन में 42.6 डिग्री और खंडवा में 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म हवाओं ने मालवा और निमाड़ क्षेत्र में तापमान तेजी से बढ़ा दिया है. यही कारण है कि दोपहर के समय सड़कें सूनी दिखाई दे रही हैं और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। भोपाल में भी बढ़ी तपिश, रात की ठंडक गायब राजधानी भोपाल भी तेज गर्मी की चपेट में है. सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री तक पहुंच गया. वहीं रात में भी गर्म हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार इस बार मई में बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने से गर्मी का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है. पिछले कुछ वर्षों में मई में प्री-मानसून बारिश से राहत मिल जाती थी, लेकिन इस बार मौसम शुष्क बना हुआ है. ऐसे में राजधानी समेत कई शहरों में पुराने रिकार्ड टूटने की आशंका बढ़ गई है। पूर्वी जिलों में भी चढ़ रहा पारा मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार गर्मी अब सिर्फ पश्चिमी मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं रही. पूर्वी और मध्य जिलों में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है. सागर में 41.4 डिग्री, नरसिंहपुर में 41.0 डिग्री, जबलपुर में 40.8 डिग्री और दमोह में 40.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. वहीं ग्वालियर में फिलहाल तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, लेकिन आने वाले दिनों में वहां भी लू चलने की संभावना जताई गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 72 घंटे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इसी दौरान गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। 15 मई तक हीट वेव का अलर्ट मौसम केंद्र भोपाल ने 12 मई से कई जिलों में हीट वेव का येलो अलर्ट जारी किया है. रतलाम, धार, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में लू का असर सबसे अधिक रहने की संभावना है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 मई तक दक्षिण-पश्चिम और मध्य मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं का दौर जारी रहेगा. जिससे तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ोतरी हो सकती है। मध्य प्रदेश में इसलिए बढ़ रही गर्मी मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत की ओर खिसक चुका है. वहीं दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर एक ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है. इसके कारण राजस्थान और पश्चिमी इलाकों से गर्म और शुष्क हवाएं मध्य प्रदेश की ओर आ रही हैं. यही वजह है कि प्रदेश में लगातार तापमान बढ़ रहा है और लू की स्थिति बन रही है। इधर भीषण गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचने को कहा गया है. लगातार पानी, नींबू पानी और ओआरएस पीते रहने की सलाह दी गई है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो. मौसम विभाग ने स्पष्ट कहा है कि अगले कुछ दिन प्रदेशवासियों को तेज गर्मी और लू के लिए तैयार रहना होगा।