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सिंधिया समर्थक कृष्णा घाड़गे पर BJP सख्त: केपी यादव पर बिना नाम लिए टिप्पणी पड़ी भारी

भोपाल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले कृष्णा घाड़गे को भाजपा भोपाल शहर अध्यक्ष रविंद्र यति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस एक फेसबुक पोस्ट को लेकर दिया गया, जिसमें पूर्व सांसद केपी यादव का नाम लिए बिना उन्हें “बालक बुद्धि नेता” बताया गया था। भाजपा संगठन की ओर से जारी नोटिस में कृष्णा घाड़गे से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। पार्टी ने सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना है। केपी यादव के बयान के बाद बढ़ा विवाद दरअसल, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद का कार्यभार संभालने के बाद अशोकनगर पहुंचे केपी यादव ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि उन्हें प्रदेश नेतृत्व ने नई जिम्मेदारी सौंपी है और अब अगले दो वर्षों तक वे हर मंच पर दिखाई देंगे। उन्होंने मंच से कहा कि जनता का स्नेह और समर्थन उन्हें लगातार ऊर्जा देता है और क्षेत्र के विकास के लिए वे हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। केपी यादव ने यह भी कहा कि अशोकनगर शांतिप्रिय क्षेत्र है, जहां लोग भाईचारे के साथ रहते हैं। “फूट डालकर राज करने वालों” पर साधा निशाना अपने संबोधन में केपी यादव ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग समाज में फूट डालकर राजनीति करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने ऐसे लोगों से क्षेत्र के विकास के लिए सकारात्मक राजनीति करने की अपील की। उन्होंने कहा कि 2019 में जनता के आशीर्वाद से उन्हें संसद पहुंचने का अवसर मिला और पांच वर्षों तक उन्होंने क्षेत्र, प्रदेश और देश के विकास के लिए काम किया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में उन पर किसी प्रकार का आरोप नहीं लगा और उन्होंने बिना भेदभाव के सभी वर्गों के लिए काम किया। केपी यादव के इस बयान के बाद कृष्णा घाड़गे की सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई, जिसके बाद भाजपा संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें नोटिस जारी कर दिया।

र मालवा महोत्सव में छाया रहा गेड़ी नृत्य का जादू विधानसभा अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री ने किया अनिल गढ़ेवाल का सम्मान

बिलासपुर संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश शासन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 25 वा मालवा महोत्सव जो की इंदौर जिला में संपन्न हुआ इसमें बिलासपुर छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय संस्था गेड़ी लोक नृत्य दल को प्रदर्शन हेतु आमंत्रण प्राप्त हुआ था गेड़ी लोक नृत्य दल अनिल कुमार गढ़ेवाल के कुशल नेतृत्व में प्रदर्शन दिनांक 6 एवं 7 तथा 8 मई को इंदौर के विराट मंच में प्रदर्शित किया गया  गेड़ी लोक नृत्य का प्रदर्शन पारंपरिक वेशभूषा तथा पारंपरिक वाद्य यंत्र एवं पारंपरिक गीत शैली के आधार पर प्रदर्शित किया गया जिसकी सराहना इंदौर वासियों ने खुले मन से किये ! अनिल गढ़ेवाल के द्वारा गाया हुआ गीत काट ले हरिहर बाँसे जो भला गीत में इंदौर वासी झूम उठे वहीं बिना ताल टूटे एक ही जगह पर घूम-घूम कर मोहन डोंगरे ने मांदल वादन किया तो पूरा दशहरा मैदान तालिया की गड़गड़ाहट से गूंज उठा ! मुख्य मांदल वादक संजय रात्रे ने पारंपरिक मांदल वादन कर दर्शकों को चकित कर दिया वहीं महेश नवरंग के बांसुरी के स्वर लहरियों में इंदौर वासी झूम उठे तथा सौखी लाल सूर्यवंशी के द्वारा गीत एवं नृत्य को हारमोनियम में  स्वर दिया गया सह वादक के रूप में रामनाथ उत्तम ने अपनी भूमिका निभाई ! दर्शन गण आश्चर्यचकित तब हुवे जब मुख्य गेड़ी नर्तक चेतन कुर्रे तथा लक्ष्मी नारायण माण्डले के गेड़ी में खड़े रहने के बावजूद शुभम भार्गव ने उनके कंधों पर खड़े होकर गेड़ी को हवा में लहराया तो दशहरा मैदान तालियो की गड़गड़ाहट से गूंज उठा वही फूलचंद ओगरे ने एक गेड़ी उठाकर डांस किया तो दर्शनगण आश्चर्य चकित हो गए सह गेड़ी नर्तक के रूप में मनोज माण्डले ,खेलन दास ओगरे ,अजय चेलकर, योगेश ओगरे ,संजय ओगरे ने अपनी भूमिका निभाई ! गेदी नृत्य प्रदर्शन के उपरांत केंद्रीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय जी एवं मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर जी ने अनिल गढ़ेवाल का मंच पर सम्मानित किये!कौड़ियों एवं चीनी मिट्टी की माला पटसन वस्त्र ,मयूर पंख धारण करके सभी कलाकारों ने अद्भुत गेड़ी नृत्य का प्रदर्शन किया गेड़ी लोक नृत्य का नृत्य संचालन एवं गीत संयोजन अनिल कुमार गढ़ेवाल  के द्वारा तैयार किया गया है !

ड्रग माफिया पर प्रशासन सख्त: गंभीर मामलों में आरोपी तस्कर के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर

अमृतसर अमृतसर के मजीठा में नशा तस्करों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस और नगर काउंसिल ने संयुक्त रूप से एक नशा तस्कर के घर पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई मजीठा के खासा पत्ती इलाके में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। प्रशासन का कहना है कि यह मकान अवैध तरीके से बनाया गया था और पहले ही संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन तय समय के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। SSP सुहेल मीर ने दी कार्रवाई की जानकारी SSP देहाती सुहेल मीर ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्रवाई वार्ड नंबर 4 में स्थित उस संपत्ति पर की गई, जहां सुनील और उसका भाई करण उर्फ कन्नू रहते थे। सुनील के खिलाफ हरियाणा में यूएपीए एक्ट के तहत मामला दर्ज है और वह फिलहाल जेल में बंद है। वहीं करण उर्फ कन्नू के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत पांच मामले दर्ज हैं, जिनमें कमर्शियल मात्रा में नशा बरामद होने के केस भी शामिल हैं। कानून के मुताबिक होगी सख्त कार्रवाई एसएसपी सुहेल मीर ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे “युद्ध नशों के विरुद्ध” अभियान के तहत ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने साफ किया कि यह कार्रवाई केवल अवैध निर्माण के आधार पर की गई है। प्रशासन का कहना है कि जहां भी गैर-कानूनी कब्जे या अवैध निर्माण पाए जाएंगे, वहां कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी।  

6000 एकड़ भूमि अधिग्रहण लक्ष्य के साथ नया गोरखपुर प्रोजेक्ट पर तेजी से काम शुरू

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृहजनपद गोरखपुर में विकास की तमाम योजनाएं परवान चढ़ रही हैं। इसी बीच नया गोरखपुर और वैदिक सिटी बसाने की योजनाएं भी अब जोर पकड़ने लगी हैं। इन योजनाओं के मूर्त रूप लेने पर बड़ी संख्या में लोगों के शानदार लाइफ स्टाइल के साथ स्वस्थ, साफ-सुथरा और सुखी जीवन जीने के सपने पूरे हो सकेंगे। गुरुकुल सिटी, वैदिक सिटी और ताल रिंग रोड जैसी प्रमुख परियोजनाओं को लेकर सोमवार को भूमि अर्जन विभाग की गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों और भू-स्वामियों से संवाद स्थापित कर अधिकतम भूमि आपसी सहमति से खरीदने पर जोर दें। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति और भूमि अधिग्रहण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि नया गोरखपुर में 6000 एकड़ भूमि के अधिग्रहण का लक्ष्य है। 25 गांव में इसके लिए जमीन अधिग्रहित होनी है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष को बैठक में बताया गया कि नया गोरखपुर के तहत गुरुकुल सिटी परियोजना मानीराम, रहमतनगर, बलापार और बैजनाथपुर गांव में विकसित हो रही। यहां मानीराम में 66.92 हेक्टेयर में से 40.80 हेक्टेयर, बलापार में 68.70 हेक्टेयर में से 40.56 हेक्टेयर और रहमतनगर में 17.44 हेक्टेयर में से 9.59 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है। वहीं बैजनाथपुर में 176.75 हेक्टेयर में से अभी केवल 2.15 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण हो सका है। बैठक में इन योजनाओं को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। दूसरी ओर करीब 251.89 हेक्टेयर में कोनी, माड़ापार और तकिया-मेदिनीपुर गांव में वैदिक अवधारणा पर वैदिक सिटी विकसित की जाएगी। यहां नक्षत्र वाटिका, वैदिक ज्ञान केंद्र, स्थानीय हस्तशिल्प जोन और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित की जाएगी। कुसम्ही, रुद्रपुर, भैंसहा, अराजी मतौनी और अराजी बसदीला गांवों में भी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। बैठक में इन सब योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। जीडीए उपाध्यक्ष ने एक-एक योजना के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। ताल रिंग रोड परियोजना की भी हुई समीक्षा इसके अलावा बैठक में ताल रिंग रोड परियोजना की भी समीक्षा की गई। प्राधिकरण उपाध्यक्ष को बताया गया कि महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर-1 में 2.66 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है, जिसमें अब तक 0.20 हेक्टेयर भूमि ही खरीदी जा सकी है। बैठक में भूमि अधिग्रहण विभाग की कार्यप्रणाली, राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों की जिम्मेदारियों, आपसी सहमति से भूमि खरीद की प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। इस संबंध में गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

कुचायकोट में छापेमारी के दौरान 16 संचालक गिरफ्तार, कई सबूत बरामद

गोपालगंज गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑर्केस्ट्रा नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अड्डों पर छापेमारी की. इस दौरान 45 नाबालिग लड़कियों को छुड़ाया गया है. वहीं पांच युवतियों और 16 ऑर्केस्ट्रा संचालकों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस को मौके से किशोरियों के उत्पीड़न से जुड़े कई अहम सबूत भी मिले हैं. यह कार्रवाई एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर की गई. कुचायकोट थानाध्यक्ष दर्पण सुमन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कुचायकोट, बलिवन सागर और विंदवलिया भठवां इलाके में एक साथ छापेमारी अभियान चलाया. राजस्थान से लापता किशोरी भी मिली पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बरामद किशोरियों में एक लड़की ऐसी भी मिली, जो पिछले पांच वर्षों से राजस्थान से लापता थी. वहां के थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज है. पुलिस ने पूछताछ के बाद उसके परिजनों को सूचना दे दी है ताकि वे आकर अपनी बेटी को घर ले जा सकें. शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि बरामद लड़कियों में सबसे अधिक संख्या पश्चिम बंगाल की है. जबरन ऑर्केस्ट्रा में काम कराने का आरोप किशोरियों ने पूछताछ में आरोप लगाया कि उन्हें जबरन ऑर्केस्ट्रा में काम कराया जाता था. पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है. गिरफ्तार युवतियों और संचालकों से लगातार पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेजने की तैयारी की जा रही है. NGO ने भी किया सहयोग इस अभियान में पटना पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के साथ ‘एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन’ और ‘नारायणी सेवा संस्थान’ की टीम ने भी सहयोग किया. दोनों संस्थाएं ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ नेटवर्क से जुड़ी हैं, जो देशभर में बाल संरक्षण पर काम करता है. यौन शोषण की आशंका एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने कहा कि इस कार्रवाई ने नाबालिग लड़कियों की तस्करी और शोषण के बड़े नेटवर्क को उजागर किया है. उन्होंने कहा कि कई बच्चियों को झांसा देकर इस धंधे में धकेला जाता है और उनके यौन शोषण तक की आशंका सामने आई है.

पेपर लीक के बाद RPSC का बड़ा फैसला, SI परीक्षा दोबारा होगी

 अजमेर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए साल 2021 की उप निरीक्षक (SI) और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है. 12 मई 2026 को जारी प्रेस नोट के अनुसार, यह निर्णय परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के आरोपों की जांच के बाद लिया गया है. आयोग ने अब इस परीक्षा के पुन: आयोजन के लिए 20 सितंबर 2026 (रविवार) की तिथि निर्धारित की है. केवल पात्र अभ्यर्थियों को ही मिलेगा प्रवेश इस पुन: परीक्षा में सभी पुराने आवेदक शामिल नहीं हो सकेंगे. आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल वे 3,83,097 अभ्यर्थी ही इस परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे, जिन्होंने सितंबर 2021 में आयोजित हुई मूल लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्नपत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी. जिन्होंने पूर्व में परीक्षा छोड़ दी थी, वे इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे. आवेदन फॉर्म में 30 मई तक सुधार कर सकेंगे अभ्यर्थियों को अपने पुराने आवेदन पत्र में आवश्यक सुधार के लिए 16 मई से 30 मई 2026 तक का समय दिया गया है. इस दौरान उम्मीदवार अपने मोबाइल नंबर, ईमेल और पते जैसी जानकारियों को अपडेट कर सकेंगे. हालांकि, आयु सीमा और शैक्षणिक योग्यता का आधार साल 2021 के मूल नोटिफिकेशन के अनुसार ही रहेगा. आयोग ने कड़े निर्देश दिए हैं कि जिन अभ्यर्थियों को अपने फॉर्म में कोई बदलाव नहीं करना है, उन्हें भी पोर्टल पर जाकर 'संशोधन की आवश्यकता नहीं' की घोषणा करनी होगी और बायोमेट्रिक सहमति देनी होगी. इस प्रक्रिया को पूरा न करने पर अभ्यर्थी का आवेदन निरस्त माना जाएगा. विवादों के बाद सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख बताते चलें कि 859 पदों के लिए शुरू हुई यह भर्ती प्रक्रिया लंबे समय तक कानूनी विवादों और एसओजी (SOG) की जांच के घेरे में रही. डमी कैंडिडेट्स और नकल गिरोह की संलिप्तता के कारण कई ट्रेनी सब-इंस्पेक्टरों की गिरफ्तारियां भी हुई थीं. हाल ही में 4 मई को सुप्रीम कोर्ट ने भी इस भर्ती को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा, जिसके बाद आयोग ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूरी परीक्षा को नए सिरे से कराने का निर्णय लिया है. कैसे मिलेगा एडमिट कार्ड? परीक्षार्थी नवीनतम अपडेट और सुधार प्रक्रिया के लिए RPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग-इन कर सकते हैं. अभ्यर्थियों को अपनी एसएसओ (SSO) आईडी के माध्यम से OTR (One Time Registration) की केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा, ताकि वे आगामी परीक्षा के लिए अपना एडमिट कार्ड प्राप्त कर सकें.

रामगढ़ के पतरातू प्लांट से अब 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन, गर्मी में मिलेगी राहत

रामगढ़ झारखंड के रामगढ़ जिले के पतरातू स्थित पीवीयूएनएल प्लांट में 11 मई 2026 को शाम 7:15 बजे 800 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-2 का सफलतापूर्वक ट्रायल ऑपरेशन किया गया. इस सफलता के साथ यूनिट-2 के नियमित संचालन और कमर्शियल ऑपरेशन का मार्ग प्रशस्त हो गया है. इस यूनिट के शुरू होने से झारखंड सहित अन्य राज्यों में गर्मी के मौसम के दौरान बढ़ी हुई बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी. इससे बिजली संकट को कम करने में अहम भूमिका निभाई जाएगी. झारखंड को मिलेगा 85 प्रतिशत बिजली रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित पीभीयूएनएल का दूसरा यूनिट का सफलता पूर्वक ट्रायल हुआ इस यूनिट से 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा. इससे पहले यूनिट 1 से 800 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. अब रामगढ़ जिले के पतरातू पीवीयूएनएल से 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा इसमें झारखंड राज्य को 1360 मेगावाट बिजली मिलेगा. गर्मी के मौसम में बिजली की मांग बढ़ी हुई है अब पतरातू से बिजली झारखंड को मिलने के बाद पूरे राज्य को फायदा होगा. पतरातू प्लांट से उत्पादित कुल बिजली का 85 प्रतिशत हिस्सा झारखंड राज्य को उपलब्ध होगी, जिससे औद्योगिकीकरण और विकास को गति मिलेगी. अधिकारियों ने मनाया सफलता का जश्न इस अवसर पर पीवीयूएनएल के सीईओ ए के सहगल, सीजीएम प्रोजेक्ट अनुपम मुखर्जी, जीएम ऑपरेशन एंड मैनेजमेंट मनीष खेतरपाल, जीएम जोगेश चंद्र पत्रा, जीएम विष्णु दत्ता दास और जीएम ओपी सोलंकी सहित पीवीयूएनएल, एनटीपीसी और बीएचईएल के अधिकारियों और कर्मचारियों खुशी जाहिर किया है. सीईओ ए के सहगल ने टीम को दी बधाई. सीईओ ए के सहगल ने सभी कर्मचारियों, अभियंताओं और सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता पूरी टीम की मेहनत, समर्पण और सामूहिक कोशिश का परिणाम है. यूनिट-1 के बाद यूनिट-2 भी संचालन के लिए तैयार सीईओ ए के सहगल ने बताया कि 5 नवंबर 2025 को यूनिट-1 के वाणिज्यिक संचालन की घोषणा की गई थी और अब यूनिट-2 भी कमर्शियल ऑपरेशन के लिए पूरी तरह तैयार है. सहयोगी संस्थाओं का जताया आभार सीईओ ए के सहगल ने एनटीपीसी, झारखंड सरकार, जेबीवीएनएल और अन्य हितधारकों का उनके सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया.

महंगाई के मोर्चे पर राहत भरी खबर: अप्रैल में CPI 3.48%, खाने-पीने की कई चीजें हुईं सस्ती

नई दिल्ली  अप्रैल 2026 के लिए कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CFPI) पर आधारित खुदरा महंगाई दर के अनंतिम (Provisional) आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। नए आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल में आम जनता को महंगाई के मोर्चे पर मिली-जुली राहत मिली है। जहां एक तरफ आलू-प्याज जैसी रोजमर्रा की सब्जियों के दाम घटे हैं, वहीं सोने-चांदी के गहनों और टमाटर ने आम आदमी की जेब पर भारी बोझ डाला है। महंगाई रफ्तार पकड़ रही है। अप्रैल में भारत में खुदरा महंगाई में बड़ा उछाल देखने को मिला है। देश में खुदरा महंगाई को दिखाने वाले संकेतक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में 3.48 % का उछाल आया है। यह लगातार छठवां महीना है, जब देश में महंगाई बढ़ी है। इससे पहले मार्च 2026 में CPI 3.40% पर पहुंच गया था। लगातार छठवें महीने बढ़ी महंगाई देश में महंगाई एक बार फिर आम आदमी की जेब पर दबाव बढ़ाने लगी है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल 2026 में खुदरा महंगाई दर यानी CPI Inflation बढ़कर 3.48% पर पहुंच गई। मार्च 2026 में यह 3.40% थी। लगातार छठे महीने CPI में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे महंगाई अब 1 साल के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई है। रसोई का बजट फिर बिगड़ा खाद्य महंगाई भी बढ़कर 4.20% हो गई है। ग्रामीण इलाकों में खाद्य महंगाई 4.26% और शहरी क्षेत्रों में 4.10% रही। इसका सीधा असर रसोई के बजट पर पड़ सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल में भोजन और पेय पदार्थों की महंगाई 4.01% दर्ज हुई। चांदी ने दिया सबसे बड़ा झटका सबसे ज्यादा झटका कीमती धातुओं ने दिया। चांदी के गहनों की महंगाई दर 144.34% रही, जबकि सोना, डायमंड और प्लैटिनम ज्वेलरी 40.72% महंगी हुई। नारियल, टमाटर और फूलगोभी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला। इन चीजों में मिली राहत हालांकि कुछ वस्तुओं में राहत भी मिली है। आलू की कीमतों में 23.69% और प्याज में 17.67% की गिरावट दर्ज की गई। मोटर कार और एयर कंडीशनर जैसी वस्तुएं भी सस्ती हुई हैं। किन राज्यों में सबसे ज्यादा महंगाई? राज्यों की बात करें तो तेलंगाना में सबसे ज्यादा 5.81% महंगाई दर्ज हुई। इसके बाद पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का नंबर रहा। वहीं दिल्ली में महंगाई दर 1.96% रही, जो बड़े राज्यों में अपेक्षाकृत कम है। कैटेगरी अप्रैल 2026 मार्च 2026 स्थिति खुदरा महंगाई दर (CPI) 3.48% 3.40% बढ़ोतरी खाद्य महंगाई (CFPI) 4.20% 3.87% बढ़ोतरी ग्रामीण महंगाई 3.74% 3.63% बढ़ोतरी शहरी महंगाई 3.16% 3.11% बढ़ोतरी भोजन और पेय पदार्थ 4.01% 3.40% बढ़ोतरी हाउसिंग इंफ्लेशन 2.15% — स्थिर चांदी ज्वेलरी महंगाई 144.34% 148.42% बेहद ऊंची गोल्ड/डायमंड/प्लैटिनम ज्वेलरी 40.72% 45.88% ऊंची टमाटर महंगाई 35.28% 36.00% ऊंची फूलगोभी महंगाई 25.58% 34.16% ऊंची आलू -23.69% -19.03% सस्ता प्याज -17.67% -27.78% सस्ता सबसे ज्यादा महंगाई वाला राज्य तेलंगाना (5.81%) — शीर्ष पर दिल्ली महंगाई दर 1.96% — अपेक्षाकृत कम   RBI की बढ़ सकती है टेंशन महंगाई में लगातार बढ़ोतरी भारतीय रिजर्व बैंक के लिए भी चिंता बढ़ा सकती है। अगर आने वाले महीनों में खाद्य कीमतों में राहत नहीं मिलती है तो ब्याज दरों पर RBI का रुख सख्त हो सकता है। ऐसे में EMI से लेकर रोजमर्रा के खर्च तक आम आदमी पर दबाव और बढ़ने की आशंका है।

आरसीबी को केकेआर के खिलाफ जीत जरूरी, प्लेऑफ की जंग तेज

रायपुर प्लेऑफ की दहलीज पर खड़ी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की टीम को अगर अंतिम चार में अपनी जगह लगभग सुनिश्चित करनी है तो उसके बल्लेबाजों को बुधवार को रायपुर में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के गेंदबाजों के सामने आक्रामक प्रदर्शन करना होगा। आरसीबी फिलहाल 14 अंकों के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर है, लेकिन मंगलवार को होने वाले मैच के बाद इस स्थान पर सनराइजर्स हैदराबाद या गुजरात टाइटन्स काबिज हो जाएंगे जिनके पास भी 14 अंक हैं। कुछ मैचों में आरसीबी के बल्लेबाजों ने किया है निराश आरसीबी ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन पिछले कुछ मैच में उसके बल्लेबाज अपेक्षित खेल नहीं दिखा पाए। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पिछले मैच में 167 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए उसकी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी और उसने बमुश्किल जीत हासिल की थी। उसकी टीम आगे फिर से इस तरह की परिस्थिति से नहीं गुजरना चाहेगी। पिछले मैच में वह क्रुणाल पंड्या के अर्धशतक और अंतिम ओवर में भुवनेश्वर कुमार के छक्के से ही लक्ष्य तक पहुंच पाई थी। कप्तान रजत पाटीदार के प्रदर्शन में निरंतरता नहीं आरसीबी के कप्तान रजत पाटीदार ने टूर्नामेंट के शुरू में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन पिछले कुछ मैच में वह रन बनाने के लिए जूझते हुए नजर आए। अगर आरसीबी को वापसी करनी है तो पाटीदार को आगे बढ़कर नेतृत्व करना होगा। पिछली छह पारियों में वह केवल एक बार पचास से अधिक और एक बार बीस से अधिक का स्कोर ही बना पाए हैं। इससे आरसीबी की मध्यक्रम की बल्लेबाजी कुछ कमजोर पड़ गई है, लेकिन देवदत्त पडिक्कल और टिम डेविड जैसे अन्य बल्लेबाजों के योगदान ने उसे मुश्किलों से बाहर निकलने में मदद मिली। अब उसके बल्लेबाजों का सामना केकेआर के मजबूत गेंदबाजी आक्रमण से होगा जिसमें सुनील नारायण और वरुण चक्रवर्ती जैसे रहस्यमयी स्पिनर शामिल हैं। उन्हें कार्तिक त्यागी, वैभव अरोड़ा और अनुकूल रॉय जैसे घरेलू गेंदबाजों का अच्छा सहयोग मिल रहा है। गेंदबाजों के अच्छे प्रदर्शन से केकेआर ने शुरू में लड़खड़ाने के बाद लगातार चार जीत दर्ज की हैं। अगर रायपुर की पिच पिछले मैच की तरह ही चिपचिपी रहती है और गेंद रुककर बल्ले पर आ रही हो तो आरसीबी के बल्लेबाजों को केकेआर के गेंदबाजों के सामने काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पॉइंट्स टेबल में 8वें नंबर पर है तीन बार की चैंपियन KKR तीन बार की चैंपियन केकेआर की टीम अभी भी 10 मैचों में नौ अंकों के साथ तालिका में आठवें स्थान पर है और यहां थोड़ी सी चूक भी उसे प्ले-ऑफ की दौड़ से बाहर होने के करीब पहुंचा देगा। ऐसी किसी स्थिति से बचने के लिए केकेआर के बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा। उन्हें आरसीबी के प्रमुख गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और जोश हेज़लवुड का डटकर सामना करना होगा। केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे अपने प्रदर्शन में निरंतरता नहीं रख पाए हैं लेकिन उप-कप्तान रिंकू सिंह, न्यूजीलैंड के फिन एलन, अनुकूल रॉय और अंगकृष रघुवंशी ने पिछले कुछ मैचों में अच्छी बल्लेबाजी की है। इनके अलावा कैमरन ग्रीन में भी अपनी बल्लेबाजी में काफी सुधार किया है। टीम इस प्रकार हैं: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, टिम डेविड, जैकब बेथेल, रोमारियो शेफर्ड, जोश हेज़लवुड, नुवान तुषारा, देवदत्त पडिक्कल, जितेश शर्मा, क्रुणाल पंड्या, रसिख डार, भुवनेश्वर कुमार, जॉर्डन कॉक्स, सुयश शर्मा, वेंकटेश अय्यर, स्वप्निल सिंह, जैकब डफी, कनिष्क चौहान, अभिनंदन सिंह, मंगेश यादव, फिल साल्ट, सात्विक देसवाल, विक्की ओस्तवाल, विहान मल्होत्रा। कोलकाता नाइट राइडर्स: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), रिंकू सिंह, अंगकृष रघुवंशी, मनीष पांडे, रोवमैन पॉवेल, राहुल त्रिपाठी, फिन एलन, तेजस्वी सिंह, टिम सीफर्ट, सुनील नारायण, अनुकूल रॉय, रमनदीप सिंह, कैमरन ग्रीन, सार्थक रंजन, दक्ष कामरा, रचिन रवींद्र, नवदीप सैनी, वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक, मथीशा पथिराना, कार्तिक त्यागी, आकाश दीप, वरुण चक्रवर्ती, प्रशांत सोलंकी। समय: मैच शाम 7.30 बजे शुरू होगा।

30 लाख की वसूली के आरोप में फंसे पूर्व SP: ग्वालियर कोर्ट ने 4 पुलिसकर्मियों को किया तलब

ग्वालियर  ग्वालियर के विशेष सत्र न्यायालय ने दो साल पुराने मामले में भोपाल के DIG राजेश सिंह चंदेल (तत्कालीन ग्वालियर एसपी) समेत तत्कालीन टीआई, एसआई और हवलदार पर डकैती का मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं. परिवाद मामले की सुनवाई करते हुए स्पेशल कोर्ट ने ये आदेश दिया. पीड़ित ने पुलिस के खिलाफ याचिका लगाई थी। धोखाधड़ी केस में 30 लाख वसूलने का आरोप मामले के अनुसार ग्वालियर के थाटीपुरा थाना पुलिस ने दिसंबर 2024 में ग्वालियर के विक्रम राणा समेत दो लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था. इसी मामले में समझौते के नाम पर 30 लाख रुपये वसूलने का आरोप विक्रम के भाई अनूप राणा ने परिवाद में लगाया था. सुनवाई के बाद सत्र न्यायालय ने आईपीसी राजेश चंदेल सहित 03 पुलिसकर्मियों पर डकैती, साजिश रचने और सबूत मिटाने का मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शिकायत की तो उल्टा जेल भेज दिया शिकायतकर्ता पक्ष के मुताबिक, अनूप राणा के भाई पर थाटीपुर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज था, जिसमें फरियादी से समझौता हो चुका था। आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने पहले 5 लाख रुपए लिए और बाद में और पैसों की मांग करने लगी। कोर्ट में दी गई दलील के अनुसार, तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह के इशारे पर हवलदार संतोष वर्मा ने अनूप राणा के घर से 9.50 लाख रुपए और मामले से जुड़ी एक महिला आरोपी के घर से 15 लाख रुपए लिए। एसपी से की थी लिखित शिकायत अनूप राणा ने जब तत्कालीन SP राजेश चंदेल से इसकी लिखित शिकायत की, तो कार्रवाई करने के बजाय मामला दोबारा थाटीपुर थाने भेज दिया गया। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने अनूप राणा को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने साल 2024 में अदालत का दरवाजा खटखटाया। CCTV फुटेज डिलीट होने पर कोर्ट सख्त सुनवाई के दौरान कोर्ट ने थाटीपुर थाने के CCTV फुटेज मांगे थे। इस पर पुलिस की ओर से कहा गया कि 3 जनवरी 2024 से पहले के फुटेज डिलीट हो चुके हैं। कोर्ट ने इस जवाब पर सख्त नाराजगी जताई। मामले में रेडियो पुलिस अधीक्षक की जांच का भी जिक्र सामने आया, जिसमें थाने के स्टाफ को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके थे। अदालत ने इसे भी रिकॉर्ड पर लिया। नौकरी के नाम पर ठगी केस से शुरू हुआ विवाद पुलिस का दावा है कि यह मामला नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह की जांच से जुड़ा है और अनूप राणा व उसका भाई उसी रैकेट का हिस्सा थे। वहीं, अनूप राणा का कहना है कि वह खुद ठगी का शिकार हुआ था और अपने भाई की मदद के लिए थाने पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने उसे ही आरोपी बना दिया। आरोप है कि पुलिस ने आरोपियों को बचाते हुए उससे और उसके भाई से लाखों रुपए वसूले। आखिर क्या है पूरा मामला ? फरियादी के वकील अशोक प्रजापति के मुताबिक "फ़रवरी 2024 में इन पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों के ख़िलाफ़ लगाये गए परिवाद में बताया गया है विक्रम राणा और चन्द्रलेखा जैन के ख़िलाफ़ दिसंबर 2023 में धोखाधड़ी का मामला थाटीपुर थाने में दर्ज किया गया था. थाटीपुर पुलिस ने उस केस के फ़रियादी से समझौता कराने के नाम पर 5 लाख 80 हज़ार रुपये लिए. इसके बाद 24 दिसंबर 2023 को दोनों आरोपियों विक्रम और चंद्रलेखा को थाने बुलाया, जहां 25 लाख रुपये की और डिमांड की गई. इस पर दोनों आरोपियों विक्रम से 9 लाख 75 हज़ार और चंद्रलेखा के घर से 15 लाख रुपये (कुल 24 लाख 75 हज़ार रुपये) मंगवा कर रख लिये गए. पुलिस द्वारा 30 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया गया. जब फिर से और रुपये मांगे गए तो फरियादियों ने रुपये देने से इंकार कर दिया। एसपी पर आरोप- शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं की परिवाद में दावा किया गया कि जब पुलिस को और रुपये नहीं मिले तो उन्होंने फरियादी को षड्यंत्रकारी बनाकर जेल भिजवा दिया गया. परेशान होकर मामले की शिकायत विक्रम के भाई अनूप राणा ने तत्कालीन एसपी राजेश चंदेल से भी की लेकिन उन्होंने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की. इन हालतों से परेशान हो कर फ़रियादी ने न्यायालय में पुलिस के ख़िलाफ़ ही याचिका दायर की. न्यायालय ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने के आदेश दिए।   साक्ष्य मिटाने और साजिश के आरोप फरियादी के अधिवक्ता अशोक प्रजापति के मुताबिक "न्यायालय ने पुलिस से थाटीपुर थाने में लगे सीसीटीवी के फुटेज बतौर साक्ष्य मांगे लेकिन पुलिस ने हलफनामा दिया, जिसमें लिखा था कि 3 जनवरी 2024 से पहले के सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो चुके हैं. पुलिस पर लापरवाही और ऐसे जवाब पर नाराजगी जताते हुए विशेष सत्र न्यायालय ने सभी तथ्यों को संज्ञान में लिया और सोमवार को इस परिवाद में तत्कालीन एसपी आईपीएस राजेश चंदेल, तत्कालीन थाटीपुर थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ, उपनिनिरीक्षक अजय सिंह सिंह सिकरवार और आरक्षक संतोष वर्मा के खिलाफ लूट, डकैती, साक्ष्य मिटाने और साजिश रचने का केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।