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केंद्र ने बढ़ाए MSP रेट: धान समेत खरीफ फसलों के नए दाम जारी, किसानों को राहत

नई दिल्ली  केंद्रीय कैबिनेट ने 2026-27 सीजन के लिए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) हेतु 2.60 लाख करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है, जिसका मकसद किसानों को मजबूत आय सहायता देना है। MSP को कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया है। मंत्रिमंडल ने 2026-27 के लिए 14 खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि को मंजूरी दी। सरकार ने विपणन सत्र 2026-27 के लिए खरीफ फसलों का MSP बढ़ा दिया है, ताकि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य सुनिश्चित किया जा सके।  धान समेत अन्य फसलों की नई MSP सरकार ने बुधवार को 2026-27 के खरीफ मार्केटिंग सीजन के लिए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया।पिछले वर्ष की तुलना में MSP में सबसे अधिक वृद्धि की सिफारिश सूरजमुखी के बीज (₹622 प्रति क्विंटल) के लिए की गई है, जिसके बाद कपास (₹557 प्रति क्विंटल), नाइजर बीज (₹515 प्रति क्विंटल) और तिल (₹500 प्रति क्विंटल) का स्थान है। आधिकारिक अनुमानों के मुताबिक, इस फैसले से किसानों को लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये का भुगतान होने की उम्मीद है, जबकि सालाना खरीद 824.41 लाख मीट्रिक टन (LMT) रहने का अनुमान है। सरकार ने यह भी बताया कि MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50% ज्यादा है, जो 2019 में शुरू की गई उस नीति को जारी रखता है जिसका मकसद किसानों को बेहतर रिटर्न सुनिश्चित करना है। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार इस संबंध में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की बैठक में एक फैसला लिया गया। 2026-27 के खरीफ मार्केटिंग सीज़न (सितंबर-अक्टूबर) के लिए, सामान्य और 'A-ग्रेड' किस्मों का समर्थन मूल्य 72 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर क्रमशः 2,441 रुपये और 2,461 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। 37500 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी कैबिनेट ने 37,500 करोड़ रुपये की कोयला गैसीकरण योजना को मंजूरी दी। इस योजना का मकसद भारत की आयातित प्राकृतिक गैस, मेथनॉल और अमोनिया पर निर्भरता को कम करना है, साथ ही घरेलू कोयला भंडारों का ज्यादा साफ-सुथरे तरीके से इस्तेमाल करना है। इस योजना का लक्ष्य 2030 तक 100 मिलियन टन कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करना है, और यह सार्वजनिक और निजी, दोनों क्षेत्रों की परियोजनाओं के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देगी।

काफिले की गाड़ियां घटाएं, ईंधन बचाएं: योगी आदित्यनाथ की जनता और अधिकारियों से अपील

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों से अपील की है कि वे प्रधानमंत्री के संदेश को अपनाकर देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में सहयोग करें. उन्होंने कहा कि ईंधन की खपत कम करें और बेवजह सोना खरीदने से बचें। सरकार स्तर पर भी सख्ती दिखाते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तुरंत 50 फीसदी तक वाहनों की संख्या कम की जाए और अनावश्यक गाड़ियां हटाई जाएं. योगी ने वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि खर्च और ईंधन दोनों की बचत हो सके. उन्होंने लोगों से पीएनजी, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और रोडवेज बसों का ज्यादा इस्तेमाल करने की अपील की. साथ ही सरकारी बैठकों, सेमिनार और कॉन्फ्रेंस को ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल तरीके से करने पर भी जोर दिया गया है, ताकि समय और संसाधनों की बचत हो सके. सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम दिया जाए मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि सप्ताह में एक दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें. सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे आयोजित किया जाए. इस अभियान से सरकारी कर्मचारियों, स्कूलों-कॉलेजों के विद्यार्थियों समेत समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ें. औद्योगिक विकास विभाग व आईआईडीसी द्वारा औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स आदि में वर्क फ्रॉम होम के लिए प्रेरित किया जाए. वहीं जहां बड़ी संख्या में कार्मिक कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की अनुशंसा के लिए राज्य स्तर पर एडवाइजरी जारी की जाए. बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन सीएम योगी ने कहा है कि शिक्षा विभाग के सेमिनार, बैठकें और वर्कशॉप अब ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन कराए जाएं. सचिवालय और निदेशालय की करीब आधी मीटिंग्स भी वर्चुअल हों. स्कूल-कॉलेजों में बसों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाए और जरूरत पड़ने पर रोडवेज बसों को भी जोड़ा जाए. साथ ही पीक ऑवर में भीड़ और ईंधन बचाने के लिए दफ्तरों का समय अलग-अलग शिफ्ट में करने का सुझाव दिया गया है. पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर मुख्यमंत्री योगी ने लोगों से कहा है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, कार पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का ज्यादा इस्तेमाल करें. जिन शहरों में मेट्रो चल रही है, वहां उसका अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की गई है. ज्यादा भीड़ वाले रूट्स पर बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बढ़ाने की बात भी कही गई है. साथ ही उन्होंने बिजली बचाने पर जोर देते हुए कहा कि घरों, सरकारी दफ्तरों और निजी संस्थानों में बेवजह बिजली न जलाएं और रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का कम से कम इस्तेमाल करें.  

अब आवेदक घर बैठे देख सकेंगे फाइल का हर मूवमेंट, बाबुओं की नोटिंग पर नजर

जयपुर  गुलाबी नगरी के जयपुर विकास प्राधिकरण में अब फाइलों को दबाने और मेज के नीचे का खेल खत्म होने वाला है। जेडीए ने भ्रष्टाचार और लेटलतीफी पर 'डिजिटल स्ट्राइक' करते हुए एक क्रांतिकारी व्यवस्था लागू की है। अब जेडीए के बाबू और अधिकारी फाइलों पर जो भी 'नोटिंग' करेंगे, उसे आवेदक घर बैठे अपनी SSO ID के जरिए ऑनलाइन देख सकेगा। अब कोई अधिकारी यह कहकर आपको नहीं टरका पाएगा कि 'फाइल अभी प्रोसेस में है।' अब बताना होगा क्यों अटकी फाइल? अब तक जेडीए की कार्यप्रणाली में सबसे बड़ी बाधा 'अस्पष्ट नोटिंग' होती थी। अधिकारी अक्सर फाइलों पर ऐसी तकनीकी टिप्पणियां लिख देते थे जो आम आदमी की समझ से बाहर होती थीं। लेकिन जेडीए सचिव के नए आदेश के अनुसार, अब नोटिंग की भाषा सरल और स्पष्ट होनी चाहिए। इतना ही नहीं, अगर कोई अधिकारी किसी फाइल को रोकता है या कोई आपत्ति लगाता है, तो उसे पोर्टल पर यह स्पष्ट करना होगा कि किस नियम के तहत यह टिप्पणी की गई है। अनावश्यक आपत्ति लगाकर फाइल अटकाने वाले कर्मचारियों की अब खैर नहीं होगी। इन 6 सेवाओं के लिए अब नहीं काटने होंगे चक्कर शुरुआती चरण में सबसे ज्यादा काम आने वाली छह सेवाओं को जेडीए ने पूरी तरह पारदर्शी बना दिया है। यदि आप निम्नलिखित कामों के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपकी फाइल का हर मूवमेंट डैशबोर्ड पर दिखेगा।     ई-पट्टा (फ्री होल्ड या लीज डीड)     नाम ट्रांसफर (नाम हस्तांतरण)     सब-डिविजन (उपविभाजन)     रिकॉन्स्टीट्यूशन (पुनर्गठन)     वन टाइम लीज सर्टिफिकेट (OTLC)     अन्य संबंधित भूमि सेवाएं खत्म होगी ऑफलाइन फाइलों की 'दोहरी दुनिया' जेडीए में अब तक सबसे बड़ा झोल यह था कि फाइलें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में चलती थीं। इससे अधिकारियों को फाइल दबाने का मौका मिल जाता था। अब सचिव के आदेशानुसार, हर फाइल का मूवमेंट जेडीए सर्विस पोर्टल के डैशबोर्ड पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। आवेदक को यह पता रहेगा कि उसकी फाइल किस टेबल पर, किस तारीख से और क्यों रुकी हुई है। आमजन को क्या होगा फायदा? इस नई व्यवस्था से बिचौलियों का रोल पूरी तरह खत्म हो जाएगा। आवेदक को अपनी फाइल की कमी जानने के लिए जेडीए के गलियारों में भटकने या किसी बाबू की खुशामद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आवेदन में कोई कमी है, तो वह डैशबोर्ड पर स्पष्ट दिखेगी, जिसे आवेदक तुरंत ठीक कर सकेगा। जेडीए का यह कदम राजस्थान सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब देखना यह है कि फाइलों के डिजिटल होने से गुलाबी नगरी की जनता को गुलाबी राहत कब तक मिलती है।  

रिश्वत मामले में CBI का बड़ा एक्शन, चंडीगढ़ से ठेकेदार और पिता-पुत्र गिरफ्तार

चंडीगढ़  विजिलेंस में लंबित शिकायत बंद कराने के बदले 13 लाख रुपये की रिश्वत मामले में सीबीआई ने ठेकेदार पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। तीनों को सोमवार को चंडीगढ़ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सीबीआई ने पिता-पुत्र को तीन दिन के रिमांड पर लिया है जबकि तीसरे आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में पंजाब डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। ओपी राणा फिलहाल फरार बताया जा रहा है। सीबीआई ने सोमवार रात मोहाली और मलोट में छापा मारा था। मोहाली में विजिलेंस का दफ्तर सील कर दिया था। मंगलवार सुबह सीबीआई फिर विजिलेंस दफ्तर पहुंची और जांच शुरू कर कुछ रिकॉर्ड जब्त कर लिए थे। बता दें, यह मामला पंजाब के एक राज्य कर अधिकारी की शिकायत पर दर्ज किया गया था।  शिकायतकर्ता के अनुसार ठेकेदार विकास उर्फ विक्की गोयल और उसका बेटा राघव गोयल विजिलेंस में लंबित शिकायत बंद करवाने के बदले 20 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। आरोपियों ने खुद को पंजाब विजिलेंस के वरिष्ठ अधिकारियों, खासकर डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा का करीबी बताते हुए मामला निपटाने का भरोसा दिया था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों को पंजाब पुलिस की ओर से सुरक्षाकर्मी उपलब्ध करवाए गए थे। एके-47 से लैस सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। सीबीआई अब पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है।  

TCS विवाद के बाद प्रशासन सख्त, AIMIM नेता मतीन पटेल की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई

 नासिक महाराष्ट्र के नासिक में टीसीएस कर्मचारी से जुड़े कथित सेक्सुअल हैरेसमेंट और धर्मांतरण मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक रंग ले लिया है. मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी मदद करने वालों पर कार्रवाई तेज की है. इसी कड़ी में AIMIM के पार्षद अब्दुल मतीन पटेल का नाम सामने आने के बाद नगर निगम ने उनके घर और ऑफिस पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है।  मतीन पटेल पर दर्ज हुआ था केस पुलिस के मुताबिक, मतीन पटेल पर आरोप है कि उन्होंने आरोपी निदा खान को नारेगाव स्थित कौसर पार्क इलाके में अपने घर में शरण दी थी. इस मामले में नासिक पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 249 के तहत केस दर्ज किया है. निदा खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मतीन पटेल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की थी।  इधर, नगर निगम ने दावा किया कि पार्षद के घर और कार्यालय का निर्माण नियमों के विपरीत किया गया है. तीन दिन पहले नोटिस जारी किया गया था और तय समय सीमा पूरी होने के बाद बुधवार सुबह निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई करने पहुंची।  महिलाओं ने किया 'बुल्डोजर टीम' का स्वागत हालांकि, कार्रवाई के दौरान वहां एक अलग ही नजारा देखने को मिला. इलाके की कुछ महिलाएं निगम अधिकारियों के सामने फूल लेकर पहुंचीं और उनका स्वागत किया. महिलाओं ने अधिकारियों को संविधान की प्रतियां भी भेंट कीं. उनका कहना था कि कानून का पालन होना चाहिए, लेकिन कार्रवाई संविधान और न्यायिक प्रक्रिया के दायरे में रहकर की जानी चाहिए।  महिलाओं के इस अनोखे विरोध ने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे और पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा. बुलडोजर कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ भी जमा हो गई, जिसके चलते प्रशासन पूरी सतर्कता बरतता नजर आया।  नगर निगम कर्मचारियों को महिलाओं ने दिया संविधान इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. AIMIM नेताओं ने इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताया है, जबकि प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है और कानून से ऊपर कोई नहीं है।  फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कई पहलुओं से कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपी निदा खान से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है. वहीं, शहर में बुलडोजर एक्शन और महिलाओं द्वारा संविधान की कॉपी देकर किए गए विरोध की चर्चा लगातार बनी हुई है। 

नकली डेयरी कारोबार का भंडाफोड़: मिल्क मैजिक ब्रांड में मिलावटी सामान से बनते थे प्रोडक्ट

भोपाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने डेयरी उद्योग में बड़े पैमाने पर मिलावट और वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है।प्रवर्तन निदेशालय के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय ने 11 मई, 2026 को जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके प्रबंध निदेशक किशन मोदी के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत आधिकारिक तौर पर आरोप पत्र दाखिल किया। पूर्व संज्ञान सुनवाई के बाद, भोपाल स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम न्यायालय ने आरोपों का औपचारिक संज्ञान लिया है।जांच से मिल्क मैजिक ब्रांड के तहत बेचे जाने वाले मिलावटी डेयरी उत्पादों के निर्माण से जुड़े एक बेहद चिंताजनक गिरोह का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार, कंपनी ने प्राकृतिक मिल्क फैट को पाम ऑयल और अन्य हानिकारक पदार्थों से बदलकर संगठित धोखाधड़ी की। ये मिलावटी उत्पाद न केवल घरेलू बाजारों में व्यापक रूप से वितरित किए गए, बल्कि विदेशों में भी निर्यात किए गए, जिससे समाज के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हुआ। संघीय एजेंसी ने खुलासा किया कि कंपनी ने अपने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाने के लिए अत्यधिक भ्रामक तरीकों का इस्तेमाल किया।धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत की गई जांच में पता चला कि कंपनी ने प्रतिष्ठित संस्थानों से कथित तौर पर प्राप्त जाली प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट निर्यात निरीक्षण एजेंसी को आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने के लिए प्रस्तुत की थीं। निर्यात के लिए नकली रिपोर्ट तैयार की जांच एजेंसी ने बताया कि निर्यात की मंजूरी हासिल करने के लिए कंपनी ने प्रतिष्ठित लैब्स की फर्जी टेस्ट रिपोर्ट्स जमा की थीं। संबंधित प्रयोगशालाओं से सत्यापन कराने पर कई रिपोर्ट्स नकली पाई गईं। ईडी के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कंपनी ने मिलावटी डेयरी उत्पादों का निर्यात कर करीब 19.69 करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। ईडी ने कहा कि यह राशि कंपनी के बैंक खातों के माध्यम से संचालित की गई, जिसे पीएमएलए के तहत “अपराध की आय” (Proceeds of Crime) माना गया है। मामले में एजेंसी पहले ही कंपनी की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर चुकी है। कंपनी के अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही इस पूरे मामले की जांच भोपाल के हबीबगंज थाना और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए थे। ईडी ने कार्रवाई करते हुए कंपनी के प्रबंध निदेशक किशन मोदी को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था, जबकि तत्कालीन CEO सुनील त्रिपाठी को 20 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी के मुताबिक कंपनी के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की भी जांच जारी है और आने वाले समय में मामले में और खुलासे हो सकते हैं। जांच करने पर, संबंधित प्रयोगशालाओं ने पुष्टि की कि ये रिपोर्टें वास्तव में मनगढ़ंत थीं। प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि मिलावटी सामानों के इन धोखाधड़ीपूर्ण निर्यातों के माध्यम से कंपनी ने लगभग 19.69 करोड़ रुपए की आपराधिक आय अर्जित की। यह धनराशि विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से भेजी गई थी और इसे औपचारिक रूप से आपराधिक आय के रूप में मान्यता दी गई है। यह मामला हबीबगंज पुलिस स्टेशन और भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा में कंपनी के निदेशकों और अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कई एफआईआर से उत्पन्न हुआ। जांच के शुरुआती चरण में, प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपियों से जुड़ी अचल संपत्तियों को जब्त करने के लिए एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया था।

विकसित मध्यप्रदेश 2047 का सपना बच्चों के सर्वांगीण विकास से होगा साकार: मंत्री भूरिया

बच्चों का सर्वांगीण विकास ही विकसित मध्यप्रदेश @2047 की आधारशिला: मंत्री  भूरिया “परिणामोन्मुखचाइल्ड बजटिंग कार्यशाला में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागीय समन्वय पर दिया जोर भोपाल  महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि मध्यप्रदेश के बच्चों का सर्वांगीण विकास ही राज्य के सतत और समावेशी विकास की आधारशिला बनेगी। मंत्री सुश्री भूरिया बुधवार को होटल कोर्टयार्ड मैरियट में महिला एवं बाल विकास विभाग तथा यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'चाइल्ड बजटिंग इन मध्यप्रदेश' विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं। बजट 2026-27: बच्चों के लिए रिकॉर्ड आवंटन मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि वर्ष 2026-27 के राज्य बजट में बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता दिखती है। उन्होंने मुख्य वित्तीय प्रावधानों को साझा करते हुए कहा कि बजट में इस वर्ष 26 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि की गई है।स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में 23 हजार 747 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 'पोषण 2.0' जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। राज्य के कुल व्यय का 13.7 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर व्यय के लिये आवंटित किया गया है। 19 विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता मंत्री सुश्री भूरिया ने स्पष्ट किया कि बच्चों का विकास केवल संबंधित बाल विकास विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा चाइल्ड बजट स्टेटमेंट में अब 19 विभागों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जनजातीय कार्य और सामाजिक न्याय जैसे सभी विभागों को एक निर्धारित लक्ष्य अनुसार मिलकर काम करना होगा। विभागों के बीच जब बेहतर समन्वय होगा, तभी बजट का वास्तविक लाभ धरातल पर दिखेगा। जिलों की विशिष्ट आवश्यकताओं पर ध्यान मंत्री सुश्री भूरिया ने प्रदेश के 55 जिलों की विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि हर जिले में बच्चों की आवश्यकताएं अलग हो सकती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे स्थानीय आवश्यकताओं को समझें और उसी के अनुरूप कार्य योजना बनाएं। 3 करोड़ बच्चे हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी" : आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता महिला एवं बाल विकास आयुक्त सुश्री निधि निवेदिता ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कि राज्य की लगभग 40 प्रतिशत आबादी 3 करोड़ बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि चाइल्ड बजट की रिपोर्टिंग को अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी बनाना अनिवार्य है।विभागों को केवल आंकड़ों पर नहीं, बल्कि साक्ष्यों पर ध्यान देना होगा कि उनकी योजनाओं का वास्तविक लाभ बच्चों तक कैसे पहुँच रहा है। 5 वर्षों की सफलता और 'इक्विटी' पर जोर : विलियम हैनलोन जूनियर यूनिसेफ मध्यप्रदेश के चीफ फील्ड स्टॉफ, श्री विलियम हैनलोन ने कहा कि मध्यप्रदेश 'चाइल्ड बजटिंग' के 5 सफल वर्ष पूरे कर चुका है और यह केवल खर्च की रिपोर्टिंग से आगे बढ़कर 'परिणाम-आधारित' बजटिंग की ओर बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश की अधिकांश जनजातीय आबादी को देखते हुए बजट में लिंग और भौगोलिक स्थिति के आधार पर समानता का ध्यान रखा जाना चाहिए। विकसित भारत @2047' के लिए रणनीतिक निवेश : क्रिस्टीना पोपीवानोवा यूनिसेफ की सोशल पॉलिसी चीफ (दिल्ली) सुश्री क्रिस्टीना पोपीवानोवा ने मध्यप्रदेश की इस पहल को संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार कन्वेंशन के अनुरूप बताया।उन्होंने कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब बच्चों में निवेश को 'लाभार्थी' के नजरिए से नहीं बल्कि 'उत्पादकता' के आधार पर देखा जाए । महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री अभिताभ अवस्थी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बाल बजट के अंतर्गत 75 हजार 587 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह राशि राज्य के कुल बजट का 19.4 प्रतिशत और सकल घरेलू उत्पाद का 4.1 प्रतिशत है। वर्ष 2022 में बाल बजटिंग की पहल शुरू करने के बाद, मध्यप्रदेश अब इसके पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस प्रक्रिया में विभागों की भागीदारी 17 से बढ़कर 19 हो गई है, जो राज्य की "होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच"को दर्शाती है। कार्यशाला के तकनीकी सत्रों का संचालन यूनिसेफ की सामाजिक नीति विशेषज्ञ सुश्री पूजा सिंह द्वारा किया गया। इसमें शामिल 19 विभागों के प्रतिनिधियों ने बजट प्रक्रिया और क्रियान्वयन के अपने अनुभव साझा किए।  

VIP कल्चर पर लगाम: CM मोहन यादव का छोटा काफिला चर्चा में, मंत्री एक कार से पहुंचे

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पेट्रोल-डीजल का संयमित उपयोग करने की अपील के बाद एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले में से 5 वाहन कम कर दिए हैं। सीएम के कारकेड में अब तक 13 वाहन चलते थे अब 8 वाहन ही साथ रहेंगे। सीएम के काफिले में सिर्फ 8 वाहन रहे भोपाल से नरसिंहपुर रवाना होते वक्त सीएम डॉ. मोहन यादव के काफिले में आज सिर्फ आठ वाहन ही नजर आए। डिप्टी सीएम शुक्ल का ऐलान कम से कम गाड़ियां काफिले में रहेंगी सीएम के बाद अब डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने अपने काफिले में कम से कम गाड़ियां चलाने का ऐलान किया है। डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने सोशल मीडिया पर लिखा- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर राष्ट्रहित में ईंधन संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दिशा में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग भी पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ योगदान देगा। आगामी आदेश तक विभागीय भ्रमण, निरीक्षण एवं अन्य शासकीय गतिविधियों में न्यूनतम वाहनों का उपयोग किया जाएगा। अनावश्यक वाहन रैली, अतिरिक्त काफिले और ईंधन की खपत वाले आयोजनों से परहेज किया जाए। विभाग के अफसर कार पुलिंग को प्राथमिकता दें डिप्टी सीएम ने कहा कि विभाग के सभी अधिकारी भी शासकीय कार्यों में सादगी अपनाते हुए सार्वजनिक परिवहन अथवा साझा वाहन व्यवस्था को प्राथमिकता दें। स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित भोजन का भी सीधा संबंध है। इसी दृष्टि से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना आवश्यक है, जिससे रासायनिक उर्वरकों (जो अधिकांश आयातित होते हैं) का उपयोग कम हो, भूमि और जल की गुणवत्ता सुरक्षित रहे तथा आमजन को स्वास्थ्य कर अन्न उपलब्ध हो। यह जनस्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। विभागीय अधिकारियों से अपेक्षा है कि ऊर्जा संरक्षण के साथ पर्यावरण संरक्षण के इस संदेश को भी जनजागरूकता अभियानों में शामिल करें। ईंधन की बचत, स्वच्छ पर्यावरण और प्राकृतिक कृषि, ये सभी स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के आधार हैं। राष्ट्रहित सर्वोपरि है। प्रत्येक छोटी बचत, देश की बड़ी शक्ति बनती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश राष्ट्रहित में पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए संकल्पित है। आगामी आदेश तक मेरे कारकेड में सुरक्षा की दृष्टि से न्यूनतम वाहन होंगे और भ्रमण के दौरान कोई वाहन रैली नहीं होगी। सभी मंत्रीगण भी यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। साथ ही, नवनियुक्त निगम-मंडल पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों से भी आग्रह है कि वे सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं। राष्ट्रहित सर्वोपरि है। मुख्यमंत्री  मोहन यादव ने कहा कि राष्ट्रहित में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई अपील को मध्यप्रदेश में पूरी गंभीरता के साथ अमल में लाया जाएगा। राज्य शासन ने जारी किए निर्देश * आगामी आदेश तक मुख्यमंत्री जी के कारकेड में 13 वाहनों के स्थान पर सिर्फ 8 वाहन रहेंगे। * मुख्यमंत्री जी के भ्रमण के समय कोई वाहन रैली आयोजित नहीं की जाएगी। * सभी मंत्रिगण यात्रा के समय न्यूनतम वाहनों का प्रयोग करेंगे। * नव नियुक्त निगम-मंडल के पदाधिकारी सादगी से कार्यभार ग्रहण करें और कोई वाहन रैली इसमें नहीं रहेगी। एक कार से मंत्रालय गए खेल मंत्री खेल और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने भी सुरक्षा में चलने वाले पायलेट और फॉलो वाहन को हटा दिया है। मंत्री सारंग एक कार से स्टाफ के साथ मंत्रालय के लिए रवाना हुए। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान अर्थव्यवस्था का सुधारने करने के लिए है। इस देश के लिए यदि हम कुछ करना चाहते हैं तो यह हमारा दायित्व है कि प्रधानमंत्री मोदी की सलाह और आवाहन को स्वीकार करें। कार्यकर्ताओं से भी अपील की है कि कम से कम पेट्रोल डीजल का उपयोग करें। यह इस देश के नवनिर्माण के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी का यह नया प्रयास है। प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा इस देश को खड़ा करने का काम किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कोरोना के समय इतने बड़े देश में महामारी से जीतने का काम हुआ। आगे आने वाली पीढ़ी एक विकसित हिंदुस्तान में रहे, स्वावलंबी हिंदुस्तान का निर्माण करें यह हम सबका कर्तव्य है। मंत्रियों ने भी कम की गाड़ियां सीएम मोहन के अलावा दूसरे नेताओं ने भी गाड़ियां कम कर दी हैं. डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने काफिले में कम से गाड़ियां चलाने की बात कही है. वहीं मंत्रियों ने भी अपना काफिला कम कर दिया है. मंत्री विश्वास सारंग ने भोपाल में महज एक गाड़ी का इस्तेमाल किया. मंत्रियों ने सुरक्षा में चलने वाले पायलेट और फॉलो वाहन को हटा दिया है. वह केवल एक कार से ही मंत्रालय के लिए रवाना हुए और इसी तरह से भ्रमण भी किया था. प्रदेश के दूसरे मंत्रियों ने भी काफिले में कमी की है।  प्रधानमंत्री मोदी ने की जनता से ये अपील प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील है कि वे पेट्रोल-डीजल का उपयोग कम करें. सार्वजनिक परिवहन या कारपूलिंग का इस्तेमाल करें. एक साल तक सोना न खरीदें. ताकि, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके. जनता विदेशी ब्रांड की जगह स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करे। संभव हो सके तो जनता वर्क फ्रॉम होम करें. जनता अगले एक साल तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राओं से बचे. किसान रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करें और प्राकृतिक खेती अपनाएं. खाने में जरूरत के अनुसार ही खाद्य तेल का उपयोग करें। 

पेंशन बढ़ोतरी के साथ ताबड़तोड़ एक्शन: CM सुवेंदु ने अवैध फैक्ट्रियों का ‘हुक्का-पानी’ किया बंद

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पद संभालने के बाद से ताबड़तोड़ फैसले लेते दिख रहे हैं. सबसे पहले उन्होंने हावड़ा के तिलजला, टॉपसिया इलाके में हादसे के बाद यहां संचालित तमाम अवैध फैक्ट्रियों का बिजली और पानी कनेक्शन काटने के आदेश दिए. वहीं विधवा भत्ता, बुढ़ापा भत्ता और विकलांगता भत्ता 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये करने का आदेश दिया है. नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा की पहली कार्यवाही के दौरान लंच में चावल, मछली, दाल, तले हुए आलू और सब्जियां शामिल थीं।  तिलजला-टॉपसिया की अवैध फैक्ट्रियों पर सख्ती मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने तिलजला, टॉपसिया और आसपास के इलाकों में चल रही अवैध फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. मंगलवार को तपसिया स्थित एक बहुमंजिला फैक्ट्री में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन फैक्ट्रियों के पास वैध अनुमति, बिल्डिंग प्लान या फायर एनओसी नहीं है, उनकी बिजली और पानी की सप्लाई काट दी जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की जान जोखिम में डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. फैक्ट्री मालिक सहित दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और फोरेंसिक टीम ने मौके का निरीक्षण किया है।  चार विभागों की कमेटी गठित घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने चार विभागों की समन्वय समिति बनाई है. मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. बिजली विभाग को CESC के साथ मिलकर उन भवनों का ऑडिट करने को कहा गया है जिनके निर्माण की मंजूरी नहीं है. सरकार पहले ऐसे भवन मालिकों को नोटिस देकर सुधार का अवसर देगी. इसके बाद नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।  विधवा, वृद्धावस्था और दिव्यांग पेंशन हुआ डबल नई भाजपा सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देते हुए विधवा भत्ता, वृद्धावस्था पेंशन और दिव्यांग भत्ता 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह करने का फैसला किया है. इस निर्णय से लाखों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा. सरकारी सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में जनहित से जुड़े कई और बड़े फैसलों की घोषणा की जा सकती है।  विधानसभा के मेन्यू में मछली नई विधानसभा की पहली कार्यवाही के दौरान विधायकों के लिए दोपहर के भोजन में चावल, मछली, दाल, आलू भुजिया और सब्जियां परोसी गईं. इस बंगाली मेन्यू ने भाजपा सरकार की ओर से एक स्पष्ट संदेश दिया कि वह बंगाल की संस्कृति और खानपान परंपरा का सम्मान करती है।  चुनाव प्रचार के दौरान तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भाजपा सत्ता में आने पर मछली और मांस खाने पर रोक लगा सकती है. विधानसभा के इस मेन्यू ने उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया।  राजनीतिक और सांस्कृतिक संदेश साथ-साथ शुभेंदु अधिकारी के शुरुआती फैसलों से स्पष्ट है कि उनकी सरकार कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के साथ-साथ जनकल्याण और बंगाली अस्मिता पर भी बराबर जोर दे रही है. अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई, गरीबों के लिए राहत और सांस्कृतिक प्रतीकों के माध्यम से संदेश इन सबने यह संकेत दिया है कि पश्चिम बंगाल की नई सरकार तेज, निर्णायक और प्रतीकात्मक राजनीति का संतुलित मिश्रण पेश कर रही है। 

सोना-चांदी की कीमतों में आग: सिल्वर ने पकड़ी रॉकेट रफ्तार, गोल्ड भी हुआ महंगा

मुंबई  सोने-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के फैसले के बाद आज 13 मई, बुधवार को गोल्‍ड-सिल्‍वर की कीमतों में जबरदस्‍त उछाल देखा गया. घरेलू कमोडिटी मार्केट खुलते ही सोने और चांदी (Gold-Silver) में करीब 30,000 रुपये तक की बढ़त देखी गई. चांदी करीब 18,000 रुपये चढ़कर 3 लाख के करीब पहुंच गई, जबकि सोना भी करीब 10,000 रुपये चढ़कर 1.63 लाख रुपये के करीब पहुंच गया. केडिया एडवायजरी के मुताबिक, सोने-चांदी में इस बढ़त के पीछे सरकार की ओर से सोने के आयात पर लगने वाले टैरिफ में बढ़ोतरी एक बड़ी वजह है. कमोडिटी एक्‍सपर्ट अजय केडिया ने बताया कि सोने-चांदी पर आयात शुल्‍क 6% से बढ़ाकर 15% कर देने का असर कमोडिटी मार्केट में देखा जा रहा है. सोने और चांदी में करीब 6% की उछाल के पीछे ये एक बड़ी वजह है।  MCX पर कितना चढ़ा सोना, चांदी कितनी महंगी हुई?  घरेलू कमोडिटी मार्केट MCX पर आज सुबह करीब 9:30 बजे 3 जुलाई को डिलीवरी वाला सोना 6.19 फीसदी या 9,503 रुपये के उछाल के साथ 1,62,945 रुपये/10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखा. वहीं 5 जून को डिलीवरी वाली चांदी 6.70 फीसदी या 18,698 रुपये की बढ़त के साथ 2,97,760 रुपये के लेवल पर पहुंच गया।   अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल  इंटरनेशनल मार्केट में बुधवार को सोना 4,700 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करता दिखा. कारण कि अमेरिकी महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्‍यादा रहे, जिसने सर्राफा कीमतों पर दबाव डाला. इसने फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की संभावनाओं को कम कर दिया. अमेरिका में कंज्‍यूमर इनफ्लेश अप्रैल में बढ़कर 3.8% हो गई, जो बाजार के 3.7% के अनुमान से अधिक है और मई 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है. इसका मुख्य कारण मध्य पूर्व संघर्ष से जुड़ी ऊर्जा की बढ़ती कीमतें हैं. इस बीच, तेल की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र में तेजी जारी रही क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध को सुलझाने के राजनयिक प्रयास ठप रहे, जिससे महंगाई और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर चिंताएं बढ़ गईं. इसके अतिरिक्त, भारत ने सोने की मांग को नियंत्रित करने और घरेलू मुद्रा को सहारा देने के लिए सोने और चांदी पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है।  वहीं दूसरी ओर मजबूत औद्योगिक मांग के बीच चांदी दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है. इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतें 87 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई. सुधरती औद्योगिक मांग की संभावनाओं के कारण चांदी की कीमतों में ये तेजी आई, जो दो महीनों का इसका उच्चतम स्तर है. इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और औद्योगिक विनिर्माण अनुप्रयोगों में व्यापक उपयोग के कारण चांदी का प्रदर्शन अन्य कीमती धातुओं की तुलना में बेहतर रहा है. हालांकि, निवेशकों का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है.  इस बीच अमेरिका-ईरान संघर्ष पर रुकी हुई राजनयिक वार्ताओं के कारण तेल की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बढ़त देखी गई, जिससे वैश्विक कमोडिटी बाजारों में महंगाई की चिंताएं बनी हुई हैं।  आज 13 मई, बुधवार को सोने-चांदी के दाम  आज 13 मई को सोने के भाव की बात करें तो ज्‍वैलरी मार्केट में 24 कैरेट सोना 1,53,990 रुपये/10 ग्राम के करीब है. वहीं चांदी 2,90,100 रुपये/किलो के भाव चल रही है।  मुंबई में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     मुंबई में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम     मुंबई में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम     मुंबई में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम दिल्ली में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,140 रुपये/10 ग्राम     दिल्ली में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,310 रुपये/10 ग्राम     दिल्ली में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,650 रुपये/10 ग्राम कोलकाता में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     कोलकाता में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम     कोलकाता में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम     कोलकाता में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम चेन्नई में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     चेन्नई में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,56,340 रुपये/10 ग्राम     चेन्नई में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,43,310 रुपये/10 ग्राम     चेन्नई में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,19,510 रुपये/10 ग्राम बेंगलुरु में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     बेंगलुरु में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम     बेंगलुरु में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम     बेंगलुरु में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम हैदराबाद में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     हैदराबाद में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम     हैदराबाद में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम     हैदराबाद में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम केरल (राज्‍य) में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार केरल में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम केरल में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम केरल में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम पुणे में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     पुणे में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,53,990 रुपये/10 ग्राम     पुणे में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,160 रुपये/10 ग्राम     पुणे में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,500 रुपये/10 ग्राम वडोदरा में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     वडोदरा में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,040 रुपये/10 ग्राम     वडोदरा में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,210 रुपये/10 ग्राम     वडोदरा में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,550 रुपये/10 ग्राम अहमदाबाद में सोने के दाम- 13 मई 2026, बुधवार     अहमदाबाद में 24 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,54,040 रुपये/10 ग्राम     अहमदाबाद में 22 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,41,210 रुपये/10 ग्राम     अहमदाबाद में 18 कैरेट गोल्ड के दाम- 1,15,550 रुपये/10 ग्राम आपके शहर में चांदी के दाम- 13 मई, बुधवार | Silver Prices Today     मुंबई में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो     दिल्ली में चांदी के दाम- 13 मई 2026, बुधवार- 2,90,100 रुपये/किलो     … Read more