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LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना छत्तीसगढ़, आमजन और उद्योगों दोनों को मिलेगा लाभ

बेहतर सड़क, तेज़ परिवहन और बढ़ते रोजगार से आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य बना छत्तीसगढ़, आमजन और उद्योगों दोनों को मिलेगा लाभ सुशासन, मजबूत कनेक्टिविटी और जनहितकारी योजनाओं का दिख रहा सकारात्मक असर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर छत्तीसगढ़ ने विकास और सुशासन की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी LEADS 2025 रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ को ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य का दर्जा मिला है। यह उपलब्धि राज्य में बेहतर सड़क, परिवहन, व्यापार सुविधा और मजबूत लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के कारण मिली है, जिसका सीधा लाभ आम जनता, किसानों, व्यापारियों और युवाओं को मिल रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल उद्योगों का विकास नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है। बेहतर सड़क और परिवहन व्यवस्था से किसानों की उपज तेजी से बाजार तक पहुंच रही है, व्यापार को गति मिल रही है और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और तेज़ निर्णय प्रक्रिया के कारण निवेश बढ़ रहा है। राज्य सरकार गांव से शहर तक कनेक्टिविटी मजबूत करने, वेयरहाउसिंग सुविधाएं बढ़ाने और उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। इससे उद्योगों को सुविधा मिलने के साथ-साथ छोटे व्यापारियों, किसानों और स्थानीय उद्यमियों को भी लाभ मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा लागू की गई लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के तहत परिवहन लागत कम करने, माल परिवहन को तेज़ बनाने और निवेश आकर्षित करने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को उद्योग का दर्जा दिए जाने से रोजगार और निवेश की नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। रायपुर के लिए तैयार किए गए सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान से शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा और माल परिवहन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा। वहीं OneClick Single Window Portal के माध्यम से उद्योगों को अनुमति प्रक्रिया आसान बनाई गई है, जिससे निवेशकों को तेजी से सुविधाएं मिल रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ तेजी से आधुनिक और तकनीक-सक्षम लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित कर रहा है। इससे प्रदेश में व्यापार, उद्योग और रोजगार को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को देश के उभरते औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में नई पहचान दिला रही है। कुल मिलाकर LEADS 2025 में ‘हाई परफॉर्मर’ राज्य के रूप में मिली यह पहचान केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ में तेज़ी से विकसित हो रही अधोसंरचना, सुशासन और जनहितकारी विकास मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर मिली स्वीकृति है। बेहतर सड़क, मजबूत परिवहन व्यवस्था, बढ़ते निवेश और रोजगार के नए अवसरों के माध्यम से छत्तीसगढ़ अब आमजन की सुविधाओं और आर्थिक समृद्धि को केंद्र में रखकर विकास की नई दिशा तय कर रहा है।

पुराने बिजली बिल भरना अब होगा आसान, सरकार लाई समाधान योजना 2026

विशेष लेख  मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, आसान हुआ पुराने बिजली बिलों का भुगतान रायपुर  छत्तीसगढ़ सरकार की मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए एक राहत पहल है। इसके तहत पुराने बकाये पर सरचार्ज में  छूट मिल रही है। बकाया बिजली बिल पर लगने वाला पूरा सरचार्ज (ब्याज) माफ या मूल बकाया राशि एकमुश्त या किस्तों में जमा करने की सुविधा। यह योजना बीपीएल, सामान्य घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को लंबे समय से लंबित बिजली बिलों के बोझ से मुक्ति दिलाने के लिए लाई गई है।           मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों को आर्थिक राहत प्रदान करने और उनकी दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का व्यावहारिक समाधान देने के लिए लगातार जनहितकारी निर्णय ले रही है। इसी कड़ी में शुरू की गई मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। यह योजना विशेष रूप से उन परिवारों के लिए उपयोगी है जो पुराने बकाया बिजली बिल और बढ़ते सरचार्ज के कारण आर्थिक दबाव में थे। क्या है मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के पुराने और लंबित बिजली बिलों का सरल समाधान उपलब्ध कराना है। योजना के तहत बकाया बिजली बिलों पर लगने वाले सरचार्ज को पूरी तरह माफ किया जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को शेष राशि का भुगतान एकमुश्त या आसान किस्तों में करने की सुविधा भी दी गई है। पात्र श्रेणियों के उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि पर भी विशेष छूट का लाभ मिल रहा है। 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मिल चुकी है राहत राज्य शासन के अनुसार इस योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को 757 करोड़ रुपए से अधिक के सरचार्ज माफ होंगे।  यह आंकड़ा दर्शाता है कि योजना न केवल व्यापक स्तर पर लागू की गई है, बल्कि लाखों परिवारों के लिए वास्तविक आर्थिक सहायता का माध्यम भी बनी है। किन उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल परिवारों, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं और कृषि उपभोक्ताओं को दिया जा रहा है। ऐसे उपभोक्ता जिनके बिजली बिल लंबे समय से बकाया हैं और जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे इस योजना के माध्यम से अपने बकाया का समाधान कर सकते हैं। योजना से होने वाले प्रमुख फायदे सरचार्ज की पूरी माफी, पुराने बकाया बिलों पर लगने वाला सरचार्ज अक्सर मूल राशि से भी अधिक हो जाता है। इस योजना के तहत सरचार्ज की पूर्ण माफी से उपभोक्ताओं को तत्काल बड़ी राहत मिलती है। आसान किस्तों में भुगतान         बड़ी राशि एक साथ जमा करने की बाध्यता समाप्त हो जाती है। उपभोक्ता अपनी सुविधा और आर्थिक क्षमता के अनुसार किस्तों में भुगतान कर सकते हैं। घरेलू बजट पर कम दबाव और सरचार्ज माफी और किस्त सुविधा से परिवारों को अपने मासिक खर्चों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलती है। बिजली विच्छेदन का खतरा कम          बकाया राशि के कारण बिजली कटने की आशंका रहती है। योजना का लाभ लेने से उपभोक्ता नियमित भुगतान व्यवस्था में लौट सकते हैं। इससे किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिल के बोझ से राहत मिलती है, जिससे सिंचाई और खेती का कार्य निर्बाध रूप से जारी रह सकता है। मानसिक तनाव से राहत         लंबित बिलों की चिंता से मुक्ति मिलने पर परिवार आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस करते हैं। जो उपभोक्ता लंबे समय से भुगतान नहीं कर पा रहे थे, उन्हें फिर से नियमित भुगतान प्रणाली से जुड़ने का अवसर मिलता है। योजना का लाभ कैसे प्राप्त करें        योजना का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता अपने नजदीकी बिजली कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त टोल फ्री नंबर 1912 पर जानकारी प्राप्त की जा सकती है। विस्तृत जानकारी और आवश्यक दिशा-निर्देशों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड की आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग किया जा सकता है। योजना की अवधि         मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 1 जनवरी 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावशील रहेगी। राज्य सरकार ने उपभोक्ताओं से समय रहते योजना का लाभ लेने की अपील की है। जनहित और सुशासन का प्रभावी उदाहरण         मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 राज्य सरकार की संवेदनशील और जनोन्मुखी सोच का उदाहरण है। यह योजना केवल बकाया बिलों के समाधान तक सीमित नहीं है, बल्कि लाखों परिवारों को आर्थिक राहत, मानसिक संतोष और बेहतर वित्तीय प्रबंधन का अवसर भी प्रदान करती है।         मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो पुराने बिजली बिलों के बोझ से परेशान हैं। सरचार्ज माफी, मूल राशि पर छूट और आसान किस्तों जैसी सुविधाएं इसे एक प्रभावी और जनहितकारी योजना बनाती हैं। यह योजना आम नागरिकों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें नियमित भुगतान व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। प्रदेशवासियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने लंबित बिजली बिलों का समाधान करें और आर्थिक राहत प्राप्त करें। * धनंजय राठौर, संयुक्त संचालक * सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक

बुद्धिमान लोगों की पहचान हैं ये 7 लक्षण, चाणक्य ने बताई सफलता की कुंजी

आज से कई सौ वर्षों पहले भारतभूमि पर ऐसे महान ज्ञानी ने जन्म लिया, जिनकी बातें आज भी भटके हुओं को सही रास्ता दिखाने का काम करती हैं। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में जीवन के लगभग हर पहलू से जुड़ा ज्ञान साझा किया, जो आज के समाज में भी उतना ही सटीक बैठता है। आज हर कोई खुद को बुद्धिमान समझता है। लेकिन असल में बुद्धिमान व्यक्ति के पैमाने क्या हैं, ये शायद ही कोई समझता हो। क्या केवल डिग्री लेने से कोई बुद्धिमान हो जाता है, या इसके लिए किसी खास विषय का ज्ञान जरूरी है। आचार्य चाणक्य ने इस बारे में भी अपनी नीति में बताया है। उन्होंने बुद्धिमान व्यक्ति के कुछ संकेत बताए हैं, जिन्हें देखकर आप वाकई समझ सकते हैं कि सामने वाला केवल किताबी ज्ञानी है या असल मायनों में ज्ञानी है। अपने मन की बात हर किसी को ना बताना आचार्य चाणक्य बताते हैं कि बुद्धिमान व्यक्ति अपने मन की बात हर किसी के साथ साझा नहीं करते, भले ही वो कितना भी करीबी क्यों ना हो। असल में बुद्धिमान व्यक्ति जानते हैं कि आज का मित्र कल शत्रु भी बन सकता है। ऐसे में वो आपके खिलाफ सबसे पहले इन्हीं बातों का इस्तेमाल करेगा, जो अपने उन्हें विश्वास कर के बताई हैं। अपना कार्य पूरा होने से पहले किसी को नहीं बताते बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपने कार्य को पूरा होने से पहले नहीं बताते। आचार्य कहते हैं कि पहले से ही बात का ढोल पीट देने से काम का महत्व तो कम हो ही जाता है, साथ में शत्रु भी आपको गिराने का प्रयास कर सकता है। इसलिए भलाई इसी में है कि चुपचाप पहले काम करें, परिणाम लोगों को खुद ही दिख जाएगा। गुस्से और जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेते आचार्य चाणक्य बताते हैं कि बुद्धिमान व्यक्ति अपना कोई भी निर्णय जल्दीबाजी या गुस्से में नहीं लेते हैं। क्योंकि वो जानते हैं कि जल्दी में या गुस्से में लिया गया एक भी निर्णय पूरी मेहनत को बर्बाद कर सकता है। बुद्धिमान व्यक्ति कम बोलते हैं और ज्यादा सुनते हैं बुद्धिमान व्यक्ति का एक लक्षण ये भी है वो ज्यादा बोलते नहीं बल्कि लोगों को सुनते हैं। वो जानते हैं कि उन्हें कब और क्या बोलना है। इससे उनकी बातों का महत्व भी ज्यादा होता है और उनके ज्ञान में भी वृद्धि होती है। अपने हर अनुभव से सीखते हैं ऐसा नहीं है कि बुद्धिमान व्यक्ति को हार का सामना नहीं करना पड़ता है। वो भी कई बार नीचे गिरते हैं लेकिन उस अनुभव को बेकार नहीं जाने देते। वो अपने हर एक अनुभव से सीख लेते हैं, उसमें सुधार करते हैं और आगे बढ़ते हैं। एक ही गलती को बार-बार दोहराते नहीं। समय का महत्व समझते हैं आचार्य चाणक्य बताते हैं कि बुद्धिमान व्यक्ति अपने समय का मोल समझता है। वो जानते है कि दुनिया में सब कुछ खरीदा जा सकता है, लेकिन समय अनमोल है। इसलिए एक एक क्षण उसके लिए कीमती होता है, जिसे वो व्यर्थ नहीं जाने देता। बिना सोचे-समझे कोई काम नहीं करते बुद्धिमान व्यक्ति अपना कोई भी काम बिना सोचे-समझे कभी शुरू नहीं करते। वो कुछ नया होने से पहले उसका अच्छे से आकलन करते हैं, फिर हर परिणाम को ध्यान में रखते हुए ही कोई फैसला करते हैं। उनकी यही सूझबूझ उन्हें औरों से अलग और सफल बनाती है।

BJP ने हरियाणा निकाय चुनाव में कैसे मारी बाजी? कांग्रेस की हार के पीछे ये बड़ी वजहें

चंडीगढ़  हरियाणा नगर निकाय चुनावों में बीजेपी ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। शहरी वोटरों के बीच संगठन की मजबूत रणनीति, बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ता और विकास के मुद्दों ने बीजेपी को बढ़त दिलाई। दूसरी ओर कांग्रेस अंदरूनी गुटबाजी, कमजोर चुनावी रणनीति और स्थानीय नेतृत्व की कमी से जूझती नजर आई। कई सीटों पर कांग्रेस मजबूत मुकाबला देने में भी असफल रही। बीजेपी ने अंबाला सिटी, सोनीपत और पंचकूला में जीत दर्ज की, जिससे शहरी क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ मजबूत हुई। हुड्डा के गढ़ में भी बीजेपी ने मारी बाजी बीजेपी ने अन्य नगर निकाय चुनावों में भी शानदार प्रदर्शन किया। इसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ सांपला नगर समिति में अध्यक्ष पद जीतना, रेवाड़ी और धारूहेरा में जीत हासिल करना शामिल है। पंचकूला में भाजपा के महापौर उम्मीदवार शाम लाल बंसल और 17 वार्ड उम्मीदवारों ने नगर निगम चुनावों में एकतरफा जीत दर्ज की। बीजेपी ने रेवाड़ी सोनीपत में भी मारी बाजी     रेवाड़ी नगर परिषद चुनावों में बीजेपी की उम्मीदवार विनीता पिप्पल ने 21,000 से अधिक वोटों के प्रभावशाली अंतर से अध्यक्ष पद जीता।     सोनीपत में बीजेपी ने नगर निगम के 22 वार्डों में से 16 पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस ने शेष छह सीटें जीतीं।     बीजेपी उम्मीदवार राजीव जैन ने महापौर का चुनाव जीता।     बीजेपी उम्मीदवार अर्चना छिब्बर ने वार्ड संख्या 6 से जीत हासिल की, जबकि पार्टी ने अंबाला नगर निगम के 16 वार्डों में, कांग्रेस ने तीन वार्डों में और निर्दलीय उम्मीदवारों ने एक वार्ड में जीत दर्ज की। सीएम नायब सैनी ने किसे दिया जीत का श्रेय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नगर निगम चुनावों में विजयी सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि जनता ने इन चुनावों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की नीतियों पर अपनी मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में लगातार भाजपा सरकारें बन रही हैं। प्रधानमंत्री की नीतियों पर जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और कांग्रेस ने झूठ के जरिए जनता को गुमराह करना जारी रखा, लेकिन अब जनता ने उसका असली चेहरा पहचान लिया है। विज ने विजेताओं को दी बधाई हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने राज्य में हुए नगर निकाय चुनावों में विजयी बीजेपी के सभी उम्मीदवारों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह जीत सिर्फ बीजेपी उम्मीदवारों की नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लागू की जा रही विकास, सुशासन और कल्याणकारी नीतियों में जनता के विश्वास की जीत है। विज ने विशेष रूप से बीजेपी के विजयी महापौर उम्मीदवार अंबाला शहर से अक्षिता सैनी, सोनीपत से राजीव जैन और पंचकूला से श्यामलाल बंसल को बधाई दी और कहा कि जनता ने विकास और पारदर्शी प्रशासन के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है।

सफलता की कहानी: सुनीता जायसवाल को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी खुशी

सफलता की कहानी-सुनीता जायसवाल को मौके पर मिला राशन कार्ड, चेहरे पर लौटी मुस्कान प्रशासन की संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई से हितग्राही ने जताया आभार रायपुर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक सशक्त मंच साबित हो रहा है। नगर पालिका भाटापारा के इतवारी राम यादव शासकीय विद्यालय में आयोजित शिविर में उस समय प्रशासन का मानवीय और संवेदनशील चेहरा सामने आया, जब राशन कार्ड की समस्या लेकर पहुंची स्थानीय निवासी सुनीता जायसवाल का कार्य मिनटों में पूरा हो गया। संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान         सुनीता जायसवाल लंबे समय से राशन कार्ड की समस्या से जूझ रही थीं। शिविर में उनके आवेदन पर अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया और पात्रता की जांच कर मौके पर ही नया राशन कार्ड बनाकर सौंपा। हाथों-हाथ राशन कार्ड पाकर सुनीता भावुक हो गईं और उन्होंने त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया। एक ही छत के नीचे मिली सरकारी सेवाएं         सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है। इस शिविर की प्रमुख विशेषताएं रहीं। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से आवेदनों का मिलान और सत्यापन आसान हुआ। प्राप्त आवेदनों पर बिना किसी विलंब के पारदर्शी तरीके से कार्रवाई की गई। सुनीता जायसवाल की तरह अन्य दर्जनों लोगों ने भी अपनी पेंशन, राजस्व और अन्य नागरिक सेवाओं का तत्काल लाभ प्राप्त किया।सरकार की यह पहल सचमुच सुशासन का प्रतीक है। मुझे उम्मीद नहीं थी कि मेरा राशन कार्ड इतनी जल्दी बन जाएगा। अब मुझे दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। धरातल पर उतर रहा है सुशासन         हितग्राही सुनीता जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार अंत्योदय के संकल्प को पूरा कर रही है। प्रशासन का यह समस्याओं को स्थल पर ही समाधान मॉडल जनता के बीच शासन के प्रति विश्वास को और मजबूत कर रहा है।

स्वर्ण पदक विजेता गुरनूर कौर की बड़ी उपलब्धि, 12वीं बोर्ड परीक्षा में देश में दूसरा स्थान

चंडीगढ़  लंबी हलके के गांव लुहारा के बागवानी व्यवसाय से जुड़े बलजीत सिंह लुहारा की पुत्री गुरनूर कौर ने सीबीएसई बोर्ड की 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में शानदार प्रदर्शन करते हुए आर्ट्स वर्ग में 500 में से 498 अंक प्राप्त कर 99.6 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। इस उपलब्धि के साथ गुरनूर कौर ने देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता, स्कूल और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गुरनूर कौर केवल पढ़ाई में ही नहीं, बल्कि खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 2025 में हैमर थ्रो प्रतियोगिता में पंजाब स्टेट खेलों के दौरान स्वर्ण पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया था। गुरनूर की विशेषता यह भी है कि वह कम उम्र में पढ़ाई के साथ-साथ अपने पिता बलजीत सिंह के साथ किन्नू बागवानी के कार्य में भी बेटों की तरह हाथ बंटाती हैं। वह किड्ज किंगडम स्कूल की छात्रा हैं। गुरनूर ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और लगातार मेहनत को दिया है। दो बेटियों के पिता एवं पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त एएसआई बलजीत सिंह ने अपनी होनहार बेटी की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि गुरनूर कौर ने बेटों से बढ़कर उनका मान बढ़ाया है। गुरनूर कौर का सपना ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी की तैयारी कर सिविल सेवाओं में जाने का है। उसकी इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है।

ओबीसी प्रदेश स्त्री सम्मेलन अमरकंटक में. राजमणि पटेल

अनूपपुर  प्रदेश स्त्री सम्मेलन राष्ट्रीय ओबीसी संगम के आयोजन में एक दिवसीय ओबीसी का सम्मेलन अमरकंटक में आयोजित होने जा रहा है इस सम्मेलन में काफी संख्या में ओबीसी समाज के लोग पहुंचने की संभावना है प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं पूर्व राज्यसभा सांसद राजमणि पटेल जी का आगमन होगा तथा प्रदेश के कई दिग्गज नेता इस कार्यक्रम में शिरकत लेंगे राजमणि पटेल जी से हुई वार्तालाप पर उन्होंने बताया कि यह सम्मेलन अमरकंटक के संगम में आयोजित किया जा रहा है यह कार्यक्रम 16 एवं 17 में 2026 को आयोजित होने जा रहा है जिसमें ओबीसी समाज को एकत्रित करने एवं दिशा निर्देश देने के कार्यक्रम में राजमणि पटेल रीवा से अमरकंटक पहुंचेंगे जहां ओबीसी समाज के कार्यक्रम को संबोधित करेंगे राजमणि पटेल ने कहा कि इस कार्यक्रम में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने

आर्थिक तंगी से चाहिए छुटकारा? आज ही पर्स में रखें ये खास वस्तुएं

वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं, जो आपको मां लक्ष्मी की कृपा दिलाती हैं और आर्थिक तंगी दूर करती हैं। इन चीजों को पर्स में रखने से आपको काफी लाभ देखने को मिल सकता है। इन उपायों को करने से न केवल आर्थिक तंगी दूर होती है, बल्कि फिजूलखर्ची भी रुकती है। चलिए जानते हैं इस बारे में। जरूर करें ये उपाय अगर आप पैसों की तंगी का सामना कर रहे हैं, तो इससे राहत पाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में सुझाया हुआ ये उपाय कर सकते हैं। इसके लिए 21 साबुत चावल के दानों को हल्दी से रंग लें। इसके बाद इन्हें पीले कपड़े या कागज में बांध दें और इसे अपने पर्स में रख लें। ऐसा करने से आपको धन संबंधी परेशानियों से राहत मिल सकती है और फिजूलखर्ची कम होती है। इस उपाय को आप किसी भी शुक्ल पक्ष के दूसरे गुरुवार को करना उत्तम माना गया है। मिलेगी मां लक्ष्मी की कृपा धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लक्ष्मी जी को कमल के बीज प्रिय माने गए हैं। ऐसे में अगर आप इन्हें अपने पर्स में रखते हैं, तो देवी लक्ष्मी की कृपा से आपको धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। इसकी के साथ आप अपने पर्स में गोमती चक्र भी रख सकते हैं, जिससे आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। शुभ हैं इन चीजों को रखना आप अपने पर्स में एक चांदी का छोटा-सा चौकोर टुकड़ा या फिर चांजी का सिक्का भी रख सकते हैं। इससे आपको मां लक्ष्मी की कृपा मिलती है और बरकत कभी खत्म नहीं होती। इसके साथ ही आप अपने आराध्य देव या देवी-देवताओं का छोटा-सा चित्र भी अपने पर्स में रख सकते हैं, जो काफी शुभ माना जाता है। इससे बरकर बनी रहती है। भूलकर भी न रखें ये चीजें     पर्स में कभी भी फटे नोट नहीं रखने चाहिए, इससे धन की हानि होने लगती है।     पुराने बिल और रसीदें आदि भी अपने पर्स में रखने से बचें, जो बरकत में रुकावट बनते हैं।     कई लोग अपने मृत परिजनों की तस्वीर न पर्स में रखते हैं, जो गलत माना गया है।     पर्स में पुरानी चाबियां, जंग लगे सिक्के, पिन या किसी भी प्रकार की बेकार धातु नहीं रखनी चाहिए।     साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि आपका पर्स फटा हुआ नहीं होना चाहिए।  

पंजाब में FCI कर्मचारी की चमकी किस्मत, ₹1 करोड़ जीतकर बोले- पहले उतारूंगा कर्ज

लुधियाना लुधियाना के रहने वाले रणधीर सिंह की जिंदगी उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब मात्र 7 रुपए की लॉटरी ने उन्हें करोड़पति बना दिया। जो शख्स कल तक दो वक्त की रोटी के लिए एफसीआई (FCI) में पसीना बहाता था और कर्ज के बोझ तले दबा था आज वह करोड़ों का मालिक बन चुका है।  लाखोवाल गांव के रणधीर सिंह (40) रोजाना की तरह काम पर थे। इसी दौरान उन्होंने कोहड़ा स्थित गुप्ता लॉटरी से सिक्किम स्टेट लॉटरी की 7-7 रुपए वाली 4 बंडल टिकटें खरीदीं। रणधीर बताते हैं कि उन्होंने बस यूं ही अपनी किस्मत आजमाने के लिए ये टिकटें ली थीं। जैसे ही शाम 6 बजे ड्रॉ का परिणाम आया रणधीर को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने 1 करोड़ रुपए का पहला इनाम अपने नाम कर लिया था। 45 हजार से शुरू हुआ था सफर रणधीर के लिए लॉटरी का यह शौक नया नहीं था। उन्होंने बताया कि शुरुआत में जब उन्होंने पहली बार हाथ आजमाया था तब उनकी 45 हजार रुपए की लॉटरी निकली थी। उस छोटी सी जीत ने उन्हें उम्मीद दी थी कि शायद कभी बड़ा बदलाव आए। तब से वह कभी-कभार अपनी किस्मत आजमा लिया करते थे। इस बार तो कुदरत ने उनके घर की गरीबी को हमेशा के लिए मिटाने का फैसला कर लिया था। बीमारी और कर्ज से मिलेगी मुक्ति लॉटरी जीतने के बाद रणधीर की आंखों में खुशी के साथ-साथ पुराने संघर्षों के आंसू भी थे। उन्होंने बेहद भावुक होते हुए कहा कि मुझ पर काफी कर्ज है। अपनी और पत्नी की बीमारी के इलाज के लिए मैंने लोगों से पैसे उधार लिए थे, जिन्हें चुकाना मुश्किल हो रहा था। अब सबसे पहले मैं अपना सारा कर्ज उतारूंगा। रणधीर के परिवार में उनके बुजुर्ग माता-पिता भी हैं। अब तक वह संसाधनों की कमी के कारण उनकी वैसी सेवा नहीं कर पा रहे थे जैसी वह चाहते थे। हालांकि अब वह अपने माता-पिता को हर सुख-सुविधा देना चाहते हैं। बच्चों का भविष्य: मजदूर का बेटा मजदूर नहीं बनेगा रणधीर के दो बच्चे हैं एक बेटा और एक बेटी। उनका बेटा पढ़ाई में काफी होनहार है, जिसने कल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) की 12वीं की परीक्षा में 84% अंक हासिल कर अपनी काबिलियत साबित की है। रणधीर का संकल्प है कि अब वह इन पैसों का सबसे बड़ा हिस्सा अपने बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च करेंगे। वह नहीं चाहते कि जो जिल्लत और मजदूरी उन्होंने झेली है वह उनके बच्चों को देखनी पड़े। एजेंसी पर जश्न का माहौल कल (13 मई) जब विजेता रणधीर सिंह लुधियाना की पूजा लॉटरी एजेंसी पर पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। एजेंसी के मालिकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर बधाई दी। पूरे इलाके में इस बात की चर्चा है कि कैसे एक साधारण मजदूर अपनी मेहनत और ऊपर वाले के आशीर्वाद से करोड़पति बन गया।  

स्कूलों में गूंजेगा वंदे मातरम: बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई

कलकत्ता पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान वंदे मातरम् गीत गाना अनिवार्य करने का फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी आधिकारिक निर्देश के मुताबिक यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी और राज्य के सभी छात्रों को स्कूल शुरू होने से पहले प्रार्थना सभा में राष्ट्रीय गीत गाना होगा। विभाग ने सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।  क्या दिए गए निर्देश? 13 मई को जारी आदेश में शिक्षा निदेशक ने स्पष्ट किया कि कक्षाएं शुरू होने से पहले सुबह की प्रार्थना सभा में वंदे मातरम् गीत का गायन अनिवार्य बनाया जाए ताकि राज्य के सभी स्कूलों में सभी छात्र राष्ट्रीय गीत गाएं। अधिकारियों के मुताबिक स्कूलों को इसके पालन का वीडियो रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखने के लिए कहा गया है, ताकि इसे लागू किए जाने का प्रमाण उपलब्ध रहे। सीएम शुभेंदु ने क्या बताया? पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, अगले सोमवार से राज्य के सभी स्कूलों में वंदे मातरम् को प्रार्थना गीत के रूप में शुरू किया जाएगा। मैं आज नबन्ना जाकर इसकी जानकारी दूंगा। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब केंद्र सरकार राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से जुड़े कानूनों को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा रही है। केंद्र सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन की तैयारी कर रही है, जिसके तहत वंदे मातरम् के गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध बनाया जा सकता है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सरकार का यह कदम राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों स्तरों पर अहम माना जा रहा है। अब तक राज्य के स्कूलों में गाए जाता था राष्ट्रगान अब तक राज्य के स्कूलों में मुख्य रूप से राष्ट्रगान जन-गण-मन गाया जाता था, जिसे गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने लिखा था। इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में राज्य की पूर्व तृणमूल कांग्रेस सरकार ने 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध के दौरान टैगोर द्वारा लिखे गए ‘बांग्लार माटी बांग्लार जल’ को राज्य गीत के रूप में शामिल किया था। अब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् भी प्रार्थना सभा का स्थायी हिस्सा बनेगा। फैसले पर उठ रहे सवाल इस फैसले के बाद कुछ शिक्षक संगठनों और स्कूल प्रशासन की ओर से व्यावहारिक सवाल भी उठाए गए हैं। उनका कहना है कि सीमित समय वाली स्कूल असेंबली में राष्ट्रगान, राज्य गीत और राष्ट्रीय गीत तीनों को किस क्रम में और कितनी अवधि में गाया जाएगा, इस पर अभी और स्पष्टता की जरूरत है। हिंदू स्कूल के प्रधानाध्यापक शुभ्रजीत दत्ता ने कहा कि गर्मी की छुट्टियों के बाद जब छात्र स्कूल लौटेंगे, तब वे जन-गण-मन के साथ वंदे मातरम् भी गाएंगे। उन्होंने बताया कि छात्रों को पहले ही वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर इसके ऐतिहासिक महत्व के बारे में जानकारी दी जा चुकी है और उन्हें इसकी पंक्तियां याद करने के लिए कहा गया था। वहीं वामपंथी शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि क्या सभी गीत रोज गाए जाएंगे और उन्हें मौजूदा प्रार्थना सभा के ढांचे में किस तरह शामिल किया जाएगा। हालांकि सरकार ने फिलहाल आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।