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मंत्री विश्वास सारंग ने किया श्रमदान, द्वारका नगर की बावड़ी सफाई अभियान में उतरे मैदान में

मंत्री विश्वास सारंग ने द्वारका नगर में बावड़ी की सफाई हेतु किया श्रमदान विद्युत संबंधी सेवाओं के शिविर का भी किया शुभारंभ भोपाल  सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत नरेला विधानसभा के द्वारका नगर स्थित प्राचीन बावड़ी की सफाई हेतु श्रमदान किया एवं स्वच्छता मित्रों को किट वितरित कर उनका सम्मान एवं उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और जल स्रोतों का संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जलगंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेशभर में जल स्रोतों के संरक्षण, संवर्धन एवं पुनर्जीवन हेतु व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आगे उन्होंने कहा कि परंपरागत जल स्रोतों जैसे बावड़ी, कुएँ, तालाब एवं सरोवर हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं जिन्हें संरक्षित करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। मंत्री सारंग ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाते हुए वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों की स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएँ। विद्युत संबंधी सेवाओं के शिविर का शुभारंभ मंत्री विश्वास सारंग ने नरेला विधानसभा के चाँदबड़ में संपर्क अभियान के तहत विद्युत संबंधी सेवा शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर में कनेक्शन संबंधी, बिल संबंधी, तकनीकि सेवाएं सहित मीटर व केवल सर्विस संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। मंत्री सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि भाजपा की सरकार में जनता को सरकार के द्वार नहीं आना पड़ता बल्कि सरकार जनता के द्वार आकर समस्याओं का हल करती है। मंत्री सारंग ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में केवल बिजली के बिल आते थे बिजली नहीं वहीं बिजली के संकट से जूझने वाला मध्यप्रदेश आज भाजापा की सरकार में बिलजी आपूर्ति में देश के अग्रणी राज्यों में से एक है। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के हर क्षेत्र में विकास और कल्याण सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री सारंग ने जानकारी देते हुए बताया कि संपर्क अभियान के तहत प्रत्येक माह विभिन्न क्षेत्रों में 8 विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। जिनके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन को सरल, सुलभ एवं पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान उन नागरिकों को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए जिनकी समस्याओं का समाधान 24 घंटे के भीतर किया गया। उक्त कार्यक्रम में भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम कमिश्नर श्रीमती संस्कृति जैन, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, रहवासियों सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

सांची दूध हुआ महंगा: नई कीमतें कल से लागू, प्रति लीटर 2 रुपये की बढ़ोतरी

भोपाल   मध्य प्रदेश सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के उत्पाद सांची ने भी दूघ के दाम में बढ़ोतरी करने का फैसला ले लिया है। अब प्रदेश के उपभोक्ताओं को दूध की सभी श्रेणियों के लिए 2 रुपए प्रति लीटर अतिरिक्त चुकाने होंगे। बता दें कि, नई कीमतें 15 मई से लागू कर दी जाएंगी। बता दें कि, नई कीमतें प्रभावी होने के बाद आज तक आप जिस आधे लीटर दूध के पैकेट को 35 रुपए में खरीद रहे हैं, वही पैकेट कल से आपको 36 रुपए में मिलेगा। जबकि 70 रुपए वाला एक लीटर दूध का पैकेट कल से 72 रुपए की दर से मिलेगा। ये है बढ़ोतरी का कारण इस संबंध में जानकारी देते हुए सांची के एमडी संजय गोवाणी का कहना है कि, उत्पादन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया है। आपको बता दें कि, इससे पहले सांची ने दूध की कीमतों में मई 2025 को बढ़ोतरी की थी। फिर आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ आम जनता की जेब पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। रसोई गैस और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच अब दूध के दामों में भी उछाल आ गया है। प्रदेश के लोकप्रिय ब्रांड सांची ने दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है, जो 15 मई 2026 से प्रभावी होंगी। उपभोक्ताओं को प्रति लीटर पर 2 रूपए बढ़े इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं को प्रति लीटर दूध पर 2 रुपए अधिक चुकाने होंगे। अब तक 35 रुपये में मिलने वाला आधा लीटर दूध का पैकेट अब 36 रुपए का मिलेगा, जबकि 70 रुपए वाला एक लीटर दूध पैकेट अब 72 रुपए में मिलेगा। महीने के बजट पर असर सुबह की चाय से लेकर बच्चों के नाश्ते और घर की जरूरतों तक दूध हर परिवार की रोजमर्रा की जरूरत है। ऐसे में दाम बढ़ने का सीधा असर आम लोगों के मासिक बजट पर पड़ेगा। भोपाल सहित प्रदेशभर के उपभोक्ताओं में दूध के बढ़े दाम को लेकर चिंता दिखाई दे रही है। पूरा घरेलू खर्च ही बढ़ा लोगों का कहना है कि पहले से ही गैस सिलेंडर, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम बढ़े हुए हैं, ऐसे में दूध महंगा होने से घरेलू खर्च और बढ़ जाएगा। खास बातें -सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ सांची ने एक साल होते ही फिर बढ़ाए दूध के दाम -2 रूपए प्रति लीटर की दर से सभी श्रेणियों के दूध में बढ़ोतरी का फैसला -उत्पादन और परिवहन लागत में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण कीमतें बढ़ाने का फैसला लिया गया -15 मई यानी कल से उपभोक्ताओं के चुकाने होंगे नई दरों के दाम

साइकिल यात्रा में दिखा अनोखा अंदाज: विधायक कंचन तनवे के काफिले में चली ई-कार

खंडवा  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेट्रोल और डीजल बचाने के आह्वान का असर अब जमीनी स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। खंडवा में भाजपा नेताओं ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नई पहल शुरू की है। एक ओर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने सप्ताह में दो दिन साइकिल से शहर भ्रमण करने का निर्णय लिया है, वहीं दूसरी ओर खंडवा महापौर अमृता यादव ने अपने काफिले से डीजल-पेट्रोल वाहन हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल कर लिया है। हालांकि कांग्रेस ने भाजपा नेताओं की इस पहल को ‘सिर्फ दिखावा’ बताते हुए तीखा हमला बोला है। साइकिल से भाजपा कार्यालय और दादाजी मंदिर पहुंचीं विधायक खंडवा विधायक कंचन तनवे ने बुधवार को अपने निवास से साइकिल यात्रा शुरू की। वह साइकिल से भाजपा कार्यालय और बाद में दादाजी मंदिर दरबार पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की बचत करने की अपील की गई है, जिसके बाद उन्होंने स्वयं से शुरुआत करने का निर्णय लिया है। विधायक ने बताया कि अब वह सप्ताह में कम से कम दो दिन शहर के कार्यक्रमों और भ्रमण के लिए साइकिल का उपयोग करेंगी। उनका मानना है कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि लोगों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी छोटी दूरी के लिए साइकिल या सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की। महापौर ने काफिले में शामिल की इलेक्ट्रॉनिक गाड़ी इधर खंडवा महापौर अमृता यादव ने भी ईंधन बचत को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने अपने काफिले से पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल किया है। महापौर का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक वाहन न केवल पर्यावरण के लिए बेहतर हैं, बल्कि इससे ईंधन पर होने वाला खर्च भी कम होगा। महापौर ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि खुद इस दिशा में कदम बढ़ाएंगे तो आम जनता भी प्रेरित होगी। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे भी धीरे-धीरे इलेक्ट्रॉनिक वाहनों का उपयोग बढ़ाएं ताकि प्रदूषण और ईंधन खपत दोनों में कमी लाई जा सके।     विधायक कंचन तनवे सप्ताह में दो दिन साइकिल से निकलेंगी     महापौर अमृता यादव ने डीजल गाड़ियां हटाकर इलेक्ट्रॉनिक वाहन शामिल कर लिया     ईंधन और समय बचाने महापौर अब नगर निगम की MIC बैठक ऑनलाइन करेंगी     कांग्रेस ने भाजपा की 'राजनीतिक नौटंकी' करार दिया है     कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटकाने दिखावा कर रही है MIC बैठक ऑनलाइन करने पर भी विचार महापौर अमृता यादव ने नगर निगम की MIC बैठकों को भी ऑनलाइन करने को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। उनका मानना है कि ऑनलाइन बैठकें होने से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की आवाजाही कम होगी, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत हो सकेगी। साथ ही डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। कांग्रेस ने साधा निशाना भाजपा नेताओं की इस पहल पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह सब केवल “राजनीतिक नौटंकी” है। उनका आरोप है कि भाजपा नेता जनता के बीच दिखावा करने के लिए इस तरह की गतिविधियां कर रहे हैं, जबकि वास्तविक मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कांग्रेस का कहना है कि यदि भाजपा वास्तव में ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर है, तो उसे महंगाई, बढ़ती पेट्रोल-डीजल कीमतों और शहर की बुनियादी समस्याओं पर भी ठोस कदम उठाने चाहिए। शहर में चर्चा का विषय बनी पहल फिलहाल विधायक की साइकिल यात्रा और महापौर की इलेक्ट्रॉनिक वाहन पहल शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे पर्यावरण संरक्षण की सकारात्मक शुरुआत मान रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक संदेश देने की कोशिश बता रहे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह पहल केवल प्रतीकात्मक रहती है या वास्तव में शहर में बड़े बदलाव की दिशा तय करती है।  

मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती पर बड़ा फैसला, 13 हजार उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट रद्द

जबलपुर   मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने  13 हजार 89 चयनित शिक्षकों की मेरिट लिस्ट रद्द कर दी है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 में 5 प्रतिशत बोनस अंक विवाद पर जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने पूरी मेरिट लिस्ट को दोबारा तैयार करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने गैर-आरसीआई अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने का भी आदेश दिया है। मध्यप्रदेश के 13 हजार 89 शिक्षकों को बुधवार को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। प्राथमिक शिक्षक चयन परीक्षा 2025 की कथित तौर पर बोनस अंक विवाद जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंच गया था। बुधवार को सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट के जस्टिस विशाल धगट की बेंच ने विवादित मेरिट लिस्ट को निरस्त कर दिया। साथ ही राज्य शासन और मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल को नए सिरे से मेरिट लिस्ट बनाने को कहा है। नई मेरिट लिस्ट बनने से दोबारा प्रक्रिया होगी और इसका असर मध्यप्रदेश के 13 हजार 89 चयनित शिक्षकों पर पड़ेगा। कौन है गैर-आरसीआई अभ्यर्थी, जिन्हें करेंगे बाहर हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि जिनके पास आरसीआई (भारतीय पुनर्वास परिषद) से मान्यता प्राप्त विशेष शिक्षा डिप्लोमा नहीं है, उन्हें 5 प्रतिशत बोनस का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने ऐसे सभी अपात्रों को चयन प्रक्रिया से बाहर करने के निर्देश राज्य शासन और कर्मचारी चयन मंडल को दिए हैं। कोर्ट का मानना है कि यदि गलत जानकारी देकर लाभ लेने वाले अभ्यर्थियों को बाद में सुधार का अवसर दिया जाएगा तो यह ईमानदार अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। कोर्ट ने अपने आदेश में तल्ख टिप्पणी करते हुए लिखा है कि यदि पकड़े जाने के बाद अभ्यर्थियों को अपने अंक कम कराने या नहीं वाला विकल्प चुनने की अनुमति दी जाती है तो यह सीधे बेईमानी को बढ़ावा देने जैसा हो जाएगा। कहां से शुरू हुआ था विवाद नरसिंहपुर निवासी सोनम अगरैया और अन्य उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसमें सवाल उठाते हुए कहा था कि भर्ती नियमों के मुताबिक केवल आरसीआई से मान्यता प्राप्त 'विशेष शिक्षा डिप्लोमा' धारकों को ही 5 फीसदी बोनस अंक का लाभ दिया जाना था, लेकिन मेरिट सूची में करीब 14984 अभ्यर्थियों ने स्वयं को इसी श्रेणी में दर्शाकर बोनस अंक हासिल कर लिए। जबकि आरसीआई के आंकड़े कहते हैं कि मध्यप्रदेश में केवल 2194 कार्मिक और 3077 पेशेवर ही पंजीकृत हैं। यही विवाद का कारण बना। हां लिखते ही मिल गए बोनस अंक याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया के वक्त अभ्यर्थियों से न तो आरसीआई रजिस्ट्रेशन नंबर मांगा गया और न ही प्रमाण-पत्र। सिर्फ ऑनलाइन आवेदन में हां लिख देने से ही साफ्टवेयर के जरिए सीधे 5 प्रतिशत बोनस अंक दे दिए गए थे। खास बात यह है कि लोक शिक्षण संचालनालय ने पांच माह पहले ही चेतावनी दे दी थी कि इतनी बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों का बोनस के लिए हां लिखा जाना संदिग्ध है। हालांकि तभी कोई ठोस कदम उठा लिए जाते तो आज मेरिट लिस्ट विवादों में नहीं रहती। इस पूरे प्रकरण में याचिकाकर्ता की तरफ से आलोक वागरेचा और विशाल बघेल ने पक्ष रखा था।

सोने की चमक बढ़ी, चांदी हुई सस्ती! जानिए आज के ताजा गोल्ड-सिल्वर रेट

मुंबई  सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के ऐलान के बाद बुधवार को धुआंधार तेजी देखने को मिली थी. एक ही दिन में एमसीएक्स पर सोना 11000 रुपये, जबकि चांदी 22000 रुपये चढ़ गई थी. लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी सोना महंगा हुआ है, हालांकि इसमें बीते कारोबारी दिन जैसी तेजी नहीं दिखी. वहीं दूसरी ओर MCS Silver Price की बात करें, तो एक दिन की उछाल के बाद ये धड़ाम हो गई हैं. गुरुवार को कारोबार की शुरुआत होते ही चांदी 5700 रुपये प्रति किलो से ज्यादा सस्ती हो गई।  सोना आज भी हुआ महंगा सबसे पहले बताते हैं सोने की कीमत के बारे में, तो बुधवार को ये 11000 रुपये तक उछला था, लेकिन अंत में 8000 रुपये के आसपास की बढ़त लेकर क्लोज हुआ था. वहीं गुरुवार को भी कीमती पीली धातु के दाम में तेजी देखने को मिली है. शुरुआती कारोबार में 10 ग्राम सोने का भाव बढ़कर 1.63 लाख रुपये के पार निकल गया. सरकार के इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने के फैसले के बाद दो दिन में सोना अब तक 9613 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है और इसकी कीमत 1,53,442 रुपये से उछलकर 1,63,055 रुपये पर पहुंच गई है।  चांदी की तेजी पर अचानक ब्रेक  दूसरी ओर चांदी की कीमत की बात करें, तो इसकी कीमत में बुधवार को आई धुआंधार तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया और ये कीमती धातु भरभराकर टूटी. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी एक झटके में 5788 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई. दरअसल, बीते कारोबारी दिन इसका भाव 3,00,238 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही ये गिरकर 2,94,450 रुपये प्रति किलो पर आ गई।  हाई से अब कितना सस्ता Gold-Silver?  सोने की कीमत में इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी के बाद भले ही दो दिन से तेजी देखने को मिल रही है, लेकिन इसके बावजूद कीमती पीली धातु अपने हाई लेवल से काफी सस्ती बनी हुई है. वायदा कारोबार में 5 जून की एक्सपायरी वाले सोने की हाई लेवल 2,02,984 रुपये है और ताजा रेट से तुलना करें, तो 10 Gram 24 Karat Gold Rate 39,929 रुपये सस्ता मिल रहा है।   चांदी ने भी एमसीएक्स पर इस साल जनवरी महीने में रिकॉर्ड तोड़े थे और पहली बार 4 लाख के पार निकली थी. 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली चांदी का हाई लेवल 4,57,328 रुपये प्रति किलोग्राम है और इस लेवल से अब ये कीमती धातु 1,62,878 रुपये कम कीमत पर मिल रही है। 

अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट, यात्रा मार्ग का निरीक्षण करेंगी विशेष टीमें

 जम्मू  श्री अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन अनंतनाग ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। उपायुक्त अनंतनाग एवं यात्रा अधिकारी पहलगाम मार्ग बिलाल मोहुउद्दीन भट्ट ने बुधवार को अधिकारियों की बैठक लेकर यात्रा मार्ग, बेस कैंपों और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर एडवांस पार्टियों की तैनाती की योजना की समीक्षा की। यात्रा तीन जुलाई से शुरु हो रही है। बैठक में एडीसी, एसीआर, एसडीपीओ पहलगाम, तहसीलदारों सहित राजस्व, पुलिस, आरडीडी, एसडीआरएफ, अग्निशमन एवं आपात सेवा, पीडब्ल्यूडी और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने राजस्व, पुलिस, एसडीआरएफ, आरडीडी, आईएफसी और पीडब्ल्यूडी विभागों के अधिकारियों की चार विशेष टीमें गठित की हैं, जो नुनवान बेस कैंप से पवित्र गुफा तक पूरे यात्रा मार्ग का भौतिक निरीक्षण करेंगी। टीमों को मार्ग की स्थिति, संवेदनशील क्षेत्रों, स्वास्थ्य शिविरों, लंगरों, दुकानों और टेंटों के लिए सुरक्षित स्थानों की पहचान करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर छोटे-बड़े पहलू का किया जा रहा विस्तृत आकलन उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग पर हर छोटे-बड़े पहलू का विस्तृत आकलन किया जाए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने फ्लैश फ्लड संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और असुरक्षित स्थानों पर किसी भी प्रकार की स्थापना रोकने के निर्देश भी दिए। इसी क्रम में जिला विकास आयुक्त ने खनाबल में यात्रा के अंतर्गत पूंजीगत व्यय और अन्य कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। बैठक में पीडब्ल्यूडी, जल शक्ति, स्वास्थ्य, पर्यटन, बिजली, एफसीएस एंड सीए सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। 223 कार्यों को मंजूरी, 193 आवंटित, 69 प्रगति पर अधिकारियों ने बताया कि यात्रा से संबंधित कुल 272 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 100 पूंजीगत व्यय और 172 रेवेक्स परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से 223 कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, 215 कार्यों के टेंडर जारी किए जा चुके हैं और 193 कार्य आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में 69 कार्य प्रगति पर हैं जबकि दो कार्य पूरे हो चुके हैं। बैठक में सड़क संपर्क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और यात्रियों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाओं की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। प्रशासन ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित निगरानी के जरिए अमरनाथ यात्रा 2026 को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाने के प्रयास जारी हैं।  

ममता बनर्जी की हाईकोर्ट में एंट्री पर शुभेंदु का हमला, बोले- मेरे पास बेकार चीजों के लिए समय नहीं

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पूर्व ममता बनर्जी ने खुद एक केस की पैरवी की थी। उन्होंने वकील बनकर आदलत में बहस की थी। चुनाव में उन्हें करारी हाल झेलनी पड़ी। आज जब वह कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं तो वह फिर एकबार वकील के लिबास में नजर आईं। ममता के इस कदम के बारे में जब पश्चिम बंगाल के नए-नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उनके पास बहुत काम हैं। इन बातों पर प्रतिक्रिया देने का समय नहीं है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, "मेरे पास बहुत काम है। मेरे पास छोटी-मोटी बातों में उलझने का समय नहीं है। समय बहुत कीमती है। मैं बेमतलब के मुद्दों में नहीं उलझा हुआ हूं।" आपको बता दें कि ममता बनर्जी ने वकीलों के लिए तय की गई पोशाक पहनकर कोर्टरूम में प्रवेश किया। ममता बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामलों के सिलसिले में कोर्ट में पेश हुईं। उस दिन कोर्ट में उनके साथ चंद्रिमा भट्टाचार्य और कल्याण बनर्जी भी मौजूद थे। विधानसभा चुनावों के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अशांति की खबरें सामने आई हैं। इन आरोपों के मद्देनजर तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी के वकील बेटे शीर्षान्या बनर्जी ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। इस मामले की सुनवाई गुरुवार को हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पाल और न्यायाधीश पार्थसारथी सेन की पीठ के समक्ष होनी है। 12 मई को तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों के संबंध में एक याचिका दायर की। पार्टी की ओर से वकील शीर्षान्या बनर्जी ने जनहित याचिका (PIL) दायर की। मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल और न्यायाधीश पार्थसारथी सेन की खंडपीठ का ध्यान इस मामले की ओर आकर्षित किया गया और मामले की शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया गया। इसके बाद खंडपीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले की सुनवाई आज यानी कि गुरुवार को की जाएगी।

शहजाद भट्टी गैंग पर शिकंजा: ISI कनेक्शन वाले नेटवर्क को सुरक्षा एजेंसियों ने तोड़ा

नई दिल्ली  पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से कथित तौर पर जुड़े गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क को लेकर देशभर में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है. महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) समेत कई केंद्रीय और राज्य एजेंसियों ने महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों में व्यापक छापेमारी कर एक ऐसे कथित स्लीपर सेल मॉड्यूल का खुलासा किया है, जिसमें सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म और डार्क वेब के जरिए भारतीय युवाओं को जोड़ने की साजिश सामने आई है. पाकिस्‍तान बॉर्डर से लेकर दिल्‍ली, हरियाणा, मध्‍य प्रदेश , उत्‍तर प्रदेश समेत अन्‍य जगहों पर एक्‍शन लिया गया है।  पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के कई ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र ATS ने मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, नवी मुंबई, कल्याण, भंडारा और चंद्रपुर समेत राज्य के 9 जिलों में 50 से अधिक ठिकानों पर एक साथ दबिश दी. इस कार्रवाई में अब तक 57 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की जा रही है. जांच एजेंसियों का दावा है कि ये सभी युवक इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए शहजाद भट्टी गैंग के संपर्क में आए थे और कथित तौर पर उन्हें भारत के संवेदनशील ठिकानों से जुड़ी सूचनाएं जुटाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था. जांच एजेंसियों के अनुसार, संदिग्धों को सैन्य ठिकानों, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर की फोटो और वीडियो जुटाने के टास्क दिए जाते थे. सूत्रों का कहना है कि इन सूचनाओं को सीमा पार बैठे हैंडलर्स तक पहुंचाने के बदले पैसे दिए जाते थे. एजेंसियों का दावा है कि कुछ युवाओं को भविष्य में युद्ध जैसी स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश भी दिए गए थे।  सुरक्षा एजेंसियों से बचने का गजब तरीका खुफिया सूत्रों के मुताबिक, यह नेटवर्क छोटे-छोटे मॉड्यूलर सेल्स में काम करता था. यानी एक समूह को दूसरे समूह की गतिविधियों या पहचान की जानकारी नहीं दी जाती थी, ताकि किसी एक सदस्य के पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क उजागर न हो सके. जांचकर्ताओं का मानना है कि इस स्‍ट्रक्‍चर का इस्तेमाल सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए किया गया. ATS की जांच में यह भी सामने आया है कि डार्क वेब ब्राउजर और ऑटो-डिलीट मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर बातचीत को छिपाया जाता था. कार्रवाई के दौरान कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं. शुरुआती फॉरेंसिक जांच में कुछ उपकरणों में ऐसे ऐप्स मिले हैं, जिनमें संदेश पढ़ने के बाद खुद ही डिलीट हो जाते थे. अधिकारियों का मानना है कि इन तकनीकों का इस्तेमाल एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए किया जा रहा था।  युवाओं को ऐसे करते थे ट्रेन जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि ऑनलाइन गेमिंग सर्वरों के भीतर निजी चैट रूम बनाए गए थे. आरोप है कि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए युवाओं को सुरक्षा व्यवस्था से बचने, मूवमेंट प्लानिंग और हथियारों के इस्तेमाल जैसी जानकारियां दी जा रही थीं. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क का विस्तार महाराष्ट्र से बाहर किन राज्यों तक था और कितने लोग इसके संपर्क में आए थे. विदर्भ क्षेत्र के भंडारा और चंद्रपुर जिलों में कथित भर्ती अभियान चलाए जाने की बात भी सामने आई है. सूत्रों के अनुसार, भंडारा में एक मोबाइल दुकान के जरिए युवा लड़कों को इस नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश की जा रही थी. सोशल मीडिया के माध्यम से पहले संपर्क बनाया जाता था और फिर धीरे-धीरे उन्हें कथित तौर पर देश विरोधी गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाता था।  हवाला नेटवर्क का इस्‍तेमाल सूत्रों के मुताबिक, पैसों के लेन-देन के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया. जांच एजेंसियों को शक है कि कुछ स्थानीय व्यापारियों और कमीशन एजेंटों के बैंक खातों का उपयोग धन पहुंचाने के लिए किया गया. अब इन खातों की विस्तृत जांच की जा रही है. जांच में यह भी सामने आया है कि महाराष्ट्र के प्रमुख शहरों की जनसंख्या, संवेदनशील इलाकों और स्थानीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां भी साझा की जा रही थीं. एजेंसियों का कहना है कि नेटवर्क का एक हिस्सा लॉजिस्टिक सपोर्ट देने में लगा था. सूत्रों के अनुसार, डोगरा गैंग नाम से पहचाने जा रहे एक समूह पर संदिग्धों के ठिकाने तैयार करने, यात्रा की व्यवस्था करने और जरूरत पड़ने पर उन्हें राज्य से बाहर निकालने की जिम्मेदारी होने का संदेह है।  पाकिस्‍तान बॉर्डर के आसपास भी एक्‍शन देशभर में चल रही कार्रवाई के तहत केंद्रीय एजेंसियों ने महाराष्ट्र के अलावा मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली में भी छापेमारी की है. सूत्रों के मुताबिक, 300 से अधिक संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया या राउंड-अप किया गया है. पंजाब में पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों से 40 से ज्यादा संदिग्धों को पकड़ा गया है. वहीं हरियाणा STF ने करीब 90 युवकों को हिरासत में लेकर उनके सोशल मीडिया अकाउंट हटवाए हैं और उनकी काउंसलिंग की जा रही है. दिल्ली पुलिस ने भी करीब 20 युवकों को राउंड-अप किया है. अधिकारियों का कहना है कि इन युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए भड़काने और पैसों का लालच देकर कथित तौर पर नेटवर्क से जोड़ा गया था. कुछ मामलों में महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी और कॉन्ट्रैक्ट किलिंग जैसे टास्क दिए जाने की भी आशंका जताई जा रही है।  500 से ज्‍यादा डिजिटल प्रोफाइल सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय एजेंसियों को 500 से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल नंबर और डिजिटल प्रोफाइल मिले थे, जिसके बाद यह बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया. जांच एजेंसियों का दावा है कि पाकिस्तान में बैठे आईएसआई से जुड़े कथित ऑपरेटिव आबिद जट्ट और अजमल गुजर सोशल मीडिया के जरिए भारतीय युवाओं से संपर्क करते थे. शुरुआती बातचीत के बाद उन्हें गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जोड़ा जाता था, जो कथित तौर पर उन्हें पैसों और दूसरे लालच देकर अलग-अलग टास्क सौंपता था।  महत्‍वपूर्ण जगहों को निशाना बनाने की साजिश ATS की तकनीकी टीम को कुछ ऐसे डिजिटल संकेत भी मिले हैं, जिनसे आशंका जताई जा रही है कि आने वाले महीनों में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर और संवेदनशील ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी. हालांकि जांच एजेंसियों ने अभी तक आधिकारिक तौर पर सभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं की हैं. कई डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक … Read more

MP Weather Alert: बुंदेलखंड और चंबल में लू का प्रकोप, छतरपुर में तपिश ने तोड़े रिकॉर्ड

भोपाल मध्यप्रदेश में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है. प्रदेश में कई शहरों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ रहा है. बीते बुधवार को छतरपुर जिले के खजुराहो में अधिकतम तापमान 45.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है. वहीं कुछ हिस्सों में शाम के समय हल्के बादल और तेज हवाएं चल सकती है।  मौसम विभाग के अनुसार आज इंदौर, उज्जैन, धार और रतलाम जिलों में तीव्र लू को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है साथ ही रात के समय तापमान में बढ़ोतरी देखने के मिलेगी. विभाग ने इन इलाकों में वॉर्म नाइट की चेतावनी भी दी है, जिससे लोगों को रात में भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं हैं।  कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि, ''पश्चिमी मध्य प्रदेश इस समय सबसे अधिक तप रहा है. बुधवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा. इसके अलावा धार में 45 डिग्री, उज्जैन में 44.7 डिग्री और गुना में 44.6 डिग्री तापमान रिकार्ड किया गया.'' अरुण शर्मा ने बताया कि, ''लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए रतलाम और आसपास के जिलों में आरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कई क्षेत्रों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति बनती दिखाई दे रही है।  मौसम विभाग ने 15 मई से 17 मई तक प्रदेश के कई जिलों में लू का असर और बढ़ने की चेतावनी जारी की है. इसके अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, सागर, अलीराजपुर, झाबुआ और धार में हीटवेव लोगों को परेशान करेगी. वहीं 16 और 17 मई को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र में भी लू का दायरा फैलने की संभावना है. ऐसे में दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में येलो और आरेंज अलर्ट जारी किया गया है. रात में भी वार्म नाइट का अलर्ट जारी तेज धूप की वजह से अब सिर्फ दिन की तपिश ही नहीं, बल्कि रात की गर्मी भी लोगों को परेशान कर रही है. इंदौर, उज्जैन और धार में मौसम विभाग ने वार्म नाइट यानी गर्म रातों का अलर्ट जारी किया है. इन शहरों में रात का न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रात में भी बना हुआ है. इसका असर लोगों की नींद और स्वास्थ्य दोनों पर पड़ रहा है, क्योंकि रात में भी शरीर को गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है।  15 से नया विक्षोभ, लेकिन राहत नहीं मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल प्रदेश में कोई मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय नहीं है. दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बना चक्रवातीय परिसंचरण शुष्क हवाओं को बढ़ावा दे रहा है, जिससे गर्मी और अधिक बढ़ रही है. हालांकि 15 मई के बाद उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, लेकिन मध्य प्रदेश में इससे तत्काल राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है।  सिवनी और जबलपुर में बारिश की संभावना एक ओर जहां पश्चिमी मध्य प्रदेश गर्मी से झुलस रहा है, वहीं पूर्वी हिस्सों में मौसम का अलग रूप में देखने को मिल रहा है. सिवनी और जबलपुर समेत कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है. जबकि इससे पहले सिवनी में पिछले 24 घंटों के दौरान 6.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर कुछ राहत महसूस की गई।  इन जिलों में भी 44 के आसपास रहेगा तापमान इसके अलावा नर्मदापुरम, देवास, सीहोर, शाजापुर, आगर-मालवा और राजगढ़ जिलों में भी लू चलने की संभावना जताई गई है. राजधानी भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज गर्मी बनी रहेगी. मौसम विभाग ने दतिया, श्योपुर, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का अनुमान जताया है।  मौसम विभाग की सलाह लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव करने की सलाह दी गई है. शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।  मध्य प्रदेश में 30 अप्रैल से 10 मई तक पश्चिमी विक्षोभ, ट्रफ लाइन और चक्रवाती परिसंचरण के असर से कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिला था. अब मौसम प्रणाली कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश में गर्म और शुष्क हवाओं का असर बढ़ गया है. वर्तमान में लू और तेज गर्मी का दौर शुरू हो चुका है. हालांकि स्थानीय स्तर पर कहीं-कहीं हल्के बादल या तेज हवाएं चल सकती हैं। 

निर्वाचन आयोग ने मांगी 400 बसें, HRTC ने रखी शर्त- पहले करें अग्रिम भुगतान

 शिमला  हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। पहले चरण का मतदान 26 मई को होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव में पोलिंग पार्टियों और मत पेटियों को पहुंचाने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) से 400 बसों की मांग की है। एचआरटीसी ने आयोग को स्पष्ट किया है कि बसों की बुकिंग तभी की जाएगी जब 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान किया जाएगा। इस संबंध में प्रबंधन ने नियमों का हवाला दिया है। बस बुकिंग पर कितना खर्च आएगा बसों की बुकिंग पर लगभग सात करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। अग्रिम बुकिंग के लिए आयोग ने निगम से साढ़े तीन करोड़ रुपये की मांग की है। आयोग ने निगम को पत्र लिखकर बसों की मांग की है, जिसमें यह भी कहा गया है कि बसें अच्छी स्थिति में होनी चाहिए, ताकि यात्रा के दौरान कोई समस्या न आए। पहले चरण का मतदान 26 मई को होगा, और पोलिंग पार्टियों को 24 और 25 मई को रवाना किया जाएगा। मतदान समाप्त होने के बाद बसें मत पेटियों के साथ वापस लौटेंगी।  लोगों को पेश आ सकती है दिक्कत हालांकि, एचआरटीसी की बसों के चुनावी ड्यूटी पर जाने से आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कई रूट बाधित हो सकते हैं, क्योंकि एचआरटीसी के पास पहले से ही बसों की कमी है। अक्सर बसें रूट पर खराब हो जाती हैं, और एक साथ 400 बसों का चुनावी ड्यूटी पर जाना रूट को प्रभावित कर सकता है।  तीन चरणों में होंगे पंचायत चुनाव हिमाचल प्रदेश में 31182 पदों के लिए तीन चरणों में पंचायत चुनाव होंगे। कुल 3754 पंचायतों में प्रधान, उपप्रधान, सदस्य, बीडीसी और जिला परिषद के लिए चुनाव होंगे। पहले चरण का मतदान 26 मई को, दूसरे चरण का मतदान 28 मई को और तीसरे चरण का मतदान 30 मई को होगा। मतदान के दिन ही चुनावों की गणना होगी और प्रधान उप प्रधान तथा वार्ड सदस्यों के नतीजे उसी दिन घोषित कर दिए जाएंगे।  तीन नवंबर, 2024 को बदला था नियम एचआरटीसी ने तीन नवंबर, 2024 को नियमों में बदलाव किया था। इसके अनुसार, बसें किसी समारोह, कार्यक्रम या रैली के लिए तभी बुक की जाएंगी जब 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान किया जाए। पहले सरकारी कार्यक्रमों और चुनावी रैलियों के लिए बसें बुक की जाती थीं, लेकिन भुगतान नहीं होता था। वित्तीय स्थिति ठीक न होने के बावजूद निगम बसें भेज देता था, लेकिन कई महीनों तक पैसा न आने के कारण निगम को समस्याओं का सामना करना पड़ता था।