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कोलकाता के बल्लेबाजों का धमाका, गुजरात को जीत के लिए 248 रन का टारगेट

ईडन गार्डन्स आईपीएल 2026 के 60वें मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए गुजरात टाइटंस के सामने 248 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। फिन एलेन, अंगकृष रघुवंशी और कैमरन ग्रीन ने तूफानी अर्धशतकीय पारियां खेलकर स्कोर को यहां तक पहुंचाया है। मैच में जीटी के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया जिसे बल्लेबाजों की इस तिकड़ी ने गलत साबित कर दिया। फिन एलेन ने 35 गेंदों में 93 रनों की पारी खेली। वे शतक से चूक गए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान 10 छक्के और चार चौके लगाए। अंगकृष रघुवंशी ने 44 गेंदों में 7 छक्के और 4 चौके की मदद से 82 रन बनाए तो वहीं कैमरन ग्रीन ने 28 गेंदों में 4 छक्के और तीन चौके की मदद से 52 रन बनाए। कप्तान रहाणे पहले ही 14 गेंदों में 14 रन बनाकर टीम का स्कोर जब 44 था, पवेलियन लौट गए थे। KKR- 247/2 (20 ओवर) कोलकाता नाइट राइडर्स (प्लेइंग इलेवन): अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, मनीष पांडे, रिंकू सिंह, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, वरुण चक्रवर्ती, सौरभ दुबे, कार्तिक त्यागी। गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, रविश्रीनिवासन साई किशोर, मोहम्मद सिराज। शुभमन गिल की अगुवाई वाली गुजरात टाइटंस अगर इस मुकाबले को जीतती है तो 18 अंकों के साथ प्लेऑफ्स में उसकी जगह पक्की हो जाएगी, जबकि केकेआर को इस मुकाबले में हार मिली तो वह आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ की रेस से बाहर हो जाएगी। आज के मैच में कौन बाजी मारेगा ये सब जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ। दोनों टीमों का स्कॉड कोलकाता नाइट राइडर्स टीम: अजिंक्य रहाणे (कप्तान), फिन एलन, अंगकृष रघुवंशी (विकेटकीपर), कैमरून ग्रीन, रिंकू सिंह, रोवमैन पॉवेल, मनीष पांडे, सुनील नरेन, अनुकूल रॉय, वैभव अरोड़ा, कार्तिक त्यागी, सौरभ दुबे, रमनदीप सिंह, तेजस्वी दहिया, नवदीप सैनी, टिम सीफर्ट, वरुण चक्रवर्ती, ब्लेसिंग मुजाराबानी, मथीशा पथिराना, उमरान मलिक, राहुल त्रिपाठी, सार्थक रंजन, प्रशांत सोलंकी। दक्ष कामरा। गुजरात टाइटंस टीम: साई सुदर्शन, शुबमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राहुल तेवतिया, राशिद खान, अरशद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, ग्लेन फिलिप्स, रविश्रीनिवासन साई किशोर, अनुज रावत, कुमार कुशाग्र, शाहरुख खान, अशोक शर्मा, ल्यूक वुड, कॉनर एस्टरहुइज़न, इशांत शर्मा, जयंत यादव, कुलवंत खेजरोलिया, मानव सुथार, गुरनूर बराड़।

IDFC और AU बैंक घोटाले में बड़ा खुलासा, तीन और IAS अधिकारी जांच के घेरे में

चंडीगढ़ हरियाणा में आइडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनांस बैंक में हुए 590 करोड़ रुपये के घोटाले में तीन और सीनियर आइएएस अधिकारी जांच के लपेटे में आ गए हैं। हाल ही में सीबीआई को पांच आइएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति दे चुकी प्रदेश सरकार ने तीन और आइएएस अधिकारियों से भी सवाल-जवाब करने की मंजूरी दे दी है। आठ आइएस अधिारियों से होगी पूछताछ वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही सीबीआई ने मामले में कुल आठ आइएएस अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति मांगी थी, जो मिल गई है। सरकार की ओर से लिखित स्वीकृति मिलते ही सीबीआई टीम जांच पर आगे बढ़ेगी। जांच की कमान सीबीआई द्वारा संभालने के बाद से ही बैंक घोटाले को लेकर लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। सबसे पहले 2014 बैच के आइएएस अनीश यादव ने घोटाले काे पकड़ा था। वर्ष 2024 में तत्कालीन कृषि निदेशक अनीश यादव ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। तब जांच में सामने आया कि आइडीएफसी बैंक में 50 करोड़ और एयू स्मॉल फाइनांस बैंक में नियमों को ताक पर रखकर 25 करोड़ रुपये जमा किए गए। घोटाले के खुलासे के बाद विजिलेंस जांच में भी इसी कमेटी की रिपोर्ट को आधार बनाया गया। अब सीबीआई भी कमेटी की उसी रिपोर्ट को आधार बनाकर जांच को आगे बढ़ा रही है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि पंचायत विभाग में तैनात एक बड़े आइएएस अधिकारी ने मातहत अधिकारियों पर दोनों बैंकों में अकाउंट खोलने का दबाव बनाया गया। इसी दबाव में अन्य आइएएस अधिकारी की ओर से बाकायदा एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि विभाग के सीनियर अधिकारी से टेलीफोन पर चर्चा के बाद दो नए बैंकों में खाता खोलने के ऑर्डर जारी किए गए हैं। आरोप है कि एक मंत्री ने घोटाले में आरोपित पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट के पद से बर्खास्त नरेश कुमार की बहाली की सिफारिश भी की। हालांकि यह सिफारिश इस घोटाले के खुलासे से पहले की गई थी। विजिलेंस जांच में नरेश कुमार के खाते में 11 करोड़ रुपये आने के साथ और भी कई सबूत मिल चुके हैं। नरेश कुमार ने इस राशि से एक फार्च्यूनर गाड़ी ली, मोहाली में फ्लैट लिया और बेटी के खाते में 10 लाख रुपए भी जमा किए। जेल में बंद नरेश कुमार से भी सीबीआई पूछताछ कर रही है।  

प्रधानमंत्रीमोदी के नेतृत्व में देश बढ़ रहा स्वर्णिम युग की ओर: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्तिसूर्यकांत ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन और पेपरलेस न्याय व्यवस्था भारतीय न्यायपालिका के भविष्य का सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक विषय है। उन्होंने कहा कि अदालतों की पहचान अब लाल कपड़ों में बंधी भारी-भरकम फाइलों से नहीं, बल्कि स्मार्ट तकनीक से होगी। कोविड-19 महामारी के दौर को एक ऐतिहासिक मोड़ बताते हुए उन्होंने कहा कि उस संकटकाल में वर्चुअल हियरिंग और ई-फाइलिंग से न्याय प्रणाली को नई दिशा मिली। सुप्रीम कोर्ट ने अब 'मिसलेनियस डेट्स' पर पूरी तरह वर्चुअल हियरिंग का निर्णय लिया है, जिससे वकीलों को घर बैठे दलीलें रखने की सुविधा मिलेगी। उन्‍होंने यह बात जबलपुर में महाधिवक्ता कार्यालय द्वारा आयोजित “डिजिटल ट्रांसमिशन: एडवांसिंग पेपरलेस लीगल सिस्टम” विषय पर आयोजित विधिक व्याख्यान कार्यक्रम में कही। मुख्य न्‍यायाधीश न्यायमूर्तिसूर्यकांत ने अपने 37 वर्ष की आयु में महाधिवक्ता बनने के दौर को याद करते हुए बताया कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली के सहयोग से उन्होंने देश का पहला पूर्णतः कंप्यूटरीकृत महाधिवक्ता कार्यालय तैयार कराया था। अब लाइव स्ट्रीमिंग और नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड ने न्याय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई है। डिजिटल समावेशन और पर्यावरण संरक्षण पर जोर न्‍यायमूर्तिसूर्यकांत ने विशेष रूप से कहा कि सिक्किम की तरह मध्यप्रदेश भी पूर्णतः पेपरलेस बनने की दिशा में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ आगे बढ़ रहा है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भारी संबल मिलेगा। देश के ग्रामीण व वरिष्‍ठजनों को ध्यान में रखते हुए तकनीक को 'बाधा' नहीं बल्कि 'पुल' बनना होगा। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की एआई कमेटी, न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाने पर लगातार काम कर रही है। मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम युग की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने अयोध्या मामले में सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णय और शाहबानो प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि जब अदालतें ऐसे युगांतरकारी फैसले देती हैं, तो लोकतंत्र सशक्त होता है। आज का समय न्याय व्यवस्था, लोकतंत्र और भारतीय मूल्यों के पुनर्जागरण का काल है। मध्यप्रदेश न्याय और संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का प्रदेश है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश न्याय और संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं का प्रदेश है। यह भूमि सम्राट विक्रमादित्य और राजाभोज की परंपराओं से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में “पंच परमेश्वर” की परंपरा रही है, जहाँ गाँवों में पाँच लोग बैठकर न्याय करते थे। उन्होंने आदि शंकराचार्य और मंडन मिश्र के शास्त्रार्थ का उदाहरण देते हुए कहा कि महेश्वर में हुए उस ऐतिहासिक संवाद में मंडन मिश्र की पत्नी ने निष्पक्ष निर्णय देते हुए शंकराचार्य को विजयी घोषित किया था। उन्होंने कहा कि यह भारतीय न्याय परंपरा की महानता का उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कई बार समाज और सरकार की जटिलताओं के कारण मामलों में देरी होती है। न्यायालय ऐतिहासिक फैसले देकर लोकतंत्र को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास के कठिन दौरों में भी हमारे वीरों ने विदेशी दासता के सामने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। उन्होंने कहा कि अनेक युद्ध जीतने के बाद भी जब आवश्यकता पड़ी, तब उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना बलिदान देना स्वीकार किया। उनका साहस, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति केवल उनके समय तक सीमित नहीं रही, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करती रही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदा की उज्ज्वल धारा हमारी संस्कृति, शुचिता और आध्यात्मिक चेतना को प्रदर्शित करती है। उन्होंने उपस्थित सभी अतिथियों, न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और नागरिकों का अभिनंदन किया। 'पेपरलेस व्यवस्था' आज की आवश्यकता : केन्‍द्रीय राज्य मंत्रीमेघवाल केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्रीअर्जुनराम मेघवाल ने आयोजन को न्यायपालिका, सरकार और तकनीक का एक शानदार संगम बताया। उन्होंने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि पहले बजट सत्रों में भारी-भरकम दस्तावेज ले जाने पड़ते थे, लेकिन आज संसद पूरी तरह पेपरलेस हो चुकी है और बजट मोबाइल पर उपलब्ध है। उन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा को भी इसी दिशा में आगे बढ़ाने की उम्मीद जताते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अग्रिम बधाई दी। उन्होंने दुष्‍यंत कुमार की पंक्ति सुनाते हुए कहा कि यह 'पेपरलेस व्यवस्था' भी एक नई सोच की चिंगारी है, जो पूरी न्याय प्रणाली में उजाला फैलाएगी। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशसंजीव सचदेवा ने अपने पुराने अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2008-09 के दौर में अदालतों में लैपटॉप ले जाने पर प्रतिबंध हुआ करता था। आज तकनीक ने पूरी व्यवस्था बदल दी है। उन्होंने बताया कि महाधिवक्ता कार्यालय की सुविधा के लिए अब उन सभी मामलों की डिजिटल पहुंच उपलब्ध करा दी गई है, जिनमें सरकार पक्षकार है। अब नोटिसों का डिजिटल ट्रांसमिशन होने से जवाब तेजी से आ रहे हैं और प्रतिदिन स्टेटस रिपोर्ट अपलोड हो रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों के महाधिवक्ता कार्यालयों की उत्कृष्ट और सक्षम टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनकी पूरी तैयारी के कारण ही न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण का कार्य बेहतर ढंग से हो पा रहा है। कार्यक्रम के आरंभ में महाधिवक्‍ताप्रशांत सिंह ने स्‍वागत भाषण में डिजिटल इंर्फोमेशन एडवांसिंग पेपरलेस लीगल सिस्‍टम की उपयोगिता पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप-प्रज्ज्वलन, राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। कार्यक्रम में सर्वोच्‍च न्‍यायालय और उच्‍च न्‍यायालय के न्‍यायाधीश, लोक निर्माण मंत्रीराकेश सिंह, सांसदआशीष दुबे, महापौर जबलपुरजगत बहादुर अन्नू, सीएसअनुराग जैन, न्यायिक प्राधिकरण से जुड़े प्रशिक्षु, प्रशासन व पुलिस के अधिकारी और बड़ी संख्या में वकील उपस्थित थे। 

पहलगाम घूमने गए पर्यटकों की कार हादसे का शिकार, दो लोगों ने गंवाई जान

श्रीनगर गुजरात से कश्मीर घूमने आए एक दंपति की शनिवार को पहलगाम में सड़क हादसे में मृत्यु हो गई। इस हादसे में वाहन चालक और तीन अन्य पर्यटकों समेत चार लोग जख्मी हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल अनंतनाग में पहुंचाया गया है। यहां मिली जानकारी के अनुसार, पहलगाम से आड़ृ घाटी की तरफ गुजरात से आए पर्यटकों का एक दल टवैरा टैक्सी जिसका पंजीकरण नंबर जेके21ए–0379 था, में रवाना हुआ। टैक्सी को पहलगाम के साथ सटे रंगवार लारीपोरा का रहने वाला रईस अहमद बट चला रहा था। ड्राइवर ने स्टेयरिंग से खोया नियंत्रण पहलगाम से करीब चार किलोमीटर आगे एक मोढ़ पर चालक का नियंत्रण स्टेयरिंग से हट गया और टैक्सी बेकाबू होकर सड़क के नीचे गहरी खायी में जा गिरी। टैक्सी को नीचे गिरते देख, वहां सड़क से गुजर रहे अन्य वाहन रुक गए। उनमें सवार लोग भी बाहर निकल आए। सूचना मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंच गए । सभी ने मिलकर बचाव कार्य करते हुए नीचे खायी में गिरे वाहन में फंसे सभी लोगों को बाहर निकाला और उन्हें उपचार के लिए निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया। दो लोगों की मौत अस्पताल में डॉक्टरों ने बविन भावसर को मृत लाया घोषित कर दिया। उसकी पत्नी अवनी भावसर जो गंभीर रूप से घायल थी, कुछ ही देर बाद में उसने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया। दो अन्य अन्य पर्यटक अशोक भाई और उसकी पत्नी नैना बेन व चालक रईस की हालत स्थिर, लेकिन स्थिति चिंताजनक बताई जाती है। पहलगाम पुलिस ने इस सिलसिले में एक मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरु कर दी है। कुछ लोगों के अनुसार, वाहन की गति तेज थी और इसी कारण पहाड़ी पर मोढ़ काटते हुए वाहन चालक के नियंत्रण से बाहर हो गया था। अलबत्ता, पहलगाम पुलिस थाना प्रभारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है,जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के सही कारण की पुष्टि हाे सकेगी।  

ताशकंद में चमका हरियाणा का नाम, हरनूर कौर ने एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मारी बाजी

अंबाला अंबाला की होनहार मुक्केबाज़ हरनूर कौर ने ताशकंद में U15 और U17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में (1 से 15 मई 2026 तक आयोजित ताशकंद में U15 और U17 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में)  66 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस प्रतियोगिता में उन्होंने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। हरनूर कौर गांव शाहपुर की निवासी हैं तथा वर्तमान में पुलिस डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी में कक्षा 10वीं की छात्रा हैं तथा वर्तमान में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।उल्लेखनीय है कि हरनूर कौर इससे पहले भी जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।   इसके साथ ही उन्होंने बहरीन में आयोजित यूथ एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। अब उनका चयन मई माह में कजाकिस्तान में आयोजित होने वाली जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए भी हो गया है। उनकी इस उपलब्धि पर खेल प्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है। कोच संजय कुमार ने उनकी इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हरनूर कौर भविष्य में भी देश के लिए और अधिक पदक जीतेंगी।

हिडन कैमरा कांड से हिला किशनगढ़, पति पर महिलाओं को फंसाने का गंभीर आरोप

 अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है. एक महिला ने अपने ही जिम ट्रेनर पति के खिलाफ मदनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. महिला ने पति पर हिडन कैमरे से वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और अश्लील सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल करने का गंभीर आरोप लगाया है. पत्नी को मोबाइल से मिला पति का कच्चा चिट्ठा शादी के कुछ समय बाद जब पत्नि को अपने पति की हरकतों पर शक हुआ, तो उसने एक दिन चोरी-छिपे उसका मोबाइल चेक किया. मोबाइल खोलते ही महिला के होश उड़ गए. उसमें कई युवतियों के अश्लील फोटो, वीडियो, आपत्तिजनक वॉयस रिकॉर्डिंग और चैट्स का एक बड़ा डेटा मौजूद था. इन सब के बारे में पूछने पर आरोपी ने पहले तो इसे पुरानी बात कहकर टालने की कोशिश की, लेकिन जल्द ही उसके खौफनाक नेटवर्क का भंडाफोड़ हो गया. पत्नी ने किया विरोध तो इंटरनेट पर कर दी वीडियो वायरल जब पत्नी ने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे भी अंजाम भुगतने की धमकी दी. प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता ने सबूत के तौर पर कुछ वीडियो अपने फोन में सेव कर अपने पीहर (मायके) चली गई। इस बात से बौखलाए आरोपी पति ने सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर अपनी पत्नी के एडिटेड अश्लील फोटो और वीडियो इंटरनेट पर वायरल कर दिए, जिससे पीड़ित परिवार गहरे सदमे में आ गया. लड़कियों से पहले करता था दोस्ती फिर हिडन रुप में ले जाकर बनाता था वीडियो मामले की जानकारी देते हुए एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि पीड़िता के परिवार वालों ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. जिसमें बताया कि आरोपी जिम ट्रेनर होने का फायदा उठाकर अपने जिम में आने वाली भोली-भाली लड़कियों से पहले दोस्ती बढ़ाता था. इसके बाद वह उन्हें किसी बहाने से एक निजी कमरे में ले जाता था, जहां उसने पहले से ही 'हिडन कैमरे' इंस्टॉल कर रखे थे.इन कैमरों की मदद से युवतियों के बेहद निजी पलों को रिकॉर्ड कर लिया जाता था. पैसों की डिमांड और दूसरी लड़कियों को फंसाने का दबाव वीडियो रिकॉर्ड करने के बाद आरोपी उन वीडियो के दम पर महिलाओं को ब्लैकमेल करता था, उनसे मोटी रकम ऐंठता था और हद तो तब हो गई जब वह पीड़ित महिलाओं पर यह दबाव भी बनाता था कि वे उसकी हवस के जाल में दूसरी लड़कियों को भी फंसाकर लाएं. आरोपी ने इस गंदे धंधे में अपनी पत्नी को भी घसीटने की कोशिश की और दूसरी लड़कियों को संपर्क में लाने का दबाव बनाया.  IT एक्ट के तहत मामला दर्ज  मदनगंज थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है. पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है.

पीएम सूर्य घर योजना का डिजिटली होगा प्रचार-प्रसार

भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्रीराकेश शुक्ला एवं ऊर्जा मंत्रीप्रद्युम्न सिंह तोमर ऊर्जा विकास निगम के व्हाट्सऐप चैटबॉट एवं प्रचार वीडियो का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का डिजिटली प्रचार-प्रसार करने के लिये एमपीयूवीएनएल एवं काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवॉयरनमेंट एंड वॉटर के सहयोग से 18 मई सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में व्हाट्सऐप चैटबॉट एवं प्रचार वीडियो लॉन्च किया जाएगा। व्हाट्सऐप चैटबॉट और प्रचार वीडियो से नागरिकों को पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी सरल एवं डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इससे योजना के प्रति आमजन में जागरूकता बढ़ेगी और नागरिकों को आवेदन एवं सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी। आमजन के बीच लोकप्रिय हो रही है योजना प्रदेश में योजना को लेकर लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक मध्यप्रदेश में 1 लाख 96 हजार 791 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 1 लाख 24 हजार 663 सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इन संयंत्रों की कुल क्षमता 467.06 मेगावाट है। भारत सरकार द्वारा अब तक 879.69 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्रदान किया जा चुका है। चैटबॉट शुभारंभ कार्यक्रम में भारत सरकार के अधिकारी, जिला कलेक्टर, बैंक प्रतिनिधि, विद्युत वितरण कंपनियों एवं नगर निगम के अधिकारी तथा योजना से जुड़े पंजीकृत वेंडर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कमला पार्क स्थित शनि मंदिर में पूजा-अर्चना की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनि जयंती के अवसर पर शनिवार को कमला पार्क स्थित शनि मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनि मंदिर और हनुमान मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की और मंदिर में आए अनके दर्शनार्थियों से भी भेंट की । उन्होंने श्रृद्धालुओं और बच्चों के साथ सेल्फी भी खिंचवाई। इस अवसर विधायक श्री भगवान दास सबनानी के अलावा श्री राहुल कोठारी और अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा NIFTEM, किसानों और युवाओं को मिलेगा बड़ा फायदा

मुजफ्फरपुर बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने निवेश और रोजगार के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। मुजफ्फरपुर और किशनगंज में बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियों तथा हाजीपुर में राष्ट्रीय स्तर के फूड टेक्नोलॉजी संस्थान की स्थापना को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में रोजगार, उद्योग और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में की पूजा-अर्चना वट-सावित्री पूजा की शुभकामनाएं देने के बाद राजधानी के गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना कर मुख्‍यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार को मिलने जा रही इन सौगातों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालम‍िया और अंबूजा की बड़ी सीमेंट इकाइयों को स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस और चार परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी भी दी गई। सरकार का मानना है कि इन उद्योगों के शुरू होने से सीमांचल और उत्तर बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, वहीं परिवहन, निर्माण और छोटे कारोबारों को भी गति मिलेगी। हाजीपुर में बनेगा देश का तीसरा निफ्टेम इसी क्रम में वैशाली जिले के हाजीपुर में देश के तीसरे राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है। करीब 100 एकड़ में बनने वाला यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, रिसर्च, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता का बड़ा केंद्र बनेगा। इससे बिहार के कृषि और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को राष्ट्रीय पहचान मिलने की संभावना है। सरकार का दावा है कि यह संस्थान किसानों, स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। खासकर फल-सब्जी, मक्का, मखाना और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिलने से किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है। राज्य सरकार इसे विकसित बिहार और समृद्ध बिहार के विजन से जोड़कर देख रही है। उद्योग और शिक्षा के इन बड़े निवेशों को आने वाले वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है।

चीन को ट्रंप का कड़ा संदेश! मिले उपहार कूड़ेदान में फिंकवाए, दुनिया भर में चर्चा तेज

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चीन यात्रा के बाद सामने आई एक रिपोर्ट ने वैश्विक राजनीति और साइबर सुरक्षा जगत में हलचल मचा दी है।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल ने चीन में मिले कई गिफ्ट्स, बैज और स्मृति चिह्नों को अमेरिका वापस ले जाने के बजाय फेंक दिया।  क्यों फेंके गए गिफ्ट्स? अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों को आशंका थी कि इन छोटे उपहारों में जासूसी डिवाइस, माइक्रोफोन या साइबर बग छिपे हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों को पहले से सख्त निर्देश दिए गए थे कि चीन यात्रा के दौरान मिला कोई भी सामान Air Force One पर नहीं ले जाया जाएगा। इसी वजह से वापसी के समय कई वस्तुओं को नष्ट कर दिया गया या डस्टबिन में फेंक दिया गया। दरअसल, अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से साइबर जासूसी को लेकर तनाव बना हुआ है।अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पहले भी आरोप लगा चुकी हैं कि चीन आधुनिक तकनीक के जरिए विदेशी सरकारों, अधिकारियों और संस्थानों की निगरानी करता है। फोन भी फेंकने या पूरी तरह नष्ट करने के निर्देश विशेषज्ञों का मानना है कि छोटी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं या स्मृति चिह्नों में बेहद सूक्ष्म जासूसी उपकरण छिपाए जा सकते हैं, जो बातचीत रिकॉर्ड करने या डेटा चोरी करने में सक्षम होते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने इस यात्रा के दौरान अपने निजी मोबाइल फोन और लैपटॉप भी साथ नहीं रखे। इसके बजाय उन्होंने “बर्नर फोन” का इस्तेमाल किया। ये अस्थायी फोन होते हैं जिन्हें सीमित समय तक उपयोग करने के बाद नष्ट कर दिया जाता है। अमेरिका लौटने से पहले इन फोन को भी फेंकने या पूरी तरह नष्ट करने के निर्देश दिए गए थे। बंद डिवाइस भी हो सकते हैक साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक जासूसी तकनीक इतनी उन्नत हो चुकी है कि बंद पड़े डिवाइस भी निशाना बनाए जा सकते हैं। इसी वजह से अमेरिकी टीम ने अतिरिक्त सतर्कता बरती और किसी भी संदिग्ध वस्तु को साथ ले जाने से बचा। ट्रंप का बयान भी चर्चा में जब पत्रकारों ने ट्रंप से चीन की कथित जासूसी गतिविधियों पर सवाल पूछा, तो उन्होंने कहा, “वे हम पर जासूसी करते हैं और हम भी उन पर नजर रखते हैं।” ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने Xi Jinping से साफ कहा था कि अमेरिका भी चीन के खिलाफ साइबर ऑपरेशन चलाता है। पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध, तकनीकी प्रतिबंध, डेटा सुरक्षा और साइबर हमलों के आरोपों के कारण तनाव लगातार बढ़ा है। Huawei जैसी चीनी कंपनियों पर अमेरिका पहले भी सुरक्षा और जासूसी से जुड़े आरोप लगा चुका है, जबकि चीन इन आरोपों से इनकार करता रहा है।