samacharsecretary.com

नियमित नियुक्ति की शर्त पर ही संविदाकर्मी की सेवा समाप्ति वैध: हाईकोर्ट

बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा व अस्थायी कर्मचारियों का अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी जगह अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ऊर्जा सचिव सहित अन्य अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई संविदा भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया था, जिसे लेकर सेवाकर्ता इकाइयों द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति सेवाकर्ता इकाई के पद पर वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए हुई थी, जिनका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ। अनुबंध समाप्त होने के बाद क्रेडा ने याचिकाकर्ताओ की सेवावृद्धि न करते हुए उनके स्थान पर नया विज्ञापन जारी कर दिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने पैरवी करते हुए कहा कि किसी भी संविदा अथवा अस्थायी कर्मचारियों को उनकी जगह अन्य अस्थायी कर्मचारी रखने की शर्त पर कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता है। ऐसे कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी नियुक्त किए जाने की स्थिति में ही हटाया जा सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत मनीष गुप्ता विरुद्ध अध्यक्ष जन भागीदारी समिति तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायदृष्टांत मंजू गुप्ता विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन तथा अंकिता नामदेव विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन का हवाला दिया। सीनियर एडवोकेट ने बताया कि पूर्व में भी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा टेक्नीशियन संविदा के पद विज्ञापन जारी किया गया था, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जारी किए गए विज्ञापन पर रोक लगा दी थी। याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई के पद पर जारी विज्ञापन पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने ऊर्जा विभाग के सचिव, अधीक्षण अभियंता (क्रेडा), कार्यपालन अभियंता जोनल कार्यालय तथा सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। 52 कर्मियों ने दायर की है याचिका क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन को चुनौती देते हुए रायपुर जिले के कमलेश कुमार साहू व अन्य नौ, राजनांदगांव जिले के योगेश कुमार साहू व अन्य छह, बेमेतरा जिले से लीलाधर साहू व अन्य छह, खैरागढ़ -गंडई-छईखदान जिले से नरेंद्र कुमार साहू वह अन्य पांच, जयपुर जिले से गणेश कुमार साहू व अन्य 26 ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

फूल, कांटे, पत्ती, छिलके, बीज, छाल, जड़ सब के मिलते अच्छे दाम किसानों के लिए है वरदान

भोपाल  मध्यप्रदेश के नीमच जिले की हर्बल मंडी प्रदेश के औषधीय फसलों के उत्पादक किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। यह देश की एक मात्र मंडी है जहां कांटे, फूल, पत्ती, छिलके, बीज, छाल, जड़ सब बिकते हैं। किसानों को विभिन्न औषधीय फसलों के 500 रूपये से लेकर 2 लाख रूपये प्रति क्विंटल तक भाव मिल जाते हैं। नीमच मंडी की प्रसिद्ध‍ि देखते हुए गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसान अपनी फसलें लेकर यहां आ रहे हैं। अप्रैल माह तक मंडी की भरपूर आवक बनी रहती है जो मई के आखरी सप्ताह तक कम होने लगती है। किसानों को निराश नहीं होना पड़ता। हर प्रकार की जड़ी-बूटी बिक जाती है। मुख्य मंडी प्रांगण में 16 शेड हैं। यह एक मात्र मंडी है जहां 40−50 प्रकार के औषधीय पौधों की खरीदी बोली लगाकर होती है। मसाला फसलों की खरीदी करने वाली देश की एक मात्र सबसे बड़ी मंडी है। श्री नीलेश पाटीदार नीमच के बड़े काश्तकार हैं। उनकी 45 एकड जमीन है। परिवार में 12 सदस्य हैं। वे पिछले दो-तीन सालों से मसाला फसलों की खेती कर रहे हैं। वे बताते हैं कि इसबगोल, इरानी अकरकारा, चिरायता, आजवाइन, किनोवा, चियासीड, तुलसी बीज जैसी फसलों के बहुत अच्छे दाम मिल जाते हैं। लहसून के भी अच्छे दाम मिलते हैं। नीलेश को इस बात की प्रसन्नता है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव औषधीय फसलों के उत्पादन के लिये प्रोत्साहित कर रहे हैं। वे कहते हैं कि सरकार जड़ी-बूटी की खेती के तौर-तरीकों के संबंध में अच्छी ट्रेनिंग दिलवायेगी तो अच्छे परिणाम मिलेंगे। फिलहाल सरकार की ओर से हर जरूरी सहूलियतें मिल रही हैं। मदद सरकार की और मेहनत हमारी। जड़ी-बूटी उगाने वाले किसानों के लिये नीमच मंडी एक बड़ा सहारा है। श्री प्रहलाद सिंह रतलाम जिले के आजमपुर डोडिया गांव में रहते हैं। उन्हें अश्वगंधा और अकरकारा बीज बेचने के अच्छे दाम मिले हें। मंडी में समय पर बोली लग जाती है और आसानी से फसल बिक जाती है। किसानों को जरा सी भी परेशानी नहीं होती। मंडी के सब लोगों का व्यवहार बहुत अच्छा है। सरकार ने हमारे जैसे छोटे और मझौले किसानों के लिए मंडी में अच्छी व्यवस्थाएं करा दी हैं। श्री पंचम सिंह भी इसी गांव के किसान है और आजवाइन, अश्वगंधा लेकर आते हैं। उन्हें तत्काल भुगतान हो जाता है। मंडी की व्यवस्थाएं बहुत अच्छी हो गई हैं। वे बताते हैं कि अब मंडी की प्रसिद्ध‍ि दूर-दूर तक फैल गई है। गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र , उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के किसान लंबी दूर तय कर यहां माल जाते हैं। अच्छी तुलाई और अच्छे दाम और तत्काल भुगतान के कारण सब यहां आना पसंद करते हैं। इसबगोल, अश्वगंधा, कलौंजी, सतावारी, सफ़ेद मूसली, केसर, सर्पगंधा, अकलकारा जड, जैसी फसलों के दाम ज्यादा है और मांग भी हमेशा बनी रहती है। मंडी की विशेषताओं की चर्चा करते हुए मंडी सचिवउमेश बसेडिया शर्मा बताते हैं कि समय पर नीलामी, गुणवत्तापूर्ण तुलाई और भुगतान की व्यवस्था किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। किसानों के हित में निरंतर सुविधाएं बढाई जा रही हैं। वित्तीय प्रबंधन निरंतर सुधरा है। वर्ष 2024−25 में 64.16 लाख क्विंटल और 2025−26 में 72.40 क्विंटल आवक हुई थी। वे बताते हैं कि मंडी ने किसानों के हित की सभी व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरूस्त कर दिया है। राष्ट्रीय पादप बोर्ड ने साढे पांच करोड़ रूपये का अनुदान भी मंडी की अधोसंरचनात्मक गतिविधियों के लिये उपलब्ध कराया है। इलेक्ट्रानिक नाप-तौल और सीधे व्यापारियों के गोडाउन में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। यह मंडी प्रांगण 10.9 हेक्टेयर में फैला है। करीब 1100 लाइसेंसधारी व्यापारी इससे जुडे हैं और 150 से ज्यादा तुलावटी उपलब्ध रहते हैं। औषधीय फसलों के उत्पादन में देश में आगे मप्र मध्यप्रदेश औषधीय फसलों के उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। प्रदेश में 46 हजार 837 हैक्टेयर क्षेत्र में औषधीय फसलों ईसबगोल, सफेद मूसली, कोलियस व अन्य फसलों की खेती की जा रही है। वर्ष 2024-25 में प्रदेश में लगभग सवा लाख मीट्रिक टन औषधीय फसलों का उत्पादन हुआ है। देश और विदेश में औषधीय फसलों की बढ़ती मांग से किसान इन फसलों की ओर आकर्षित हुए हैं। देश में औषधीय फसलों का 44 प्रतिशत हिस्सा मध्यप्रदेश में उत्पादित होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को अनुदान और अन्य सहूलियतें दी जा रही है। औषधीय पौधों की खेती से किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के अवसर पैदा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार किसानों को औषधीय पौधों की खेती के लिए 20 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक का अनुदान देती है। औषधीय पौधों की खेती और संग्रह से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रदेश में प्रमुख रूप से अश्वगंधा, सफेद मूसली, गिलोय, तुलसी और कोलियस जैसी कई औषधीय फसलों का उत्पादन होता है।  

आयुष्मान कार्ड न होने पर भी नहीं रुकेगा इलाज, सीएम योगी का बड़ा भरोसा

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने गंभीर बीमारियों के इलाज में मदद की गुहार लेकर आए लोगों को उन्होंने आश्वस्त किया और इलाज कराने के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से धनराशि देने की बात कही। सीएम योगी ने कहा, जिन लोगों के आयुष्मान कार्ड नहीं बने होंगे उनके कार्ड बनवाए जाएंगे गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। कुर्सियों पर बैठाए गए लोगो तक जाकर उनकी समस्याओं को सुना। उनके प्रार्थना पत्र लिए और पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषप्रद होना चाहिए। जरूरतमंदों का आयुष्मान कार्ड बनवाने के निर्देश जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक मदद का अनुरोध करने आए थे। एक महिला ने अपने बच्चे के इलाज में आर्थिक दिक्कत और आयुष्मान कार्ड न होने की समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि चिंता मत करिए। बच्चे का इलाज जरूर होगा। आयुष्मान कार्ड बनवाएंगे और विवेकाधीन कोष से इलाज में आर्थिक सहायता देंगे। एक अन्य महिला को भी उन्होंने इन्हीं शब्द भावों का आत्मीय संबल दिया। इस्टीमेट शासन को उपलब्ध कराएं अफसर इलाज संबंधी प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए सीएम योगी ने कहा कि इस्टीमेट की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शासन को उपलब्ध करा दें। अपराध व जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों व भू माफिया के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। जनता दर्शन में कुछ महिलाएं अपने बच्चों को लेकर आई थीं। मुख्यमंत्री ने इन बच्चों को खूब दुलारा और चॉकलेट के साथ आशीर्वाद दिया।

राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई, कहा- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा में हुए कथित घोटाले को लेकर देश भर में मचा बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। लाखों छात्रों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखी है। राहुल गांधी ने साफ तौर पर कहा कि यह पेपर लीक कोई साधारण चूक या प्रशासनिक गलती नहीं है। यह भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से व्यवस्था में बिठाए गए अयोग्य प्रोफेसर के गठजोड़ का नतीजा है। विचारधारा के कारण सिस्टम हुआ खोखला: राहुल गांधी राहुल गांधी ने यह गंभीर आरोप ऐसे समय में लगाया है जब देश के कोने-कोने से छात्र और उनके अभिभावक चिलचिलाती धूप में सड़कों पर उतर कर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। कांग्रेस नेता का कहना है कि वर्तमान सरकार ने देश के सभी प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और परीक्षा कराने वाली एजेंसियों पर अपनी विचारधारा वाले लोगों को काबिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेरिट और योग्यता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। जब सिर्फ निष्ठा के आधार पर नियुक्तियां की जाती हैं, तो पूरा सिस्टम खोखला हो जाता है। एनटीए जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं का फेल होना इसी मिलीभगत का परिणाम है। इसी वजह से आज 24 लाख से अधिक होनहार युवाओं के सपनों को चकनाचूर होना पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट की दहलीज पर पहुंचा मामला यह विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब यह पूरा मामला देश की सर्वोच्च अदालत की दहलीज पर पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट में दायर कई याचिकाओं पर लगातार सुनवाई हो रही है। अदालत के आदेश पर ग्रेस मार्क्स वाले छात्रों की परीक्षा रद्द कर दोबारा एग्जाम कराने का फैसला आ चुका है। इसके बावजूद असली बवाल मूल पेपर लीक को लेकर बना हुआ है। इस बीच देश के कई राज्यों में पुलिस ने पेपर लीक गैंग के गुर्गों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियां इस बात की पुष्टि करती हैं कि परीक्षा सिस्टम में बहुत बड़ी सेंधमारी हुई थी।

रिश्वतखोर पटवारी गिरफ्तार: रजिस्ट्री के नाम पर वसूले जा रहे थे 50 हजार रुपये

टोहाना/फतेहाबाद. हरियाणा के फतेहाबाद जिले में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो अंबाला की टीम ने खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात पंचायती राज पटवारी उमेद सिंह बूरा को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। गांव पारता निवासी कपिल कुमार ने एसीबी को शिकायत दी थी कि पटवारी गांव की शामलात भूमि की रजिस्ट्री करवाने के बदले उससे 50 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है और बिना पैसे काम करने से मना कर रहा है। इस पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने डीएसपी ओमप्रकाश नैन के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की तय राशि दे आरोपित के पास भेजा। नोटों के नंबर दर्ज किए व रसायन लगाया गया। जैसे ही पटवारी उमेद ने शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये लिए, एसीबी टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित के हाथ धुलाए तो पानी लाल हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई।

पुलिस एवं राजस्व विभाग के तीन अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित

भोपाल  देवास जिले की टोंकखुर्द तहसील के ग्राम टोंककला स्थित पटाखा फैक्ट्री में हुई विस्फोट एवं आगजनी की घटना के मामले में पुलिस एवं राजस्व विभाग के तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार सोनकच्छ, जिला-देवास की अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस)  दीपा मांडे को निलंबित किया गया है। आयुक्त उज्जैन संभाग से प्राप्त प्रतिवेदन और पुलिस महानिदेशक की अनुशंसा के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। आदेश में उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी द्वारा शासन स्तर से समय-समय पर जारी निर्देशों के अनुरूप फैक्ट्री संचालन संबंधी निरीक्षण नहीं किए गए। वरिष्ठ कार्यालय को आवश्यक प्रतिवेदन भी प्रेषित नहीं किए गए। शासन ने इसे कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही एवं उदासीनता माना है। इसी क्रम में संभाग आयुक्तआशीष सिंह द्वारा टोंकखुर्द के एसडीएमसंजीव सक्सेना एवं टप्पा चिडावद के नायब तहसीलदाररवि शर्मा को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि विस्फोटक सामग्री से संबंधित प्रकरणों में शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रशासनिक निरीक्षण एवं निगरानी नहीं की गई। मामले में गंभीर लापरवाही पाई गई। सभी अधिकारियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 तथा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान सुश्री दीपा मांडे का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय, भोपाल निर्धारित किया गया है।संजीव सक्सेना एवंरवि शर्मा का मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय, देवास रहेगा। सभी अधिकारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।               

ईंधन संकट की आशंका से रांची में हड़कंप, लोग भरवा रहे टंकियां फुल

रांची पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई को लेकर फैली अफवाहों के बाद राजधानी रांची के कई पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार को अफरा-तफरी जैसे हालात देखने को मिले। शहर के हरमू स्थित दुलारी पंप, बिरसा चौक, कोकर समेत कई इलाकों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लगी रही। लोग जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल खरीदते नजर आए। कई लोग डब्बों में तेल भरवाते दिखे, जबकि कई वाहन चालकों ने अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवाईं। तीन अंकों में पहुंची कीमत नई दरें लागू होने के बाद रांची में पेट्रोल की कीमत 97.86 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100.86 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल 92.62 रुपये से बढ़कर 95.76 रुपये प्रति लीटर हो गया है। शुक्रवार सुबह से ही नई कीमतों पर बिक्री शुरू कर दी गई। प्रशासन की अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है। लोगों से केवल जरूरत के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदने को कहा गया है। मांग और सप्लाई में बड़ा अंतर सूत्रों के मुताबिक रांची में रोजाना मांग और सप्लाई के बीच करीब एक लाख लीटर का अंतर बना हुआ है, जिसके कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल रहा है। वहीं कई जगहों से निर्धारित दर से अधिक कीमत पर तेल बेचने की शिकायतें भी सामने आई हैं। आम लोगों की बढ़ी चिंता ईंधन की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है। खासकर रोजाना वाहन इस्तेमाल करने वाले लोग और परिवहन व्यवसाय से जुड़े कारोबारी बढ़ती कीमतों को लेकर चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर पेट्रोलियम कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण सप्लाई प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत समेत कई देशों में ईंधन की कीमतों पर पड़ रहा है। आगे और बढ़ सकते हैं दाम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में इसी तरह तेजी बनी रही, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने लेमरू में मंजू बहन के स्टॉल पर चखा गुपचुप, आत्मीय संवाद में जानी सफलता की कहानी

रायपुर  सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय के कोरबा जिले के लेमरू प्रवास के दौरान आत्मीयता, संघर्ष और आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। मुख्यमंत्रीसाय ने यहां ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी लखपति दीदी श्रीमती मंजू द्वारा संचालित छोटे से स्टॉल पर पहुंचकर उनके हाथों से बने चटपटे गुपचुप का स्वाद लिया और आत्मीय संवाद किया। बातचीत के दौरान श्रीमती मंजू ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने छोटे स्तर से अपने व्यवसाय की शुरुआत की थी। गुपचुप स्टॉल से होने वाली बचत और लगातार मेहनत के बल पर आज वे भवन निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली ‘सेंटरिंग प्लेट’ के व्यवसाय से भी जुड़ गई हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हौसले, परिश्रम और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की है। मुख्यमंत्रीसाय ने मंजू बहन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना आज महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक मजबूती का मजबूत आधार बन रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्रीसाय ने श्रीमती मंजू को लखपति दीदी योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपये का प्रोत्साहन चेक भी प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेहनत को अवसर और हौसले को सहारा मिलता है, तब बदलाव केवल एक व्यक्ति के जीवन तक सीमित नहीं र

बिहार सरकार का बड़ा कदम, पटना में बढ़ेगा ई-बस नेटवर्क और घटेगा ट्रैफिक दबाव

पटना बिहार सरकार ने राजधानी पटना में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब सचिवालय कर्मियों के लिए 18 मई 2026 से विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की जाएगी। सरकारी कर्मियों को मिलेगी सुविधा इस नई पहल के तहत सचिवालय आने-जाने वाले सरकारी कर्मियों को सुरक्षित, सुलभ और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य निजी वाहनों पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देना है। परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी प्रतिदिन निजी कार और बाइक से सचिवालय आते हैं, जिससे शहर में ट्रैफिक दबाव और ईंधन की खपत दोनों बढ़ती है। नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने से सरकारी कर्मियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिलेगा। 25 इलेक्ट्रिक बसें पहले से चल रहीं बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा फिलहाल पटना शहर में 25 इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन किया जा रहा है। अब इन्हीं बसों का उपयोग सचिवालय कर्मियों के नियमित आवागमन के लिए भी किया जाएगा। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के प्रशासक अतुल कुमार वर्मा ने बताया कि इस पहल से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि लोगों का परिवहन खर्च भी कम होगा। महिला कर्मियों के लिए भी विशेष सुविधा महिला कर्मचारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शाम 5 बजे छुट्टी के समय विशेष पिंक बस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। इससे महिला कर्मियों को सुरक्षित यात्रा का विकल्प मिलेगा। इन रूटों पर चलेगी विशेष बस सेवा पटना जंक्शन से सचिवालय-  मल्टी मॉडल हब (पटना जंक्शन) से बसें आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय तक जाएंगी। सुबह 8:30 बजे से सेवा शुरू होगी। दानापुर स्टेशन से सचिवालय- दानापुर स्टेशन से सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, आईजीआईएमएस, शेखपुरा मोड़ और चिड़ियाघर होते हुए बसें सचिवालय पहुंचेंगी। इस रूट पर सुबह 8:15 बजे से सेवा शुरू होगी।  धनुकी मोड़ से विकास भवन- धनुकी मोड़ से शुरू होकर कुम्हरार, भूतनाथ रोड, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़ और करबिगहिया स्टेशन होते हुए बसें विकास भवन तक जाएंगी।  कुर्जी से सचिवालय तक पिंक बस- कुर्जी से पी एंड एम मॉल, साईं मंदिर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, एएन कॉलेज, बोरिंग रोड चौराहा और हड़ताली मोड़ होते हुए सचिवालय तक पिंक बस सेवा संचालित होगी।  गांधी मैदान से दानापुर स्टेशन- गांधी मैदान से डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स, नियोजन भवन, विद्युत भवन, हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए विशेष बस सेवा सचिवालय क्षेत्र तक पहुंचेगी। ईंधन बचत और प्रदूषण नियंत्रण पर फोकस सरकार का मानना है कि बड़ी संख्या में लोग यदि निजी वाहनों के बजाय इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल करेंगे तो इससे पेट्रोल-डीजल की खपत में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण को भी बढ़ावा मिलेगा। यह पहल राज्य में ऊर्जा संरक्षण और हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

स्कूल में 23 आवश्यक कार्यों का डीएमएफ मद से होगा निर्माण,

राजनांदगांव  राजनांदगांव के विद्यालयों में कुल 23 लघु मरम्मत और जीर्णोद्धार विकास के कार्यों को राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह के प्रयास से स्वीकृति मिल गई है। जिसमें अतिरिक्त कक्ष निर्माण के कुल 10 कार्य (₹5 लाख प्रति कार्य), सुलभ शौचालय निर्माण के कुल 8 कार्य (₹5 लाख प्रति कार्य), किचन शेड निर्माण के कुल 3 कार्य (₹5 लाख प्रति कार्य) और साइकिल स्टैंड निर्माण के कुल 2 कार्य (₹5 लाख प्रति कार्य) शामिल थे। 1 करोड़ 15 लाख की लागत से पूर्ण होने वाले इन विकास कार्यों में पनेका, बम्हनी, धनगांव, सोमनी, सुरगी, कुम्हालोरी, बैगाटोला, भोथीपार खुर्द, बिरेझर, भर्रेगांव, मोखला, धर्मापुर, बुचीभरदा, लिटिया, बरगाही, खुटेरी और डिलापहरी के स्कूल शामिल हैं। स्कूलों के मरम्मत कार्य पूर्ण होने से शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और विद्यार्थियों के लिए सुविधाजनक वातावरण निर्मित होगा। : राजनांदगांव विधायक, डॉ रमन सिंह विधानसभा अध्यक्ष और राजनांदगांव विधायक डॉ रमन सिंह ने डीएमएफ मद से इन कार्यों की स्वीकृति मिलने पर कहा कि विधानसभा क्षेत्र राजनांदगांव अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में लघु मरम्मत/ जीर्णोद्धार विकास कार्यों के पूर्ण होने के उपरांत ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों की सुविधा में वृद्धि होगी और इन विद्यालयों में अध्यनरत विद्यार्थी बेहतर परिवेश में शिक्षा अर्जित कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय जी की सरकार में चहूँमुखी विकास हो रहा है और सभी वर्ग मुख्यधारा से जुड़कर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। इन विकास कार्यों की स्वीकृति पर राजनांदगांववासियों ने मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय और विधायक, राजनांदगांव डॉ रमन सिंह का आभार प्रकट किया है।