samacharsecretary.com

दसूहा रोड पर मिला ड्रोननुमा ऑब्जेक्ट, इलाके में दहशत; जांच में जुटी एजेंसियां

 होशियारपुर होशियारपुर-दसूहा रोड स्थित गांव सतौर के बाहरी क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब खेतों में छोटे हवाई जहाज के आकार की एक संदिग्ध वस्तु पड़ी हुई दिखाई दी। दूर से यह वस्तु ड्रोन जैसी प्रतीत हो रही थी, जिसके चलते इलाके के लोगों में चिंता का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार खेतों की ओर गए कुछ ग्रामीणों ने इस वस्तु को देखा और तुरंत इसकी सूचना गांव की सरपंच कुलदीप कौर तथा समिति सदस्य परमजीत सिंह को दी। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया, जिसके उपरांत पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के दौरान सामने आया कि यह हवाई जहाज के आकार का एक गर्म हवा वाला गुब्बारा था, जिस पर पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस का संक्षिप्त नाम “पीआईए” लिखा हुआ था। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह गुब्बारा कहां से आया और क्या इसके जरिए कोई अन्य सामग्री भी इलाके में गिराई गई है। इस संबंध में पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया जा रहा है।

CSK vs SRH : चेपॉक में 210 रन का होगा गेम? जानें किसे मिलेगा फायदा

 चेन्नई चेन्नई सुपर किंग्स वर्सेस सनराइजर्स हैदराबाद आईपीएल 2026 का 63वां मैच आज यानी सोमवार, 18 मई को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाना है। सीएसके वर्सेस एसआरएच मैच भारतीय समयानुसार 7 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -ऋतुराज गायकवाड़ और पैट कमिंस- आधा घंटा पहले यानी 7 बजे मैदान पर उतरेंगे। चेन्नई और हैदराबाद दोनों के लिए प्लेऑफ के नजरिए से यह मैच अहम होने वाला है। सीएसके अगर आज हारता है तो वह प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो जाएगा, वहीं हैदराबाद जीत के साथ प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई करने वाली दूसरी टीम बन सकती है। एसआरएज की जीत से गुजरात टाइटंस को भी फायदा मिलेगा, उनकी भी प्लेऑफ में जगह पक्की हो जाएगी। आईए एक नजर सीएसके वर्सेस एसआरएच पिच रिपोर्ट पर डालते हैं CSK vs SRH पिच रिपोर्ट सोमवार को CSK vs SRH मैच में इस्तेमाल होने वाली पिच से बैटिंग को मदद मिलने की उम्मीद है। SRH के पेस-बॉलिंग कोच वरुण एरॉन ने कहा कि जीतने वाला टोटल लगभग 210 होगा। CSK के तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन को अब भी खुश होने की एक वजह दिखी: उनका मानना ​​है कि पिच पर बाउंस हैदराबाद से ज्यादा हो सकता है और इसलिए CSK को फायदा होगा। यह खेले गए 6 में से चार मैच चेजिंग टीम ने जीते हैं, ऐसे में आज टॉस जीतने वाला कप्तान पहले बॉलिंग चुन सकता है। एमए चिदंबरम स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 97 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 53 (54.64%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 44 (45.36%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 50 (51.55%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 47 (48.45%) हाईएस्ट स्कोर- 246/5 लोएस्ट स्कोर- 70 सबसे बड़ा रन चेज हासिल किया- 210/5 औसत रन प्रति विकेट- 26.39 औसत रन प्रति ओवर- 8.15 पहले बैटिंग करते हुए औसत स्कोर- 165.41 CSK vs SRH हेड टू हेड चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के हेड टू हेड पर नजर डालें तो सीएसके की टीम काफी आगे नजर आती है। दोनों टीमों के बीच खेले गए 23 मुकाबलों में चेन्नई ने 15 बार तो हैदराबाद ने 8 बार ही जीत दर्ज की है। इस सीजन वैसे हैदराबाद चेन्नई को पहले एनकाउंटर में 10 रनों से हरा चुकी है। CSK vs SRH स्क्वॉड चेन्नई सुपर किंग्स स्क्वॉड: संजू सैमसन (विकेट कीपर), रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), उर्विल पटेल, कार्तिक शर्मा, डेवाल्ड ब्रेविस, शिवम दुबे, प्रशांत वीर, अंशुल कंबोज, नूर अहमद, स्पेंसर जॉनसन, मुकेश चौधरी, गुरजपनीत सिंह, सरफराज खान, अकील होसेन, मैथ्यू शॉर्ट, मैट हेनरी, एमएस धोनी, श्रेयस गोपाल, डियान फॉरेस्टर, ज़कारी फाउलकेस, राहुल चाहर, कुलदीप यादव, आकाश मधवाल, अमन खान, मैकनील नोरोन्हा सनराइजर्स हैदराबाद स्क्वॉड: ट्रैविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेट कीपर), स्मरण रविचंद्रन, हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, नीतीश कुमार रेड्डी, पैट कमिंस (कप्तान), शिवांग कुमार, प्रफुल हिंगे, ईशान मलिंगा, साकिब हुसैन, अनिकेत वर्मा, लियाम लिविंगस्टोन, हर्ष दुबे, हर्षल पटेल, कामिंडू मेंडिस, दिलशान मदुशंका, गेराल्ड कोएट्ज़ी, जयदेव उनादकट, जीशान अंसारी, क्रेन्स फुलेत्रा, ओंकार तारमाले, आरएस अंबरीश, अमित कुमार

पंचायत चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा कदम, सबसे बड़ी अड़चन दूर होने के संकेत

 लखनऊ, उत्तर प्रदेश में  गांव-गांव एक ही बात की चर्चा है कि पंचायत चुनाव कब होंगे? ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में हो रही देरी की सबसे बड़ी वजह यूपी में समर्पित ओबीसी आयोग का न होना है. हाईकोर्ट के सख्त तेवर अपनाए जाने के बाद यूपी की योगी सरकार इस दिशा में अपने कदम बढ़ा सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी मिल सकती है?  यूपी पंचायत चुनाव को लेकर सस्पेंस बना हुआ, लेकिन अब तस्वीर साफ होती दिख रही है. पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग के गठन पर कैबिनेट में मोहर लग सकती है. इसके साथ ही एक दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव को मंजूरी देने का प्रस्ताव है।  यूपी में मौजूदा ओबीसी आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में समाप्त हो गया था, जिसे सरकार ने अक्टूबर 2026 तक के लिए बढ़ा तो दिया है, लेकिन कानूनी रूप से उसके पास समर्पित आयोग के अधिकार नहीं हैं. ओबीसी आयोग अपने तीन साल के मूल कार्यकाल के रहते हुए ही आरक्षण का सर्वे कर सकता है. इसीलिए योगी सरकार सोमवार को कैबिनेट बैठक में ओबीसी आयोग गठन को अमलीजामा पहना सकती है।  ओबीसी आयोग गठन को मिलेगी मंजूरी?  वैश्विक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मितव्ययता की अपील के बाद सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक होगी. इस लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सूबे में पंचायत चुनाव पर छाए सियासी बादल कैबिनेट की बैठक में छंटती हुई दिख सकती हैय कैबिनेट बैठक में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे सकती है।  ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का स्वरूप तय होगा. सूबे में समर्पित ओबीसी आयोग नहीं होने के चलते पंचायत चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया लटकी हुई है. हाईकोर्ट ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा था कि ओबीसी आयोग में क्यों देरी हो रही है, जिसके बाद ही समर्पित ओबीसी आयोग गठन को कैबिनेट में मंजबूरी देने ही।  यूपी में नए ओबीसी आयोग के बाद ही ओबीसी की आबादी का सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का आकलन का सर्वे करेगी. ओबीसी आयोग के सर्वे के आधार पर यह तय होगा कि पंचायतों में ओबीसी आरक्षण कितने प्रतिशत और किन सीटों पर लागू होगा.ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण पहले से ही निर्धारित है. इसके अलावा कौन सीट आरक्षित करनी है और कौन नहीं?  चारबाग से वसंतकुंज तक मेट्रो को मंजूरी? योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में लखनऊ मेट्रो से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है.मेट्रो परियोजना में पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (चारबाग से वसंतकुंज) के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी जा सकती है. इसके अलावा आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) में मेट्रो स्टेशन एवं वायडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट विचार कर सकती है।  कैबिनेट बैठक में क्या-क्या होंगे फैसले लोक सेवा आयोग के कृत्यों के परिसीमन में बदलाव करने के लिए संशोधन प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने विचार के लिए रखा जाएगा. ग्राम्य विकास विभाग और एचसीएल फाउंडेशन के साथ चल रही समुदाय परियोजना को पांच साल के लिए और बढ़ाया जाएगा. परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है. वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास परियोजनाओं को मंजूरी कैबिनेट दे सकती है।  आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लेने वाले लोकतंत्र सेनानियों को कैबिनेट कैशलेस इलाज की सुविधा देने जा रही है. सोमवार को कैबिनेट बैठक में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा. इन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी. कैबिनेट में जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी नई नियमावली को भी मंजूरी मिल सकती है।  हाथरस, बागपत और कासगंज में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट सहमति देगी. वहीं, कैबिनेट के सामने ऊर्जा विभाग केनरा बैंक से निकाली गई 1500 करोड़ रुपये की राशि की कार्येत्तर इस्तेमाल के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा. कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की परियोजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है।  राज्य सरकार की प्रतिभूतियों के संबंध में वर्ष 2007 में जारी किए गए जनरल नोटिफिकेशन में संशोधन का प्रस्ताव पर कैबिनेट विचार करेगी. इसके अलावा भारतीय स्टांप अधिनियम में भी संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है. वहीं, यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों पर लगने वाले अतिरिक्त कर को रेशनलाइज करने को भी कैबिनेट अपनी मुहर लगा सकती है। 

दिल्ली का दमदार कमबैक! अंतिम ओवर में राजस्थान को दी मात, प्लेऑफ की रेस हुई रोमांचक

नई दिल्ली  दिल्ली कैपिटल्स ने रविवार (17 मई) को अरुण जेटली स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 में राजस्थान रॉयल्स पर पांच विकेट से रोमांचक जीत हासिल की।  ​​इस जीत की नींव तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क के डेथ ओवरों में चार विकेट लेने के शानदार प्रदर्शन पर रखी गई थी, जिसने राजस्थान को तूफानी शुरुआत के बावजूद 193/8 के स्कोर पर रोक दिया।  उसके बाद दिल्ली कैपिटल्स के विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल और अभिषेक पोरेल के बीच पहले विकेट के लिए 105 रनों की अहम साझेदारी ने शुरू में मैच को दिल्ली के पाले में झुका दिया. राहुल ने 42 गेंदों पर 56, पोरेल ने 31 गेंदों पर 51 और कप्तान अक्षर ने 18 गेंदों में 34 रन बनाए।  आशुतोष की इम्पैक्ट पारी इसके बाद आशुतोष शर्मा 'इम्पैक्ट प्लेयर' के तौर पर मैदान में उतरे और पांच गेंदों पर नाबाद 18 रन बनाकर DC को जीत दिलाई. यह एक बेहद तनावपूर्ण और उतार-चढ़ाव भरा मुकाबला था, जिसमें कई बार पासा पलटा, लेकिन आखिरकार मेजबान टीम ने अपना संयम बनाए रखा।  चार गेंदें शेष रहते लक्ष्य का पीछा पूरा करके, DC ने अपने घरेलू मैचों का समापन शानदार अंदाज में किया. इस जीत के साथ वे IPL 2026 की अंक तालिका में आठवें से सातवें स्थान पर पहुंच गए और प्लेऑफ में पहुंचने की अपनी धुंधली उम्मीदों को जिंदा रखा।  यह एक ऐसा मुकाबला था जिसमें कई बार उतार-चढ़ाव आए. RR ने 160/2 का स्कोर बनाया था, लेकिन आखिरी छह ओवरों में 33 रन देकर अपने छह विकेट गंवा दिए. वहीं DC भी 130/2 के स्कोर तक आसानी से पहुंच गई थी, लेकिन बीच के ओवरों में उसे भी कुछ झटके लगे।  स्टार्क बने प्लेयर ऑफ दि मैच स्टार्क ने अपने शुरुआती दो ओवरों में 28 रन देकर काफी रन लुटाए थे. लेकिन अपने आखिरी दो ओवरों में उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए RR के मध्य और निचले क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. इन दो ओवरों में उन्होंने सिर्फ 12 रन दिए और चारों विकेट अपने नाम किए. जिसकी वजह से उनको प्लेयर ऑफ दि मैच का अवॉर्ड दिया गया।  राजस्थान का प्लेऑफ सेनारियो राजस्थान की तरफ से वैभव सूर्यवंशी ने 21 गेंदों में 46 रनों की तूफानी पारी खेली. इसके अलावा ध्रुव जुरेल ने 40 गेंद में 53 और कप्तान रयान पराग ने 26 गेंद में 51 रनों की शानदार पारी खेली. इस हार के साथ राजस्थान पांचवें स्थान से छठे स्थान पर खिसक गया है. उसके 12 मैच में 12 अंक हैं और अब उन्हें प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अपने बचे हुए दोनों मैच जीतने होंगे। 

विराट की टीम का धमाका! RCB ने प्लेऑफ का टिकट कराया पक्का, पंजाब फिर फिसली

धर्मशाला टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली सिर्फ अपनी बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि मैदान पर अपने एटीट्यूड और एनर्जी के लिए भी जाने जाते हैं. रविवार (17 मई) को पंजाब किंग्स (PBKS) के खिलाफ धर्मशाला में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के मुकाबले में एक बार फिर कोहली का वही अंदाज देखने को मिला, जब उनकी और हरप्रीत बराड़ की हल्की नोकझोंक सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।  यह घटना रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पारी के नौवें ओवर में हुई. अजमतुल्लाह ओमरजई की गेंद को कोहली ने पॉइंट की तरफ खेलते ही तेजी से रन लेने के लिए दौड़ लगा दी, लेकिन नॉन-स्ट्राइकर एंड पर मौजूद देवदत्त पडिक्कल ने तुरंत रन लेने से मना कर दिया क्योंकि हरप्रीत बराड़ तेजी से गेंद की तरफ बढ़ रहे थे।  विराट कोहली तब तक काफी आगे निकल चुके थे, लेकिन घबराकर वापस भागने की बजाय वह बीच पिच पर रुक गए और मुस्कुराते हुए हरप्रीत बराड़ को देखने लगे. कोहली मानो चैलेंज दे रहे हों कि बराड़ स्टम्प्स पर डायरेक्ट हिट मार कर दिखाएं. बराड़ ने समझदारी दिखाते हुए थ्रो नहीं किया. उन्हें अंदाजा था कि अगर निशाना चूक गया तो ओवरथ्रो में अतिरिक्त रन जा सकते हैं।  पंजाब किंग्स की फील्डिंग इस सीजन पहले ही आलोचना झेल रही है, ऐसे में हरप्रीत बराड़ ने कोई जोखिम नहीं लिया. मैच के दौरान बराड़ काफी आक्रामक नजर आए. उन्होंने जैकब बेथेल और देवदत्त पडिक्कल को आउट करने के बाद जोरदार जश्न मनाया. बाद में विराट कोहली ने मुस्कुराते हुए उनसे बात करने की कोशिश भी की, लेकिन हरप्रीत बराड़ बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए।  यह पहली बार नहीं है जब विराट कोहली और हरप्रीत बराड़ के बीच मैदान पर मजेदार बातचीत हुई हो. पिछले सीजन में दोनों के बीच हल्की नोकझोंक देखने को मिली थी. तब कोहली ने हरप्रीत बराड़ से मजाक में कहा था, '20 साल हो गए क्रिकेट खेलते हुए, ऐसे स्टम्प थोड़ी ना हो जाऊंगा. तेरे कोच को भी जानता हूं.' कोहली की यह पंक्तियां सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं।  मैदान पर मजेदार पल के साथ-साथ विराट कोहली ने बल्लेबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 37 गेंदों पर 58 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 3 छक्के शामिल थे. उनकी इस पारी ने आरसीबी को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।  इस मुकाबले में आरसीबी अपने नियमित कप्तान रजत पाटीदार के बिना मैदान पर उतरी. पाटीदार चोट के कारण मैच नहीं खेल सके, जिसके चलते जितेश शर्मा ने टीम की कप्तानी संभाली। .

नई जंग के डर से शेयर बाजार धराशायी, ट्रंप के बयान के बाद सेंसेक्स में भारी गिरावट

मुंबई  शेयर बाजार के लिए विदेशों से रेड सिग्नल मिल रहे थे और जिसका डर था वही हुआ. खुलते के साथ ही शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) हो गया. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स जहां ओपन होने के कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं दूसरी ओर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 280 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करता हुआ नजर आया. इस बड़ी गिरावट के बीच पावर ग्रिड, टाटा स्टील, मारुति, एचडीएफसी बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाइटन जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए दिखाई दिए।  सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही क्रैश सेंसेक्स-निफ्टी की ओपनिंग पर नजर डालें, तो BSE Sensex अपने पिछले शुक्रवार के बंद 75,237 की तुलना में तेज गिरावट के साथ 74,807 के लेवल पर खुला था और अगले पांच मिनट में ही ये भारी गिरावट के साथ फिसलते हुए 907 अंक टूट गया और 74,330 के लेवल पर आ गया और कुछ देर बाद ही 1000 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार करने लगा. NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 23,643 की तुलना में गिरकर पहले 23,482 पर खुला और फिर अचानक इसमें गिरावट भी तेज होती चली गई. शेयर मार्केट में ट्रेडिंग शुरू होने के पांच मिनट बाद ही ये इंडेक्स भी 280 अंक टूटकर 23,361 पर कारोबार करता नजर आया।  ये बड़े शेयर बिखर गए  शेयर मार्केट में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आई इस बड़ी गिरावट के बीच तमाम दिग्गज कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो इसमें शामिल Tata Steel Share (3.75%), PowerGrid Share (3.50%), Maruti Share (2.40%), Trent Share (2.25%), SBI Share (2.05%) की गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा Eternal, Titan, Adani Ports जैसे स्टॉक्स भी करीब 2 फीसदी की गिरावट में थे।  US-Iran में नई जंग की आहट से डर शेयर मार्केट के क्रैश होने के पीछे के कारण की बात करें, तो इनमें सबसे बड़ा अमेरिका और ईरान के बीच नई जंग की आहट को माना जा सकता है. दरअसल, दोनों देशों के बीच तनाव फिर से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर ईरान को बड़ी धमकी दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा है कि, 'ईरान के लिए घड़ी की सुइयां तेज भाग रही हैं और उन्हें जल्द से जल्द तेजी से कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनका कुछ भी बाकी नहीं बचेगा. वक्त बहुत कीमती है।  ट्रंप की धमकी और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला है. सोमवार को खबर लिखे जाने तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत तेजी से उछाल भरती नजर आई. Brent Crude Oil Price 112 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच चुका है, तो वहीं WTI Crude Oil Price 108 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा नेचुरल गैस की कीमतों में भी करीब 3 फीसदी का उछाल आया है और ये 3.034 डॉलर पर पहुंच गई हैं।  विदेशों से मिल रहे थे रेड सिग्नल  शेयर बाजार में गिरावट के सिग्नल पहले से ही विदेशी बाजारों से मिल रहे थे. जहां Gift Nify 195 अंक फिसलकर 23,550 पर कारोबार कर रहा था. तो वहीं एशियाई मार्केट्स में भी भूचाल देखने को मिला था. Japan Nikkei करीब 600 अंक फिसलकर, तो वहीं हांगकांग का Hangseng भी 385 अंक, ब्रिटेन का मार्केट FTSE-100 भी करीब 200 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा DAX (510 अंक), तो CAC (150 अंक) की गिरावट में कारोबार कर रहा था।   (नोट- शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)

हजार साल पुरानी रहस्यमयी निशानियां मिलीं, जैन मुनियों से हो सकता है संबंध

रायसेन. मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के जंगलों में पुरातत्वविदों को एक बेहद प्राचीन और महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। रायसेन के जामगढ़ गांव में पथरीले रास्तों के बीच करीब 800 मीटर के दायरे में फैले पत्थरों पर उकेरी गई प्राचीन पदचिन्हों (पैरों के निशान) की खोज की गई है। इसके साथ ही वहां शुरुआती 'नागरी लिपि' में लिखा एक शिलालेख भी मिला है, जोकरीब 10वीं-11वीं शताब्दी (परमार काल) का माना जा रहा है। इतिहासकारों का मानना है कि पत्थरों पर बने ये कदम किसी महान संत या जैन मुनि के हो सकते हैं, जो एक हजार साल पहले इस क्षेत्र से गुजरे थे। यह महत्वपूर्ण खोज इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) के भोपाल चैप्टर की पुरातत्वविद नैन्सी शर्मा और उनके सहयोगी मिलनाथ पेटेले द्वारा किए फील्ड सर्वे के दौरान हुई है। समय के साथ धुंधले हो गए हैं निशान सर्वे का नेतृत्व करने वाली नैन्सी शर्मा ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों की सूचना पर वे इस दुर्गम पहाड़ी स्थल पर पहुंचीं। समय के साथ कुछ निशान जरूर धुंधले हुए हैं, लेकिन अधिकांश पदचिह्न आज भी सुरक्षित हैं। इन्टेक (INTACH) मध्य प्रदेश के संयोजक एम.एम. उपाध्याय के अनुसार, पहले प्रमुख चरण चिह्न के पास पत्थरों पर दो लाइनों का एक प्राचीन शिलालेख खुदा हुआ है। इसमें 'सिद्ध', 'पद', 'पंडित' और 'कृत' जैसे शब्दों का उल्लेख है, जो पवित्र स्मारक परंपराओं से जुड़े हैं। एएसआई (ASI) के पूर्व एपिग्रैफी निदेशक रवि शंकर ने इस लिपि की पहचान परमार राजवंश के समय की आरंभिक नागरी लिपि के रूप में की है। इतिहास विशेषज्ञों का कहना है कि 10वीं-11वीं शताब्दी के दौरान मध्य प्रदेश में कई जैन मंदिरों और स्मारकों का निर्माण हुआ था, जिसके चलते इस खोज के तार सीधे जैन इतिहास से जुड़ रहे हैं।

पाकिस्तान के लाहौर में पुराने हिंदू नामों की वापसी, नौ जगहों के नाम बदले गए

लाहौर पाकिस्तान में एक अनोखा मामला देखने में आया है। यहां पर हिंदू मोहल्लों को उनकी पुरानी पहचान लौटाने की कवायद चल रही है। इसके तहत कई ऐसे मोहल्लों का नाम बदलकर उन्हें पुराना हिंदू नाम दिया गया है, जिनका हाल में मुस्लिम नाम था। बताया जाता है कि पुराने वक्त में इन मोहल्लों का हिंदू नाम ही था। उदाहरण के तौर पर सुन्नतनगर का नाम बदलकर संतनगर कर दिया गया है। यह सारी कवायद खासतौर पर पाकिस्तान के लाहौर शहर में की जा रही है। दैनिक भास्कर के मुताबिक पिछले दो महीने में नौ जगहों का मुस्लिम नाम बदलकर उन्हें पुराना हिंदू नाम दिया गया है। किसने की पहल बताया जा रहा है कि इस पहल के पीछे पाकिस्तान के पंजाब सूबे की मुखिया मरियम नवाज हैं। दैनिक भास्कर के मुताबिक मरियम ने मार्च महीने में एक बैठक बुलाई थी। इस दौरान लाहौर को लेकर एक खास प्रोजेक्ट की चर्चा हुई, जिसका नाम है लाहौर हेरिटेज एरिया रिवाइवल। इसी दौरान यह फैसला किया गया कि लाहौर शहर के नए नामों को फिर पुराने हिंदू दौर के आधार पर रखा जाए। इसके पीछे नवाज शरीफ का तर्क, यूरोप से प्रेरणा लेने का है। नवाज के मुताबिक हमें लाहौर के पुराने इतिहास को सहेजने की जरूरत है। कब बदले गए थे नाम लाहौर में इन जगहों के पहले हिंदू नाम ही थे। लेकिन इसमें बदलाव हुआ साल 1990 के समय। तब भारत में बाबरी मस्जिद ढहाने के बाद इन जगहों के नाम बदलकर मुस्लिम कर दिए गए। तब पाकिस्तान में नवाज शरीफ, बेनजीर भुट्टो और परवेज मुशर्रफ की सरकारें थीं कट्टरपंथियों का कैसा है रुख? एक सवाल यह भी उठता है कि इस तरह से मोहल्लों के हिंदू नाम रखने पर वहां के कट्टरपंथियों का क्या रुख है? दैनिक भास्कर के मुताबिक इस पर कोई कड़ी प्रतिक्रिया नहीं आई है। टीएलपी को मरियम नवाज सरकार ने पहले ही प्रतिबंधित कर रखा है। वहीं, तश्कर-ए-तैयबा की तरफ से भी नाम बदलने को लेकर कोई रिएक्शन नहीं आया है। किन मोहल्लों को मिली पुरानी पहचान लाहौर में इन मोहल्लों के नाम बदले हैं। इन्हें फिर से हिंदू नाम देकर उनकी पुरानी पहचान देने की कोशिश की गई है। इनमें इस्लामपुरा हो गया है कृष्णनगर, सुन्नतनगर है संतनगर, मौलाना जफर चौक है लक्ष्मी चौक, बाबरी मस्जिद चौक फिर से जैन मंदिर चौका, मुस्तफाबाद है धर्मपुरा, सर आगा खान चौक डेविस रोड, अल्लामा इकबाल रोड फिर जेल रोड, फातिमा जिन्ना रोड अब क्वींस रोड और बाग-ए-जिन्ना अब है लॉरेंस रोड।

बासुकीनाथ मेला क्षेत्र में सड़कों और पार्किंग के लिए करोड़ों की योजनाएं शुरू

 दुमका  श्रावणी मेला के मद्देनजर बासुकीनाथ में प्रशासनिक तैयारियों को धरातल पर उतारने की पहल तेज हो गई है। पथ निर्माण विभाग ने श्रावणी को ध्यान में रखते हुए बासुकीनाथ में स्थित शिवगंगा पहुंच पथ में नवनिर्मित आठ गुणा पांच मीटर बॉक्स कल्भर्ट के किनारे जोरिया में पीसीसी गार्डवाल एवं पहुंच पथ का निर्माण कराने के लिए टेंडर आमंत्रित किया है। इस योजना की प्राक्कलित राशि 30 लाख रुपये है। विभाग की ओर से दुमका-भागलपुर मुख्य पथ पर दुमका-हंसडीहा के बीच एनएच 17 के 25 वें, 44 वें, 49 वें एवं 51 वें किलोमीटर पर स्थित पुल पर मैस्टिक एसफाल्ट वेयरिंग कोर्स लेयिंग कार्य एवं मरम्मति के लिए भी टेंडर आमंत्रित किया गया है। इस योजना की प्राक्कलित राशि 25 लाख रुपये है। श्रावणी मेला को ध्यान में रखते हुए पथ निर्माण विभाग ने शनि मंदिर नोनीहाट-बासुकीनाथ-खैराबनी लिंक रोड के निकट बासुकीनाथ बस स्टैंड तक एप्रोच पथ निर्माण कराने के लिए टेंडर आमंत्रित किया है। दो साल है डेडलाइन इस योजना की प्राक्कलित राशि 60 लाख रुपये है। इस योजना को दो माह के अंदर पूर्ण कराने की मियाद तय की गई है। जबकि विभाग की ओर से नोनीहाट-बासुकीनाथ-कैराबनी रोड की विशेष मरम्मति के लिए भी एक करोड़ 25 लाख रुपये का टेंडर आमंत्रित किया गया है। इस कार्य को पूरा कराने के लिए भी दो माह का वक्त निर्धारित किया गया है। जबकि 75 लाख रुपये की लागत से बासुकीनाथ रिंग रोड में पार्किंग एरिया के निर्माण के लिए भी पथ निर्माण विभाग ने टेंडर आमंत्रित किया है। इस काम को पूरा करने की मियाद डेढ़ माह तय किया गया है। इसके अलावा 75 लाख रुपये की प्राक्कलित राशि से सतह नवीनीकरण, रोड मार्किंग, पेवर ब्लाक एवं साइन बोर्ड, कल्भर्ट की पेंटिंग एवं फ्लैंक मरम्मति का काम बासुकीनाथ मेला क्षेत्र में कराया जाएगा। इसके लिए भी विभागीय स्तर पर टेंडर आमंत्रित किया जा चुका है। इस काम को भी विभाग ने दो माह में पूरा कराने का वक्त तय किया है। एनएच करेगा काम चूंकि दुमका-देवघर मुख्य पथ अब पथ निर्माण विभाग के बजाए नेशनल हाइवे के जिम्मे है इसलिए इस बार श्रावणी मेला के नाम पर इस पथ पर किसी भी तरह का काम पथ निर्माण विभाग की ओर से संभवत: नहीं कराया जाएगा। इसके पीछे एक दूसरी वजह यह भी है कि दुमका से बासुकीनाथ तक फोर लेन का निर्माण काम एनएच के जरिए हो रहा है और बासुकीनाथ से दुमका तक फोर लेन सड़क निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब जमीन अधिग्रहण का काम चल रहा है। ऐसे में इस पथ पर इस वर्ष श्रावणी मेला में विशेष मरम्मति का कार्य या तो एनएच के जरिए होगा या फिर नहीं होगा। श्रावणी मेला के दौरान बासुकीनाथ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी स्तर पर कोई परेशानी नहीं हो इसके लिए प्रशासनिक कवायद शुरू कर दी गई है। मेला से जुड़े तमाम विभागों के साथ बैठक कर समय रहते तय कार्याें को पूरा कराने का निर्देश दिया गया है ताकि मेला में किसी तरह की कमी नहीं रहे।  

आम उत्पादन बढ़ाने की तैयारी, प्रदेश में बागवानों को दी जाएगी नई तकनीकों की ट्रेनिंग

लखनऊ उत्तर प्रदेश में आम की गुणवत्ता बढ़ाने और कम लागत में अधिक फल लेने के लिए रणनीति बन रही है। बागवानों को छोटे कद वाले आमों की फसल लगाने को प्रेरित किया जाएगा। पुराने पेड़ों की छंटाई होगी, जिससे आंधी-बारिश में नुकसान कम होगा। जुलाई से प्रशिक्षण अभियान चलेगा। प्रदेश में करीब 3.25 लाख हेक्टेयर में आम के बाग हैं। ज्यादातर बागवान पेड़ों की छंटाई नहीं करते, जिससे वे 20 से 30 फीट ऊंचे हो जाते हैं। ऐसे पेड़ों पर फल की देखरेख और दवा छिड़काव में अधिक खर्च आता है। उद्यान विभाग के सर्वे में सामने आया कि 10 से 15 साल बाद ये पेड़ कम फल देते हैं। आम बागवानी प्रबंधन पर चलेगा प्रशिक्षण अभियान इस वर्ष 50 फीसदी से ज्यादा फसल आंधी-तूफान से प्रभावित हुई है। अब बागवानी विकास मिशन में छोटे कद वाले पेड़ों पर जोर दिया जाएगा। सघन बागवानी से आम के बाग में दूसरी फसलें भी ली जा सकेंगी। प्रशिक्षण अभियान लखनऊ के मलिहाबाद स्थित औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र से शुरू होकर सभी 13 आम पट्टियों में चलेगा। बौनी किस्मों की जुटा रहे जानकारी उद्यान विभाग बौनी किस्मों की जानकारी जुटा रहा है। आम्रपाली, पूसा अरुणिमा, मल्लिका, अरुणा, पूसा प्रतिभा और अवध समृद्धि को बौनी किस्में माना जाता है। सघन बागवानी में इन्हीं किस्मों के पौधे बागवानों को दिए जा रहे हैं। विभाग ने केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान सहित अन्य संस्थानों से भी जानकारी मांगी है। नई किस्मों को प्रशिक्षण केंद्रों में लगाकर उनके फायदे देखे जाएंगे। सफल होने पर उनके पौधे किसानों को बांटे जाएंगे। 18 की जगह 30 मीट्रिक टन उत्पादन औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र के मुख्य विशेषज्ञ कृष्ण मोहन चौधरी ने बताया कि फल न देने वाली डालों को काटकर जड़ में वर्मी कंपोस्ट डालते हैं। इससे पुराने बागों का जीर्णोद्धार होता है। कटाई सितंबर से फरवरी तक होती है; जड़ में चूना लगाने से तना छेदक कीड़े नहीं लगते। कटे हुए पेड़ में कल्ले निकलते हैं और पौधे को छतरी का आकार दिया जाता है। शोध में पहले एक हेक्टेयर में 18 मीट्रिक टन पैदावार होती थी, जो कटाई के बाद 25 से 30 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। इस विधि का प्रशिक्षण जुलाई से अगस्त तक दिया जाएगा। मशीनीकरण और निर्यात को बढ़ावा उद्यान विभाग आम के पेड़ों की कटाई-छंटाई के लिए मशीन भी उपलब्ध करा रहा है। कृषि विभाग इस मशीन पर 50 फीसदी अनुदान देगा। यह मशीन किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के जरिये संचालित होगी। इससे बागवान किराये पर कटाई-छंटाई करा सकेंगे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में 7 मई को आयोजित फ्रूट होराइजन 2026 में निर्यात योग्य फलों पर जोर दिया गया। उद्यान विशेषज्ञों ने छोटे पेड़ों को बढ़ावा देने की सलाह दी, जिससे देखभाल आसान होगी और कम लागत में अधिक मुनाफा मिलेगा।