samacharsecretary.com

गोल्फ की दुनिया में भारतीय मूल के खिलाड़ी का बड़ा धमाका, PGA Championship जीतकर बनाया नया रिकॉर्ड

 नई दिल्ली भारतीय मूल के इंग्लिश गोल्फर आरोन राय (Aaron Rai) ने अपने करियर का सबसे बड़ा मुकाम हासिल करते हुए PGA Championship जीत ली. 31 साल के राय ने फाइनल राउंड में शानदार 65 का स्कोर खेलते हुए कुल 9 अंडर पार के साथ खिताब अपने नाम किया. उन्होंने जॉन रहम और एलेक्स स्मॉली को तीन शॉट से पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया. इसके साथ ही वह 107 साल बाद PGA Championship जीतने वाले पहले इंग्लिश खिलाड़ी बन गए. इससे पहले 1919 में जिम बार्न्स ने यह कारनामा किया था।  राय की जीत सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संघर्ष, अनुशासन और धैर्य की कहानी बन गई. फाइनल राउंड में उन्होंने बैक-नाइन पर चार बर्डी लगाईं, लेकिन असली जादू 17वें होल पर देखने को मिला, जहां 68 फीट लंबा बर्डी पुट सीधे होल में गया. उसी पल स्टेडियम में जश्न शुरू हो गया और लगभग तय हो गया कि वानामेकर ट्रॉफी अब राय की ही होगी।  सबसे खास बात यह रही कि राय ने टूर्नामेंट के हर राउंड में अपना स्कोर बेहतर किया. PGA Championship के इतिहास में ऐसा करने वाले वह पहले खिलाड़ी बन गए. जीत के बाद भी उनके चेहरे पर ज्यादा भाव नहीं थे. शांत अंदाज में उन्होंने कहा, 'बहुत गर्व महसूस हो रहा है. पिछले 100 सालों में इंग्लैंड के कई महान खिलाड़ियों ने इतिहास बनाया, ऐसे में इस सूची में शामिल होना बेहद खास है।  17 साल की उम्र में लिया बड़ा फैसला इंग्लैंड के वूल्वरहैम्प्टन में जन्मे राय का सफर बाकी आधुनिक गोल्फरों से काफी अलग रहा. जहां ज्यादातर खिलाड़ी कॉलेज गोल्फ के जरिए अमेरिका पहुंचते हैं, वहीं राय ने सिर्फ 17 साल की उम्र में प्रोफेशनल बनने का फैसला कर लिया था. परिवार और कोच से चर्चा के बाद उन्होंने पढ़ाई से ज्यादा खेल पर भरोसा जताया।  राय ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'जब मैंने प्रो बनने का फैसला लिया, तब शायद मैं पूरी तरह तैयार नहीं था। लेकिन हमें लगा कि सीखने का सबसे अच्छा तरीका यही है।  उन्होंने 2014 में PGA EuroPro Tour से शुरुआत की और धीरे-धीरे प्रोफेशनल गोल्फ की सीढ़ियां चढ़ते गए. 2017 US Open में उन्होंने मेजर डेब्यू किया, लेकिन शुरुआती साल आसान नहीं रहे. इस जीत से पहले मेजर टूर्नामेंट में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2024 US Open और 2025 PGA Championship में संयुक्त 19वां स्थान था।  एक ईगल ने बदल दी पूरी कहानी फाइनल राउंड की शुरुआत राय के लिए आसान नहीं रही. वह ओवरनाइट लीडर एलेक्स स्मॉली से दो शॉट पीछे थे और शुरुआती आठ होल में एक ओवर पार पर पहुंच गए थे. तीन बोगी के बीच सिर्फ दो बर्डी आई थीं। लेकिन नौवें होल पर 40 फीट का ईगल पुट डालते ही मैच की दिशा बदल गई।  इसके बाद राय ने 13वें और 16वें होल पर बर्डी लगाकर दबाव बढ़ाया और फिर 17वें होल पर ऐतिहासिक पुट के साथ मुकाबला लगभग खत्म कर दिया।  जीत के बाद उन्होंने कहा, 'यह सब किसी सपने जैसा लग रहा है. मेरा सीजन अब तक निराशाजनक रहा था, इसलिए यहां खड़े होना मेरी कल्पना से भी बाहर था।  कौन हैं आरोन राय ? आरोन राय का जन्म 3 मार्च 1995 को भारतीय मूल के परिवार में हुआ था. उनके पिता अमरीक सिंह इंग्लैंड में भारतीय प्रवासी परिवार में पैदा हुए थे, जबकि उनकी मां दलवीर शुक्ला किशोरावस्था में केन्या से इंग्लैंड आई थीं।  राय का बचपन अनुशासन और मेहनत के माहौल में बीता. उनके पिता सामुदायिक कार्यों के साथ शौकिया टेनिस खेलते थे, जबकि मां ने मानसिक स्वास्थ्य नर्स से लेकर एरोबिक्स इंस्ट्रक्टर तक कई काम किए. राय ने वूल्वरहैम्प्टन ग्रामर स्कूल में पढ़ाई की और अपने तीन बड़े भाई-बहनों के साथ बड़े हुए।  दिलचस्प बात यह है कि गोल्फ उनके जीवन में संयोग से आया. चार साल की उम्र में भाई की हॉकी स्टिक लगने के बाद उनकी मां ने उन्हें सुरक्षित खेल की ओर मोड़ने का फैसला किया. उन्होंने राय को प्लास्टिक के गोल्फ क्लब दिलाए और वहीं से एक ऐतिहासिक सफर शुरू हो गया।  बचपन में राय फॉर्मूला-1 और फेरारी के बड़े फैन थे। जूनियर टूर्नामेंट में वह अक्सर फेरारी के कपड़ों में पहुंचते थे. बाद में उन्होंने पूरी तरह गोल्फ पर ध्यान केंद्रित किया. पांच साल की उम्र में वह Patshull Park Golf Club से जुड़े और Three Hammers Golf Complex में ट्रेनिंग ली।  राय आज PGA Tour के सबसे सटीक ड्राइवर्स में गिने जाते हैं. उनका शांत स्वभाव और अनुशासित खेल उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है. प्रोफेशनल गोल्फ में जहां खिलाड़ी आमतौर पर एक ग्लव पहनते हैं, वहीं राय दो ग्लव्स पहनते हैं. इतना ही नहीं, वह टूर्नामेंट के दौरान अपने आयरन क्लब्स पर कवर भी लगाते हैं, जो बेहद दुर्लभ माना जाता है।  इसके पीछे भी एक भावुक कहानी है. राय ने कई बार बताया है कि बचपन में गोल्फ उपकरण बेहद महंगे थे और उन्हें बदलना आसान नहीं था. इसलिए क्लब्स को संभालकर रखना उनकी आदत बन गई. PGA Tour तक पहुंचने के बाद भी उन्होंने यह आदत नहीं छोड़ी, क्योंकि यह उन्हें परिवार के संघर्ष और त्याग की याद दिलाती है।  भारतीय गोल्फर से की शादी राय की पत्नी गौरिका बिश्नोई भी प्रोफेशनल गोल्फर हैं. गौरिका Hero Women’s Pro Golf Tour में कई खिताब जीत चुकी हैं और Ladies European Tour में भी खेलती हैं. कई मौकों पर राय खुद उनकी कैडी की भूमिका निभाते नजर आए हैं।  PGA Championship जीतने से पहले राय की सबसे बड़ी सफलता 2024 Wyndham Championship थी. लेकिन अब उन्होंने गोल्फ के सबसे बड़े मंचों में से एक पर इतिहास रच दिया है. इंग्लैंड के एक छोटे से इलाके से निकलकर 107 साल पुराना सूखा खत्म करने तक का उनका सफर आधुनिक गोल्फ की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में गिना जाएगा। 

अब ट्राइसाइकिल से बढ़ेगी रफ्तार, निगम ने डीजल खर्च घटाने का लिया बड़ा फैसला

दुर्ग. ईंधन की खपत कम करने नगर निगम दुर्ग ने बड़ा कदम उठाया है। आयुक्त सुमित अग्रवाल के निर्देश के तहत वार्डों में कचरा उठाने वाले वाहनों के फेरे में कटौती की गई है। ट्राइसाइकिल का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किए जाने जोर दिया जा रहा है। वहीं, निगम के अफसरों को भी ईंधन कम खपत करने के निर्देश दिए गए हैं। हर माह मिलने वाले ईंधन में 50% की कटौती की गई है। नगर निगम दुर्ग में तरह-तरह की वाहन हैं, सभी वाहनों की अपनी अलग उपयोगिता है। जेसीबी, ट्रक, ट्रैक्टर, डंपर, टाटा एस, पानी टैंकर, मवेशी वाहन, कार, जीप सहित अन्य गाड़ियां निगम के पास है। 60 वार्डों में कचरा उठाने के लिए 60 टाटा एस है, जो रोजाना करीब चार फेरा लगाती है। इसके फेरे में कटौती की जा रही है। इसके अलावा छोटे- छोटे वार्ड में टाटा एस वाहन की जगह ट्राई साइकिल का उपयोग किया जाएगा। ट्राई साइकिल के माध्यम से घरों से डोर टू डोर कचरा कलेक्ट कर एसएलआरएम सेंटर में सेग्रीगेशन के लिए डंप करेगा। वहीं अफसरों के वाहनों को प्रतिमाह 80 लीटर दिया जाता था, इसमें कटौती करते हुए अब उन वाहनों के लिए हर माह 40 लीटर डीजल दिया जाएगा। इसी तरह जोन में प्रयुक्त वाहनों की भी कटौती की गई है।

क्या कलयुग अपने अंत की ओर है? जानिए शास्त्रों में क्या दिए गए हैं संकेत

 क्या सच में कलयुग अपने अंतिम चरण पर है? आज के समय में टूटते रिश्ते, घटता भरोसा और बदलती जीवनशैली कई सवाल खड़े कर रही है. हर दिन की खबरें बताती हैं कि सही और गलत के बीच की रेखा धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है. इंसानियत कमजोर पड़ती नजर आ रही है. ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह सिर्फ आधुनिकता का असर है या फिर उन संकेतों की शुरुआत, जिनका जिक्र हमारे शास्त्रों में पहले ही किया जा चुका है. शास्त्रों के अनुसार, जब पाप अपनी सीमा पार करता है, तब भगवान अवतार लेते हैं. कल्कि पुराण के मुताबिक, जब धरती पर पाप बढ़ जाएगा तो भगवान कल्कि धरती पर अवतार लेंगे. पुराणों के अनुसार, भगवान कल्कि भगवान विष्णु के आखिरी अवतार हैं, जो धरती पर पाप कम करने के लिए आएंगे. लेकिन किसी भी युग का अंत अचानक नहीं होता है. यह धीरे-धीरे हमारे सामने ही आकार लेता है. शास्त्रों में बताए गए संकेत और आज की स्थिति श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णन मिलता है कि कलयुग के अंतिम समय में इंसान सही और गलत का फैसला अपने स्वार्थ के आधार पर करेगा. अगर आज के समाज को देखें, तो यह बात काफी हद तक सच लगती है. डिजिटल दुनिया में हजारों लोगों से जुड़े होने के बावजूद, इंसान अंदर से अकेला होता जा रहा है. परिवार टूट रहे हैं, रिश्तों की मर्यादा कमजोर हो रही है. प्रकृति भी असंतुलन की ओर बढ़ती दिख रही है. नदियां प्रदूषित हो रही हैं और हवा जहरीली होती जा रही है. इन परिस्थितियों को कई लोग उन संकेतों के रूप में देखते हैं, जो एक बड़े बदलाव या रीसेट की ओर इशारा करते हैं. क्या कल्कि अवतार और प्रलय के संकेत दिखाई दे रहे हैं? पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, प्रलय विनाश नहीं बल्कि सृष्टि के शुद्धिकरण का समय होता है. कुछ धार्मिक स्थानों से जुड़ी मान्यताएं भी इस ओर संकेत करती हैं. – कहा जाता है कि उत्तर प्रदेश के संभल में भगवान कल्कि का जन्म होगा. – महाराष्ट्र के केदारेश्वर मंदिर के चार खंभों को चार युगों का प्रतीक माना जाता है, जिनमें से अब सिर्फ एक बचा है. – वहीं जोशीमठ में हो रही घटनाओं और नरसिंह भगवान की मूर्ति से जुड़ी मान्यताएं भी बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही हैं. हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि कलयुग का अंत केवल बाहरी घटनाओं से नहीं जुड़ा है, बल्कि यह हमारे अंदर चल रहे धर्म और अधर्म के संघर्ष का परिणाम भी है. अंत में, हमारे कर्म ही तय करेंगे कि हम आने वाले समय में किस दिशा में खड़े होंगे. कैसा होगा भगवान कल्कि का रूप? धार्मिक ग्रंथों में बताया गया है कि भगवान कल्कि का स्वरूप बेहद तेजस्वी और दिव्य होगा. वे एक सफेद घोड़े पर सवार होकर प्रकट होंगे, जिसे देवदत्त कहा गया है. उनके हाथ में एक शक्तिशाली तलवार होगी, जिसकी चमक बहुत प्रखर बताई जाती है. कहा जाता है कि उनकी गति इतनी तेज होगी कि वह पल भर में कहीं भी पहुंच सकते हैं. उनका व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली होगा कि अधर्म की शक्तियां उनसे भयभीत हो जाएंगी. कल्कि को कौन देगा शिक्षा? मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम कल्कि के गुरु होंगे. वही उन्हें युद्ध कौशल और अस्त्र-शस्त्र चलाने की शिक्षा देंगे. परशुराम पहले से ही एक महान योद्धा माने जाते हैं, इसलिए उनके मार्गदर्शन में कल्कि पूरी तरह तैयार होंगे, ताकि वे धर्म की रक्षा कर सकें और बुराई का अंत कर सकें. किससे होगा कल्कि का सामना? कल्कि अवतार का उद्देश्य दुनिया से पाप और अन्याय को खत्म करना बताया गया है. वे उन लोगों और शासकों का नाश करेंगे, जो समाज में गलत काम और अत्याचार फैलाते हैं. उनका सबसे बड़ा मुकाबला ‘कलि’ नाम की शक्ति से होगा, जो कलयुग की नकारात्मकता का प्रतीक मानी जाती है. यह लड़ाई सिर्फ हथियारों की नहीं, बल्कि अच्छाई और बुराई के बीच एक बड़ा संघर्ष होगी. अंत में, कल्कि धर्म की फिर से स्थापना करेंगे और दुनिया में संतुलन वापस लाएंगे.

AAP नेताओं से जुड़े तार! 155 करोड़ घोटाले में ईडी की रेड से मचा सियासी हड़कंप

नई दिल्ली ईडी ने 155 करोड़ रुपये के एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में आज बड़ी कार्रवाई की है. केंद्रीय जांच एजेंसी इस मामले को लेकर दिल्ली और गोवा में 7 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर रही है. इस मामले में ईडी ने AAP नेता दीपक सिंगला के ठिकानों पर भी रेड की है।  ये पूरा मामला 'महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड' के खिलाफ दर्ज वित्तीय गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है. जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, ये छापेमारी मुख्य रूप से दीपक सिंगला, महेश सिंगला, अमरीक गिल और कुछ अन्य संदिग्धों से जुड़े परिसरों और ठिकानों पर की जा रही है।  ईडी की टीमें सुबह-सुबह ही सभी संदिग्धों के घरों और व्यावसायिक ठिकानों पर पहुंच गईं. जांच के दौरान कई अहम दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड्स को खंगाला जा रहा है, ताकि 155 करोड़ रुपये के इस कथित बैंक घोटाले की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।  संजीव अरोड़ा से जुड़े मामले के तार दीपक सिंगला का नाम आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में शुमार किया जाता है. बताया जा रहा है कि इन संदिग्धों के तार पंजाब सरकार के गिरफ्तार मंत्री संजीव अरोड़ा से भी जुड़े हुए हैं. संजीव अरोड़ा को पहले ही भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों के एक मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।  अब इस नए बैंक फ्रॉड केस में भी संजीव अरोड़ा, उनके करीबियों और पार्टी सहयोगियों का नाम आने से आम आदमी पार्टी की मुश्किलें और ज्यादा बढ़ सकती हैं।  बता दें कि महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ एक बैंक फ्रॉड केस दर्ज है. कंपनी पर कई बैंकों से लगभग 155 करोड़ रुपये का लोन लेकर उसमें हेराफेरी करने और बैंकों को बड़ा नुकसान पहुंचाने का आरोप है। 

रोजगार की नई पहल: सेवा डेरा बना स्किल डेवलपमेंट सेंटर, कई हुनरों की मिलेगी ट्रेनिंग

जगदलपुर. नेतानार का सेवा डेरा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया मॉडल बन रहा है. वन मंत्री, विधायक और सांसद ने कैंप का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. यहां आधार सेवा केंद्र, बैंक सखी, सिलाई प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं. इमली और राइस प्रोसेसिंग यूनिट से स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने की कोशिश है. महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर खास फोकस किया गया है. जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं मजबूत रखने के निर्देश दिए. इस पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. ग्रामीणों को अब छोटे-छोटे काम के लिए शहर नहीं जाना पड़ेगा. सेवा डेरा एक मिनी सुविधा केंद्र की तरह काम करेगा. स्थानीय संसाधनों को स्थानीय स्तर पर ही उपयोग करने की योजना है. इससे पलायन पर भी रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है. बस्तर में विकास अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है. सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा बस्तर में सुरक्षा कैंप अब केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि विकास के केंद्र बनते दिखेंगे. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संकल्प के तहत नेतानार में पहला सेवा डेरा शुरू होने जा रहा है. जगदलपुर से करीब 25 किमी दूर सीआरपीएफ कैंप में इसकी शुरुआत होगी. गृहमंत्री के हाथों इसका औपचारिक शुभारंभ तय है. दो दिवसीय बस्तर दौरे के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस पहल का उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विश्वास और विकास को साथ लाना है. सेवा डेरा ग्रामीणों के लिए सुविधा, रोजगार और प्रशासन का नया केंद्र बनेगा. इससे सुरक्षा बलों और स्थानीय लोगों के बीच दूरी कम करने की कोशिश होगी. बस्तर में नक्सलवाद के बाद अब विकास की नई कहानी लिखने की तैयारी है. कार्यक्रम को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट हैं. स्थानीय स्तर पर भी इसे लेकर उत्साह का माहौल है. यह पहल बस्तर के सामाजिक-आर्थिक ढांचे में बदलाव का संकेत मानी जा रही है.

वोट कटवाने का आरोप लगाकर AAP ने BJP को घेरा, पंजाब में लड़ाई लड़ने का किया ऐलान

चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी के लोकसभा सांसद मलविंदर सिंह कांग ने पंजाब में एसआईआर को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसको लेकर बीजेपी पर भी हमला बोला है। X पर पोस्ट करते हुए सांसद ने कहा मेरे प्यारे पंजाबियों, अब समय आ गया है कि हम सब जागें। 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार  एसआईआर के नाम पर वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की तैयारी कर रही है। यह प्रक्रिया बिना किसी ठोस कारण के हमारे लोकतंत्र की जड़ों को हिला रही है।   हर वैध वोटर के लिए लड़ेंगे लड़ाई  बिहार में हाल ही में एसआईआर के दौरान 65 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए। वहीं, बंगाल में 91 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए जो कुल वोटर के करीब 12% थे। उन्होंने कहा इसके बाद बीजेपी मुस्कराते हुए चली गई। अब वही मशीनरी पंजाब को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा हम पंजाब में बिहार और बंगाल जैसा नहीं होने देंगे। हम हर एक वैध वोटर को लेकर लड़ाई लड़ेंगे।     बता दें कि पंजाब में 25 जून से मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) का काम शुरू हो जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा इस संदर्भ में अधिसूचना जारी कर दी गई है। एसआईआर से पहले इसी संदर्भ पंजाब में चल रहे प्री मैपिंग का काम भी 83.69 प्रतिशत पूरा हो चुका है। बीएलओ एन्युमरेशन फॉर्म लेकर घर-घर तक जाएंगे। इसके लिए 24453 बीएलओ, 2476 सुपरवाइजर, 117 ईआरओ और 234 एईआरओ का सरकारी अमला भी तैयार है। एसआईआर की प्रक्रिया – एसआईआर के तहत पंजाब में 25 जून से 24 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के एन्युमरेशन फॉर्म भरवाएंगे। – प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाता एसआईआर के लिए दिए गए हैं। – बीएलओ को प्रशिक्षण देने और अन्य तैयारियों संबंधी काम 15 से 24 जून तक किया जाएगा। – सूबे के सभी मतदाताओं को एसआईआर के तहत संबंधित फॉर्म भरना होगा। – एसआईआर के तहत 1 जनवरी 2003 की मतदाता सूची से साल 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जाएगा। – पोलिंग स्टेशनों की रेशनलाइजेशन का काम 24 जुलाई को होगा और मतदाता सूची का मसौदा 31 जुलाई को प्रकाशित किया जाएगा। – मतदाता सूचियों संबंधी आपत्तियां और दावे 31 जुलाई से 30 अगस्त तक पेश जा सकते हैं। निपटारा 31 जुलाई से 28 सितंबर तक होगा। – अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 01 अक्तूबर को होगा।  

29 मई को बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन राशियों की चमक सकती है किस्मत

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मई का अंत बेहद खास रहने वाला है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 29 मई को बुध-शुक्र की युति से एक शुभ राजयोग बनेगा, जिसे लक्ष्मी नारायण राजयोग कहा जाता है. दरअसल, उसी समय बुध मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. यह योग तब बनता है जब बुद्धि और व्यापार के कारक बुध तथा धन-वैभव के प्रतीक शुक्र एक ही राशि में आ जाते हैं. इस बार यह संयोग मिथुन राशि में बनने जा रहा है, जिसे आर्थिक उन्नति और करियर ग्रोथ के लिए बेहद शुभ माना जाता है. क्या होता है लक्ष्मी नारायण राजयोग? ज्योतिष में यह योग समृद्धि और सफलता का संकेत माना जाता है. बुध व्यक्ति की सोच, कम्युनिकेशन और बिजनेस स्किल्स को मजबूत करता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधा, आकर्षण और धन का कारक होता है. जब ये दोनों ग्रह साथ आते हैं तो इंसान की निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और उसे नए मौके मिलने लगते हैं. कब से कब तक रहेगा प्रभाव? इस खास योग का असर सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा. मई के मध्य से लेकर जून के शुरुआती दिनों तक इसका प्रभाव अलग-अलग राशियों पर देखने को मिल सकता है. खासतौर पर 29 मई के बाद इसका असर और ज्यादा मजबूत हो जाएगा. जिसका सीधा सीधा प्रभाव हर व्यक्ति के जीवन पर पड़ेगा. इन राशियों को मिल सकता है खास फायदा मिथुन राशि यह योग इसी राशि में बन रहा है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा लाभ मिथुन वालों को मिल सकता है. करियर में नई जिम्मेदारियां, प्रमोशन या जॉब बदलने के मौके मिल सकते हैं. आत्मविश्वास बढ़ेगा. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. तुला राशि तुला राशि के लिए यह समय आर्थिक रूप से फायदेमंद रह सकता है. पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है. खर्चों पर कंट्रोल बन सकता है. रिश्तों में भी मधुरता बढ़ेगी. कन्या राशि कन्या राशि के लोगों को करियर में नई दिशा मिल सकती है. नौकरी या बिजनेस में अचानक लाभ के योग बन सकते हैं. आपकी मेहनत का फल मिलने की संभावना है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए भी यह योग सकारात्मक संकेत दे रहा है. रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं. समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है. किन बातों का रखें ध्यान हालांकि यह योग शुभ है, लेकिन जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास या जल्दबाजी में लिए गए फैसले नुकसान भी दे सकते हैं. इसलिए इस समय सोच-समझकर निर्णय लेना जरूरी होगा.

US के आसमान में फाइटर जेट की भीषण भिड़ंत, हादसे के बाद धुएं का गुबार दूर तक दिखा

वाशिगटन  अमेरिका के इडाहो में एक एयर शो के दौरान भयानक हादसा हुआ है. आसमान में करतब दिखा रहे दो फाइटर जेट आपस में टकरा गए. यह हादसा रविवार दोपहर माउंटेन होम एयरफोर्स बेस में आयोजित ‘गनफाइटर स्काइज एयर शो’ के दौरान हुआ, जहां हजारों लोग यह नजारा देखने पहुंचे थे. करीब 12 बजे के आसपास दोनों जेट हवा में ही टकरा गए और फिर जलते हुए नीचे गिरने लगे. मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अचानक आसमान में तेज धमाका हुआ और कुछ ही सेकंड में काले धुएं का गुबार उठता दिखा. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों जेट टकराने के बाद आग की लपटों में घिरते नजर आए।  4 पायलटों ने हवा में लगाई छलांग सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि दोनों विमानों में सवार चारों पायलट समय रहते इजेक्ट कर गए. मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, टक्कर के तुरंत बाद आसमान में चार पैराशूट खुलते नजर आए. सभी पायलटों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है।  एयरबेस किया गया बंद हादसे के बाद एयरबेस को तुरंत लॉकडाउन कर दिया गया. हजारों दर्शकों को वहीं रोक दिया गया, ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में कोई बाधा न आए. एक चश्मदीद ने बताया, ‘हमने किसी को कहते सुना, हम गिर रहे हैं, फिर चार पैराशूट दिखे और कुछ ही देर में धुआं फैल गया।  कौन से विमान थे शामिल? रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों विमान अमेरिकी नेवी के EA-18G जेट थे, जो इलेक्ट्रॉनिक अटैक स्क्वाड्रन VAQ-129 से जुड़े थे. ये पायलट एयर शो के दौरान एरियल डेमो दे रहे थे, तभी यह हादसा हो गया. घटना के बाद पूरे एयर शो को तुरंत रद्द कर दिया गया. पुलिस ने लोगों से एयरबेस के पास न जाने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा है कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट सामने लाई जाएगी।  पहले भी हो चुके हैं हादसे यह एयर शो 8 साल बाद फिर से आयोजित किया गया था और इसकी तैयारियां करीब 2 साल से चल रही थीं. लेकिन इस हादसे ने पुराने जख्म भी ताजा कर दिए. 2018 में भी यहां एक हादसे में एक पायलट की मौत हुई थी, जबकि 2003 में भी एक जेट क्रैश हुआ था।  कौन से विमान थे शामिल? रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकारियों ने बताया कि ये दोनों विमान अमेरिकी नेवी के EA-18G जेट थे, जो इलेक्ट्रॉनिक अटैक स्क्वाड्रन VAQ-129 से जुड़े थे. ये पायलट एयर शो के दौरान एरियल डेमो दे रहे थे, तभी यह हादसा हो गया. घटना के बाद पूरे एयर शो को तुरंत रद्द कर दिया गया. पुलिस ने लोगों से एयरबेस के पास न जाने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा है कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट सामने लाई जाएगी।  पहले भी हो चुके हैं हादसे यह एयर शो 8 साल बाद फिर से आयोजित किया गया था और इसकी तैयारियां करीब 2 साल से चल रही थीं. लेकिन इस हादसे ने पुराने जख्म भी ताजा कर दिए. 2018 में भी यहां एक हादसे में एक पायलट की मौत हुई थी, जबकि 2003 में भी एक जेट क्रैश हुआ था। 

ममता सरकार के नेताओं पर बड़ा असर! अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा घटी, बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

कोलकाता पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद नई बीजेपी सरकार ने रविवार को VIP सुरक्षा का रिव्यू कर ढांचागत बदलाव करते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत कई हाई-प्रोफाइल नेताओं और पूर्व पुलिस अधिकारियों की वीआईपी सुरक्षा में भारी कटौती की है. इस प्रशासनिक समीक्षा के बाद गृह विभाग ने कल्याण बनर्जी, सुब्रत बख्शी, राजीव कुमार और अरूप बिस्वास जैसे कई वीआईपी के घरों के बाहर तैनात हाउस गार्ड्स को तुरंत वापस ले लिया है।  अधिकारियों के अनुसार, ताजा थ्रेट परसेप्शन (खतरे का आकलन) की नई समीक्षा में पाया गया कि इन लोगों को अब अत्यधिक सुरक्षा की जरूरत नहीं है. हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट आदेश दिया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा में कोई कटौती नहीं होगी और उनकी सुरक्षा में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, राज्य में सरकार बदलने के ठीक बाद सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया शुरू की गई थी. इसके तहत सबसे पहले टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी की सुरक्षा को कम किया गया है. सरकार ने उनकी 'जेड-प्लस' (Z-Plus) कैटेगरी की सुरक्षा और विशेष पायलट कार की सुविधाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है. इसके अलावा कालीघाट स्थित उनके आवास और कैमैक स्ट्रीट पर उनके ऑफिस कैंपस के बाहर तैनात पुलिस बल को भी वापस बुला लिया गया है।  MP's और MLA's को मिलेगी केवल तय सुरक्षा सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी और पूर्व पुलिस प्रमुख राजीव कुमार को अब केवल सांसद के रूप में मिलने वाली सुरक्षा ही दी जाएगी. पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के पास वर्तमान में कोई मंत्री पद या विधायी पद नहीं होने के कारण उनकी पुरानी सुरक्षा हटा दी गई है।  वहीं, बेलियाघाटा के विधायक कुणाल घोष को शारदा मामले में जमानत के बाद कोर्ट के निर्देश पर मिली अतिरिक्त सुरक्षा हटाकर अब केवल विधायक स्तर की सुरक्षा दी गई है।  पूर्व DGP और वकीलों की सुरक्षा भी घटी सुरक्षा में कटौती की इस लिस्ट में पूर्व डीजीपी मनोज मालवीय, पूर्व कार्यवाहक डीजीपी पीयूष पांडे और टीएमसी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने वाले एक प्रमुख अधिवक्ता का नाम भी शामिल है. पीयूष पांडे को अब केवल उनके वर्तमान पद के अनुसार ही सुरक्षा कवर मिलेगा. सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि किसी भी व्यक्ति को उसकी वास्तविक जरूरत से ज्यादा सुरक्षा नहीं दी जानी चाहिए, इसलिए इन अतिरिक्त सुरक्षा बलों को वापस बुलाया गया है।  ममता बनर्जी की सुरक्षा रहेगी बरकरार विभिन्न नेताओं की सुरक्षा में कटौती के बीच प्रशासन ने ये भी साफ किया है कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. कोलकाता पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ममता बनर्जी के आवास, उनके दौरों और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहने चाहिए. अधिकारियों ने कहा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा। 

मंच के पीछे चल रहा था शोषण का नेटवर्क! बेतिया में ऑर्केस्ट्रा ग्रुप पर रेड, 6 नाबालिग मुक्त

 बेतिया बिहार के बेतिया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ऑर्केस्ट्रा की आड़ में कथित तौर पर चल रहे मानव तस्करी और नाबालिग लड़कियों के शोषण से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. जिले के योगापट्टी प्रखंड के शनिचरी थाना क्षेत्र स्थित बहुअरवा गांव में जिला प्रशासन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर छह नाबालिग लड़कियों को रेस्क्यू किया है. मामले में ऑर्केस्ट्रा संचालक रामबाबू गुप्ता समेत करीब आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।  छापेमारी कर निकाली गई लड़कियां बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई की शुरुआत एक गोपनीय सूचना के आधार पर हुई. चाइल्ड हेल्पलाइन सेंटर के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर आलोक कुमार ने बताया कि पटना स्थित मुक्ति फाउंडेशन से इस मामले की जानकारी मिली थी. सूचना मिलने के बाद विभिन्न संस्थाओं और प्रशासनिक इकाइयों की मदद से एक विशेष टीम का गठन किया गया।  इस टीम में प्रयास जैक संस्थान के डीसी पवन कुमार, सपोर्ट पर्सन शालिनी कुमारी और ग्राम नियोजन केंद्र नरकटियागंज के अरविंद कुमार पांडे समेत अन्य सदस्य शामिल थे. टीम ने स्थानीय प्रशासन और एएचटीयू के सहयोग से बहुअरवा गांव में छापेमारी की और वहां से लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला।  रोजगार के बहाने धंधे में ढकेला रेस्क्यू की गई लड़कियों में पांच पश्चिम बंगाल और एक बिहार के सीतामढ़ी जिले की बताई जा रही है. प्रारंभिक पूछताछ में लड़कियों ने बताया कि उन्हें रोजगार दिलाने का झांसा देकर यहां बुलाया गया था. बाद में उन्हें कथित तौर पर जबरन गलत गतिविधियों में धकेला जाने लगा।  गर्भवती मिली एक नाबालिग रेस्क्यू अभियान में शामिल शालिनी कुमारी के मुताबिक, लड़कियां ऑर्केस्ट्रा संचालक और उसके सहयोगियों के साथ मिलीं. इस दौरान एक गर्भवती नाबालिग भी टीम को मिली, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।  फिलहाल सभी लड़कियों को प्रशासनिक संरक्षण में रखा गया है और उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है. पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस बात की जांच में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं. इस कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है और पूरे मामले को लेकर प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है।