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पहली रोटी गाय और आखिरी कुत्ते को क्यों? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में भोजन को सिर्फ पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि पुण्य कमाने का पवित्र कर्म माना गया है. दरअसल, हिंदू धर्म में मान्यता है कि अन्न और भोजन की देवी के आशीर्वाद से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती है. परिवार हमेशा सुखी व संतुष्ट रहता है. यही वजह है कि खाना बनाते वक्त पहली और आखिरी रोटी का विशेष महत्व होता है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पहली रोटी गाय को अर्पित की जाती है, वहीं आखिरी रोटी कुत्ते को खिलाने की परंपरा है. यह सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि धार्मिक, ज्योतिषीय और मानवीय दृष्टिकोण से भी बेहद खास मानी जाती है. माना जाता है कि इस उपाय को करने से जीवन में संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. पहली रोटी गाय को क्यों दी जाती है? वास्तु शास्त्र और हिंदू परंपरा में पहली रोटी गाय को देना बेहद शुभ माना गया है. इसके पीछे कई धार्मिक कारण हैं देवी-देवताओं का वास गाय को गौ माता कहा जाता है और मान्यता है कि इसमें मां लक्ष्मी और कई देवी-देवताओं का निवास होता है. इसलिए, पहली रोटी उन्हें अर्पित करना ईश्वर को भोग लगाने जैसा माना जाता है. सुख-समृद्धि वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब आप अपने घर के अन्न का पहला हिस्सा दान करते हैं, तो इससे बरकत, शांति और पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है. यह एक तरह का शुभ संकेत होता है कि घर में कभी अन्न की कमी नहीं होगी. दान और कृतज्ञता का भाव पहली रोटी देना सिखाता है कि हम जो खाते हैं, उसमें दूसरों का भी हिस्सा है. यह सेवा, दया और कृतज्ञता (gratitude) की भावना को मजबूत करता है.  वास्तु दोष दूर करने में सहायक मान्यता है कि नियमित रूप से गाय को रोटी खिलाने से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा कम होती है, जिससे घर का माहौल शांत और सकारात्मक रहता है. परंपरा और प्रकृति से जुड़ाव यह परंपरा हमें प्रकृति और पशुओं के साथ जुड़ने का संदेश देती है कि इंसान अकेला नहीं, बल्कि सभी जीवों के साथ मिलकर जीवन जीता है. आखिरी रोटी कुत्ते को क्यों खिलाई जाती है?  काल भैरव से संबंध हिंदू मान्यता के अनुसार, कुत्ते को भगवान काल भैरव का वाहन माना जाता है. मान्यता है कि कुत्ते को भोजन कराने से भैरव भगवान प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं व भय दूर होते हैं. नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा वास्तु के अनुसार, कुत्ते को रोटी खिलाने से नकारात्मक शक्तियां, बुरी नजर और अनचाही बाधाएं कम होती हैं. घर का माहौल ज्यादा सुरक्षित और सकारात्मक रहता है.  राहु-केतु का प्रभाव कम होता है कई मान्यताओं में कुत्ते को राहु-केतु से जोड़ा गया है. इसलिए इसे भोजन देने से इन ग्रहों के दोष और अशुभ प्रभाव कम होते हैं.  सेवा और करुणा का भाव आखिरी रोटी देना सिखाता है कि दिन का अंत भी सेवा और दया के साथ होना चाहिए। यह इंसान में संवेदनशीलता और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाता है.

मोहाली में अकाली नेता पर बड़ा आरोप, नाबालिग से छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश में गिरफ्तारी

मोहाली शिरोमणि अकाली दल के हलका दाखा प्रभारी जसकरनजीत सिंह देओल को नाबालिग से दुष्कर्म की कोशिश, मारपीट और धमकियां देने के आरोप में मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ थाना मटौर में पाॅक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।  पीड़िता के पिता निवासी लुधियाना की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के अनुसार आरोपी वर्ष 2023 से उनकी पत्नी और बेटियों के संपर्क में था। बाद में वह महिला और दोनों बेटियों को अपने साथ मोहाली ले गया। उस समय पीड़िता देहरादून के एक बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती थी। आरोप है कि अक्तूबर 2024 में आरोपी उसे स्कूल से मोहाली के एक होटल में ले गया और उसके साथ जबरदस्ती व अश्लील हरकतें करने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी उसे और उसकी मां को घर से निकालने तथा कनाडा के गैंगस्टरों से मरवाने की धमकियां देता था शिकायत में यह भी कहा गया कि आरोपी लगातार पीड़िता के साथ मारपीट करता था। हाल ही में उसने दोबारा छेड़छाड़ और पिटाई की। इसके बाद डरी-सहमी बच्ची को उसके पिता के पास भेजा गया। पुलिस ने पीड़िता के बयान के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की। 

किसानों की मेहनत रंग लाई, धान की बंपर पैदावार से मंडियां हुईं गुलजार

राजनांदगांव. कृषि उपज मंडी बसंतपुर में रबि सीजन के धान की बंफर आवक होने लगी है। जिसके चलते शेड में पैर रखने की जगह नही है। ऐसे में किसानों को शेड के बाहर खुले परिसर में धान पाला करना पड़ रहा है और वे रतजगा करने को मजबूर है। रोजाना 16 हजार कट्टा धान की आवक होने लगी है। इस साल रबि सीजन के आवक ने प्रशासन के दावों की भी पोल खोल दी है, जहां वे धान का कम रकबा बता रहे थे। लेकिन यहां पिछले साल से ज्यादा धान की आवक होने लगी है। जानकारी अनुसार पिछले साल अप्रैल और मई तक जहां 3 लाख 86392 क्विंटल धान की आवक दर्ज की गई थी, लेकिन इस बार धान के उत्पादन में इजाफा होकर इस साल 4 लाख 9363 क्विंटल धान की आवक हुई है। मंडी प्रशासन की माने तो नए धान में महापाया की आवक तेजी से होने लगी है। जिसके चलते पोहा मिल के लिए इसकी डिमांड बनी हुई है। इसके आलावा आई आर धान की आवक बनी हुई है। इसके आलावा कठानी आवक में सोयाबीन, चना देशी, गेंहू, मसूर, राहर, धनिया, सरसो व कुसुमबीज की आवक हो रही है। महामाया धान 21 सौ क्विंटल में बिका इस सीजन में महामाया व आईआर धान अधिकतम 21 सौ रूपए क्विंटल तक बिका है। हालांकि, लगातार बारिश के चलते शेड में जगह नही मिलने के कारण किसानों को नुकसान का भी सामना करना पड रहा है। शेड के बाहर धान रखने होने से उपज भीगने के चलते व्यापारी 12 से 14 सौ रुपए तक बोली लगा रहे है। इससे किसानों को नुकसान भी हो रहा है। मंडी प्रशासन द्वारा बोली के बाद व्यापारियों से तत्काल धान उठाव नही कराया जा रहा है। जिसके कारण उन्हें शेड में जगह नही मिल रही है। उठाव में देरी से बढ़ी परेशानी मंडी के शेड में बोली लगने के कारण व्यापारी धान का उठाव तत्काल नही कर रहे है। जिससे किसान परेशान हो गए है। जबकि नियमतः बोली लगने के बाद धान उठाव करने की जिम्मेदारी व्यपारियों की हैं, ताकि अन्य किसानों की उपज की बोली समय पर लग सके। लेकिन इस पर मंडी प्रशासन की मानिटरिंग नही होने से व्यापारियों ने शेड पर कब्जा जमा लिया है। इस मामले में मंडी सचिव पंचराम वर्मा का कहना है कि व्यापारियों को जल्द से जल्द धान उठाव करने कहा गया है।

वीडी सतीशन बने केरल के नए मुख्यमंत्री, शपथग्रहण समारोह में नई सरकार की शुरुआत

तिरुअनंतपुरम   केरलम में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया. वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल आरवी अर्लेकर ने शपथ दिलवाई. वीडी सतीशन केरलम के मुख्यमंत्री बने। IUML से पीके कुन्हालीकुट्टी नेमंत्री पद की शपथ ली. रमेश चेन्निथला ने मंत्री पद की शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे मौजूद रहे. तिरुअनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ। PM मोदी ने वीडी सतीशन को केरलम के मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी।  पी.के. कुन्हालीकुट्टी, सनी जोसेफ, के. मुरलीधरन और मॉन्स जोसेफ ने वी.डी. सतीशन के नेतृत्व वाली केरलम सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन और लोकसभा नेता राहुल गांधी ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को केरलम सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई दी। मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी मंच पर मौजूद शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेता केरल के तिरुवनंतपुरम में मंच पर मौजूद रहे। कौन-कौन से विधायक बने मंत्री? कांग्रेस के रमेश चेन्निथला, सन्नी जोसेफ, के. मुरलीधरन, ए.पी. अनिल कुमार, पी.सी. विष्णुनाथ, टी. सिद्दीकी, बिंदु कृष्णा, के.ए. तुलसी, रोजी एम. जॉन, एम. लिजू और ओ.जे. जनीश। आईयूएमएल के पी.के. कुन्हालीकुट्टी, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी, पी.के. बशीर और वी.ई. अब्दुल गफूर ने मंत्री पद की शपथ ली। अन्य गठबंधन सहयोगियों में से केरल कांग्रेस (जोसेफ) के मॉन्स जोसेफ, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस (जैकब) के अनूप जैकब और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी के सी.पी. जॉन भी मंत्री बने हैं। यूडीएफ को मिला स्पष्ट जनादेश कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने केरल में 2026 का विधानसभा चुनाव स्पष्ट जनादेश के साथ जीता। दस साल तक विपक्ष में रहने के बाद UDF को 46.55% वोट मिले। इससे पहले 2001 में 49.05% वोट मिले थे। यह उसके 2021 के वोटों के हिस्से के मुकाबले 7.67 प्रतिशत अंकों की बढ़त है। वोटों में इस उछाल का नतीजा यह हुआ कि उसे 62 सीटें ज्यादा मिलीं, जिससे 2026 में UDF की सीटों की संख्या बढ़कर 102 हो गई। यूडीएफ को मिला स्पष्ट जनादेश कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने केरल में 2026 का विधानसभा चुनाव स्पष्ट जनादेश के साथ जीता। दस साल तक विपक्ष में रहने के बाद UDF को 46.55% वोट मिले। इससे पहले 2001 में 49.05% वोट मिले थे। यह उसके 2021 के वोटों के हिस्से के मुकाबले 7.67 प्रतिशत अंकों की बढ़त है। वोटों में इस उछाल का नतीजा यह हुआ कि उसे 62 सीटें ज्यादा मिलीं, जिससे 2026 में UDF की सीटों की संख्या बढ़कर 102 हो गई।    

छत्तीसगढ़ पुलिस को मिली हाईटेक ताकत, अमित शाह ने अत्याधुनिक डायल-112 और फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रायपुर में अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ और मोबाइल फॉरेंसिक वैन का किया शुभारंभ 400 अत्याधुनिक आपातकालीन वाहन एवं 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को दिखाई हरी झंडी ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ के साथ प्रदेश में त्वरित सहायता और वैज्ञानिक जांच व्यवस्था होगी सशक्त ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित सेवा से पुलिस, मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, सड़क दुर्घटना और आपदा जैसी हर स्थिति में मिलेगी त्वरित सहायता रायपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज माना पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस की अत्याधुनिक ‘नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112 सेवा’ तथा मोबाइल फॉरेंसिक वैन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह एवं  की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 400 अत्याधुनिक डायल-112 वाहनों तथा 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण तथा वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि ‘एक्के नंबर, सब्बो बर’ थीम पर आधारित यह आधुनिक सेवा पुलिस, अग्निशमन और चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत करते हुए नागरिकों को एक ही नंबर पर त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराएगी। इसके तहत शुरू किए गए 400 अत्याधुनिक वाहनों में स्मार्टफोन, जीपीएस, वायरलेस रेडियो, पीटीजेड कैमरा, डैश कैम, मोबाइल एनवीआर और सोलर बैकअप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल की लाइव मॉनिटरिंग, रियल-टाइम ट्रैकिंग और त्वरित संचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।  यह सेवा 24×7 संचालित होगी। इसमें जीआईएस आधारित मॉनिटरिंग, एडवांस व्हीकल ट्रैकिंग, एसआईपी ट्रंक टेक्नोलॉजी तथा स्वचालित कॉलर लोकेशन पहचान जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। राज्य के सभी 33 जिला समन्वय केंद्रों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा गया है। नागरिक वॉयस कॉल, एसएमएस, ईमेल, वेब पोर्टल, व्हाट्सएप, चैटबॉट और SOS-112 इंडिया ऐप के माध्यम से भी सहायता प्राप्त कर सकेंगे। मोबाइल फॉरेंसिक वैन से घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच ‘Science on Wheels – Towards Faster Justice’ थीम पर आधारित 32 मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदेश में अपराध अनुसंधान को नई दिशा देंगी। “32 वैन – 32 जिले – एक संकल्प: सटीक जांच, त्वरित न्याय” के उद्देश्य के साथ शुरू की गई यह पहल घटनास्थल पर ही प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच की सुविधा उपलब्ध कराएगी। लगभग 65 लाख रुपये प्रति यूनिट लागत वाली इन अत्याधुनिक वैन में घटनास्थल संरक्षण किट, साक्ष्य संग्रहण एवं सीलिंग उपकरण, फिंगरप्रिंट डिटेक्शन सिस्टम, नार्कोटिक्स परीक्षण किट, डिजिटल फॉरेंसिक सपोर्ट, उच्च गुणवत्ता फोटोग्राफी व्यवस्था, बुलेट होल स्क्रीनिंग एवं बैलिस्टिक जांच किट तथा गनशॉट रेजिड्यू (GSR) परीक्षण किट जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। अब तक अपराध स्थल से साक्ष्य प्रयोगशालाओं तक पहुंचाने में समय लगता था, जिससे साक्ष्यों के दूषित होने की संभावना बनी रहती थी तथा रिपोर्ट आने में भी विलंब होता था। नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन के माध्यम से घटनास्थल पर ही प्रारंभिक जांच, साक्ष्य संरक्षण, परीक्षण और डिजिटल दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा। इससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में महत्वपूर्ण सुधार होगा। साक्ष्य आधारित न्याय व्यवस्था को मिलेगा नया बल राज्य सरकार का उद्देश्य वैज्ञानिक जांच को जन-जन तक पहुंचाना, साक्ष्य आधारित न्याय प्रणाली को मजबूत करना, अपराध नियंत्रण में फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका को बढ़ाना तथा समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय जांच सुनिश्चित करना है।  आधुनिक डायल-112 सेवा और मोबाइल फॉरेंसिक वैन के संचालन से प्रदेश में आपातकालीन सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा, अपराध अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा।

भीषण गर्मी पर CM योगी सख्त, अधिकारियों को राहत-बचाव के लिए अलर्ट रहने के निर्देश

भीषण गर्मी पर सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश- राहत-बचाव को लेकर रहें सतर्क अस्पतालों, पेयजल और बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष नजर, लू से बचाव के लिए जनता से सतर्क रहने की अपील 19 से 21 मई तक ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत: मौसम विभाग लखनऊ उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासन को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग, बिजली विभाग और राहत एजेंसियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा है।  अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार रखने के निर्देश सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संवेदनशील जिलों पर विशेष निगरानी रखी जाए। वहीं सरकारी अस्पतालों में हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। अस्पतालों में दवाओं, बेड और डॉक्टरों की उपलब्धता बनाए रखने के साथ एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय रखने को कहा गया है। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था और बिजली आपूर्ति बाधित न होने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि अत्यधिक गर्मी और लू के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। सीएम ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने लोगों से पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में निकलते समय सिर ढककर रखने की अपील की है। 19 से 21 मई तक सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत मौसम विभाग ने बताया कि 19, 20 और 21 मई को प्रदेश के कई जिलों में अति उष्ण लहर चल सकती है। तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने की संभावना है। इसे देखते हुए योगी सरकार ने सभी जिलों को राहत और बचाव की तैयारियां समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

पटना में स्कूल टाइम बदला, भीषण गर्मी के चलते 8वीं तक की कक्षाएं 11 बजे तक

 पटना बिहार में गर्मी अपना रौद्र रूप दिखाने लगी है। कई जिलों में सुबह से ही निकल रही तीखी धूप लोगों को घरों में दुबके रहने के लिए मजबूर कर रही है। दोपहर के वक्त आसमान से आग बरस रही है। भीषण गर्मी की वजह से लोग परेशान हैं। सोमवार को भी राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि कई जिलों में इस दौरान अधिकतम तापमान 38-40 और 40-42 डिग्री तक जा सकता है। बिहार में कई जगहों पर दिन के अलावा रातें भी उबल रही हैं। रात के वक्त भी लोगों को गर्मी सता रही है। मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि मंगलवार को उत्तर पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा के अलावा दक्षिण पूर्व बिहार के जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया औऱ भागलपुर में एक-दो स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके बाद बुधवार और गुरुवार यानी 20 और 21 मई को भी बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश का पूर्वानुमान है। पटना में स्कूलों के लिए आदेश भीषण गर्मी के कारण पटना के स्कूलों में 8वीं तक की कक्षाएं दिन में 11 बजे के बाद नहीं चलेंगी। जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने रविवार को यह आदेश जारी किया। यह आदेश 21 मई तक लागू रहेगा। जिलाधिकारी ने कहा है कि जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र इसके दायरे में आएंगे। भीषण गर्मी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। हालांकि आठवीं से ऊपर की कक्षाएं 11 बजे के बाद भी संचालित हो सकती हैं। नमी की मात्रा घटी धूप की तपिश ने झुलसाया मुजफ्फरपुर जिले में रविवार की सुबह से ही धूप खिली रही। इसके असर से दिन में हवा में नमी की मात्रा में तेजी से कमी आई और धूप की तपिश वास्तविक प्रभाव से कहीं अधिक महसूस हुई। इधर, मौसम विज्ञान विभाग ने अगले दो दिनों में तापमान के और अधिक बढ़ने और नमी में कमी आने की आशंका जताई है। इससे फिर त्वचा झुलसाने वाली गर्मी का दौर शुरू हो सकता है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई। अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पूसा स्थित ग्रामीण मौसम विज्ञान केंद्र के नोडल पदाधिकारी डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि जिले में जेट स्ट्रीम उत्तर की ओर मुड़ रही है। इससे हाई प्रेशर रिज बन रहा है, जो जिले में अधिक तापमान का कारण बन रहा है। कहा कि अगले दो-तीन दिनों तक तापमान तेजी से बढ़ेगा। रहेगा। इससे हवा में नमी की मात्रा तेजी से कम होगी। इससे झुलसाने वाली गर्मी महसूस हो सकती है। भागलपुर में 44 डिग्री गर्मी वाला एहसास भागलपुर जिले में 5 अप्रैल के बाद रविवार को एक बार फिर दिन का पारा 37.0 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। आसमान से आग बरसी। इस पर दिन में बही पूर्वी हवा बंगाल की खाड़ी से नमी लेकर आ गई। लिहाजा, रविवार को दिन में भले ही दिन का पारा 37.1 डिग्री सेल्सियस रहा हो, लेकिन लोगों को 44 डिग्री सेल्सियस जैसी गर्मी का एहसास (फीलिंग टेंपरेचर) हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो कि सामान्य तापमान से 2.2 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। रात में भी उमस से लोग परेशान रहे। भारतीय मौसम विभाग के अनुमानों की माने तो भीषण गर्मी व उमस सोमवार को भी लोगों के पसीने निकालेगी। जबकि मंगलवार से आंशिक बदरी के बीच गर्मी उमस तो सताएगी लेकिन इस दौरान कभी-कभार हल्की बारिश या बूंदाबांदी भी हो सकती है। आज आंशिक बदरी के बीच गर्मी और उमस सताएगी बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर के मौसम वैज्ञानिक डॉ. बीरेंद्र कुमार ने बताया कि सोमवार को आंशिक बदरी के बीच गर्मी व उमस लोगों के पसीने छुड़ा देगी तो वहीं 19-20 मई को आंशिक बदरी के बीच जिले के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी होगी। जबकि 21 से 23 मई के बीच जिले में आंधी-बारिश का अनुमान है। हालांकि बावजूद इसके दिन एवं रात के तापमान में कोई गिरावट नहीं होगी। गयाजी में आज भी भीषण गर्मी का अनुमान, मंगलवार को राहत की उम्मीद मौसम विशेषज्ञ एस के पटेल ने बताया कि 15 मई को भी एक पश्चिमी विक्षोभ आया था, लेकिन बहुत कमजोर रहने के कारण उसका असर नहीं रहा। इस कारण शनिवार से गर्म हवा यानी पछुआ चलने लगी। रविवार को मौसम और भी गर्म हो गया। इस वक्त तापमान से अधिक उसम वाली गर्मी का अहसाह होगा। बताया कि सोमवार को भी राहत का अनुमान नहीं है। अधिकतम तापमान के बढ़ने के ही आसार हैं। एस के पटेल ने बताया कि पूर्वी यूपी व बिहार के ऊपर चक्रवाती संचरण बना है। ट्रफ लाइन पूर्वी बिहार व बंगाल से होते हुए असम की ओर जा रहा है। सुबह में पछुआ चलेगी। दोपहर बाद पुरवैया चलने का अनुमान है। बताया कि मंगलवार को दोपहर बाद प्री मानसून गतिविधि हो सकती है। यानी तेज हवा, गरज के साथ बारिश हो सकती है। बताया कि अगले दो दिनों में मौसम के मिजाज में विशेष बदलाव का अनुमान नहीं है। कभी-कभी दोपहर बाद गरज व तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है।

हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई या प्रशासन की मनमानी? लखनऊ में बड़ा विवाद

लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रविवार को वकीलों के अवैध चैंबरों पर चला बुलडोजर बड़ा विवाद बन गया है. प्रशासन की कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और विरोध कर रहे वकीलों पर लाठीचार्ज भी किया गया. इस घटना के बाद बार एसोसिएशन और अधिवक्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिली है. वकीलों ने इसे “लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन” बताते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है. ऐसे में आइए जानते हैं इस पूरे विवाद की कहानी… दरअसल हाईकोर्ट ने कुछ अवैध चैंबरों को हटाने का निर्देश दिया था. जिसके बाद नगर निगम की टीम के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल पहुंचा और चैंबर तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई. हालांकि इस दौरान वकीलों ने विरोध भी किया. जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया. वकीलों का आरोप है कि हाईकोर्ट ने केवल 72 चैंबर हटाने का आदेश दिया था, लेकिन प्रशासन ने आदेश की आड़ में करीब 240 चैंबरों पर कार्रवाई कर दी. उनका कहना है कि जिन चैंबरों को चिन्हित किया गया था, उनमें कई वकीलों के चैंबर शामिल ही नहीं थे, बावजूद इसके उन्हें भी तोड़ दिया गया. जहां 30 सालों से बैठ कर रहे थे काम, उसे ही तोड़ दिया गया बुलडोजर कार्रवाई के दौरान कई वकीलों की तबीयत भी बिगड़ गई. कुछ अधिवक्ता जमीन पर बैठकर विरोध जताते रहे तो कुछ ने कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से बहस की. मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया. वकीलों का कहना है कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से वहीं बैठकर वकालत कर रहे हैं और अचानक इस तरह की कार्रवाई उनके रोजगार पर सीधा हमला है. अधिवक्ताओं ने प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर उन्हें वहां से हटाया जा रहा है तो पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी. वहीं प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं रोकी और उचित समाधान नहीं निकाला तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. वहीं प्रशासन का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है. विवाद पर डीसीपी का आया बयान मामले में डीसीपी वेस्ट कमलेश दीक्षित का भी बयान आया है. उनका कहना है कि सभी को नोटिस दिया जा चुका है. कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई हो रही है. विरोध ऐसे कामों में होता है. हम तैयार है ऐसे कार्रवाई के लिए. कानून सब के लिए बराबर है.

चारबाग-वसंतकुंज मेट्रो से लेकर पंचायत चुनाव तक, योगी कैबिनेट में कई बड़े फैसले आज

लखनऊ उत्तर प्रदेश में  गांव-गांव एक ही बात की चर्चा है कि पंचायत चुनाव कब होंगे? ग्राम प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में हो रही देरी की सबसे बड़ी वजह यूपी में समर्पित ओबीसी आयोग का न होना है. हाईकोर्ट के सख्त तेवर अपनाए जाने के बाद यूपी की योगी सरकार इस दिशा में अपने कदम बढ़ा सकती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता सोमवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी मिल सकती है? यूपी पंचायत चुनाव को लेकर सस्पेंस बना हुआ, लेकिन अब तस्वीर साफ होती दिख रही है. पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने के लिए ओबीसी आयोग के गठन पर कैबिनेट में मोहर लग सकती है. इसके साथ ही एक दर्जन से ज्यादा प्रस्ताव को मंजूरी देने का प्रस्ताव है.   यूपी में मौजूदा ओबीसी आयोग का कार्यकाल अक्टूबर 2025 में समाप्त हो गया था, जिसे सरकार ने अक्टूबर 2026 तक के लिए बढ़ा तो दिया है, लेकिन कानूनी रूप से उसके पास समर्पित आयोग के अधिकार नहीं हैं. ओबीसी आयोग अपने तीन साल के मूल कार्यकाल के रहते हुए ही आरक्षण का सर्वे कर सकता है. इसीलिए योगी सरकार सोमवार को कैबिनेट बैठक में ओबीसी आयोग गठन को अमलीजामा पहना सकती है. ओबीसी आयोग गठन को मिलेगी मंजूरी? वैश्विक संकट को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मितव्ययता की अपील के बाद सोमवार को पहली कैबिनेट बैठक होगी. इस लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सूबे में पंचायत चुनाव पर छाए सियासी बादल कैबिनेट की बैठक में छंटती हुई दिख सकती हैय कैबिनेट बैठक में ग्राम पंचायतों, ब्लॉक और जिला पंचायतों के निर्वाचन में पिछड़ा वर्ग का आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दे सकती है. ओबीसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का स्वरूप तय होगा. सूबे में समर्पित ओबीसी आयोग नहीं होने के चलते पंचायत चुनाव के आरक्षण की प्रक्रिया लटकी हुई है. हाईकोर्ट ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा था कि ओबीसी आयोग में क्यों देरी हो रही है, जिसके बाद ही समर्पित ओबीसी आयोग गठन को कैबिनेट में मंजबूरी देने ही. यूपी में नए ओबीसी आयोग के बाद ही ओबीसी की आबादी का सामाजिक और राजनीतिक स्थिति का आकलन का सर्वे करेगी. ओबीसी आयोग के सर्वे के आधार पर यह तय होगा कि पंचायतों में ओबीसी आरक्षण कितने प्रतिशत और किन सीटों पर लागू होगा.ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण पहले से ही निर्धारित है. इसके अलावा कौन सीट आरक्षित करनी है और कौन नहीं? चारबाग से वसंतकुंज तक मेट्रो को मंजूरी? योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में लखनऊ मेट्रो से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला हो सकता है.मेट्रो परियोजना में पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (चारबाग से वसंतकुंज) के लिए समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी जा सकती है. इसके अलावा आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-2 (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) में मेट्रो स्टेशन एवं वायडक्ट सेक्शन के निर्माण के लिए भूमि के हस्तांतरण के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट विचार कर सकती है. कैबिनेट बैठक में क्या-क्या होंगे फैसले लोक सेवा आयोग के कृत्यों के परिसीमन में बदलाव करने के लिए संशोधन प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने विचार के लिए रखा जाएगा. ग्राम्य विकास विभाग और एचसीएल फाउंडेशन के साथ चल रही समुदाय परियोजना को पांच साल के लिए और बढ़ाया जाएगा. परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे का विकास किया जा रहा है. वस्त्रोद्योग को बढ़ावा देने के लिए कौशल विकास परियोजनाओं को मंजूरी कैबिनेट दे सकती है. आपातकाल के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लेने वाले लोकतंत्र सेनानियों को कैबिनेट कैशलेस इलाज की सुविधा देने जा रही है. सोमवार को कैबिनेट बैठक में इसका प्रस्ताव लाया जाएगा. इन्हें मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी. कैबिनेट में जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़ी नई नियमावली को भी मंजूरी मिल सकती है. हाथरस, बागपत और कासगंज में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज बनाए जाने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट सहमति देगी. वहीं, कैबिनेट के सामने ऊर्जा विभाग केनरा बैंक से निकाली गई 1500 करोड़ रुपये की राशि की कार्येत्तर इस्तेमाल के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा. कैबिनेट की बैठक में राज्य सरकार और केंद्र सरकार की परियोजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण फैसला लिया जा सकता है. राज्य सरकार की प्रतिभूतियों के संबंध में वर्ष 2007 में जारी किए गए जनरल नोटिफिकेशन में संशोधन का प्रस्ताव पर कैबिनेट विचार करेगी. इसके अलावा भारतीय स्टांप अधिनियम में भी संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी जा सकती है. वहीं, यूपी राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों पर लगने वाले अतिरिक्त कर को रेशनलाइज करने को भी कैबिनेट अपनी मुहर लगा सकती है.

संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर, निकाय चुनाव के लिए पंजाब में 75 हजार जवान तैनात

चंडीगढ़. पंजाब में नगर निगम, नगर कौंसिल को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। राज्य चुनाव आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए इस बार 75 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की है। चुनाव को लेकर प्रदेश भर में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और कई स्थानों पर तनावपूर्ण घटनाओं के बीच सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। जानकारी के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान करीब 35 हजार पुलिस कर्मियों को विशेष रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाया जाएगा। ये कर्मचारी मतदान केंद्रों, संवेदनशील इलाकों, नामांकन केंद्रों और मतगणना स्थलों पर सुरक्षा संभालेंगे। इसके अलावा करीब 35,500 कर्मचारी सीधे चुनाव ड्यूटी में लगाए जाएंगे, जो मतदान दलों की आवाजाही, बूथ प्रबंधन और चुनावी सामग्री की निगरानी करेंगे। राज्य स्तर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है। राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम निकाय चुनाव इस बार निकाय चुनाव को राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सेमिफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भाजपा और शिअद ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। कई शहरों में टिकट वितरण को लेकर दलों के भीतर असंतोष भी सामने आया है, जिससे निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या बढ़ी है और मुकाबला रोचक बन गया है। राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न निकायों में 10,809 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें नगर निगमों में 2,154, नगर कौंसिलों में 7,334 और नगर पंचायतों में 1,321 उम्मीदवार शामिल हैं। सबसे अधिक मुकाबला नगर कौंसिल क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है, जहां कई वार्डों में सीधी टक्कर बन चुकी है। हाल के दिनों में कुछ जिलों से नामांकन के दौरान तनाव और विरोध की घटनाएं भी सामने आई हैं। फिरोजपुर के मुदकी में विपक्षी दलों ने उम्मीदवारों को धमकाने और नामांकन से रोकने के आरोप लगाए हैं, जबकि देरा बाबा नानक में कांग्रेसी नेता के घर पर फायरिंग के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया। संवेदनशील बूथों की अलग सूची तैयार  इन घटनाओं को देखते हुए आयोग ने जिला प्रशासन को संवेदनशील बूथों की अलग सूची तैयार करने और अतिरिक्त फोर्स तैनात करने के निर्देश दिए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ फ्लैग मार्च, नाकेबंदी और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष गश्त भी कराई जाएगी, ताकि मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके। 19 में को नामांकन वापस लिए जाएंगे।