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लंबरदार पद पर अब तय होगी न्यूनतम योग्यता, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा नियम

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पंजाब में गांवों के लंबरदारों की नियुक्ति को लेकर अहम टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार से इस पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने पर विचार करने को कहा है। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मौजूदा नियमों में शैक्षणिक योग्यता निर्धारित न होने के कारण केवल कम पढ़ा-लिखा होना किसी उम्मीदवार को अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस हर्ष बांगर की पीठ ने पटियाला जिले के एक गांव में नियुक्त सातवीं पास लंबरदार की नियुक्ति को बरकरार रखा। इस नियुक्ति को एक अधिक शिक्षित और कम उम्र के उम्मीदवार ने चुनौती दी थी। 12वीं पास था याचिकाकर्ता याचिकाकर्ता 12वीं पास था और उसका तर्क था कि चयनित उम्मीदवार न केवल कम शिक्षित है बल्कि उम्र में भी अधिक है, इसलिए उसे लंबरदार नियुक्त नहीं किया जाना चाहिए था। हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि पंजाब भूमि राजस्व नियमों में लंबरदार पद के लिए किसी न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का प्रावधान नहीं है। ऐसे में केवल कम शैक्षणिक योग्यता के आधार पर चयनित उम्मीदवार को अयोग्य नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि लंबरदार को गांव स्तर पर प्रशासनिक कार्य, राजस्व संबंधी जिम्मेदारियां तथा सरकारी अधिकारियों के साथ समन्वय जैसे कार्य करने होते हैं। ऐसे में यह उचित होगा कि उसके पास पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी की बुनियादी समझ हो तथा कम से कम मैट्रिक स्तर तक की शिक्षा हो। पीठ ने अपने आदेश में हरियाणा का उदाहरण भी दिया, जहां लंबरदार पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता ‘मिडिल पास’ निर्धारित है। अदालत ने कहा कि पंजाब सरकार को भी वर्तमान परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को देखते हुए इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उम्र संबंधी दलील खारिज अदालत ने उम्र संबंधी दलील को भी खारिज करते हुए कहा कि केवल अधिक उम्र होना नियुक्ति रद्द करने का आधार नहीं बन सकता। उम्र का महत्व तभी है जब उससे व्यक्ति की कार्य करने की क्षमता प्रभावित होती हो। मामले में ऐसा रिकॉर्ड या शिकायत पेश नहीं की गई जिससे यह साबित हो कि चयनित लंबरदार अपने दायित्व निभाने में असमर्थ है। हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि संबंधित व्यक्ति पिछले करीब दस वर्षों से लंबरदार के रूप में कार्य कर रहा है और उसके कामकाज को लेकर कोई शिकायत सामने नहीं आई। इसी आधार पर अदालत ने नियुक्ति में हस्तक्षेप से इन्कार करते हुए आदेश की प्रति पंजाब सरकार को भेजने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में नियमों में आवश्यक बदलाव पर विचार किया जा सके।

Moto Buds 2 भारत में लॉन्च: 2999 रुपये में 48 घंटे बैटरी और दमदार ANC फीचर्स

Motorola ने भारत में अपने नए TWS earbuds Moto Buds 2 लॉन्च कर दिए हैं. कंपनी ने इन्हें तीन आकर्षक Pantone-curated कलर ऑप्शंस में पेश किया है. Moto Buds 2 को भारत में Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा. बैटरी की बात करें तो चार्जिंग केस के साथ ये कुल 48 घंटे तक का प्लेबैक देने का दावा करते हैं. वहीं, हर ईयरबड में 62mAh की बैटरी दी गई है, जो अकेले एक बार चार्ज पर करीब 11 घंटे तक चल सकती है. आइए इसके अन्य फीचर्स और कीमत पर एक नजर डालते हैं. Moto Buds 2 की कीमत और उपलब्धता भारत में इसकी कीमत 2,999 रुपये रखी गई है. हालांकि यह लॉन्च के समय मिलने वाली प्रभावी (नेट इफेक्टिव) कीमत है. यानी असली रिटेल प्राइस इससे थोड़ा ज्यादा भी हो सकता है. ये नए ईयरबड्स 25 मई से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. आप इन्हें Flipkart के साथ-साथ Motorola India की ऑफिसियल वेबसाइट पर खरीद सकेंगे. कंपनी ने इन्हें तीन आकर्षक रंगों (Pantone Carbon, Pantone Gray Mist और Pantone Violet Ice) में पेश किया है. Moto Buds 2 के फीचर्स इनमें ड्यूल 11mm डायनामिक ड्राइवर्स दिए गए हैं, जिनके बारे में कंपनी का दावा है कि ये गहरा बास और ज्यादा क्लियर हाई नोट्स देते हैं. सिर्फ साउंड ही नहीं, ये TWS IP54 रेटिंग के साथ आते हैं, जिससे धूल और हल्की पानी की छींटों से भी सेफ्टी मिलती है. कनेक्टिविटी की बात करें, तो Moto Buds 2 में Bluetooth 6.0 सपोर्ट मिलता है. साथ ही ड्यूल कनेक्शन और ऑटो स्विचिंग फीचर भी है, यानी आप एक साथ दो डिवाइस से कनेक्ट कर सकते हैं और बिना झंझट के उनके बीच स्विच कर सकते हैं. इसके अलावा AAC, SBC, LHDC5 और LHDC4 जैसे ऑडियो कोडेक्स के साथ Hi-Res ऑडियो सपोर्ट भी मिलता है. इन ईयरबड्स में जेस्चर कंट्रोल मिलता है. यानी सिर्फ हल्के से टच या मूवमेंट से आप म्यूजिक प्ले या पॉज कर सकते हैं. खास बात यह है कि ये Moto AI सपोर्ट के साथ आते हैं, जो मोटोरोला के चुनिंदा डिवाइसेज के साथ मिलकर स्मार्ट एक्सपीरियंस देता है. कॉलिंग के लिए इसमें 6 माइक्रोफोन का सेटअप दिया गया है, जो High SNR के साथ आवाज को ज्यादा साफ रखने में मदद करता है. इसके अलावा, Dynamic Active Noise Cancellation (ANC) फीचर भी मौजूद है, जो कंपनी के मुताबिक आसपास के शोर को 55dB तक कम कर सकता है. हर ईयरबड में 62mAh की बैटरी दी गई है, जिसे लेकर कंपनी का दावा है कि एक बार फुल चार्ज करने पर ये करीब 11 घंटे तक चल सकते हैं. कंपनी के मुताबिक, केस के साथ मिलाकर Moto Buds 2 कुल 48 घंटे तक का इस्तेमाल ऑफर करते हैं. आसान शब्दों में कहें तो एक बार चार्ज करके कई दिनों तक आराम से काम चल सकता है.

Motorola ने लॉन्च किए Moto G37 और G37 Power: 20 हजार से कम में 5G स्मार्टफोन

अगर आप 20 हजार से कम बजट में लंबी बैटरी लाइफ और 5G कनेक्टिविटी वाला नया स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो Motorola ने भारतीय बाजार में अपने दो नए बजट मॉडल्स Moto G37 और Moto G37 Power लॉन्च कर दिए हैं.खासियत की बात करें, तो Moto G37 Power में बड़ी बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल का दावा करती है. वहीं दोनों फोन लेटेस्ट Android 16, 120Hz डिस्प्ले और MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर जैसे फीचर्स के साथ आते हैं. कंपनी ने इन स्मार्टफोन्स को खासतौर पर एंट्री-लेवल और बजट 5G यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया है. Moto G37 सीरीज की कीमत Moto G37 को एक ही 4GB RAM + 64GB स्टोरेज वेरिएंट में लॉन्च किया गया है, जिसकी कीमत 13,999 रुपये है. Moto G37 Power दो वेरिएंट में लॉन्च हुआ है, जिसमें 4GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 15,999 रुपये और 8GB + 128GB वेरिएंट की कीमत 18,999 रुपये है. दोनों मॉडल्स की बिक्री 25 मई दोपहर 12 बजे से शुरू होगी. ग्राहक इसे Flipkart से खरीद सकेंगे. डिस्प्ले और कलर ऑप्शन Motorola ने खासतौर पर पंच-होल डिस्प्ले पर जोर दिया है, क्योंकि इस प्राइस रेंज में कई स्मार्टफोन्स अब भी पुराने वॉटरड्रॉप नॉच डिजाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं. दोनों फोन में 6.6 इंच का HD+ LCD डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. साथ ही इसमें 1050 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस, 120Hz टच सैंपलिंग रेट और Corning Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन भी दिया गया है. इसके साथ Dolby Atmos सपोर्ट वाले स्टीरियो स्पीकर्स दिए गए हैं, जिससे वीडियो और गेमिंग का एक्सपीरियंस बेहतर होता है. Moto G37 और G37 Power को तीन कलर ऑप्शन Impenetrable Black, Capri Blue और Nautical Blue में पेश किया गया है. Capri Blue और Nautical Blue वेरिएंट्स में वीगन लेदर फिनिश मिलेगा, जबकि Impenetrable Black कलर PMMA फिनिश के साथ आता है, जो ज्यादा मजबूत माना जाता है. मजबूत बिल्ड और परफॉर्मेंस फोन IP64 रेटिंग और MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन के साथ आता है, जिससे यह हल्के झटकों, धूल और पानी की छींटों से सुरक्षित रहता है. परफॉर्मेंस के लिए, दोनों मॉडल्स में MediaTek Dimensity 6400 प्रोसेसर दिया गया है. यह चिपसेट रोजमर्रा के इस्तेमाल और हल्की गेमिंग के लिए अच्छा माना जाता है. Moto G37 में 4GB LPDDR4x RAM और 64GB UFS 2.2 स्टोरेज मिलता है, जबकि Moto G37 Power में 8GB तक RAM और 128GB तक स्टोरेज दिया गया है. दोनों फोन RAM Boost फीचर के जरिए 12GB तक वर्चुअल RAM सपोर्ट करते हैं. साथ ही microSD कार्ड की मदद से स्टोरेज को 1TB तक बढ़ाया जा सकता है. दोनों मॉडल्स Android 16 पर काम करेंगे और कंपनी ने Android 17 अपडेट देने का वादा किया है. इसके अलावा तीन साल तक सिक्योरिटी अपडेट्स भी मिलेंगे. कैमरा फीचर्स फोटोग्राफी के लिए, दोनों फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है. इसमें 50MP प्राइमरी कैमरा और 2-in-1 लाइट सेंसर शामिल है. सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन में 8MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है. बेहतर फोटोग्राफी के लिए इसमें Shot Optimisation और Auto Smile Capture जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं. बैटरी और चार्जिंग Moto G37 में 20W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ 5200mAh की बैटरी दी गई है, जबकि Moto G37 Power की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh बैटरी है, जो 30W फास्ट चार्जिंग के साथ आती है. दोनों फोन 6W रिवर्स वायर्ड चार्जिंग भी सपोर्ट करते हैं. कनेक्टिविटी फीचर्स दोनों स्मार्टफोन में 5G, 4G LTE, Wi-Fi 5, Bluetooth 5.4, GPS, USB Type-C पोर्ट और 3.5mm हेडफोन जैक जैसे फीचर्स मिलते हैं. सिक्योरिटी के लिए फोन में साइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है.

राजस्थानी खोबा रोटी: देसी घी से भरपूर कुरकुरी और हेल्दी पारंपरिक रेसिपी

रोटी भारतीय खाने का अहम हिस्सा है जो हर घर में लगभग रोज बनाई जाती है. आमतौर पर लोग गेहूं की नॉर्मल रोटी खाते है. लेकिन भारत में रोटियों की कई ऐसी अनगिनत वैराइटी हैं जो अपने स्वाद के लिए जानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है राजस्थान की मशहूर खोबा रोटी जो खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ काफी हेल्दी भी होती है. यह रोटी नॉर्मल रोटी से थोड़ी मोटी होती है और इसके ऊपर बने खूबसूरत डिजाइन इसे खास बनाते हैं. खास बात यह है कि इसे घर पर भी बहुत आसानी से बनाया जा सकता है. आइए जानते हैं कि घर पर आसानी से राजस्थानी खोबा रोटी कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है. इंग्रेडिएंट्स (ingredients) 4 कप गेहूं का आटा ½ छोटा चम्मच सौंफ पाउडर ½ छोटा चम्मच अजवाइन ¼ छोटा चम्मच हल्दी पाउडर ¼ कप घी (मोयन के लिए) नमक स्वादानुसार शुद्ध देसी घी (रोटी में भरने और सेकने के लिए) पानी जरूरत के मुताबिक खोबा रोटी बनाते कैसे हैं? खोबा रोटी बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बर्तन में 4 कप गेहूं का आटा लें. इसमें सौंफ पाउडर, अजवाइन, नमक और हल्दी पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें 1/4 कप घी का मोयन डालें और हाथों से अच्छे से मिक्स करें, ताकि घी आटे में अच्छी तरह मिल जाए.  इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम और लचीला आटा गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा न ज्यादा सख्त हो और न ही ज्यादा नरम. आटा तैयार होने के बाद इसे 10-15 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि मसाले और घी अच्छी तरह सेट हो जाएं. अब आटे की एक बड़ी लोई लें और इसे मोटा बेलें. इसकी मोटाई लगभग आधा इंच रखें. बेलने के बाद चाकू या कांटे की मदद से रोटी पर हल्के-हल्के छेद कर दें. इससे रोटी अंदर तक अच्छी तरह पकती है और कुरकुरी बनती है.  अब तवे पर थोड़ा सा घी लगाकर रोटी डालें. जब रोटी एक तरफ से हल्की पक जाए तो इसे पलट दें. इसके बाद गैस कम कर दें और उंगलियों या चिमटा की मदद से रोटी की ऊपरी सतह पर छोटे-छोटे पिंच बनाते हुए पारंपरिक खोबा डिजाइन तैयार करें. ये डिजाइन रोटी को खास लुक देने के साथ घी को अंदर तक सोखने में भी मदद करती है. अब रोटी को दोनों तरफ से धीमी आंच पर सुनहरा और खस्ता होने तक सेंकें. चाहें तो पारंपरिक स्वाद के लिए इसे तवे से उतारकर सीधे गैस पर भी हल्का सा सेंक सकते हैं. रोटी तैयार होने के बाद इसके खोबों में ऊपर से देसी घी डालें, ताकि घी पूरी तरह अंदर तक चला जाए. अब गरमागरम खोबा रोटी तैयार है. इसे पंचमेल दाल, गट्टे की सब्जी, लहसुन की चटनी या फिर गुड़ और घी के साथ परोसें. इसका कुरकुरा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को बेहद पसंद आएगा.  

रेलवे मेंटेनेंस के चलते चार दिन नहीं चलेगी बिलासपुर-गेवरारोड मेमू ट्रेन

बिलासपुर. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के चांपा-गेवरारोड सेक्शन के मध्य स्थित मड़वारानी स्टेशन में अधोसंरचना विकास के अंतर्गत अतिरिक्त लूप लाइन की कमीशनिंग हेतु प्री-नॉन इंटरलॉकिंग तथा नॉन इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा. इसके वजह से बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर 21 मई से 24 मई तक नहीं चलेगी. भविष्य में इस सेक्शन की परिचालन क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी. इस दौरान 21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी. 21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद रहेगी. देवरी अंडरब्रिज पर 5 दिन बंद रहेगा सड़क यातायात बिलासपुर. बिलासपुर मंडल क्षेत्राधिकार के अंतर्गत रेलवे अंडरब्रिज में लोगों को बेहतर सड़क आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने हेतु रेल प्रशासन प्रतिबद्ध है. रेलवे प्रशासन द्वारा सारागांव-बाराद्वार स्टेशनों के मध्य किमी 655.862 से 655.867 में स्थित देवरी रेल अंडरब्रिज को 20 मई (बुधवार) से 24 मई (रविवार) तक पूर्णतः बंद कर रोड मरम्मत एवं अन्य आवश्यक कार्य करने का निर्णय लिया गया है. इसके फलस्वरूप यह रेल अंडरब्रिज 20 मई (बुधवार) से 24 मई (रविवार) तक सड़क आवागमन हेतु पूर्णतः बंद रहेगी. इस अवधि में सड़क यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में पास में ही स्थित रेल अंडरब्रिज संख्या 54 (सोननदी ब्रिज) तथा भारत माला अंडरब्रिज का उपयोग किया जा सकता है. 

TMC-Congress गठबंधन होता तो कितनी सीटें जीतती ममता? सामने आया बड़ा चुनावी समीकरण

कोलकत्ता  पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस भले ही सिर्फ एक राज्य केरल में जीत दर्ज करने में सफल रही हो, पर इन चुनाव में पार्टी यह साबित करने में सफल रही कि उसके बगैर INDIA गठबंधन के घटक दलों के लिए जीत आसान नहीं है। कम से कम पश्चिम बंगाल में यह बात सही बैठती है, क्योंकि भाजपा विरोधी वोट बंटवारे की वजह से तृणमूल कांग्रेस को करीब तीन दर्जन सीट का नुकसान हुआ है। 1 दर्जन से ज्यादा सीटों पर असर चुनाव परिणाम के आंकड़ों के मुताबिक, एक दर्जन से अधिक सीट पर कांग्रेस ने तृणमूल कांग्रेस को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। वर्ष 2021 में इनमें से दस सीट टीएमसी के पास थी। पर इस बार कांग्रेस को टीएमसी और भाजपा के बीच जीत के अंतर से अधिक वोट मिले। इसके साथ टीएमसी को छह सीट का नुकसान नोटा की वजह से हुआ। इन सीट पर भी कांग्रेस को नोटा से अधिक वोट मिले थे। बंगाल में कुल विधानसभा सीटें 294 हैं, जिनमें से टीएमसी के खाते में 80 सीटें आईं हैं। जबकि, भाजपा 207 पर विजयी रही है। कांग्रेस ने 2 और लेफ्ट को 1 सीट मिली है। मुस्लिम वोटर्स ने दिया किसका साथ इसके साथ भाजपा को मुस्लिम वोट में विभाजन का भी फायदा मिला। मुर्शिदाबाद, मालदा और उत्तर दिनाजपुर की कुल 43 में से 20 सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज की। क्योंकि, मतदाता कांग्रेस, लेफ्ट, इंडियन सेकुलर फ्रंट और हुमायूं कबीर की पार्टी में बंट गए। जबकि वर्ष 2021 में मतदाता टीएमसी के पक्ष में एकजुट थे। उस वक्त टीएमसी को इन सीट में 35 और भाजपा को सिर्फ आठ सीटें मिली थी। लेफ्ट के पास सात फीसदी वोट राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि पश्चिम बंगाल में लेफ्ट वर्षों सरकार में रहा है। लेफ्ट के पास अभी भी करीब सात फीसदी वोट है। हार के बाद INDIA गठबंधन की दुहाई देने वाली पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले स्थिति को समझ लेतीं, तो उन्हें इस तरह हार का मुंह नहीं देखना पड़ता। विश्लेषकों का कहना है कि कई दर्जन ऐसी सीट हैं, जहां लेफ्ट और कांग्रेस को तृणमूल की हार के अंतर से अधिक वोट मिले हैं। स्थिति समझनी होगी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि वक्त आ गया है कि सभी विपक्षी दल एक बार फिर एकजुट और नए सिरे से रणनीति बनाए। बकौल उनके, कांग्रेस अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है, पर क्षेत्रीय पार्टियों को भी स्थिति को समझना होगा। सभी घटक दलों के बेहतर तालमेल और साझेदारी के साथ चुनाव में उतरना होगा। इसके लिए लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा में एकजुटता जरूरी है। पहले भी हुआ नुकसान ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि विपक्षी दलों के मत विभाजन का फायदा भाजपा को मिला है। वर्ष 2022 के गुजरात और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव परिणाम इसकी मिसाल हैं। दिल्ली में कांग्रेस को करीब एक दर्जन सीट पर हार के अंतर से अधिक वोट मिले थे। इसी तरह गुजरात में आप की वजह से कांग्रेस को 39 सीट का नुकसान हुआ था। इन सीट पर आप को भाजपा की जीत के अंतर से अधिक वोट मिले थे। जबकि आप को सिर्फ पांच सीटें मिली थी।

भीषण गर्मी के बीच गुड न्यूज, जल्द दस्तक देगा मॉनसून; कई राज्यों में आज बरसेंगे बादल

नई दिल्ली भारत में मॉनसून की एंट्री में बस कुछ ही दिन बाकी हैं। खबर है कि मई के अंतिम सप्ताह में राहत भरी बौछारें केरल में दस्तक दे सकती हैं। वहीं, उत्तर पश्चिम भारत के अधिकांश राज्य गर्मी का सामना करेंगे। हालांकि, उत्तराखंड समेत कुछ राज्यों में बारिश के आसार हैं। इसके अलावा IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को कम से कम 10 राज्यों में बारिश की संभावनाएं जताई हैं। आज भीगेंगे ये राज्य IMD ने मंगलवार को बताया है कि 19 मई से 22 मई के बीच जम्मू और कश्मीर, 20 से 22 मई के बीच उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, इस दौरा हवा की रफ्तार 30-40 किमी प्रतिघंटा पहुंच सकती है। साथ ही अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 19 से 24 मई, गंगीय पश्चिम बंगाल में 21 और 22 मई, ओडिशा में 19 मई और 22 मई से 24 मई को बारिश के आसार हैं। बिहार में 19 से 21 मई के बीच, झारखंड में 20 मई, ओडिशा में 20 और 21 मई को तेज हवा के साथ भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे में 19 मई को भारी बारिश हो सकती है। 19 से 22 मई के बीच असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में बारिश के आसार हैं। अरुणाचल प्रदेश में 22 मई को भारी बारिश हो सकती है। जबकि, असम और मेघालय में ऐसा ही मौसम 21 और 22 को बन सकता है। कहां पहुंचा मॉनसून मौसम विभाग ने सोमवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के 26 मई को केरल पहुंचने की संभावना है। विभाग ने यह भी कहा कि मॉनसून के आगमन की तारीख में चार दिन का अंतर देखने को मिल सकता है। आईएमडी ने कहा कि अगले पांच दिनों में केरल और माहे के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, ऐसा दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो सकता है, जिससे केरल, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा और दक्षिण लक्षद्वीप से सटे दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में निम्न वायु दाब का क्षेत्र बन गया है। आईएमडी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के अधिकांश हिस्सों और कन्याकुमारी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, यह दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों, अंडमान सागर के अधिकांश भाग, अंडमान निकोबार द्वीप समूह और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ चुका है।

कोर कमेटी बैठक में MLC चुनाव पर मंथन, भाजपा ने 60-70 नामों पर की चर्चा

 पटना अगले महीने खाली हो रही विधान पार्षद की सीटों में से भाजपा की झोली में कम से कम चार आएंगी। इन सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर सोमवार को बिहार भाजपा की कोर कमेटी की बैठक हुई। प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। लगभग घंटे भर चली बैठक में सांगठनिक गतिविधियों पर चर्चा हुई। हर दो महीने पर होने वाली कोर कमेटी की बैठक में विधान पार्षद के संभावित उम्मीदवारों पर मंथन हुआ। बैठक में यह बात आई कि रिक्त हो रही नौ विप सीटों में भाजपा को चार, जदयू को तीन, लोजपाआर को एक और विपक्ष के हिस्से में एक सीट आएगी। भाजपा के खाते में आने वाली चार सीटों पर पार्टी नेताओं ने लगभग 60-70 नामों पर मंथन किया। हालांकि किसी भी नाम पर अंतिम सहमति नहीं बनी। पार्टी की परिपाटी के अनुसार एक सीट के लिए तीन उम्मीदवारों के नाम भेजे जाएंगे। अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व के स्तर पर ही लिया जाएगा। वहीं प्रदेश भाजपा कमेटी का गठन होना है। कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश कमेटी में शामिल होने वाले पदाधिकारियों के नामों पर भी मंथन हुआ। पीएम नरेन्द्र मोदी को देश की गद्दी संभाले हुए 12 साल होने को है। पार्टी की ओर से इस उपलक्ष्य में राज्यव्यापी कार्यक्रम चलाए जाएंगे। आने वाले दिनों में योग दिवस का भी आयोजन होना है। इस कार्यक्रम को लेकर भी पार्टी की ओर से जल्द ही कार्यक्रम घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर पार्टी का प्रशिक्षण शिविर चल रहा है। इसे मंडल स्तर तक किया जाना है। बैठक में प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मंथन हुआ। बैठक में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल, सांसद राधामोहन सिंह, डॉ. संजय जायसवाल, पूर्व मंत्री मंगल पांडेय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री नागेन्द्र, प्रदेश संगठन महामंत्री भीखू भाई दलसानिया, बिहार भाजपा सह प्रभारी दीपक प्रकाश मौजूद थे।

‘डॉक्टर’ बनकर चला रहा था फर्जीवाड़ा का धंधा, 12वीं पास आरोपी गिरफ्तार

कानपूर उत्तर प्रदेश के कानपुर में फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट तैयार करने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद जांच में एक के बाद एक चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं. फरवरी में पुलिस ने शहर में फर्जी मार्कशीट तैयार करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया था. अब इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस ने ऐसे सरगना को गिरफ्तार किया है, जो हैदराबाद से बैठकर बड़े पैमाने पर इस पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था. 12वीं पास था 'डॉक्टर मनीष कुमार' पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है, जो खुद को 'डॉक्टर मनीष कुमार' बताता था, जबकि जांच में सामने आया कि उसकी शैक्षणिक योग्यता केवल 12वीं तक है. आरोप है कि वह 'ग्लोबल बुक ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड यूके लंदन' नाम से देश के अलग-अलग शहरों में कार्यक्रम आयोजित कर खुद की अलग पहचान बना रहा था. वह मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में कई कार्यक्रम कर चुका था, जहां समाजसेवियों और अन्य लोगों को सम्मानित करने के नाम पर अपनी पहुंच और प्रभाव बढ़ा रहा था. फर्जी मार्कशीट गिरोह से संपर्क पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के मुताबिक, मनीष मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था. बाद में वह बिहार में रहा और फिर हैदराबाद जाकर कंपनी और कॉल सेंटर संचालित करने लगा. जांच में पता चला कि उसका संपर्क कानपुर में पकड़े गए फर्जी मार्कशीट गिरोह से था. पुलिस के अनुसार, मनीष ने 80 से अधिक फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट तैयार कर लोगों तक पहुंचाए थे. बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए दस्तावेज तैयार करने के बदले 80 से 90 हजार रुपये तक वसूले जाते थे. पुलिस का दावा है कि यह पूरा काम व्हाट्सएप के माध्यम से संचालित किया जाता था, जहां लोगों से डिटेल लेकर नकली दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते थे. देश के कई राज्यों तक फैला नेटवर्क जांच में यह भी सामने आया कि उन्नाव में अर्जुन यादव नाम के युवक को फ्रेंचाइजी दी गई थी, जो कोचिंग सेंटर संचालित करता था. पुलिस ने मनीष कुमार और अर्जुन यादव को गिरफ्तार कर लिया है. पूछताछ के दौरान कई अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं. पुलिस का मानना है कि इस गिरोह का नेटवर्क देश के कई राज्यों तक फैला हुआ था और जांच अभी जारी है.

AI नीति पर भड़के Samsung कर्मचारी, 45 हजार वर्कर्स इस दिन से करेंगे स्ट्राइक

 नई दिल्ली दुनिया इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में तेजी से आगे बढ़ रही है. हर बड़ी कंपनी AI की रेस में लगी है और इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत है चिप यानी सेमीकंडक्टर. लेकिन इसी बीच दुनिया की सबसे बड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों में से एक Samsung में बड़ा संकट खड़ा हो गया है।  रिपोर्ट्स के मुताबिक सैमसंग के करीब 45 हजार कर्मचारी हड़ताल पर जाने की तैयारी में हैं. यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी हड़ताल मानी जा रही है. खास बात यह है कि ये वही कर्मचारी हैं जो कंपनी के मेमोरी चिप प्लांट्स में काम करते हैं, यानी वही जगह जहां से AI, स्मार्टफोन, लैपटॉप और सर्वर के लिए जरूरी चिप्स बनते हैं।  AI से फायदा बढ़ा, लेकिन कर्मचारियों की सैलरी नहीं इस हड़ताल की वजह सिर्फ एक नहीं है. कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें बेहतर सैलरी, बोनस और काम के हालात चाहिए. AI बूम की वजह से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है, लेकिन कर्मचारियों को उसका फायदा उतना नहीं मिला. यही असंतोष अब बड़े आंदोलन में बदलता दिख रहा है।  असल कहानी यहां से दिलचस्प होती है. AI की वजह से चिप्स की मांग पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. ChatGPT जैसे टूल्स, डेटा सेंटर और नई टेक्नोलॉजी के लिए भारी मात्रा में मेमोरी चिप्स की जरूरत होती है. सैमसंग इस सप्लाई चेन का बड़ा हिस्सा है. अगर यहां प्रोडक्शन रुकता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।  लंबी चली हड़ताल तो महंगे होंगे डिवाइसेज अगर यह हड़ताल लंबे समय तक चलती है, तो सबसे पहले असर चिप सप्लाई पर दिखेगा. चिप्स कम होंगे, तो कंपनियों के लिए प्रोडक्ट बनाना मुश्किल होगा. इसका मतलब है कि स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतें बढ़ सकती हैं।  सीधे शब्दों में कहें तो अगर सैमसंग के प्लांट्स में काम रुकता है, तो आने वाले समय में मोबाइल और गैजेट्स महंगे हो सकते हैं. यह असर सिर्फ टेक इंडस्ट्री तक सीमित नहीं रहेगा।  आज बैंकिंग, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल और यहां तक कि सरकारी सिस्टम भी चिप्स पर निर्भर हैं. ऐसे में सप्लाई में गड़बड़ी आने से कई सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं।  फिलहाल बातचीत जारी है, लेकिन अगर कंपनी और यूनियन के बीच समझौता जल्दी नहीं होता, तो यह हड़ताल लंबी खिंच सकती है. और जितनी लंबी यह चलेगी, उतना ही बड़ा असर बाजार पर पड़ेगा।  एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सिर्फ एक कंपनी का मामला नहीं है, बल्कि आने वाले समय का संकेत है. AI की वजह से कंपनियों का मुनाफा बढ़ रहा है, लेकिन कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं. अगर उन्हें उनका हिस्सा नहीं मिला, तो ऐसी हड़तालें और बढ़ सकती हैं।  दुनिया AI और टेक्नोलॉजी की बात कर रही है, लेकिन उसके पीछे काम करने वाले लाखों लोग भी हैं. अगर वही लोग काम रोक दें, तो पूरी डिजिटल दुनिया की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।  आम आदमी के लिए यह खबर सिर्फ एक कॉर्पोरेट विवाद नहीं है. इसका सीधा असर उसकी जेब पर पड़ सकता है. आने वाले महीनों में अगर गैजेट्स महंगे होते हैं या उनकी कमी होती है, तो इसकी एक बड़ी वजह यही हड़ताल हो सकती है।