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गर्मी में राहत देगा प्याज का ठंडा रायता, 5 मिनट में बनकर होगा तैयार

मई की इस झुलसाने वाली गर्मी और कड़कती धूप में दोपहर के वक्त कुछ भी भारी या मसालेदार खाने का मन नहीं करता. भारी खाना गैस की समस्या को भी दावत दे सकता है. ऐसे में दोपहर के लंच में सादे दाल-चावल या दाल-रोटी के साथ अगर कुछ ठंडा-ठंडा मिल जाए तो खाने का स्वाद और बढ़ जाता है. गर्मियों के इस हैवी लंच को लाइट और रिफ्रेशिंग बनाने का सबसे बेस्ट तरीका है प्याज का ठंडा-ठंडा रायता. दही की ठंडी तासीर पेट को अंदर से राहत देती है और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होने के कारण खाने को आसानी से पचाती है. वहीं दूसरी ओर प्याज को आयुर्वेद में लू से बचने का अच्छा तरीका माना जाता है. ऐसे में यहां हम आपको सिर्फ 5 मिनट में तैयार होने वाले इस प्याज के रायते की बेहद आसान और टेस्टी रेसिपी बता रहे हैं जो इस समर सीजन में आपको लू और डिहाइड्रेशन से कोसों दूर रखेगी. प्याज का रायता बनाने की सामग्री ताजा गाढ़ा दही – 2 कप प्याज – 1 बड़ा (बारीक कटा हुआ) हरी मिर्च – 1-2 (बारीक कटी हुई) पुदीने के पत्ते – 8-10 (बारीक कटे हुए) बारीक कटा हरा धनिया – 1 बड़ा चम्मच भुना जीरा पाउडर – 1 छोटा चम्मच काला नमक – आधा छोटा चम्मच सादा नमक – स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर या चाट मसाला – एक चुटकी (सजाने के लिए) बनाने का तरीका सबसे पहले एक बड़े मिक्सिंग बाउल में ताजा और गाढ़ा दही लें. व्हिस्कर या मथनी की मदद से दही को तब तक अच्छी तरह फेंटें जब तक कि वह एकदम स्मूद और मलाईदार न हो जाए. अगर दही बहुत ज्यादा गाढ़ा हो तो आप इसमें 2-3 चम्मच ठंडा पानी भी मिला सकते हैं. अब फेंटे हुए दही में बारीक कटा हुआ प्याज, हरी मिर्च, हरा धनिया और पुदीने के पत्ते डालें. पुदीना डालने से रायते का स्वाद और इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज दोनों बढ़ जाती हैं. इसके बाद बाउल में भुना जीरा पाउडर, काला नमक और सादा नमक डालकर सभी चीजों को चम्मच की मदद से अच्छी तरह मिक्स कर लें. तैयार रायते को कम से कम 15-20 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें ताकि यह एकदम चिल्ड हो जाए. सर्व करते समय ऊपर से एक चुटकी भुना जीरा पाउडर, लाल मिर्च पाउडर या चाट मसाला और पुदीने की पत्ती से गार्निश करें. इसे दोपहर के लंच में गरमा-गरम दाल-रोटी या बिरयानी के साथ ठंडा-ठंडा परोसें.

मोहाली में किसानों का हल्लाबोल, ट्रैक्टर मार्च से गूंजीं सड़कें; गमाडा के खिलाफ बढ़ा विरोध

मोहाली ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) द्वारा विकास कार्यों के नाम पर की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के खिलाफ इलाके के किसानों का गुस्सा भड़क गया है। पुआध इंसाफ मोर्चा की अगुवाई में आज सैकड़ों किसान अपने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ सड़कों पर उतर आए। किसानों द्वारा सरकार की भूमि अधिग्रहण की कथित मारू नीतियों के खिलाफ यह विशाल ट्रैक्टर मार्च निकाला जा रहा है, जिससे ट्राईसिटी और विशेषकर मोहाली शहर में राजनीतिक व प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। यह रोष मार्च नजदीकी गांव दैड़ी के फ्लाईओवर से जोरदार नारेबाजी के साथ शुरू हुआ। ट्रैक्टरों पर सवार किसान एयरपोर्ट रोड से होते हुए मोहाली के फेज-8 स्थित गमाडा के मुख्य दफ्तर 'पुड्डा भवन' की तरफ बढ़ रहे हैं। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए स्थानीय पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। किसान नेताओं ने दी तीखे संघर्ष की चेतावनी इस ट्रैक्टर मार्च में किसानों के हक के लिए लड़ने वाले प्रमुख संगठन 'किसान मजदूर मोर्चा' के वरिष्ठ नेता मनजीत सिंह राय और दिलबाग सिंह गिल विशेष तौर पर शामिल हुए। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने पंजाब सरकार और गमाडा प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विकास की आड़ में किसानों को उजाड़ने और बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी कीमती जमीनों का बनता उचित मुआवजा और हक नहीं दिया जा रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों की तरफ तुरंत ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में इस संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

ड्रोन सर्वे और GIS मैपिंग से बदलेगी चंडीगढ़ की तस्वीर, ‘नक्शा प्रोजेक्ट’ अंतिम चरण में

चंडीगढ़. 15 जून तक प्रशासन की ओर से शुरू किया गया नक्शा प्रोजेक्ट (नेशनल जियोस्पेशियल नालेज आधारित लैंड सर्वे आफ अर्बन हैबिटेशन्स) का काम पूरा हो जाएगा।इस पायलट प्रोजेक्ट में पांच गांव बुड़ैल, अटावा, कजहेड़ी, पलसौरा और सारंगपुर और 15 सेक्टर (सेक्टर 2 से 17) शामिल हैं। ड्रोन सर्वे पूर्ण हो चुका है तथा संपत्तियों की फील्ड वेरिफिकेशन की जा रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत इमारतों का प्रशासन की ओर से डिजिटल सर्वे किया जा रहा है ।सर्वे के दौरान अधिकृत टीमें घर-घर जाकर संपत्ति स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है। यह परियोजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा भूमि प्रशासन के आधुनिकीकरण के लिए उन्नत भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग के तहत शुरू की गई है। यह डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम पर आधारित है और ड्रोन सर्वेक्षण, उच्च-रिज़ाल्यूशन इमेजरी तथा जीआईएस मैपिंग के माध्यम से भूमि पार्सलों की सटीक सीमांकन और उन्हें प्रापर्टी का मालिकाना विवरण से जोड़ने का कार्य करती है। प्रशासन के अनुसार शहरी गांवों में अक्सर पुराने मैनुअल रिकार्ड, आपस में ओवरलैपिंग दावे और अस्पष्ट सीमाओं के कारण संपत्ति विवाद उत्पन्न होते रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद मालिकाना हक में पारदर्शिता और कानूनी स्पष्टता आएगी। अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड से संपत्ति विवाद कम होंगे तथा खरीद-फरोख्त और लीज प्रक्रियाएं तेज, सुरक्षित और धोखाधड़ी से मुक्त बनेंगी। साथ ही बैंक और वित्तीय संस्थानों को मालिकाना सत्यापन में आसानी होगी, जिससे ऋण स्वीकृति प्रक्रिया भी सरल होगी। पायलट प्राेजेक्ट के बाद बाकी शहर के अन्य एरिया का सर्वे किया जाएगा । प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 30.61 वर्ग किमी पहले सर्वे में लिए प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 30.61 वर्ग किमी है ।जिसमे एक लाख 47 हजार जनसंख्या रहती है । प्रशासन के अनुसार शहर की सभी इमारतों और उनके आकार-प्रकार का अब डिजिटल रिकार्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए 20 टीमें गठित काम कर रही है। जो कि इन सेक्टरों में आ रही है सर्वे टीम शहर की हर इमारत की तस्वीर लेगी और उसके क्षेत्रफल, ऊंचाई और उपयोग की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी। अब तक यह रिकार्ड मैनुअल तरीके से रखा जाता था जिससे विवाद और रिकॉर्ड की कमी जैसी समस्याएं सामने आती थीं। डिजिटल रिकार्ड तैयार होने के बाद किसी भी संपत्ति विवाद की पुष्टि मिनटों में हो सकेगी।प्रशासन के पास प्रत्येक इमारत का सही डेटा रहेगा।

प्याज की बदबू से पाएं छुटकारा, सेब से लेकर नींबू तक ये तरीके आएंगे काम

 खाने में प्याज का इस्तेमाल स्वाद को दोगुना कर देता है. दूसरे मौसमों की अपेक्षा गर्मी के मौसम में प्याज की खपत अधिक होती है क्योंकि ये नेचुरल तरीके से शरीर को अंदर से ठंडा करने में मदद करती है. लेकिन प्याज खाने या काटने की सबसे बड़ी समस्या ये है कि उसमें काफी तेज बदबू आती है. दरअसल, प्याज काटने और खाने के बाद उसमें मौजूद सल्फर कंपाउंड्स मुंह के जरिए फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं, जिससे सांसों से लंबे समय तक स्मेल आती रहती है. हाथों से प्याज काटते वक्त यह स्मेल स्किन में समा जाती है जो साधारण साबुन से नहीं जाती. इसे दूर करने के लिए कुछ साइंटिफिक और घरेलू तरीके बेहद कारगर हैं.   सेब का कमाल हेल्थलाइन के मुताबिक, प्याज खाने के बाद अगर आप एक सेब खाते हैं तो यह काफी मददगार होता है. सेब में मौजूद नेचुरल एंजाइम्स प्याज के सल्फर कंपाउंड्स को ब्रेक करने का काम करते हैं. यदि आप प्याज खाने की थोड़ी देर बाद सेब जैसे फल का सेवन करते हैं तो सांसों की दुर्गंध को कम करने में मदद मिल सकती है. नींबू और साइट्रस फ्रूट्स केयर फ्री डेंटल के मुताबिक, हाथों की बदबू दूर करने के लिए नींबू का रस एक बेहतरीन ऑपशन है. नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड न केवल बैक्टीरिया को मारता है बल्कि प्याज की स्मेल को भी खत्म करता है. नींबू पानी से कुल्ला करना या हाथों पर इसे रगड़ना बदबू को तुरंत कम कर सकता है. ग्रीन टी का सेवन Vinmec Health की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रीन टी में पॉलीफेनोल्स नाम के पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. ये कंपाउंड प्याज में मिलने वाले गंध पैदा करने वाले कंपाउंड्स को खत्म करने में मदद करते हैं. इसलिए खाने के बाद 1 कप गर्म ग्रीन टी पीने से मुंह की ताजगी बनी रहती है और बैक्टीरिया का असर कम होता है. स्टेनलेस स्टील और नमक क्या आप जानते हैं कि हाथों को स्टेनलेस स्टील पर रगड़ने से प्याज की गंध गायब हो जाती है. इसका कारण है कि स्टील के मॉलिक्यूल्स प्याज के सल्फर के साथ बाइंड होकर उसे स्किन से हटा देते हैं. साथ ही हाथों पर थोड़ा नमक रगड़कर धोने से भी स्मेल काफी हद तक कम हो जाती है. बेकिंग सोडा और विनेगर मुंह की स्मेल के लिए एप्पल साइडर विनेगर या बेकिंग सोडा का पानी से कुल्ला करना एक अच्छा उपाय है. यह मुंह के pH लेवल को बैलेंस करता है जिससे बैक्टीरिया नहीं पनपते. WebMD के मुताबिक, बेकिंग सोडा ओरल हाइजीन बनाए रखने और बदबू को कंट्रोल करने में काफी प्रभावी हो सकते हैं.

जिंदगी में बड़े बदलाव के संकेत: जब सब कुछ बिखरता लगे तो समझें कुछ अच्छा होने वाला है

 क्या आपको भी आजकल अपनी जिंदगी में सब कुछ बदला-बदला सा लग रहा है? कभी-कभी हमें लगता है कि चीजें बिगड़ रही हैं, लेकिन असल में वो एक बेहतर भविष्य की तैयारी होती है. अगर आप भी कुछ ऐसे ही संकेतों से गुजर रहे हैं, तो समझिए कि आपकी जिंदगी में जल्द ही कुछ बहुत बड़ा और अच्छा होने वाला है. यहां आसान संकेत दिए गए हैं जिनसे आप समझ सकते हैं कि आपकी जिंदगी में कुछ बड़ा होने वाला है. 1. पुरानी चीजों में मन न लगना कभी-कभी अचानक ऐसा लगता है कि जिन दोस्तों या आदतों के साथ आप खुश थे, अब उनके साथ आपका तालमेल नहीं बैठ रहा. इसका मतलब यह नहीं कि आप बुरे हो गए हैं, बल्कि इसका मतलब है कि आप अंदर से आगे बढ़ चुके हैं और अब आप कुछ नए की तलाश में हैं. 2. सब कुछ बिगड़ता हुआ दिखना जब आपको लगे कि आपके काम, रिश्ते या पैसा- सब कुछ बिखर रहा है, तो घबराएं नहीं. कभी-कभी पुरानी चीजें इसलिए खत्म हो जाती हैं ताकि उनकी जगह पर आप कुछ नया और बेहतर बना सकें. 3. अचानक बहुत अकेलापन महसूस होना जब आपको भीड़ में भी शांति या अकेलापन महसूस हो, तो समझ लें कि आप खुद को जानने की कोशिश कर रहे हैं. यह अकेलापन आपको कमजोर नहीं, बल्कि अंदर से मजबूत बनाने के लिए है, ताकि आप अपनी आवाज सुन सकें. 4. पुरानी गलतियां याद आना अचानक बीते समय की गलतियां बार-बार याद आने लगें, तो परेशान न हों. आपका दिमाग पुरानी बातों को साफ कर रहा है ताकि आप भविष्य में वे गलतियां न करें. यह आपको तैयार करने का एक तरीका है. 5. बिना किसी कारण घबराहट होना कभी-कभी सब कुछ ठीक होने के बावजूद मन बेचैन रहता है. यह इस बात का संकेत है कि आपकी जिंदगी में बदलाव की हवाएं चल रही हैं. जैसे तूफान से पहले शांति भंग होती है, वैसे ही बड़े बदलाव से पहले मन का बेचैन होना आम बात है.

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होंगे योगी आदित्यनाथ, CM साय ने किया स्वागत

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक में शामिल होने पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री साय ने उन्हें राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप उन्हें सम्मान दिया। बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक का आयोजन आज बस्तर में किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण बैठक में विभिन्न राज्यों के बीच समन्वय, विकास और प्रशासनिक विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच विभिन्न समसामयिक मुद्दों, राज्यों के बीच आपसी समन्वय तथा क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। बैठक में सुशासन, विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

वास्तु टिप्स: घर में लगाएं 7 दौड़ते घोड़ों की पेंटिंग, बदल सकती है किस्मत

हर कोई चाहता है कि उसका घर सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और समृद्धि से महकता रहे. इसके लिए लोग घर की सजावट से लेकर वास्तु के नियमों का खास ख्याल रखते हैं.  वास्तु शास्त्र में कई ऐसी चीजों का जिक्र है, जिन्हें घर में रखने या लगाने से सोई हुई किस्मत भी जाग उठती है. इन्हीं में से एक है—दौड़ते हुए 7 घोड़ों की पेंटिंग. वास्तु में घोड़ों को गति, शक्ति, सफलता और वफादारी का प्रतीक माना गया है.  वहीं, अंक ज्योतिष में 7 की संख्या को बेहद शुभ और सार्वभौमिक (Universal) माना जाता है (जैसे इंद्रधनुष के 7 रंग, सप्तऋषि और शादी के 7 फेरे).  मान्यता है कि घर या कार्यस्थल पर सही दिशा में लगी सात घोड़ों की तस्वीर आपकी रुकी हुई तरक्की को रफ्तार देती है.  आइए जानते हैं इस पेंटिंग को लगाने के अचूक फायदे, सही दिशा और कुछ जरूरी नियम. 1. जीवन में आती है रफ्तार और सकारात्मकता वास्तु विज्ञान के अनुसार, दौड़ते हुए घोड़े जीवन में गतिशीलता और प्रगति लाते हैं.  अगर आपके बनते हुए काम बिगड़ रहे हैं या करियर में ठहराव आ गया है, तो यह पेंटिंग घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को दूर कर सकारात्मकता का प्रवाह बढ़ाती है. यह आपके भीतर छिपे आलस्य को दूर कर लक्ष्यों के करीब लाता है. 2. पेंटिंग चुनते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान बाजार से कोई भी तस्वीर उठाने से पहले वास्तु के इन बारीक नियमों को नोट कर लें: घोड़ों का भाव: घोड़ों के चेहरे शांत और सौम्य दिखने चाहिए. कभी भी गुस्से में या आक्रामक रूप से दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर न लाएं. रंग का चुनाव: वास्तु में सफेद रंग के घोड़ों की पेंटिंग को सबसे उत्तम माना गया है.  सफेद रंग शांति, शुद्धता और मानसिक स्पष्टता का प्रतीक है. बैकग्राउंड : पेंटिंग के बैकग्राउंड में उगता हुआ सूर्य, शांत समंदर या खुला मैदान होना शुभ माना जाता है. कभी भी धूल, आंधी, तूफान या उजड़े हुए पहाड़ों वाले बैकग्राउंड की तस्वीर न खरीदें. छवि: ध्यान रहे कि तस्वीर में सभी 7 घोड़े पूरी तरह साफ दिखाई दे रहे हों. किसी भी घोड़े की पैर या पूंछ कटी हुई नहीं होनी चाहिए. 3. किस दिशा में लगाने से चमकेगी किस्मत? तस्वीर का पूरा लाभ तभी मिलता है जब उसे सही दीवार पर टांगा जाए: दक्षिण दिशा (South Wall): यदि आप समाज में नाम, शोहरत, प्रसिद्धि और करियर में सफलता चाहते हैं, तो इस पेंटिंग को दक्षिण दिशा की दीवार पर लगाएं. वास्तु में इसे सफलता की दिशा माना गया है. उत्तर दिशा (North Wall): अगर आप व्यापार में उन्नति, नई नौकरियों के अवसर और धन लाभ चाहते हैं, तो उत्तर दिशा की दीवार पर इसे लगाना अच्छा रहेगा. पूर्व दिशा (East Wall): जीवन में नई शुरुआत, मान-सम्मान और बच्चों की प्रगति के लिए इसे पूर्व दिशा की दीवार पर लगाया जा सकता है. दौड़ का रुख: सबसे जरूरी बात यह है कि घोड़ों के दौड़ने का रुख हमेशा घर के अंदर की तरफ होना चाहिए, बाहर की तरफ नहीं. अगर घोड़े बाहर की तरफ दौड़ते दिखेंगे, तो घर की लक्ष्मी और समृद्धि बाहर जा सकती है. 4. भूलकर भी इन जगहों पर न लगाएं तस्वीर इस पेंटिंग को कभी भी अपने शयनकक्ष (Bedroom) में न लगाएं. घोड़ों की तीव्र ऊर्जा से आपकी नींद प्रभावित हो सकती है और वैवाहिक जीवन में तनाव आ सकता है. घर के मुख्य द्वार (Main Gate) के ठीक सामने या खिड़की के पास इसे लगाने से बचें. पूजा घर (Temple), रसोई (Kitchen) और शौचालय (Bathroom) की दीवारों पर भी इस पेंटिंग को लगाना वर्जित माना गया है. फेंगशुई और चीनी वास्तु से कनेक्शन भारतीय वास्तु शास्त्र की तरह ही चीनी वास्तु विज्ञान यानी फेंगशुई (Feng Shui) में भी घोड़ों का बहुत बड़ा महत्व है. फेंगशुई के मुताबिक, घोड़े यांग (Yang) ऊर्जा यानी सक्रियता और अग्नि तत्व का प्रतिनिधित्व करते हैं. चीनी मान्यता के अनुसार, 7 घोड़ों की तस्वीर को मुख्य रूप से लिविंग रूम या ऑफिस के रिसेप्शन पर लगाने से यांग ऊर्जा सक्रिय होती है, जिससे बिजनेस में आ रहे वित्तीय जोखिम (Financial Risks) कम होते हैं और टीम वर्क में मजबूती आती है.  

सेहत के लिए साथ आएं सभी दल, सुखना लेक पर CM सैनी ने विपक्ष से भी की अपील

चंडीगढ़. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए विशेष सहयोग के आह्वान का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक अनूठी पहल करते हुए साइकिल से सफर तय किया और जनता के बीच 'स्वस्थ भारत, स्वस्थ हरियाणा' का संदेश दिया। मुख्यमंत्री सैनी सुबह-सुबह चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना लेक पहुंचे। वहां उन्होंने न केवल मॉर्निंग वॉक की, बल्कि सैर पर आए आम नागरिकों और युवाओं से मुलाकात भी की। मुख्यमंत्री ने लोगों से बातचीत करते हुए उन्हें स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। विपक्ष से भी मिलकर साथ आने की अपील इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की है। उन्होंने विपक्ष को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के इस राष्ट्रव्यापी आह्वान पर विपक्ष को भी राजनीति से ऊपर उठकर जनता के साथ मिलकर 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने में साथ आना चाहिए। हरियाणा सरकार ने जारी की SOP मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए कहा, "हरियाणा में भी हमने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार अपनी राज्य सरकार के स्तर पर SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी कर दी है।" पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अब वर्चुअल मीटिंग के साथ-साथ 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) जैसे विकल्पों को भी अपनाने का फैसला किया है, जिससे यातायात और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।

ईरान-अमेरिका तनाव और गहरा, 14 मांगों पर ट्रंप का साफ इनकार; युद्धविराम पर संकट

वाशिंगटन ईरान-अमेरिका के युद्ध में अब तक लग रहा था कि जल्दी ही दोनों पक्ष फिर से भिड़ जाएंगे. अमेरिका की ओर से लगातार धमकियां आ रही थीं, तो ईरान भी कभी चुप नहीं बैठा. ऐसे में माना जा रहा था कि 24-48 घंटों के भीतर ही खाड़ी फिर जल उठेगी. हालांकि अब थोड़ी राहत की खबर ये आई है कि कम से कम अमेरिका आगे के हमलों को टालने की योजना बना चुका है. पहले से ही दुनियाभर में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है, इस बीच ये खबर थोड़ी राहत जरूर देगी।  मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर प्रस्तावित हमला फिलहाल टाल दिया है. उनके मुताबिक कतर, सऊदी अरब और UAE के अनुरोध पर यह फैसला लिया गया. ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अब ईरान के साथ गंभीर बातचीत चल रही है. वहीं ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने साफ कहा कि बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं है. उन्होंने कहा कि तेहरान सम्मान, ताकत और अपने राष्ट्रीय अधिकारों की रक्षा करते हुए वार्ता में शामिल हुआ है।  अब तक ईरान युद्ध में क्या-क्या हुआ?     इस बीच इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष जारी है. अमेरिका की मध्यस्थता से युद्धविराम बढ़ाए जाने के बावजूद सोमवार को इजरायली हमलों में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों और सैन्य कार्रवाई में 3020 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 9273 लोग घायल हुए हैं।      उधर गाजा के लिए राहत सामग्री ले जा रहे जहाजों को रोकने को लेकर भी इजरायल की आलोचना बढ़ रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायली बलों ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में गाजा सहायता बेड़े के कई जहाजों को रोक लिया. बताया जा रहा है कि करीब 47 नौकाओं को कब्जे में लिया गया और सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।      इस कार्रवाई के बाद कई देशों और मानवाधिकार संगठनों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सहायता जहाजों को रोकना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन हो सकता है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, ईरान-अमेरिका वार्ता, लेबनान में जारी हमले और गाजा सहायता बेड़े को लेकर विवाद ने पूरे क्षेत्र को फिर से बड़े संकट के मुहाने पर ला खड़ा किया है।  ईरान ट्रंप-नेतन्याहू के सिर पर रखेगा इनाम पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर शांति वार्ता अभी भी अटकी हुई है। इस बीच ईरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर इनाम घोषित करने पर विचार कर रहा है. द टेलीग्राफ यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की संसद एक ऐसे बिल पर वोटिंग की तैयारी कर रही है, जिसमें ट्रंप और नेतन्याहू की हत्या करने वाले व्यक्ति को इनाम देने का प्रस्ताव रखा गया है।   बार-बार शर्तें बदलने से समझौते में आ रही दिक्कत ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघेई ने कहा कि पाकिस्तान ने ईरान की चिंताओं को अमेरिका तक पहुंचाया है. वहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष खत्म करने के लिए ईरान का नया संशोधित प्रस्ताव वॉशिंगटन को सौंपा है. एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा कि दोनों देश बार-बार अपनी शर्तें और मांगें बदल रहे हैं, जिससे समझौता करना मुश्किल हो रहा है।  ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियां हटाएगा अमेरिका ईरान की समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक अमेरिका ने बातचीत के दौरान ईरान के तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में राहत देने पर सहमति जताई है. यह राहत ईरान की बड़ी मांगों में शामिल थी ताकि वह शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर राजी हो सके. हालांकि अमेरिका ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम समझौता होने तक यह छूट लागू रह सकती है. वहीं पाकिस्तान ने ईरान की ओर से तैयार किया गया नया प्रस्ताव अमेरिका को सौंपा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रस्ताव मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए है. एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा कि हमारे पास ज्यादा समय नहीं है और यह भी कहा कि दोनों देश बार-बार अपनी शर्तें बदल रहे हैं।   

भिखारी ठाकुर के नाम पर संग्रहालय की तैयारी, बिहार की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा

पटना बिहार में राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय स्थापित करने की तैयारी सरकार के स्तर पर चल रही है। साथ ही भोजपुरी के शेक्सपीयर भिखारी ठाकुर के नाम से संग्रहालय भी बनाने की तैयारी है। सम्राट चौधरी सरकार के कला संस्कृति विभाग ने दोनों ही प्रस्तावों को जमीन पर उतारने का मन बना लिया है। कला विश्वविद्यालय की योजना जमीन पर उतरी तो बिहार इस उपलब्धि को पाने वाला देश का 17वां राज्य बन जाएगा। दिल्ली, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे कला उन्नत प्रदेशों में पहले से ही इस तरह के कला विषयक विश्वविद्यालय हैं। गौरतलब है कि बिहार में चाक्षुष कला (फाइन आटर्स) की पढ़ाई तो पटना आर्ट कॉलेज में स्नातक स्तर तक की होती है, लेकिन प्रदर्श (मंचीय कला) आटर्स के शिक्षण के लिए कोई कॉलेज या विश्वविद्यालय नहीं है। शहनाई के जादूगर को समर्पित बिस्मिल्लाह खान महाविद्यालय भी अभी जमीन पर उतरना बाकी है। ऐसे में कला संस्कृति विभाग ने राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय खोलने का सैद्धांतिक निर्णय ले लिया है। जल्द ही विभाग प्रस्ताव बनाकर शीर्षस्तर पर इसकी मंजूरी लेने की पहल करेगा। कला संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी ने सोमवार को हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय में सभी संबंधित विषयों और कलाओं के विशेषज्ञ और शिक्षक होंगे, ताकि यहां पर कलाकार रंगमंच, नृत्य और संगीत तथा इनकी उपविधाओं में विधिवत प्रशिक्षित होकर डिग्री पा सकें । उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर का होगा, जिससे विभिन्न राज्यों के विद्यार्थी भी यहां आकर उच्च कोटि की शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे। बिहार में कला के क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। ऐसे में यहां विश्वविद्यालय स्थापित होने से यहां की प्रतिभाओं को उचित सम्मान और पहचान मिलेगी। चुनौतियां भी कम नहीं राष्ट्रीय कला विवि खोलने की राह में कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है। खासतौर से सुयोग्य प्रशिक्षक और कला की समझ रखने वाले प्रशासक की तलाश आसान नहीं होगी। कला विश्वविद्यालय के फायदे कला संस्कृति मंत्री डॉक्टर प्रमोद चंद्रवंशी ने कहा कि राष्ट्रीय कला विश्वविद्यालय स्थापित होने से कलाकारों का पलायन थमेगा। राज्य की कला प्रतिभा अपने यहां ही विकसित होगी। हमारी कलाओं का संरक्षण होगा। दूसरे राज्य से भी कला विद्यार्थी प्रदेश में शिक्षा ग्रहण करने आएंगे तो बिहार की ब्रांडिंग भी होगी। रंगमंच, नृत्य और संगीत में उच्चशिक्षा के लिए फिलहाल बिहार के कलाकार दूसरे राज्यों के विश्वविद्यालयों पर आश्रित हैं। केवल संगीत और नृत्य में हर साल हजारों बच्चे यूपी और हरियाणा समेत अन्य राज्यों के बोर्ड से परीक्षा देते हैं और राज्य का अच्छा-खासा पैसा बाहर जाता है। रंगमंच में भी लम्बे समय से राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की तर्ज पर ड्रामा स्कूल खोलने की मांग उठती रही है। नए विश्वविद्यालय के खुलने से रंगमंच समेत तीनों विधाओं में कलाकारों का विस्थापन रुकेगा।