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25 मई से गर्मी की छुट्टियां, उससे पहले हरियाणा स्कूलों में लागू होंगे नए नियम

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने राज्य में बढ़ती गर्मी को देखते हुए छह दिन पहले स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया है। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी विद्यालयों के पाठ्यक्रम में श्रमदान को अनिवार्य घोषित कर दिया। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों में अनुशासन, सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। चंडीगढ़ में शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा राज्य के विभिन्न स्कूलों के दौरे पर गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की। महीपाल ढांडा के सुझाव पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निर्देश दिए कि शिक्षक कक्षा में मोबाइल फोन लेकर नहीं जाएंगे। शिक्षकों के मोबाइल विद्यालय में प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे शिक्षकों के मोबाइल विद्यालय में प्रधानाचार्य कक्ष में जमा रहेंगे तथा शिक्षण कार्य के दौरान मोबाइल के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके। विद्यालयों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने खेल अवधि को अनिवार्य रूप से प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा उसकी समुचित योजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालय ऐसा वातावरण विकसित करें, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रत्येक कक्षा बेहतर सीखने का अनुभव प्रदान करती हुई महसूस हो। मुख्यमंत्री ने विद्यालय परिसरों में बागवानी और पौधारोपण कार्य का सर्वेक्षण करने तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण और रखरखाव को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और बेहतर शैक्षणिक परिणामों पर विशेष ध्यान देने को कहा है।

यूपी रोडवेज बसों की लाइव ट्रैकिंग से यात्रियों का सफर हुआ ज्यादा सुरक्षित

उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों की लाइव ट्रैकिंग से सुरक्षित बनाया जा रहा यात्रियों का सफर प्रतिदिन 16 लाख से ज्यादा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार निगम की 13,500 से अधिक बसों को वीएलटीडी से जोड़ा गया बस के साथ ही ड्राइवरों की हर गतिविधि की हो रही कमांड सेंटर से निगरानी मार्गदर्शी पोर्टल पर यात्री भी बसों की देख पा रहे लाइव लोकेशन लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास करती आ रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) यात्रियों को सुरक्षित, सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए बड़े पैमाने पर नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। यूपीएसआरटीसी की लगभग सभी बसों की लाइव ट्रैकिंग हो रही है, ताकि प्रतिदिन इन बसों में सफर करने वाले 16 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके। यूपीएसआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए 13,500 से अधिक बसों को व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) से जोड़ा जा चुका है। इसकी ट्रैकिंग लखनऊ स्थित मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से हो रही है। बस ड्राइवरों की जवाबदेही भी तय की गई उन्होंने बताया कि इन बसों में प्रतिदिन 16 लाख से अधिक लोग यात्रा कर रहे हैं। बसों की ट्रैकिंग के लिए हर रोज 24 घंटे मुख्यालय का कमांड सेंटर और 20 रीजनल मॉनिटरिंग सेंटर एक्टिव रहते हैं। यहां से बस की ओवर स्पीड, तेज ब्रेक लगाने, तेज गति में बस मोड़ने, तय सीमा से अधिक रफ्तार पर बस चलाने, तय रूट समेत अन्य पर नजर रखी जा रही है। इसकी मुख्यालय से रोज रिपोर्ट तैयार होती है और गलती पाए जाने पर बस ड्राइवर को चेतावनी या कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इससे प्रदेश में दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा रही है। पैनिक बटन दबाते ही एक्शन शुरू लाइव ट्रैकिंग के साथ इन बसों में हादसे या आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन भी लगाए गए हैं। इनका इस्तेमाल होते ही अलर्ट यूपीएसआरटीसी कमांड सेंटर के साथ यूपी पुलिस के कंट्रोल रूम को भी जाता है। इसके बाद फौरन कंडक्टर से संबंधित विभागों द्वारा बात कर उचित एक्शन लिया जाता है। यूपीएसआरटीसी के मुताबिक हर रोज 5 हजार से अधिक अलर्ट आते हैं। जरूरत के हिसाब से मदद उपलब्ध कराई जाती है। पोर्टल और वेबसाइपट के जरिए यात्रियों को सुविधा यूपीएसआरटीसी के मार्गदर्शी पोर्टल और निगम की वेबसाइपट पर ट्रैक माई बस के जरिए यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। यात्री बस की लोकेशन कहीं से भी लाइव देख सकते हैं।

ईमेल से मिली धमकी, चंडीगढ़ के स्कूल और हरियाणा CMO निशाने पर, अंबाला-दिल्ली ट्रैक पर ब्लास्ट की बात

चंडीगढ़. चंडीगढ़ के कई स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ई-मेल में स्कूलों में बम धमाके की चेतावनी दी गई है। ई-मेल में चंडीगढ़ के स्कूलों के साथ-साथ हरियाणा मुख्यमंत्री कार्यालय का भी उल्लेख किया गया है। धमकी मिलने के बाद पुलिस, साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। ई-मेल में कुछ आपत्तिजनक और भड़काऊ संदेश भी लिखे गए हैं। मेल में 6 जून 2026 तक अंबाला से दिल्ली रेल ट्रैक पर आईईडी धमाकों की धमकी का भी जिक्र किया गया है। धमकी मिलने के बाद बढ़ाई गई सुरक्षा प्राथमिक जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा ई-मेल कई स्कूलों को भेजा गया था। जिन स्कूलों को धमकी मिली उनमें सेक्रेड हार्ट स्कूल, संत कबीर स्कूल, भवन विद्यालय, सेंट स्टीफंस स्कूल सेक्टर-45, सेंट जॉन्स स्कूल सेक्टर-26, चितकारा इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-25 और बीपीएस स्कूल सेक्टर-40 शामिल हैं। धमकी मिलने के बाद संबंधित स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने स्कूल परिसरों की गहन जांच की। फिलहाल किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ई-मेल की उत्पत्ति और भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है। सुरक्षा एजेंसियां मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। वहीं, प्रशासन ने अभिभावकों और लोगों से अफवाहों से बचने और शांति बनाए रखने की अपील की है।

गर्मी में पेट के लिए रामबाण: चुकंदर-राई कांजी बनाने की आसान रेसिपी

 उत्तर भारत में चिलचिलाती गर्मी दस्तक दे चुकी है और तेज धूप और लू कहर बनकर लोगों को सता रही है. इस मौसम में अक्सर हमारा पेट सुस्त पड़ जाता है, भूख कम लगती है और कुछ ठंडा-खट्टा पीने का मन करता है. आज के समय में लोग पेट को ठीक रखने के लिए बाजार के महंगे प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स या डिब्बाबंद जूस की तरफ भागते हैं, मगर हमारी रसोई में छुपा एक पुराना खजाना आपकी इस समस्या का रामबाण इलाज है. रसोई में मौजूद कुछ चीजें पेट से जुड़ी बीमारियोंं में बहुत असरदार साबित होती हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. गर्मी में शरबत, जूस के अलावा कांजी भी लोग खूब पीते हैं, लेकिन इस गर्मी आप चुकंदर-राई की कांजी ट्राई कीजिए. यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है, बल्कि दादी-नानी के जमाने का एक ऐसा पारंपरिक अमृत है, जो टेस्ट में जितना चटपटा है, सेहत के लिए उतना ही वरदान. आइए जानते हैं चुकंदर और राई के पोषण से भरपूर इस देसी प्रोबायोटिक ड्रिंक को बनाने का आसान तरीका. चुकंदर-राई कांजी के लिए आपको यह सारी चीजें लेनी हैं.     काली राई : 2 बड़े चम्मच     पीली सरसों : 1 बड़ा चम्मच     गाजर (लंबे टुकड़ों में कटी हुई): 1 कप     चुकंदर (लंबे टुकड़ों में कटा हुआ): 1 कप     हरी मिर्च: 2 (स्वादानुसार)     हींग: एक चुटकी     काला नमक: 1 ½ छोटा चम्मच     सादा नमक: स्वादानुसार     पानी: 4 कप     सर्विंग के लिए: 2 बड़े चम्मच खारी बूंदी और कुछ ताजी पुदीने की पत्तियां कांजी बनाने का आसान तरीका कांजी बनाने की असली खूबसूरती इसके फर्मेंटेशन में है, अगर आप घर पर देसी स्टाइल में राई वाली कांजी बनाना चाहते हैं तो इन स्टेप्स को जरूर फॉलो करें. मसाला तैयार करें: सबसे पहले काली राई और पीली सरसों को मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें. इसका बारीक पाउडर नहीं बनाना है, क्योंकि दरदरा टेक्सचर ही इसे असली स्वाद देता है. पानी गुनगुना करें: पानी को अच्छी तरह उबाल लें और फिर उसे थोड़ा ठंडा होने दें. पानी गर्म होना चाहिए, लेकिन खौलता हुआ नहीं. जार में सामग्री मिलाएं: एक कांच के साफ और सूखे जार में कटी हुई गाजर, चुकंदर, हरी मिर्च, हींग, काला नमक, सादा नमक और पिसी हुई राई-सरसों का पाउडर डालें. फर्मेंटेशन की शुरुआत: अब इस जार में गुनगुना पानी डालें और चम्मच से अच्छी तरह मिला लें. जार के मुंह को एक साफ मलमल के कपड़े से बांध दें. धूप का जादू: इस जार को दो दिनों के लिए तेज धूप में रख दें. धूप की गर्मी से राई एक्टिव होगी और पानी में खट्टापन आना शुरू होगा. देखभाल: इन दो दिनों के दौरान रोजाना जार को एक बार हिलाएं और अगर ऊपर कोई सफेद झाग या परत दिखे, तो उसे साफ चम्मच से हटा दें. सर्विंग: 2 दिन बाद कांजी का कलर गहरा गुलाबी हो जाएगा और इसमें से एक तीखी-खट्टी खुशबू आने लगेगी. अब इसे फ्रिज में रखकर ठंडा करें, सर्व करते समय ऊपर से कुरकुरी खारी बूंदी और पुदीने की पत्तियां डालें.

संजय निषाद बोले: तुष्टिकरण करते रहे तो जिस तरह बंगाल में दीदी साफ हुईं, उसी तरह सपा साफ हो जाएगी

मुगलों द्वारा लाए गए धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता, अखिलेश पर संजय निषाद का तीखा हमला संजय निषाद बोले: तुष्टिकरण करते रहे तो जिस तरह बंगाल में दीदी साफ हुईं, उसी तरह सपा साफ हो जाएगी फूलन देवी ने आरक्षण मांगा था तो पार्टी से बाहर कर दी गई थीं, वह मार भी दी गईं: संजय निषाद लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। निषाद ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पिछड़ों का हक मारकर मुगलों द्वारा लाए गए धर्म को आरक्षण देना चाहते हैं। निषाद ने जोर देते हुए कहा कि संविधान सभा ने भी ऐसा करने से मना कर दिया था। संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस ने पीडीए के एजेंडे की पोल खोल दी है। पिछड़ों के अधिकारों पर डांका डालने का काम किया गया है। उन्होंने कहा, 'जब संविधान सभा की बैठक हुई और जब संविधान सभा में आरक्षण की बात आई, उस समय धर्म के आधार पर इसको देना मना कर दिया था क्योंकि जो भारतीय धर्म हैं भारतीय सभ्यता है, उस पर मुगलों ने आक्रमण किया। भारत के ऊपर अंग्रेजों ने आक्रमण किया। तो मुगलों के द्वारा लाए गए धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। भीम राव अंबेडकर ने भी इसका विरोध किया था। ' सपा और इंडी गठबंधन पर साधा निशाना संजय निषाद ने सपा और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘इन लोगों ने जस्टिस रंगनाथ मिश्र कमेटी बनाकर ओबीसी आरक्षण में से हिस्सा काटकर मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास किया था। आंध्र प्रदेश में इनकी दोस्त कांग्रेस ने मुसलमानों को ओबीसी आरक्षण दिया। कर्नाटक में मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल कर पिछड़ों के अधिकारों को कमजोर किया।’ पश्चिम बंगाल का जिक्र पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए निषाद ने कहा,  ‘पश्चिम बंगाल में 118 मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल करके वर्षों तक पिछड़ों के हक पर डकैती डाली। कोलकाता हाई कोर्ट ने इस असंवैधानिक कदम को रद्द किया। जिस तरीके से वहां पिछड़ों के हक पर डकैती डाली गई। उनका आरक्षण मुसलमानों को दिया गया। वहां के लोग एक हुए और वहां की सरकार को हटा दिया।’ निषाद ने कहा ने आगे कहा, ‘यहां पर (यूपी में) भी इंडी गठबंधन मुसलमानों की आवाज तो उठाता है, लेकिन देश को आजाद कराने वाली पिछड़ी और उजड़ी जातियों की आवाज नहीं उठाता। समाजवादी पार्टी का अगर यही रवैया रहा तो जिस तरीके से बंगाल में दीदी साफ हुईं, उसी तरीके सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा।’ निषाद ने किया फूलन देवी का जिक्र संजय निषाद ने यह भी कहा कि अन्य जातियों के नेता यह भी सोचें कि उन्हें सपा के समय में क्या मिला? फूलन देवी ने जैसे ही आरक्षण की बात की, किसानों के हक की बात की, उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। बाद में वह मारी भी गईं। आप इस अन्याय को समझ सकते हैं। ओबीसी की किसी भी जाति के साथ अन्याय नहीं होगा, ये हमारे एनडीए का संकल्प है। ****

जून 2026 में बनेगा ग्रहों का महासंयोग, कई राशियों की बदलेगी किस्मत

 साल 2026 का छठा महीना यानी जून, ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद ऐतिहासिक और चमत्कारी रहने वाला है. इस महीने ब्रह्मांड में ग्रहों की एक ऐसी दुर्लभ जुगलबंदी होने जा रही है, जो कई राशियों की बंद किस्मत के ताले खोल सकती है. जून के महीने में देवगुरु बृहस्पति, धन के दाता शुक्र, ग्रहों के राजा सूर्य, ऊर्जा के कारक मंगल और बुद्धि के प्रदाता बुध का बड़ा गोचर होने जा रहा है. ग्रहों के इस महापरिवर्तन से इस महीने गजलक्ष्मी योग, हंस राजयोग और रूचक राजयोग जैसे 3 सबसे शक्तिशाली और शुभ योगों का निर्माण होगा. इन राजयोगों के प्रभाव से कुछ राशियों को करियर में छप्परफाड़ सफलता, नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में तगड़ा मुनाफा और अचानक धन लाभ होने के प्रबल संकेत हैं. आइए जानते हैं ग्रहों के इस बड़े फेरबदल का मेष से लेकर कर्क राशि तक पर क्या असर पड़ने वाला है. 1. मेष राशि (Aries) – संभलकर चलने का समय मेष राशि वालों के लिए जून 2026 का महीना मिलाजुला रहने वाला है. राहु और केतु की स्थिति के कारण आपके स्वभाव में थोड़ा चिड़चिड़ापन या गुस्सा बढ़ सकता है, जिससे बचने की जरूरत है.  हालांकि, इस दौरान आपका रुझान आध्यात्मिकता और धार्मिक कार्यों की तरफ ज्यादा रहेगा. करियर और बिजनेस: कार्यक्षेत्र में काम का दबाव थोड़ा बढ़ सकता है. मेहनत का पूरा फल मिलने में कुछ देरी हो सकती है, इसलिए सीनियर्स और सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर रखें. आर्थिक स्थिति: धन के मामले में हाथ थोड़ा खींचकर चलना होगा. अचानक कुछ बड़े खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट बिगड़ सकता है. फिजूलखर्ची से बचें. लव और फैमिली: पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर बहस हो सकती है.  रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए धैर्य रखें. परिवार में भी शांत रहकर बातचीत करें. सेहत: मानसिक तनाव, आंखों में जलन या कमजोरी की समस्या हो सकती है. फिट रहने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें. 2. वृषभ राशि (Taurus) – चमकेगी किस्मत, होगा बड़ा लाभ वृषभ राशि के जातकों के लिए जून का महीना बेहद सकारात्मक और तरक्की लेकर आने वाला साबित होगा. शनि और देवगुरु बृहस्पति की शुभ स्थिति आपके जीवन में कई बड़े और अच्छे बदलाव लेकर आएगी. करियर और बिजनेस: नौकरीपेशा लोगों को इस महीने करियर के नए और बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं. वहीं, व्यापारियों के लिए कोई बड़ी और फायदेमंद डील फाइनल हो सकती है. काम के सिलसिले में की गई यात्राएं लाभ देंगी. आर्थिक स्थिति: आर्थिक रूप से यह समय शानदार है. अचानक धन लाभ होने और बचत बढ़ने के मजबूत योग हैं, हालांकि घरेलू सुख-सुविधाओं पर कुछ खर्च भी हो सकता है. लव और फैमिली: प्रेम और वैवाहिक जीवन में खुशियां ही खुशियां रहेंगी. पार्टनर के साथ आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा. पारिवारिक माहौल भी बेहद खुशनुमा और सपोर्टिव रहेगा. सेहत: इस महीने आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा. सेहत अच्छी रहेगी, बस खानपान को संतुलित रखें. 3. मिथुन राशि (Gemini) – तरक्की के साथ बढ़ेगा मान-सम्मान मिथुन राशि वालों के लिए जून 2026 का महीना काफी हद तक अनुकूल रहेगा. हालांकि काम की व्यस्तता बढ़ेगी, लेकिन बुध देव की शुभ कृपा से आपकी निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास में गजब का सुधार देखने को मिलेगा. करियर और बिजनेस: कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. बिजनेस में भी नए रास्ते खुलेंगे, लेकिन मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें. आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. पुराने किए गए किसी निवेश या पैतृक संपत्ति से बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है. घर की जरूरतों पर खर्च बढ़ सकता है. लव और फैमिली: पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे, लेकिन अहंकार और गुस्से से दूरी बनाकर रखना बेहद जरूरी है, वरना हंसता-खेलता माहौल बिगड़ सकता है. परिवार में कुछ मतभेद हो सकते हैं, जिन्हें आप समझदारी से सुलझा लेंगे. सेहत: काम की अधिकता के कारण कंधे, गर्दन या पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है. योग और नियमित व्यायाम से शरीर को आराम दें.

सऊदी ग्रैंड प्रिक्स में छत्तीसगढ़ के अनिमेष का कमाल, दो पदक जीतकर बढ़ाया देश का मान

रायपुर. छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजुर ने सऊदी अरब में आयोजित सऊदी ग्रैंड प्रिक्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए हैं। अनिमेष ने 200 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया, जबकि 100 मीटर स्पर्धा में उन्होंने रजत पदक हासिल किया। अनिमेष कुजुर इससे पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन कर चुके हैं। वे वर्तमान में 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ में राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक भी हैं। उनकी इस उपलब्धि से छत्तीसगढ़ के खेल जगत में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों और एथलेटिक्स से जुड़े लोगों ने इसे प्रदेश के लिए गर्व का क्षण बताया है। खेल पदाधिकारियों और प्रशिक्षकों ने दी बधाई सऊदी ग्रैंड प्रिक्स में शानदार प्रदर्शन के बाद एथलेटिक्स संघ से जुड़े पदाधिकारियों, प्रशिक्षकों और खेल प्रेमियों ने अनिमेष कुजुर को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

नौतपा 2026: 25 मई से 2 जून तक धन और समृद्धि बढ़ाने के 5 वास्तु उपाय

 नौतपा यानी साल के वो 9 दिन जब सूरज देवता अपने सबसे कड़े रूप में होते हैं, जिससे सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में आते हैं, तब नौतपा शुरू होता है. साल 2026 में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो रही है और इसका समापन 2 जून को होगा. वास्तु शास्त्र कहता है कि इन 9 दिनों में भारी गर्मी के कारण घर में अग्नि तत्व बहुत बढ़ जाता है, जिससे धन का प्रवाह रुक सकता है , इससे आर्थिक नुकसान होने का खतरा भी बढ़ता है. अगर हम इस दौरान पैसों और समृद्धि से जुड़े वास्तु के कुछ छोटे उपाय कर लें, तो घर में सालभर धन-दौलत की कमी नहीं होगी. आइए जानते हैं वो 5 चमत्कारी उपाय: 1. उत्तर दिशा में मटका गर्मियों में मटके का पानी पीना सेहत के लिए तो अच्छा है ही, लेकिन यह आपकी तिजोरी को भरने का भी सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है. धन लाभ: उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है. इस दिशा में भरा हुआ मटका रखने से कुबेर देव प्रसन्न होते हैं, जिससे पैसों की तंगी तुरंत कम हो सकती है, आय के नए स्रोत बनते हैं. ध्यान रहे, मटका कभी खाली न रहने दें, क्योंकि खाली मटका आर्थिक नुकसान का प्रतीक है. 2. मुख्य द्वार पर जल नौतपा के दिनों में सुबह उठते ही घर के मेन गेट (मुख्य द्वार) की सफाई करके वहां तांबे के लोटे से थोड़ा सा पानी छिड़कें. धन लाभ: बाहर की भारी गर्मी के साथ जो कंगाली और नकारात्मक ऊर्जा घर की तरफ आती है, पानी छिड़कने से वह वहीं शांत हो जाती है.  वास्तु के अनुसार, साफ-सुथरे और जल से सिंचित मुख्य द्वार से ही मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं, जिससे धन का आगमन होता है. 3. पक्षियों के लिए पानी इस झुलसाने वाली गर्मी में बेजुबान पक्षियों और जानवरों को पानी पिलाना पुण्य के साथ-साथ आपके करियर और बिजनेस के लिए भी फायदेमंद है. क्या करें: अपनी छत या बालकनी के उत्तर-पूर्व कोने में मिट्टी के बर्तन में साफ पानी और दाना रखें. धन लाभ: वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, पक्षियों की प्यास बुझाने से कुंडली के वो ग्रह (जैसे राहु-केतु और शनि) शांत होते हैं जो धन लाभ में रुकावट डालते हैं.  इससे फंसा हुआ पैसा वापस मिलता है और व्यापार में आ रही मंदी दूर होती है. 4. हल्के रंगों का इस्तेमाल रोकेगा फिजूलखर्ची नौतपा के दौरान घर की अंदरूनी सजावट का सीधा असर आपकी मानसिक शांति और आर्थिक फैसलों पर पड़ता है. क्या करें: बेडरूम या लिविंग रूम में गहरे रंग के पर्दों या चादरों की जगह हल्के रंगों (जैसे- सफेद, क्रीम, हल्का नीला या लाइट ग्रीन) का इस्तेमाल करें. धन लाभ: गहरे रंग गर्मी और तनाव बढ़ाते हैं,  हल्के रंग घर के माहौल को शांत रखते हैं. 5. हरे-भरे पौधे घर के अंदर सही पौधों का चुनाव आपके बैंक बैलेंस को बढ़ा सकता है. क्या करें: घर के अंदर मनी प्लांट, एलोवेरा या स्नेक प्लांट जैसे इनडोर पौधे जरूर रखें. धन लाभ: वास्तु में मनी प्लांट और इनडोर पौधों को बुध ग्रह और धन से जोड़कर देखा जाता है.  नौतपा की गर्म हवाओं के बीच ये पौधे घर में पॉजिटिव एनर्जी और ऑक्सीजन का लेवल बनाए रखते हैं. जितना ज्यादा ये पौधे हरे-भरे रहेंगे, घर में पैसों का प्रवाह (Cash Flow) उतना ही तेज होगा. पैसों की तंगी दूर करने की सबसे जरूरी बात: नौतपा के इन 9 दिनों में घर के उत्तर-पूर्व कोने (ईशान कोण) को हमेशा साफ-सुथरा रखें.  वहां कोई भी कबाड़, टूटे-फूटे बर्तन या भारी सामान भूलकर भी न रखें.  इस दिशा को साफ रखने से धन और समृद्धि की सकारात्मक ऊर्जा बिना किसी रुकावट के आपके घर में प्रवेश कर पाती है.

डिवाइडर का होगा कलात्मक विकास, लगाई जाएंगी थिमेटिक प्रतिमाएं

नई आभा से निखरेंगे गोरखपुर के मुख्य मार्ग, होगा सौंदर्यीकरण डिवाइडर का होगा कलात्मक विकास, लगाई जाएंगी थिमेटिक प्रतिमाएं कहीं वाद्य यंत्र, राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह तो कहीं योग की मुद्राओं की तर्ज पर संवारे जाएंगे डिवाइडर सैलानियों के मन में रच-बस जाएगी विकसित गोरखपुर की सुंदर छवि गोरखपुर  स्मार्ट सिटी गोरखपुर में सड़कों को चौड़ा करने के बाद योगी सरकार उनके सौंदर्य को निखारने की पहल कर रही है। गोरखपुर के मुख्य मार्ग अब नई आभा से निखर उठेंगे। इसके लिए मुख्य मार्गों के डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं की स्थापना कर उनका कलात्मक विकास किया जाएगा। इस नए प्रोजेक्ट का उद्देश्य राहगीरों और सैलानियों के मन में गोरखपुर की छवि को अविस्मरणीय बनाना है। मुख्य मार्गों के डिवाइडर के कलात्मक विकास की परियोजना को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर मूर्त रूप दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष किया जा चुका है और नगर निगम बोर्ड में इस संबंध में प्रस्ताव पारित होने के बाद अब काम शुरू होने जा रहा है। एक माह में परियोजना आकार लेने लगेगी। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव बताते हैं कि गोरखपुर के मार्गों पर बने डिवाइडर का सौंदर्य अब केवल हरियाली तक सीमित नहीं रहेगा। अब उन्हें कलात्मक और सांस्कृतिक पहचान भी मिलेगी। डिवाइडर को थिमेटिक सांस्कृतिक रूप देने के लिए कहीं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह और वाद्य यंत्रों की आकृतियां दिखाई देंगी तो कहीं योग मुद्राओं की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनेंगी। इसके जरिये गोरखपुर शहर को आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति तथा परंपरा से जोड़ा जाएगा। महापौर का मानना है कि आने वाले समय में गोरखपुर की सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं बल्कि कला, संस्कृति और आधुनिक विकास का प्रतीक बनकर लोगों को आकर्षित करेंगी। परियोजना के अंतर्गत प्रमुख चौराहों व मार्गों पर थिमेटिक प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रतिमाओं में संगीत, योग, अध्यात्म और भारतीय जीवनशैली की झलक देखने को मिलेगी। इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में विकसित और व्यवस्थित गोरखपुर की सकारात्मक छवि भी बनेगी। सड़क किनारे आकर्षक लाइटिंग पहले से है। अब डिवाइडर पर हरियाली के बीच कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से शहर को नया रूप दिया जाएगा। नगर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख यातायात मार्गों को विशेष रूप से चिन्हित कर उनका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा ताकि शहर में प्रवेश करते ही लोगों को आधुनिक और स्वच्छ गोरखपुर का अनुभव हो।  प्रमुख मार्गों के डिवाइडर का थिमेटिक विकास करने के लिए चयनित संस्था इंडियन आर्ट एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कृष्ण मोहन बताते हैं कि काम शुरू करने से पहले विभिन्न विभागों की तरफ से जरूरी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) हासिल कर लिया गया है और एक माह में काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं के साथ ही उसके आसपास बड़े पैमाने पर फूलों के पौधों को लगाकर खूबसूरती को और बढ़ाया जाएगा। संस्था परियोजना कार्य का कुल मिलाकर 30 वर्ष तक अनुरक्षण कार्य भी करेगी।  प्रथम चरण की कार्ययोजना -पैडलेगंज से नौका विहार मार्ग के डिवाइडर पर वाद्य यंत्रों की थीम की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। -असुरन चौराहा से लेकर गुलरिहा तक अध्यात्म और योग मुद्राओं की थीम वाली प्रतिमाओं को लगाया जाएगा।  -यातायात तिराहा से बरगदवा तक के डिवाइडर पर अध्यात्म थीम पर प्रतिमाओं से सजाया जाएगा।  -देवरिया बाईपास मार्ग (चिड़ियाघर मुख्य मार्ग) के डिवाइडर को एनिमल थीम पर विकसित किया जाएगा।

नेशनल हाईवे के अवैध ढाबों-होटलों पर सख्त कार्रवाई, सरकार का बड़ा फैसला

पटना पूरे बिहार में अब प्रशासन का पंजा एक बार फिर चलने वाला है। इस बार सरकार ने नेशनल हाइवे के किनारे अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने का फैसला ले लिया है। जिसके बाद अब आने वाले दिनों में राज्य में एनएच किनारे बुलडोजर गरजते नजर आएंगे। सरकार के फैसले के तहत एनएच किनारे (राइट ऑफ वे) अनधिकृत ढाबा, होटल एवं अन्य व्यावसायिक संरचनाएं हटाए जाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 20 दिनों के अंदर अवैध ढाबे और संरचना हटाने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट हाइवे सेफ्टी टास्क फोर्स की ओर से इन अवैध संरचनाओं को हटाया जाएगा। इसके साथ ही एनएच के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल अथवा व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। किसी भी नई संरचना के निर्माण से पूर्व संबंधित विभाग- एनएचएआई, एनएच अथवा पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक में यह निर्णय लिया। मुख्य सचिव ने एनएच किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध संरचनाओं को हटाने के साथ अवैध पार्किंग को लेकर भी राज्यभर में व्यापक अभियान चलेगा। बैठक में संबंधित विभागों यथा परिवहन विभाग, पथ निर्माण, एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पुलिस मुख्यालय के पदाधिकारी शामिल हुए। गौर हो कि नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी एवं तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में राष्ट्रीय उच्च पथों पर अतिक्रमण एवं अनधिकृत पार्किंग के कारण हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इन घटनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश जारी किये थे। इसी के अनुपालन मेंकार्रवाई की जा रही है। वाहनों की पार्किंग निर्धारित जगह पर ही बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में भारी एवं व्यावसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अब वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित जगह पर ही की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। होटल-प्रतिष्ठानों को अपना पहुंच पथ बनाना होगा वैसे ढाबा, होटल एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान जिनका प्रवेश सीधे राष्ट्रीय उच्च पथ से है, उन्हें स्वयं वैकल्पिक पहुंच पथ का निर्माण करते हुए प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करनी होगी। अन्यथा संबंधित अधिनियम कंट्रोल ऑफ नेशनल हाइवे एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पथ निर्माण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र के बाहर, किन्तु हाइवे सेफ्टी जोन (आवासीय क्षेत्र हेतु 40 मीटर एवं व्यावसायिक क्षेत्र के लिए 75 मीटर) के भीतर स्थित संरचनाओं को भी संबंधित विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।