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IBCA प्री-समिट इवेंट को लेकर तैयारियां पूरी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव रहेंगे शामिल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री यादव आईबीसीए के प्री-समिट इवेंट का करेंगे शुभारंभ 20 बाइक एवं एक रेस्क्यू ट्रक को झण्डी दिखाकर करेंगे रवाना शुक्रवार 22 मई को भोपाल में होगा जैव विविधता संरक्षण और बिग कैट संवर्धन पर होगा मंथन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य और केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस 2026 के अवसर पर इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) प्री-समिट इवेंट का 22 मई 2026 को शुभारंभ होगा। भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (आईआईएफएम) ऑडिटोरियम, भोपाल में होने वाले इस प्री-समिट इवेन्ट में केंद्रीय पर्यावरण और वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह और वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण, मध्यप्रदेश शासन, इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस तथा भारतीय वन प्रबंधन संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं केन्द्रीय मंत्री यादव प्रात: 9:50 पर वन विभाग द्वारा आयोजित 20 बाइक एवं एक रेस्क्यू ट्रक को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम में जैव विविधता संरक्षण, वन्यजीव संवर्धन तथा विशेष रूप से बिग कैट संरक्षण के विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस के महानिदेशक डॉ. एस.पी. यादव आईबीसीए की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर प्रस्तुति देंगे। साथ ही मध्यप्रदेश वन विभाग द्वारा भारत में चीता पुनर्स्थापन अभियान पर विशेष प्रस्तुति भी दी जाएगी। आईईसी सामग्री का होगा विमोचन कार्यक्रम में जैव विविधता एवं संरक्षण से संबंधित अनेक प्रकाशनों और डिजिटल पहलों का विमोचन एवं लोकार्पण किया जाएगा। इनमें डाक टिकट, ‘इंडियाज बायोडायवर्सिटी रिपोर्ट 2026’, नागोया प्रोटोकॉल पर भारत की पहली राष्ट्रीय रिपोर्ट तथा एबीएस एंड-टू-एंड वेब पोर्टल शामिल हैं। इसके साथ ही एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग, अमरकंटक बायोडायवर्सिटी हेरिटेज साइट तथा मध्यप्रदेश के पवित्र वनों के संरक्षण पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। इस आयोजन से जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरण संतुलन तथा वन्य जीव संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी, साथ ही भारत की प्रतिबद्धता अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित होगी।  

BLO करेंगे घर-घर सत्यापन, 30 जून से 29 जुलाई तक विशेष अभियान

रांची भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है. झारखंड समेत देश के 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR होगा. झारखंड में 20 जून से एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होगी. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार ने कहा है कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत बीएलओ (BLO) द्वारा घर-घर विजिट कर मतदाताओं का सत्यापन 30 जून से 29 जुलाई तक किया जाना है. इस क्रम में बीएलओ की ओर से इन्यूमरेशन फॉर्म बांटे और मतदाताओं द्वारा सत्यापित किए जाने के उपरांत संग्रहित किए जाएंगें. सुबोध कुमार ने कहा कि झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण हेतु पहले से तैयारियां की जा रहीं हैं, इसके तहत राज्य में 73% मतदाताओं की मैपिंग विगत गहन पुनरीक्षण के मतदाता सूची से बीएलओ द्वारा की जा चुकी है. अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि वैसे मतदाता जिनकी अभी तक मैपिंग नहीं हो सकी है उनकी सूची सभी मतदान केंद्रों पर 23 मई 2026 से लगाई जाएगी एवं उनके बीएलओ के नाम एवं फोन नंबर भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे मतदाता अपने बीएलओ से संपर्क करते हुए मतदाता सूची में अपनी मैपिंग करा सकते हैं. उन्होंने बताया कि बीएलओ द्वारा मतदाताओं के मैपिंग के क्रम में घर घर  जाकर स्टीकर लगाने का भी कार्य किया गया है, जिसमें उनके बीएलओ का नाम नंबर दर्ज है. इसके साथ साथ ECINET पर उपलब्ध 'बुक ए कॉल' फीचर का इस्तेमाल करते हुए भी अपने बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है. वहीं झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एसआईआर कार्यक्रम का ऐलान करते हुए बताया कि अनमैप्ड मतदाताओं की सूची की एक प्रति बीएलओ को भी दी जाएगी, ताकि वे ASDD सूची (Absent, Shifted, Dead, Duplicate) को अंतिम रूप दे सकें. साथ ही, शेष अनमैप्ड मतदाता गणना (Enumeration) फॉर्म के साथ संलग्न किए जाने वाले अपने दस्तावेजों को तैयार कर सकें, ताकि घोषणा पत्र के साथ उन्हें प्रस्तुत किया जा सके.

सूरजपुर जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, CM विष्णु देव साय ने शुरू की अत्याधुनिक CT स्कैन सुविधा

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी सौगात : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा का वर्चुअल शुभारंभ अब जिले में ही होगी गंभीर बीमारियों की जांच, लगभग 9 लाख लोगों सहित आसपास के जिलों के मरीजों को मिलेगा लाभ रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार के अवसर पर जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 32 स्लाइस अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन का वर्चुअल शुभारंभ किया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन, सीजीएमएससी तथा मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष (CMPHTF) के माध्यम से लगभग 449.99 लाख रुपये की लागत से यह सुविधा स्थापित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगी और आम नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह अत्याधुनिक सीटी स्कैन सुविधा सूरजपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी। सीटी स्कैन सुविधा प्रारंभ होने से सूरजपुर जिले की लगभग 9 लाख 11 हजार आबादी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। अब सड़क दुर्घटनाओं में हेड इंजरी, मस्तिष्क में रक्तस्राव या खून का थक्का जमना, कैंसर, ट्यूमर, स्ट्रोक (पैरालिसिस), छाती संबंधी संक्रमण, पेट की गंभीर बीमारियां तथा मिर्गी जैसी जटिल बीमारियों की जांच जिला चिकित्सालय में ही संभव हो सकेगी। अब तक इन जांचों के लिए मरीजों को अंबिकापुर रेफर किया जाता था, जिससे समय और आर्थिक दोनों प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। नई सुविधा शुरू होने से मरीजों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी तथा निजी केंद्रों की तुलना में काफी कम दर पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। जिला चिकित्सालय में रेडियोलॉजिस्ट और प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की 24×7 टीम भी तैनात की गई है, जिससे मरीजों को निरंतर और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस सुविधा से मरीजों और उनके परिजनों पर आर्थिक बोझ कम होगा तथा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक मजबूत होगी।

रांची के वोटरों के लिए अहम अपडेट, 23 मई को सामने आएगी अन-मैप्ड वोटर सूची

रांची. विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत रांची जिले के सभी मतदान केंद्रों पर 23 मई को अन-मैप्ड मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। यह सूची उन मतदाताओं के लिए जारी की जा रही है, जिनका नाम वर्ष 2003 की पिछली एसआईआर मतदाता सूची से अब तक मैप नहीं हो पाया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी-सह-सचिव, मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग, झारखंड, रांची के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री के निर्देशानुसार जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों तमाड़, सिल्ली, खिजरी, रांची, हटिया, कांके और मांडर के प्रत्येक मतदान केंद्र पर यह सूची उपलब्ध रहेगी। मतदाता 23 मई , शनिवार को पूर्वाह्न 10 बजे से अपराह्न 5 बजे तक अपने संबंधित मतदान केंद्र पर पहुंचकर अन-मैप्ड मतदाता सूची में अपना नाम जांच सकेंगे। यदि किसी मतदाता का नाम पूर्व की मतदाता सूची से मैप नहीं हुआ है, तो वह संबंधित बीएलओ से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करा सकेगा। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि मतदान केंद्रों पर सूची का प्रकाशन समय पर सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित बीएलओ की उपस्थिति भी अनिवार्य रूप से रहे। इसके अलावा जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को भी निर्देशित किया गया है कि उनके विभाग से जुड़े बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों की उपस्थिति संबंधित मतदान केंद्रों पर निर्धारित समय तक सुनिश्चित कराई जाए। जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि जिनका नाम पूर्व की मतदाता सूची से मैप नहीं हुआ है, वे 23 मई को अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर सूची में अपना नाम जांचें और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएं।

कपिल देव के साइन वाला 764 पाउंड का बिल नकली, 1983 जीत पर बड़ा दावा फेल

 नई दिल्ली कपिल देव की कप्‍तानी में भारतीय टीम ने पहली बार 1983 में विश्‍व कप जीता था। इसके बाद टीम के प्‍लेयर्स ने जमकर जश्‍न मनाया था। इन दिनों सोशल मीडिया पर एक बिल की तस्‍वीर वायरल हो रही है। एक महंगे रेस्टोरेंट बिल की तस्वीर देखकर कई लोगों ने अनुमान लगाया कि यह 1983 क्रिकेट विश्व कप में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय टीम के जश्न का बिल है। तस्वीर में 764.40 पाउंड का बिल दिख रहा है, जिसमें खाने-पीने की चीजें, कॉकटेल, शराब और मिठाइयों का ऑर्डर है। हालांकि, पूर्व भारतीय क्रिकेटर और 1983 विश्व कप विजेता कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर इस वायरल तस्वीर (जिसमें कप्तान कपिल देव के साइन हैं) को फर्जी बताया। 764.40 पाउंड का बिल वायरल बिल में दिख रहा है कि 25 जून, 1983 को शानदार डिनर ऑर्डर किया गया था। इसी दिन भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता था। बिल में भारतीय कप्तान कपिल देव के साइन हैं। बिल में दिखाए गए सभी आइटमों का कुल मूल्य 764.40 पाउंड है। बैंक ऑफ इंग्लैंड के अनुसार, आज के समय में यह लगभग 2,668 पाउंड (लगभग 3.4 लाख रुपये) के बराबर होगा। फर्जी है तस्‍वीर कीर्ति आजाद ने बताया कि वायरल तस्वीर फर्जी है। उन्होंने खुलासा किया कि भारतीय टीम उस होटल में गई ही नहीं जिसका यह बिल है। उनका जश्न अलग तरीके से मनाया गया था। आजाद ने एक्‍स पर लिखा, "यह फर्जी है। यह सोशल मीडिया पर हर जगह फैला हुआ है। हम लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड के पास वेस्टमोर्लैंड होटल में रुके थे। 25 जून, 1983 को जीत के बाद जश्न पूरी रात से लेकर 26 जून की सुबह तक चला। हम कभी इस होटल में नहीं गए। कपिल देव के साइन भी जाली हैं।" इस पोस्ट के जवाब में पूर्व भारतीय स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने पुष्टि की कि कपिल देव के जो साइन इस वायरल बिल पर दिख रहे हैं, वह उनके हैं ही नहीं। उन्‍होंने लिखा, "कपिल देव इस तरह से साइन नहीं करते।"

बुड्ढा दरिया को स्वच्छ बनाने आगे आएं कारोबारी, पंजाब राज्यपाल का बड़ा संदेश

लुधियाना. लुधियाना के पार्क प्लाजा में आयोजित स्टार्टअप समागम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि सीखना जीवन का सबसे अहम पहलू है और वह आज भी हर व्यक्ति से कुछ न कुछ सीखने का प्रयास करते हैं। अच्छे लोगों का सम्मान कर समाज में अच्छाई को बढ़ावा दिया जा सकता है। ऐसे आयोजनों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। वह लुधियाना के पार्क प्लाज़ा में आयोजित स्टार्टअप समागम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान पांच विभिन्न श्रेणियों में अवार्ड भी प्रदान किए गए। राज्यपाल ने कहा कि लुधियाना ने उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप को प्रोत्साहन देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। नए विचारों को मंच देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि देश और पंजाब में स्टार्टअप संस्कृति तेजी से आगे बढ़ रही है और इसमें लुधियाना एंजल नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर भारत में स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को उत्तर भारत का बेहतर स्टार्टअप हब बनाने का विजन तैयार किया गया है। इसके लिए इंडस्ट्री, शिक्षण संस्थानों और युवाओं को मिलकर काम करना होगा। उद्योग जगत को ऐसे प्रयासों में आगे आकर प्रदेश और देश की तरक्की में योगदान देना चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि आज दिए गए पांच कैटेगरी के अवार्ड युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। उन्होंने कहा कि सफल लोगों की कहानियां नई पीढ़ी को मेहनत और नवाचार की दिशा में बढ़ने की सीख देती हैं। पानी को साफ सुरक्षित बनाना जरूरी अपने संबोधन में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने पंजाब की चर्चित “कैंसर ट्रेन” का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में पानी को साफ और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी है। उद्योगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुधार के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने होंगे। उन्होंने विशेष रूप से बुड्ढा दरिया को साफ करने में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लुधियाना के लोग तकनीकी ज्ञान में माहिर हैं और उद्योग जगत को इको सिस्टम के विस्तार पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही सरकार को भी इंडस्ट्री के लिए प्रभावी सिंगल विंडो सिस्टम सुनिश्चित करना होगा, ताकि उद्योगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। युवा अपनी परंपरा को ध्यान में रखें राज्यपाल ने पंजाब के लोगों की सेवा भावना, किसानों, सैनिकों और हर वर्ग के मेहनती लोगों की प्रशंसा की। उन्होंने चिंता जताई कि आज का युवा मेहनत की बजाय आराम पसंद होता जा रहा है। युवाओं को अपने संस्कार, अनुशासन और मेहनत की परंपरा को याद रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पहले देशहित में लोग उपवास रखकर अनाज बचाते थे, जबकि आज पेट्रोल और डीजल बचाने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से राष्ट्रहित में हमेशा तत्पर रहने और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने की दिशा में कार्य करने की अपील की।

FIFA World Cup 2026: भारत में अभी तक नहीं मिला आधिकारिक ब्रॉडकास्टर

 नई दिल्ली  फीफी वर्ल्ड कप 2026 के ब्रॉकास्टिंग को लेकर भारत में अब तक कुछ भी तय नहीं हुआ है। वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और भारतीय दर्शकों को अब तक ये पता नहीं कि वे इसे कहां पर देख पाएंगे। भारत की तरफ से किसी भी ब्रॉकास्टर ने इसके राइट्स को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, जिसके बाद ऐसा माना जा रहा था प्रसार भारती इसका प्रसारण करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका की मांग का जवाब देते हुए प्रसार भारती ने साफ इनकार कर दिया है। प्रसार भारती का कहना है कि वर्ल्ड कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। इसी के साथ अब सस्पेंस और भी बढ़ गया है क्या भारतीय फीफा विश्व कप नहीं देख पाएंगे। दूरदर्शन ने किया इनकार प्रसार भारती ने दिल्ली हाईकोर्ट में साफ-साफ कहा है कि फीफा विश्व कप के प्रसारण अधिकार हासिल करने की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। कोर्ट में चल रही एक याचिका के सुनवाई के दौरान प्रसार भारती ने ये बात रखा। याचिका में मांग की गई थी कि टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण मैच जैसे उद्घाटन मैच, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल को फ्री-टू-एयर पर दूरदर्शन और डीडी स्पोर्ट्स के जरिए दिखाया जाए। 19 मई को याचिकाकर्ता एडवोकेट अवधेश बैरवा ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी। उन्होंने कहा कि वे उचित राहत के लिए किसी अन्य अदालत में जा सकते हैं। इससे पहले 12 मई को हाईकोर्ट ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और प्रसार भारती को नोटिस जारी किया था। भारत में फुटबॉल का बढ़ता क्रेज 2022 के कतर विश्व कप के दौरान भारत ने फीफा के सबसे बड़े दर्शक बाजारों में से एक के रूप में अपनी जगह बनाई थी, भले ही भारतीय टीम क्वालीफाई न कर पाई हो। कोर्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, उस टूर्नामेंट के दौरान भारतीय दर्शकों ने लगभग 74.57 करोड़ इंटरैक्शन किए थे। इतने बड़े पैमाने के बावजूद 2026 विश्व कप के लिए अभी तक भारत में कोई आधिकारिक प्रसारक तय नहीं हुआ है। ब्रॉडकास्टर्स ने नहीं दिखाई दिलचस्पी याचिका में बताया गया कि फीफा ने शुरू में 2026 और 2030 विश्व कप के भारत अधिकारों की कीमत लगभग 10 करोड़ डॉलर रखी थी, जिसे बाद में घटाकर करीब 3.5 करोड़ डॉलर कर दिया गया। इसके बावजूद भारतीय ब्रॉडकास्टर्स की तरफ से ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखी। रिपोर्ट्स में जियोस्टार की 2 करोड़ डॉलर की बोली को ठुकराए जाने का भी जिक्र था। विश्व कप को 2007 के स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग सिग्नल्स एक्ट के तहत राष्ट्रीय महत्व की खेल घटना माना जाता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि बिना प्रसारण के भारतीय नागरिकों को इस वैश्विक महोत्सव से वंचित रखना उचित नहीं होगा। क्यों नहीं मिल रहे हैं प्रसारक? फीफा वर्ल्ड कप 2027 इस बार संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होने वाला है। ऐसे में भारत में लगभग मैच देर रात या फिर सुबह जल्दी शुरू होंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए ब्रॉडकास्टर्स मीडिया अधिकार खरीदने से हिचकिचा रहे हैं।  

पंचायत उपचुनाव को लेकर सुकमा में हलचल तेज, तीन सरपंच सीटों पर दांव-पेच शुरू

सुकमा. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा के साथ सुकमा जिले में त्रिस्तरीय पंचायत उप-चुनाव की औपचारिक शुरुआत हो गई है। ग्रामीण राजनीति के इस अहम पड़ाव में अब चुनावी हलचल तेज हो चुकी है और पंचायत स्तर पर नई राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। जिले में नगरीय निकायों में कोई पद रिक्त नहीं होने के कारण प्रशासन और राजनीतिक गतिविधियों का पूरा फोकस ग्रामीण पंचायत क्षेत्रों पर केंद्रित हो गया है। इस उप-चुनाव में जिले की तीन ग्राम पंचायतों में सरपंच पदों के लिए सीधा मुकाबला होगा। इनमें सुकमा जनपद पंचायत का गोलाबेकूर, छिंदगढ़ जनपद पंचायत का रोकेल और कोंटा जनपद पंचायत का सिलगेर शामिल हैं। इसके अलावा जिले में कुल 21 पंच पदों के लिए भी मतदान कराया जाएगा। इन सीटों पर चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और संभावित उम्मीदवार स्थानीय मुद्दों के साथ मतदाताओं तक पहुंचना शुरू कर चुके हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शबाब खान के अनुसार चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित की जा रही है। चुनाव अधिसूचना पहले ही जारी की जा चुकी है और नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब सबसे अहम चरण उम्मीदवारों की अंतिम सूची और चुनाव प्रचार का माना जा रहा है। निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार 21 मई को नाम वापसी की अंतिम तिथि और उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होगी। इसके बाद चुनावी मुकाबला पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा। 1 जून को मतदान होगा और 4 जून को मतगणना के बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर यह चुनाव केवल प्रतिनिधि चुनने का नहीं बल्कि गांवों के विकास, नेतृत्व और भविष्य की प्राथमिकताओं को तय करने वाला चुनाव माना जा रहा है। आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल – 1. जिन पंचायतों में उप-चुनाव हो रहे हैं, वहां पूर्व में पद रिक्त होने के वास्तविक कारण क्या रहे और क्या उन कारणों पर कोई सार्वजनिक समीक्षा की गई? 2. क्या प्रशासन ने ऐसे क्षेत्रों में मतदान प्रतिशत बढ़ाने और मतदाताओं की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कोई अलग रणनीति तैयार की है, खासकर दूरस्थ इलाकों में? 3. पंचायत चुनाव को स्थानीय विकास का आधार बताया जा रहा है, लेकिन क्या निर्वाचित प्रतिनिधियों के कामकाज की बाद में जवाबदेही तय करने के लिए कोई सार्वजनिक मूल्यांकन तंत्र मौजूद है?

देश में इबोला खतरे की आशंका पर एडवाइजरी जारी, सरकार सतर्क

नई दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए देश के सभी बंदरगाहों, हवाई अड्डों और एंट्री पॉइंट्स पर सख्त हेल्थ एडवाइजरी जारी की है। यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा पिछले हफ्ते इबोला प्रकोप को वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किए जाने के बाद एहतियात के तौर पर उठाया गया है। एडवाइजरी के अनुसार, अत्यधिक जोखिम वाले देशों से आने या वहां से होकर गुजरने करने वाले यात्रियों की सघन निगरानी की जाएगी। उनमें कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा और दक्षिण सूडान जैसे देश शामिल हूं। इन देशों से आने वाले किसी भी यात्री में यदि बीमारी के लक्षण दिखते हैं तो उन्हें इमिग्रेशन चेक से पहले एयरपोर्ट के हेल्थ ऑफिसर या हेल्प डेस्क को इसकी सूचना देनी होगी। यदि कोई यात्री इबोला के किसी संदिग्ध या पुष्ट मरीज के खून या शारीरिक तरल पदार्के सीधे संपर्क में आया है, तो उसे भी अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य अधिकारियों को रिपोर्ट करना होगा। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपील करते हुए कहा, "यात्रियों की सुरक्षा और अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों को ध्यान में रखते हुए कृपया हेल्थ स्क्रीनिंग और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में सहयोग करें।" यह व्यवस्था काफी हद तक कोविड-19 महामारी के दौर की याद दिलाती है। राहत की बात यह है कि वर्तमान में भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है। यह एडवाइजरी पूरी तरह से एहतियाती तौर पर जारी की गई है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई थी कि यह वायरस बेहद तेजी से फैल रहा है, जिसके बाद ही इसे अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया। खतरे को भांपते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बुधवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में राज्यों को सभी मोर्चों पर तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। एसओपी के मुताबिक, केंद्र ने राज्यों के साथ विस्तृत SOP साझा की है, जिसमें आगमन से पहले और बाद की स्क्रीनिंग, क्वारंटाइन प्रोटोकॉल, केस मैनेजमेंट, रेफरल सिस्टम और लैब टेस्टिंग की प्रक्रिया शामिल है। स्वास्थ्य सचिव ने सभी नामित स्वास्थ्य केंद्रों को आपसी समन्वय के साथ निगरानी रखने और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। यह वायरस ऑर्थोइबोलावायरस परिवार से संबंधित एक जूनोटिक संक्रमण है, जो इंसानों के लिए बेहद घातक और जानलेवा साबित हो सकता है। सामान्य फ्लू की तरह बुखार, कमजोरी, थकान, सिरदर्द, गले में खराश, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द इसके लक्षण है। गंभीर स्थिति में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण होते हैं। शरीर के आंतरिक और बाहरी अंगों से बिना किसी स्पष्ट कारण के खून बहना इस बीमारी का सबसे मुख्य और विशिष्ट लक्षण है। कैसे फैलता है यह संक्रमण? संक्रमित व्यक्ति के खून, लार, पसीना, आंसू, उल्टी, मल और मां के दूध जैसे शारीरिक तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से। वायरस से दूषित कपड़ों, बिस्तरों या सतहों को छूने से। संक्रमण से मरने वाले व्यक्ति के शव के सीधे संपर्क में आने से भी यह तेजी से फैलता है। SOP की भी की जा रही समीक्षा सरकार की ओर से उठाए गए प्रमुख कदमों में स्क्रीनिंग, निगरानी, क्वॉरंटीन और केस मैनेजमेंट से जुड़े एसओपी की समीक्षा शामिल है। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी को इबोला जांच के लिए नामित किया गया है, जबकि चरणबद्ध तरीके से अन्य प्रयोगशालाओं को भी तैयार किया जा रहा है। अपील जारी, घबराएं नहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से बचें। कहा, सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह सतर्क और किसी भी उभरती स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। कैसे फैलता है इबोला वायरस बता दें कि इबोला वायरस को जानलेवा संक्रमण माना जाता है। इसमें हेमोरेजिक फीवर यानी रक्त स्त्राव के साथ बुखार होता है। इससे पीड़ित मरीज को तेज बुखार आता है और शरीर के इंटर्नल अंगों में खून बहना शुरू हो जाता है और ऑर्गन फेलियर जैसी चीजें भी होती हैं।     इबोला वायरस संक्रमित जंगली जानवरों (जैसे चमगादड़) का मांस खाने से इंसानों में पहुंच सकता है।     इसके अलावा किसी संक्रमित व्यक्ति के खून, पसीने, लार, मल-मूत्र या उल्टी के सीधे संपर्क में आने से फैलता है।     बता दें कि इबोला वायरस पानी या हवा के संपर्क में आने पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता।

राहुल गांधी के बयान पर सियासी घमासान, NDA नेताओं ने की तीखी आलोचना

पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की एक टिप्पणी के बाद से सियासी उबाल मचा हुआ है। सत्ता पक्ष के कई नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी की आलोचना की है और इसे देश विरोधी तक बता दिया है। अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी राहुल गांधी के इस बयान पर भड़के हुए हैं और उन्होंने भी इसपर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सम्राट चौधरी ने कहा है कि राहुल गांधी ने ऐसी टिप्पणी कर 140 करोड़ देशवासियों का अपमान किया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चााहिए। सीएम सम्राट चौधरी ने एक्स पर यह भी लिखा कि राहुल गांधी जी का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है। सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, 'देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति राहुल गांधी जी का बयान बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण और उनकी अराजकतावादी सोच को दर्शाने वाला है। लगातार चुनावी हार और निराशा अब उनके शब्दों और व्यवहार में साफ दिखाई देने लगी है। गांधी परिवार के आरंभ से अंत तक अपने शासनकाल में सिर्फ और सिर्फ भ्रष्टाचार किया, राष्ट्रीय सुरक्षा को ताक पर रखा, लेकिन ये रंग बदलने वाले देशहित और लोकतंत्र की बात किस मुंह से करते हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश की सीमाएं सुरक्षित हुई हैं, आतंकवाद पर लगाम लगी है, लोकतंत्र सशक्त हुआ और भारत का सम्मान विश्वभर में बढ़ा है। राहुल गांधी जी ने केवल प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं का अपमान किया है। इस बेतुके बयान के लिए सार्वजनिक रूप से उन्हें माफी मांगनी चाहिए। अत्यंत निंदनीय!' जीतन राम मांझी क्या बोले इधर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताई है। जीतन राम मांझी ने एक्स पर लिखा, 'राहुल गांधी, हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ‘खुद्दार’ हैं। 5 में से 4 राज्यों के चुनाव में बुरी तरह से हारने का ये मतलब नहीं कि आप अनाप शनाप भाषा का इस्तेमाल करेंगे। राहुल गांधी जी आपकी भाषा और बचकानी हरकत का नतीजा है कि कांग्रेस देश से विलुप्त हो रही है। जो खुद ना घर के ना घाट के हैं। उनसे ऐसी ही अमर्यादित भाषा की उम्मीद कर सकते है। लोकतंत्र में इस तरह की भाषा का मैं कड़ी निंदा करता हूँ। चिराग पासवान ने की निंदा एलजेपी (आऱ) सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी राहुल गांधी के बयान की निंदा की है। चिराग पासवान ने एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के लिए इस प्रकार की अभद्र टिप्पणी करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विरुद्ध है। हमारे प्रधानमंत्री देश की 140 करोड़ आबादी का प्रतिनिधित्व कर रहें है , ऐसे में जब ऐसी भाषाएं नेतृत्वकर्ता के लिए कही जाती है तो उसका प्रभाव देश की आबादी पर भी पड़ता जो कतई उचित नहीं है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखना प्रत्येक जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। मैं और मेरी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इस बयान की कड़ी निंदा करती है।' राहुल गांधी ने क्या कहा था आपको बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को '' गद्दार'' करार देते हुए आरोप लगाया था कि वे रोजाना संविधान पर हमला कर रहे हैं और चुनिंदा उद्योगपतियों को देश के हित बेच चुके हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ये गंभीर आरोप अपने निर्वाचन क्षेत्र रायबरेली के दौरे के दौरान दिन लगाए थे। राहुल गांधी ने रायबरेली में क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित 'बहुजन स्वाभिमान सभा' को संबोधित करते हुए संविधान को डॉ. बीआर आंबेडकर व महात्मा गांधी की ''आवाज का प्रतिनिधित्व'' करने वाला दस्तावेज बताया था और इसकी रक्षा करने का आह्वान किया था। उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा, '' आपको खड़े होकर लड़ना होगा। जब आरएसएस कार्यकर्ता आपके घरों में आकर नरेन्द्र मोदी और अमित शाह के बारे में बात करें, तो आपको उन्हें बताना होगा कि उनके प्रधानमंत्री, उनके गृह मंत्री और उनका संगठन 'गद्दार' हैं। उन्होंने हमारे हिंदुस्तान को बेच दिया है और हमारे संविधान, आंबेडकर जी और महात्मा गांधी पर हमला किया है। राहुल गांधी ने बाद में अमेठी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रायबरेली में दिए गए अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा था मैंने कहा था कि मोदी और अमित शाह गद्दार हैं। अगर कोई हमारे संविधान को कमजोर और नष्ट करता है, तो उसे गद्दार के अलावा और क्या कहा जाना चाहिए?'' उन्होंने आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा, ''वे मुझसे माफी मांगने को कहते हैं। मैं कभी माफी नहीं मांगूंगा। मैं उनसे डरता नहीं हूं।''