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BCCI चिंतित: रोहित शर्मा को फिटनेस टेस्ट पास करना होगा

 नई दिल्ली  भारत के दिग्गज सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर बड़ी समस्या सामने आ रही है। उनकी फिटनेस की वजह से वर्ल्ड कप 2027 में खेलना भी सवालों के घेरे में है। रोहित आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मैच में चोटिल हुए थे और कुछ मुकाबले में नहीं खेल सके थे। इसके बाद वे इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में खेल रहे हैं, जिससे उनकी फिटनेस को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। रोहित को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली 3 मैचों की वनडे सीरीज में जगह मिली है। उन्हें भारतीय टीम में चुना गया है लेकिन उनका खेलना पक्का नहीं है क्योंकि उन्हें पहले फिटनेस टेस्ट पास करना होगा। उनके लगातार चोटिल होने की वजह से वर्ल्ड कप 2027 में खेलने को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) भी शर्मा की फिटनेस को लेकर चिंतित है। रोहित शर्मा की फिटने से BCCI चिंतित टाइम्स ऑफ इंडिया से बात करते हुए बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, रोहित उन तीन हफ्तों के लिए बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलें में नहीं आए। उनका शरीर पहले से पतला हुआ है लेकिन इस बात को लेकर चिंता है कि क्या वे 50 ओवर तक फील्डिंग कर सकते हैं। उन्हें 50 ओवर फील्डिंग करनी होगी क्योंकि आईपीएल की तरह यहां पर इम्पैक्ट प्लेयर का नियम नहीं होता है। जब आप 40 के करीब होते हैं, तो शरीर ठीक होने में समय लगता है। यशस्वी जायसवाल हो सकते हैं बैकअप ओपनर रोहित अगर पूरी तरह से फिट नहीं होते हैं, तो यशस्वी जायसवाल को मौका मिल सकता है। अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में ईशान किशन को इस वजह से चुना गया है ताकि वे सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा सकें। हालांकि, अगर रोहित के विश्व कप में खेलने पर संशय हुआ, तो जायसवाल उनकी जगह पारी की शुरुआत कर सकते हैं। उन्हें बैकअप ओपनर के तौर पर चयनकर्ताओं ने तैयार करना शुरू भी कर दिया है। रोहित से खुश नहीं टीम मैनेजमेंट रिपोर्ट में बताया गया है कि रोहित से टीम मैनेजमेंट खुश नहीं है। रोहित ने 2023 विश्व कप में आक्रामक अंदाज में शुरुआत की थी। वे पहली ही गेंद पर अटैक करने को देखते हैं। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने, जब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में बैटिंग की, तो उनकी बल्लेबाजी में वो आक्रामक रुख नहीं दिखा। उनके आक्रामक शैली नहीं अपनाने की वजह से मैनेजमेंट नाराज है।  

ट्रांसफर के खिलाफ जनपद में विरोध तेज, जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी

कोरबा/पोंडी उपरोड़ा. कोरबा जिले के जनपद पंचायत पोंडी उपरोड़ा में प्रशासनिक फेरबदल के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कोरबा द्वारा जारी एक ताजा आदेश के तहत पोंडी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जय प्रकाश डड़सेना को अचानक जिला पंचायत कोरबा में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का नोडल अधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। वहीं, उनके स्थान पर भूपेन्द्र कुमार सोनवानी को आगामी आदेश तक पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत का संपूर्ण प्रभार सौंपा गया है। ​इस अचानक हुए ट्रांसफर आदेश के बाद पोंडी उपरोड़ा जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और समस्त जनपद सदस्यों ने इस प्रशासनिक फैसले पर अपनी कड़ी नाराजगी जाहिर की है और वर्तमान में चल रहे ‘सुशासन तिहार’ (सुशासन सप्ताह) का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का ऐलान कर दिया है। ​”अच्छे अधिकारी को हटाकर विकास कार्य बाधित करने की कोशिश” ​जनपद उपाध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कहना है कि वर्तमान सीईओ जय प्रकाश डड़सेना एक बेहद ईमानदार, मिलनसार और क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति को अच्छी तरह समझने वाले अधिकारी हैं। उनके कार्यकाल में जनपद के विकास कार्यों को गति मिल रही थी और भ्रष्टाचार पर पूरी तरह लगाम लगी हुई थी। ‘सुशासन तिहार’ के बीच में ही ऐसे कर्मठ अधिकारी को कोरबा अटैच करना सीधे तौर पर पोंडी उपरोड़ा के विकास कार्यों को बाधित करने जैसा है। जनपद उपाध्यक्ष का बयान “पूरे छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार चल रहा है, जिसके तहत मौके पर ही लोगों की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। आगामी 5 जून तक यह अभियान चलना है, लेकिन इसी बीच अचानक हमारे मुख्य कार्यपालन अधिकारी को कोरबा अटैच कर दिया गया। उन्हें क्षेत्र के चप्पे-चप्पे की और विकास कार्यों की पूरी जानकारी है। हम इस तरह के अटैचमेंट का पुरजोर विरोध करते हैं।” ​तालाबंदी और उग्र आंदोलन की चेतावनी ​जनपद जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि इस आदेश को वापस नहीं लिया गया और पुराने सीईओ की वापसी नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।   जनपद अध्यक्ष (महिला प्रतिनिधि) का बयान “आज हमारे पोंडी उपरोड़ा में सुशासन तिहार का आयोजन होना था, लेकिन हम सभी जनपद सदस्य इस अटैचमेंट के विरोध में इसका बहिष्कार कर रहे हैं। हमारे सीईओ साहब बहुत अच्छे हैं, उनका जनता और जनप्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल है। अगर हमारे सीईओ साहब को वापस यहां नहीं लाया गया, तो हम जनपद पंचायत कार्यालय में तालाबंदी करेंगे और आगे कोई भी काम नहीं होने देंगे।” ​शांतिपूर्ण ढंग से रखेंगे अपनी बात ​जनप्रतिनिधियों का कहना है कि वे इस विषय को लेकर सबसे पहले जिले के प्रभारी मंत्री, स्थानीय मंत्रियों और कलेक्टर महोदय के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग रखेंगे। यदि शासन-प्रशासन स्तर पर उनकी जायज मांग को स्वीकार नहीं किया जाता है, तो जनपद क्षेत्र के विकास को बचाने के लिए वे जनपद कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

सुशासन तिहार बना जनसमस्याओं के समाधान का अभियान, CM विष्णु देव साय का बड़ा संदेश

सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान, सरकार पहुंच रही लोगों के द्वार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रामानुजनगर-पटना समाधान शिविर में मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं: रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर-पटना में आयोजित समाधान शिविर में आमजन से संवाद करते हुए कहा कि सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के समाधान का अभियान है, जिसके माध्यम से शासन और प्रशासन स्वयं लोगों के द्वार तक पहुँचकर उनकी शिकायतों, समस्याओं और आवश्यकताओं का निराकरण सुनिश्चित कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और आम नागरिकों को बेहतर से बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि  सरकार का दायित्व है कि वह लोगों के बीच जाकर जमीनी वास्तविकताओं को समझे और यह सुनिश्चित करे कि योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ सही व्यक्ति तक सही समय पर पहुँच रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत यह उनका 11वाँ जिला प्रवास है और 10 जून तक प्रदेश के सभी 33 जिलों का दौरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में अधिकारियों के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा लंबित मामलों की समीक्षा की जा रही है और ग्राम पंचायत स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों की गुणवत्ता के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा औचक निरीक्षण के माध्यम से व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले ग्रामीण भाई-बहन नंगे पैर जंगलों में तेंदूपत्ता संग्रहण करने जाते थे, जिससे उन्हें चोट लगने का खतरा रहता था, लेकिन चरण पादुका योजना के माध्यम से अब उन्हें राहत और सुरक्षा मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार किसानों, महिलाओं, गरीब परिवारों और ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को 3716 करोड़ रुपये बोनस वितरित किया गया है, 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है तथा सरकार बनने के बाद 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से महतारी वंदन योजना की राशि मिलने की जानकारी भी ली और बताया कि लगभग 70 लाख महिलाएँ इस योजना से लाभान्वित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों तक आवश्यक सुविधाएँ पहुँचाई जा रही हैं, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट प्रणाली के जरिए आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र सहित अनेक सेवाएँ घर बैठे उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शुरू की जाएगी, जहाँ नागरिक टोल-फ्री नंबर के माध्यम से अपनी समस्याएँ दर्ज करा सकेंगे और उनके निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली बिल समाधान शिविर 31 जून तक आयोजित किए जाएंगे तथा लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह भी किया। धान बुवाई के मौसम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त किया कि खाद, बीज, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि खेती की लागत कम हो और किसानों को समय पर संसाधन मिल सकें। मुख्यमंत्री साय ने जिले के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए रामपुर-रामानुजनगर में मिनी स्टेडियम निर्माण, पटना में हायर सेकेंडरी स्कूल तथा नगर पालिका सूरजपुर पॉलीटेक्निक की बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण राज्य सरकार का संकल्प है और विकास कार्यों की गति को और तेज किया जाएगा। कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री किसान रघुनंदन सिंह के निवास पहुँचे, जहाँ उन्होंने हितग्राहियों के साथ सरई पत्ते से बने दोने-पत्तल में परोसे गए छत्तीसगढ़ी पारंपरिक भोजन का आत्मीयता से स्वाद लिया। मिट्टी के चूल्हे पर बनी कोयलार भाजी, कोचई पत्ते से बना ईढ़र और आम की चटनी जैसे पारंपरिक व्यंजनों के साथ मिट्टी के गिलास में जल ग्रहण कर मुख्यमंत्री ने प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन से अपने गहरे जुड़ाव का संदेश दिया।

स्कूली शिक्षा में बड़ा बदलाव, छात्रों को पढ़ाया जाएगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को किया जाये शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए सभी स्कूलों में बनाई जाए बाउण्ड्री वॉल्स शत-प्रतिशत रिजल्ट देने वाली शालाओं को करें सम्मानित सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाएं पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराएं "शिक्षा घर योजना" के प्रस्ताव को मिली सैद्धांतिक सहमति मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की स्कूल शिक्षा विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाये। गुरू सांदीपनि के जीवन पर भी रोचक पुस्तक तैयार की जाए। स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को कैसे जोड़ा जाए, इस पर भी एक कार्य योजना तैयार की जाए। निजी विद्यालय खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाए। अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। सत्र प्रारंभ होने से पहले स्कूलों में सभी पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। प्रदेश की सभी आंशिक जीर्ण-शीर्ण शालाओं की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। सभी स्कूलों में बाउण्ड्री वॉल्स बनाई जाए। एक जुलाई से गुरू पूर्णिमा (29 जुलाई) तक "शिक्षक वंदना कार्यक्रम", अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और अन्य गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसी अत्याधुनिक शालाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर प्रदेश की नींव मजबूत कर रही है। प्रदेश के हर विद्यार्थी तक उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन समय पर पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय गतिविधियों में तेजी लाएं और 16 जून से प्रारंभ हो रहे शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूलों में पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराए जाएं, ताकि ऐसे विद्यार्थी जो अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, वे उस विद्यालय के विकास-विस्तार में कुछ योगदान भी कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा परिणामों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, नियमित मॉनीटरिंग, तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिन शालाओं में शत-प्रतिशत रिजल्ट आया है, उनके शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 26 शालाएं ऐसी हैं, जहां शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। यहां के सारे विद्यार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन शालाओं के अतिरिक्त 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट देने वाली शालाओं को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की अवधारणा/योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ऐसे जिलों को चिन्हित करने को कहा, जहां सभी शालाओं में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हों, साथ ही भौतिक एवं मानव संसाधन की कमी वाले जिलों की भी अलग श्रेणी तैयार की जाए। इससे सरकार को इन्हीं जिलों पर फोकस करने में आसानी होगी। कमी वाले जिलों पर इसी साल से काम प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी स्थानीय विधायक के साथ बैठकर पूरी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में व्यवस्थाओं की बेहतरी के लिए प्रयास करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर की गई सभी घोषणाओं का जल्द से जल्द पालन करायें। एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की संचालित 14 विभागीय योजनाओं को निरंतर रखने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतरी के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए प्रारंभ से ही माहौल बनाया जाए। महिला बाल विकास विभाग भी इसमें योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अब प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन हाईस्कूलों के आस-पास हायर सेकेण्डरी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे हाईस्कूलों को चिन्हित कर उन्हें हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रोन्नत करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। शालाओं में दिया जाए व्यावसायिक प्रशिक्षण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शालाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का भी अध्ययन कराया जाए। व्यावसायिक प्रशिक्षण को दृष्टिगत रखते हुए संभव हो तो क्षेत्रीय स्व-सहायता समूहों को भी ऐसी शालाओं और विद्यार्थियों से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को सभी विभागों के विद्यालयों को एक करने की योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस जैसे सामाजिक सेवा कार्य को भी बढ़ावा देने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित करें। विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लायसेंस कैम्प, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय स्कूलों से पास आउट विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, पैतृक व्यवसाय, कौशल प्रशिक्षण जैसे किस कार्य/रोजगार में लगे हैं, इसकी ट्रैकिंग भी होनी चाहिए। इससे सरकार के पास हमारे युवाओं का एक डेटाबेस तैयार होगा। शासकीय स्कूलों में बढ़ी नामांकन की दर बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन वृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 में नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कक्षा 9 से 12 के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में … Read more

अपर कलेक्टर पोस्टिंग को लेकर उलझी सरकार, वरिष्ठ अफसरों में नाराजगी के संकेत

भोपाल  मध्य प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के सीनियर अफसरों को अपर कलेक्टर पद पर पदस्थ करने के मामले में राज्य सरकार संतुलन नहीं बना पा रही है। लोकसभा चुनाव के पहले से पोस्टिंग का बिगड़ा तालमेल अब तक पटरी पर नहीं आ पाया है। इसका असर यह है कि करीब 20 जिलों में अपर कलेक्टर के पद रिक्त हैं। नियमित अधिकारी की पोस्टिंग नहीं होने से एक ओर जिलों की प्रशासनिक व्यवस्था पर असर पड़ रहा है तो दूसरी ओर मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में अवर सचिव की जिम्मेदारी निभा रहे युवा अफसरों में गुस्सा भी है कि सरकार उनसे फील्ड का काम नहीं ले रही है। राज्य शासन द्वारा प्रदेश के बड़े जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर में दो से तीन अपर कलेक्टर की पदस्थापना की जाती है। यहां कलेक्टर कार्यालय में इतने पद स्वीकृत भी हैं लेकिन इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह पद रिक्त बताए जा रहे हैं। इसके अलावा छोटे जिलों में भी अपर कलेक्टर के पद पर पोस्टिंग नहीं होने से कलेक्टरों को व्यवस्था संचालन के लिए अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपनी पड़ रही है। एसडीएम कैडर के पद नहीं भरे गए यही स्थिति संयुक्त कलेक्टर के पदों के मामले में भी है जिन्हें जिले में एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, इस कैडर के भी सभी पद नहीं भरे गए हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों ने कहा है कि सरकार अधिकारी होने के बाद भी फील्ड में पोस्टिंग न करके इस कैडर के अफसरों की ऊर्जा शक्ति का लाभ नहीं ले पा रही है। जिलों में सीईओ जिला पंचायत का पद भी राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिए होता है, वहां सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के मुकाबले युवा आईएएस अफसर अधिक संख्या में तैनात किए हैं। इन जिलों में खाली हैं अपर कलेक्टर के पद जिन जिलों में अपर कलेक्टर के पद रिक्त बताए जा रहे हैं उसमें जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सीहोर, शाजापुर, बड़वानी, बुरहानपुर, ग्वालियर, छतरपुर, निवाड़ी, इंदौर के अलावा आठ अन्य जिले शामिल हैं। इन सभी जिलों में राज्य प्रशासनिक सेवा के अपर कलेक्टर की पोस्टिंग नहीं किए जाने के कारण कलेक्टरों को प्रभार के सहारे व्यवस्था संचालित करनी पड़ रही है। नए सिलेक्ट युवाओं की भी मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में पोस्टिंग अभी जो पोस्टिंग है उसमें पीएससी से चुने गए नए युवाओं को भी फील्ड में पदस्थ करने के बजाय मंत्रालय और विभागाध्यक्ष कार्यालयों में पदस्थ रखा है। बताया जाता है कि वर्तमान में अधिकांश युवा अफसर मंत्रालय में अवर सचिव, ओएसडी बनकर फाइलों के निराकरण में लगे हैं। इस कारण उनमें व्यवस्था के प्रति गुस्सा भी है। ऐसे युवा अफसरों का कहना है कि जिलों में डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, अपर कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर की जिम्मेदारी निभा रहे कई सीनियर अफसर मंत्रालय में पदस्थ किए जा सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और कम अनुभवी अफसरों को फील्ड में मौका नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में एसआईआर के कार्य के कारण स्‍थानांतरण नहीं करने का सरकार का बहाना था और अब जबकि ऐसी कोई स्थिति नहीं है तो भी पदस्थापना नहीं की जा रही है।

योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 9 वरिष्ठ IPS अफसरों की नई तैनाती

लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए गुरुवार को 9 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. इस प्रशासनिक बदलाव में चार वरिष्ठ एडीजी रैंक के अधिकारियों को पदोन्नति देकर डीजी पद पर नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. सरकार के इस फैसले को पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है आलोक सिंह PAC के नए DG होंगे इस फेरबदल में सबसे प्रमुख नियुक्तियों में आलोक सिंह को प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) का नया डीजी बनाया गया है. इससे पहले वे कानपुर जोन में एडीजी पद पर कार्यरत थे. वहीं बिनोद कुमार सिंह को सीआईडी एवं साइबर क्राइम का डीजी नियुक्त किया गया है. वे इसी विभाग में एडीजी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।  इसके अलावा जय नारायण सिंह, जो अब तक पावर कारपोरेशन में डीजी के पद पर थे, उन्हें आर्थिक अपराध शाखा (EOW) का नया डीजी बनाया गया है. इसी तरह डीके ठाकुर को नागरिक सुरक्षा एवं विशेष सुरक्षा बल से स्थानांतरित कर होमगार्ड विभाग का डीजी नियुक्त किया गया है।  अनुपम कुलश्रेष्ठ को कानपुर जोन का ADG बनाया गया एडीजी स्तर पर भी कई अहम बदलाव किए गए हैं. अनुपम कुलश्रेष्ठ, जो अब तक आगरा जोन की एडीजी थीं, उन्हें कानपुर जोन का नया एडीजी बनाया गया है. वहीं यातायात एवं सड़क सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे ए. सतीश गणेश को अब एडीजी क्राइम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।  एसके भगत ADG आगरा जोन बने इसी क्रम में आरके स्वर्णकार, जो एडीजी पीएसी के पद पर कार्यरत थे, उन्हें पावर कारपोरेशन का एडीजी नियुक्त किया गया है. इसके साथ ही एसके भगत को एडीजी क्राइम से हटाकर आगरा जोन का नया एडीजी बनाया गया है. आईजी स्तर पर भी बदलाव किया गया है, जिसमें गीता सिंह को अभियोजन निदेशालय से स्थानांतरित कर प्रशिक्षण निदेशालय का नया आईजी नियुक्त किया गया है।  यह व्यापक तबादला आदेश उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी किया गया है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस फेरबदल का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में दक्षता बढ़ाना, कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों में कार्यक्षमता को नई दिशा देना है. सरकारी आदेश के बाद पुलिस महकमे में नई जिम्मेदारियों को लेकर अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई है और सभी अधिकारी जल्द ही अपने-अपने नए पदभार संभालेंगे।  IPS अधिकारियों की तबादला सूची 1. जय नरायन सिंह (बैच: 1994) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिदेशक / अपर पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० पावर कॉरपोरेशन लि०, लखनऊ नई तैनाती: पुलिस महानिदेशक, ई०ओ०डब्ल्यू० (EOW), उ०प्र०, लखनऊ 2. ध्रुव कान्त ठाकुर (बैच: 1994) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिदेशक, नागरिक सुरक्षा, उ०प्र० (अतिरिक्त प्रभार: विशेष सुरक्षा बल) नई तैनाती: पुलिस महानिदेशक/महासमादेष्टा, होमगार्ड, उ०प्र०, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: नागरिक सुरक्षा, उ०प्र०) 3. बिनोद कुमार सिंह (बैच: 1994) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिदेशक, सी०आई०डी०, उ०प्र०, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: साइबर क्राइम, उ०प्र०) नई तैनाती: पुलिस महानिदेशक, सी०आई०डी०, उ०प्र०, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: साइबर क्राइम और यू०पी०-112, लखनऊ)  4. आलोक सिंह (बैच: 1995) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिदेशक / अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर नई तैनाती: पुलिस महानिदेशक, पीएसी (PAC) मुख्यालय, उ०प्र०, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: विशेष सुरक्षा बल, उ०प्र०) 5. अनुपम कुलश्रेष्ठ (बैच: 1995) पुरानी तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन, आगरा नई तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, कानपुर जोन, कानपुर 6. ए० सतीश गणेश (बैच: 1996) पुरानी तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ नई तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, निदेशालय, लखनऊ (अतिरिक्त प्रभार: अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध, उ०प्र०, लखनऊ) 7. डॉ० आर० के० स्वर्णकार (बैच: 1996) पुरानी तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी (PAC) मुख्यालय, उ०प्र० नई तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, उ०प्र० पावर कॉरपोरेशन लि०, लखनऊ 8. एस० के० भगत (बैच: 1998) पुरानी तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध, उ०प्र०, लखनऊ नई तैनाती: अपर पुलिस महानिदेशक, आगरा जोन, आगरा 9. गीता सिंह (बैच: 2007) पुरानी तैनाती: पुलिस महानिरीक्षक (IG), अभियोजन, उ०प्र०, लखनऊ नई तैनाती: पुलिस महानिरीक्षक (IG), प्रशिक्षण निदेशालय, उ०प्र०, लखनऊ

बॉयफ्रेंड से शादी करने वाली वायरल गर्ल की हाई कोर्ट में गुहार, दस्तावेजों पर उठाए सवाल

इंदौर   प्रयागराज महाकुंभ में माला बेचने वाली सोशल मीडिया पर वायरल हुई युवती ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दाखिल की है. इसमें उसने कहा है "जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित दस्तावेजों में छेड़छाड़ की गई है." युवती ने याचिका में ये भी कहा है "उसके पति के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज करवाया गया है।  परिजनों ने बेटी को नाबालिग बताया प्रयागराज महाकुंभ में वायरल हुई युवती ने कुछ माह पहले केरल में रहने वाले फरमान खान नामक व्यक्ति के साथ शादी कर ली थी. इसका उसके परिजनों ने विरोध किया था. युवती के परिजनों ने आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत की थी "उनकी बेटी नाबालिग है. फरहान खान से ने उसे फंसाकर शादी की है." खरगोन पुलिस ने फरहान खान सहित अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।  युवती की जन्मतिथि पर विवाद इंदौर हाई कोर्ट में वायरल गर्ल के एडवोकेट ने उसकी उम्र को लेकर याचिका लगाई है. याचिका में मध्य प्रदेश शासन, डीजीपी मध्य प्रदेश, डीजीपी केरल और युवती के पिता को पक्षकार बनाया गया है. वकील ने कोर्ट को बताया है कि युवती की वास्तविक जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 है और इस आधार पर उसके आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड बने हैं।  युवती के वकील बीएल नागर का कहना है "1 जनवरी 2009 की जन्म तिथि वाला प्रमाण पत्र फर्जी तरीके से तैयार किया गया है. इसकी जांच होनी चाहिए." वायरल गर्ल महाराष्ट्र के फरमान के साथ डेढ़ साल से रिश्ते में थी. फेसबुक पर शुरू हुए इस रिश्ते का युवती के परिवार ने कड़ा विरोध किया था।  अपने प्रेमी से तिरुवनंतपुरम में रचाई शादी अपने पिता से झगड़े के बाद ये युवती अपने प्रेमी फरमान खान साथ ट्रेन से तिरुवनंतपुरम पहुंची. युवती का दावा है कि उसके पिता उसे दूसरी शादी के लिए मजबूर कर रहे हैं और वह स्वतंत्र रूप से जीना चाहती है. युवती ने तिरुवनंतपुरम में 11 मार्च 2026 को अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान से शादी कर ली।  कैसे शुरू हुआ विवाद? इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुंभ मेले के दौरान माला बेचते हुए मोनालिसा का वीडियो वायरल हुआ और इस लोकप्रियता के बाद उन्हें एक फिल्म का ऑफर मिला। बताया जा रहा है कि इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी फरमान खान से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। दोनों ने अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में रचाई थी शादी इसके बाद दोनों ने बीते 11 मार्च 2026 को केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित अरूमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में प्रेम विवाह कर लिया। दूसरी तरफ, युवती के पिता ने महेश्वर थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उनकी बेटी नाबालिग है और फरमान खान उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया है, जिसके आधार पर पुलिस ने फरमान के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब 'वायरल गर्ल' ने खुद अपने पति के बचाव में इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। युवती के अधिवक्ता बीएल नागर द्वारा दायर इस याचिका में दावा किया गया है कि युवती की वास्तविक जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 है, जिसके आधार पर वह पूरी तरह बालिग (वयस्क) है। पिता का क्या है आरोप? वहीं, मोनालिसा के पिता द्वारा पुलिस रिकॉर्ड में उसकी जन्मतिथि 1 जनवरी 2009 बताई गई है, जिससे वह नाबालिग साबित हो रही है। युवती का आरोप है कि 2009 की जन्मतिथि वाला प्रमाण पत्र गलत तरीके से तैयार किया गया है, जबकि उसकी वास्तविक जन्मतिथि के आधार पर ही उसके आधिकारिक पहचान पत्र (वोटर आईडी और अन्य दस्तावेज) बने हुए हैं। इस याचिका में मध्य प्रदेश शासन, डीजीपी मध्य प्रदेश, डीजीपी केरल और युवती के पिता को पक्षकार बनाया गया है। अदालत से गुहार लगाई गई है कि किसी सक्षम अधिकारी से इस पूरे उम्र विवाद की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए और युवती का वास्तविक जन्म प्रमाण पत्र सामने लाया जाए ताकि मामले में त्वरित और न्यायसंगत कार्रवाई हो सके। महाकुंभ के घाटों से शुरू हुआ यह सफर अब अदालत की चौखट तक पहुंच गया है, और अब देखना यह होगा कि इंदौर हाईकोर्ट दस्तावेजों की जांच के बाद इस उम्र विवाद और प्रेम विवाह पर क्या फैसला सुनाता है।

धनबाद में अवैध खनन के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन, पुलिस-ग्रामीणों में बहस

धनबाद धनबाद जिले के रामकनाली ओपी क्षेत्र स्थित केशलपुर में अवैध कोयला खनन को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव की मुखिया प्रेमलता कुमारी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट होकर अवैध खनन स्थल पहुंच गए और वहां चल रहे अवैध कारोबार का विरोध किया। लोगों ने आरोप लगाया कि इलाके में धड़ल्ले से अवैध कोयला खनन किया जा रहा है, जिससे गांव वालों की जिंदगी खतरे में पड़ गई है। ग्रामीण जब अवैध मुहाने पर पहुंचे तो वहां बड़ी मात्रा में बोरे में भरा कोयला जमा मिला। लोगों का आरोप है कि लंबे समय से यहां चोरी-छिपे जमीन के नीचे से कोयला निकाला जा रहा था। लोगों ने मौके पर पहुंचकर विरोध शुरू कर दिया और अवैध खनन बंद कराने की मांग की। दहशत के लिए कि गई बमबाजी ग्रामीणों के विरोध से अवैध कोयला कारोबारियों में हड़कंप मच गया। आरोप है कि दहशत फैलाने के लिए वहां बमबाजी की गई। बम फटने की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद ग्रामीण और ज्यादा आक्रोशित हो गए। गुस्साए लोगों ने मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक ऑटो में तोड़फोड़ कर दी। कहीं टंडाबाड़ी जैसी घटना यहां भी न हो जाए ग्रामीणों ने कहा कि अवैध खनन की वजह से इलाके में भू-धंसान का खतरा लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना था कि जिस तरह जमीन के नीचे से लगातार कोयला निकाला जा रहा है, उससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने सोनारडीह के टंडाबाड़ी इलाके का जिक्र करते हुए कहा कि वहां जैसी स्थिति यहां भी बन सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते अवैध खनन नहीं रुका तो गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई बहस गुस्साए ग्रामीण अवैध मुहाना बंद कराने की मांग को लेकर रामकनाली ओपी पहुंच गए। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई। कुछ देर तक ओपी परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। मामले की जानकारी मिलने पर ओपी प्रभारी अलीशा कुमारी मौके पर पहुंचीं और लोगों को शांत कराया। ग्रामीणों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर अवैध खनन पर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अवैध उत्खनन पर रोक लगवा दी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि सिर्फ कार्रवाई का भरोसा नहीं, बल्कि इलाके में स्थायी रूप से अवैध खनन बंद होना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

नाथनगर से गायब पांच बच्चियों का सुराग, पटना में मिलीं सभी

भागलपुर  भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के लालूचक गांव में बीती रात करीब 10:00 बजे एक साथ पांच बच्चियों के लापता होने की घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। ग्रामीणों में डर और चिंता का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन इस गंभीर घटना की गंभीरता को देखते हुए हरसंभव प्रयास में जुट गया है। हालांकि अभी-अभी जानकारी मिली है के पांचों बच्चियों को खोज लिया गया है। पटना भागलपुर और रेलवे पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है। एसएसपी ने गठित की 10 सदस्यीय एसआईटी टीम सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद यादव ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी और डीएसपी टू राकेश कुमार के नेतृत्व में 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। टीम पूरे जिले में सक्रिय हो गई है और रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बरारी घाट, सबौर घाट सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। एसएसपी ने कहा कि गुमशुदा बच्चियों के बारे में सूचना देने वाले को 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। साइबर सेल और डॉग स्क्वायड को भी खोज कार्य में लगाया गया है। गायब हुई बच्चियों के नाम और उम्र लालूचक गांव निवासी पांचों बच्चियों में शामिल हैं:     आनंदी मंडल की बेटी श्वेता कुमारी     भोला मंडल की बेटी गंगा कुमारी     दिनेश कुमार दनकर की बेटी तेजस्वी कुमारी     घोलटी मंडल की बेटी पल्लवी     मंगली देवी की बेटी सोनम कुमारी सभी बच्चियों की उम्र 8 से 12 वर्ष के बीच है। मांओं की हताशा और पुलिस पर नाराजगी बच्चियों की मांएं रात को थाने पहुंचीं, लेकिन पुलिस पदाधिकारी ने उन्हें फटकारते हुए कहा कि “सुबह 10 बजे आना”। इससे ग्रामीणों और परिजनों में गहरा आक्रोश है। आनंदी मंडल की पत्नी शोभा देवी ने बताया कि उनकी बेटी श्वेता रात 8 बजे पल्लवी के बुलाने पर गई थी। रात 9 बजे वह घर आई और पढ़ाई करने बैठी, लेकिन करीब 10:30 बजे अचानक गायब हो गई। चार घंटे खोजने के बाद उन्होंने रात 2 बजे थाने पहुंचकर मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने संवेदना दिखाने की बजाय फटकार दी। दूसरी मां की व्यथा पल्लवी की मां रानी देवी ने बताया कि बेटी अपने घर में सो रही थी, लेकिन रात 10 बजे किसी ने बताया कि वह अन्य लड़कियों के साथ कहीं जा रही है। सभी प्रयास करने के बावजूद बच्चियों का कोई पता नहीं चला। तीसरी मां की चिंता तेजस्वी की मां रीना देवी और सोनम की मां मंगली देवी ने बताया कि बच्चियां रात 10 बजे अचानक गायब हो गईं। थाने पहुंचने पर उन्हें सिर्फ यही कहा गया कि “सुबह 10 बजे आना”। एसआईटी टीम की कार्रवाई डीएसपी टू राकेश कुमार ने बताया कि बच्चियों को खोजने के लिए युद्ध स्तर पर टीम काम कर रही है, जिले भर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में एक फुटेज में बच्चियों को ऑटो पर जाते हुए देखा गया। ग्रामीणों में बढ़ती चिंता और संभावित मानव तस्करी की आशंका स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटनाएं पहले कभी नहीं हुईं। उन्होंने कहा कि यह मानव तस्करी का मामला भी हो सकता है, इसलिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। इलाके में सनसनी भागलपुर जिले में नाथनगर के लालूचक गांव से पांच बच्चियों की एक साथ गायब होने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस प्रशासन ने विशेष जांच दल, साइबर सेल और डॉग स्क्वायड के जरिए तलाश शुरू कर दी है। इनाम की घोषणा के बावजूद परिजन और ग्रामीण घटनास्थल पर चिंतित हैं और पुलिस से जल्द कार्यवाही की मांग कर रहे हैं। हालांकि अभी-अभी जानकारी मिली है कि पटना में इन पांचों लड़कियों को बरामद कर लिया गया है। पटना रेल पुलिस इन लड़कियों से अभी पूछताछ कर रही है। वे भागलपुर पुलिस के संपर्क में है।  

चाईबासा में नक्सल मोर्चे पर बड़ा झटका, इनामी नक्सलियों समेत कई ने किया आत्मसमर्पण

रांची  झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति एवं पुनर्वास नीति के तहत राज्य पुलिस को नक्सलियों के सरेंडर कराने में बड़ी सफलता मिली है। राज्य में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नक्सलियों ने सरेंडर किया है। इसमें इनामी से लेकर कैडर पुरुष और महिला नक्सली है। नक्सलियों को सरेंडर कराने में चाईबासा एसपी अमित रेणु, सीआरपीएफ और झारखंड जगुआर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन पुलिस को सौंपे आत्मसमर्पण के साथ ही नक्सलियों ने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, मैगजीन और हजारों राउंड जिंदा कारतूस भी पुलिस को सौंपे हैं। जिनमें एक इंसास एलएमजी, पांच इंसास राइफल, नौ एसएलआर, एक बोल्ट एक्शन रायफल और एक पिस्टल शामिल है। इसके अलावा 31 मैगजीन और 2987 राउंड कारतूस भी इन नक्सलियों के द्वारा पुलिस को सौंपे गए है। इन-इन नक्सलियों ने किया है झारखंड पुलिस के समक्ष सरेंडर 1. सागेन आंगारिया उर्फ दोकोल उर्फ श्याम लाल अंगारिया उम्र 50 वर्ष पे० स्व० डागुर आंगरिया सा० सांगाजाटा थाना-गोइलकेरा जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 2. गादी मुण्डा उर्फ गुलशन करीब 34 वर्ष पे० सोमरा मुण्डा सा० बारूहातू थाना बुण्डू जिला रांची। 3. नागेंद्र मुण्डा उर्फ प्रभात मुण्डा उर्फ मुखिया उर्फ पराउ उम्र 50 वर्ष पे० स्व० सांड मुण्डा उर्फ मंगल सिहं मुण्डा सा० हरादलामा, टोला कोचा टोला, थाना-अड़की, जिला-खुटी। 4. रेखा मुण्डा उर्फ जयंती, उम्र 40 वर्ष पे० स्व० दलगोविंद सिंह मुण्डा सा० बारूहातू, थाना-बुण्डू, जिला-रांची। 5. दर्शन उर्फ बिज हांसदा उम्र करीब 36 वर्ष पे० सुरनिया हांसदा सा० हातनाबुरू थाना- छोटानगरा जिला प० सिंहभूम । 6. सुलेमान हांसदा उर्फ सुनी हांसदा उर्फ चंबरा उम्र करीब 28 वर्ष पे० स्व: जूनू हांसदा सा० हातनाबुरू थाना छोटानगरा जिला प० सिंहभूम। 7. बैजनाथ मुण्डा उम्र करीब 28 वर्ष पे० दुर्गा मुण्डा सा० हरबागढ़, थाना तमाड़ जिला रांची। 8. बासुमती जेराई उर्फ बासू उर्फ सरस्वती उम्र करीब 20 वर्ष पे० पियूश जेराई सा० धारनादिरी, थाना किरीबुरू, जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 9. रघु कायम उर्फ गुणा उम्र करीब 27 वर्ष पे० गोलटा कायम सा० गिंडुंग थाना मुफ‌सिल प० सिंहभूम। 10. किशोर सिरका उर्फ दुर्गा सिरका उम्र करीब 20 वर्ष पे० स्व० दिगम सिरका सा० कादालसोकवा, थाना टोंटो जिला-प०सिंहभूम चाईबासा । 11. राम दयाल मुण्डा पे० उम्र करीब 22 वर्ष रमाय मुण्डा सा० हारबा, थाना तमाड़ रांची। 12. करण उर्फ डांगुर तियू पे० फाडू तियू उम्र करीब 30 वर्ष सा०संगाजाटा, थाना-गोइलकेरा जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 13. वंदना उर्फ शांति उम्र करीब 20 वर्ष पे० दातुन कोड़ा पति दर्शन सा० हाथीबुरू थाना गोइलकेरा जिला प०सिंहभूम । 14. सुनिता सरदार उर्फ बारी पति बैजनाथ मुण्डा उम्र करीब 24 वर्ष पे० जगबंधु सरदार सा० रायजामा थाना खरसंवा जिला-सरायकेरा-खरसंवा। 15. डांगुर बोइपाई उर्फ मुकेश, उम्र करीब 18 वर्ष, पे० स्व० नंदू बोइबाई. सा०-हाथीबुरु, टोला-सासांगढीपा, थाना-गोइलकेरा, जिला-प० सिंहभूम चाईबासा । 16. बसंती देवगम उम्र करीब 22 वर्ष पे० सिनू देवगम सा० सारजोमबुरू थाना टोंटों जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 17. मुनीराम मुण्डा उम्र करीब 19 वर्ष पे० बुधराम मुण्डा सा० रोलाहातू थाना दलभंगा, जिला- सरायकेला-खरसंवा। 18. अनिशा कोड़ा उर्फ रानी उम्र करीब 20 वर्ष पे० पांडू कोड़ा सा० टोडांगसाई कुइरा, थाना-गोइलकेरा जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 19. सपना कालुडिया उर्फ सुरू कालुडिया उम्र करीब 19 वर्ष पे० गोपी कालुडिया सा० कोताड़या थाना-जामदा, जिला-प०सिंहभूम चाईबासा। 20. सुसारी उर्फ दसमा कालुडिया सा० कोताड़या बाना-जामदा जिला-प० सिंहभूम चाईबासा। 21. बिरसा कोड़ा उर्फ हरिसिंह पे० पेरमा कोड़ा सा० बोइपाई सांसांग थाना- गोइलकेरा, जिला- प0 सिंहभूम चाईबासा। 22. नुअस बाहांदा उम्र करीब 14 वर्ष पे० बुधराम बाहांदा सा- दोलाईगाड़ा थाना- छोटानागरा जिला- प0 सिंहभूम चाईबासा । 23. बुमली लियू उर्फ दामू बरण तियू उम्र करीब 25 वर्ष पे० बुरुजू तियू सा- सारजोमडीह, थाना -राजनगर जिला- सरायकेला-खरसवां। 24. निति माई हेंब्रम उर्फ निति हेंब्रम उम्र करीब 19 वर्ष पे० नापो उर्फ गुमिदा हेंब्रम सा – तुम्बाहाका थाना – टोंटो, जिला – प0 सिंहभूम, चाईबासा । 25. लादू तिरिया पे० चरण तिरिया सा० सारजोमबुरु थाना टोटो जिला-प०सिंहभूम सा० तुबाहाका थाना-टोटो जिला-प०सिंहभूम चाईबासा।