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पंजाब के लुधियाना में फैक्ट्री हादसा, गैस लीक से तीन मजदूरों की मौत, इलाके में हड़कंप

लुधियाना. पंजाब के लुधियाना में सोमवार तड़के हुए एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। पाना-चाबी बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक जहरीली गैस का रिसाव होने से वहां काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पिता और पुत्र सहित तीन की दम घुटने से मौत हो गई, जबकि कई अन्य मजदूरों की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया। मृतकों की पहचान मान सिंह और उनके पुत्र अमित के रूप में हुई है, जबकि तीसरे मृतक का नाम श्रीराम है। तीनों फैक्ट्री में कार्यरत थे और रोज की तरह सोमवार सुबह भी अपनी ड्यूटी पर पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह कामकाज सामान्य रूप से चल रहा था। इसी दौरान अचानक किसी पाइपलाइन अथवा गैस सिलेंडर से जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते गैस पूरे परिसर में फैल गई और वहां मौजूद कर्मचारियों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन तथा घुटन महसूस होने लगी।  मजदूर मौके पर ही हुए बेहोश कुछ मजदूरों ने बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन गैस का प्रभाव इतना तेज था कि कई कर्मचारी मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना की जानकारी मिलते ही फैक्ट्री प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। बचाव कर्मियों ने सुरक्षा उपकरणों की मदद से फैक्ट्री के भीतर फंसे कर्मचारियों को बाहर निकालना शुरू किया। गंभीर रूप से प्रभावित मान सिंह और उनके पुत्र अमित को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। अन्य प्रभावित मजदूरों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ कर्मचारियों की हालत अभी भी निगरानी में रखी गई है। मृतकों का शव पोसटमार्टम के लिए भेजा दोनों मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए कैंसर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित विभागों की टीमें भी गैस रिसाव के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा तकनीकी खराबी, सुरक्षा मानकों में लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुआ। हादसे के बाद फैक्ट्री क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की मांग उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन ने भी जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया है।

छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र का महापर्व, निकाय और पंचायत उपचुनाव में वोटिंग शुरू

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम अनुसार राज्य में चल रहे नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के आम-उपचुनाव के लिए आज मतदान किया जा रहा है. नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 05 पदों और पार्षद के 71 पदों के निर्वाचन के लिए बनाए गए 96 मतदान केन्द्रों में कुल 31928 मतदाताओं (15720 पुरूष मतदाता, 16207 महिला मतदाता तथा 01 अन्य मतदाता) द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया जायेगा. वहीं त्रि-स्तरीय पंचायत में जनपद पंचायत सदस्य के 10, सरपंच के 34 और वार्ड पंच के 107 पदों के निर्वाचन के लिए बनाए गए 274 मतदान केन्द्रों में कुल 102797 मतदाताओं (51465 पुरूष मतदाता, 51331 महिला मतदाता तथा 01 अन्य मतदाता) द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया जायेगा. नगरीय निकायों में मतदान समय सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक और त्रि-स्तरीय पंचायतों में मतदान समय सुबह 7 बजे से शाम 3 बजे तक निर्धारित है.

पंजाब में शिक्षा क्रांति का दावा, CM मान ने करवाई PTM; सरकारी स्कूलों ने हासिल किया पहला स्थान

 चंडीगढ़ राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में पंजाब द्वारा शीर्ष स्थान हासिल करने की उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने आज राज्य के 19,000 से अधिक सरकारी स्कूलों में मेगा अभिभावक-शिक्षक मिलन (पीटीएम) आयोजित किया। इस दौरान पूरे प्रदेश में सहभागी शिक्षा का उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला।  ‘शिक्षा का महा उत्सव’ के बारे में जानकारी साझा करते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह विशेष आयोजन नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब को प्रथम स्थान मिलने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। इस रिपोर्ट में पंजाब ने बुनियादी शिक्षा के प्रमुख मानकों पर केरल को पीछे छोड़ दिया, जिसे लंबे समय से देश में स्कूली शिक्षा का स्वर्ण मानक माना जाता रहा है। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस सामूहिक उपलब्धि के सम्मान में आज शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों को उनके अथक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा बोर्ड परीक्षाओं के टॉपरों, इंग्लिश एज कार्यक्रम के उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों तथा जेईई क्वालिफायर छात्रों सहित उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को विशेष सम्मान और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस उपलब्धि को बनाए रखने में अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मेगा पीटीएम और अभिभावक कार्यशालाओं में 20 लाख से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया। यह व्यापक कार्यक्रम ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों की सीखने की निरंतरता बनाए रखने, अवकाश गृहकार्य के प्रभावी प्रबंधन तथा सकारात्मक दिनचर्या विकसित करने पर केंद्रित था। इस व्यापक कार्यक्रम के सफल और गुणवत्तापूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों को लाइव यूट्यूब सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रशिक्षित सहयोगी स्टाफ और सक्रिय स्कूल प्रबंधन समितियों ने अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने, समन्वय स्थापित करने तथा गतिविधियों के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंत्री बैंस ने इस उपलब्धि को ‘पंजाब शिक्षा क्रांति’ का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा, “यह नंबर-1 रैंक केवल सरकार की उपलब्धि नहीं है, बल्कि हर उस अभिभावक की है जिसने सरकारी स्कूलों पर विश्वास जताया, हर उस विद्यार्थी की है जिसने मेहनत की और हर उस शिक्षक की है जिसने पाठ्यपुस्तकों से आगे बढ़कर शिक्षा प्रदान की। हमने सरकारी स्कूलों को अंतिम विकल्प से पहली पसंद में बदल दिया है। दशकों तक यह माना जाता रहा कि सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा संभव नहीं है, लेकिन पंजाब ने इस धारणा को गलत साबित कर दिखाया है। यह रैंक हमारे कक्षाओं से उत्पन्न हुई शिक्षा क्रांति का प्रमाण है।” 

बोर्ड परीक्षाओं की रैंकिंग में बड़ा बदलाव, बराबर नंबर पर उम्र नहीं करेगी फैसला : सीएम मान

चंडीगढ़  पंजाब में बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स की रैंकिंग तय करने के लिए आयु में अंतर (एज डिफरेंस) का नियम अब खत्म होगा। भविष्य में यदि एक से अधिक विद्यार्थियों के समान अंक आते हैं तो सभी को एक ही रैंक दी जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में व्यवस्था में बदलाव करने के निर्देश दिए हैं।  चंडीगढ़ में आयोजित सितारे जमीन पर कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पंजाब के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने विद्यार्थियों के अनुभव सुने और अपने अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और पंजाब मामलों के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी मौजूद रहे। छात्रा ने उठाया मुद्दा कार्यक्रम के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री के समक्ष रैंकिंग व्यवस्था का मुद्दा उठाया। छात्रा ने बताया कि अमृतसर जिले में उसके सहित तीन छात्राओं ने समान अंक प्राप्त किए थे लेकिन आयु प्रमाण पत्र के आधार पर उन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान दिया गया। इस कारण वह प्रथम स्थान हासिल नहीं कर सकी। छात्रा की बात सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नियमों में बदलाव करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समान अंक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थी टॉपर हैं और उनमें कोई अंतर नहीं किया जाना चाहिए। इसलिए भविष्य में समान अंक पाने वाले सभी विद्यार्थियों को समान स्थान और सम्मान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। पहले तीन टॉपर के हैं समान अंक मनीष सिसोदिया ने भी छात्रा के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों को अपनी बात रखने और व्यवस्था में सुधार की मांग करने का साहस देना है। हाल ही में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा के परिणामों में भी ऐसा मामला सामने आया था। मानसा की सुपनीत कौर, लुधियाना की सुहानी चौहान और दिव्यांशी ने 500 में से 500 अंक हासिल किए थे। हालांकि तीनों के अंक समान थे लेकिन आयु के आधार पर उन्हें क्रमशः पहला, दूसरा और तीसरा स्थान दिया गया था। अब अगले सत्र से इस व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।   

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों का असर, अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई; धमतरी में 5 मशीनें जब्त

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों का असर : अवैध खनन पर राज्य भर में हो रही कार्रवाई, धमतरी में 5 चैन माउंटेन मशीनें जब्त सूक्ष्म निगरानी, तकनीक और सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर लग रहा अंकुश रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देशों के परिपालन में प्रदेशभर में व्यापक अभियान चलाकर लगातार छापेमारी और कठोर कार्रवाई की जा रही है। सरकार की सूक्ष्म निगरानी, तकनीक आधारित मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई के कारण अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना संभव हो पा रहा है।                 इसी क्रम में खनिज विभाग के सचिव और संचालक के निर्देशानुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता एवं जिला स्तरीय संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 31 मई 2025 की रात्रि में जिला धमतरी अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान ग्राम नारी स्थित महानदी में 05 चैन माउंटेन मशीनें रेत के उत्खनन में संलग्न पाई गईं। मौके पर रेत उत्खनन के संबंध में किसी प्रकार की वैध अनुमति अथवा आदेश प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खनिज के अवैध उत्खनन का प्रकरण दर्ज किया गया।                खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत सभी मशीनों को जब्त कर सील किया गया तथा जवाब प्रस्तुत करने हेतु मशीनों के मुख्य द्वार पर नोटिस चस्पा किया गया। जांच कार्रवाई के दौरान केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेश सरकार द्वारा अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों और सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी गतिविधियों पर लगातार नियंत्रण स्थापित हो रहा है। राज्यभर में अभियानात्मक कार्रवाई जारी है और अवैध खनन में संलिप्त लोगों को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि नियमों के उल्लंघन पर किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी।

गर्मी से राहत जारी! पंजाब में बारिश और आंधी का अलर्ट, पारा सामान्य से नीचे

पटियाला पंजाब में भीषण गर्मी से राहत का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने सोमवार से चार दिनों के लिए पंजाब में यलो अलर्ट जारी कर दिया है। इसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बारिश होगी।   रविवार को मौसम मुख्यता शुष्क रहने के चलते पंजाब के तापमान में 4.8 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। फिलहाल यह सामान्य से 7.8 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 38 डिग्री का पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में भी गर्मी से बचाव रहेगा।  विभाग के मुताबिक सोमवार को चार जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर व तरनतारन में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। वहीं, इन चार जिलों समेत कुल 10 जिलों में तेज हवाएं चलेंगी।  इन चार जिलों के अलावा फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा व मानसा जिले शामिल हैं। मंगलवार को तकरीबन पूरे पंजाब में ही मौसम खराब रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर की गति से तेज हवाएं चलने के साथ बारिश होगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब यह सामान्य से 4.4 डिग्री नीचे पहुंच गया है। पंजाब में सबसे कम 18 डिग्री का न्यूनतम पारा बठिंडा का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 33.5 डिग्री, लुधियाना का 31.8 डिग्री, पटियाला का 32.0 डिग्री, पठानकोट का 34.4 डिग्री, फाजिल्का का 33.7 डिग्री, फिरोजपुर का 33.3 डिग्री, होशियारपुर का 31.2 डिग्री, रूपनगर का 33.3 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 21.3 डिग्री, लुधियाना का 20.6 डिग्री, पटियाला का 21.2 डिग्री, पठानकोट का 22.2 डिग्री, फाजिल्का का 20.5 डिग्री, फिरोजपुर का 20.6 डिग्री, होशियारपुर का 20.8 डिग्री, रूपनगर का 23.1 डिग्री दर्ज किया गया।

TMC में अंदरूनी संकट गहराया, बैठक में सिर्फ 20 विधायक पहुंचे, 60 रहे नदारद

कलकत्ता पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में सबकुछ ठीक नहीं है। कई विधायक और सांसद नाराज बताए जा रहे हैं। इसको बल रविवार को तब और मिला, जब अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद ममता के घर होने वाली बैठक में 80 में से 60 विधायक पहुंचे ही नहीं। इससे हड़कंप मच गया। सूत्रों के अनुसार, ममता के घर पर रविवार को अहम बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें विधायकों को बुलाया गया था, लेकिन बैठक से 60 विधायक गायब रहे, जिससे उसे रद्द करना पड़ गया। हालांकि, बाद में पार्टी की ओर से सफाई पेश की गई कि अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हुए हमले के मामले में तमाम विधायक व्यस्त थे और यही वजह रही कि वे ममता की बैठक में नहीं पहुंचे। एनडीटीवी ने टीएमसी के सूत्रों के हवाले से बताया कि यह बैठक पार्टी के विधायक दल के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने ममता बनर्जी के घर पर बुलाई थी। काफी देर तक विधायकों का इंतजार किया गया, लेकिन जब वे नहीं पहुंचे तो आखिरकार बैठक ही रद्द करनी पड़ी। गैर-हाजिर रहे विधायकों से संपर्क भी नहीं हो पा रहा था। इसकी वजह से भी सवाल खड़े होने लगे हैं कि क्या टीएमसी में बड़ी फूट पड़ने वाली है। पिछले महीने हुए बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा। खुद भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी चुनाव हार गईं। भाजपा ने कुल 208 सीटें जीतीं, जबकि टीएमसी को महज 80 सीटों से संतोष करना पड़ा। इस हार के बाद से ही दबी जुबान में ममता बनर्जी का और टीएमसी की पूर्व सरकार का खुलकर विरोध होने लगा। खुद टीएमसी के कई सांसद और विधायक अपनी ही पार्टी की पूर्व सरकार के खिलाफ आ गए और उसके कई फैसलों का विरोध किया। छह मई को ममता बनर्जी ने हार को लेकर एक बैठक बुलाई, जिसमें लगभग 10 विधायक पहुंचे ही नहीं। सिर्फ 20 विधायक पहुंचे, गायब हुए 60 नेता हुए ‘नॉट रीचेबल’ टीएमसी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह महत्वपूर्ण बैठक विधायी दल के नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय द्वारा ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर बुलाई गई थी. बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनावों में मिली हार और अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद की स्थिति की समीक्षा करना था. लेकिन जब बैठक शुरू होने का समय आया, तो वहां केवल 20 विधायक ही मौजूद थे. सूत्रों ने बताया कि जो 60 विधायक बैठक से अनुपस्थित रहे, जब पार्टी नेतृत्व ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, तो वे सभी पूरी तरह से ‘इनकम्युनिकेटो’ (संपर्क से बाहर) पाए गए।  इस महा-फियास्को पर पर्दा डालने के लिए टीएमसी के प्रवक्ता कुणाल घोष ने एक कमजोर स्पष्टीकरण देते हुए दावा किया कि जो विधायक बैठक में शामिल नहीं हो सके, वे दरअसल अभिषेक बनर्जी और वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी पर हुए हमलों के बाद विभिन्न इलाकों में विरोध प्रदर्शनों का आयोजन करने में व्यस्त थे. हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में विधायकों का गायब होना महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि सुनियोजित दूरी है।  फिर्हाद हकीम और मदन मित्रा दीदी के साथ, लेकिन जमीन खिसकी कालीघाट में मचे इस आंतरिक हाहाकार के बीच टीएमसी नेतृत्व के लिए एकमात्र क्षणिक राहत की बात यह रही कि पार्टी के कुछ पुराने और दिग्गज क्षत्रप जैसे फिर्हाद हकीम, नयना बंदोपाध्याय, मदन मित्रा, आशिमा पात्रा और कुणाल घोष बैठक में मौजूद रहे. इन कद्दावर नेताओं की उपस्थिति यह दर्शाती है कि वे संकट की इस सबसे काली घड़ी में ममता बनर्जी के साथ खड़े हैं।  लेकिन यह एकजुटता भी पार्टी के बिखराव को रोकने के लिए नाकाफी साबित हो रही है. यह आंतरिक विद्रोह ठीक उस समय सामने आया है जब महज 24 घंटे के भीतर सोनारपुर में पार्टी के सेकेंड-इन-कमांड अभिषेक बनर्जी को भीड़ द्वारा पीटा गया और हुगली के चंडीतला में वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी के सिर पर हमला किया गया. इन दोनों सिलसिलेवार हमलों को इस बात का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है कि वर्ष 2011 में वामपंथियों को उखाड़कर लगातार तीन बार बंगाल पर राज करने वाली टीएमसी की राजनीतिक जमीन और शासन पर से उसकी लोहे जैसी मजबूत पकड़ अब पूरी तरह ढीली हो चुकी है।  भवानीपुर में सुवेंदु से हार और काकोली घोष का इस्तीफा कभी खुद को अजेय समझने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बार भाजपा के हाथों बेहद बुरी तरह चुनाव हार चुकी है, जो कुछ साल पहले तक राज्य में अपनी जमीन तलाश रही थी. इस शर्मनाक हार ने पार्टी के भीतर गंभीर अंतर्कलह और गुटबाजी को जन्म दे दिया है, जहां अब वरिष्ठ नेता खुलेआम ममता बनर्जी की चुनावी रणनीतियों पर सवाल उठा रहे हैं. सबसे बड़ा आघात तब लगा जब खुद ममता बनर्जी अपने सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के पोस्टर बॉय और वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से चुनाव हार गईं।  कैसे भड़की अंसतोष? असंतोष की इसी आग में घी डालते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेता काकोली घोष दस्तदार ने हाल ही में टीएमसी के कार्यकारी अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को एक बेहद गुस्से से भरी चिट्ठी भेजकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अपनी चिट्ठी में उन्होंने ममता बनर्जी को आड़े हाथों लेते हुए पार्टी को ‘पुराने ढर्रे’ और जमीनी तौर-तरीकों पर वापस लौटने की नसीहत दी है।  कई अन्य टीएमसी नेताओं ने दबी जुबान में स्वीकार किया है कि पार्टी अपने मूल आधार यानी ‘मां, माटी, मानुष’ से पूरी तरह भटक चुकी है और ममता बनर्जी सहित शीर्ष नेतृत्व अब आम कार्यकर्ताओं के लिए पूरी तरह ‘इनएक्सेसिबल’ हो चुका है. हालांकि, पार्टी ने सार्वजनिक रूप से आलोचना करने वाले असंतुष्टों पर नकेल कसने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है, लेकिन 60 विधायकों की यह खुली बगावत यह साफ बयां कर रही है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और बंगाल की राजनीति में ममता राज का अंत बेहद करीब है।  हालांकि, पार्टी ने तब भी सफाई दी कि चिंता की कोई बात नहीं है और उन विधायकों ने पहले ही जानकारी दे दी थी। उन्हें उनके अपने क्षेत्रों में फैली अशांति के कारण वहीं रहने को कहा गया था। टीएमसी … Read more

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पर प्राण घातक हमला

अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पर प्राण घातक हमला  इंदौर अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष हीरा सिंह ठाकुर द्वारा लगातार अवैध शराब एवं माफियाओं के खिलाफ अपने सोशल मीडिया एवं समाचार के माध्यम से आवाज उठा रहे थे जब भी अचानक अजय, विजय नामक व्यक्तियों ने उनके समाचार से असंतुष्ट होकर उनके ऊपर प्राण घातक हमला कर दिया! यह हमला देर रात को उनके घर लौटते समय हुआ जिसमें उनके मोबाइल लूट ले जाने एवं उनके हाथ पर दो अंगूठी सोने की थी वह लूट ले गए और नगद धनराशि भी लूट कर उन्हें घायल कर दिया और उनके सिर पर प्राण घातक हमला किया गया उन्हें चिकित्सालय में इलाज के दौरान उन्होंने बताया कि आज टैंक सर पर लगे और गंभीर चोटे आई है स्थानी पुलिस पर भी मामला दर्ज कराया गया है मगर आप दिनांक तक कोई भी कार्यवाही संतुष्ट जनक नहीं की गई  क्या कर रही पुलिस  देखना यह है कि एक पत्रकार जो जुझारू एवं अपने कर्तव्यों के परिपालन में समाज में चल रहे आवाज परिवहन को अपने समाचार के माध्यम से उजागर कर रहे थे मगर यह गवारा नहीं हुआ तो आवाज बंद कर देने की साजिश रसी गई जिसमें उन्हें पूर्ण रूप से घायल कर दिया गया मगर पुलिस अभी तक इस मामले से अनजान है या फिर उसे पर कार्यवाही होगी यह आने वाला समय ही बता सकेगा? क्या कहते हैं यह  हीरा सिंह ने स्थानी पुलिस से मांग की है कि शीघ्र ही उनके ऊपर प्राण घातक हमला करने वाले अजय विजय को पुलिस शीघ्र गिरफ्तार करें  कार्यवाही नहीं तो?  पत्रकारों ने इस घटना की घोर निंदा की है और कहा है किसी ग्रह अगर पुलिस कार्यवाही नहीं करती तो पत्रकार जो है आंदोलन करने के लिए बात होगा जिसकी संपूर्ण जवाबदारी प्रशासन की होगी

जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा बने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के एक्टिंग चीफ जस्टिस

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत होने के बाद केंद्र सरकार ने सोमवार को हाई कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त कर दिया। भारत के राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद-223 के तहत यह नियुक्ति की है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने से पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद रिक्त हो गया था, जिसके चलते जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के दायित्व सौंपे गए हैं। अधिसूचना के अनुसार, राष्ट्रपति ने जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के कार्यालय के कार्यों का निर्वहन करने के लिए नियुक्त किया है। यह नियुक्ति तब तक प्रभावी रहेगी जब तक हाई कोर्ट को नियमित मुख्य न्यायाधीश नहीं मिल जाता। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा का न्यायिक और विधिक क्षेत्र में लंबा अनुभव रहा है। उनका जन्म 16 नवंबर 1968 को हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ी मल कालेज से अर्थशास्त्र में बीए (ऑनर्स) की डिग्री प्राप्त की और इसके बाद कैंपस लॉ सेंटर, दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। 8 मई 1993 को अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराने के बाद उन्होंने मुख्य रूप से सिविल, संवैधानिक और सेवा संबंधी मामलों में वकालत की। अपने वकालती करियर के दौरान उन्होंने नोएडा प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, इलाहाबाद विकास प्राधिकरण, इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको), इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन तथा उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन सहित कई सार्वजनिक और वैधानिक संस्थाओं का पक्ष रखा। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी महत्वपूर्ण मामलों में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में पेश होते रहे। वर्ष 2013 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा प्रदान किया गया। जस्टिस मिश्रा ने 3 फरवरी 2014 को इलाहाबाद हाई कोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी और 1 फरवरी 2016 को स्थायी न्यायाधीश बने। 21 जुलाई 2025 को उनका तबादला पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में हुआ था। न्यायिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले दिए हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट में रहते हुए उनकी पीठ ने चर्चित निठारी सीरियल किलिंग मामले में अहम निर्णय सुनाया था। वहीं पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में उन्होंने अवैध खनन के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए कई महत्वपूर्ण आदेश पारित किए और सेवा तथा संवैधानिक कानून से जुड़े मामलों में उल्लेखनीय निर्णय दिए। जस्टिस शील नागू के सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में चार जज हो गए जिनका संबध पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से है। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जिस्टस ए जी मसीह व जस्टिस अरुण पल्ली , पंजाब एवं हरियाणा हाई के कोटे से सुप्रीम कोर्ट में है जबकि जस्टिस शील नागू पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के चीफ रहते हुए मध्य प्रदेश कोटे से सुप्रीम कोर्ट पंहुचे है।

अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रगति कार्यों की ली समीक्षा

अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की विकसित भारत अधिनियम की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने के दिए निर्देश प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ की तेज गति पर जताया हर्ष रायपुर अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है कि आम नागरिकों को विकसित भारत अधिनियम के बारे में पूरी और स्पष्ट जानकारी हो। नियमों के लागू होने से पहले यदि लोग इसके प्रति जागरूक होंगे, तो वे योजनाओं का अधिक से अधिक और सही लाभ उठा सकेंगे। अपर मुख्य सचिव ने आगामी 01 जुलाई से लागू होने वाले विकसित भारत अधिनियम 2025 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस नए अधिनियम के प्रावधानों और नियमों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं।          अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने आज अटल नगर नवा रायपुर स्थित विकास आयुक्त भवन में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) सहित अन्य ग्रामीण विकास कार्यों की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया।       प्रधानमंत्री आवास निर्माण की सराहना की        बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत छत्तीसगढ़ में देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक आवास पूर्णता और तीव्र निर्माण गति पर  हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए विभागीय टीम की सराहना की और निर्देशित किया कि विकास की इस गति को निरंतर बनाए रखा जाए, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही पक्के मकान से वंचित न रहे। उन्होंने विभागीय योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की और समय-सीमा में लक्ष्यों को पूरा करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।          इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव धर्मेश साहू, मनरेगा आयुक्त एवं संचालक (प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण) तारण प्रकाश सिन्हा, अपर विकास आयुक्त वी.पी. तिर्की सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित थे।