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नूरानी मस्जिद पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, जयपुर में सुरक्षा बढ़ी, इंटरनेट पर भी रोक

 जयपुर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) द्वारा शहर के नंदपुरी इलाके में सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे धार्मिक स्थल को हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि प्रशासन की टीम ने नूरानी मस्जिद को सील कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।  प्रशासन ने एंटी-एंक्रोचमेंट ड्राइव से पहले जिले के ज्यादातर इलाकों में इंटरनेट बंद कर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. साथ ही पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च भी निकाला और पूरे इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबल को भी तैनात कर दिया गया है।  बताया जा रहा है कि जयपुर में मालवीय नगर से जगतपुरा तक जाने वाली मुख्य सड़क को चौड़ा करने के लिए काफी वक्त से काम चल रहा था. पिछले कई दिनों से सड़क तो चौड़ी की जा रही थी, मगर इस मस्जिद को छोड़ दिया गया था. इसे लेकर लोग सोशल मीडिया पर लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ पोस्ट डाल रहे थे, जिसके बाद जेडीए ने इसे हटाने की पूरी तैयारी कर ली।  ध्वस्त किए जाएंगे 5 धार्मिक स्थल प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि जेडीए और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से मालवीय नगर से जगतपुरा तक जाने वाले मुख्य सड़क को चौड़ा करने के लिए लंबे वक्त से काम कर रहा था. इसी क्रम में क्षेत्र में नंदपुरी अंडरपास के पास रेलवे लाइन के समानांतर चलने वाली सड़क को मौजूदा 25-30 फीट से बढ़ाकर निर्धारित 80 फीट करने का अभियान चल रहा है. इस अभियान में सड़क के अधिकार क्षेत्र में आने वाली पांच धार्मिक संरचनाओं को हटाया जा रहा है, जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग हॉल और एक मजार शामिल है. ये धार्मिक स्थल सड़क के राइट ऑफ वे (सीमा) में आ रही है।  प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वो अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें. किसी भी भड़काऊ पोस्ट या वीडियो को शेयर करने से बचें, अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी।  राइट ऑफ-वे आने वाले धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए बताया कि सड़क सीमा (राइट ऑफ वे) में आने वाले धार्मिक स्थलों को हटाने की इस कार्रवाई के दौरान सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. भड़काऊ वीडियो बनाने या तथ्यहीन सामग्री प्रसारित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।  'तीन हजार से ज्यादा जवान तैनात' अधिकारी ने बताया कि इस संवेदनशील अतिक्रमण विरोधी अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए जयपुर पुलिस और विकास प्राधिकरण ने चक्रव्यूह तैयार किया है. पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है, जहां कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए 50 से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 3,000 से ज्यादा जवानों की मुस्तैद किया गया है।  कांग्रेस ने उठाया सवाल उधर, इस पूरे प्रशासनिक एक्शन पर राजनीतिक विवाद भी शुरू हो गया है. कांग्रेस विधायक रफीक खान ने इस ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि जिस नूरानी मस्जिद को प्रशासन हटाने जा रहा है, वह पूरी तरह से बिल्डिंग बायलॉज और तय नियमों के अनुसार बनाई गई थी। 

पंजाबियों के लिए अलर्ट: अगले 3 दिन हीट वेव का खतरा, दोपहर में बाहर निकलना पड़ सकता है भारी

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पिछले दिनों हुई बारिश से लोगों को कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन अब एक बार फिर गर्म हवाओं और 'लू' ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में 11 जून तक 'लू' को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं मौसम विभाग के अनुसार, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, बरनाला और संगरूर जिलों में लू का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। हालांकि, 11 से 13 जून के बीच पठानकोट, होशियारपुर, रूपनगर और मोहाली समेत कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर तापमान की बात करें तो बठिंडा राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं चंडीगढ़ में तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 4 दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है, जिससे गर्मी का असर और अधिक बढ़ने की संभावना है।   11 जून से बदलेगा मौसम पंजाब में अगले तीन दिन भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने प्रदेश में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान अधिकतम तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 11 जून से मौसम में बदलाव के आसार हैं। विभाग के अनुसार तेज आंधी चलने से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। 12 और 13 जून को भी ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है। रविवार को प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई जो सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक रहा। बठिंडा सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा फरीदकोट में 42.5 डिग्री, अबोहर में 42.2 डिग्री और लुधियाना में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई जबकि गुरदासपुर में सबसे कम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। 

कायस्थ समाज की अनूठी पहल: बच्चों ने संभाली आयोजन की कमान, मेधावी प्रतिभाओं को मिला सम्मान

बाल कायस्थ प्रतिभाओं ने संभाली आयोजन की कमान, 33 मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने की अभिनव पहल, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्रतिभा सहित विशिष्ट सम्मान प्रदान भोपाल  अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, मध्य भारत प्रदेश एवं जिला भोपाल इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित "कायस्थ प्रतिभा सम्मान समारोह एवं चित्रांश पारिवारिक मासिक बैठक" समाज की प्रतिभाओं, संस्कारों और संगठनात्मक शक्ति का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा, संचालन एवं व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी समाज के युवा बच्चों ने संभाली। अधिकांश बच्चे विद्यालयी स्तर के विद्यार्थी थे, जिन्होंने अपने अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और संगठन कौशल से सभी को प्रभावित किया। यह पहल वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं मध्यप्रदेश शासन के मंत्री माननीय विश्वास कैलाश सारंग की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसमें बच्चों को केवल दर्शक नहीं बल्कि समाज के भविष्य के नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करने पर बल दिया गया है। इसी भावना को मूर्त रूप देते हुए प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपूर्ण कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं द्वारा संचालित कराया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय विश्वास कैलाश सारंग तथा विशिष्ट अतिथि मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजातशत्रु श्रीवास्तव थे। भगवान चित्रगुप्त के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। अपने संबोधन में विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि "जो समाज अपनी प्रतिभाओं का सम्मान करता है, वही समाज भविष्य में नेतृत्व करता है।" उन्होंने युवाओं और विद्यार्थियों को शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया तथा समाज को संगठित एवं प्रगतिशील बनाने का आह्वान किया। विशिष्ट अतिथि अजातशत्रु श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने बच्चों से उच्च प्रशासनिक, तकनीकी एवं राष्ट्रीय स्तर के पदों तक पहुंचने का संकल्प लेने का आग्रह किया। राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रतिभाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा एवं उत्कृष्टता की भावना विकसित करते हैं और ऐसे आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। प्रदेश अध्यक्ष सुनील श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि अखिल भारतीय कायस्थ महासभा केवल एक संगठन नहीं बल्कि एक सशक्त सामाजिक परिवार है। उन्होंने मासिक चित्रांश पारिवारिक बैठकों की अवधारणा, सामाजिक एकता, युवा सहभागिता, महिला सशक्तिकरण, धार्मिक यात्राओं, गरबा महोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं विभिन्न सामाजिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि समाज का विकास केवल आर्थिक प्रगति से नहीं बल्कि संस्कार, संगठन और शिक्षा से होता है। उन्होंने सभी परिवारों से समाजहित में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। कार्यक्रम में वर्ष 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 33 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। समारोह में केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय एवं विशिष्ट उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने वाली कुमारी पूजा सिंह को "विशिष्ट कायस्थ सम्मान" से सम्मानित किया गया। वहीं कुमारी पायल सक्सेना को राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि एवं सुरक्षा अध्ययन के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए "विशिष्ट कायस्थ सम्मान" प्रदान किया गया। स्मृति पुरस्कारों ने समारोह को बनाया भावनात्मक और प्रेरणादायी समारोह में समाज के दिवंगत वरिष्ठजनों की स्मृति को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से विभिन्न स्मृति पुरस्कार भी प्रदान किए गए। कक्षा 12वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अदिति श्रीवास्तव को स्वर्गीय सोमेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ की पुण्य स्मृति में ₹3100 की सम्मान राशि सौरभ भावना कुलश्रेष्ठ द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 12वीं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी तान्या श्रीवास्तव तथा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शिवांश सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती फूलमती देवी प्रधान एवं श्यामाचरण प्रधान की स्मृति में दो बच्चों के समान अंक होने की वजह  से एक समान राशि ₹1100-₹1100 की सम्मान राशि अभय वंदना प्रधान द्वारा प्रदान की गई। कक्षा 12वीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कृतार्थ श्रीवास्तव को स्वर्गीय श्रीमती सरजू देवी सक्सेना की स्मृति में ₹1100 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिनेश सविता सक्सेना प्रदान किया गया। कक्षा 10वीं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी अनिका सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती शांति देवी श्रीवास्तव की पुण्य स्मृति में ₹3100 की सम्मान राशि सुनील अनुराधा ‌श्रीवास्तव द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 10वीं में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी नम्रता सक्सेना को स्वर्गीय श्रीमती कमलेश प्रधान एवं प्रेमचरण प्रधान की स्मृति में ₹2100 की सम्मान राशि अभय वंदना प्रधान द्वारा प्रदान की गई।कक्षा 10वीं में तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली कुमारी लेविता सक्सेना को स्वर्गीय माधव प्रसाद सक्सेना स्मृति शैक्षणिक उत्कृष्टता सम्मान के अंतर्गत ₹1100 की सम्मान राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिनेश सविता सक्सेना द्वारा प्रदान किया गया। जिला अध्यक्ष महेंद्र श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में समाज सेवा एवं संगठनात्मक योगदान के लिए विभिन्न पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में सौरभ कुलश्रेष्ठ (संयोजक), अमोल सक्सेना, व्योम खरे, अभय प्रधान, दिवाकर श्रीवास्तव, राजकुमार श्रीवास्तव, दिनेश श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव, चंद्रेश सक्सेना, मीना श्रीवास्तव, धर्मेश खरे, सहित समस्त युवा टीम एवं पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि शिक्षा, संस्कार, सेवा और संगठन की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार किया जाएगा। "प्रतिभा का सम्मान ही समाज का सम्मान है, और संस्कारित युवा ही राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य हैं।" इस अवसर पर सारंग ने कहा कि मैं सभी प्रतिभाशाली बच्चों को बधाई देता हूं और यह कामना करता हूं कि आप सभी बच्चे अपने जीवन में स्वामी विवेकानंद जी व डा राजेन्द्र प्रसाद जी के आदर्शों को बेहतर शिक्षा के साथ उच्चतम संस्कारों के  साथ आत्मसात कर सदैव सफलता के कीर्तिमान स्थापित करें और सदैव सभी को यथासंभव सहयोग भी प्रदान करें। अजातशत्रु श्रीवास्तव ने कहा कि आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की असीम संभावनाएं हैं, लेकिन प्राथमिकता आपको तय करना है। मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। कार्यक्रम में अजय श्रीवास्तव नीलू, सुनील श्रीवास्तव, बृजेश श्रीवास्तव,   आरती सारंग, अभय प्रधान, अवंतिका सीजेपी व्यौहार, दिनेश सक्सेना, चन्द्रेश सक्सेना, अनिल श्रीवास्तव, डीके श्रीवास्तव, के के भावना … Read more

गिल-राहुल के शतकों के बाद भारतीय गेंदबाजों का जलवा, अफगानिस्तान के 9 विकेट गिरे

मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस टेस्ट मैच का आज (8 जून) तीसरा दिन है. अफगानी टीम अपनी पहली पारी में बैटिंग कर रही है और उस पर फॉलोऑन का खतरा मंडरा रहा है. अफगानिस्तान के 9 विकेट गिर चुके हैं. भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था. पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया. तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया. अफगानिस्तान की पहली पारी का स्कोरकार्ड: बल्लेबाज                                 विकेट                                                रन अब्दुल मलिक                      कॉट मोहम्मद सिराज, बोल्ड मानव सुथार         16 सेदिकुल्लाह अटल                 बोल्ड प्रसिद्ध कृष्णा                                      17 रहमानुल्लाह गुरबाज              कॉट साई सुदर्शन, बोल्ड मानव सुथार                 12 रहमत शाह                           बोल्ड मानव सुथार                                       60 हशमतुल्लाह शाहिदी               LBW प्रसिद्ध कृष्णा                                        20 अफसर जजई                        कॉट एंड बोल्ड मानव सुथार                              3 अजमतुल्लाह उमरजई              बोल्ड प्रसिद्ध कृष्णा                                         0 शराफुद्दीन अशरफ                    कॉट ऋषभ पंत, बोल्ड मानव सुथार                    11 नांगेयालिया खरोटी                     नाबाद      विकेट पतन: 28-1 (अब्दुल मलिक, 5.4 ओवर), 40-2 (सेदिकुल्लाह अटल, 8.4 ओवर), 62-3 (रहमानुल्लाह गुरबाज, 19.2 ओवर), 98-4 (हशमतुल्लाह शाहिदी, 32.2 ओवर), 113-5 (अफसर जजई, 39.5 ओवर), 118-6 (अजमतुल्लाह उमरजई, 44.2 ओवर), 142-7 (शराफुद्दीन अशरफ, 55.1 ओवर) भारत की पहली पारी में शुभमन-राहुल के शतक भारतीय टीम के लिए पहली पारी में कप्तन शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने शतक जड़े. शुभमन ने 15 चौके और एक छक्के की सहायता से 177 गेंदों पर 126 रन बनाए. शुभमन के टेस्ट करियर की ये 11वीं सेंचुरी रही. वहीं केएल राहुल ने 11 चौके की मदद से 165 बॉल पर 100 रनों का योगदान दिया. राहुल के टेस्ट करियर का ये 12वां शतक रहा. साई सुदर्शन (81), ऋषभ पंत (81 रन) और वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52 रन) भी अर्धशतक जड़ने में कामयाब रहे. अफगानिस्तान की ओर से तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सफी ने सबसे ज्यादा 6 विकेट झटके. भारत की पहली पारी का स्कोरकार्ड: (564/8 d, 127 ओवर) बल्लेबाज                         विकेट                                                        रन यशस्वी जायसवाल     कॉट अफसर जजई, बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी              24 केएल राहुल              कॉट रहमानुल्लाह गुरबाज, बोल्ड जियाउर रहमान           100 साई सुदर्शन             कॉट अफसर जजई, बोल्ड सलीम सफी                           81 शुभमन गिल            कॉट अफसर जजई, बोल्ड सलीम सफी                            126 ऋषभ पंत                कॉट अजमतुल्लाह उमरजई, बोल्ड हशमतुल्लाह शाहिदी        81 ध्रुव जुरेल                बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                                          19 वॉशिंगटन सुंदर           नाबाद                                                                    52* मानव सुथार            कॉट अफसर जजई, बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                    28 मोहम्मद सिराज       बोल्ड मोहम्मद सलीम सफी                                              22 कुलदीप यादव            नाबाद                                                                       9* विकेट पतन: 41-1 (यशस्वी जायसवाल, 11.6 ओवर), 180-2 (साई सुदर्शन, 42.4 ओवर), 247-3 (केएल राहुल, 60.2 ओवर), 416-4 (शुभमन गिल, 95.5 ओवर), 452-5 (ध्रुव जुरेल, 101.5 ओवर), 456-6 (ऋषभ पंत, 102.4 ओवर), 510-7 (मानव सुथार, 116.5 ओवर), 540-8 (मोहम्मद सिराज, 120.4 ओवर) मुकाबले में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा. मुकाबले में अफगानिस्तान की प्लेइंग … Read more

आधुनिक खेती, उन्नत बीज और तकनीकी मार्गदर्शन से बढ़ी पैदावार, किसानों की आय में हो रहा इजाफा

रायपुर  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (च्डक्क्ज्ञल्) जशपुर जिले में सकारात्मक बदलाव ला रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की कृषि-केंद्रित नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, सिंचाई सुविधाएं और कृषि विशेषज्ञों का निरंतर मार्गदर्शन मिल रहा है। इसका परिणाम यह है कि किसान अब कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के किसान  सुधीर लकड़ा इस परिवर्तन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। लगभग 3.40 हेक्टेयर कृषि भूमि के स्वामी  लकड़ा को शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ मिला है, जिससे उनकी खेती अधिक वैज्ञानिक, लाभकारी और टिकाऊ बनी है। आत्मा योजना के अंतर्गत ग्रीष्मकालीन मक्का कार्यक्रम, कृषि यंत्रों एवं ट्रैक्टर की सुविधा तथा सौर सुजला योजना के तहत सोलर सिंचाई व्यवस्था ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। कृषि विभाग द्वारा दिए गए प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन ने उन्हें आधुनिक खेती की विधियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनकी उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें पारंपरिक धान फसल के स्थान पर प्री-बीज ग्रेड मक्का उत्पादन की सलाह दी। विभाग से प्राप्त 8 किलोग्राम निःशुल्क उन्नत बीज का उपयोग कर उन्होंने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती की। वैज्ञानिक पद्धति, संतुलित पोषण प्रबंधन और समय-समय पर तकनीकी सलाह के परिणामस्वरूप उन्हें लगभग 10 क्विंटल उत्पादन प्राप्त हुआ, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिकता की नई पहल प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के माध्यम से जिले में फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, कृषि मशीनीकरण, भंडारण क्षमता विकास तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना का उद्देश्य अनाज, दलहन एवं तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना है। योजना के तहत गुणवत्तापूर्ण बीजों और आधुनिक तकनीकों के प्रयोग से कृषि उत्पादन में 20 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा देकर मानसून पर निर्भरता कम करने, कटाई के बाद होने वाले नुकसान को घटाने तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। किसानों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव   सुधीर लकड़ा बताते हैं कि योजना से प्राप्त उन्नत बीज, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग ने उनकी खेती की दिशा ही बदल दी है। बेहतर उत्पादन के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों के हित में संचालित योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना आज जशपुर सहित प्रदेश के किसानों के लिए समृद्धि का नया माध्यम बन रही है। आधुनिक कृषि तकनीकों और शासकीय सहयोग के माध्यम से यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाते हुए कृषि क्षेत्र में नए अवसरों का सृजन कर रही है।

ग्लोबल तनाव से बाजार में हाहाकार! ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच निवेशकों के करोड़ों स्वाहा

मुंबई  जिसका डर था वही हुआ… भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है. ईरान और इजरायल के बीच मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले औऱ क्रूड की कीमतों में अचानक तेज उछाल के बीच सेंसेक्स-निफ्टी भी सहमे हुए नजर आए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला Sensex खुलने के साथ ही करीब 800 अंक फिसल गया, तो नहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का Nifty भी 250 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर खुला. इस गिरावट के बीच तमाम बड़ी कंपनियों के शेयर बिखरे हुए नजर आए और हर ओर लाल रंग में कारोबार शुरू हुआ।  खुलते ही बिखरे सेंसेक्स-निफ्टी  सोमवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होते ही बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,243 की तुलना में 822 अंकों की तेज गिरावट लेकर 73,421 के लेवल पर ओपन हुआ और फिर अचानक फिसलते हुए 73,318 पर जा पहुंचा. एनएसई के निफ्टी की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही नजर आई और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स भी अपने पिछले शुक्रवार के बंद 23,366 की तुलना में 286 अंक फिसलकर 23,080 पर खुला।  रिलायंस समेत इन शेयरों में तगड़ी गिरावट  शेयर मार्केट में आई इस बड़ी गिरावट के बीच कई बड़ी कंपनियों के शेयर खुलने के साथ ही बुरी तरह टूट गए. बीएसई लार्जकैप पर नजर डालें, तो Eternal Share (2.50%), TCS Share (2.10%), M&M Share (2.05%), HDFC Bank (1.50%) और Reliance Share (1.25%) फिसलकर ट्रेड कर रहे थे।   मिडकैप कैटेगरी में शामिल Ashok Leyland Share (3%), Muthoot Finance Share (2.63%), Godrej Properties Share (2.60%) और UPL Share (2%) की गिरावट में कारोबार कर रहे थे।  बाजार में गिरावट के ये कारण शेयर बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण ईरान-इजरायल के बीच फिर से शुरू हुई तेज जंग है. इसकी वजह से कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Price) करीब 4 फीसदी की उछाल के साथ 96 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है. तो वहीं WTI Crude Price भी करीब इतनी ही बढ़त के साथ 94 डॉलर के आसपास ट्रेड कर रहा है।  अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से पहले ही कच्चे तेल की कीमतें दुनिया को डरा रही थीं. अब ईरान और इजरायल में नए सिरे से भीषण जंग ने अचानक क्रूड की कीमतों में आग लगा दी है. ईरान ने होर्मुज की तरह ही खास बॉब अल मंदेब समुद्री रूट को बंद करने की धमकी भी दी है। 

ट्रंप की मनाही बेअसर! इजरायल ने ईरान पर बरसाए बम, जवाबी हमले से दहला येरूशलम

वॉशिंगटन/तेल अवीव हिज्बुल्लाह पर इजरायल के हमले के बाद ईरान ने 8 अप्रैल के बाद पहली बार इजरायल पर मिसाइल हमले किए। जिसके बाद आज सुबह इजरायल ने भी ईरान में जमीन से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए हैं। इसके बाद एक बार फिर से युद्ध छिड़ने की आशंका काफी तेज हो गई है। इजरायल डिफेंस फोर्स ने कहा है कि कुछ देर पहले इजरायली वायु सेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में ईरानी आतंकी शासन के सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। खास बात ये है कि इजरायल ने तब हमला किया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू से हमला नहीं करने को कहा था इसीलिए सवाल ये हैं कि अगर ये जंग फिर शुरू होता है तो क्या अमेरिका, इजरायल के साथ खड़ा रहेगा? इसके अलावा मिसाइलों के आदान प्रदान के बाद अब अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी संभावित शांति समझौते में मुश्किलें आ सकती हैं। ट्रंप उम्मीद कर रहे थे कि इस मामले को दबाकर रखा जाए। उन्हें उम्मीद होगी कि यह मामला अप्रैल 2024 जैसा ही रहेगा जब इजराइल और ईरान ने एक-दूसरे पर हमले किए थे लेकिन कुछ दिनों बाद मामला शांत हो गया और यह बड़े संघर्ष में नहीं बदला जिसकी उस समय चिंता थी। लेकिन इस बार मामला अलग तरीके का है। इजरायल-ईरान के बीच क्या टूट गया युद्धविराम? डोनाल्ड ट्रंप को अभी भी उम्मीद हो सकती है कि ईरान और इजरायल एक बार फिर से युद्ध में नहीं फंसेगे लेकिन ऐसा होना मुश्किल है। ट्रंप ने कुछ देर पहले ही फाइनेंशियल टाइम्स से कहा था कि वो ईरान युद्ध से जुड़े सारे फैसले वही लेते हैं। ट्रंप ने सोमवार को फाइनेंशियल टाइम्स से कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पास ईरान के साथ डील मानने के अलावा 'कोई चारा नहीं' होगा। ट्रंप ने कहा 'फैसले मैं ही लेता हूं, सारे फैसले मैं ही लेता हूं, वह फैसले नहीं लेते।' लेकिन इजरायल ने ईरान पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला कर साबित कर दिया है कि ट्रंप सारे फैसले नहीं लेते हैं। ईरान-अमेरिका जंग में पिस रही दुनिया, होर्मुज के बाद बाब अल मंडेब बंद करने की धमकी FT के मुताबिक ट्रंप ने यह भी कहा कि रविवार को इजरायल पर हुए ईरानी मिसाइल हमले का 'डील पर कोई असर नहीं' पड़ेगा। ट्रंप के साथ बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने यह साफ कर दिया होगा कि भले ही ट्रंप इजरायल से शांति बनाए रखना चाह रहे हों लेकिन इजरायल अपनी मर्जी से काम करेगा। इसीलिए ट्रंप के लिए स्थिति काफी मुश्किल होने वाली है। ईरान और इजरायल को फिर से युद्धविराम के लिए मनाना आसान नहीं होगा। इजरायली पीएम नेतन्याहू पहले से ही युद्धविराम समझौतों से नाराज थे। उन्हें युद्धविराम की शर्तें भी पसंद नहीं हैं लेकिन असल सवाल ये है कि क्या ईरान अगर नये सिरे से हमले करता है तो क्या अमेरिका, इजरायल की मदद करेगा? ट्रंप अब क्या कर सकते हैं? ट्रंप के पास नाजुक युद्धविराम को बचाने का बहुत कम रास्ते बचे हैं। वो अब बेंजामिन नेतन्याहू पर भारी प्रेशर बना सकते हैं कि वो ईरान के अगले हमलों का जवाब ना दें। लेकिन ऐसा होना नामुमकिन की तरह है। इजरायल पर यमन की तरफ से भी हमले किए गये हैं और इजरायल हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रखेगा। इसके अलावा ट्रंप अगर युद्ध में फिर से शामिल होता है तो ईरान के हमले मध्य पूर्व के देशों जैसे सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कतर पर फिर से शुरू हो जाएंगे। 8 अप्रैल से चल रहे युद्धविराम के बीच ईरान ने अपनी मिसाइल क्षमता फिर से हासिल कर ली है। इसीलिए आगे का रास्ता बहुत मुश्किल नजर रहा है कि युद्धविराम जारी रह सके। अभिजात शेखर आजाद

धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र बनाने की योजना, अमरोहा में बड़े प्रोजेक्ट पर तैयारी

 अमरोहा प्रदेश सरकार पर्यटन के विकास पर अधिक जोर दे रही है। उसके द्वारा धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद के सात धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव प्रशासन ने विधानसभा वार तैयार किया है। 2225 लाख से उनकी तस्वीर को बदला जाएगा। इस बार एक गुरुद्वारा को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। सभी के प्रस्ताव मंजूरी के लिए पर्यटन विभाग को भिजवा दिए गए हैं। उसकी मंजूरी मिलने और शासन से धनराशि आवंटित होने के बाद धार्मिक स्थलों पर कार्य शुरू किया जाएगा। धार्मिक स्थलों के प्रति पर्यटक आकर्षित हों और प्रदेश की आय में बढ़ोतरी हो, इसके लिए सरकार द्वारा प्रत्येक जनपद के मुख्य धार्मिक स्थलों पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने का कार्य चल रहा है। राज्य योजना अंतर्गत पर्यटन विकास के लिए कार्य किया जा रहा है। इसके लिए पर्यटन विभाग हर वित्तीय वर्ष में जिला प्रशासन से धार्मिक स्थलों के प्रस्ताव मांगता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में विधानसभा वार सात धार्मिक स्थलों का प्रस्ताव बनाकर विभाग को भेजा गया है। इसमें नौगावां सादात विस क्षेत्र में स्थित वारसपुर कलां का शिव मंदिर, गुरुकुल कन्या चोटीपुरा का वेद मंदिर, खजूरी गांव में स्थित बाबा बालक राम मंदिर, गुरुद्वारा सिंह सभा गुरुनानक दरबार खंडसाल कलां, हसनपुर विस क्षेत्र के ग्राम ढबारसी में स्थित प्राचीन शिव मंदिर, ग्राम बिजनौरा स्थित शिव मंदिर व अमरोहा में वासुदेव मंदिर पर लाइट एवं साउंड शो के प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। जिन पर करीब 2225 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। वर्ष 2025-26 में तीन परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी पर्यटन विभाग की राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 283.27 लाख की तीन परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। इसमें नाैगावां विस क्षेत्र में बाबा लालचंद्र मंदिर जकड़ी, अमरोहा विस क्षेत्र के गांव रेहरा में प्रज्ञा बुद्ध बिहार, हसनपुर में चामुंडा देवी मंदिर शामिल हैं। वर्ष 2023-24 में चार परियोजनाएं हुई थी मंजूर वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य योजनांतर्गत चार परियोजनाएं मंजूर हुई थी। इनमें हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित शिव मंदिर ग्राम फूलपुर बीझलपुर, नौगावां सादात विधानसभा क्षेत्र में शिव मंदिर मेला स्थल गांव गजस्थल, अमरोहा विस क्षेत्र में वासुदेव मंदिर व मंडी धनौरा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिव मंदिर पत्थरकुटी शामिल हैं। जिन पर पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने के लिए 445.93 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। वर्ष 2024-25 में दो ही परियोजनाओं को मिली थी मंजूरी राज्य योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 में जनपद में 139.80 लाख रुपये की दो ही परियोजनाओं को मंजूरी मिली थी। जिसमें हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में मोहल्ला हाेलीवाला स्थित शिवाला मंदिर परिसर, नौगावां सादात विस क्षेत्र में स्थित ग्राम बहलोलपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर शामिल हैं। धार्मिक स्थलों को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव बनाकर मंजूरी के लिए पर्यटन विभाग को भेजे गए हैं। जिनकी मंजूरी और धनराशि मिलने के बाद उनके विकास का कार्य कराया जाएगा।   अश्वनी कुमार मिश्र, सीडीओ  

‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण बना जनआंदोलन, रोजगार और ग्रामीण समृद्धि को मिली नई गति

रायपुर  जलवायु परिवर्तन, अनिश्चित वर्षा और बढ़ते जल संकट के बीच छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनअभियान आकार ले रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, रोजगार सृजन, हरित विकास और आजीविका संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी से संचालित एक व्यापक सामाजिक पहल के रूप में विकसित हो रहा है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश में लगभग 1610 करोड़ रुपये की लागत से एक लाख से अधिक जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें तालाब, डबरियां, चेकडैम, जल संवर्धन संरचनाएं, स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच, खेत तालाब और अन्य जल संरक्षण कार्य शामिल हैं। इन परिसंपत्तियों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में भूमि में रोकना, भू-जल पुनर्भरण को बढ़ावा देना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता को सुदृढ़ करना है। इन कार्यों के माध्यम से प्रदेश में प्रतिदिन 11 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है, जिनमें 57 प्रतिशत महिलाएं हैं। इस प्रकार जल संरक्षण का यह अभियान प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है। जल संरक्षण से आजीविका का सृजन राज्य सरकार ने जल संरक्षण को सीधे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समाज के संवेदनशील और कमजोर वर्गों की निजी भूमि पर 13,065 आजीविका डबरियों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। इन परिसंपत्तियों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को मत्स्य पालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों के अवसर मिल रहे हैं। इसी प्रकार ‘नवा तरिया-आय के जरिया’ पहल के अंतर्गत 624 सामुदायिक तालाब विकसित किए जा रहे हैं। इन जल संरचनाओं को स्वयं सहायता समूहों, विशेषकर महिला समूहों की आजीविका से जोड़ने की पहल की गई है, जिससे जल संरक्षण और आर्थिक सशक्तिकरण का एक प्रभावी मॉडल विकसित हो रहा है। पहाड़ियों पर ट्रेंच, मैदानों में जल संचयन प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में ढलान और पहाड़ी भूभागों पर स्टैगर्ड कंटूर ट्रेंच (SCT) का निर्माण किया जा रहा है। ये संरचनाएं वर्षा जल के तेज बहाव को रोककर उसे भूमि में समाहित होने का अवसर देती हैं। इससे मिट्टी का कटाव कम होता है, भू-जल स्तर में सुधार होता है और वृक्षारोपण को आवश्यक नमी उपलब्ध होती है। जल संरक्षण और वृक्षारोपण के इस समन्वित प्रयास से हरित आवरण में वृद्धि हो रही है तथा पर्यावरणीय संतुलन को मजबूती मिल रही है। तकनीक से जल संरक्षण को नई दिशा ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक तकनीकों का उपयोग है। कार्यों की वैज्ञानिक योजना और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए GIS आधारित युक्तधारा प्लानिंग, CLART एप तथा वाटरशेड सिद्धांतों का उपयोग किया जा रहा है। भू-जल स्तर की निगरानी के लिए जलदूत प्रणाली लागू की गई है, जिसके माध्यम से खुले कुओं के जल स्तर का नियमित मापन किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर पर जल स्तर की जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित कर जल बजट तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। पारदर्शिता और जनभागीदारी का मॉडल मनरेगा के क्रियान्वयन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली विकसित की गई है। इसके माध्यम से ग्रामीण अपने गांव में स्वीकृत और पूर्ण कार्यों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रोजगार दिवस, आवास दिवस, सामाजिक अंकेक्षण और जनसंवाद कार्यक्रमों के माध्यम से भी लोगों की भागीदारी और निगरानी को बढ़ावा दिया जा रहा है। भागीदारी से साझेदारी की ओर जनप्रतिनिधियों, पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण का यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले चुका है। ग्राम सभाओं, जागरूकता अभियानों और सामुदायिक प्रयासों के माध्यम से जल संरक्षण को लोगों के दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ का ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान आज यह दिखा रहा है कि जल संरक्षण, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़कर ग्रामीण विकास का एक स्थायी और समावेशी मॉडल विकसित किया जा सकता है। यह अभियान केवल पानी बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि गांवों में समृद्धि, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन की नई नींव रख रहा है।

रूस-चीन रक्षा साझेदारी मजबूत, एयर डिफेंस यूनिट विजिट से नई हलचल

मॉस्को रूस और चीन के बीच बढ़ते सैन्य संबंधों ने भारत की चिंता को बढ़ा दिया है। रूसी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की एक निरीक्षण टीम ने रूस के पूर्वी सैन्य जिले में कई ठिकानों का दौरा किया। इसमें सुदूर-पूर्वी ज्यूइश ऑटोनॉमस रीजन में मौजूद एयर डिफेंस मिसाइल यूनिट भी शामिल थी। यह दौरा यह दौरा दशकों पुराने 'भरोसा बढ़ाने वाले तंत्र' के तहत किया गया। इसी दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चीन और रूस को कुदरती सहयोगी और पार्टनर बताया और जोर दिया कि उनके बीच बढ़ता सैन्य सहयोग किसी तीसरे पक्ष के खिलाफ नहीं है। रूसी समाचार एजेंसी TASS ने जिला कमांड के प्रेस ऑफिस का हवाला देते हुए बताया कि 2-3 जून को PLA का यह निरीक्षण दौरा चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के बीच हुए समझौतों के तहत एक सामान्य जांच प्रक्रिया थी। सीमावर्ती इलाकों में सैन्य क्षेत्र में भरोसा बढ़ाने पर 1996 का समझौता और सीमावर्ती इलाकों में सैन्य बलों में आपसी कटौती पर 1997 का समझौता उस कूटनीतिक ढांचे का हिस्सा थे, जो बाद में 'शंघाई फाइव' तंत्र और अंततः चीन और रूस के नेतृत्व वाले 'शंघाई सहयोग संगठन' (SCO) ब्लॉक में बदल गया। रूस ने चीनी सेना को मिलिट्री बेस का दौरा क्यों कराया? रूसी पक्ष ने PLA के इस दौरे को इस बात का सबूत बताया कि तीन दशक पहले बनाए गए तंत्र आज भी असरदार और प्रासंगिक हैं। TASS ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "निरीक्षण के दौरान, चीनी प्रतिनिधिमंडल ने पुष्टि की कि रूसी संघ ने अपनी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरी तरह से निभाया है और चीन के साथ समझौतों के तहत स्थापित निगरानी तंत्र की प्रभावशीलता की तारीफ की।" चीनी सेना ने रूस की तारीफ की रूसी समाचार वेबसाइट इजवेस्टिया के अनुसार, चीनी टीम का नेतृत्व कर रहे सीनियर कर्नल लियू जिन्सॉन्ग ने कंट्रोल सिस्टम की पारदर्शिता और संगठन व लॉजिस्टिक्स के मामले में मिले सहयोग की तारीफ की। लियू ने कहा, "दोनों पक्षों के रणनीतिक नेतृत्व में… हम आपसी समझ बनाएंगे और दोनों देशों के बीच दोस्ती को और मजबूत करेंगे।" उन्होंने यह भी कहा, "और खासकर इन पांच देशों के बीच हुए समझौते के दायरे में, हम इस क्षेत्र का विकास करना जारी रखेंगे और अपने आपसी फायदे वाले सहयोग को और मजबूत करेंगे।" रूसी प्रेस रिपोर्टों के अनुसार, चीनी प्रतिनिधिमंडल ने पूर्वी सैन्य जिले में 'इटरनल फ्लेम मेमोरियल कॉम्प्लेक्स' पर श्रद्धांजलि भी अर्पित की। हम स्वाभाविक सहयोगी और साझेदार हैं। हम पड़ोसी हैं। पड़ोसी चुने नहीं जाते। हम बस चीन के साथ काम करते हैं और दोस्त हैं – किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि एक-दूसरे के हितों के लिए। रूस ने एयर डिफेंस यूनिट की जानकारी छिपाई लेकिन मीडिया रिपोर्टों में इस दौरे के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई, जिसमें शामिल विशिष्ट एयर-डिफेंस यूनिट के बारे में भी कोई ब्योरा नहीं था। 1996 और 1997 के समझौते, चीन और सोवियत संघ के बीच दशकों तक चली सीमा पर तनाव और 1969 में उत्तर-पूर्वी चीन के हेइलोंगजियांग प्रांत में उसुरी नदी के पास हुई सशस्त्र झड़पों के बाद हुए थे। उस समय परमाणु शक्ति संपन्न ये पड़ोसी देश एक-दूसरे को गहरे शक की नजर से देखते थे – यह स्थिति 1990 के दशक की शुरुआत तक बनी रही। रूस-चीन सैन्य सहयोग उच्चतम स्तर पर पिछले दशक में, चीन और रूस ने नियमित संयुक्त अभ्यास, प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक बॉम्बर गश्त, कई क्षेत्रों में नौसैनिक अभ्यास और सेनाओं के बीच लगातार बेहतर होते आदान-प्रदान के जरिए अपने रक्षा सहयोग का विस्तार किया है। पुतिन ने 20 मई को चीन की 25वीं आधिकारिक यात्रा के दौरान बीजिंगमें कहा कि चीन के साथ संबंध "अभूतपूर्व उच्च स्तर" पर पहुंच गए हैं। गुरुवार को सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम के दौरान बोलते हुए, रूसी नेता ने उन सुझावों को खारिज कर दिया कि उन्होंने यूक्रेन युद्ध के बाद चीन के प्रति "कोई यू-टर्न" लिया है। उन्होंने कहा, "हम स्वाभाविक सहयोगी और साझेदार हैं। हम पड़ोसी हैं। पड़ोसी चुने नहीं जाते।" रूस-चीन दोस्ती से भारत को कैसे खतरा? भारत सैन्य साजोसामान के लिए लंबे समय से रूस पर निर्भर है। आज भी भारतीय सेना के लगभग 50% से 90% सैन्य उपकरण और हथियार रूस (या पूर्व सोवियत संघ) से आते हैं। यह रूसी साजोसामान भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना की रीढ़ हैं। एयर डिफेंस के मामले में भी भारत बहुत हद तक रूसी सिस्टमों का इस्तेमाल करता है। इनमें अत्याधुनिक S-400 मिसाइल सिस्टम से लेकर इगला-एस MANPADS, कुब (KUB) और पेचोरा (Pechora) एयर डिफेंस सिस्टम प्रमुख हैं। ऐसे में इन सिस्टमों तक चीन की पहुंच भारत के लिए खतरे की बात है। चीन इस डिफेंस सिस्टम की कमजोरियों का पता लगा सकता है। इसके अलावा चीन के साथ संघर्ष की स्थिति में रूस खुद को तटस्थ बना सकता है, जिससे भारत के लिए जरूरी सैन्य साजोसामान की आपूर्ति में समस्या आ सकती है।