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सनातन धर्म में 14 लोकों की ब्रह्मांडीय संरचना का वर्णन

 सनातन धर्म में ब्रह्मांड की कल्पना केवल भौतिक नहीं, बल्कि गहरे आध्यात्मिक और प्रतीकात्मक अर्थों से जुड़ी हुई है. विष्णु पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार, यह सृष्टि किसी खाली अंतरिक्ष में नहीं तैर रही, बल्कि इसका आधार दिव्य शक्तियों पर टिका हुआ है. कहा जाता है कि पूरा ब्रह्मांड शेषनाग के फनों पर स्थित है, और वे स्वयं कूर्म अवतार के रूप में एक विशाल कछुए की पीठ पर टिके हैं. यह सब अनंत क्षीर सागर में स्थित है, जहां भगवान विष्णु योगनिद्रा में लीन रहते हैं और उनकी नाभि से निकले कमल पर ब्रह्मा सृष्टि की रचना करते हैं. पुराणों के अनुसार, यह पूरी सृष्टि 14 लोकों में विभाजित है, जो ब्रह्मा जी के उसी दिव्य कमल की डंडी में बसे हुए माने जाते हैं. ऊपर के 7 लोक (उच्च लोक) सबसे पहले अगर ऊपर के लोकों को समझें, तो इन्हें ऊर्ध्व लोक कहा जाता है और ये चेतना के उच्च स्तर को दर्शाते हैं. सबसे ऊपर ब्रह्मलोक है, जहां से सृष्टि का संचालन होता है और इसे सर्वोच्च स्थान माना जाता है. इसके नीचे तपोलोक है, जहां महान ऋषि और देवता कठोर तपस्या में लीन रहते हैं. फिर जनलोक आता है, जहां सनक, सनंदन जैसे सनकादि ऋषि निवास करते हैं, जो जन्म से ही ज्ञानी माने जाते हैं. इसके बाद महर्लोक है, जहां महर्षि यज्ञ और ज्ञान में लीन रहते हैं. स्वर्गलोक वह स्थान है जहां इंद्रदेव, अप्सराएं और दिव्य सुख-सुविधाएं मौजूद हैं. इसके नीचे भुवर्लोक है, जो ग्रह-नक्षत्रों और अंतरिक्षीय शक्तियों का क्षेत्र है, और अंत में पृथ्वीलोक आता है, जहां हम मनुष्य रहते हैं और जहां कर्म, धर्म और जीवन के निर्णयों का महत्व सबसे अधिक होता है. नीचे के 7 लोक (पाताल लोक) अब अगर नीचे के लोकों की बात करें, तो इन्हें अधोलोक कहा जाता है. ये भौतिक तथा गूढ़ शक्तियों से जुड़े हुए माने जाते हैं. पृथ्वी के नीचे सबसे पहले अतल लोक आता है, जिसे दानवों का क्षेत्र माना गया है. इसके बाद वितल लोक है, जहां शिव के गणों का निवास बताया गया है. सुतल लोक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह राजा बलि का राज्य है, जिन्हें वामन अवतार से आशीर्वाद प्राप्त हुआ था. इसके बाद तलातल लोक आता है, जिसे मय दानव का क्षेत्र कहा गया है. फिर महातल लोक है, जहां असंख्य नाग जातियां निवास करती हैं. इसके नीचे रसातल लोक है, जो असुरों का अंधकारमय क्षेत्र माना जाता है, और सबसे अंत में पाताल लोक आता है, जहां नागों और दैत्यों की गहरी और रहस्यमयी गुफाएं स्थित हैं. लोकों का महत्व इन सभी लोकों के नीचे अनेक नरक लोकों का भी वर्णन मिलता है, जहां जीवों को उनके कर्मों के अनुसार दंड मिलता है. इस पूरी संरचना को केवल भौतिक रूप में नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक व्यवस्था के रूप में समझा जाता है. जो यह दर्शाती है कि ब्रह्मांड कई स्तरों पर काम करता है. हर लोक जीवन, चेतना और कर्म के अलग-अलग आयाम को प्रकट करता है. इस संपूर्ण संतुलन का आधार भगवान विष्णु माने जाते हैं, जबकि इसे स्थिर और सुरक्षित बनाए रखने की जिम्मेदारी अनंत शेष निभाते हैं. मान्यता है कि जब तक शेषनाग अस्तित्व में हैं, तब तक यह सृष्टि भी कायम रहेगी.

‘कांग्रेस ने सिर्फ ठगने का काम किया’, टीएस सिंहदेव की टिप्पणी पर मुख्यमंत्री साय का तीखा तंज

रायपुर. कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष चयन को लेकर दिए गए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव के बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि ये हमारा देखने का काम नहीं है, कांग्रेस इसको देखे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस कितना भी कर लें, जनता का विश्वास नहीं जीत पाएगी। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस देश की जनता का विश्वास खो चुकी है और लगातार सिमटती जा रही है, क्योंकि ये लोग हमेशा जनता को ठगने का काम करते हैं। इनकी कथनी और करनी में बहुत अंतर है, जमीन-आसमान का फर्क है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी वर्ष 2018 में प्रदेश की जनता ने इन्हें जनादेश दिया था, लेकिन पांच वर्षों तक इन्होंने केवल जनता को ठगने और प्रदेश को लूटने का काम किया। इसका परिणाम उन्हें 2023 के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ा। अब ये लोग कुछ भी कर लें, जनता का विश्वास खो चुके हैं। वहीं, एलपीजी सिलेंडर के बढ़े दामों को लेकर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की जो स्थिति है, उससे हम सब वाकिफ हैं। पूरा विश्व इससे प्रभावित है। हम सबको इसमें सहयोग करना चाहिए और टीम भावना के साथ अपने देश के लिए खड़ा रहना चाहिए।

क्रॉस वोटिंग की अटकलों के बीच राज्यसभा चुनाव दिलचस्प, क्या बीजेपी का दांव बदलेगा पूरा गणित?

भोपाल  मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर हो रहे चुनाव के लिए शह-मात का खेल शुरू हो गया है. विधायकों की संख्या के लिहाज से दो बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के लिए कन्फर्म मानी जा रही थी, लेकिन बीजेपी ने तीसरे उम्मीदवार के तौर पर महेश केवट को उतारकर राहुल गांधी की करीबी मिनाक्षी नटरजान की सियासी टेंशन बढ़ा दी है?  राज्यसभा सीटों के लिए बीजेपी ने तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के बाद महेश केवट को प्रत्याशी बनाया है तो कांग्रेस ने पूर्व सांसद मिनाक्षी नटराजन पर दांव खेला है. इस तरह तीन सीटों के लिए चार उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं।  मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान के बाद निर्विरोध चुनाव की संभावना खत्म हो गई है और वोटिंग के जरिए ही फैसला होगा.  ऐसे में अब असल पेंच विधायकों की क्रॉस वोटिंग को लेकर फंसता दिख रहा है ।  कौन हैं महेश केवट, जिन्हें बीजेपी ने एमपी से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने तीसरे उम्मीदवार के रूप में महेश केवट को उतारा है. महेश केवट मध्य प्रदेश में मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं.  महेश केवट को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाकर भाजपा ने मछुआरा वर्ग को संदेश दिया है. महेश केवट 1984 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े है.  वो ओरछा शाखा में मुख्य शिक्षक रह चुके हैं. छात्र जीवन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के ब्लॉक संयोजक के रूप में कार्य किया।  महेश केवट 1995 से भाजपा की सक्रिय राजनीति में हैं और विभिन्न संगठनात्मक पदों पर काम कर चुके हैं. 2000 में पार्षद निर्वाचित हुए तथा नगर परिषद ओरछा के उपाध्यक्ष भी रहे. भाजपा के जिला मंत्री, जिला उपाध्यक्ष और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य के रूप में संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. इसके अलावा हरियाणा विधानसभा चुनाव, शहडोल लोकसभा उपचुनाव, चित्रकूट, मुंगावली और पृथ्वीपुर उपचुनावों में संगठन की ओर से अहम जिम्मेदारियां संभालीं।  भाजपा से तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल भी कर चुके नामांकन मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होना है. भाजपा ने दो सीटों के लिए पहले ही तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल के नाम की घोषणा कर दी थी. इन दोनों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है. तीसरे सीट के लिए अब महेश केवट को उतार कर भाजपा ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी है. अब कांग्रेस विधायकों के क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडराने लगा है।  कांग्रेस के पास 62 वोट, एकजुट रखना चुनौती मालूम हो कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के पास 62 वोट हैं. एक सीट जीतने के लिए 58 वोट चाहिए. उधर बीजेपी को तीसरी सीट जीतने के लिए केवल आठ अतिरिक्त वोट चाहिए. इसी कारण कांग्रेस में हड़कंप मच गया है. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है. मीनाक्षी की जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस को अपने वोटों को एकजुट रखना होगा. लेकिन इससे पहले कांग्रेस विधायकों में टूट हो चुकी है. लिहाज़ा एमपी में राज्य सभा चुनाव काँटे का हो गया है।  कर्नाटक से भाजपा ने एम नागराज को बनाया उम्मीदवार भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने कर्नाटक में होने वाले राज्यसभा के ‌द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए डॉ. एम नागराज को उम्मीदवार बनाया है. आरएसएस से जुड़े नागराज अभी पार्टी का बिल्डिंग कमेटी संभाल रहे हैं. इसका काम राज्य भर में हर जिले में पार्टी कार्यालय बनाना है।  साथ ही कर्नाटक के विधान परिषद् द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने लिंगराज पाटील और रघु कौटिल्य को उम्मीदवार बनाया है।  राज्यसभा चुनाव का नंबर गेम क्या है?  मध्य प्रदेश में विधानसभा के कुल 230 सदस्यों की संख्या है, लेकिन फिलहाल 228 सदस्य हैं. इनमें बीजेपी के 164 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 64 विधायक हैं. राज्यसभा चुनाव की एक राज्यसभा सीट पर जीत दर्ज करने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 58 विधायकों (प्रथम वरीयता के वोट) के समर्थन चाहिए।  विधायकों के आधार पर बीजेपी की दो सीटें कन्फर्म है और कांग्रेस एक सीट जीत सकती है, लेकिन बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के उतरने के बाद मामला उलझ गया है. बीजेपी 164 विधायकों की आधार पर दो राज्यसभा सीट जीतने के लिए 116 विधायकों के वोट चाहिए।  बीजेपी दो सीटें जीतने के बाद 48 अतिरिक्त वोट चाहिए जबकि कांग्रेस 64 विधायकों के दम पर एक सीट जीत सकती है, उसके बाद भी उसके बाद 6 विधायकों का अतरिक्त वोट हो रहा है, लेकिन मामला बीजेपी के तीसरे प्रत्याशी के उतरने से है।  तीसरी राज्यसभा सीट के लिए मुकाबला विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी 2 राज्यसभा सीटें सेफ करने के बाद 48 विधायक बचेंगे, जिसके तीसरी राज्यसभा की सीट जीतने के लिए उसे अतिरिक्त 10 वोटों की जरूरत होगी. वहीं कांग्रेस के पास एक राज्यसभा सीट जीत के लिए जरूरी संख्या बल है, लेकिन बीजेपी के द्वारा तीसरे उम्मीदवार की घोषणा ने उसकी चिंताएं बढ़ा दी हैं और मिनाक्षी नटराजन की जीत की राह मुश्किल कर दी है।  बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार महेश केवट को मैदान में उतारने के फैसले ने कांग्रेस की धड़कने बढ़ा दी है. बीजेपी का यह कदम बताता है कि पार्टी या तो अपनी पार्टी से बाहर के विधायकों का समर्थन हासिल करने को लेकर आश्वस्त है या उसे लगता है कि क्रॉस-वोटिंग अंतिम नतीजे को बदल सकती है।  राज्यसभा के लिए क्रॉस वोटिंग का खतरा मध्य प्रदेश का राज्यसभा चुनाव, जिसे एक सामान्य चुनाव माना जा रहा था, एक ऐसे मुकाबले में बदल दिया है, जिस पर सबकी नज़रें टिकी हैं, अब सबकी नजरें वोटिंग के दिन से होने वाली क्रॉस-वोटिंग, वोटिंग से दूर रहने और आखिरी समय की सियासी चालों पर होंगी।  बीजेपी के लिए, तीसरा उम्मीदवार उतारना अपर हाउस में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की एक महत्वाकांक्षी कोशिश है. कांग्रेस के लिए यह अपनी पार्टी को एकजुट रखने और उस सीट को बचाने की क्षमता का इम्तिहान है, जो मौजूदा आंकड़ों के हिसाब से उसकी पहुंच में दिख रही है।  कांग्रेस की बढ़ी सियासी टेंशन कांग्रेस के पास वैसे तो 64 विधायक हैं, लेकिन विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा को चुनाव हलफनामे के मामले में अदालत से दोषी ठहराए जाने के … Read more

प्री-मानसून ने पकड़ी रफ्तार, झारखंड में मौसम बदला, येलो अलर्ट जारी

रांची  झारखंड में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. कई स्थानों पर बारिश भी हो रही है. इस बीच गढ़वा जिले के धुरकी प्रखंड स्थित परासपानी कला गांव में शनिवार शाम वज्रपात की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक क्रमु कुमार की मौत हो गई. रामगढ़ के गंडके पाहन टोला निवासी की 30 वर्षीय युवक राजू मुंडा और कुजू के मुरपा कठरा टोला निवासी 16 वर्षीय साहिल कुमार की भी वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. पिछले 24 घंटे ऐसा रहा तापमान झारखंड में कई स्थानों पर गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई, जबकि एक स्थान पर भारी बारिश भी हुई. सबसे अधिक 70.3 मिमी वर्षा सिमडेगा के थर्थाइटांगर में रिकॉर्ड की गई. वहीं, राज्य का सबसे अधिक उच्चतम तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.9 डिग्री सेल्सियस लातेहार-AWS में रिकॉर्ड किया गया. कई जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की चेतावनी मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी), रांची केंद्र ने झारखंड में आगामी दिनों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है. कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण और पूर्वी उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक बना ट्रफ सक्रिय है, जिसके प्रभाव से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है. कल रांची और आसपास में बारिश के संकेत 9 जून को रांची, बोकारो, रामगढ़, गुमला और खूंटी सहित दक्षिणी और निकटवर्ती मध्य भागों में मेघगर्जन और तेज हवा के साथ वर्षा होने के संकेत हैं. रांची में 10 और 11 जून को भी मेघगर्जन के साथ वर्षा की संभावना है.

गंभीर धाराओं में FIR के बाद भी खान सर गिरफ्त से दूर, बढ़ा विवाद

पटना  खान सर लापता हो गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। लेकिन खान सर का कुछ भी पता नहीं चल सका है। आखिर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज होने के बाद खान सर कहां अंडरग्राउंड हो गए हैं और पुलिस उन्हें क्यों नहीं गिरफ्तार कर पा रही है? ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी ने यह गंभीर सवाल उठाए हैं। एकेडमी प्रबंधन की तरफ से कहा गया है कि जिस तरह से ज्ञान बिंद् के डायरेक्टर रौशन आनंद को गिरफ्ताार करने में पुलिस ने त्वरित ऐक्शन दिखाया आखिर उस तरह का ऐक्शन खान सर को अरेस्ट करने में क्यों नहीं दिखाया गया? ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने खान सर की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने पर आमरण अनशन की धमकी तक दे दी है। ज्ञान बिंदु के शिक्षक वरुण ने न्यूज एजेंसी से बातचीत में सवाल उठाते हुए कि रौशन सर की गिरफ्तारी के लिए जिस तरह से प्रशासन ने तत्परता दिखाई वैसी तत्परता वो आज क्यों नहीं दिखा रही है? खान की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? 4 तारीख को एफआईआऱ दर्ज कराई गई थी और अब 8 तारीख हो गया है। केस दर्ज होने के बाद वो अपने क्लासरूम में डिजीटल बोर्ड पर सीसीटीवी फुटेज को चला कर कह रहे हैं कि इस व्यक्ति की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। जबकि खुद उस व्यक्ति (खान सर) पर ऐसी-ऐसी धाराएं लगी हैं कि उसकी तो उसी समय गिरफ्तारी होनी चाहिए थी ज्ञान बिंदु एकेडमी के टीचर ने आगे कहा कि जो शख्स उस वक्त वहां नहीं थे यानी रौशन सर की इसमें कोई संलिप्ता नहीं है उसे आपने गिरफ्तार कर रखा है। जिस शख्स पर प्रत्यक्ष एफआईआर है आज वो आसानी से और आराम से अपना जीवन जी रहा है। हमारी मांग है कि उनकी (खान सर) गिरफ्तारी अविलंब होनी चाहिए। टीचर वरुण ने कहा कि हमलोगों ने पहले भी कहा है कि जो गार्ड इस मामले में है वो कैंपस का गार्ड है, खान का गार्ड नहीं है। गार्ड ने खुद कहा कि हम कैंपस के गार्ड हैं। उस गार्ड को सुरक्षाा मिलनी चाहिए। अगर उस गार्ड के साथ कुछ भी गलत होता है तो उसका सारा बोझ रौशन सर पर डाल दिया जाएगा इसलिए उसे सुरक्षा मिलनी चाहिए। वरुण ने आगे कहा कि अगर खान सर गिरफ्तार नहीं होते हैं तो हम आमरण अनशन करेंगे। हमने न्यायालय से भी गुहार लगाई है कि जल्द इस प्रक्रिया को देख कर रौशन सर को बेल दी जाए और जो दोषी है उसपर कार्रवाई करने का आदेश प्रशासन को दिया जाए। बहरहाल आपको बता दें कि खान सर के वकील कोर्ट में उनकी अग्रिम जमानत की याचिका दायर करने की तैयारी में हैं। खान सर पर हत्या के प्रयास और आर्म्स ऐक्ट के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 2 जून को खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में हुए बवाल के बाद खान सर पर बीएनएस की धारा 109 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25(9), 27 और 35 के तहत केस दर्ज किया गया है। ये धाराएं बेहद कड़ी हैं और इनसे खान सर की मुश्किलें निश्चित तौर से बढ़ सकती हैं।

2010-12 बैच के PCS अफसर बन सकते हैं IAS, 33 पदों पर प्रमोशन प्रक्रिया तेज

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पीसीएस से आईएएस के पदों पर पदोन्नति देने के लिए 10 जून को डीपीसी दिल्ली में होगी। इसमें वर्ष 2010, 2011 व 2012 बैच के पीसीएस अफसरों के नामों पर विचार होगा। नियुक्ति विभाग ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी है। केंद्र सरकार ने चयन वर्ष 2025 के लिए उत्तर प्रदेश को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में पदोन्नति कोटे के 33 पद आवंटित किए हैं। इससे वर्ष 2010 और 2011 बैच के पीसीएस अधिकारियों के आईएएस बनने का रास्ता साफ हो गया है। नियुक्ति विभाग ने केंद्र से आवंटित पदों के आधार पर संभावित अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय प्रविष्टियां (एसीआर) और सेवा अभिलेख जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बार पीसीएस से आईएएस में पदोन्नति होने वाले पदों की संख्या बढ़ने की वजह से 2010 और 2011 के साथ 2012 बैच के भी कुछ अफसरों को मौका मिल सकता है। वर्ष 2010 और 2011 बैच में अधिकारियों की संख्या कम है। वर्ष 2010 बैच में पीसीएस सेवा के आठ अधिकारी हैं, 2011 बैच में 21 हैं। दोनों बैच की संख्या मिलाकर 29 होती है। इसके बाद भी चार पद रिक्त बचते हैं। इसीलिए 2012 बैच के भी कुछ अफसरों को मौका मिल सकता है। इन नामों पर विचार वर्ष 2010 बैच के डा. विश्राम, अशोक कुमार कन्नौजिया, पुष्पराज सिंह, राजकुमार द्विवेदी, राकेश कुमार पटेल, आलोक कुमार, सुशीला, संजय कुमार सिंह। वर्ष 2011 में पूनम निगम, संतोष बहादुर सिंह, पंकज वर्मा, प्रदीप कुमार यादव, योगानंद पांडे, विजय कुमार सिंह, अतुल कुमार-11, डा. सुनील कुमार वर्मा, हर्ष देव पांडे, शैलेंद्र कुमार सिंह, डा. नितिन मदान, प्रियंका सिंह, अमित कुमार-प्रथम, रिंकी जायसवाल, अमित सिंह, अमित कुमार-द्वितीय, विवेक श्रीवास्तव, वैभव मिश्रा, नरेंद्र बहादुर सिंह, संदीप कुमार, गरिमा स्वरूप हैं। पीपीएस से आईपीएस की प्रक्रिया भी जारी पुलिस महकमे में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के 29 पीपीएस अधिकारियों को IPS में प्रमोट करने की भी प्रक्रिया तेज हो गई है। शासन की ओर से आईपीएस कैडर में रिक्त पड़े 29 पदों को भरने के लिए नियमों के तहत तीन गुना अधिक पीपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग को भेज दिए गए हैं। यूपीएससी इन अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, गोपनीय प्रविष्टियों और लंबित जांचों की समीक्षा करेगा। यूपी में आईपीएस कैडर के 29 पद लंबे समय से रिक्त हैं। इन्हें भरने के लिए सरकार और डीजीपी मुख्यालय ने प्रमोशन प्रक्रिया को तेज किया। प्रस्ताव तैयार कर यूपीएससी को भेजा गया है। नियमों के मुताबिक, जितने पद रिक्त होते हैं, उससे तीन गुना अधिक अधिकारियों के नाम विचार के लिए भेजे जाते हैं।

पंजाब की सुरक्षा और नशे पर मंथन, केवल ढिल्लों ने गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखीं प्रमुख चिंताएं

चंडीगढ़  पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने  नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य की कानून-व्यवस्था, नशे के बढ़ते कारोबार और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में पंजाब की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। ढिल्लों ने गृह मंत्री के समक्ष पंजाब में नशे के प्रसार, गैंग्सटर गतिविधियों, सीमा पार से होने वाली नशे और हथियारों की तस्करी तथा राज्य की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे रखे। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्य होने के कारण पंजाब की सुरक्षा राष्ट्रीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है और इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है। मुलाकात के दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह पर आधारित एक पुस्तक और उनका चित्र भी भेंट किया। भाजपा ने इसे पंजाब की ऐतिहासिक विरासत और गौरवशाली इतिहास के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। पार्टी नेताओं के अनुसार महाराजा रणजीत सिंह पंजाब की एकता, वीरता और स्वाभिमान के प्रतीक रहे हैं। बैठक के बाद केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री को पंजाब के जमीनी हालात से अवगत कराया है। उनका कहना था कि राज्य में नशे की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है और इसका सबसे अधिक असर युवाओं पर पड़ रहा है। साथ ही कानून-व्यवस्था को लेकर भी लोगों में चिंता है। उन्होंने केंद्र सरकार से पंजाब की सुरक्षा और विकास के लिए निरंतर सहयोग का आग्रह किया। ढिल्लों ने आरोप लगाया कि राज्य की आप सरकार लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के मुद्दों को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उठाती रहेगी और जनता से जुड़े विषयों को प्रमुखता से केंद्र सरकार के समक्ष रखेगी।  

रसोई गैस महंगी होने पर सियासी वार, वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

चंडीगढ़. राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में 29 रुपये की वृद्धि को लेकर भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तेल और जरूरी वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों की जिंदगी दिन-ब-दिन मुश्किल होती जा रही है। गरीब व मध्य वर्गीय परिवार पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हैं। रसोई गैस में ताजा वृद्धि ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। एलपीजी की कीमतें तुरंत वापस लेने की मांग करते चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार कीमतें बढ़ाने के बजाय महंगाई कम करने के लिए ठोस कदम उठाए। भारतीय जनता पार्टी लगातार देश के आम लोगों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रही है और उन पर दबाव डाल रही है। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने बार-बार डीजल और पेट्रोल की कीमतें बढ़ाई हैं। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा युद्ध अब समाप्त हो चुका है। लेकिन इसका बहाना बनाकर भाजपा आम लोगों पर बोझ डाल रही है।

शुक्र गोचर का असर: मिथुन से कर्क में प्रवेश, सभी राशियों पर पड़ेगा प्रभाव

शुक्र ग्रह आज (8 जून) मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में शाम लगभग 5 बजकर 30 मिनट पर प्रवेश करेंगे. ज्योतिष में शुक्र को सुख, सौंदर्य, प्रेम, वैभव और भौतिक सुविधाओं का कारक माना जाता है. कुंडली में शुक्र मजबूत हो तो व्यक्ति को जीवन में धन, ऐश्वर्य, अच्छी गाड़ी, घर और सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं. वहीं कमजोर शुक्र जीवन में अभाव और असंतोष ला सकता है. ऐसे में शुक्र का कर्क राशि में गोचर सभी 12 राशियों के जीवन को प्रभावित करेगा. आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं राशि अनुसार इसका प्रभाव. मेष राशि शुक्र का गोचर आपके चौथे भाव में हो रहा है, जिससे घर-परिवार और सुख-सुविधाओं में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिलेगी. आप लंबे समय से घर की सजावट, रेनोवेशन या नई गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे थे, तो इस दौरान वह पूरा हो सकता है. नौकरीपेशा लोगों को ऑफिस में बेहतर माहौल मिलेगा और सीनियर्स से सपोर्ट भी मिलेगा. बिजनेस करने वालों के लिए यह समय विस्तार और लाभ का संकेत दे रहा है. सावधानी: आंखों, त्वचा और इंफेक्शन से जुड़ी समस्याओं से बचें. गुस्से और अहंकार को कंट्रोल करें, खासकर जीवनसाथी के साथ. उपाय: शुक्रवार को खीर का भोग लगाकर 11 कन्याओं को प्रसाद दें. वृषभ राशि तीसरे भाव में शुक्र का गोचर आपकी कम्युनिकेशन स्किल और नेटवर्किंग को मजबूत करेगा. इस दौरान आपकी यात्राएं बढ़ेंगी और नए लोगों से मुलाकात आपके करियर के लिए फायदेमंद साबित होगी. नौकरी में ट्रांसफर या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहे हैं. बिजनेस में मार्केटिंग और आउटरीच से लाभ मिलेगा. सावधानी: अनावश्यक खर्चों से बचें और बोलचाल में संतुलन बनाए रखें, छोटी बात भी विवाद में बदल सकती है. उपाय: मां लक्ष्मी को नारियल और सफेद मिठाई अर्पित करें. मिथुन राशि दूसरे भाव में शुक्र का गोचर आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा. परिवार में चल रही समस्याएं धीरे-धीरे सुलझेंगी और घर में शांति का माहौल बनेगा. यदि आप प्रॉपर्टी या निवेश की योजना बना रहे हैं तो यह समय अनुकूल है. नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में सतर्क रहने की जरूरत है, जबकि व्यापारियों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है. सावधानी: वाणी पर नियंत्रण रखें, क्योंकि आपकी एक गलत बात रिश्तों में दूरी ला सकती है. उपाय: प्रतिदिन भगवान गणेश और माँ लक्ष्मी की आरती करें. कर्क राशि शुक्र आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे आपका व्यक्तित्व और आकर्षण बढ़ेगा. इस दौरान आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और प्रमोशन या इनकम बढ़ने के योग बन रहे हैं. घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और रिश्ते मजबूत होंगे. सावधानी: किसी पर आंख बंद करके भरोसा न करें और बेवजह खर्च करने से बचें. उपाय: मां लक्ष्मी को इत्र और लाल गुलाब अर्पित करें. सिंह राशि बारहवें भाव में शुक्र का गोचर आपके खर्चों को बढ़ा सकता है. आप लग्जरी चीजों पर ज्यादा खर्च कर सकते हैं. इस दौरान विदेश यात्रा या दूर की यात्रा के योग भी बन सकते हैं. नौकरी में बदलाव करने से बचें और बिजनेस में जोखिम लेने से पहले सोच-समझकर निर्णय लें. सावधानी: पेट और पाचन से जुड़ी समस्याओं से बचें, खानपान पर विशेष ध्यान दें. उपाय: दुर्गा चालीसा का पाठ करें और शुक्रवार को खीर का भोग लगाएं. कन्या राशि ग्यारहवें भाव में शुक्र का गोचर आपके लिए लाभकारी साबित होगा. आय के नए स्रोत बनेंगे और करियर में उन्नति के अवसर मिलेंगे. यदि आप बिजनेस को विस्तार देना चाहते हैं तो यह समय अनुकूल है. दोस्तों और परिवार का सहयोग मिलेगा. सावधानी: ओवरकॉन्फिडेंस और अहंकार से बचें, नहीं तो रिश्तों में दूरी आ सकती है. उपाय: गणेश और लक्ष्मी जी की नियमित पूजा करें. तुला राशि दसवें भाव में शुक्र का गोचर आपके करियर के लिए बेहद शुभ रहेगा. नौकरी में प्रमोशन या नई नौकरी मिलने की संभावना है. व्यापारियों को नई डील और अच्छे प्रॉफिट के अवसर मिलेंगे. आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ेगा. सावधानी: दिखावे से बचें और अपने व्यवहार में विनम्रता बनाए रखें. उपाय: भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएं. वृश्चिक राशि नौवें भाव में शुक्र का गोचर आपके भाग्य को मजबूत करेगा. रुके हुए काम पूरे होंगे और आपको यात्राओं के अच्छे अवसर मिलेंगे. नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ के संकेत हैं. सावधानी: कर्ज लेकर निवेश करने से बचें और खानपान में लापरवाही न करें. उपाय: मां दुर्गा को सफेद मिठाई अर्पित करें. धनु राशि आठवें भाव में शुक्र का गोचर आपके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और करियर में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. सावधानी: जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय न लें और रिश्तों को संभालकर रखें. उपाय: लक्ष्मी-गणेश पूजा कर सफेद मिठाई का दान करें. मकर राशि सातवें भाव में शुक्र का गोचर आपके रिश्तों में मिठास बढ़ाएगा. जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे और करियर में भी अच्छे अवसर मिलेंगे. बिजनेस पार्टनरशिप में लाभ होगा. सावधानी: खर्चों को नियंत्रित रखें और बजट बनाकर चलें. उपाय: भगवान कृष्ण को खीर या मौसमी फल का भोग लगाएं. कुंभ राशि छठे भाव में शुक्र का गोचर आपके लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा. काम में रुकावट और मानसिक तनाव बढ़ सकता है, लेकिन धैर्य से काम लेने पर सफलता मिल सकती है. सावधानी: विवादों से दूर रहें और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. उपाय: गणेश और लक्ष्मी जी को फूल अर्पित करें. मीन राशि पांचवें भाव में शुक्र का गोचर आपके लिए सकारात्मक रहेगा. प्रेम संबंध मजबूत होंगे और करियर में तरक्की मिलेगी. संतान पक्ष से भी खुशखबरी मिल सकती है. सावधानी: खर्चों और लेन-देन में सावधानी रखें. उपाय: मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाकर कन्याओं को प्रसाद दें.

रेलवे का बड़ा तोहफा! बिलासपुर-बेंगलुरु रूट पर शुरू होगी स्पेशल ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी राहत

रायपुर. ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान यात्रियों को राहत देने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बिलासपुर और बेंगलुरु के बीच स्पेशल समर ट्रेन चलाने का फैसला किया है. यह ट्रेन बिलासपुर और बेंगलुरु छावनी के बीच एक फेरे के लिए संचालित की जाएगी. इससे यात्रियों को  कन्फर्म बर्थ के साथ सुगम और आरामदायक यात्रा सुविधा मिल सकेगी. जानकारी के मुताबिक, गाड़ी संख्या 08263 बिलासपुर-बेंगलुरु छावनी समर स्पेशल 12 जून (शुक्रवार) को बिलासपुर से रवाना होगी. यह ट्रेन एक तरफा (वन-वे) सेवा के रूप में संचालित की जाएगी. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में इस विशेष ट्रेन का ठहराव बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और गोंदिया स्टेशनों पर दिया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा. 12 जून को बिलासपुर से होगी रवाना  समर स्पेशल ट्रेन में कुल 18 कोच होंगे, जिनमें 2 एसएलआरडी, 6 सामान्य (जनरल) तथा 10 स्लीपर कोच शामिल हैं.  इस व्यवस्था के कारण दक्षिण भारत की ओर यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सीटें उपलब्ध हो सकेंगी. ट्रेन 12 जून को दोपहर 2 बजे बिलासपुर से रवाना होगी. इसके बाद यह भाटापारा, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ और गोंदिया होते हुए महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के विभिन्न प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए दूसरे दिन रात 8 बजे बेंगलुरु छावनी स्टेशन पहुंचेगी.