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ड्रग तस्करों की जमानत कराने वालों पर भी कार्रवाई की मांग, हरियाणा की महापंचायत का बड़ा फैसला

सिरसा. गांव गोरीवाला में सोमवार को दादा भोमिया महाराज के मंदिर में नशे के विरुद्ध महापंचायत हुई। इसमें निर्णय हुआ कि नशा तस्कर की पंचायत या कोई ग्रामीण जमानत नहीं करवाएगा। किसी ग्रामीण ने जमानत करवाई तो उस पर जुर्माना लगेगा व उसका पोस्टर गांव के चौराहे में लटकाकर शर्मसार किया जाएगा। वकीलों ने भी फैसला सुनाया कि वे नशा तस्कर की जमानत नहीं करवाएंगे। पंचायत में बताया कि दादा भोमिया मंदिर में चोरी करने वाला युवक नशा करता है। उसे व उसके परिवार को गांव से बाहर निकाला जाएगा। गांव में नशे का प्रवेश रोकने को लठैत युवा गांव की सीमाओं पर पहरा देंगे। महापंचायत का नेतृत्व कर रहे जयपाल बग्गी ने कहा कि नशे से बढ़ते अपराध को देख निर्णय लिए।

पटना कोचिंग हिंसा केस: कोर्ट ने रौशन आनंद को नहीं दी राहत, खान सर को फिलहाल सुरक्षा

 पटना खान सर की कोचिंग सेंटर पर हुए हमले, मारपीट और तोड़फोड़ से जुड़े केस में आरोपी ज्ञान बिंदू जी.एस. एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद को कोर्ट से झटका लगा है। पटना सिविल कोर्ट ने रौशन आनंद की नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। नियमित जमानत याचिका खारिज होने का मतलब यह है कि अभी रौशन आनंद को जेल भी रहना होगा। 2 जून को पटना स्थित खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट में 15-20 लोगों के एक समूह ने बिहार की राजधानी पटना स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में कथित तौर पर तोड़फोड़ की थी और परिसर पर पथराव किया था। इस मामले में दर्ज केस के अनुसार अभियुक्तों पर खान ग्लोबल स्टडीज में प्रवेश कर एक सुरक्षाकर्मी को खींचकर बाहर सड़क पर लाने और उसके साथ मारपीट कर जख्मी कर देने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने रौशन आनंद, अभिषेक कुमार और गौरव कुमार को गिरफ्तार कर 03 जून 2026 को को जेल भेजा था। मामले की प्राथमिकी कदमकुआं थाना में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कांड संख्या 410/26 के रूप में दर्ज की गई है। ज्ञान बिंदू जी.एस एकेडमी के डायरेक्टर रौशन आनंद के पक्ष में बहस करते हुए उनके वकील राघव कुमार ने अदालत में कहा था कि इस मामले में धारा 109 लागू नहीं होती। उन्होंने तर्क दिया था कि पीड़ित को लगी चोटें साधारण हैं और मामले में दर्ज सभी धाराएं जमानती हैं। सोमवार को उनके वकील ने अदालत में अपने मुवक्किल को निर्दोष बताया और उन पर लगाये गये आरोपों को निराधार बताते हुए जमानत पर छोड़े जाने की प्रार्थना की थी। हालांकि, अदालत में रौशन आनंद के वकीलों की तर्क काम ना आई और ज्ञान बिंदु के मालिक रौशन आनंद को बेल नहीं मिली। खान सर को गिरफ्तारी से फिलहाल राहत इधर खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट के मालिक फैजल खान उर्फ खान सर को मंगलवार को अदालत की तरफ से फिलहाल राहत मिल गई है। अदालत ने खान सर किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगाई है। दंडात्मक कार्रवाई पर रोक का मतलब यह हुआ कि फिलहाल पुलिस उनपर कोई ऐक्शन नहीं लेगी और उन्हें गिरफ्तार नहीं करेगी। सोमवार को ही खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई थी। इस दिन अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को अदालत ने अपने आदेश में खान सर को फिलहाल राहत दी है। छात्रों ने सड़क पर किया था प्रदर्शन पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में पिछले 02 जून को खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमले, मारपीट, तोड़फोड़ और फायरिंग मामले में ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। रौशन आनंद सर को गिरफ्तार किए जाने के बाद कई छात्र उनके समर्थन में उतर आए थे। छात्रों का कहना था कि इस मामले में ज्ञान बिंदु कोचिंग के मालिक रोशन आनंद को फंसाया जा रहा है और वह पूरी तरह निर्दोष हैं। छात्रों ने कहा था कि यह अफवाह गलत है कि खान सर की फीस उनके प्रतिद्वंद्वियों से कम है। उनका दावा था किज्ञान बिंदु के ज्यादातर ऑफ लाईन कोर्सेस की कीमत खान ग्लोबल के मुकाबले कम हैं। छात्रों ने कहा था कि यह साबित होने के बाद कि फायरिंग खान सर के गार्डों ने की थी, प्रशासन को रोशन आनंद को छोड़ देना चाहिए।

किसानों से परिवहन तक कई अहम निर्णय, साय कैबिनेट ने CSPTCL IPO और खनन निगरानी में किए बदलाव

रायपुर मंत्रालय के महानदी भवन में सीएम विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई. बैठक में साय कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए. मंत्रिपरिषद ने किसानों को प्रोत्साहन देने, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने, खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने, योग को चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने सहित छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी को IPO के जरिए शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने जैसे अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।  कैबिनेट की बैठक में CSPTCL के IPO को सैद्धांतिक मंजूरी कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सैद्धांतिक सहमति दी. इस फैसले से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदारी का मौका मिलेगा. इसके साथ ही कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी. आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को इसको लिए अधिकृत किया गया है।  किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार की आदान सहायता खरीफ सीजन 2026 से कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी मिली है. धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी वैकल्पिक फसलें लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। यह फायदा एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर मिलेगा. सरकार का लक्ष्य फसल विविधीकरण, किसानों की आय में वृद्धि और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।  राशन हितग्राहियों को लगातार मिलेगा चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए कैबिनेट ने आवश्यक चना खरीदने की मंजूरी दी है. छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए अधिकतम 0.25 प्रतिशत सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की अनुमति दी गई है. अप्रैल से जून 2026 तक की व्यवस्था को भी बढ़ाया गया।  अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन होगा योग विभाग कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने का निर्णय लिया है. सरकार का मानना है कि योग आयुष प्रणाली का अभिन्न हिस्सा है, इसलिए इससे जुड़े प्रशिक्षण, शिक्षा और अनुसंधान कार्यों का बेहतर समन्वय चिकित्सा शिक्षा विभाग के माध्यम से हो सकेगा।  रायपुर समेत 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत पेमेंट सिक्योरिटी और मैकेनिज्म के लिए डायरेक्ट डेबिट मैंडेट को मंजूरी दी गई है. इससे रायपुर, ​भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है, इससे नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल पाएगी।  नवा रायपुर में भूमि अधिग्रहण को मिलेगी रफ्तार कैबिनेट ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि खरीद पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी में छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है. इस फैसले से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और नवा रायपुर के आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलेगी।  खनन क्षेत्र में RFID और वाहन ट्रैकिंग अनिवार्य छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम 2009 में संशोधन को मंजूरी मिली है. खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम अनिवार्य होगा. खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी वृद्धि हो गई है. राज्य सरकार का दावा है कि इससे अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण होगा तथा राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।  सरकार के फैसले इन क्षेत्रों को करेंगे प्रभावित साय कैबिनेट की बैठक में लिए गए फैसले कृषि, ऊर्जा, परिवहन, खनन और शहरी विकास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करेंगे. विशेष रूप से किसानों के लिए नई प्रोत्साहन नीति, 240 ई-बसों की मंजूरी और खनन क्षेत्र में तकनीकी निगरानी को सरकार के बड़े सुधारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए – 1.    आज मंत्रिपरिषद् की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (IPO) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। इस महत्वपूर्ण निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा तथा कंपनी की वित्तीय क्षमता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी। मंत्रिपरिषद् ने इस संबंध में आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है। 2.    मंत्रिपरिषद् ने खरीफ-2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार द्वारा फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने तथा धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों एवं दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी तथा कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15,000 रुपये की आदान सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश में दलहन-तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी साथ ही कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। 3.    मंत्रिपरिषद् ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  निर्णय के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेकडेक्स-ई-मार्केट (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सर्विस चार्ज पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है। साथ ही, वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का अनुमोदन भी किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत पात्र परिवारों को चना वितरण निर्बाध रूप से जारी रहेगा। 4.    मंत्रिपरिषद् ने ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न … Read more

पंजाब के मानसा में NIA का बड़ा एक्शन, शहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्ध संपर्कों की पड़ताल

मानसा. पंजाब के मानसा जिले से बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मंगलवार सुबह जिले के गांव कुलाना में छापेमारी की। बताया जा रहा है कि गांव के एक युवक द्वारा कथित तौर पर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी से फोन पर संपर्क किए जाने के बाद NIA की टीम जांच के लिए गांव पहुंची है। जानकारी के अनुसार, NIA के करीब एक दर्जन अधिकारी और कर्मचारी तीन वाहनों में सवार होकर तड़के ही गांव में पहुंचे और कार्रवाई शुरू कर दी। टीम द्वारा संबंधित युवक और उसके संपर्कों को लेकर जांच की जा रही है। साथ ही गांव के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी युवक के फोन रिकॉर्ड और अन्य गतिविधियों की जांच में जुटी हुई है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक NIA की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गौरतलब है कि शहजाद भट्टी का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आता रहा है। आरोप हैं कि वह सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पंजाब के युवाओं को भड़काने का प्रयास करता है, जिसके चलते कई बार कानून-व्यवस्था से जुड़े मामले भी सामने आए हैं। फिलहाल NIA की कार्रवाई जारी है और मामले को लेकर एजेंसी द्वारा आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

प्रकृति का अनमोल प्रहरी! जगदलपुर में मिली दुर्लभ निशाचर पक्षी की मौजूदगी, बढ़ी वैज्ञानिकों की उत्सुकता

जगदलपुर. जगदलपुर के माचकोट वन क्षेत्र में एक दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी ने जंगलों की समृद्ध जैव विविधता को फिर सुर्खियों में ला दिया है. लंबी पूंछ वाले नाइटजार, जिसे स्थानीय भाषा में “कापू चड़ई” और हिंदी में “रात की चिड़िया” कहा जाता है, को कैमरे में कैद किया गया है. यह पक्षी दिनभर झाड़ियों और पेड़ों की निचली शाखाओं में छिपकर आराम करता है, इसलिए इसे देख पाना बेहद मुश्किल माना जाता है. रात होते ही यह सक्रिय हो जाता है और उड़ते हुए कीट-पतंगों का शिकार करता है. विशेषज्ञों के अनुसार यह प्राकृतिक रूप से कीट नियंत्रण कर किसानों के लिए भी लाभकारी साबित होता है. इसकी विशेष आवाज जंगलों में इसकी उपस्थिति का संकेत देती है. भारत के अलावा चीन, इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया में भी यह प्रजाति पाई जाती है. वन अधिकारियों का कहना है कि माचकोट क्षेत्र दुर्लभ पक्षियों का महत्वपूर्ण आवास बनता जा रहा है. इस खोज ने एक बार फिर साबित किया है कि कोंडागांव के जंगल जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं.

डीग दौरे पर सीएम ने मंदिरों में की पूजा-अर्चना, श्रद्धालुओं को वितरित की प्रसादी

 जयपुर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को गिरिराज धरण (गोवर्धन पर्वत) की लगभग 21 किलोमीटर की परिक्रमा भक्तिभाव के साथ संपन्न की। अपने दो दिवसीय डीग प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने सपत्नीक पूंछरी का लौठा स्थित श्रीनाथ जी के दर्शन किए। साथ ही, उन्होंने मुकुट मुखारविंद मंदिर की तलहटी पर दुग्ध एवं जलाभिषेक कर गिरिराज जी की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की निरंतर खुशहाली व सुख-समृद्धि के लिए मंगलकामना की। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने श्रीनाथ जी मंदिर परिसर में उपस्थित संतों, स्थानीय नागरिकों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं को अपने हाथों से प्रसादी वितरित की। उन्होंने इस दौरान श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद कर यात्रा के दौरान मिल रही सुविधाओं के संबंध में जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने सोमवार शाम को सप्तकोसीय परिक्रमा प्रारंभ की थी जो मंगलवार सुबह लगभग 4 बजे संपन्न हुई। उन्होंने पूंछरी का लौठा में आमजन से मुलाकात की। विकास कार्यों को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मुख्यमंत्री ने भरतपुर व डीग जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, विधायक डॉ. शैलेष सिंह व बहादुर सिंह कोली सहित जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारीगण मौजूद रहे।

भारत को मिली बड़ी राहत: रोहित-हार्दिक फिट, कोहली बाहर, अफगानिस्तान सीरीज से पहले बड़ा अपडेट

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए फिट घोषित कर दिया गया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) ने दोनों खिलाड़ियों को फिट घोषित किया है। फिटनेस टेस्ट पास करने के बाद रोहित और हार्दिक का अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज खेलना तय हो गया है। हार्दिक और रोहित दोनों हुए फिट हार्दिक पंड्या पीठ में ऐंठन से जूझ रहे थे। इस वजह से आईपीएल 2026 में मुंबई इंडियंस के लिए कुछ मैच नहीं खेल पाए थे। उन्हें उनके फिटनेस रूटीन के लिए बैंगलोर में सीओई भेजा गया था। रोहित शर्मा को भी आईपीएल 2026 के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। दोनों सीओई में रिकवरी की प्रक्रिया से गुजर रहे थे, जहां मंगलवार को उन्हें फिट घोषित किया गया। रोहित और पंड्या दोनों ही अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा थे लेकिन इनका खेलना फिटनेस टेस्ट पास करने पर निर्भर था। दोनों दिग्गज खिलाड़ी अब अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में खेलते दिखेंगे। विराट कोहली बाहर रहेंगे विराट कोहली इंजरी की वजह से अफगानिस्तान वनडे सीरीज से बाहर हो गए हैं। ऐसे में रोहित और हार्दिक के फिट घोषित किए जाने से भारतीय टीम मजबूत हुई है। रोहित ने अपना आखिरी वनडे न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 जनवरी 2026 को खेला था। हार्दिक ने मार्च 2025 में भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीत के बाद से कोई वनडे नहीं खेला है। भारत और अफगानिस्तान के बीच पहला वनडे 13 जून को धर्मशाला में खेला जाना है। इसके लिए बुधवार को टीम धर्मशाला पहुंचेगी। दूसरा वनडे 17 जून को लखनऊ और तीसरा वनडे 20 जून को चेन्नई में खेला जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप पर नजरें टी20 विश्व कप 2026 का विजेता बनने के बाद भारतीय टीम का अगला लक्ष्य वनडे विश्व कप 2027 है। अफगानिस्तान सीरीज से टीम इंडिया अपने उस लक्ष्य को पाने की दिशा में कदम बढ़ाएगी।  

भीषण गर्मी के बीच पंजाब के मौसम में होगा बदलाव? जानिए कब होगी बारिश और कितने दिन चलेगी Heatwave.

चंडीगढ़. पंजाब और चंडीगढ़ में एक बार फिर भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 9 और 10 जून के लिए हीटवेव (लू) अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान 11 जून तक जारी रहने की संभावना है। इसके बाद प्री-मानसून गतिविधियां शुरू होने से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच ना निकले बाहर सोमवार को चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार को अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन सोमवार को यह 40 डिग्री का आंकड़ा पार कर गया। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को दिनभर उमस और गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। 11 जून से बदलेगा मौसम मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार, 11 से 14 जून के बीच पंजाब और चंडीगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। इस दौरान कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, गरज-चमक और आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 11 और 12 जून के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक Surinder Pal ने बताया कि अगले 4 दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, 11 जून के बाद मौसम में बदलाव के साथ हीटवेव का असर कम होने की उम्मीद है।

यौन हिंसा मामलों पर झारखंड HC सख्त, पीड़ितों के लिए समयबद्ध राहत और पुनर्वास के निर्देश

 रांची झारखंड हाई कोर्ट ने महिलाओं और यौन हिंसा की पीड़िताओं के अधिकारों, सुरक्षा, न्याय और पुनर्वास से जुड़े एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका मामले में राज्य सरकार, पुलिस विभाग और संबंधित एजेंसियों को कई अहम निर्देश दिए हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी भी संज्ञेय अपराध, विशेषकर यौन हिंसा और POCSO मामलों में, क्षेत्राधिकार का हवाला देकर FIR दर्ज करने से इनकार नहीं किया जा सकता और Zero FIR दर्ज करना पुलिस की कानूनी जिम्मेदारी है. मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने 8 जून 2026 को सुनाए गए फैसले में कहा कि Zero FIR दर्ज नहीं करना कानून के उल्लंघन के समान है. Zero FIR दर्ज करने में लापरवाही पर अदालत सख्त झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को BNSS 2023 की धारा 173 के तहत Zero FIR दर्ज करने की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. इसके साथ ही अदालत ने पुलिसकर्मियों के लिए नियमित प्रशिक्षण और संवेदनशीलता कार्यक्रम चलाने के भी आदेश दिए हैं. साथ ही, अदालत ने महिला और बाल विकास विभाग को राज्यभर में वन-स्टॉप सेंटरों की कार्यप्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि इन केंद्रों की निगरानी के लिए एक समिति बनाई जाए ताकि मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित हो सके. यौन हिंसा पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास पर जोर हाईकोर्ट ने यौन हिंसा से पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए सरकार को और प्रभावी कदम उठाने को कहा है. अदालत ने पाया कि कई मामलों में पीड़ितों को समय पर सहायता नहीं मिलती, जिससे प्रक्रिया प्रभावित होती है. इसलिए अदालत ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को तुरंत कानूनी और सामाजिक सहायता मिलनी चाहिए. दुष्कर्म पीड़ित बच्चों को मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति का आदेश अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि हर जिले में एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए, जो दुष्कर्म से जन्मे बच्चों की शिक्षा और समग्र विकास की निगरानी करेगा. ऐसे बच्चों को बारहवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी.वहीं, यदि कोई छात्र आईआईटी, एनआईटी, एम्स या आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश प्राप्त करता है, तो उसे उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति का लाभ भी दिया जाए. प्रमुख निर्देश और व्यवस्था हाईकोर्ट ने कहा कि मुकदमे की शुरुआत में ही ट्रायल कोर्ट यह तय करे कि पीड़िता को अंतरिम राहत देने की जरूरत है या नहीं. मामले का अंतिम फैसला चाहे किसी भी रूप में आए, पीड़िता के लिए अंतिम मुआवजा तय करना जरूरी होगा. मुआवजे की राशि का भुगतान 30 दिनों के अंदर करने का निर्देश दिया गया है. यौन अपराध से जुड़े मामलों का निपटारा तय समयसीमा में हो और इसके लिए बीएनएसएस की धारा 346 का पालन किया जाए. अदालतों को बेवजह तारीख पर तारीख देने से बचने को कहा गया है, ताकि मामलों का जल्द निष्पादन हो सके. पुलिस महानिदेशक को एक विशेष निगरानी दल बनाने का निर्देश दिया गया है, जो समय-समय पर ऐसे मामलों की समीक्षा करेगा. मीडिया, पुलिस और न्यायालय से जुड़े सभी कर्मियों को पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करना होगा. पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने या उसकी गोपनीयता भंग करने वालों पर सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. दुष्कर्म के मामलों की प्रारंभिक जांच 15 दिनों के भीतर पूरी करने को कहा गया है. अंतिम जांच दो महीने के अंदर समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है. सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को पीड़ितों को तत्काल कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. पॉक्सो से जुड़े मामलों में 24 घंटे के भीतर आश्रय, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करनी होगी. यौन अपराध से पीड़ित महिलाओं और बच्चियों का बयान महिला पुलिस अधिकारी द्वारा ही दर्ज किया जाएगा. सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिबंधित चिकित्सीय जांच पद्धति पर पूरी तरह रोक लगाने और उसका सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया गया है. अदालत ने स्पष्ट किया कि इस प्रतिबंध का उल्लंघन गंभीर पेशेवर कदाचार माना जाएगा. दूरस्थ क्षेत्रों की किशोरियों और महिलाओं के लिए कानूनी जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे. स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने पर जोर दिया गया है. यदि किसी पीड़िता और उसके परिवार को सामाजिक कारणों से स्थान बदलना पड़े, तो सरकार उनके पुनर्वास की उचित व्यवस्था करेगी. महिला हेल्पलाइन 181 को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उसे आपातकालीन सेवा 112 से जोड़ने पर विचार करने का निर्देश दिया गया है.

भारत के प्राचीन गौरव पर राज्यपाल का संबोधन, अफगानिस्तान से म्यांमार तक बताया हिस्सा

जयपुर  राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे से मंगलवार को लोकभवन में आईआईआईटी धारवाड़, कर्नाटक के विद्यार्थियों ने मुलाकात की। "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के अंतर्गत राज्यपाल ने इन विद्यार्थियों का अभिनन्दन करते हुए उनसे संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि भारत की सीमाएं प्राचीन काल में आज से बहुत अधिक विस्तृत थीं। उन्होंने कहा कि आज का अफ़ग़ानिस्तान, गांधार और कंबोज, पाकिस्तान, बांग्लादेश, और म्यांमार भारत के ही विशाल साम्राज्य का हिस्सा थे। उन्होंने कहा कि विश्व में सर्वाधिक 19 विश्वविद्यालय भारत में थे। सुदूर देशों से लोग भारत में पढ़ने आते थे। उन्होंने कहा कि प्राचीन भारत के लोगों की बौद्धिक क्षमता बहुत अधिक थी। बप्पा रावल के नाम से ही रावल पिंडी स्थान का नामकरण हुआ। उन्होंने कहा कि भारत संस्कृति और परंपराओं में आरम्भ से ही श्रेष्ठ रहा है। इसे फिर से श्रेष्ठ बनाने की आवश्यकता है। राज्यपाल ने नई शिक्षा नीति की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें प्राचीन गौरव की अनुभूति कराते युवाओं को सभी क्षेत्र में अग्रणी करने पर जोर है। उन्होंने राजस्थान के आदिवासी क्षेत्र की वीरांगना कालीबाई के बारे में भी कर्नाटक के विद्यार्थियों को विस्तार से बताया और कहा कि स्वाधीनता संग्राम में कालीबाई की महती भूमिका रही। उन्होंने कहा कि भारत श्रेष्ठ रहा है, इसका इतिहास प्रौद्योगिकी के विद्यार्थियों को पता होना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के युवा प्रतिभाशाली  बने, इसी उद्देश्य से "एक भारत श्रेष्ठ भारत" के साथ विकसित भारत का संकल्प संजोया गया है। इससे पहले राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संवाद में राजस्थान के भूगोल, संस्कृति के बारे में बताते हुए सरदार सरोवर से नर्मदा जल को राजस्थान में लाए जाने, राजस्थान के ऐतिहासिक चितौड़गढ़ दुर्ग, विश्व की सबसे बड़ी पक्की  नहर गंग नहर के इतिहास के बारे में रोचक ढंग से जानकारियां दी। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ. पृथ्वी भी उपस्थित रहे।