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चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन: भारत ने सफलतापूर्वक टेस्ट किया एडवांस मिसाइल डिफेंस सिस्टम

नई दिल्ली डिफेंस सेक्टर में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसी कड़ी में आज सुबह-सुबह एक बड़ी खबर तब सामने आई, जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया कि DRDO ने लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता के खिलाफ मल्टी-लेयर्ड सुरक्षा का प्रदर्शन करने के लिए लगातार तीन फ्लाइट टेस्ट सफलतापूर्वक किए गए. रक्षा मंत्री ने इस पोस्ट के साथ तीन मिसाइलों के परीक्षण की तस्वीरें भी साझा की है. रक्षा मंत्री के पोस्ट ने पोस्ट में यह भी लिखा कि DRDO के इस सफल परीक्षण से भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया, जिसके पास इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) को रोकने की क्षमता है. रक्षा मंत्री ने इस सफलता के लिए डीआरडीओ के वैज्ञानिकों को बधाई दी है।  डीआरडीओ को मिली यह सफलता पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान की टेंशन बढ़ाने वाला है. इन दोनों देशों के साथ भारत के सीमा सहित कई मुद्दों पर विवाद लंबे समय से है. ऐसे में डीआरडीओ को मिली यह सफलता न केवल दुश्मनों के ठिकानों को तबाह करने वाला है. बल्कि दुश्मन देशों की ओर से होने वाले खतरनाक हमलों को भी रोकने वाला है।  भारत की रक्षा अनुसंधान एंव विकास संगठन (DRDO) को मिली इस सफलता के बारे में एक्स पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिखा- DRDO ने देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाली कई अहम तकनीकों का सफलतापूर्वक टेस्ट किया है, जो दुश्मन के अलग-अलग तरह के खतरों से निपटने में मदद करेंगी।  उन्होंने आगे लिखा लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और मध्यम दूरी की एंटी-शिप क्षमता के खिलाफ मल्टी-लेयर्ड डिफेंस वाले तीन फ़्लाइटों का टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे किए गए।  रक्षा मंत्री ने लिखा कि इस टेस्ट में मल्टी-लेयर्ड BMD क्षमता का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया गया. इंटरसेप्टर ने अपने-अपने लक्ष्यों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया. इन सिस्टम को नई मिसाइल चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक तकनीकों से डिजाइन और विकसित किया गया है।  चुनिंदा देशों की लिस्ट में शामिल हुआ भारत इन सफल परीक्षणों ने भारत को उन चुनिंदा देशों में ला खड़ा किया है जिनके पास ICBM (इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) तक की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता है. 'नेवल एंटी-शिप मिसाइल-मीडियम रेंज' के पहले फ़्लाइट-टेस्ट के दौरान मध्यम दूरी की एंटी-शिप सुरक्षा का प्रदर्शन किया गया. इन अहम तकनीकों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन करने के लिए DRDO को बधाई। 

मिडिल ईस्ट में संकट गहराया: होर्मुज जलडमरूमध्य में ड्रोन अटैक, निशाने पर थे व्यापारिक जहाज

 नई दिल्ली भारतीय जहाजों पर हमलों के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में कई ड्रोन दागे हैं. अमेरिकी सेना का दावा है कि उसने कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने के लिए भेजे गए कई ईरानी "वन-वे अटैक ड्रोन" मार गिराए. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान ने ही होर्मुज स्ट्रेट से निकल रहे भारतीय जहाजों पर भी ड्रोन अटैक की कोशिश की थी।  अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने के लिए कई अटैक ड्रोन लॉन्च किए थे. CENTCOM के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने इन सभी ड्रोन को मार गिराया. बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए यह अहम समुद्री गलियारा पूरी तरह खुला हुआ है और जहाजों की आवाजाही जारी है।  रॉयटर्स की रिपोर्ट की मानें तो अमेरिकी अधिकारी ने भी पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने कई ईरानी ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया. अधिकारी के मुताबिक, ये ड्रोन कॉमर्शियल समुद्री यातायात के लिए खतरा बन सकते थे।  ईरान कर रहा भारतीय जहाजों पर हमले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन घटनाओं के बीच अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ईरान पर भारतीय जहाजों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है. ट्रंप ने लिखा कि होर्मुज स्ट्रेट से निकल रहे भारतीय जहाजों पर किया गया ड्रोन हमला "पूरी तरह अस्वीकार्य" है. उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे जल्द अपने रवैये में बदलाव करना होगा।  हालांकि, भारत या ईरान की तरफ से गुरुवार रात या उसके बाद होर्मुज स्ट्रेट के आसपास किसी भारतीय ध्वज वाले जहाज पर ड्रोन हमले की कोई जानकारी सामने नहीं आई है. दोनों देशों की तरफ से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।  भारतीय जहाजों पर हमला और US राजनयिक तलब यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारत ने इसी सप्ताह दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को तलब किया. भारत ने ओमान की खाड़ी में भारतीय क्रू वाले तीन व्यापारी जहाजों पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर विरोध दर्ज कराया है, इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है. इसको लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात भी की है और विरोध दर्ज किया है। 

हैदराबाद हादसा: महिला इंजीनियर ने बच्ची संग लगाई छलांग, लेकिन आगे जो हुआ उसने सबको चौंका दिया

 हैदराबाद हैदराबाद के मियापुर इलाके से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक बहुमंजिला इमारत की छठी मंजिल से कूदने के कारण 37 साल की महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई. इस आत्मघाती कदम को उठाते वक्त महिला की गोद में उसकी 6 महीने की मासूम बच्ची भी थी. लेकिन जैसे ही उसने छलांग लगाई, बच्ची महिला की गोद से छिटक कर दूर जा गिरी, जिससे उसकी जान बच गई।  यह पूरी घटना मियापुर के मयूरी नगर में मौजूद 'लक्ष्मी प्रेस्टीज अपार्टमेंट' की है. मृत महिला की पहचान ईशा साहू के रूप में हुई है, जो पेशे से एक आईटी इंजीनियर थीं. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, ईशा अपनी 6 महीने की बेटी को सीने से लगाए हुए अचानक अपार्टमेंट की छठी मंजिल से नीचे कूद गईं. हालांकि, नीचे गिरते वक्त हवा में ही बच्ची अचानक मां के हाथों से फिसल गई. यही वजह रही कि ईशा की तो मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, लेकिन मासूम बच्ची को सिर्फ मामूली चोटें आईं. हादसे के तुरंत बाद आस-पास के लोग मौके पर दौड़े और बच्ची को केपीएचबी के लोटस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची अब पूरी तरह खतरे से बाहर है।  इस कदम के पीछे की जो वजह सामने आ रही है, वह मानसिक तनाव से जुड़ी है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ईशा पिछले कई महीनों से इंसोमनिया यानी नींद न आने की गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. वह रात-रात भर सो नहीं पाती थीं. जांच अधिकारियों का अनुमान है कि लंबे समय तक नींद न पूरी होने की वजह से वह गहरे डिप्रेशन में चली गईं, जिसके चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।  फिलहाल मियापुर थाना पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है. पुलिस अपार्टमेंट के लोगों और परिवार से पूछताछ कर रही है,ताकि घटना की असली वजह का पता लगाया जा सके। 

रोहित शर्मा के निशाने पर इतिहास, आज सेंचुरी जड़ी तो सचिन का बड़ा रिकॉर्ड होगा चकनाचूर

धर्मशाला इंडिया वर्सेस अफगानिस्तान तीन मैच की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला आज यानी शनिवार, 13 जून को धर्मशाला के हिमाचर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाना है। विराट कोहली चोट के चलते सीरीज से बाहर हो गए हैं, ऐसे में हर किसी की नजरें रोहित शर्मा पर होगी। रोहित शर्मा इंजरी से वापस आ रहे हैं, आईपीएल 2026 के दौरान उन्हें हैम्सट्रिंग में चोट लगी थी। अब वह बीसीसीआई का टेस्ट पास कर अफगानिस्तान के खिलाफ खेलने के लिए एकदम फिट है। रोहित शर्मा जैसे ही धर्मशाला के मैदान पर खेलने के लिए उतरेंगे वैसे ही वह 37 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे और वनडे में भारत के लिए खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन जाएंगे। भारत के लिए वनडे खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी जी हां, इससे पहले यह रिकॉर्ड 1983 वर्ल्ड कप फाइनल के हीरो मोहिंदर अमरनाथ के नाम था। मोहिंदर अमरनाथ ने 1989 में अपना आखिरी वनडे खेला था, तब वह 39 साल और 36 दिन के थे। वहीं आज जब रोहित शर्मा मैदान पर उतरेंगे तो उनकी उम्र 39 साल 44 दिन होगी और वह भारत के लिए वनडे खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। वहीं क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, जिन्होंने भारत के लिए सबसे ज्यादा क्रिकेट खेला है। उन्होंने भी अपना आखिरी वनडे 38 साल 329 दिन की उम्र में खेला था। सचिन का आखिरी मैच 18 मार्च 2012 को मीरपुर में पाकिस्तान के खिलाफ था। सचिन के रिकॉर्ड की बराबरी पर हैं ‘हिटमैन’ मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो बतौर भारतीय ओपनर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने के मामले में रोहित शर्मा फिलहाल सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर खड़े हैं. सचिन तेंदुलकर ने अपने पूरे करियर में बतौर ओपनर खेलते हुए कुल 45 शतक जड़े थे. वहीं, रोहित शर्मा भी अब तक बतौर ओपनर 45 शतक ठोक चुके हैं. आज अफगानिस्तान के खिलाफ अगर रोहित शर्मा 100 रनों का आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बतौर ओपनर अपना 46वां शतक पूरा कर लेंगे. ऐसा करते ही वह सचिन तेंदुलकर को पछाड़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले भारतीय ओपनर बन जाएंगे।  वॉर्नर के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड रोहित शर्मा अगर आज सचिन का रिकॉर्ड तोड़ते हैं, तो उनकी नजरें सिर्फ भारत के नंबर वन ओपनर बनने पर नहीं, बल्कि दुनिया का नंबर वन ओपनर बनने पर भी टिक जाएंगी. फिलहाल, बतौर ओपनर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के धाकड़ बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के नाम है, जिन्होंने ओपनिंग करते हुए 49 शतक बनाए हैं. रोहित (45 शतक) इस वर्ल्ड रिकॉर्ड से अब महज 4 कदम दूर हैं।  सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ना या उसकी बराबरी करना किसी भी क्रिकेटर के करियर का सबसे बड़ा माइलस्टोन होता है. रोहित शर्मा पहले ही वनडे क्रिकेट में तीन दोहरे शतक और एक वर्ल्ड कप (2019) में 5 शतक लगाने का अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके हैं. लेकिन सचिन के इस रिकॉर्ड की बराबरी करना उनके करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ देगा।  ODI खेलने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बात ODI खेलने वाले सबसे उम्रदराज क्रिकेटर की करें तो, ओवरऑल रिकॉर्ड नीदरलैंड्स के टॉप-ऑर्डर बैटर नोलन क्लार्क के नाम है। क्लार्क 47 साल और 257 दिन के थे, जब उन्होंने 5 मार्च 1996 को रावलपिंडी में साउथ अफ्रीका के खिलाफ डच टीम को रिप्रेजेंट किया था। ODI में खेलने वाले सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ियों की लिस्ट में क्लार्क के बाद ज़िम्बाब्वे के जॉन ट्रेकोस और इंग्लैंड के नॉर्मन गिफोर्ड हैं। ट्रेकोस ने अपना आखिरी ODI 45 साल और 312 दिन की उम्र में खेला था, जबकि गिफोर्ड ने अपना आखिरी ODI 44 साल और 361 दिन की उम्र में खेला था। रोहित शर्मा 6 रन बनाते ही करेंगे एक और कमाल हिटमैन रोहित शर्मा अफगानिस्तान के खिलाफ 6 रन बनाते ही इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर ओपनर 16000 रन पूरा कर लेंगे। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले वीरेंद्र सहवाग के बाद दूसरे भारतीय ओपनर बनेंगे। सहवाग ने पारी का आगाज करते हुए 16,119 रन बनाए थे, अगर रोहित शर्मा को उन्हें पछाड़ना है तो इस सीरीज में कम से कम 126 रन बनाने होंगे।  

USA vs Paraguay: बालोगुन बने जीत के हीरो, अमेरिका ने वर्ल्ड कप में दर्ज की शानदार 4-1 की जीत

मेक्सिको  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान अमेरिका ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की. कैलिफोर्निया के इंगलवुड स्थित सोफी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-डी मुकाबले में अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी का मजबूत संदेश दिया।  1994 के बाद पहली बार घरेलू सरजमीं पर वर्ल्ड कप मैच खेल रही अमेरिकी टीम शुरुआत से ही आक्रामक नजर आई. मैच के शुरुआती चरण में ही पराग्वे के डेमियन बोबाडिला के आत्मघाती गोल ने अमेरिका को बढ़त दिला दी और यहीं से मुकाबले की दिशा तय हो गई।  इसके बाद फोलारिन बालोगुन ने अपने शानदार प्रदर्शन से मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया. 31वें मिनट में क्रिस्टियन पुलिसिक ने बेहतरीन थ्रू बॉल खेली, जिस पर बालोगुन ने पहला गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया. इससे पहले उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द भी हो चुका था।  पहले हाफ के इंजरी टाइम में बालोगुन ने मैच का सबसे खूबसूरत गोल किया. मलिक टिलमैन के पास को हासिल करने के बाद उन्होंने दो डिफेंडरों को छकाया और शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए गेंद को टॉप कॉर्नर में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ अमेरिका ने हाफ टाइम तक 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली।  दूसरे हाफ में पराग्वे ने वापसी की कोशिश की. 73वें मिनट में जूलियो एन्सिसो ने ढीली गेंद पर तेजी दिखाते हुए मौरिसियो को पास दिया, जिन्होंने गोलकीपर मैट फ्रीज को छकाते हुए टीम का पहला गोल दागा. हालांकि यह गोल केवल अंतर कम करने तक ही सीमित रहा।  अमेरिका ने पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा. सब्स्टीट्यूट रिकार्डो पेपी के पास भी गोल करने का मौका था, लेकिन पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार बचाव किया।  मैच के स्टॉपेज टाइम में जियो रेयना ने शानदार अंदाज में मुकाबले का चौथा गोल दागा. तेज काउंटर अटैक के बाद रेयना ने बाहरी पैर से ऐसा शॉट लगाया जिसे गिल रोक नहीं सके. इस गोल ने अमेरिकी प्रशंसकों की खुशी को और बढ़ा दिया।  यह मुकाबला डिफेंडर क्रिस रिचर्ड्स की वापसी के लिए भी यादगार रहा. क्रिस्टल पैलेस के लिए खेलते समय लगी टखने की चोट के कारण वह अमेरिका के आखिरी वॉर्म-अप मैचों से बाहर रहे थे. वहीं गोलकीपर मैट फ्रीज को मैट टर्नर पर प्राथमिकता दी गई, जिन्होंने 2022 वर्ल्ड कप में अमेरिका के सभी मैच खेले थे।  इस जीत के साथ अमेरिका ने ग्रुप-डी में मजबूत शुरुआत की है. अब उसकी अगली भिड़ंत 19 जून को सिएटल में ऑस्ट्रेलिया से होगी. वहीं पराग्वे की टीम उसी दिन तुर्की के खिलाफ मैदान में उतरेगी।  78वें मिनट में चला लारिन का जादू, कनाडा ने बचाई लाज, कनाडा-बोस्न‍िया मैच ड्रॉ  फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह-मेजबान कनाडा ने अपने अभियान की शुरुआत हार से बचते हुए की. टोरंटो में खेले गए मुकाबले में कनाडा ने बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट का अपना पहला अंक हासिल किया।  मुकाबले की शुरुआत कनाडा के लिए अच्छी नहीं रही. बोस्निया-हर्जेगोविना ने 21वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली. चोटिल खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल किए गए जोवो लुकिच ने कॉर्नर किक पर शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।  पहला हाफ और दूसरे हाफ का बड़ा हिस्सा कनाडा के लिए संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन कोच का दांव आखिरकार काम कर गया. 76वें मिनट में मैदान पर उतरे काइल लारिन ने सिर्फ दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया।  78वें मिनट में प्रॉमिस डेविड ने बेहतरीन पास दिया, जिस पर लारिन ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 1-1 कर दिया. इस गोल के साथ स्टेडियम में मौजूद कनाडाई प्रशंसक खुशी से झूम उठे।  यह गोल कनाडा के लिए बेहद खास रहा. वर्ल्ड कप इतिहास में यह टीम का सिर्फ दूसरा गोल था. इससे पहले कनाडा 1986 के वर्ल्ड कप में अपने तीनों मैच हार गया था. वहीं 2022 में कतर वर्ल्ड कप में भी टीम को जीत नहीं मिली थी. बोस्निया-हर्जेगोविना भी अपने इतिहास में दूसरी बार वर्ल्ड कप खेल रहा है. 2014 में टीम पहली बार टूर्नामेंट में उतरी थी, लेकिन ग्रुप राउंड से आगे नहीं बढ़ सकी थी।  हालांकि कनाडा जीत हासिल नहीं कर पाया, लेकिन घरेलू मैदान पर खेले जा रहे अपने पहले वर्ल्ड कप मैच में वापसी करते हुए एक पॉइंट हासिल करना टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाला र‍िजल्ट साबित हुआ. काइल लारिन के देर से किए गए गोल ने कनाडा को हार से बचाया और टूर्नामेंट में आगे के मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास भी दिया।   

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एनएसई के बीच हुआ एमओयू

यूपी के 1.5 लाख से अधिक युवाओं को मिलेगी निशुल्क फाइनेंशियल स्किल्स की ट्रेनिंग उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और एनएसई के बीच हुआ एमओयू यूपीएसडीएमयू और डीडीयू-जीकेवाई के 1000 से अधिक केन्द्रों में कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा होंगे लाभांवित  रोजगार के साथ-साथ युवाओं को ‘स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस’ मॉडल पर आत्मनिर्भर बनाएगा मिशन   मिशन मुख्यालय में वर्कशॉप का आयोजन, अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी जानें फाइनेंस मैनेजमेंट के 12 मूल मंत्र  लखनऊ,  प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाकर रोजगार से जोड़ना ही अब योगी सरकार का लक्ष्य नहीं है, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं का दायरा बढ़ाते हुए युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त, जागरूक और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार नागरिक बनाना भी प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री योगी के इसी विजन को धरातल पर उतारते हुए उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के बीच शुक्रवार को एमओयू हुआ। मिशन निदेशक पुलकित खरे की पहल पर पहली बार कौशल प्रशिक्षण को वित्तीय शिक्षा से जोड़ा जा रहा है। इस साझेदारी के तहत यूपीएसडीएम तथा दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीयू जीकेवाई) के अंतर्गत प्रदेश भर में 1000 से अधिक ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 1.5 लाख से अधिक युवाओं को अगले हफ्ते से फाइनेंशियल स्किलिंग की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। मिलेगी फाइनेंशियल स्किलिंग की ट्रेनिंग एमओयू से पहले मिशन मुख्यालय स्थित सभागार में फाइनेंशियल लिटरेसी एंड अवेयरनेस वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों को वित्तीय जागरूकता एवं आर्थिक निर्णय क्षमता का महत्व बताया गया। मिशन निदेशक भी वर्कशॉप में मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि आज के समय में ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं और वित्तीय अनिश्चितताओं के दौर में युवाओं को वित्तीय शिक्षा देना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने फाइनेंशियल स्किलिंग की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है ।  एक्सपर्ट्स ने बताए वित्तीय सफलता के 12 मूल मंत्र प्रेसेंटेशन के माध्यम से एनएसई के अधिकारियों ने फाइनेंशियल सक्सेस के 12 मूल मंत्र बताए। उन्होंने बताया पहले खुद के भविष्य के लिए बचत करें। इनकम से कम खर्च करें। आपातकालीन फंड तैयार रखें। हाई इंटरेस्ट पर ऋण लेने से बचें, रेगुलर इन्वेस्टमेंट करें। इन्वेस्टमेंट में विविधता रखें। रिस्क और रिटर्न की समझ रखें। टैक्स को देखते हुए निवेश करें। आवश्यक बीमा करवाएं। लॉन्ग टर्म एसेट्स लें और समय-समय पर इन्वेस्टमेंट की समीक्षा करें। ‘सारथी एप’ बनेगा युवाओं का डिजिटल वित्तीय मार्गदर्शक वर्कशॉप  में कर्मचारियों को सारथी एप (SaaRthi App) के बारे में भी विस्तार से बताया गया। यह इन्वेस्टमेंट एजुकेशन के लिए बनाया गया एक उपयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो उपयोगकर्ताओं को इन्वेस्टमेंट संबंधी शैक्षणिक वीडियो, वित्तीय योजना के टूल्स, कैलकुलेटर और फाइनेंशियल हेल्थ चेकअप जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। कौशल के साथ आर्थिक समझ भी जरूरी  यह एमओयू प्रदेश के युवाओं के जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आएगा। कौशल प्रशिक्षण के बाद रोजगार पाने वाले युवा अब केवल आय अर्जित नहीं करेंगे, बल्कि यह भी समझेंगे कि पहली सैलरी का सही उपयोग कैसे करें, बजट और बचत कैसे शुरू करें, इन्वेस्टमेंट कब और कहां करना चाहिए, अनावश्यक ऋण से कैसे बचना है, भविष्य की आर्थिक सुरक्षा कैसे तैयार करनी है। यह ट्रेनिंग युवाओं को घर खरीदने, व्यवसाय शुरू करने, परिवार की आर्थिक सुरक्षा, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवानिवृत्ति जैसे जीवन के बड़े निर्णय लेने में भी सक्षम बनाएगी। साथ ही वित्तीय जागरूकता उन्हें ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी निवेश योजनाओं और आर्थिक जोखिमों से सुरक्षित रहने में भी मदद करेगी। युवाओं को “स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस” के माध्यम से रोजगार से आगे बढ़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। वर्कशॉप में अपर मिशन निदेशक पूजा मिश्रा, जॉइंट डायरेक्टर मयंक गंगवार, वित्त नियंत्रक संदीप कुमार, असिस्टेंट डायरेक्टर एम के सिंह, असिस्टेंट डायरेक्टर पवित्रा टंडन व मिशन के अन्य कर्मचारी मौजूद रहें। वहीं, एनएसई से चीफ रेग्युलेटरी ऑफिसर अंकित शर्मा, वाइस प्रेसिडेंट जोगिंदर सिंह और यूपी रीजन की सीनियर इंचार्ज श्रुति शर्मा भी वर्कशॉप में मौजूद रहीं । वर्जन कौशल विकास का वास्तविक उद्देश्य तब तक अधूरा है, जब तक हमारे युवा अपनी कमाई का सही उपयोग और मैनेजमेंट करना न सीखें। आज रोजगार पाना जरूरी है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है वित्तीय रूप से समझदार बनना। एनएसई के साथ यह साझेदारी युवाओं को स्किल + फाइनेंशियल इंटेलीजेंस के मॉडल पर तैयार करेगी, जिससे वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि आर्थिक रूप से सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बन सकेंगे।  – पुलकित खरे, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन

तेज आंधी-बारिश से पंजाब में तबाही, तापमान 6.2°C गिरा; दो दिन का मौसम अलर्ट जारी

चंडीगढ़  पंजाब में तेज आंधी-तूफान और बारिश से तापमान में 5.2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। इससे अब यह गिरकर सामान्य से 6.3 डिग्री नीचे पहुंच गया है।  मौसम विभाग ने शनिवार व रविवार के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत पंजाब में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी और बारिश होगी। इसके बाद 15 जून से भी चार दिन पंजाब में 13 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, आज 13 जून को पंजाब के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, श्री मुक्तसर साहिब, बठिंडा, मानसा, रूपनगर और मोहाली में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस फरीदकोट में दर्ज किया गया। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। अब तक करीब 3 लोगों की मौत हो चुकी, जबकि पावरकॉम को आंधी के कारण खंभे और ट्रांसफार्मर टूटने के कारण 2.6 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला, मानसा, संगरूर व पटियाला शामिल हैं। विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिन फिलहाल भीषण गरमी से राहत रहेगी और तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है।  पंजाब में सबसे अधिक 36.7 डिग्री का पारा फरीदकोट का दर्ज किया गया। पंजाब का न्यूनतम पारा भी 5 डिग्री गिर गया है। इससे न्यूनतम पारा सामान्य से 4.4 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। सबसे कम 19.8 डिग्री का न्यूनतम पारा एसबीएस नगर का दर्ज किया गया। बारिश-आंधी के 3 बड़े असर     850 से ज्यादा बिजली के खंभे टूटे: पंजाब राज्य बिजली निगम (PSPCL) की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक आंधी ने बिजली वितरण नेटवर्क को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। 850 से ज्यादा बिजली के खंभे तेज हवाओं के कारण उखड़कर जमीन पर गिर गए। 129 ट्रांसफार्मर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। 8.57 किलोमीटर लंबी बिजली लाइनें और भारी मात्रा में लो-वोल्टेज व हाई-वोल्टेज केबल टूट गए, जिसके कारण कई जिलों के दर्जनों गांवों और शहरों में ब्लैकआउट (अंधेरा) रहा।     शेड्यूल के मुकाबले 625 मेगावाट कम बिजली ली: गर्मी कम होने की वजह से राज्य की कुल बिजली मांग 12,074 मेगावाट रही है। इसमें राज्य में 4,384 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि 7,686 मेगावाट बिजली ग्रिड से ली गई है। शेड्यूल के मुकाबले 625 मेगावाट कम बिजली ली जा रही है, इसलिए पंजाब अंडर ड्रॉल की स्थिति में है।     अब तक 3 लोगों की मौत: अमृतसर में बारिश के कारण दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि फाजिल्का के गांव झंगड़ भैणी में सीमेंट का शेड उड़कर सुनीता रानी पर गिर गया, जिससे उसकी गर्दन कट गई और उसकी मौत थी। इसके अलावा संगरूर में भी एक व्यक्ति की मौत को गई। सामान्य से 6 फीसदी अधिक बारिश पंजाब के कई इलाकों में शुक्रवार को अच्छी बारिश हुई। कुछ जगहों पर तेज गरज-चमक के साथ बिजली कड़की, ओले गिरे और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं। राज्य में औसतन 9.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश नवांशहर (एसबीएस नगर) में 55.6 मिमी हुई। यहां कुछ जगहों पर 7 सेंटीमीटर तक पानी गिरा। 1 से 12 जून के बीच पंजाब में औसतन 13.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से 6 फीसदी ज्यादा है। पंजाब में शुक्रवार सुबह साढ़े 8 बजे तक एसबीएस नगर में 37.2 एमएम, अमृतसर में 33.9 डिग्री, लुधियाना में 9.6 एमएम, पटियाला में 10.2 एमएम, मोहाली में 21.0 एमएम, गुरदासपुर में 32.2 एमएम, बठिंडा में 24.0 एमएम, पठानकोट में 8.0, और रूपनगर में 9.0 एमएम की बारिश दर्ज की गई। अमृतसर का अधिकतम पारा 32.8 डिग्री, लुधियाना का भी 32.8 डिग्री, पटियाला का 32.7 डिग्री, पठानकोट का 33.7 डिग्री, बठिंडा का 32.0 डिग्री, फिरोजपुर का 34.4 डिग्री, एसबीएस नगर का 30.8 डिग्री, फाजिल्का का 34.7 डिग्री, होशियारपुर का 32.1 डिग्री, रूपनगर का 33.8 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 20.5 डिग्री, लुधियाना का 20.4 डिग्री, पटियाला का 22.2 डिग्री, पठानकोट का 23.2 डिग्री, बठिंडा का 24.7 डिग्री, फिरोजपुर का 23.6 डिग्री, होशियारपुर का 22.5 डिग्री और रूपनगर का 21.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं के कारण पंजाब के मौसम में अचानक बदलाव आया है। तेज आंधी से पावरकाम को 2.06 करोड़ का नुकसान पंजाब में वीरवार को चली तेज आंधी व तूफान से बिजली वितरण ढांचे को व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। पावरकाम को 2.06 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तेज आंधी व तूफान से 129 ट्रांसफार्मर, 850 खंबे और 8.57 किलोमीटर बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे पंजाब के कईं इलाकों में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई।  आंकड़ों के अनुसार पावरकाम को बिजली सप्लाई में बाधा संबंधी 1 लाख 9 हजार शिकायतें प्राप्त हुईं। कुछ घंटों के अंदर पावरकाम ने ज्यादातर शिकायतों का निपटारा करके बिजली सप्लाई बहाल कर दी। लेकिन इस दौरान लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पंजाब में झुलसा देने वाली गरमी के बीच वीरवार को अचानक मौसम बदला और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आई और तेज बारिश हुई। इससे राज्य भर में बिजली वितरण ढांचे को बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचा है। बड़ी गिनती में खंबों और ट्रांसफार्मरों के अलावा कईं किलोमीटर तक बिजली की तारें क्षतिग्रस्त हुईं। इससे बिजली सप्लाई बाधित होने से कईं घंटों तक लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।  वीरवार को पावरकाम के कंट्रोल रूम और आनलाइन प्रणाली के जरिये बिजली बंद होने की रिकार्ड 1 लाख 9 हजार शिकायतें दर्ज हुईं। यह इस मौजूदा धान सीजन के दौरान अब तक एक ही दिन में आईं सबसे अधिक शिकायतें हैं। इस स्थिति को देखते हुए पावरकाम के तकनीकी और फील्ड स्टाफ ने युद्ध स्तर पर शिकायतों के निपटारे के लिए काम शुरू किया।  रात को ही प्रभावित क्षेत्रों में जाकर क्षतिग्रस्त खंबों, ट्रांसफार्मरों व तारों … Read more

योगी सरकार की हरित पहल: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर जल्द दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें

योगी सरकार की हरित पहल: उत्तर प्रदेश की सड़कों पर दौड़ेंगी हाइड्रोजन बसें डीजल से हाइड्रोजन तक: भविष्य के परिवहन मॉडल का नेतृत्व कर रहा यूपी प्रत्येक हाइड्रोजन बस में होंगी 42 सीटें, एक बार में 750 किमी. की यात्रा, प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन भी लखनऊ,  उत्तर प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों के साथ 3 हाइड्रोजन बसों को भी हरी झंडी दिखाई। यह पहल प्रदेश को हरित परिवहन की दिशा में आगे ले जाएगी। इससे प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। एनटीपीसी दादरी द्वारा विकसित ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी परियोजना के तहत इन बसों का निर्माण किया गया है। ग्रीन हाइड्रोजन भविष्य का ईंधन है। डीजल व पेट्रोल आधारित वाहनों की तुलना में हाइड्रोजन फ्यूल सेल बसें पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल हैं। इन बसों से उत्सर्जन के रूप में केवल पानी निकलता है, जिससे वायु प्रदूषण की समस्या नहीं होती। यही कारण है कि दुनिया के विकसित देश भी हाइड्रोजन आधारित परिवहन को बढ़ावा दे रहे हैं और अब उत्तर प्रदेश भी इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभाता दिखाई देगा। हर साल एक हजार टन कार्बन उत्सर्जन होगा कम इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के जल का उपयोग किया जा रहा है। इससे प्राकृतिक जल संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। साथ ही प्रतिदिन 2080 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन होगा, जो लगभग 1750 पेड़ लगाने के बराबर है। इसके अलावा इस परियोजना से प्रति वर्ष करीब 1000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आने का अनुमान है। एक बार में 750 किमी तक यात्रा संभव 42 यात्रियों की क्षमता वाली प्रत्येक बस में एक बार में 56 किलोग्राम हाइड्रोजन भरी जा सकेगी, जिससे लगभग 750 किलोमीटर तक की यात्रा संभव होगी। ग्रीन हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह परियोजना न केवल प्रदूषण कम करेगी, बल्कि भविष्य के हरित परिवहन मॉडल का भी मार्ग प्रशस्त करेगी।

विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे सीएम योगी

विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री योगी मुख्य अतिथि के रूप में होंगे शामिल देश के सबसे बड़े विज्ञान आंदोलन का राष्ट्रीय अधिवेशन 13 -14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय में  राष्ट्रीय अधिवेशन में देश-विदेश के लगभग 1200 प्रतिनिधि हो रहे शामिल  विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ हो रहे शामिल  अधिवेशन का उद्देश्य वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा कर वैज्ञानिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए कार्ययोजना तैयार करना   वन हेल्थ, विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी होगी विशेष चर्चा  वाराणसी,   काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और वैदिक विज्ञान केंद्र के संयुक्त  तत्वावधान में आयोजित  विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन सत्र में 13 जून की सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह सत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं राष्ट्रीय विकास से संबंधित विचार-विमर्श की दिशा निर्धारित करेगा। भारत के सबसे बड़े विज्ञान आंदोलन विज्ञान भारती का 7 वां राष्ट्रीय अधिवेशन 13 एवं 14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है।  इस दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में देश-विदेश से लगभग 1200 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।  इनमें विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे। भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी,नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी उद्घाटन सत्र में सहभागिता करेंगे। अधिवेशन में देश के प्रमुख संस्थानों एवं सरकारी संगठनों से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ता एवं विचारक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। वन हेल्थ विषयक सत्र का नेतृत्व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग  के अध्यक्ष डॉ. बी. एन. गंगाधर करेंगे, जिसमें शिक्षण, स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थानों से जुड़े विशिष्ट विशेषज्ञ भाग लेंगे।  विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा ने जानकारी दी कि इस अधिवेशन का उद्देश्य समसामयिक वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर सार्थक विमर्श करते हुए वैज्ञानिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए एक कार्ययोजना तैयार करना है। इस वर्ष के अधिवेशन में वन हेल्थ, विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी। विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो विषयक सत्र का नेतृत्व मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव करेंगे। इस सत्र में सतत विकास एवं ऊर्जा संक्रमण से जुड़े विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी।  राष्ट्रीय महासचिव विवेकानन्द पाई ने बताया कि अधिवेशन के दूसरे दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता विषयक विशेष सत्र का नेतृत्व भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव तथा इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष और पद्मश्री पुरस्कृत प्रो. आशुतोष शर्मा करेंगे। इस सत्र में शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा समाज हित में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी एवं नैतिक उपयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा। अधिवेशन में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार का सार्वजनिक व्याख्यान भी आयोजित किया गया है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल विशेष उद्बोधन देंगे तथा अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।  संचालक समिति सदस्य ,प्रो रामनारायण द्विवेदी  ने बताया विज्ञान भारती द्वारा इस अवसर पर “भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार  नीति” संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। 14 जून को आयोजित समापन सत्र में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर तथा प्रो. गोवर्धन दास विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे।   विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन विज्ञान भारती  के क्षेत्र संगठन मंत्री अंकित राय ने जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन संवाद, सहयोग एवं नीति-निर्माण के लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा जो भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

ओबीसी छात्रों के लिए वरदान बनी पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना, 8.8 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ

योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना से लाखों छात्रों को मिला सहारा, प्रयागराज रहा प्रदेश में अव्वल ओबीसी छात्रों के लिए वरदान बनी पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना, 8.8 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिला लाभ आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर और कुशीनगर भी टॉप-5 जिलों में शामिल कक्षा 9 और 10 के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिल रही सीधी वित्तीय सहायता पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था से सीधे बैंक खातों में पहुंच रही छात्रवृत्ति राशि लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को समाज के अंतिम पायदान तक पहुंचाने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर उभरी हैं। पिछड़ा वर्ग पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के तहत लाभार्थियों की संख्या के मामले में प्रयागराज जिला पूरे प्रदेश में पहले स्थान पर रहा है। यहां 39,892 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ मिला है। यह संख्या प्रदेश में सर्वाधिक है और दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर पात्र विद्यार्थियों तक पहुंच रहा है। जौनपुर में 31 हजार से ज्यादा छात्रों को मिली छात्रवृत्ति प्रदेश में प्रयागराज के बाद आजमगढ़ दूसरे स्थान पर रहा, जहां 35,785 छात्र-छात्राओं के खातों में छात्रवृत्ति की राशि पहुंची है। इसी तरह गाजीपुर में 32,872 छात्र-छात्राओं को लाभ मिला, जबकि जौनपुर में 31,475 और कुशीनगर में 26,137 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। इस तरह वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 8.88 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। इसमें 4 लाख 58 हजार से ज्यादा छात्राएं, 4 लाख 30 हजार से अधिक छात्र और 3 ट्रांसजेंडर शामिल है। छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक होना इस बात का संकेत है कि प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।  कक्षा 9 और 10 के छात्रों को मिल रही छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को 150 रुपये प्रतिमाह की दर से अधिकतम 10 माह तक छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त 750 रुपये वार्षिक अनुदान भी दिया जाता है। इस प्रकार एक छात्र को कुल 2,250 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है। योगी सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाया है। छात्र छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करते हैं। पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से कक्षा 9 और 10 में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए है।  हर पात्र छात्र को समय पर सहायता उपलब्ध हो- निदेशक, पिछड़ा वर्ग इस योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों के बच्चों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये या उससे कम है। आर्थिक तंगी के कारण कई बार प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो जाती है। प्रदेश सरकार की यह योजना ऐसे छात्रों के लिए संबल का काम कर रही है और उन्हें शिक्षा से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजनाएं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक अभाव किसी भी विद्यार्थी की शिक्षा में बाधा न बने और हर पात्र छात्र को समय पर सहायता उपलब्ध हो।