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नेमार बाहर, ब्राजील की ओपनिंग मैच में मोरक्को से कड़ी टक्कर

नई दिल्ली फीफा वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच नॉर्थ अमेरिका में लगातार जारी है। शनिवार को टूर्नामेंट में चार ग्रुप-स्टेज मुकाबले खेले जाने हैं, लेकिन सबकी निगाहें जिस महामुकाबले पर टिकी हैं, वह है ब्राजील बनाम मोरक्को। इसके अलावा आज कतर का मुकाबला स्विट्जरलैंड से, हैती का स्कॉटलैंड से और ऑस्ट्रेलिया की भिड़ंत तुर्की से होगी। छठे वर्ल्ड कप खिताब की तलाश में जुटी ब्राजील की टीम के लिए टूर्नामेंट का पहला ही मैच काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है, क्योंकि मोरक्को की टीम उन्हें कड़ी टक्कर देने के लिए पूरी तरह तैयार है। नेमार पहले मैच से बाहर, कोच कार्लो एंसेलोटी ने की पुष्टि मैच से ठीक पहले ब्राजील के फैंस के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। टीम के स्टार फॉरवर्ड और पूर्व कप्तान नेमार मोरक्को के खिलाफ इस ओपनिंग मैच में नहीं खेल पाएंगे। ब्राजील के हेड कोच कार्लो एंसेलोटी ने शनिवार को इस खबर की पुष्टि की। टूर्नामेंट की शुरुआत से ठीक पहले नेमार के पैर की पिंडली में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह इस मैच से बाहर हो गए हैं। कोच एंसेलोटी ने कहा, 'नेमार जल्द से जल्द फिट होने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह अगले हफ्ते से फुल ट्रेनिंग में लौट आएंगे।' ब्राजील को अपना अगला मैच 19 जून को हैती से और 24 जून को स्कॉटलैंड से खेलना है, और कोच को भरोसा है कि नेमार इन दोनों मैचों के लिए उपलब्ध रहेंगे। रैंकिंग में टॉप-10 की एकमात्र जंग यह ग्रुप-स्टेज का एकमात्र ऐसा मुकाबला है जहां फीफा वर्ल्ड रैंकिंग की टॉप-10 में शामिल दो टीमें आपस में भिड़ रही हैं। फिलहाल ब्राजील दुनिया में छठे और मोरक्को आठवें स्थान पर काबिज है। वर्ल्ड कप इतिहास में दोनों टीमें सिर्फ एक बार 1998 में आपस में भिड़ी थीं, जहां ब्राजील ने 3-0 से जीत दर्ज की थी। हालांकि, साल 2023 में खेले गए एक दोस्ताना मैच में मोरक्को ने ब्राजील को 2-1 से हराकर उस हार का बदला ले लिया था। मुकाबला 50-50 का है मोरक्को के कप्तान अशरफ हकीमी से जब पूछा गया कि क्या उनकी टीम इस मैच में अंडरडॉग के रूप में उतरेगी, तो उन्होंने इस बात को पूरी तरह खारिज कर दिया। हकीमी ने कहा, 'वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के ऐसे बड़े मैच में कोई फेवरेट नहीं होता। यह मुकाबला 50-50 का है। जीत-हार का फैसला बहुत छोटी-छोटी बारीकियों और मौकों को भुनाने से तय होगा। हमें उम्मीद है कि वह टीम हम होंगे।' वहीं ब्राजील के स्टार फॉरवर्ड विनीसियस जूनियर ने भी मोरक्को की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहद मजबूत और किसी भी टीम को हराने में सक्षम टीम बताया है। ब्राजील का अफ्रीकी टीमों के खिलाफ दबदबा इतिहास गवाह है कि वर्ल्ड कप में ब्राजील का प्रदर्शन अफ्रीकी देशों के खिलाफ बेहद शानदार रहा है। ब्राजील ने अफ्रीकी टीमों के खिलाफ खेले अपने 8 मैचों में से 7 में जीत हासिल की है, जबकि उन्हें एकमात्र हार 2022 वर्ल्ड कप में कैमरून के खिलाफ मिली थी। साल 2002 के बाद से ब्राजील की टीम अक्सर क्वार्टर फाइनल में ही बाहर होती आई है। ऐसे में कोच एंसेलोटी को भरोसा है कि उनके पास किसी भी टीम को हराने का अनुभव और क्वालिटी मौजूद है।  

कोचिंग विवाद में रौशन आनंद को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी बेल

पटना बिहार के चर्चित कोचिंग विवाद में जेल में बंद ज्ञान बिन्दु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद को अदालत से नियमित जमानत मिल गई है। पटना के अतिरिक्त जिला जज (ADJ 33) की अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के बाद बेल दे दिया है। रौशन आनंद को खान सर के खान ग्लोबल स्टडीज पर हमले के मामले में गिरफ्तार कर बेउर जेल भेजा गया था, जहां से अब वह पूरे 12 दिनों के बाद बाहर आ रहे हैं। रौशन आनंद ने दावा किया था कि खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। रौशन आनंद जेल से निकलने के बाद भाई प्रिंस यादव के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे, जिनकी नेपाल में संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। रौशन आनंद सर के वकील ने अदालत के सामने कल अपना पक्ष रखते हुए बेहद दमदार दलीलें पेश की थीं। वकील ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे विवाद और हमले के मामले में रौशन आनंद सर को साजिश के तहत घसीटा गया है, जबकि घटना से उनका कोई सीधा लेना-देना नहीं है। बचाव पक्ष के वकील ने कहा, "रौशन सर देश के प्रतिष्ठित शिक्षक हैं जो हजारों गरीब बच्चों का भविष्य संवार रहे हैं, उन्हें इस तरह जेल में रखना न्यायसंगत नहीं है। खान सर ने शातिर दिमाग लगाकर रौशन आनंद सर को फंसाया है। वकील की इन दलीलों और पुलिस डायरी की समीक्षा करने के बाद जज ने रौशन सर को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी कर दिया। भाई प्रिंस की नेपाल में संदिग्ध मौत से पसरा मातम एक तरफ जहाँ रौशन आनंद सर को कानूनी तौर पर इतनी बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बता दें कि कल ही रौशन आनंद सर के सगे भाई प्रिंस की पड़ोसी देश नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रिंस यादव की मौत के पीछे ब्रेन हेमरेज को कारण बताया जा रहा है। इस दुखद खबर के सामने आने के बाद से ही रौशन आनंद सर का पूरा परिवार और उनके चाहने वाले गहरे सदमे और शोक में डूबे हुए हैं। भाई प्रिंस यादव का शव नेपाल से लाया जा रहा है और आज ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच खान सर ने एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि प्रिंस की मौत की खबर सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खान सर ने प्रिंय के दोस्त का वीडियो भी दिखाया है, जिसमें वह कह रहा है कि प्रिंस की तबीयत पहले से खराब रहती थी। उसकी मौत सामान्य रूप से बीमारी से हुई है और किसी ने उसे कुछ नहीं किया है।

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर: सभी 12 राशियों पर पड़ेगा असर

 वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मा, आत्मविश्वास, पिता, सरकारी कार्य और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है. आज (15 जून 2026) को दोपहर के समय सूर्य वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे और 16 जुलाई 2026 तक यहीं स्थित रहेंगे. सूर्य का यह गोचर सभी 12 राशियों के जीवन में अलग-अलग बदलाव लेकर आएगा. आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कि सूर्य गोचक का सभी राशियों पर क्या असर होगा और किन उपायों से आप शुभ फल बढ़ा सकते हैं. मेष राशि मेष राशि से तीसरे भाव में सूर्य का गोचर होगा. यह भाव साहस, पराक्रम और कम्युनिकेशन से जुड़ा होता है. इस दौरान आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में तेजी से प्रगति करेंगे. भाई-बहनों और मित्रों से संबंध बेहतर होंगे. रुके हुए काम पूरे होंगे और यात्राओं के योग बनेंगे. ध्यान रखें: नकारात्मक विचारों से दूर रहें. उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें. वृषभ राशि वृषभ राशि से दूसरे भाव में सूर्य का गोचर होगा. यह समय आर्थिक सुधार का संकेत देता है. आय बढ़ाने के मौके मिलेंगे, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा. परिवार का सहयोग मिलेगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा. ध्यान रखें: वाणी में कठोरता और अहंकार से बचें. उपाय: रविवार को गुड़ का दान करें. मिथुन राशि सूर्य का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है. इससे आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी. प्रमोशन और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है. ध्यान रखें: रिश्तों में अहंकार और गुस्से से बचें. उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें. कर्क राशि कर्क राशि से 12वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी, लेकिन खर्च बढ़ सकते हैं. स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. ध्यान रखें: विवाद से बचें और प्लानिंग के साथ काम करें. उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें और शिवजी का अभिषेक करें. सिंह राशि सिंह राशि से 11वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. आय में वृद्धि होगी और अधूरी इच्छाएं पूरी होंगी. मित्रों का सहयोग मिलेगा और प्रमोशन के योग बनेंगे. ध्यान रखें: क्रोध और विवाद से दूर रहें. उपाय: रविवार को गुड़ का दान करें. कन्या राशि कन्या राशि से 10वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. करियर में उन्नति, सरकारी कार्यों में सफलता और मान-सम्मान में वृद्धि होगी. ध्यान रखें: जल्दबाजी में फैसले न लें. उपाय: रविवार को गरीब को भोजन कराएं. तुला राशि तुला राशि से 9वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और भाग्य का साथ मिलेगा. करियर में नए अवसर मिलेंगे. ध्यान रखें: स्वास्थ्य और क्रोध पर नियंत्रण रखें. उपाय: प्रतिदिन सूर्य को अर्घ्य दें. वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि से 8वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. रिसर्च, शिक्षा और विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी. ध्यान रखें: जल्दबाजी और जोखिम से बचें. उपाय: रविवार व्रत रखें और गरीब को भोजन कराएं. धनु राशि धनु राशि से 7वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. यह समय मध्यम फलदायी रहेगा. पार्टनरशिप और वैवाहिक जीवन में सावधानी रखें. ध्यान रखें: अहंकार और विवाद से बचें. उपाय: रविवार को 1 किलो गुड़ का दान करें. मकर राशि मकर राशि से 6ठे भाव में सूर्य का गोचर होगा. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और शत्रुओं पर विजय मिलेगी. ध्यान रखें: लोन लेने से बचें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें. उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें और फल का दान करें. कुंभ राशि कुंभ राशि से 5वें भाव में सूर्य का गोचर होगा. शिक्षा, प्रेम और धन के मामलों में लाभ होगा. शादी के योग बन सकते हैं. ध्यान रखें: आलस्य से बचें. उपाय: रविवार को भोजन दान करें. मीन राशि मीन राशि से 4थे भाव में सूर्य का गोचर होगा. घर-परिवार में सुख बढ़ेगा और प्रोफेशन में सफलता मिलेगी. ध्यान रखें: प्रॉपर्टी से जुड़े फैसले सोच-समझकर लें. उपाय: रविवार को गुड़ का दान करें.

अयोध्या राम मंदिर में करोड़ों के चढ़ावे की कथित हेराफेरी की जांच तेज, एसआईटी पहुंची गणना कक्ष

अयोध्या अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में चोरी की जांच के लिए बनी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) पहुंच गई है। एसआईटी ने राम मंदिर परिसर स्थित गणना कक्ष में पहुंच कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। नोटों की गिनती के दौरान कुछ वर्षों में तैनात कर्मचारियों के नाम पते की तस्दीक सहित ट्रस्टियों की सूची मांगी गई है। इसके आधार पर अब पूछताछ होगी। बताया जा रहा है कि राम जन्मभूमि परिसर में गणना कर्मचारी बनने के बाद बदल गई माली हालात की जांच भी होगी। कर्मचारियों के आपस की रिश्तेदारी भी खोजी जा रही है। एसआईटी में शामिल वरिष्ठ अफसरों को अपनी प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट एक सप्ताह और पूरी रिपोर्ट 15 दिन में सौंपने का निर्देश शासन ने दिया है योगी सरकार ने शनिवार को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी का नेतृत्व मंडलायुक्त लखनऊ विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। उनके साथ आईजी लखनऊ रेंज किरन एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री से एसआईटी गठित किए जाने का अनुरोध किया था। जांच के दायरे पर सवाल बताया जाता है कि प्रारम्भिक रिपोर्ट में जांच का दायरा चढ़ावे की धनराशि में करोड़ों की चोरी और गणना की निगरानी और इसको लेकर जवाबदेह लोगों तक सीमित रहेगा या इसके आगे भी विस्तारित हो सकता है। जांच का दायरा बढ़ा तो निश्चित ही कई उच्च पदस्थ लोगों तक जांच की आंच पहुंच सकती है। उसका कारण है कि यहां हर व्यवस्था को जितना बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की कोशिश की गयी, हकीकत उसके उलट थी। सूत्र बताते हैं कि इसकी प्रमुख वजह कमीशनखोरी रही। इसी तरह दर्शन व्यवस्था में नि:शुल्क सिस्टम के बाद भी धन उगाही की शिकायतें आम रहीं। इसको लेकर कुछ लोगों की धरपकड़ भी हुई लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सुरक्षा कारणों से फोटोग्राफी पर रोक के बाद भी सोशल मीडिया में आ रही तस्वीरों को लेकर किसी की जवाबदेही नहीं है। व्यवस्था से जुड़े पदाधिकारी सशंकित एसआईटी की जांच शुरू होते ही राम मंदिर की व्यवस्थाओं में लगे संघ और विहिप के पदाधिकारी सशंकित हो गये है। उन्हें भी यह आशंका सता रही है कि जांच का दायरा बढ़ा तो उन सबकी जवाबदेही तय होगी जो संगठन के दम पर मनमर्जी चला लेते थे। इस जांच से ट्रस्ट के कर्मचारी जरूर खुश दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि काम का जिम्मा हम सबका है और ऐन वक्त पर सुपरविजन के नाम पर ऊपर से लोग बैठा दिए जाते हैं जो पहले से तय व्यवस्थाओं को अपने हिसाब से कराने का दबाव बनाते हैं। इस व्यवस्था के कारण ही रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर बाकी के समारोह में अव्यवस्थाएं हुईं। इनका यह भी कहना है कि हम लोग के निर्धारित वेतन के सापेक्ष आउट सोर्सिंग के कर्मचारियों के नाम पर कंपनियों को अधिक भुगतान किया जा रहा है लेकिन आश्वासन के बाद भी हम लोगों का वेतन नहीं बढ़ रहा है और मनमाफिक व्यवस्था में धन खर्च हो रहा है।

मतदाता सूची की होगी बड़ी पड़ताल, पंजाब में आज से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू

चंडीगढ़  पंजाब में आज से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की शुरुआत होने जा रही है। इसके तहत 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 160 मतदाताओं की जांच की जाएगी। 1 अक्तूबर को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस दौरान फर्जी, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। बीएलओ के प्रशिक्षण और संशोधन प्रक्रिया से जुड़ी गतिविधियों से इसकी शुरुआत की जा रही है जो 24 जून तक जारी रहेगी। राज्य में 25 जून से 24 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं के फॉर्म भरवाएंगे। प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा मतदाता सूची का मसौदा 3 अगस्त को प्रकाशित होगा। इसके बाद 3 अगस्त से 2 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के स्रोत के रूप में माना जाएगा। इसे पहचान के अंतिम प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। बीएलओ फॉर्म देने के बाद उन्हें लेने के लिए मतदाताओं से तीन बार संपर्क करेंगे। सत्यापन के दौरान मतदाताओं की जन्मतिथि और पारिवारिक रिकॉर्ड का मिलान किया जाएगा। जिन लोगों का नाम 2003 की मतदाता सूची में नहीं था लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम दर्ज था, उनके दस्तावेज भी जांचे जाएंगे। मतदाता आयोग की वेबसाइट पर पुराने रिकॉर्ड चेक कर सकेंगे। आयोग के अनुसार मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 भरना होगा। वहीं ऐसे एनआरआई जिन्होंने किसी दूसरे देश की नागरिकता नहीं ली है वे फॉर्म-6ए भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवा सकते हैं। 

उत्तर प्रदेश में गर्मी की वापसी, 5–7 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान

लखनऊ उत्तर प्रदेश में विक्षोभ के गुजरने के बाद रविवार को ज्यादातर जिलों में तेज धूप खिली और तापमान में बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस बीच सोमवार को बिहार से सटे तराई व कुछ दक्षिणी जिलों में गरज चमक के आसार हैं। क्षेत्रीय माैसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के गुजर जाने के बावजूद कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर समेत कुछ दक्षिणी इलाकों में हवा में माैजूद नमी की वजह से तेज हवाएं चलने और गरज चमक के संकेत हैं। सोमवार के लिए प्रदेश के13 जिलों में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज चमक की चेतावनी जारी की गई है। रविवार को 42.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांदा प्रदेश में सर्वाधिक गर्म रहा। उरई और प्रयागराज दोनों जिलों में 41.4 डिग्री और झांसी में 40.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। रविवार से अगले पांच दिनों में प्रदेश भर में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री की बढ़त आएगी। साथ ही तपिश भरे दिनों की फिर से वापसी होगी इन जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज चमक की चेतावनी सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर व आस पास के क्षेत्र।   राजधानी में तीखी हुई धूप, बढ़ने लगी तपिश राजधानी में रविवार को तीखी धूप खिली। तपिश बढ़ने से अधिकतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस से ज्यादा और रात के तापमान में 5.3 डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है। अब आगे एक हफ्ते राजधानी में माैसम शुष्क रहने वाला है। साथ ही आने वाले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़त आएगी। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को लखनऊ में विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। आने वाले दिनों में धूप की तल्खी बढ़ने के साथ ही तपिश भरे दिनों की वापसी होगी। रविवार को अधिकतम तापमान 3.3 डिग्री की बढ़त के साथ 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री की उछाल के साथ 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा।  

चुनावी मोड में AAP, लोक मिलनियों के जरिए गिनाएगी सरकार की उपलब्धियां

चंडीगढ़. राज्य में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने संगठन और सरकार के कामकाज को सीधे जनता तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान शुरू करने की रणनीति बनाई है। पार्टी ने अपने मौजूदा विधायकों और हलका इंचार्जों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले दो महीनों तक अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार लोक मिलनियां आयोजित कर लोगों के बीच रहें और सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश करें। पार्टी ने संभावित चुनावी उम्मीदवारों को हर दिन तीन लोक मिलनियां आयोजित करने का लक्ष्य दिया है। इन बैठकों के जरिए न केवल सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी, बल्कि क्षेत्र के लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को भी जाना जाएगा। पार्टी का लक्ष्य है कि 15 अगस्त तक हर विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों और प्रमुख शहरी वार्डों तक पहुंच बनाई जाए। 2027 के लिए शुरुआती चुनावी तैयारी पार्टी के अंदर इसे 2027 के लिए शुरुआती चुनावी तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले से ही विभिन्न इलाकों में लोक मिलनियां कर रहे हैं, जबकि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल समेत कई मंत्री भी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसभाएं और संवाद कार्यक्रम शुरू कर चुके हैं। सूत्र बताते हैं कि जिन विधायकों और हलका इंचार्जों को पार्टी संभावित उम्मीदवार मान रही है, उन्हें अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए रंगला पंजाब फंड से राशि भी उपलब्ध कराई जा सकती है। बताया जा रहा है कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए करीब 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की योजना बनाई गई है, ताकि चुनाव से पहले जमीनी स्तर पर काम दिखाई दे सके। पार्टी नेतृत्व ने जनप्रतिनिधियों को अगले दो महीनों तक अपने विधानसभा क्षेत्रों में अधिकतम समय देने और अनावश्यक रूप से क्षेत्र से बाहर न जाने की सलाह भी दी है। वहीं, आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी आने वाले समय में व्यापारियों और उद्योग जगत से जुड़े वर्गों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रमों में हिस्सा ले सकते हैं, जिससे पार्टी का समर्थन आधार और व्यापक बनाया जा सके। मानना है कि लगातार जनसंपर्क, विकास कार्यों की प्रस्तुति और लाभार्थी वर्गों से सीधा संवाद, आप की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बनने जा रहा है। पार्टी इस अभियान के जरिए सरकार की योजनाओं को राजनीतिक समर्थन में बदलने की कोशिश में जुटी है।

बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाएंगे : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

बस्तर देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनेगा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर के आर्थिक विकास और लघु वनोपजों के समुचित उपयोग के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक का विमोचन रायपुर  नक्सलवाद का दंश झेलते-झेलते बस्तर चार दशकों तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब नक्सलवाद की समाप्ति के साथ केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को देश का सबसे सुंदर और विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  आज राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर सहित अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की दौड़ में काफी पीछे रह गया था। अब परिस्थितियां बदल रही हैं और एक नए, विकसित तथा समृद्ध बस्तर के निर्माण का अवसर प्राप्त हुआ है। राज्य सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिनसे आमजन को मूलभूत सुविधाओं सहित सभी आवश्यक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो दिन पूर्व ही यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण किए हैं। उनके नेतृत्व में देश ने अनेक ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें नक्सलवाद की समाप्ति की दिशा में मिली सफलता भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद देश की आंतरिक सुरक्षा के समक्ष सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में इस चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया गया। उन्होंने कहा कि मजबूत नेतृत्व समाज में विश्वास और उत्साह का संचार करता है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में माओवाद के विरुद्ध सामूहिक संकल्प विकसित हुआ। सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा, आम जनता खुलकर माओवाद के विरोध में सामने आई और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की। इस संघर्ष में लेखकों, पत्रकारों और बुद्धिजीवियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बस्तर आए थे, जहां उन्होंने पत्रकारों से मुलाकात कर उनके योगदान की सराहना की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजीव रंजन प्रसाद और सुरचना नायडू ने यह पुस्तक ऐसे समय में लिखी है, जब माओवाद की समाप्ति हो चुकी है। इस दृष्टि से यह पुस्तक और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। समय के साथ स्मृतियां धुंधली हो जाती हैं और घाव भरने लगते हैं। ऐसे में आवश्यक है कि माओवाद के कठिन दौर और उससे मुक्ति के संघर्ष को दस्तावेज़ी रूप में सुरक्षित रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उससे सीख सकें। उन्होंने कहा कि जब भावी पीढ़ियां इस विषय पर लिखी पुस्तकों को पढ़ेंगी, तब उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि माओवाद से मुक्ति के लिए समाज और सुरक्षा बलों ने कितना कठिन संघर्ष किया तथा कितने जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। यह पुस्तक उन्हें यह भी बताएगी कि हिंसा किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकती और लोगों का विश्वास केवल संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ही जीता जा सकता है। मुख्यमंत्री ने पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि लेखकों ने अत्यंत गंभीर और व्यापक शोध किया है। उन्होंने बस्तर समाज के विभिन्न वर्गों, आत्मसमर्पित नक्सलियों तथा नक्सलवाद को निकट से देखने और झेलने वाले लोगों से संवाद कर महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन किया है। पुस्तक यह उजागर करती है कि किस प्रकार माओवादी नेतृत्व ने अपने कैडर का विस्तार किया और अनेक परिवारों पर संगठन में सदस्य भेजने का दबाव बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लेखकों ने अपने शोध में जिन पूर्व नक्सलियों से बातचीत की, उनमें लगभग 80 प्रतिशत लोग अशिक्षित या केवल पांचवीं कक्षा तक शिक्षित पाए गए। जिस आयु में उनके हाथों में कलम होनी चाहिए थी, उस आयु में उन्हें हथियार थमा दिए गए। माओवाद ने एक पूरी पीढ़ी को शिक्षा से वंचित रखा, उन्हें परिवार और समाज से दूर कर दिया। उन्होंने कहा कि राजीव रंजन प्रसाद ने बस्तर पर पहले भी कई महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें माओवाद का वास्तविक चेहरा उजागर करने के साथ-साथ बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति का भी प्रभावी चित्रण किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अब बस्तर के नवनिर्माण का समय है। राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के जरिए शासकीय योजनाओं का लाभ सैचुरेशन मोड में लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। जहां पहले सुरक्षा कैंप स्थापित थे, वहां अब सेवा डेरे विकसित किए जा रहे हैं, जो शासकीय सेवाओं, कौशल विकास और उद्यमिता के केंद्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बस्तर की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन के माध्यम से अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। सहकारिता के माध्यम से बस्तर को अग्रणी संभाग बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जनजातीय परिवारों को गाय अथवा भैंस उपलब्ध कराकर कृषि के साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और उन्हें बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नए बस्तर में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा। बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है तथा अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही इंद्रावती नदी पर देउरगांव और मटनार बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में किसानों को सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से यहां की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को … Read more

कृषि विभाग की सख्ती, खाद की 1500 बोरियां जब्त, दो दुकानों पर गिरी गाज

धमतरी. धमतरी जिले में खरीफ सीजन से पहले खाद की कालाबाजारी पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम विभिन्न उर्वरक विक्रय केंद्रों में जांच के लिए पहुंची. निरीक्षण के दौरान मगरलोड विकासखंड के करेली छोटी स्थित वंदना खाद भंडार में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर उर्वरक बिक्री और कम्प्यूटराइज्ड बिल नहीं देने की शिकायत सही पाई गई. अनियमितता की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान का उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिया. साथ ही दुकान में रखी 859 बोरी रासायनिक उर्वरक भी जब्त कर ली गई. मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. अन्य प्रतिष्ठानों पर भी हुई कार्रवाई नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित पवार ट्रेडर्स से 600 बोरी और जय किसान ट्रेडर्स से 100 बोरी जैविक खाद जब्त की गई. दोनों प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है. कुरूद विकासखंड के चण्डी ट्रेडर्स और किसान ट्रेडर्स में POS मशीन के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाए जाने के साथ ही मूल्य सूची और उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित नहीं की गई थी. इस गंभीर अनियमितता पर दोनों प्रतिष्ठानों के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं. कृषि विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से कालाबाजारी करने वाले प्रतिष्ठानों में हड़कंप मच गया है. वहीं प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय अनिवार्य रूप से पक्का बिल लें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत कृषि विभाग या जिला प्रशासन को दें.

सीएम योगी ने लाभार्थियों को सौंपे प्रमाणपत्र, विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि भी की वितरित

सीएम योगी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को वितरित किए प्रमाणपत्र और सहायता राशि सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का किया शुभारंभ, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को वितरित किया नवीन अनुपूरक पुष्टाहार गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गोरखपुर में 926 करोड़ रुपये की लागत से 226 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र, सहायता राशि, आवास की चाबी, आयुष्मान कार्ड तथा नवीन अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सुपोषण मिशन के द्वितीय चरण का शुभारंभ करते हुए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को नवीन टेक होम राशन (टीएचआर) रेसिपी एवं अनुपूरक पुष्टाहार वितरित किया। उन्होंने शेजल, सिद्धि, आंशी, सानवी और श्री जैसी नन्हीं बच्चियों को तथा सोनी देवी और अमृत देवी जैसी गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पोषण किट प्रदान कर उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की लाभार्थी रवीना मधेशिया को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सुनीता देवी और चैता देवी को आवास की चाबी एवं स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शकुंतला देवी को आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। कृषि विभाग की योजनाओं के अंतर्गत कौड़ीराम क्षेत्र के बुनेल प्रजापति को कृषि परियोजना के लिए अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। वहीं बेलघाट क्षेत्र के जयप्रकाश मिश्रा को भी कृषि विकास से संबंधित सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को भी सम्मानित किया। एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान के पवेलियन का शुभारंभ इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने गोरखपुर स्थित वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में नव निर्मित एस्ट्रो टर्फ हॉकी मैदान के पवेलियन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने हॉकी प्रतियोगिता में भाग ले रहे नन्हें खिलाड़ियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी हॉकी स्टिक थामकर मैदान पर स्ट्रोक लगाया और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी तथा विभिन्न उत्पादों से सुसज्जित स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने अन्नप्राशन संस्कार कार्यक्रम में शामिल छोटे बच्चों को अन्न ग्रहण कराया तथा उनकी माताओं को उपहार भेंट कर शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। लोकार्पण होने वाली परियोजनाएं 112 करोड़ से जिला कारागार में मेन वॉल का विस्तार कर 30 कैदियों की क्षमता वाली 4 नग बैरक एनक्लोजर वॉल का निर्माण ₹10 करोड़ से अधिक धनराशि से वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज मैं बहुउद्देश्यीय क्रीड़ा हॉल 27 करोड़ से बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम का जीर्णोद्धार ₹5 करोड़ से परिक्षेत्रीय साइबर थाने का प्रशासनिक भवन शिलान्यास होने वाली परियोजनाएं ₹49 करोड़ से अधिक धनराशि से बी.आर.डी. मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों हेतु टाइप-2 के 100 आवासों का निर्माण कार्य ₹48 करोड़ से गुलहरिया में कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स कम एंटरटेनमेंट जोन का निर्माण कार्य ₹35 करोड़ से नगर निगम गोरखपुर में साहित्य पार्क का निर्माण कार्य