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मुख्य द्वार पर जल छिड़काव: वास्तु अनुसार घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने का उपाय

 घर का मुख्य द्वार ही वह स्थान है जहां से सकारात्मक ऊर्जा और धन का आगमन होता है. अगर आप भी अपने घर में बरकत और शांति चाहते हैं, तो सुबह के समय मुख्य द्वार पर जल छिड़कने का छोटा सा उपाय आपके लिए बेहद प्रभावी साबित हो सकता है. मुख्य द्वार पर जल छिड़काव के चमत्कारी लाभ लक्ष्मी का आगमन: ताजा जल पवित्रता का प्रतीक है, जो धन और सौभाग्य को घर की ओर आकर्षित करता है. नकारात्मक ऊर्जा का नाश: यह द्वार की दहलीज को शुद्ध करता है और रात भर में जमा हुई नकारात्मक शक्तियों व बुरी नजर को खत्म करता है. राहु दोष का निवारण: मुख्य द्वार राहु से संबंधित माना गया है.  सुबह जल छिड़कने से राहु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है, जिससे अचानक आने वाली मुसीबतें और पारिवारिक कलह दूर होती है. पितृ देवों का आशीर्वाद: पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ सुबह के समय प्रवेश द्वार पर आते हैं.  जल की स्वच्छता उन्हें तृप्त करती है और उनका आशीर्वाद मिलता है. कैसे छिड़के जल सही समय: यह उपाय सुबह सोकर उठने के बाद, सूर्योदय से पहले या ठीक बाद करें. पहले द्वार के सामने झाड़ू लगाएं, फिर जल छिड़कें. तांबे का पात्र: जल को रात भर तांबे के लोटे में रखे,  सुबह उसका इस्तेमाल करें. तांबे के औषधीय गुण और शुद्धिकरण की शक्ति  के प्रभाव को कई गुना बढ़ा देती है. इन चीजों को मिलाकर बनाएं उपाय को और शक्तिशाली हल्दी का पानी: एक चुटकी हल्दी मिलाने से गंभीर आर्थिक रुकावटें दूर होती हैं. सेंधा नमक: सप्ताह में एक बार (विशेषकर शुक्रवार को) पानी में सेंधा नमक मिलाकर छिड़काव करें. यह जिद्दी नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सेहत को बेहतर करता है. गंगाजल या गुलाब जल: इसकी कुछ बूंदें घर में शांति और सद्भाव बनाए रखती हैं. दिशा संबंधी सावधानियां (Directional Precautions) वास्तु के अनुसार दिशा के अनुसार जल का इस्तेमाल करें: शुभ दिशाएं: यदि मुख्य द्वार उत्तर (North), उत्तर-पूर्व (North-East) या पूर्व (East) में है, तो जल के उपाय सबसे ज्यादा फायदेमंद हैं. सावधानी: दक्षिण (South), दक्षिण-पूर्व (SE) या दक्षिण-पश्चिम (SW) दिशा वाले द्वार पर जल का छिड़काव कम करें. इन अग्नि वाली दिशाओं में पानी का ज्यादा जमाव अस्थिरता या आर्थिक नुकसान की वजह बन सकता है. यहा केवल हल्की सफाई पर ध्यान दें.

पाकिस्तान समर्थित साजिश का खुलासा, लश्कर के इशारे पर खड़ा हुआ नेटवर्क; NIA ने कसी नकेल

अमृतसर  पंजाब के अमृतसर में रहने वाला अंकुश कपूर पूरी तरह पाकिस्‍तान की कठपुतली बन चुका था. पाकिस्‍तान में बैठे आकाओं के इशारे पर उसने अमृतसर में नार्को-टेरर की पूरी लंका तैयार कर ली थी. उसकी इस लंका के तार सिर्फ अमृतसर या पंजाब तक सीमित नहीं थे, बल्कि उसका नेटवर्क इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक फैल चुका था. अब नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने उसकी इस लंका के दहन की पूरी तैयारी कर ली है. इसकी सिलसिले में एनआईए ने अंकुश के अमृतसर स्थिति बंगले को जब्‍त कर लिया है।  एनआईए का दावा है कि इस बंगले को नार्को-टेरर की काली कमाई से तैयार किया गया था. जांच में सामने आया है कि आरोपी अंकुश कपूर ही लश्‍कर-ए-तैयबा के नार्को-टेरर नेटवर्क को भारत में संभाल रहा था. अंकुश कपूर के संबंध दुबई में बैठे उन लोगों से थे, जिनके तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे. एनआईए का मानना है कि यह नेटवर्क केवल नशीले पदार्थों की तस्करी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसका मकसद ड्रग्स से होने वाली कमाई को आतंकी गतिविधियों तक पहुंचाना भी था।  सूत्रों के अनुसार, पाकिस्‍तान ड्रग से होने वाली कमाई का इस्‍तेमाल आतंक की जड़ों को मजबूत करने के लिए करता आया है. आरोपी अंकुश कपूर भी इसी कड़ी का एक अहम चेहरा था. वह लश्‍कर के इशारे पर ड्रग्‍स की तस्करी के साथ स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और डिस्‍ट्रीब्‍यूशन में अहम भूमिका निभाता था. एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि नेटवर्क के तार सिर्फ भारत और पाकिस्तान तक सीमित नहीं थे. इसका नेटवर्क इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) तक फैला हुआ था।  जांच में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स की कमाई को अगल अगल तरीके से विभिन्न देशों में भेजा जाता था. बाद में, इसी कमाई का इस्‍तेमाल आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जाता था. मंगलवार को जिस मकान को जब्त किया गया, उसे यूएपीए के तहत आतंक से अर्जित संपत्ति माना गया है. जांच एजेंसी के अनुसार, अंकुश कपूर को टेरर फंडिंग, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियों के तहत गिरफ्तार किया गया था. उस पर एनडीपीएस एक्ट और भारतीय दंड संहिता (आईपीएस) की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामले दर्ज हैं. इस पूरे मामले में अब तक 26 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। 

सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन: 22 जून 2026 से बदल सकती है कई राशियों की किस्मत

 ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का चाल बदलना बहुत बड़ी बात मानी जाती है. सभी ग्रहों के राजा सूर्य देव जब अपना नक्षत्र बदलते हैं, तो इसका असर हम सभी के जीवन पर पड़ता है. आने वाली 22 जून 2026 से सूर्य देव एक नया नक्षत्र शुरू करने जा रहे हैं.  ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, इस बदलाव से कुछ लोगों की किस्मत के दरवाजे खुलने वाले हैं. खासकर 3 राशियों के लिए यह समय धन-दौलत और सफलता की नई शुरुआत लेकर आएगा. किन राशियों को मिलेगा फायदा? सूर्य का यह बदलाव इन 3 राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है: मेष राशि: आपके लिए यह समय बहुत अच्छा रहेगा. ऑफिस में आपको प्रमोशन मिल सकता है, जो काम लंबे समय से अटके थे, वे पूरे हो जाएंगे. आपको अचानक पैसों का लाभ भी हो सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी. सिंह राशि: सूर्य देव इस राशि के स्वामी हैं, इसलिए इसका सबसे ज्यादा और अच्छा असर आप पर पड़ेगा.  आपका कॉन्फिडेंस बढ़ेगा, समाज में मान-सम्मान मिलेगा.  अगर कोई सरकारी काम अटका है, तो उसमें सफलता मिल सकती है.  लोग आपकी बातों को गंभीरता से लेंगे. कन्या राशि: आपके पास पैसा आने के नए रास्ते खुलेंगे. ऑफिस में आपकी मेहनत की तारीफ होगी. अच्छे परिणाम मिलेंगे. अगर आप कहीं पैसा निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह सही समय है. परिवार में भी खुशहाली का माहौल रहेगा. जीवन में आएंगे ये अच्छे बदलाव सूर्य के इस बदलाव से आपकी सुख-सुविधाएं बढ़ेंगी. आपमें एक नया जोश देखने को मिलेगा. आप पहले से ज्यादा बेहतर फैसले ले पाएंगे , मुश्किल समय में भी मजबूती से खड़े रहेंगे.  आपकी सेहत में भी सुधार होगा. सूर्य देव की कृपा पाने के आसान उपाय     इस दौरान सूर्य देव को खुश करने के लिए आप ये छोटे-छोटे उपाय कर सकते हैं:     रोज सुबह उठकर तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल चढ़ाएं.     'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें.     रविवार के दिन आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना बहुत शुभ माना गया है.  

रांची समेत कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 60 किमी रफ्तार से चलेंगी हवाएं

रांची झारखंड में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति बनने और झारखंड में मॉनसून की बेरुखी के बाद गुरुवार से एक बार फिर मॉनसून के सक्रिय होने की संभावना बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार को राज्य के कई हिस्सों में मौसम बदलने की संभावना है.   18-19 जून का मौसम गुरुवार और शुक्रवार यानी 18 और 19 जून को रांची सहित 17 जिलों में दोपहर के बाद मौसम बदलने की संभावना है. इनमें खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, गिरिडीह, धनबाद, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ शामिल हैं. इस दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने तथा मेघ गर्जन के साथ वज्रपात होने की आशंका है. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. बाकी सात जिलों में भी तेज हवा के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात और कहीं-कहीं बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक रांची में 18 जून और 19 जून को रांची का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. 20 जून का मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 20 जून को राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे. कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है. राज्य के कुछ हिस्सों में वज्रपात होने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. जून में हुई कम बारिश मौसम विभाग के अनुसार, इस साल एक जून से 17 जून के बीच झारखंड में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है. एक जून से 17 जून तक झारखंड में सामान्य से 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है. इस अवधि में सामान्य बारिश 67 मिमी होनी चाहिए थी.

शहरीकरण की मार, दिल्ली में तेजी से बढ़े खराब पर्यावरण वाले इलाके

नई दिल्ली  दिल्ली में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और निर्माण गतिविधियों का असर पर्यावरण पर साफ दिखाई देने लगा है। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन के मुताबिक, पिछले 32 वर्षों में सेंट्रल दिल्ली ने अपने सबसे बेहतर इकोसिस्टम का करीब 73.8 प्रतिशत हिस्सा खो दिया है। कभी राजधानी के सबसे समृद्ध पर्यावरणीय क्षेत्रों में शामिल सेंट्रल दिल्ली का बड़ा हिस्सा अब खराब पर्यावरण की श्रेणी में पहुंच गया है। जामिया मिलिया इस्लामिया के भूगोल और पर्यावरण विज्ञान विभाग के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन 'क्रॉसिंग द इकोलॉजिकल थ्रेशोल्ड' में 1991 से 2023 तक के सैटेलाइट आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। अध्ययन के अनुसार, सेंट्रल दिल्ली में बेहतरीन प्राकृतिक स्वास्थ्य वाली जमीन 1991 में 13.88 वर्ग किलोमीटर थी, जो 2023 में घटकर सिर्फ 3.63 वर्ग किलोमीटर रह गई। खराब पर्यावरण वाले इलाके बढ़े     अध्ययन में यह भी सामने आया कि पूरी दिल्ली में खराब पर्यावरण वाले क्षेत्रों में 50.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।     सबसे ज्यादा गिरावट उत्तरी दिल्ली में दर्ज की गई, जहां खराब पर्यावरण वाला क्षेत्र बढ़कर 131.18 वर्ग किलोमीटर हो गया।     दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ऐसे क्षेत्रों में 132 प्रतिशत और पश्चिमी दिल्ली में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।     पूर्वी दिल्ली, शाहदरा और उत्तर-पूर्वी दिल्ली में अच्छी पर्यावरणीय स्थिति वाले क्षेत्र अब बहुत कम बचे हैं।     इसके लिए अंधाधुंध शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियां और यमुना के फ्लडप्लेन में लगातार कमी को प्रमुख कारण बताया गया है।     हालांकि दक्षिणी दिल्ली और नई दिल्ली जिले से कुछ राहत की तस्वीर भी सामने आई है।  

तरबूज की खट्टी-मीठी शिकंजी: गर्मी में ताजगी और एनर्जी का फ्रूटी ड्रिंक

जून की इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और तपती धूप में घर से बाहर निकलते ही शरीर की पूरी एनर्जी खत्म हो जाती है. ऐसे में बॉडी को तुरंत हाइड्रेट करने के लिए हम अक्सर नींबू पानी या सोडा शिकंजी का सहारा लेते हैं. लेकिन रोज-रोज वही पुराना स्वाद पीकर अगर आपका मन भर गया है तो इस बार अपने समर ड्रिंक को एक फ्रूटी और मजेदार ट्विस्ट दें. आज हम आपके लिए लेकर आए हैं तरबूज की खट्टी-मीठी शिकंजी. तरबूज के नैचुरल मीठे स्वाद के साथ नींबू की खटास, पुदीने की ताजगी और खास मसालों का यह मेल मुंह में जाते ही स्वाद का ऐसा बम फोड़ेगा कि आप बाजार के सारे मॉकटेल भूल जाएंगे. यह न सिर्फ आपके शरीर को अंदर से बर्फ जैसा ठंडा रखेगी, बल्कि आपको लू से भी बचाएगी. आइए जानते हैं इसे बनाने की सबसे आसान विधि. सामग्री (Ingredients) तरबूज के टुकड़े: 2 कप (बीज निकाले हुए) नींबू का रस: 2 बड़े चम्मच ताजा पुदीना पत्ती: 10-12 काला नमक: 1/2 छोटी चम्मच भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटी चम्मच चाट मसाला: 1/4 छोटी चम्मच सादा नमक: एक चुटकी बर्फ के टुकड़े: आवश्यकतानुसार ठंडा पानी या सोडा वॉटर: 1 गिलास चीनी या शहद: 1 चम्मच अगर तरबूज कम मीठा हो तो शहद न मिलाएं बनाने का तरीका सबसे पहले तरबूज के टुकड़ों को मिक्सर जार या ब्लेंडर में डालें. साथ में पुदीने की पत्तियां और नींबू का रस डालकर बिना पानी मिलाए इसे अच्छी तरह ब्लेंड कर लें ताकि एक स्मूथ जूस तैयार हो जाए. तैयार हुए तरबूज के जूस को एक बड़ी छलनी की मदद से छान लें, ताकि अगर कोई छोटा बीज या रेशा रह गया हो तो वह निकल जाए. अगर आपको पल्प पसंद है तो आप बिना छाने भी इस्तेमाल कर सकते हैं. अब इस छाने हुए जूस में काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर अच्छी तरह चम्मच से मिक्स करें. अगर तरबूज थोड़ा फीका है, तो आप इस स्टेज पर थोड़ा सा शहद या पिसी चीनी मिला सकते हैं. सर्विंग ग्लास में 2-3 पुदीने की पत्तियां हाथ से तोड़कर डालें, साथ में एक नींबू की पतली स्लाइस और ढेर सारे बर्फ के टुकड़े डालें. अब गिलास में आधा तैयार किया हुआ मसालेदार तरबूज का जूस डालें और ऊपर से चिल्ड पानी या सोडा वॉटर डालकर मिक्स करें. ऊपर से थोड़ा सा भुना जीरा पाउडर स्प्रिंकल करें और पुदीने की पत्ती से गार्निश करके गरमा-गरम धूप से आए मेहमानों को तुरंत परोसें.

BJP प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद का अमृतसर दौरा, ढिल्लों-चुघ का पैदल मार्च आज चर्चा में

अमृतसर भाजपा पंजाब के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरदार केवल सिंह ढिल्लों और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तथा नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद तरुण चुघ आज अमृतसर प्रवास पर पहुंच रहे हैं। अपने दौरे की शुरुआत दोनों नेता सुबह करीब साढ़े नौ बजे भंडारी पुल से करेंगे। इसके बाद दोनों वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ पैदल मार्च करते हुए सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब पहुंचेंगे और वहां माथा टेककर प्रदेश की शांति, खुशहाली और विकास के लिए अरदास करेंगे। इसके उपरांत वे श्री दुर्ग्याणा तीर्थ और श्री राम तीर्थ में भी नतमस्तक होंगे। तरुण चुघ राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं भाजपा नेताओं के इस धार्मिक दौरे को पार्टी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति हुई है और तरुण चुघ राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। यह दौरा संगठन को और मजबूत करेगा भाजपा कार्यकर्ताओं में इस दौरे को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह दौरा संगठन को और मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद बढ़ाने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। अपने अमृतसर प्रवास के दौरान दोनों पदाधिकारी दोपहर तीन बजे कंपनी बाग स्थित महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा में पत्रकार वार्ता को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान प्रदेश और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनकी प्रतिक्रिया सामने आने की संभावना है।  

साइबर अपराधियों के निशाने पर पूर्व PM का परिवार, बेटे के साथ 7.80 लाख की ठगी का मामला दर्ज

मोहाली  पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल के बेटे और पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल के साथ दिल्ली में अब तक की सबसे बड़ी साइबर ठगी हुई है। ठगों ने व्हाट्सएप पर गुजराल की फोटो लगाकर उनकी ही कंपनी के कर्मचारी को झांसा दिया और ₹7.80 करोड़ ट्रांसफर करवा लिए।  बेटी ने पिता को बताया तो पता चला यह धोखाधड़ी 16 जून 2026 को सामने आई। जब नरेश गुजराल के एक कर्मचारी को उनके नाम और फोटो वाली व्हाट्सऐप प्रोफाइल से पैसे ट्रांसफर करने का मैसेज मिला, तो उसने बताए गए खाते में रकम भेज दी। बाद में कर्मचारी ने इस बारे में नरेश गुजराल की बेटी दीक्षा गुजराल को जानकारी दी। दीक्षा को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत अपने पिता से बात की। नरेश गुजराल ने साफ कहा कि उन्होंने किसी को पैसे भेजने के लिए नहीं कहा था और उन्हें इस लेन-देन के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद परिवार और कर्मचारियों को पता चला कि कोई ठग नरेश गुजराल बनकर व्हाट्सऐप पर लोगों को मैसेज भेज रहा था और वे एक सोची-समझी ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए हैं एजेंसियों ने खाते को फ्रीज करवाया नरेश गुजराल ने बताया कि दिल्ली की साइबर एजेंसियों ने शिकायत मिलते ही तेजी से कार्रवाई की, जिसके चलते ठगी गई ज्यादातर रकम को समय रहते रोक लिया गया और आरोपी उसे खाते से नहीं निकाल पाए। उन्होंने बताया कि पैसे ट्रांसफर होने से पहले बैंक ने उनके सीएफओ (मुख्य वित्त अधिकारी) को फोन कर पुष्टि भी की थी। लेकिन सीएफओ को लगा कि यह निर्देश खुद नरेश गुजराल ने दिए हैं, इसलिए उन्होंने बैंक को लेन-देन पूरा करने की मंजूरी दे दी। बाद में पता चला कि यह पूरा मामला ठगी का था।  

गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश: ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण संयोग

 आज देवगुरु बृहस्पति का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश होने जा रहा है. ज्योतिष शास्त्र में गुरु और पुष्य नक्षत्र का संयोग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. पुष्य को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है और शनि इसके स्वामी ग्रह, लेकिन गुरु इस नक्षत्र में उच्च के होते हैं और विशेष फल देते हैं. हालांकि, यह गोचर सभी राशियों के लिए शुभ नहीं रहेगा. गुरु के इस नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों को विशेष रूप से सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि उन्हें आर्थिक, मानसिक या स्वास्थ्य संबंधी मोर्चे पर नुकसान उठाना पड़ सकता है. आइए जानते हैं उन राशियों के बारे में जिन्हें इस दौरान संभलकर रहने की जरूरत है: मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर मिलाजुला लेकिन कुछ मामलों में नुकसानदेह हो सकता है. इस अवधि में आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बजट बिगड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ वैचारिक मतभेद होने की आशंका है. निवेश करने से बचें और किसी को उधार देने से पहले अच्छी तरह सोच लें. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि वालों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना मानसिक तनाव बढ़ा सकता है. साझेदारी के बिजनेस में घाटा होने की संभावना है. वाणी पर नियंत्रण न रखने के कारण परिवार या कार्यस्थल पर संबंध खराब हो सकते हैं. सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें, खासकर पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों को इस अवधि में भाग्य का साथ थोड़ा कम मिलेगा, जिससे बनते काम अटक सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ेगा, जिससे मानसिक थकान हो सकती है. आर्थिक रूप से कोई बड़ा फैसला लेना इस समय भारी पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में किसी भी तरह की राजनीति या गपशप से दूर रहें. वृश्चिक राशि (Scorpio) वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. गुप्त शत्रुओं के कारण आपको करियर में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. धन हानि के योग बन रहे हैं, इसलिए लेन-देन में सावधानी रखें. यात्रा करते समय अपने सामान और सेहत का विशेष ध्यान रखें.

6 साल पुरानी फाइल बनी नई मुसीबत, अभिषेक बनर्जी पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी?

जबलपुर /कोलकाता मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट पर लगी अंतरिम रोक को निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश की प्रति तत्काल ट्रायल कोर्ट को भेजने के निर्देश भी दिए हैं।यह मामला नवंबर 2020 में कोलकाता की एक राजनीतिक रैली के दौरान भाजपा नेता आकाश विजय वर्गीय को कथित रूप से 'गुंडा' कहे जाने से जुड़ा है। इस टिप्पणी के खिलाफ आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का रुख किया था। एमपी/एमएलए कोर्ट ने 12 नवंबर 2025 को अभिषेक बनर्जी की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी। अब हाईकोर्ट ने उस राहत को समाप्त करते हुए अंतरिम स्थगन आदेश रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने जानें क्यों जताई नाराजगी? गौरतलब है कि आठ मई को हुई सुनवाई के दौरान भी उनके वकील की अनुपस्थिति पर अदालत ने नाराजगी जताई थी और स्पष्ट चेतावनी दी थी कि अगली तारीख पर बहस नहीं होने की स्थिति में अंतरिम राहत जारी नहीं रहेगी।बीते दिनहुई सुनवाई में भी अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ। पासओवर के बाद भी जब कोई पक्षकार अदालत में पेश नहीं हुआ तो हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए गिरफ्तारी वारंट पर लगी रोक समाप्त कर दी। कोर्ट नाराज क्यों हुआ? मामले की सुनवाई करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसके बाद अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि वह एक सांसद हैं, ऐसे में उनके फरार होने की कोई संभावना नहीं है। इसी आधार पर हाई कोर्ट की बेंच ने 12 नवंबर 2025 को गिरफ्तारी वारंट पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान अभिषेक बनर्जी की ओर से कोई भी प्रतिनिधि या वकील उपस्थित नहीं हुआ। इसे गंभीरता से लेते हुए बेंच ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता खुद ही इस याचिका को आगे बढ़ाने में विशेष रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसलिए गिरफ्तारी वारंट पर लगाई गई अंतरिम रोक हटाई जाती है। ईडी की अभिषेक से सुनवाई वहीं, इस मामले के अलावा अभिषेक बनर्जी से ईडी भी पूछताछ कर रही है। बंगाल के कथित शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर 16 जून को उनसे 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। इसके अलावा अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दो अन्य मामले भी दर्ज बताए जा रहे हैं। अभिषेक बनर्जी को अपने संसदीय क्षेत्र डायमंड हार्बर में भी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा है कि वह इन मामलों से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह बीजेपी के सामने कभी भी सरेंडर नहीं करेंगे। अभिषेक ने दावा किया कि अगर उनका गला भी काट दिया जाए, तब भी वह डरकर पीछे नहीं हटेंगे। अभिषेक बनर्जी की हो सकती है गिरफ्तारी अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की जबलपुर बेंच ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जारी अरेस्ट वारंट पर लगी रोक को हटा दिया है। इससे बनर्जी की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। माना जा रहा है कि मध्य प्रदेश पुलिस जल्द ही पश्चिम बंगाल जाकर उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। यह भी संभव है कि एमपी पुलिस के ऐक्शन से पहले वह सुप्रीम कोर्ट जाकर राहत की मांग करें। 6 साल पहले कोलकाता में दिया था बयान सांसद अभिषेक बनर्जी के अरेस्ट वारंट से स्टे हटाते हुए अदालत ने निर्देश दिया कि आदेश की कॉपी तुरंत ट्रायल कोर्ट को भेजी जाए। यह मामला 6 साल पुराना है, जब नवंबर 2020 में एक चुनावी रैली के दौरान अभिषेक बनर्जी ने आकाश विजयवर्गीय के लिए कथित तौर पर 'गुंडा' वाला बयान दिया था। आकाश विजयवर्गीय ने एमपी-एमएलए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी ने हाई कोर्ट की शरण ली थी। याचिका में कहा गया था कि वह वर्तमान में एक सांसद हैं, ऐसे में उनके फरार होने की संभावना नहीं है। इस बीच पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता अभिजीत दास की शिकायत पर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले में दो एफआईआर दर्ज की गई है। बंगाल में ताबड़तोड़ एक्शन जानकारी के लिए बता दें कि जब से पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनी है, टीएमसी के कई नेताओं के खिलाफ एक्शन हुआ। कई मामलों में आरोपियों की सार्वजनिक परेड भी निकाली गई। बात चाहे पुष्पा उर्फ जहांगीर खान की हो या फिर शाहीन मोल्ला की, प्रशासन की ओर से कार्रवाई की गई। सरकार की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। हालांकि, इस तरह की सार्वजनिक परेड को लेकर टीएमसी ने भी विरोध दर्ज कराया है। मामला हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है जहां राज्य सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा गया है।