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विदेशी नागरिकों से ठगी करने वाला लखनऊ साइबर रैकेट पकड़ा गया

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमरिका, कनाडा समेत कई अन्य देशों के नागरिकों को झांसे में लेकर अरबों की ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का कमिश्नरेट पुलिस ने खुलासा किया। गिरोह विभूतिखंड इलाके में स्थित समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर दो कार्यालय (कॉल सेंटर खोलकर) करीब सवा साल से ठगी कर रहे थे। गिरोह, विदेशी नागरियों को डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेलिंग, ई-वॉलेट में समस्या होने पर मदद करने और खरीदारी का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरोह के लोग मुख्य रूप से डॉलर एप और आईबीम सॉफ्टवेयर के माध्यम से ठगी करते थे। पुलिस ने कॉल सेंटर के 27 लड़कियां, दो प्रोग्राम मैनेजर समेत 119 लोगों को हिरासत में ले लिया। साइबर, क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीमें अलग-अलग पूछताछ कर गिरोह का नेटवर्क खंगाल रही हैं। पुलिस टीम ने मंगलवार देर रात कार्यालय में छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर के दोनों कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस टीम ने गेट को लाक कर दिया, जिससे कोई भाग न पाए। कार्रवाई के दौरान समिट बिल्डिंग के गेट पर भी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। पकड़े गए आरोपियों में गुजरात के अहमदाबाद जनपद का रहने वाला ललित खैराजानी (हाल पता गोमतीनगर विस्तार) और उसका साथी विक्रम सिंह परमार है। दोनों कार्यालय में ऑपरेशन मैनेजर के पद पर तैनात थे। बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा इसके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और आसाम व अन्य राज्यों की 27 लड़कियां व 92 लड़के हैं। सभी टीमों से पूछताछ की जा रही है। शहर में इतना बड़ा कॉल सेंटर पकड़े जाने की सूचना पर संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार, डीआईजी साइबर क्राइम, पुलिस उपायुक्त पूर्व डॉ. दीक्षा शर्मा, अपर पुलिस उपायुक्त अपराध किरन यादव समेत अन्य अफसर मौके पर पहुंचे। बरामद इलेक्ट्रानिक गैजेट्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। बरामदगी : 100 लैपटॉप, 178 मोबाइल फोन, कालिंग डेटा, हजारों बैंकों की ई-वॉलेट डिटेल व अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पकड़े गए 119 लोगों से पूछताछ की जा रही संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था बबलू कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर के लोग मुख्य रूप से अमेरिकन नागरिकों को ठगते थे। गिरोह डिजिटल अरेस्ट, ब्लैकमेलिंग, ई-वॉलेट करेप्ट होने का भय दिखाकर और कई अन्य तरीके से ठगी करते थे। पकड़े गए 119 लोगों से पूछताछ की जा रही है। गिरोह का नेटवर्क खंगाला जा रही है। जालसाजों से पूछताछ कर अन्य साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं।

डेटा एनालिटिक्स से खुला कर चोरी का खेल, अवैध बिलिंग पर राज्य कर विभाग की सख्ती

जयपुर  राज्य में कर चोरी, अवैध बिलिंग एवं  इनपुट टैक्स क्रेडिट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से राज्य कर विभाग द्वारा डेटा एनालिटिक्स आधारित एक विशेष सत्यापन अभियान संचालित किया गया, जिसमें बड़े पैमाने पर विसंगति मिली।  60 में से 32 पंजीकरण निकले अवैध विभाग के अधिकारियों ने बताया कि डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम विश्लेषण के आधार पर प्रदेशभर में चिन्हित संदिग्ध जीएसटी पंजीकरणों का भौतिक सत्यापन कराया गया। इस अभियान के तहत कुल 60 संदिग्ध पंजीकरणों की जांच की गई, जिसमें प्रारंभिक सत्यापन में ही 32 पंजीकरण अवैध एवं अस्तित्वहीन पाए गए। शेष चिन्हित प्रकरणों में जांच अभी निरंतर जारी है।  15.73 करोड़ रुपए की राजस्व हानि रोकी गई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सत्यापन अभियान के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 15.73 करोड़ रुपए के इनपुट टैक्स क्रेडिट को अवरुद्ध किया जा चुका है। शेष प्रकरणों की गहनता से जांच की जा रही है और जांच पूर्ण होने पर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।  डेटा आधारित प्रणाली की उपलब्धि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता विभाग द्वारा विकसित डेटा एनालिटिक्स एवं जोखिम आधारित चयन प्रणाली की प्रभावशीलता को दर्शाती है। संदिग्ध लेन-देन एवं असामान्य व्यापारिक गतिविधियों जैसे विश्लेषणात्मक संकेतकों के आधार पर चिन्हित मामलों में इतनी बड़ी संख्या में पंजीकरणों में विसंगति का पकड़ा जाना विभाग की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  भविष्य में भी जारी रहेगा अभियान अधिकारियों ने बताया कि अवैध बिलिंग एवं आईटीसी के माध्यम से सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले नेटवर्क के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार के डेटा आधारित विशेष अभियान निरंतर संचालित किए जाएंगे। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।  इसके साथ ही विभाग ने समस्त करदाताओं से अपील की है कि वे राज्य के विकास में सहभागी बनते हुए केवल वास्तविक एवं विधिसम्मत व्यापारिक लेन-देन करें तथा अवैध बिलिंग व आईटीसी जैसी गतिविधियों से दूर रहें।

मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा, आशीष के अकाउंट में आए ₹16 लाख पर उठे सवाल

भिवानी. पहाड़ी माता मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच अब आर्थिक पहलुओं तक पहुंच गई है। पुलिस जांच में आरोपित आशीष के बैंक खाते में करीब 16 लाख रुपये जमा होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में आरोपित इस राशि के स्रोत के संबंध में संतोषजनक जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद पुलिस ने बैंक खाते से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच तेज कर दी है। साथ ही खाते को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है, ताकि जांच पूरी होने तक राशि के संबंध में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि बैंक खाते में जमा राशि का मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण से कोई संबंध है या नहीं। इससे पहले पुलिस आरोपी की निशानदेही पर करीब 2.50 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और चांदी के कई बर्तन बरामद कर चुकी है। अब जांच का केंद्र बैंक खाते, वित्तीय लेनदेन और संभावित आर्थिक कड़ियों पर आ गया है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि आरोपित के खातों में धनराशि किन माध्यमों से पहुंची और क्या इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोगों की भी कोई भूमिका रही है।

थानों में कबाड़ बने 7,402 जब्त वाहन हटाए, पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने राज्यभर के पुलिस थानों में लंबे समय से खड़े जब्त और लावारिस वाहनों के निपटारे के लिए चलाए गए विशेष अभियान में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद शुरू किए गए इस अभियान के तहत पिछले एक महीने में 7402 वाहनों का निपटारा किया गया है। इससे पुलिस थानों में वर्षों से जमा वाहनों के कारण बढ़ रहे दबाव में कमी आई है और थानों में जगह की समस्या से भी राहत मिलने लगी है। पुलिस रिकार्ड के अनुसार अभियान शुरू होने से पहले राज्यभर के विभिन्न पुलिस थानों और यूनिटों में कुल 55,721 वाहन पुलिस हिरासत में थे। इसी दौरान ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, संदिग्ध गतिविधियों और अवैध कामकाज के खिलाफ चलाए गए सघन जांच अभियान के चलते 3355 और वाहन जब्त किए गए। इसके बाद कुल संख्या बढ़कर 59,076 तक पहुंच गई थी। हालांकि, एक महीने के भीतर 7402 वाहनों का निपटारा होने के बाद अब पुलिस हिरासत में कुल 51,674 वाहन शेष रह गए हैं। लंबित मामलों का हो रहा निपटारा डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ पुलिस प्रशासन लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटा रहा है। उन्होंने कहा कि वाहनों की सघन जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन इसके साथ जब्त वाहनों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। उन्होंने बताया कि बेहतर समन्वय और पेशेवर फॉलोअप के कारण कम समय में बड़ी संख्या में वाहनों का निपटारा संभव हो सका। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक अभी भी 8121 वाहनों से संबंधित आवेदन कानूनी जांच के अधीन हैं। इसके अलावा मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत 1276 आवेदन ऐसे हैं जिनमें इन्वेंट्री और फोटोग्राफी के कानूनी सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जानी बाकी है। इन मामलों में अदालतों और संबंधित अधिकारियों की मंजूरी के बाद आगे की कार्रवाई होगी। जालंधर पुलिस ने हटाए सर्वाधिक वाहन जिला और कमिश्नरेट स्तर पर भी इस अभियान का व्यापक असर देखने को मिला। जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने 5993 वाहनों में से 779 वाहनों का निपटारा किया। मोगा पुलिस ने 2367 में से 697 वाहन हटाए, जबकि बठिंडा में 3008 में से 631 वाहनों का निपटारा किया गया। फिरोजपुर में 2649 में से 586 वाहन, लुधियाना ग्रामीण में 1618 में से 538 वाहन तथा लुधियाना कमिश्नरेट में 7471 में से 460 वाहनों का निपटारा किया गया। इसके अलावा तरनतारन में 2033 में से 302 और फाजिल्का में 2216 में से 283 वाहनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रिलीज या डिस्पोज किया गया। और तेज होगी मुहीम स्पेशल डीजीपी ला एंड आर्डर प्रवीण कुमार सिन्हा ने कहा कि पंजाब पुलिस का लक्ष्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी प्रभावी और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में हिरासत में खड़े वाहनों की रिहाई और निपटारे की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा, ताकि पुलिस थानों में अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों का बोझ कम हो और पुलिस संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

पार्किंग को लेकर जगदलपुर में बवाल, युवक ने बुजुर्ग गार्ड को घसीटकर पीटा

जगदलपुर. शहर के धरमपुरा स्थित विशाल मेगा मार्ट में कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पार्किंग में तैनात एक बुजुर्ग सुरक्षा गार्ड को युवक ने जमीन पर गिराया और फिर घसीट-घसीटकर पीटा। घटना का पूरा घटनाक्रम मेगा मार्ट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग वायरल हो रहे वीडियो में बुजुर्ग गार्ड खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि युवक लगातार उनके साथ मारपीट करता नजर आ रहा है। गार्ड की बेटी ने आरोपी युवक के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वीडियो बना चर्चा का विषय इस घटना ने सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती हिंसा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, जबकि पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है।

दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का ऐलान, 30 जुलाई वोटिंग और 3 अगस्त को मतगणना

दतिया  मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार, चुनाव की अधिसूचना छह जुलाई को जारी की जाएगी। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 16 जुलाई तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा। इसके बाद तीन अगस्त को मतगणना होगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार, चार अगस्त तक चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के कारण हो रहा उपचुनाव बता दें कि दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस के राजेंद्र भारती विधायक थे। उन्हें एक मामले में दो वर्ष से अधिक की सजा होने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी। इसके बाद यह सीट रिक्त हो गई। अब इस सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा। उपचुनाव में भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के प्रत्याशी आमने-सामने होंगे। आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू निर्वाचन आयोग के आदेश के अनुसार अब दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। मतदान सभी केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा। विजयवर्गीय बोले- बीजेपी ही जीतेगी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- दतिया उपचुनाव में निश्चित रूप से भाजपा ही जीतेगी।इस सवाल पर कि क्या बीजेपी के उम्मीदवार नरोत्तम मिश्रा ही होंगे, विजयवर्गीय बोले- ये कहना अभी जल्दबाजी होगी। जो उम्मीदवार आएगा, आपको बताया जाएगा। विधायक राजेन्द्र भारती की सदस्यता खत्म हुई थी दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती को दो वर्ष से अधिक की सजा मिलने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट खाली घोषित कर दी। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस बनाम भारत संघ फैसले, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 और संविधान के अनुच्छेद 191(1)(e) के तहत की गई। जानें क्या था मामला? दतिया के भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़े 25 साल पुराने घोटाले में अदालत ने राजेंद्र भारती को दोषी पाया गया था। आरोप था कि बैंक अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने 10 लाख रुपए की एफडी में हेरफेर कर अधिक ब्याज का लाभ लिया गया था। कोर्ट ने आईपीसी की धाराओं 120B, 420, 467, 468 और 471 के तहत दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा और जुर्माना भी लगाया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की हुई थी हार गौरतलब है कि 2023 में दतिया की विधानसभा सीट हुए चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी ने राजेंद्र भारती ने जीत दर्ज की थी। भाजपा के प्रत्याशी और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराकर वो इस सीट से विधायक चुने गए थे। राजेंद्र भारती को 88977 वोट मिले थे। जबकि नरोत्तम मिश्रा को 81235 वोट ही मिले थे। बैंक एफडी से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला साल 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में एक फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 वर्ष से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई। इसके आधार पर 1999 से 2011 के बीच ब्याज की राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेन्द्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी भी थे। बाद में मामले की जांच हुई और आरोपपत्र दायर किया गया। 1 अप्रैल को कोर्ट ने राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने 28 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले में राजेन्द्र भारती को दोषी ठहराया। दोषसिद्धि के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 2 अप्रैल 2026 को अदालत ने उन्हें 3 वर्ष के कारावास और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सजा के क्रियान्वयन पर 60 दिन की मोहलत दी, लेकिन उनकी दोषसिद्धि बरकरार रही। इसी दिन मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी। साथ ही दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी गई। विधानसभा ने तुरंत सीट रिक्त क्यों घोषित की? जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के अनुसार किसी विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर वह अयोग्य हो जाता है। 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद ऐसी स्थिति में सदस्यता तुरंत समाप्त हो जाती है। केवल अपील दायर करने से सदस्यता बहाल नहीं होती। इसके लिए उच्च अदालत को दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक लगानी होती है। अब जानिए क्यों हारे नरोत्तम मिश्रा और ढाई साल में राजेंद्र भारती ने क्या किया? पिछला चुनाव: क्यों नहीं दोहराया गया ‘बसई चमत्कार’ 2023 में नरोत्तम मिश्रा की हार में बसई का शहरी क्षेत्र सबसे बड़ी वजह रहा। 13 राउंड में से वे सिर्फ 3 राउंड में बढ़त बना पाए। 10वें राउंड तक राजेंद्र भारती 8 हजार वोटों से आगे थे। बीजेपी को 2018 जैसा 'चमत्कार' दोहराने की उम्मीद थी, जब बसई से मिले वोटों ने मिश्रा को जीत दिलाई थी। 2023 में 11वें और 12वें राउंड में वे क्रमशः 866 और 379 वोटों से पीछे रहे। आखिरी राउंड में 735 वोटों की बढ़त भी नाकाफी रही और नरोत्तम 7,742 वोटों से चौथा चुनाव हार गए। जनता की राय: ओवर कॉन्फिडेंस और भीतरघात बना हार का कारण एडवोकेट इतरत अली जैदी के अनुसार विकास कार्य हुए, लेकिन मिश्रा के करीबी लोगों की कार्यशैली से जनता नाराज थी। वे 2022 के नगर पालिका चुनाव में कथित धांधली और स्थानीय समस्याओं के समाधान में देरी को हार की प्रमुख वजह मानते हैं। उदाहरण के तौर पर ‘लाला का तालाब’ की टूटी दीवार अब तक नहीं बनने का मुद्दा आज भी लोगों में नाराजगी पैदा करता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि मिश्रा को संगठन के भीतर ही नुकसान पहुंचा। परसराम श्रीवास्तव और राजू त्यागी के अनुसार कार्यकर्ता जरूरत के मुताबिक जमीन पर सक्रिय नहीं रहे। वे अति आत्मविश्वास में रहे। बीजेपी कार्यालय प्रभारी रोहित दुबे भी मानते हैं कि कार्यकर्ता जीत को लेकर जरूरत … Read more

उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति

कबीरधाम के गंडईखुर्द से वीबी-जी राम जी योजना का हुआ राज्य स्तरीय शुभारंभ उपमुख्यमंत्री ने गंडईखुर्द में प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में शेड निर्माण प्रस्ताव को दी स्वीकृति ग्रामीण विकास को नई दिशा देगी वीबी-जी राम जी योजना–उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्रामीण परिवारों को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार, मजदूरी बढ़कर हुई 300 रुपये प्रतिदिन योजना में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल, जल संरक्षण से लेकर ग्रामीण अधोसंरचना तक मिलेगा बढ़ावा रायपुर, ग्रामीण परिवारों को रोजगार और आजीविका की नई गारंटी देने वाली विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण(वीबी-जी राम जी) योजना का राज्य स्तरीय शुभारंभ आज कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति से किया। इस दौरान वे वर्चुअल माध्यम से ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित राज्य स्तरीय शुभारंभ समारोह से भी जुड़े रहे।           केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज से विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी-जीरामजी) योजना लागू हो रही है। इस योजना का उद्देश्य है कि देश का कोई भी गरीब काम के अभाव में बेरोजगार न रहे। उन्होंने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योजना से जहां ग्रामीण मजदूरों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा, वहीं गांवों में विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर बदलेगी। चौहान ने कहा कि मजदूरों के पसीने का सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गरीबों की सेवा ही हमारे लिए भगवान की सेवा है।          उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि आज पूरे देश में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) योजना का शुभारंभ हो रहा है और छत्तीसगढ़ में इसका राज्य स्तरीय शुभारंभ ग्राम पंचायत गंडईखुर्द से किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश में योजना के तहत पहले कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि विकसित गांव से विकसित भारत के निर्माण का अभियान है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रत्येक गांव और पंचायत का समग्र विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए 3,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जिससे विभिन्न विकास कार्य किए जाएंगे और रोजगार की कोई कमी नहीं रहेगी।         उप मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें जल संरक्षण से जुड़े 107, ग्रामीण अधोसंरचना के 90, आजीविका संवर्धन के 86 तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित 35 प्रकार के कार्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अब जॉब कार्ड के स्थान पर जीआरजी कार्ड जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जॉब कार्ड में केवाईसी कराने में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी राज्यों में है। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत डबरी, चेकडैम, बोल्डर चेकडैम, रिचार्ज पिट, वर्षा जल संचयन, नहर लाइनिंग, ग्रामीण सड़क (धरसा), मुरमीकरण जैसे कार्य कर जल स्तर बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। प्रत्येक पंचायत को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर अटल डिजिटल सेवा केंद्र, मुक्तिधाम में शेड, ग्रामीण अधोसंरचना सहित प्राथमिकता वाले कार्य शुरू करने होंगे।          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के तहत बाउंड्री वॉल, किचन शेड, शौचालय, सामुदायिक पशु शेड, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण चौपाल, हाईमास्ट लाइट, स्व-सहायता समूहों के लिए वर्क शेड, कोल्ड स्टोरेज, खाद एवं खाद्यान्न गोदाम, सामुदायिक आटा चक्की, कृषि प्रसंस्करण केंद्र और हैंडलूम प्रोसेसिंग केंद्र जैसे कार्य भी किए जा सकेंगे। इससे रोजगार के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब गांव आत्मनिर्भर और समृद्ध बनेंगे। इसी उद्देश्य से गांवों को ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर योजनाबद्ध विकास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे व्यापक सोच के साथ अपने गांवों की विकास कार्ययोजना तैयार करें, ताकि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।          पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने कहा कि आज का दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक है और सभी लोग इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने हैं। इस योजना के तहत मनरेगा में अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार मिलेगा तथा अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।          कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेष पटेल, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण सदस्य भगत पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य राम कुमार भट्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। गंडईखुर्द को मिली पहली सौगात, शेड निर्माण प्रस्ताव को स्वीकृति         उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने वीबी-जी राम जी योजना के तहत प्रदेश के पहले विकास कार्य के रूप में ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में शेड निर्माण के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि योजना की शुरुआत विकास कार्यों के साथ हो रही है। इस स्वीकृति के साथ ही गंडईखुर्द वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत प्रदेश की पहली ग्राम पंचायत बन गई, जहां विकास कार्य का प्रस्ताव स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इसी प्रकार प्रत्येक पंचायत की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। मानव श्रृंखला में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण          कार्यक्रम के दौरान वीबी-जी राम जी योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता के उद्देश्य से उप … Read more

‘छोटी बहन’ कहकर PM मोदी ने किया स्वागत, भारत-जापान के बीच फार्मा, डिफेंस और टेक्नोलॉजी पर बड़ी डील

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज जापानी समकक्ष सनाए ताकाइची के साथ अहम द्विपक्षीय बैठक की। बैठक के बाद उन्होंने जापानी पीएम को अपनी छोटी बहन और दूरदर्शी नेता बताया। दोनों देशों के बीच कितने करार हुए? दोनों प्रधानमंत्रियों ने किन बातों को खास तौर पर रेखांकित किया?  भारत और जापान के बीच आज अहम द्विपक्षीय समझौते हुए। दोनों देशों के बीच हुए वार्षिक सम्मेलन के बाद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के अलावा फार्मा सेक्टर से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त प्रेस वार्ता भी की। अपनी गर्मजोशी और प्रधानमंत्री पद से इतर इंसानी रिश्ते के लिए दुनियाभर में मशहूर पीएम मोदी ने जापानी समकक्ष को अपनी छोटी बहन बताया। पीएम मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा 'मेरी छोटी बहन, प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, दोनों प्रतिनिधिमंडलों के सम्मानित सदस्य, मीडिया के सदस्य, नमस्कार और कोनिचिवा (इसका मतलब जापानी भाषा में हैलो होता है)।  उन्होंने आगे कहा कि भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री तकाइची की भारत की पहली यात्रा पर उनका स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। वह जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। इसके  साथ ही एक दूरदर्शी और व्यापक रूप से सम्मानित नेता भी हैं। वे नारा प्रांत से आती हैं, जो भारत और जापान की साझा बौद्ध विरासत का एक प्रमुख केंद्र है।' शिखर वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़े फैसलों का ऐलान किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सनाए ताकाइची की भारत यात्रा दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय लिख रही है. उन्होंने ताकाइची को ‘जापान फर्स्ट प्रधानमंत्री’ और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि भारत और जापान मुक्त, खुला और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के साझा विजन पर काम कर रहे हैं. इस दौरान रक्षा, निवेश, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में कई अहम समझौतों पर सहमति बनी।  भारत-जापान रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाले बड़े फैसले     16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर सहमति जताई. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते एक साल में भारत और जापान के बीच 120 नए कारोबारी समझौते हुए हैं. अब दोनों देशों का लक्ष्य अगले 10 सालों में भारत में 10 ट्रिलियन येन के जापानी निवेश को आकर्षित करना है. यह निवेश विनिर्माण, बुनियादी ढांचे, आधुनिक तकनीक और औद्योगिक विकास को नई गति देगा।      रक्षा सहयोग भी इस सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा. भारत और जापान ने अपने पहले रक्षा सह-विकास (Defence Co-development) प्रोजेक्ट पर साइन किए. इसके तहत दोनों देश संयुक्त रूप से रक्षा तकनीकों का विकास करेंगे. सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्रीय शांति, समुद्री सुरक्षा और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए इस समझौते को बेहद अहम माना जा रहा है।  आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन पर बनी नई रणनीति दोनों नेताओं ने वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए आर्थिक सुरक्षा और ऊर्जा सुरक्षा पर साझा रोडमैप तैयार करने का भी ऐलान किया. इस योजना के तहत सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाया जाएगा. साथ ही दोनों देशों ने मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करने पर भी सहमति जताई, ताकि वैश्विक संकटों के दौरान उद्योगों पर असर कम पड़े।  ग्रीन एनर्जी में नई शुरुआत, बायोगैस मिशन लॉन्च प्रधानमंत्री मोदी ने ‘गोवर्धन पहल’ के तहत भारत-जापान बायोगैस इनिशिएटिव की शुरुआत का भी ऐलान किया. इस पहल के जरिए देशभर में आधुनिक बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे. इससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे. जापान की तकनीकी विशेषज्ञता और भारत की ग्रामीण क्षमता को जोड़ने की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।  भारत-जापान में किन मुद्दों पर सहमति बनी? बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा सहयोग, फार्मास्युटिकल क्षेत्र, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सप्लाई चेन, निवेश और उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।  प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के बीच सिर्फ आर्थिक साझेदारी ही नहीं, बल्कि विश्वास, लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा हितों का भी मजबूत रिश्ता है. उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले वर्षों में यह साझेदारी दोनों देशों के विकास के साथ-साथ पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता और समृद्धि में भी अहम भूमिका निभाएगी।  इंडो-पैसिफिक पर साझा रणनीति दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि वे मुक्त, खुले और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के पक्षधर हैं. समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान को लेकर दोनों नेताओं ने साझा प्रतिबद्धता दोहराई. रक्षा अभ्यास, समुद्री सहयोग और आधुनिक तकनीकों में साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति बनी।  प्रधानमंत्री मोदी ने सनाए ताकाइची को ‘छोटी बहन’ क्यों कहा? प्रधानमंत्री मोदी ने यह संबोधन दोनों देशों के बीच विश्वास, आत्मीयता और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का प्रतीक बताते हुए दिया. यह भारत-जापान संबंधों की गहराई और व्यक्तिगत नेतृत्व स्तर पर बेहतर तालमेल को भी दर्शाता है।  भारत-जापान शिखर सम्मेलन में सबसे बड़ा समझौता कौन-सा रहा? सबसे अहम समझौता दोनों देशों के पहले रक्षा सह-विकास प्रोजेक्ट पर हुआ. इसके अलावा 10 ट्रिलियन येन निवेश लक्ष्य, आर्थिक सुरक्षा रोडमैप और भारत-जापान बायोगैस इनिशिएटिव भी बड़े फैसलों में शामिल रहे।  भारत को इन समझौतों से क्या फायदा होगा? जापानी निवेश बढ़ने से भारत में रोजगार, विनिर्माण, हाई-टेक उद्योग, बुनियादी ढांचे और हरित ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी. वहीं रक्षा और तकनीकी सहयोग भारत की रणनीतिक क्षमता को भी बढ़ाएगा।  इंडो-पैसिफिक' क्षेत्र पर पीएम मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'प्रधानमंत्री तकाइची की इस यात्रा के साथ, हम अपनी 'विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी' का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं। आज, भारत और जापान दोनों ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं। एक स्वतंत्र, समृद्ध और नियमों पर आधारित 'इंडो-पैसिफिक' क्षेत्र हमारी साझा प्राथमिकता है। इस क्षेत्र की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक और बाजार-आधारित अर्थव्यवस्थाओं के तौर पर, हमने आज कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। 

स्पेशल सेल की बड़ी कार्रवाई, दिल्ली में फायरिंग की साजिश रच रहे चार गिरफ्तार

नई दिल्ली  दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राष्ट्रीय राजधानी में बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक ये सभी पाकिस्तान स्थित ISI हैंडलर शाहजाद भट्टी के संपर्क में थे और उसके निर्देश पर दिल्ली में फायरिंग जैसी आतंकी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी विदेशी फोन नंबरों और एन्क्रिप्टेड माध्यमों से अपने पाकिस्तानी आकाओं के संपर्क में रहते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभदीप सिंह (23), गुरजंत सिंह (22), साजन सिंह (28) और गगनप्रीत (24) के रूप में हुई है। इनमें तीन आरोपी पंजाब के और एक दिल्ली से पकड़ा गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो विदेशी पिस्तौल, नौ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। क्या-क्या बरामद हुआ?     दो विदेशी निर्मित पिस्तौल।     नौ जिंदा कारतूस।     पांच मोबाइल फोन, जिनमें अहम डिजिटल सबूत मिलने की संभावना है। ड्रोन से पहुंचते थे हथियार और नशा     पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि हथियार और मादक पदार्थ पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा पर भेजे जाते थे।     इसके बाद इन्हें अलग-अलग राज्यों में पहुंचाने का काम किया जाता था। दिल्ली में की थी रेकी     पुलिस के अनुसार आरोपी गगनप्रीत ने दिल्ली के कई पुलिस थानों और धार्मिक स्थलों की रेकी की थी।     उसे राजधानी में फायरिंग की घटना को अंजाम देने की जिम्मेदारी दी गई थी। जांच का दायरा बढ़ा     स्पेशल सेल अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।     जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस मॉड्यूल के देश के अन्य राज्यों में भी संपर्क थे या नहीं। हाल के महीनों में शाहजाद भट्टी से जुड़े कई मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, जिससे संकेत मिलता है कि सुरक्षा एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

पटना की बांकीपुर सीट पर उपचुनाव का ऐलान, तेज प्रताप और जनसुराज ने उतारे उम्मीदवार

पटना  पटना के बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव को लेकर तारीख का ऐलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने बताया है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा। गुरुवार को चुनाव आयोग ने तीन राज्यों की तीन सीटों के उपचुनावों की घोषणा की। इनमें बिहार के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव 30 सितंबर 2025 को किए गए मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के आधार पर होगा। यह सीट भाजपा के नीतिन नवीन के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। आयोग के अनुसार 6 जुलाई को उपचुनाव की अधिसूचना जारी होगी और नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल होगा। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। जबकि, 16 जुलाई तक नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम जारी कर दिया जाएगा। बांकीपुर विधानसभा सीट मुख्य तौर से बीजेपी और नितिन नवीन का अभेद किला माना जाता है। इस सीट से बीजेपी के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जीत का परचम लहराते आए हैं। नितिन नवीन अब राज्यसभा सांसद बन गए हैं लिहाजा उन्होंने यह सीट छोड़ दी थी। नितिन नवीन के सीट छोड़ने के बाद इस सीट पर अब उपचुनाव होंगे। पटना की एक अहम विधानसभा सीट कही जाने वाली बांकीपुर विधानसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है। तेज प्रताप यादव ने वीणा मानवी को बनाया है उम्मीदवार बिहार में जनशक्ति जनता दल अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पटना की सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए अपनी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया है। जेजेडी पहली पार्टी है जिसने इस सीट पर कुछ दिनों पहले अपने उम्मीदवार का ऐलान किया था। पार्टी प्रत्याशी का ऐलान करते हुए तेजप्रताप यादव ने विश्वास जताया था कि उनकी नवगठित पार्टी कई दशकों से भाजपा का गढ़ रही इस सीट पर सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को कड़ी चुनौती देगी। तेज प्रताप यादव ने कहा था कि वीणा मानवी एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के लिए लगातार काम करती रही हैं। वह आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ वैश्य समुदाय से भी आती हैं, जिस पर भाजपा हमेशा विशेष ध्यान देती रही है। जनसुराज भी मैदान में उतरने को तैयार इस सीट पर जनसुराज पार्टी भी ताल ठोकने के लिए बेकरार है। ऐसा कहा जा रहा है कि इस सीट पर जनसुराज पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी। हालांकि, अटकलें तो यह भी हैं कि खुद प्रशांत किशोर इस सीट से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। प्रशांत किशोर बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर लगातार अपने बयानों से बीजेपी को घेर भी रहे हैं। एक बयान में प्रशांत किशोर ने यह भी दावा किया था कि इस सीट से बीजेपी को सिर्फ जनसुराज ही हरा सकती हैं। बता दें कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में नितिन नवीन ने लगातार पांचवीं बार इस सीट पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने अपने निकटतम राजद प्रतिद्वंद्वी को लगभग 50 हजार मतों के बड़े अंतर से हराया था। अप्रैल में नितिन नवीन के सीट छोड़ने के बाद जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने घोषणा की थी कि उनकी पार्टी भाजपा से यह सीट छीनने के लिए पूरी ताकत लगाएगी। किशोर ने इसे राज्य की सम्राट चौधरी सरकार पर जनमत संग्रह जैसा बताया था। विधानसभा चुनाव में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने के बाद संगठन को फिर से सक्रिय करने में जुटे किशोर ने यह भी कहा था कि यदि पार्टी के भीतर सहमति बनी तो वह स्वयं भी इस सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। जब तेज प्रताप यादव से पूछा गया था कि क्या वह प्रशांत किशोर को अपनी पार्टी के लिए चुनौती मानते हैं, तो उन्होंने कहा था कि हर किसी का स्वागत है। सभी अपनी किस्मत आजमा सकते हैं। हम किसी को रोक नहीं रहे हैं।