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फतेहपुर में भारी बारिश से तबाही, 67 घर हुए ध्वस्त; 3 लोगों ने गंवाई जान

लखनऊ उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में करीब 15 दिनों से हो रही लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. लगातार बारिश के चलते जिले में अब तक 67 मकान तबाह हो चुके हैं, जबकि बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की जान गई है. सबसे ज्यादा नुकसान खागा तहसील में हुआ है, जहां 50 मकान तहस-नहस हो गए हैं।  ये परेशानी सिर्फ ग्रामीण इलाकों तक सीमित नहीं है. फतेहपुर शहर के कई हिस्सों में जलभराव से लोगों के जीवन की रफ्तार थम गई है. सड़कें और गलियां पानी से लबालब हैं और लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, जहां खागा में 50 मकान बर्बाद हुए हैं, तो कहीं बिंदकी में 15 और सदर तहसील में 2 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं. इतना ही नहीं, बारिश के कारण जिले में अब तक तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है. इनमें से एक मृतक बिंदकी और 2 सदर के बताए जा रहे हैं।  दो मृतकों के परिजनों को नियम के तहत मुआवजा दिया जा चुका है. वहीं सदर तहसील में हाल में हुई जनहानि के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जरूरी दस्तावेज मिलने के बाद मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।  30 लाभार्थियों की फाइल पहुंची, 11 को मिल चुका मुआवजा फिलहाल प्रशासन बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर रही है. प्रभावित परिवारों को राहत देने के साथ क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजे देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है. बता दें कि प्रशासन को अब तक ऐसे 30 मामलों की फाइलें मिल चुकी हैं. वहीं 26 मामलों में लाभार्थियों से जुड़े दस्तावेज और फाइलें आना बाकी हैं. राहत की बात ये है कि अब तक 11 परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है।  शहर में जलभराव, पंप से निकाला जा रहा पानी लगातार बारिश से फतेहपुर शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. सड़कें और गलियां पानी से भर गई हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसके साथ ही जलभराव से निजात दिलाने के लिए प्रशासन और नगर पालिका की टीमें लगातार काम कर रही हैं।  शहर के अलग-अलग हिस्सों में पंप लगाए गए हैं और पानी की निकासी का काम जारी है. फिलहाल प्रशासन की कोशिश यही है कि जलभराव वाले इलाकों से जल्द से जल्द पानी निकाला जाए और लोगों को राहत मिल सके। 

पंजाब में सप्लीमेंट्री परीक्षा पर सख्ती, कैमरों के साथ माइक से होगी निगरानी

लुधियाना. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की सप्लीमेंट्री परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार कड़ी निगरानी व्यवस्था की गई है। पहली बार ऐसी व्यवस्था हुई है कि पूरे पंजाब में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरों के जरिए PSEB नजर रख रहा है। खास बात यह है कि इन कैमरों में माइक और मोशन डिटेक्टर की सुविधा भी है, जिसके चलते परीक्षा केंद्रों की हर गतिविधि पर बोर्ड की नजर बनी हुई है और आवाज भी सुनी जा रही है। परीक्षा केंद्रों के एग्जामिनेशन कॉम्प्लेक्स में CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिए परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों और परीक्षा स्टाफ की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में नकल या किसी अन्य अनियमितता की कोशिश करने वालों पर बोर्ड की सीधी नजर रहेगी। कैमरों में लगे माइक के कारण परीक्षा केंद्रों में होने वाली गतिविधियों के साथ-साथ आवाज पर भी निगरानी रखी जा रही है, जबकि मोशन डिटेक्टर गतिविधियों को मॉनिटर करने में मदद कर रहे हैं। बोर्ड की इस व्यवस्था का उद्देश्य सप्लीमेंट्री परीक्षाओं को पारदर्शी तरीके से करवाना और नकल पर प्रभावी रोक लगाना है। सप्लीमेंट्री परीक्षाओं का लिखित चरण 18 सितंबर तक चलेगा, जबकि 19 से 22 सितंबर तक प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। पंजाब भर में विभिन्न स्कूलों और संस्थानों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें एसओआई सेक्टर 32, मल्टीपर्पज स्कूल और पीएयू स्कूल भी शामिल हैं। पूरे पंजाब में परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी व्यवस्था लागू होने से परीक्षा प्रक्रिया पर बोर्ड की लगातार नजर बनी रहेगी। नकल करने या परीक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों की हर गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड होगी और बोर्ड तक इसकी जानकारी पहुंच सकेगी।

खेल सामग्री खरीद में अनियमितता उजागर, सहायक संचालक के निलंबन की सिफारिश

राजनांदगांव. खेल एवं युवा कल्याण विभाग में खेल सामग्री की खरीदी में वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कलेक्टर के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं दण्डाधिकारी तथा वरिष्ठ जिला कोषालय अधिकारी द्वारा की गई संयुक्त जांच में करीब 52.91 लाख रुपए की खरीदी में गंभीर प्रक्रियागत अनियमितताएं पाई गई हैं। मामले में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक अल्बिस एक्का को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई है। जानकारी के अनुसार, संयुक्त जांच प्रतिवेदन के अनुसार, सहायक संचालक अल्बियुस एक्का द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2026-27 तक विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत खेल सामग्री की खरीदी पर 52.91 लाख रुपए खर्च किए गए। जांच में पाया गया कि कई मामलों में उन्होंने अपने वित्तीय अधिकारों की सीमा का अतिक्रमण करते हुए कलेक्टर एवं सक्षम वित्तीय प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना खरीदी की। निविदा और जेम प्रक्रिया भी नहीं अपनाई जांच के दौरान खरीदी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। प्रतिवेदन में निविदा अथवा जेम प्रक्रिया नहीं अपनाने, क्रय समिति का गठन नहीं करने तथा स्थानीय विक्रेताओं से सीधे खेल सामग्री खरीदने जैसी अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा खरीदी गई सामग्री का भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया। विभागीय अभिलेखों के समुचित संधारण में भी कमी पाई गई। जांच में सामने आई इन कमियों को वित्तीय एवं प्रशासनिक नियमों के विपरीत माना गया है। विभागीय जांच की तैयारी संयुक्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, राजनांदगांव ने सहायक संचालक अल्बिस एक्का को निलंबित किए जाने की अनुशंसा की गई है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच संस्थित करने के लिए सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। मामले में विभागीय जांच के बाद खरीदी प्रक्रिया में हुई अनियमितताओं और जिम्मेदारी तय होने की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।

छत्तीसगढ़ में आयोजनों पर सख्ती: आधी जगह पार्किंग के लिए रखनी होगी, शौचालय भी जरूरी

दुर्ग. दुर्ग जिले में आगामी त्योहारों एवं सार्वजनिक आयोजनों के मद्देनजर नगरीय क्षेत्रों के सार्वजनिक स्थानों पर पंडालों एवं अस्थाई संरचनाओं के निर्माण के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टरेट सभा कक्ष में नगरीय निकायों के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल भी सम्मिलित हुए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि शहर के प्रमुख मार्गों पर पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाएगा। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) की भूमि पर किसी भी आयोजन की अनुमति देने से पूर्व बीएसपी प्रबंधन की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, नगरीय निकायों द्वारा क्षेत्रफल के आधार पर निर्धारित शुल्क लिया जाएगा, जिसकी जानकारी तत्काल कलेक्टर कार्यालय में दी जाएगी और दरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसी क्रम में, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए प्रत्येक अनुमति से पूर्व पुलिस विभाग का अभिमत अनिवार्य किया गया है। जमा करनी होगी अग्रिम सुरक्षा निधि सार्वजनिक संपत्ति को क्षति या विरूपण से बचाने के लिए 5000 वर्ग फीट तक के आयोजनों हेतु 10,000 रुपये तथा उससे अधिक के लिए 2 रुपये प्रति वर्ग फीट की दर से अग्रिम सुरक्षा निधि जमा ली जाएगी, जिसे आयोजन समाप्ति के 1 सप्ताह बाद स्थल निरीक्षण व पंचनामा उपरांत नुकसान न पाए जाने पर लौटा दिया जाएगा। साथ ही साथ ही अग्निशामक यंत्र, रेत एवं पानी की पर्याप्त व्यवस्था रखनी होगी। बनाने होंगे महिला-पुरुष शौचालय आयोजकों को अनुमानित संख्या के आधार पर पर्याप्त महिला एवं पुरुष शौचालय बनाने होंगे अथवा नगरीय निकाय पृथक शुल्क लेकर यह व्यवस्था उपलब्ध कराएगा। सुरक्षा के लिहाज से 5000 वर्ग फीट तक के आयोजन में न्यूनतम 8 तथा उससे अधिक क्षेत्रफल के आयोजनों में उसी अनुपात में अच्छी गुणवत्ता सीसीटीवी कैमरे (कम से कम 3 दिन के रिकॉर्डिंग बैकअप के साथ) प्रवेश, निकास, पार्किंग, मूर्ति स्थल व मनोरंजन क्षेत्रों को कवर करते हुए लगाने अनिवार्य होंगे। बिजली कंपनी या बीएसपी विद्युत विभाग से अनापत्ति, अस्थाई कनेक्शन (मीटर सहित) तथा सुरक्षा निधि वापसी से पूर्व नो-ड्यूस प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। पार्किंग के लिए न्यूनतम 50% भाग पार्किंग की गंभीर समस्या को देखते हुए कुल आवेदित स्थल का न्यूनतम 50 प्रतिशत भाग पार्किंग हेतु आरक्षित रखना अनिवार्य किया गया है, इसके लिए कोई अवैध पार्किंग शुल्क नहीं वसूला जाएगा। इसके अलावा, झूलों, मनोरंजन यंत्रों एवं 15 फीट से ऊंची झांकियों / गुफाओं के लिए लोक निर्माण विभाग या संबंधित निकाय के इंजीनियर से तकनीकी सुरक्षा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद इसके साथ ही रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध रहेगा। इसी तरह आयोजन स्थल एवं विसर्जन यात्रा मार्ग के आसपास पटाखे या आतिशबाजी का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। पूजा हेतु चंदा पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा और अनिवार्य रूप से रसीद दी जाएगी, जबरन वसूली की शिकायत पर सख्त कानूनी कार्यवाही होगी।

जशपुर को सड़क विकास की बड़ी सौगात, खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के लिए 6.30 करोड़ से अधिक मंजूर

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर को सड़क विकास की बड़ी सौगात खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण के लिए 6.30 करोड़ रुपये से अधिक की प्रशासकीय स्वीकृति 6.20 किलोमीटर सड़क का पुल-पुलिया सहित होगा निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी होगी मजबूत रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले के ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा लगातार महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल खरकट्टा से कोडेकेला पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 6 करोड़ 30 लाख 81 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजना के तहत 6.20 किलोमीटर लंबी सड़क का पुल-पुलिया सहित निर्माण किया जाएगा। इस मार्ग के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्रवासियों को वर्षभर सुगम एवं सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। विशेषकर बरसात के दौरान आवागमन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने में पुल-पुलिया सहित सड़क निर्माण महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों तक मजबूत सड़क नेटवर्क पहुंचाने को प्राथमिकता दी जा रही है। बेहतर सड़कें गांवों को केवल मुख्य मार्गों से जोड़ने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और व्यापार जैसी आवश्यक सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान होती है। सड़क संपर्क मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलती है और विकास की संभावनाएं भी व्यापक होती हैं। कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच होगी आसान खरकट्टा-कोडेकेला मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के किसानों को अपनी कृषि उपज को बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक आवागमन में सहूलियत मिलेगी, वहीं मरीजों एवं उनके परिजनों को स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। सड़क निर्माण से स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। पुल-पुलिया सहित सड़क का निर्माण होने से वर्षा ऋतु में जलभराव एवं मार्ग बाधित होने जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी। इससे ग्रामीणों को पूरे वर्ष बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी तथा गांवों और आसपास के प्रमुख क्षेत्रों के बीच संपर्क और अधिक मजबूत होगा। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार खरकट्टा से कोडेकेला मार्ग के निर्माण के लिए मिली स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क के निर्माण से लंबे समय से आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा और लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी। क्षेत्रवासियों ने कहा कि सड़क निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में कृषि, व्यापार, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महत्वपूर्ण सड़क परियोजना के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों का जीवन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा।

बाढ़ प्रभावितों के लिए योगी सरकार का बड़ा राहत अभियान, 3.36 लाख लंच पैकेट वितरित

बाढ़ प्रभावितों के साथ खड़ी योगी सरकार, राहत अभियानों के तहत 3.36 लाख लंच पैकेट वितरित 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, 23 जिलों में लगातार चला राहत-बचाव कार्य लगभग 1500 नावों/मोटरबोट्स से दिन-रात जारी है बचाव अभियान, भोजन से स्वास्थ्य तक राहत का पूरा इंतजाम 5.02 लाख क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए गए इंसान से लेकर पशुधन तक मदद के सभी इंतजाम, क्षतिग्रस्त मकानों के लिए सहायता राशि जारी लखनऊ  उत्तर प्रदेश में बाढ़ की चुनौती के बीच योगी सरकार ने राहत और बचाव अभियान को पूरी ताकत के साथ जारी रखा है। प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वास्थ्य सुविधाएं और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के साथ बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। 1,499 नाव एवं मोटरबोट राहत-बचाव में लगाई गई हैं और अब तक 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए जा चुके हैं। 23 जिलों में प्रशासन पूरी तरह सक्रिय उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त के मुताबिक 35 जिले अब तक बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 23 जिलों में अब भी इसका असर है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी में युद्धस्तर पर राहत-बचाव कार्य चल रहा है। प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी और तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया बचाव अभियान के तहत अब तक बाढ़ग्रस्त इलाकों में फंसे 16,784 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बुधवार को ही 3,042 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। जलमग्न क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने के लिए नावों और मोटरबोट्स का लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन बाधित होने के बावजूद राहत टीमों की पहुंच सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,499 नावों एवं मोटरबोट्स का प्रयोग किया जा चुका है। इससे बचाव दलों को प्रभावित गांवों और जलभराव वाले क्षेत्रों में फंसे लोगों को निकालने तथा जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में मदद मिल रही है। प्राथमिकता पर भोजन व्यवस्था कर रही सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। अब तक 68,953 खाद्यान्न पैकेट और 3.36 लाख से अधिक लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों को आपदा के बीच तत्काल खाद्य सहायता मिल रही है। सभी क्षेत्रों में राहत सामग्री का वितरण जरूरत के मुताबिक लगातार जारी है। स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी विशेष जोर बाढ़ के बाद दूषित पानी से संक्रमण और जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए योगी सरकार ने स्वास्थ्य और स्वच्छता को भी राहत अभियान का अहम हिस्सा बनाया है। अब तक 5.02 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.77 लाख से अधिक ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा 1,067 मेडिकल टीमें गठित की जा चुकी हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए अब तक 1,311 बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 201 वर्तमान में संचालित हैं। पशुधन और मकानों की क्षति पर सहायता योगी सरकार का राहत अभियान केवल लोगों तक सीमित नहीं है। बाढ़ से अब तक 36,287 पशु प्रभावित हुए हैं और उनके लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ से मकान क्षतिग्रस्त होने के 442 मामलों में प्रभावित परिवारों को सहायता वितरित की जा चुकी है। राहत-बचाव के साथ क्षति का आकलन और प्रभावित परिवारों तक सहायता पहुंचाने का काम लगातार जारी है।

किसानों के समर्थन में पहुंचे रेशम अनमोल, महिलाओं के पैर दबाए और लंगर सेवा की; तीसरे दिन भी मोर्चा जारी

चंडीगढ़ चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सेक्टर-48 के पास संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से लगाया गया पक्का मोर्चा आज तीसरे दिन भी जारी है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों से किसानों और मजदूर जत्थेबंदियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। पंजाबी गायक रेशम सिंह अनमोल भी मोर्चे में पहुंचे। उन्होंने लंगर सेवा में हिस्सा लिया। गायक ने लंगर सेवा कर रही महिलाओं के पैर दबाए। मोर्चे में बुधवार को पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। आज 11 बजे मंच से किसान नेता संबोधित करेंगे। सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है इससे पहले किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि देश का 70 से 80 प्रतिशत अनाज पैदा करने वाला अन्नदाता आज अपने हक और इंसाफ के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर है। यह सरकारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। अमेरिका से एग्रीमेंट हुआ तो चक्का जाम की चेतावनी राजेवाल ने किसानों से अपने हक के लिए एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल किसान ही नहीं, बल्कि हर वर्ग मौजूदा सरकारों से परेशान है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार अमेरिका के साथ किसानों के हितों को प्रभावित करने वाला कोई एग्रीमेंट करती है तो किसान पूरे देश में चक्का जाम करेंगे और रेल यातायात भी रोकेंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने किसानों की मांगों पर गौर नहीं किया तो सेक्टर-48 के पास लगाया गया पक्का मोर्चा आगे भी बढ़ाया जा सकता है। राजेवाल ने कहा कि किसान यहां पहुंच चुके हैं और अब अपनी मांगें मनवाकर ही वापस जाएंगे। सड़क की दूसरी साइड भी खड़ी की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जगतपुरा से चंडीगढ़ के सेक्टर-48 तक जाने वाली सड़क के एक तरफ किसानों ने मोर्चा लगाया हुआ है, जबकि दूसरी तरफ से ट्रैफिक चल रहा है। कल बड़ी संख्या में ट्रैक्टर-ट्रॉलियां पहुंचने के कारण किसानों ने इन्हें सड़क के किनारे और उपलब्ध जगहों पर खड़ा कर दिया। किसान नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में यदि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या और बढ़ी तो ट्रैफिक व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। दूर-दराज से पहुंचे किसानों में उत्साह पंजाब के दूर-दराज के इलाकों से पहुंचे किसानों में आंदोलन को लेकर उत्साह नजर आ रहा है। मानसा से पहुंचे किसानों ने कहा कि जब दिल्ली में लंबे समय तक मोर्चा लगाकर मांगें मनवाई जा सकती हैं तो यहां भी वे अपनी मांगें मनवाकर ही वापस जाएंगे। किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही है। बिजली-पानी और सुविधाएं नहीं देने पर नाराजगी मोर्चे के मंच से किसान नेताओं ने किसानों के लिए बिजली, पानी, मोबाइल टॉयलेट और रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं किए जाने का विरोध किया। वक्ताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि आंदोलन के दौरान किसानों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।

Jalandhar Fire: गद्दे की फैक्ट्री धधकी, आसमान में छाया काला धुआं; आग बुझाने पहुंचीं 10 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां

 जालंधर  थाना बस्ती बावा खेल के बस्ती पीर दाद रोड पर स्थित गद्दे बनाने की एक फैक्ट्री में वीरवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे परिसर में धुआं फैल गया। गनीमत रही कि समय रहते फैक्ट्री के अंदर मौजूद करीब 12 लोगों को बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। जानकारी के मुताबिक वीरवार सुबह करीब नौ बजे फैक्ट्री के अंदर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने जब फैक्ट्री से निकलता धुआं देखा तो तुरंत वहां मौजूद कर्मचारियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई। गद्दे और उनमें इस्तेमाल होने वाला सामान ज्वलनशील होने के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। फैक्ट्री के अंदर केमिकल होने के कारण आग काफी भड़क गई है, जिससे इसे बुझाने में दिक्कत हुई। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है। केशव नामक व्यक्ति ने बताया कि एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। आग लोगों के घरों तक पहुंच गई। पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस एक घंटे के बाद मौके पर पहुंची। किसी भी फैक्टरी के संचालक ने घटना स्थल का आकर जायजा नहीं लिया गया। इस घटना के दौरान एक लैंटर भी गिर गया। व्यक्ति ने प्रशासन से फैक्ट्री को रिहायशी इलाके से बाहर निकालने की अपील की। केशव के अनुसार, 10 साल पहले भी एक फैक्टरी में आग लगने की घटना सामने आई थी। तक फैक्ट्री कर्मी ने कहा था कि इस यूनिट को इलाके से बाहर ले जाया जा रहा है और इसे गोदाम के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। लेकिन फैक्ट्री में आज भी गद्दे बनाने का काम चल रहा है। केशव के अनुसार फैक्टरी में भारी मात्रा में एलपीजी कॉमर्शियल सिलेंडर मौजूद है। आग की लपटें और घना धुआं देखकर आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई। धुआं इतना अधिक था कि करीब दो किलोमीटर दूर तक इसे आसानी से देखा जा रहा था। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। आग की भयावहता को देखते हुए करीब 10 दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। दमकल कर्मियों ने कई दिशाओं से पानी की बौछार कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, आग से फैक्ट्री में कितना नुकसान हुआ है, इसका अभी आकलन नहीं हो सका है। थाना बस्ती बावा खेल की पुलिस भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।

केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशखबरी, 15 सितंबर से हेली सेवा बहाल; 7 सितंबर से बुकिंग

रुद्रप्रयाग  चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर सेवा 15 सितंबर से फिर शुरू होने जा रही है. इस सेवा को दोबारा शुरू करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने तैयारियां तेज कर दी हैं. वहीं, हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग के लिए पहला स्लॉट 7 सितंबर को खोला जाएगा, ताकि श्रद्धालु पहले से अपनी यात्रा की योजना बना सकें. यूसीएडीए के सीईओ प्रतीक जैन ने कहा कि यह फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद लिया गया है।  सुरक्षा पर दिया जाएगा जोर उन्होंने बताया कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के आधार पर 15 सितंबर तक मानसून के कमजोर पड़ने और पीछे हटने की संभावना है. ऐसे में मौसम की स्थिति हेलीकॉप्टर संचालन के लिए सुरक्षित रहने की उम्मीद है. आगे उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर सेवाओं को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, AAI और DGCA के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा हैै. उन्होंने कहा कि सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को तय मेंटेनेंस स्टैंडर्ड का पालन करना होगा और हर हेलीकॉप्टर में आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने सुनिश्चित किए जाएंगे।  Photo Credit: https://www.heliyatra.irctc.co.in/ आधिकारिक पोर्टल से करें बुक सभी श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि हेलिकॉप्टर सर्विस को बुक करने के लिए आधिकारिक पोर्टल heliyatra.irctc.co.in का ही इस्तेमाल करें. साथ ही किसी भी अनऑथराइज्ड पोर्टल से टिकट बुक न करें. ऐसे में स्कैम होने का खतरा बना रह सकता है।  यात्रा के लिए व्यवस्था रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने समाचार एजेंसी IANS को बताया 'श्री केदारनाथ धाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि पिछले सालों की तरह बारिश का मौसम खत्म होने के बाद यात्रियों की संख्या में इजाफा होता है. इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की. उन्हें निर्देश दिए हैं कि अधिकारियों के ठहरने की व्यवस्थाा, सार्वजनिक शौचालय, पेयजल सुविधाएं और घोड़े-खच्चरों के प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं की दोबारा जांच की जाए. साथ ही जहां कहीं भी छोटी या बड़ी मरम्मत की जरूरत हो, उसे समय रहते पूरा किया जाए। 

School Bus Strike: अमृतसर में बसें बंद, 25 हजार बच्चों पर असर; अभिभावकों को खुद छोड़ना पड़ा स्कूल

अमृतसर स्कूल बस ऑपरेटरों की हड़ताल का असर आज अमृतसर के स्कूलों में साफ दिखाई दिया। बस ऑपरेटरों की ओर से तीन सितंबर को बसें बंद रखने के ऐलान के बाद सुबह कई स्कूलों के बाहर अभिभावकों की भीड़ नजर आई। स्कूल बसें नहीं पहुंचने के कारण अभिभावकों को खुद अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने के लिए पहुंचना पड़ा। कई अभिभावक बच्चों को कार, दोपहिया और अन्य निजी वाहनों से स्कूल लेकर पहुंचे। स्कूल एंड कॉलेज बस आपरेटर एसोसिएशन पंजाब की ओर से रोड टैक्स और पार्किंग फीस सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की गई है। एसोसिएशन का दावा है कि मौजूदा टैक्स और खर्चों के कारण स्कूल बसों का संचालन करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। हड़ताल के कारण जिले के करीब 20 स्कूलों की बस सेवा प्रभावित हुई है। इससे लगभग 25 हजार विद्यार्थी प्रभावित होने की बात कही जा रही है। कई स्कूलों ने अभिभावकों को पहले ही बस सेवा बंद रहने की सूचना दे दी थी, जबकि कुछ अभिभावकों को सुबह बच्चों को स्कूल पहुंचाने के लिए अचानक अपनी व्यवस्था करनी पड़ी। बस सेवा बंद होने के कारण सुबह स्कूलों के आसपास निजी वाहनों की संख्या बढ़ गई। अभिभावकों को बच्चों को छोड़ने और लेने के लिए खुद पहुंचना पड़ा। इससे कई स्कूलों के बाहर कुछ समय के लिए ट्रैफिक का दबाव भी बढ़ा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार को स्कूल बसों से रोड टैक्स हटाने, पार्किंग फीस कम करने तथा अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। ऑपरेटरों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। डीपीएस इंटरनेशनल, होली हार्ट, स्प्रिंग डेल, सेंट फ्रांसिस, यूनिवर्सिटी स्टडीज, केवी-1, श्री गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूल, बसंत एवेन्यू, गोल्डन एवेन्यू पब्लिक स्कूल और दून इंटरनेशनल समेत करीब 20 स्कूलों की बस सेवा आज प्रभावित रही।