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बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर राज्य सरकार किसानों के साथ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

जिनके हाथ में हल, वही है देश का असली बल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक हर कदम पर राज्य सरकार किसानों के साथ किसानों को देंगे दिन में दस घंटे बिजली अगले ढाई साल में प्रदेश की 100 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि को बनाएंगे सिंचित जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को करेंगे मदद कृषि से एग्री-टेक और फूड प्रोसेसिंग तक नई दिशा की ओर बढ़ रहा मध्यप्रदेश ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल और शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण योजना का सरलीकरण का हुआ शुभारंभ कृषक कवच योजना, 200 नए पैक्स कार्यालयों और अपेक्स बैंक की संभागीय शाखा ग्वालियर का भी हुआ शुभारंभ ग्वालियर में मनाया गया बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जिनके हाथ में हल है, वही इस देश का असली बल है। उन्होंने किसानों के पसीने को मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का “फ्यूल” बताते हुए कहा कि सरकार खेत से लेकर निर्यात तक और बीज से लेकर बाजार तक हर कदम पर प्रदेश के किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बलराम, बल के देवता ही नहीं, श्रम के सम्मान और कृषि गौरव के जीवंत प्रतीक हैं। हलधर के रूप में उन्होंने देश में खेती-किसानी को विस्तार दिया और इसे लोककल्याण का माध्यम भी बनाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को हल षष्ठी के अवसर पर ग्वालियर में हुए बलराम जयंती महोत्सव एवं सहकारी किसान समागम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों और अन्नदाताओं को बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि बलराम जयंती हमारे खेतों की हरियाली और किसानों की समृद्धि का पुनीत उत्सव है। आयोजकों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को खेती-किसानी के प्रतीक के रूप में हल भेंट किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक शिवपुरी को अपनी वर्तमान अवस्था से उबरने में राज्य शासन की ओर से जरूरी मदद देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कल्याण से जुड़े 4 महत्वपूर्ण कार्यों का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल से किसान अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे। इस अवसर पर शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण योजना के सरलीकरण का भी शुभारंभ हुआ। इसके तहत खरीफ और रबी कृषि ऋण की अलग-अलग अदायगी की बाध्यता समाप्त करते हुए किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार 12 माह में ऋण चुकाने की सुविधा दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान कृषक कवच योजना का भी शुभारंभ किया। इस योजना में ऐसे किसानों को भी ऋण और शासकीय योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिनके खातों की जांच लंबित होने से वे अब तक शासकीय योजनाओं के लाभ से वंचित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांवों में सहकारिता संबंधी गतिविधियों को गति प्रदान करने के लिए 200 नई पैक्स संस्थाओं के कार्यालयों का भी शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपेक्स बैंक की ग्वालियर में संभागीय शाखा का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार बीज से बाजार तक और खेत से निर्यात तक किसान की पूरी यात्रा को सशक्त कर रही है। उन्होंने मध्यप्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि हम प्रदेश को देश की मिल्क कैपिटल बनायेंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के हर ब्लॉक में एक वृंदावन ग्राम विकसित किया जा रहा है और गौशालाओं में प्रति गाय चारा अनुदान 20 से बढ़ाकर 40 रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि हमारी विरासत है, एग्री-टेक और एग्री-बिजनेस हमारा भविष्य है। प्रदेश में तकनीक, प्रसंस्करण और बाजार के माध्यम से नई कृषि क्रांति लाई जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई फसलों के साथ उद्यानिकी, जैविक खेती, मत्स्य पालन को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से पानी की हर बूंद का सदुपयोग करने, प्राकृतिक खेती अपनाने, उत्पादन की ग्रेडिंग-प्रोसेसिंग-पैकेजिंग कर सीधे बाजार से जुड़ने, फसल विविधीकरण अपनाने और युवाओं को कृषि उद्यमिता से जोड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि में ही मध्यप्रदेश की समृद्धि है। उन्होंने किसानों से फार्मर आईडी बनवाने की अपील करते हुए कहा कि इससे शासकीय योजनाओं, समर्थन मूल्य के भुगतान तथा सब्सिडी पर खाद-बीज की सुविधा आसान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान बलराम ने कृषि को प्रकृति के साथ जोड़कर स्वावलंबन का नया अध्याय शुरू किया था। भारतीय संस्कृति में खेती को सर्वोत्तम माना गया है। खेती से प्रकृति समृद्ध होती है और मनुष्य को अनाज मिलता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चार श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण का संकल्प लिया है। हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों बराबर सम्मान रखते हैं। अन्नदाता अपने अथक परिश्रम से देश को समृद्ध बनाता है। राज्य सरकार खेतों से लेकर निर्यात तक किसानों के कल्याण पर विशेष ध्यान दे रही है। किसानों को पैक्स समितियों के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है। किसान कवच योजना के माध्यम से हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है। प्रदेश में किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली मिलेगी। मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में अब देश का अग्रणी राज्य बना है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा अभी 60 लाख हैक्टेयर से अधिक है, जिसे अगले ढाई वर्ष में 100 लाख हैक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को कर्ज चुकाने की सुविधा दी है। अब उन्हें 6-6 माह में खाता पलटने की जरूरत नहीं है। नई व्यवस्था के मुताबिक, अब किसान वर्ष में किसी भी समय कर्ज की राशि भर सकते हैं। किसान अनाज के साथ उद्यानिकी फसलों से लाभ कमाएं। इसके लिए "एक बगिया मां के नाम'' योजना की शुरुआत की गई है। प्रदेश सरकार पशुपालन को भी प्रोत्साहित कर रही है। दूध उत्पादन को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए नई गौपालन योजना की शुरुआत की है। इस योजना में पशुपालकों को 40 लाख के ऋण पर 10 लाख का अनुदान दिया जा रहा है। किसानों को … Read more

दो दिवसीय मथुरा प्रवास के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन करेंगे मुख्यमंत्री

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर ब्रज क्षेत्र को मुख्यमंत्री योगी देंगे 1051 करोड़ रुपये की 229 योजनाओं की सौगात – 540 करोड़ से अधिक की 62 परियोजनाओं का लोकार्पण और 437 करोड़ से अधिक की 167 नई योजनाओं का होगा शिलान्यास -आवास योजना के लाभार्थियों को 72 करोड़ से अधिक की सहायता राशि का वितरण करेंगे मुख्यमंत्री श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का करेंगे उद्घाटन, पीएम और सीएम आवास के लाभार्थियों को सौंपेंगे चाबी  दो दिवसीय मथुरा प्रवास के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन करेंगे मुख्यमंत्री मथुरा  श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ब्रज क्षेत्र को विकास की नई सौगात देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री 3 सितंबर को दो दिवसीय प्रवास पर मथुरा आ रहे हैं, जहां वे ब्रजवासियों को करीब 1051 करोड़ रुपये की 229 विकास परियोजनाओं का बड़ा उपहार देंगे। इस भव्य समारोह के दौरान 540 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे और पर्यटन को नई मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही 437 करोड़ रुपये की लागत वाली 167 नई योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। समारोह में मुख्यमंत्री पीएम आवास (शहरी) और सीएम आवास (ग्रामीण) योजना के लाभार्थियों को 72 करोड़ से अधिक की सहायता राशि का वितरण करेंगे। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को ट्रैक्टर की चाबी, चेक और प्रमाण पत्र भी सौंपेंगे। श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का करेंगे लोकार्पण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दो दिवसीय मथुरा प्रवास विकास और धर्म के अद्भुत संगम का साक्षी बनेगा। तय कार्यक्रम के अनुसार 3 सितंबर को दोपहर में सीएम योगी का राजकीय हेलीकॉप्टर वृंदावन स्थित पवनहंस हेलीपैड पर उतरेगा। वहां से वे गीता शोध संस्थान पहुंचेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री नवनिर्मित और अत्याधुनिक 'श्री स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह' का भव्य लोकार्पण करेंगे। जहां एक हजार लोगों के बैठने की उत्कृष्ट व्यवस्था है। संतों से मिलेंगे और बच्चों को कराएंगे अन्नप्राशन संस्कार इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी प्रो-पुअर प्रदर्शनी का अवलोकन, वृक्षारोपण, संतों से मुलाकात करेंगे और बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराएंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र व चेक वितरित कर जनसभा को संबोधित करेंगे।  इसके बाद मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की प्रगति जानने के लिए अहम समीक्षा बैठक करेंगे। 'कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग' का भ्रमण और अवलोकन समीक्षा बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री वृंदावन के होटल विवान्ता में 'आज तक' न्यूज चैनल के 'पंचायत आज तक' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे। इसके बाद वे वृंदावन में विकसित किए गए भव्य 'कान्हा भक्ति स्तम्भ मार्ग' का भ्रमण और अवलोकन करेंगे। इन कार्यक्रमों के बाद शाम को वे पं. दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय, मथुरा पहुंचेंगे और परिसर स्थित अशोका अतिथि गृह में रात्रि विश्राम करेंगे। जन्मभूमि में दर्शन और गो पूजन करेंगे सीएम योगी अगले दिन शुक्रवार 4 सितंबर को सुबह सीएम योगी श्री कृष्ण जन्मभूमि परिसर पहुंचेंगे। यहां वे सबसे पहले गो पूजन करेंगे और उसके बाद मुख्य मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन व विशेष पूजन अर्चना करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री प्रस्थान कर जाएंगे।

रुपये की जोरदार वापसी! डॉलर के मुकाबले 47 पैसे चढ़ा, जानें तेजी की बड़ी वजह

नई दिल्ली आज यानी 3 सितंबर को फॉरेन करेंसी मार्केट में भारतीय रुपये का जोश हाई नजर आ रहा है.गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये ने शानदार रिकवरी दिखाई  और 47 पैसे की मजबूती के साथ 94.26 के स्तर पर पहुंच गया. ये लगातार दूसरा दिन है जब भारतीय रुपया अपनी ताकत दिखा रहा है. इससे पहले बुधवार को भी रुपया 22 पैसे चढ़कर 94.73 पर बंद हुआ था. डॉलर के मुकाबले रुपये में आई इस जबरदस्त तेजी की आखिर वजह क्या है ये भी जान लीजिए… बता दें कि भारतीय करेंसी यू ही अपनी दमखम नहीं दिखी रही बल्कि इसके पीछे रिजर्व बैंक (RBI), FCNR(B) डिपॉजिट्स से लेकर क्रूड ऑयल तक का बड़ा हाथ है।  रुपये में आई मजबूती की वजह क्या है? 1. FCNR(B) स्कीम से आया रिकॉर्ड पैसा रुपये में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट एफडी स्कीम (FCNR-B) है. भारत ने NRI के जरिए रिकॉर्ड 127.23 अरब डॉलर का विदेशी फंड जुटाया है. यह रिस्पॉन्स इतना जबरदस्त था कि रिजर्व बैंक (RBI) ने इस स्कीम को तय समय से एक महीने पहले ही 31 अगस्त को बंद कर दिया. इस स्कीम के जरिए देश में भारी मात्रा में विदेशी करेंसी आई है, जिसने रुपये को बड़ा सपोर्ट दिया है।  2. RBI की मजबूत तैयारी,फॉरेक्स रिजर्व ऑल-टाइम हाई पर रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये की उतार-चढ़ाव को संभालने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. बैंकों के पास भारी मात्रा में डॉलर आने से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) बढ़कर 729.32 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया है. इसके अलावा, देश की GDP ग्रोथ भी पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर 7.8% रही है. इस मजबूत आर्थिक आंकड़ों के चलते रुपये में गिरावट पर ब्रेक लगा है।  3. शेयर बाजार में तेजी और FIIs की खरीदारी भारतीय शेयर बाजार में तीन दिनों की गिरावट के बाद आज तेजी देखने को मिली है. सेंसेक्स करीब 221 अंक चढ़कर 76,791 पर और निफ्टी 59 अंक बढ़कर 23,974 पर कारोबार कर रहा है. इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में 6,688 करोड़ रुपये से ज्यादा की शुद्ध खरीदारी की है. शेयर बाजार में विदेशी पैसे के आने से भी रुपये को सीधी मजबूती मिली है।  4. क्रूड ऑयल और डॉलर इंडेक्स में हल्की नरमी ग्लोबल मार्केट से भी रुपये को थोड़ी राहत मिली है. इंडेक्स' हल्का गिरकर 99.43 पर आ गया है. वहीं दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें भी थोड़ी घटकर 95.48 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रही हैं. कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी सी भी कमी भारत के इंपोर्ट बिल को कम करती है, जिससे रुपये को फायदा मिलता है।  शेयर बाजार में लौटी रौनक, विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और कच्चे तेल में नरमी के चलते रुपये में यह दमदार उछाल आया है. जानकारों का मानना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह काबू में रहती हैं और भारतीय शेयर बाजार में तेजी बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में रुपया डॉलर के मुकाबले और मजबूत हो सकता है। 

चंदौली में बाढ़ का खतरा बढ़ा! भारी बारिश के बाद तीन डैम फुल, बांधों से छोड़ा जा रहा पानी

चंदौली  उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते लतीफ शाह, चंद्रप्रभा और मूसाखांड डैम पूरी तरह से लबालब भरकर ओवरफ्लो हो गए हैं. जलाशयों के तटबंधों को सुरक्षित रखने और पानी के स्तर को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन द्वारा नियमित रूप से जल डिस्चार्ज किया जा रहा है. लतीफ शाह डैम से करीब 7 से 8 फीट पानी नीचे गिर रहा है, जिसे देखने और सेल्फी लेने के लिए स्थानीय लोग जुट रहे हैं. इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें अलर्ट मोड पर हैं।  डैमों से ओवरफ्लो और निचले इलाकों में खतरा लतीफ शाह और चंद्रप्रभा डैम में क्षमता से अधिक पानी भरने के कारण छोटी-छोटी नदियों के माध्यम से पानी निचले इलाकों की ओर बह रहा है. इससे निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बाढ़ जैसी स्थिति और समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा बन गया है।  स्थानीय लोगों ने जताई चिंता चकिया के लतीफ शाह और नौगढ़ के चंद्रप्रभा डैम पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार जलाशयों में अधिक पानी भरा है. पिछले दो दिनों से हो रहे ओवरफ्लो के कारण पानी नीचे जाकर लोगों की परेशानियां बढ़ा रहा है।  जिला प्रशासन और डीएम की निगरानी चंदौली के जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग खुद पूरी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. आपदा प्रबंधन की टीमों को एक्टिवेट कर दिया गया है. डीएम ने बताया कि जलाशयों से थोड़ा-थोड़ा करके पानी इसलिए छोड़ा जा रहा है ताकि निचले इलाकों में अचानक बाढ़ न आए। 

एशिया कप में गेंदबाज का कहर! 5 रन देकर झटके 7 विकेट, हैट्रिक समेत बना डाला रिकॉर्ड

 दुबई दुबई में खेले जा रहे विमेंस एशिया कप में बुधवार (2 अगस्त) को श्रीलंकाई टीम की कप्तान चमारी अटापट्टू ने इतिहास रच दिया. दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में इंडोनेशिया के खिलाफ आयोजित ग्रुप बी के मुकाबले में अटापट्टू ने सिर्फ 5 रन देकर 7 विकेट झटक लिए. इसके साथ ही अटापट्टू किसी एशिया कप (महिला या पुरुष) मैच में सात विकेट लेने वाली पहली गेंदबाज बन गईं।  चमारी अटापट्टू ने 3.3 ओवर्स की गेंदबाजी में इंडोनेशियाई बल्लेबाजी यूनिट की कमर तोड़ दी. 19वें ओवर में शुरुआती तीन गेंदों पर तीन विकेट लेकर अटापट्टू ने हैट्रिक भी बनाई. उनकी इस घातक गेंदबाजी के चलते इंडोनेशिया की पूरी टीम 18.3 ओवरों में महज 49 रनों पर ढेर हो गई और श्रीलंका ने 75 रनों से मुकाबला जीत लिया।  इससे पहले किसी एशिया कप मैच में सर्वश्रेष्ठ बॉलिंग का रिकॉर्ड पाकिस्तान की जावेरिया खान के नाम था. जवेरिया ने विमेंस एशिया कप 2008 में बांग्लादेश के खिलाफ 8 रन देकर छह विकेट लिए थे. अब चमारी अटापट्टू के नाम एक एशिया कप मैच में 7 विकेट लेने का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है।  अजंता मेंडिस का भी रिकॉर्ड तोड़ा चमारी अटापट्टू का यह प्रदर्शन सिर्फ एशिया कप तक सीमित नहीं रहा. टी20 इंटरनेशनल में किसी श्रीलंकाई गेंदबाज (पुरुष या महिला) का ये सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है. अटापट्टू ने अजंता मेंडिस का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने सितंबर 2012 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 8 रन देकर 6 विकेट झटके थे।  चमारी अटापट्टू टी20I एशिया कप (महिला या पुरुष) मैच में छह या उससे अधिक विकेट लेने वाले पहली गेंदबाज भी हैं. इससे पहले टी20I एशिया कप के विमेंस संस्करण में पाकिस्तान की तीन और थाईलैंड की एक गेंदबाज पांच-पांच विकेट हॉल ले चुकी थीं. मेन्स टी20I एशिया कप में भुवनेश्वर कुमार पांच विकेट हॉल लेने वाले एकमात्र गेंदबाज हैं।  चमारी अटापट्टू किसी टी20 इंटरनेशनल मैच में सात विकेट लेने वाली दुनिया की सिर्फ दूसरी कप्तान बनी हैं. उनसे पहले यह कारनामा अर्जेंटीना की एलिसन स्टॉक्स ने किया था. स्टॉक्स ने 14 अक्टूबर 2022 को पेरू के खिलाफ 3.4 ओवर्स में 3 रन देकर 7 विकेट हासिल किए थे। 

नेपाल में बाढ़ का कहर, 600 विदेशी नागरिकों का अब तक नहीं मिला सुराग, 1,222 शव बरामद

काठमांडू  नेपाल में बाढ़ और आपदा के बाद राहत, बचाव और शवों की तलाश का अभियान लगातार जारी है. नेपाल पुलिस के ताजा अपडेट के मुताबिक, देशभर में अब तक 1,222 शव बरामद किए जा चुके हैं. वहीं 4,875 लोगों के लापता होने की जानकारी दर्ज की गई है. लापता लोगों में 601 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।  नेपाल पुलिस के मुताबिक, आपदा प्रभावित इलाकों में कुल 7,892 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. अभियान के दौरान 65 पुलिसकर्मी प्रभावित हुए हैं, जबकि 25 पुलिसकर्मी अभी संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं।  पुलिस के अनुसार, बरामद 1,222 शवों में 406 पुरुष, 236 महिलाएं, 43 बालिकाएं और 34 बालक शामिल हैं. इसके अलावा 421 आंशिक मानव अंग और 82 ऐसे शव या अवशेष भी मिले हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है. अब तक 882 शवों का अंतिम प्रबंधन किया जा चुका है।  लापता लोगों में 2,924 नेपाली नागरिकों के बारे में उनके रिश्तेदारों ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दर्ज कराई है. वहीं 1,350 लोगों के लापता होने की सूचना सरकार के अलग-अलग निकायों को फोन के जरिए दी गई है. इसके अलावा 601 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी दर्ज है।  6,006 लोगों का रेस्क्यू किया गया नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक 6,006 लोगों को घायल अवस्था में बचाया या रेस्क्यू किया गया है. इनमें 4,666 पुरुष, 1,213 महिलाएं और 45 नाबालिग शामिल हैं. इसके अलावा 675 विदेशी नागरिकों को भी बचाया गया है. बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए होल्डिंग सेंटरों में फिलहाल 3,126 लोगों को रखा गया है।  1,022 मृतकों के DNA सैंपल से पहचान की कोशिश पहचान की प्रक्रिया भी जारी है. नेपाल पुलिस ने 553 ऐसे शवों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड की है, जिनकी पहचान अभी नहीं हो पाई है. अब तक 1,022 मृतकों के DNA सैंपल और 463 मृतकों के परिजनों के DNA सैंपल लिए गए हैं. DNA प्रक्रिया के तहत कुल 1,655 सैंपल दर्ज किए गए हैं. नेपाल पुलिस का कहना है कि प्रभावित इलाकों में खोज, बचाव, शव बरामदगी, पहचान और राहत का काम लगातार जारी है। 

दिन में भी खेतों की सिंचाई कर सकेंगे किसान, बिजली उपलब्ध कराने का बड़ा ऐलान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी उपलब्ध होगी बिजली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने श्योपुर में बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली किया संबोधित श्योपुर   मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सतत् रूप से सुविधाएं देने का कार्य किया जा रहा है।अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन में भी बिजली की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे वे दिन के समय में भी अपनी फसलों में पानी दे सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  कृषि उपज मंडी परिसर श्योपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने श्योपुर के किसानों से संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि उपज मंडी श्योपुर में किसानों के लिए नवीन विश्राम गृह निर्माण के लिये 60 लाख रूपये प्रदान करने की घोषणा की। ग्वालियर एयरपोर्ट से कार्यक्रम में श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री एवं नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला, कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामनिवास रावत औरअपेक्स बैंक अध्यक्ष श्री महेन्द्र सिंह यादव भी वर्चुअली उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।इसमें किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। किसानों के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है।खरीफ एवं रबी फसलों के लिए 6-6 माह की अवधि ऋण चुकाने के लिए निर्धारित थी, जिसे बढाकर अब एक वर्ष कर दिया गया है, अर्थात किसान द्वारा जिस दिनांक से ऋण लिया जायेगा, उसे चुकाने की अवधि उस दिनांक से एक वर्ष तक की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढाने के लिए पशुपालन को भी बढावा दिया जा रहा है। अधिक से अधिक संख्या में दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जाये और दुग्ध उत्पादन को बढाया जायें। उन्होंने कहा कि श्योपुर जिले में धान और गेहूं का बम्पर उत्पादन होता ही है। जिले के किसान मोटे अनाज का उत्पादन भी कर रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 12वी कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले मेधावी विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को ही मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपील की कि बच्चों को पढ़ायें तथा फिजूलखर्ची को रोकें, समाज में ऐसी परम्परा डाले, जिससे शादी-विवाह सहित अन्य सामाजिक आयोजनों में अधिक खर्च न हों। सामूहिक विवाह सम्मेलनों के माध्यम से विवाह संपन्न करायें। उन्होंने सभी को जन्माष्टमी की बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से संवाद भी किया। इस दौरान ग्राम राडेप के किसान श्री मुकुट चौधरी ने बताया कि शासन की योजना में कृषि अभियांत्रिकी के माध्यम से उन्हें पराली प्रबंधन के लिये कृषि यंत्र सब्सिडी पर प्राप्त हुए हैं, पराली प्रबंधन के लिए सुपर सीडर खरीदा था, जिस पर 1 लाख 20 हजार रूपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ। बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले में पशुपालन, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, एनआरएलएम द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। बलराम कृषि महोत्सव एवं किसान मेले में आये किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा खेती-किसानी की नवीन तकनीकी और फसलों के संबंध में लाभदायक जानकारी प्रदान की गई है। कार्यक्रम में श्योपुर में प्रगतिशील किसान श्री नरेन्द्र चौधरी, श्री भरत जाट, श्री शिशुपाल मीणा, श्री सोनू शर्मा, श्री बनवारी मीणा, श्री भुवनेश मीणा, श्री पूरण प्रजापति, श्री गोविद पटेलिया औरश्री मान सिंह पटेलिया को शॉल एवं प्रशस्ती पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कक्षा 12वी में उत्कृष्ट परीक्षा परिणामों के लिए मेधावी विद्यार्थियों में अंकुश मेहर, भूमिका माहौर, आशा गुर्जर, अनमोल मीणा, अभय गुर्जर, पूनम जाट, वैष्णवी जाट, दीनबंधु मीणा, करण मीणा औरमयंक शर्मा को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में श्योपुर में सहरिया विकास प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती गुड्डी बाई, विधायक श्री बाबू जंडेल, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती रेणु सुजीत गर्ग, पूर्व विधायक श्री बृजराज सिंह चौहान, जिला पंचायत सदस्य एवं जिला पंचायत कृषि स्थाई समिति के सभापति श्री गिरधारी बैरवा, सांसद प्रतिनिधि श्री सुजीत गर्ग, कलेक्टर सुश्री शीला दाहिमा, पुलिस अधीक्षक श्री मोती उर रहमान, जनप्रतिनिधि तथा बडी संख्या में किसान उपस्थित रहें।   

Share Market में लौटी रौनक: लगातार 3 दिन गिरने के बाद सेंसेक्स-निफ्टी ने पकड़ी तेजी, ये रही वजह

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट पर आज यानी 3 सितंबर को ब्रेक लग गया. ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों और एशियाई बाजारों में तेजी के दम पर आज गुरुवार को शुरुआती कारोबार में बाजार में रिकवरी देखने को मिली है. सेंसेक्स 235 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 76,806 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी भी 63 अंक चढ़कर 23,977 के करीब कारोबार करता नजर आया।  बता दें कि बीते तीन कारोबारी दिनों में दोनों इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी करीब 1-1 फीसदी तक टूट चुके हैं।  बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में उछाल आज के कारोबार में बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर्स में तेजी देखनो को मिली. निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई. प्राइवेट बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली. हालांकि, दूसरी तरफ आईटी और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर्स के शेयरों में मामूली गिरावट रही।  लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी के साथ कारोबार हो रहा है. निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 166 अंक या 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 63,165 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 168 अंक या 0.85 प्रतिशत की तेजी के साथ 19,981 पर था।  सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 300 अंकों की मजबूती के साथ 76,869 के करीब पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 105.50 अंक चढ़कर 24,037 के आसपास कारोबार करता दिखा। बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट काफी सकारात्मक बना हुआ है, जहां करीब 2,067 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 789 शेयर गिरावट में रहे और 155 शेयर बिना बदलाव के कारोबार कर रहे हैं। अडानी पोर्ट्स और बैंकिंग शेयरों में जोरदार उछाल आज की इस तेजी की अगुवाई अडानी पोर्ट्स ने की, जिसका शेयर +1.51% की बढ़त के साथ टॉप गेनर बना हुआ है। इसके अलावा बैंकिंग और पावर सेक्टर के दिग्गजों ने भी बाजार को सहारा दिया।     टॉप गेनर्स (तेजी वाले शेयर): अडानी पोर्ट्स के अलावा ICICI बैंक (+1.37%), एक्सिस बैंक (+1.08%), स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBIN +1.08%), पावर ग्रिड (+1.05%), HDFC लाइफ (+0.91%), अडानी एंटरप्राइजेज (+0.84%) और HDFC बैंक (+0.70%) में अच्छी लिवाली देखी जा रही है।     टॉप लूजर्स (गिरावट वाले शेयर): दूसरी तरफ आईटी और ऑटो शेयरों में कुछ दबाव नजर आया। इंडिगो (-1.02%), टेक महिंद्रा (-0.94%), HCL टेक (-0.86%), आइशर मोटर्स (-0.83%), नेस्ले इंडिया (-0.64%), टीसीएस (-0.63%), इन्फोसिस (-0.59%), बजाज ऑटो और सिप्ला के शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। सेक्टोरल इंडेक्स का हाल सेक्टर के हिसाब से देखें तो आज बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया है। निफ्टी पीएसयू बैंक में +0.93%, निफ्टी रियाल्टी में +0.91% और निफ्टी बैंक में +0.72% की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा एनर्जी और इंफ्रा सेक्टर भी हरे निशान में हैं। हालांकि, आईटी सेक्टर में बिकवाली का दौर बना हुआ है। निफ्टी IT इंडेक्स -0.90% टूटकर कारोबार कर रहा है। इसके अलावा FMCG (-0.46%) और फार्मा (-0.07%) में मामूली नरमी देखने को मिल रही है। इन शेयरों ने कराई तगड़ी कमाई टॉप गेनर्स और लूजर्स की बात करें तो सेंसेक्स पर लिस्टेड शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, एक्सिस बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक और ट्रेंट गेनर्स में शामिल रहे. जबकि  टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंडिगो, इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस, टीसीएस, टाइटन, आईटीसी, एचयूएल और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।  शेयर बाजार में तेजी की 3 बड़ी वजहें     अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई हल्की कमी से निवेशकों का मूड सुधरा है. अमेरिका और एशिया के बाजारों में तेजी रही, जिससे भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ा।      ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें भी नीचे आई हैं, जिससे बाजार को बड़ी राहत मिली है।      FCNR(B) स्कीम के जरिए बैंकों के पास भारी विदेशी फंड आया है,जिससे भारतीय रुपये को मजबूती मिली है और विदेशी निवेशकों (FIIs) का भरोसा बढ़ा है. इसका सीधा फायदा बैंकिंग शेयरों को मिल रहा है।   

जहां-जहां पड़े भगवान श्रीकृष्ण के चरण, उन स्थलों को ‘श्रीकृष्ण तीर्थ’ के रूप में विकसित कर रही सरकार: CM यादव

भगवान श्रीकृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव कान्हा से श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक कृष्ण का जीवन रहा बेहद संघर्षमय मुख्यमंत्री डॉ. यादव श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केन्द्रित रासलीला समारोह में हुए शामिल राधा-कृष्ण की उतारी आरती भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन कभी आसान नहीं रहा, जिन्हें जन्म लेते ही मार डालने का प्रयास किया गया हो, ऐसे शिशु का कान्हा से विश्व को श्रीमद्भगवत गीता का ज्ञान देने वाले श्रीकृष्ण वंदे जगतगुरु की उपाधि पाने तक का जीवन बेहद संघर्षमय और कठिन परिस्थितियों में बीता। निराशा की घनघोर परछाइयों के बावजूद उन्होंने चुनौतियों से कभी मुंह नहीं मोड़ा और अपने जीवन लोक कल्याण के लिये का सदुपयोग किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कभी मोह नही रखा। जीवन में जिस व्यक्ति विशेष और वस्तु से उनका सामना हुआ, एक बार वहां से लौटने के बाद दोबारा वे किसी से नहीं मिले। सर्वविदित है कि विश्व के कल्याण के लिए गीता का ज्ञान भी योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से ही निकला। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण 64 कलाओं, 14 विद्या और 18 पुराणों में निष्णात थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार की शाम रविन्द्र भवन में आयोजित भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर केन्द्रित रासलीला समारोह में उपस्थित दर्शकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां राधा-कृष्ण की सजीव झांकी में राधा-कृष्ण बने सुधि और सुघढ़ कलाकारों की विशेष आरती उतारी और उनसे आशीष पाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रासलीला समारोह में दूरदराज से आए कलाकारों के प्रदर्शन की सराहना कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा सभी को हलषष्ठी और जन्माष्टमी की अग्रिम बधाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश से गहरा नाता रहा। वे मध्यप्रदेश आकर यहीं शिक्षित-दीक्षित होकर कान्हा से भगवान श्रीकृष्ण बने। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं, राज्य सरकार उन स्थलों को चिन्हित कर उन्हें श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं 3 सितम्बर को द्वारिका (गुजरात) भ्रमण पर जा रहे हैं। रासलीला समारोह में संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी, विधायक भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्यपालिक अध्यक्ष रघुनंदन शर्मा, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, संचालक संस्कृति एनपी नामदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे। संस्कृति विभाग द्वारा रविन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच में सात दिवसीय 'रासलीला समारोह' का भव्य एवं दिव्य आयोजन किया जा रहा है। समारोह में प्रतिदिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल की मनोहारी लीलाओं को सौंदर्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में दर्शक इन लीलाओं को देखने एवं देश के सुविख्यात भजन गायकों के भक्ति गायन को सुनने पहुंच रहे हैं। संस्कृति विभाग द्वारा प्राचीन लोककला परम्परा को राज्य स्तरीय आयोजन से प्रदर्शित करने का उद्देश्य युवा पीढ़ी से जुड़ाव एवं आमजन तक इसका प्रचार-प्रसार करना है। पांचवे दिवस गोवर्धन लीला एवं रास की भूमिका प्रसंगों का प्रदर्शन ब्रज के पारम्परिक कलाकारों द्वारा किया गया। रासलीला का निर्देशन मथुरा से आए माधव आचार्य द्वारा किया गया। सर्वप्रथम गोवर्धन लीला का प्रदर्शन कलाकारों द्वारा किया गया। ब्रज बोली में इस प्रसंग का प्रदर्शन अत्यंत रोचक था। गोवर्धन लीला श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में प्रकृति, लोकजीवन और ईश्वर-भक्ति के अद्भुत समन्वय का प्रसंग है। जब ब्रजवासी इंद्र की पूजा की तैयारी कर रहे थे, तब बालकृष्ण ने उन्हें समझाया कि उन्हें अपने जीवन का आधार गोवर्धन पर्वत, गौवंश और प्रकृति के प्रति कृतज्ञ होना चाहिए। ब्रजवासियों ने कृष्ण की बात मानकर गोवर्धन पूजा की। इससे इंद्र कुपित हुए और मूसलाधार वर्षा कर ब्रज को संकट में डाल दिया। ब्रजवासियों की रक्षा के लिए श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठिका पर गोवर्धन पर्वत धारण किया और ब्रजवासियों को उसके नीचे आश्रय दिया। यह लीला अहंकार पर विनम्रता, भय पर विश्वास और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता की विजय का संदेश देती है। इंद्र का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण की महिमा स्वीकार की। गोवर्धन लीला के पश्चात कृष्ण की वंशी की मधुर तान और ब्रज की गोपियों की कृष्ण के प्रति अनन्य प्रेम-भावना रास की भूमिका तैयार करती है। रासलीला को लौकिक प्रेम के रूप में नहीं, बल्कि जीवात्मा और परमात्मा के आध्यात्मिक मिलन एवं अनन्य भक्ति के प्रतीक के रूप में समझा जाता है। श्रीमद्भागवत के रास पंचाध्यायी प्रसंग में यह भाव अत्यंत मार्मिक रूप से अभिव्यक्त होता है। कृष्ण की बंशी सुनकर गोपियों का उनके प्रति आकृष्ट होना, सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर परमात्मा के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है। इस प्रकार गोवर्धन लीला जहाँ संरक्षण, प्रकृति-प्रेम और अहंकार-विनाश का संदेश देती है, वहीं रास की भूमिका भक्ति, प्रेम और आत्मसमर्पण की उस यात्रा का आरंभ है, जिसमें भक्त और भगवान का संबंध सर्वोच्च आध्यात्मिक अनुभूति में रूपांतरित होता है। भक्ति के सुरों में रची कृष्ण-प्रेम की संध्या रासलीला समारोह की पांचवी संध्या भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक भावों से सराबोर हो उठी। सुरूपाली कुसुमकर एवं साथी, जबलपुर के मधुर स्वरों में भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। वातावरण कृष्ण-प्रेम के रंग में रंग गया। ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी’, ‘एक राधा एक मीरा’, ‘तेरे बगैर सांवरिया’, ‘श्याम तेरी बंसी’, ‘मुकुट सिर मोर का’, ‘ओम नमः शिवाय’ और ‘राम सिया राम’ जैसे भक्ति गीतों ने श्रोताओं के मन में श्रद्धा और आनंद का संचार किया। राधा-कृष्ण के प्रेम से लेकर शिव और राम की भक्ति तक, प्रस्तुतियों ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की विविध भावधाराओं को सुरों में पिरोया। गायन में उनका साथ गगनदीप एवं सोनाली कुसुमकर ने दिया। सुनील सोनी ने की-बोर्ड, शुभम ने ऑक्टोपैड, शानू ने ड्रम, फिलिप ने गिटार एवं आनंद ने ढोलक पर संगत से गायन को और भी अधिक प्रभावशाली बनाया।  

जर्जर भवन में संचालित आंगनवाड़ी, बांस और टूटे एल्बेस्टर से बनी अस्थाई रसोई

जर्जर भवन में संचालित आंगनवाड़ी, बांस और टूटे एल्बेस्टर से बनी अस्थाई रसोई उमरिया  बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत मानिकपुर के ग्राम कारीगढ़हरी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र की जर्जर हालत सामने आई है। यहां करीब 46 बच्चे पढ़ाई, खेल और पोषण के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जिस भवन में बच्चों को बैठाया जाता है, उसकी छत का प्लास्टर कई जगह से गिर चुका है। जर्जर भवन में बच्चों के बैठने से उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं बच्चों के मध्यान भोजन के लिए बांस और टूटे-फूटे एल्बेस्टर शीट के टुकड़ों से अस्थाई रसोई तैयार की गई है। ऐसी व्यवस्था में भोजन बनाने वाले की सुरक्षा के साथ-साथ भोजन की स्वच्छता पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि शासन-प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए आंगनवाड़ी भवन की मरम्मत कराए और बच्चों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था सुनिश्चित करे।