samacharsecretary.com

बस्तर में विकास को लेकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील, मुख्यमंत्री ने कहा -स्थानीय जनता की इच्छा और हित सर्वोपरि

रायपुर : बस्तर की जनता जैसा विकास चाहेगी, वैसा ही होगा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर में विकास को लेकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहने की अपील, मुख्यमंत्री ने कहा -स्थानीय जनता की इच्छा और हित सर्वोपरि प्रदेश की बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मेरा सौभाग्य, एक भाई के नाते उनकी सेवा और सुरक्षा के लिए सदैव संकल्पित – मुख्यमंत्री साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि बस्तर के विकास की दिशा वहां की जनता की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप ही तय होगी। बस्तर की जनता को किसी प्रकार के भ्रम में रहने की आवश्यकता नहीं है। सरकार क्षेत्र में कृषि, पर्यटन, पशुपालन सहित स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप आजीविका और विकास के अवसरों को आगे बढ़ा रही है। बस्तर के लोग जैसा विकास चाहेंगे, सरकार उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री साय ने निजी समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए बस्तर के विकास, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता और महिला सशक्तीकरण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से अपनी बात रखी। बस्तर से जुड़े एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा। आज जब नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई निर्णायक मुकाम पर पहुंची है और क्षेत्र में शांति एवं विकास का नया वातावरण बना है, तब कुछ लोग बस्तर की जनता के बीच यह भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं कि नक्सलवाद को समाप्त करने के पीछे सरकार का उद्देश्य बड़े उद्योगों के लिए रास्ता तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने इसे स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। बस्तर का भविष्य वहां की जनता की आकांक्षाओं और इच्छाओं के अनुरूप ही तय होगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो लोग नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई में कभी साथ नहीं खड़े हुए अथवा प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से उसका समर्थन करते रहे, वे अब नए नैरेटिव के माध्यम से लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। बस्तर की जनता जागरूक है और ऐसे भ्रामक प्रयासों को भली-भांति समझती है। हमारी सरकार का उद्देश्य बस्तर की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाते हुए वहां के लोगों के जीवन में समृद्धि लाना है। उन्होंने कहा कि बस्तर में कृषि को सशक्त करने, पशुपालन को बढ़ावा देने और पर्यटन की अपार संभावनाओं को अवसरों में बदलने की दिशा में सरकार निरंतर काम कर रही है। शांति स्थापित होने के साथ अब दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंच रहा है और स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। हमारा प्रयास है कि बस्तर अपनी विशिष्ट पहचान और समृद्ध संस्कृति को सहेजते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे। बहनों का ‘भैया’ कहना मेरे लिए सबसे बड़ा सौभाग्य साक्षात्कार के दौरान प्रदेश की बहनों द्वारा विष्णु भैया नाम से पुकारे जाने और बहनों के मुख्यमंत्री से आत्मीय जुड़ाव को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की बहनें उन्हें ‘भैया’ कहकर पुकारती हैं और अपने परिवार का सदस्य मानती हैं। इससे बड़ा सौभाग्य उनके लिए और क्या हो सकता है ? बहनों से मिलने वाला स्नेह और आशीर्वाद उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि एक भाई के नाते प्रदेश की बहनों की सेवा, सुरक्षा और उनके जीवन में खुशहाली लाना उनका संकल्प है। सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ उनके सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि प्रदेश की हर बहन को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें और वह आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार तथा छत्तीसगढ़ की प्रगति में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। सरकार की प्रत्येक नीति और प्रत्येक निर्णय के केंद्र में छत्तीसगढ़ की जनता का हित है।  बस्तर के विकास से लेकर माताओं-बहनों के सशक्तीकरण तक सरकार का संकल्प स्पष्ट है – विकास ऐसा हो, जिसमें जनता की भागीदारी हो, स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान हो और उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

Major relief for villagers in Bihar: The decision to levy holding tax on pucca and semi-pucca houses will be reversed.

पटना बिहार के लोगों को सम्राट चौधरी सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में अब सिर्फ व्यावसायिक कर ही लगेगा। गांवों और कस्बों में कच्चा मकान को छोड़ पक्का और अर्धपक्का मकान से होल्डिंग टैक्स (मकान कर) वसूलने के फैसले को सरकार वापस लेने जा रही है। इससे ग्रामीण इलाकों के लगभग 8 करोड़ से अधिक लोगों को राहत मिलेगी। पंचायती राज विभाग ग्रामीणों से शुल्क वसूली के प्रावधानों में संशोधन कर रहा है। संशोधन के बाद यह नया प्रावधान लागू होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में दो दर्जन से अधिक तरह के टैक्स लेने के प्रस्ताव पर 15 जुलाई को राज्य कैबिनेट की मुहर लगी थी। लेकिन अभी तक गजट प्रकाशित नहीं किया गया है। पंचायती राज विभाग ने इसकी अधिसूचना भी जारी नहीं की है। आवासीय मकानों से शुल्क वसूली संबंधी संशोधन से गांवों के किसान, मजदूर और गरीबों को राहत मिलेगी। सरकार के फैसले से लोगों में चौतरफा नाराजगी थी। विपक्ष भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहा था। इसलिए राज्य सरकार त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थानों से जुड़े ग्रामीण इलाकों में नया कर वसूली के प्रावधानों को संशोधन के बाद ही लागू करने की तैयारी कर रही है। पीएम आवास योजना के तहत बने गरीबों के घरों के लिए सालाना होल्डिंग टैक्स सबंधित विभाग (ग्रामीण विकास विभाग) से लेना था, पर इस प्रावधान को भी हटाने की तैयारी है। पंचायत क्षेत्रों में व्यावसायिक मकान निर्माण कार्य के लिए आवश्यकतानुसार पंचायतों को कर वसूलने का हक होगा। पंचायतों का राजस्व बढ़ेगा व्यावसायिक, औद्योगिक व संस्थागत उपयोग वाले भवन पर 100 रुपये से 5 हजार रुपये तक सालाना कर लगना है। पेशा शुल्क भी लगेगा। व्यावसायी द्वारा स्थापित चावल मिल जिसकी क्षमता 2 टन प्रति घंटा से अधिक है, उस पर कर का प्रावधान है। सिनेमा हॉल, विवाह भवन, होटल, पेट्रोल पंप और रसोई गैस एजेंसी पर सालाना 5 हजार रुपये शुल्क वसूलने का प्रावधान किया गया था। हालांकि संशोधन के बाद इस शुल्क में भी कमी की जा सकती है। मेले में बिक्री होने पर पशु के लिए भी शुल्क लगेगा। सरकार ने क्यों लिया था फैसला पंचायतों की आय बढ़ा कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में मकानों से कर वसूलने का निर्णय लिया गया था। 16 वीं केंद्रीय वित्त आयोग ने देश भर की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कर लगाने की अनुशंसा की है। वित्त आयोग की अनुशंसा है कि ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक घरों से सालाना औसतन 1200 रुपये वसूल कर पंचायत अपनी आय बढ़ाने का प्रयास करे। पहले यह कर की दर तय थी आवास के प्रकार कर की दर(प्रतिवर्ष) पक्का मकान 100 रुपए अर्द्ध पक्का मकान 50 रुपये कच्चा मकान कर नहीं पीएम आवास के मकान 25 रुपये (ग्रमाीण विभाग देगा) सफाई शुल्क 30 रुपये (प्रति घर मासिक) पेट्रोल पंप 5 हजार रुपये रसोई गैस एजेंसी 5 हजार रुपये ईंट चिमनी 5 हजार रुपये सिनेमा हॉल 5 हजार रुपये जलापूर्ति शुल्क 30 रुपये (प्रतिमाह)

हर्षिता समरविक्रमा की शानदार पारी से श्रीलंका की रोमांचक जीत, सेमीफाइनल में एंट्री

दुबई भारत के बाद श्रीलंका ने भी महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका ने अपने तीसरे मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ रोमांचक जीत हासिल की। ग्रुप के मुकाबले में पहले बैटिंग करते हुए बांग्लादेश ने 8 विकेट पर 114 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी ओवर में मैच को 4 विकेट से अपने नाम करके सेमीफाइनल में एंट्री मार ली। बांग्लादेशी महिला टीम की धीमी बैटिंग दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टॉस हारने के बाद बांग्लादेश की टीम पहले बैटिंग करने उतरी। सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर ने जुवैरिया फिरदौस के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 31 रन जोड़े लेकिन तेजी से रन नहीं बना पाईं। इस दौरान उन्होंने 29 गेंदों का सामना किया। चमुदी प्रबोधा ने फिरदौस के रूप में बांग्लादेश को पहला झटका दिया। वह 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद दिलारा (26) ने शोभना मोस्तरी के साथ दूसरे विकेट के सिर्फ 13 रन जुटाए। 9.5 ओवरों तक टीम का स्कोर 52/3 था। इसके बाद शोभना मोस्तरी ने शोर्ना अख्तर (9) के साथ चौथे विकेट के लिए 40 गेंदों में 41 रन की साझेदारी करते हुए टीम को शतक के बेहद करीब पहुंचाया। शोभना ने टीम के लिए 34 रन बनाए। 41 गेंदों की पारी में उनके बल्ले से 4 चौके निकले। श्रीलंका के लिए चमुदी प्रबोधा ने 4 ओवरों में 21 रन देकर 3 विकेट निकाले। उनके अलावा, सुगंधिका कुमारी ने 2 विकेट चटकाए। कप्तान चमारी अट्टूापट्टू और कविशा दिलहारी को 1-1 विकेट हाथ लगा। श्रीलंकाई टीम के 44 रन पर 5 विकेट थे इसके जवाब में श्रीलंका ने 19.2 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस टीम को 7 के स्कोर पर कप्तान चमारी अट्टापट्टू (1) के रूप में बड़ा झटका लगा। इसके बाद टीम ने 44 के स्कोर तक अपने 5 विकेट गंवा दिए थे। यहां से निलाक्षिका सिल्वा ने हर्षिता समरविक्रमा के साथ छठे विकेट के लिए 38 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 82 के स्कोर तक पहुंचाया। निलाक्षिका 18 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद हर्षिता ने कौशानी नुथ्यांगना के साथ सातवें विकेट के लिए 18 गेंदों में 33 रन जुटाकर टीम को जीत दिलाई। हर्षिता 37 गेंदों में 2 छक्कों और 4 चौकों के साथ 48 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि कौशानी ने 9 गेंदों में नाबाद 11 रन बनाए। विपक्षी खेमे से मारुफा अख्तर ने 21 रन देकर 3 विकेट चटकाए। सुल्ताना खातून और रितु मोनी को 1-1 सफलता हाथ लगी।

सरकारी स्कूलों में पुस्तक परिवहन का मामला गरमाया, तीन दिन के अल्टीमेटम के बावजूद अब तक कार्रवाई लंबित

शाासकीय विद्यालयों में पुस्तक परिवहन में भारी गड़बड़ी?, एक माह पहले तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए डीपीसी से ने मांगा स्पष्टीकरण, आज तक नहीं हुई कार्रवाई कटनी  शासकीय स्कूलों में अध्यनरत बच्चों को निशुल्क पुस्तक उपलब्ध कराने के लिए शासन के द्वारा पर्याप्त व्यवस्था की गई है, जिसके तहत ठेका देकर मुख्यालय से निशुल्क पाठ्य पुस्तक स्कूलों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एक समूह को जिला शिक्षा केंद्र के द्वारा प्रदान की गई है। लगभग एक माह पूर्व राष्ट्र रक्षक न्यूज़ चैनल ने खबर के माध्यम से पुस्तक वितरण घोटाला उजागर करते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। जिसको लेकर कलेक्टर की फटकार के बाद जिला शिक्षा केंद्र कटनी के जिला परियोजना समन्वयक के द्वारा जिले के पुस्तक वितरण ठेका समूह से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने का पत्र 3 अगस्त 2026 को जारी किया गया। पत्र जारी हुए एक माह से भी अधिक का समय बीत गया लेकिन आज भी इस गंभीर मामले में किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकी। पुस्तक वितरण में उजागर गड़बड़ी एवं लगातार हो रही शिकायतों ने एक बार फिर से जिला शिक्षा केंद्र की कार्यशैली को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। फिर हुई शिकायत पुस्तक वितरण में हो रही गड़बड़ी को लेकर एक बार फिर से जिला पंचायत सदस्य मोहिनी देवी पांडे ने कटनी कलेक्टर एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत देते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई एवं वसूली की बात कही है। उन्होंने पत्र के जरिए कहा की पुस्तक परिवहन को लेकर जिला शिक्षा केन्द्र कटनी में कार्यरत जिला परियोजना समन्वयक एवं उनके सहयोगियों ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुये वर्ष 2024 से निरंतर चालू वर्ष तक एक ही व्यक्ति को अलग-अलग नाम से परिवहन हेतु निविदा जारी की है। ठेकेदार द्वारा पुस्तकों का परिवहन न कर दबाव बनाकर शिक्षकों से पुस्तकों का परिवहन कराया गया। शिक्षक स्वयं के व्यय से पुस्तकें विद्यालय को उपलब्ध करा रहें है। जिसके चलते शासन की लगभग 75 लाख राशि का मिलीभगत करते हुए दुरूपयोग किया किया गया है। जांच पर खड़े किए सवाल शिकायतों एवं खबरों को संज्ञान में लेकर कलेक्टर के निर्देश पर जांच के आदेश जारी हुए इस जांच पर सवाल खड़े करते हुए जिला पंचायत सदस्य श्रीमती पांडे ने कहा की जिला परियोजना समन्वयक द्वारा जिला शिक्षा केन्द्र में पदस्थ ए.पी.सी. प्रीति सिंह एवं एक अन्य को जांच हेतु नियुक्त किया गया है जिनकी कार्यशैली विश्वसनीय एवं परदर्शी नहीं है। उन्होंने उक्त जांच जिला शिक्षा केन्द्र से हटकर किसी अन्य विभाग के अधिकारी द्वारा कराकर दोषियों के खिलाफ शासकीय राशि के दुरूपयोग किये जाने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के साथ अपराधिक मामला पंजीबद्ध कराए जाने एवं ठेकेदार को ब्लेकलिस्टेिड कर किये गये भुगतान की वसूली कराए जाने की मांग की है। इनका कहना है इस संबंध में जानकारी देते हुए डीपीसी प्रेम नारायण तिवारी ने कहा कि जांच दल गठित है। जिसका प्रतिवेदन अभी प्राप्त नहीं हुआ है। प्रस्तुत पत्र पर वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। अभी संबंधित एजेंसी को किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया गया है।

Gold-Silver Price: सोने में बड़ी गिरावट, चांदी भी रिकॉर्ड हाई से ₹1.83 लाख नीचे; क्या है नया रेट?

इंदौर   2026  अगर आप भी आज सोना या चांदी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो खरीदारी के लिए गहनों की दुकान पर जाने से पहले आज का ताजा भाव जरूर जान लें. हफ्ते के पहले दिन यानी सोमवार ,7 सितंबर को सोने-चांदी की कीमतों में हलचल जारी  रहने वाली है.राहत की बात यह है कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) खुलते ही सोने का भाव ₹503 टूटकर ₹1,52,264 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, वहीं चांदी भी ₹771 गिरकर ₹2,36,887 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही है।  अगर ऑल-टाइम हाई से तुलना करें, तो 29 जनवरी 2026 को ₹4,20,048 प्रति किलो का रिकॉर्ड बनाने वाली चांदी अपने हाई लेवल से करीब ₹1.83 लाख रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है.इसी तरह सोना भी अपने ₹1.93 लाख प्रति 10 ग्राम के ऑल-टाइम हाई से लगभग ₹40,700 रुपये नीचे आ चुका है।   इंटरनेशनल मार्केट में सोने-चांदी का भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) 0.5% गिरकर $4,405.47 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में भी इसमें 1% की गिरावट दर्ज की गई थी. वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाला U.S. गोल्ड फ्यूचर्स भी 0.5% की कमजोरी के साथ $4,452.20 प्रति औंस पर बना हुआ था. स्पॉट सिल्वर (Spot Silver) 0.2% की हल्की गिरावट के साथ $66.03 प्रति औंस के स्तर पर आ गई।  जानें दिल्ली, मुंबई से चेन्नई तक 1 किलो का ताजा भाव राजधानी दिल्ली में आज  चांदी का भाव ₹2,36,330 प्रति किलो है. देश के प्रमुख महानगरों में आज दिल्ली में चांदी सबसे किफायती रेट पर मिल रही है।      मुंबई में आज 1 किलो फाइन चांदी की कीमत ₹2,36,740 दर्ज की गई है.     चेन्नई के सर्राफा बाजार में आज चांदी का रेट ₹2,37,430 पर पहुंच गया है.     कोलकाता में आज 1 किलो  चांदी का भाव ₹2,36,420 बना हुआ है.     बेंगलुरु में आज चांदी ₹2,36,920 प्रति किलो के स्तर पर कारोबार कर रही है.     हैदराबाद के बाजार में आज 1 किलो  चांदी की कीमत ₹2,37,110 दर्ज की गई है।        हफ्तेभर में 1% सस्ती हुई चांदी,चेन्नई में सबसे महंगी तो दिल्ली में मिली सबसे सस्ती बीते एक हफ्ते में चांदी के दामों में करीब 1% की गिरावट आई है, हालांकि सालाना आधार पर इसमें 90% से ज्यादा का मजबूत रिटर्न दर्ज किया गया है. आज चेन्नई में चांदी सबसे महंगी बिक रही है, जबकि दिल्ली में रेट सबसे कम दर्ज किए गए हैं।  चांदी आज कितनी सस्ती हुई? सर्राफा बाजार में आज यानी सोमवार (7 सितंबर) को चांदी की कीमतों में गिरवाट देखने को मिल रही है. आंकड़ों के मुताबिक, आज फाइन चांदी (Silver 999) का भाव ₹2,37,170 प्रति किलो दर्ज किया गया है, जबकि स्टर्लिंग चांदी (Silver 925) ₹2,19,382 प्रति किलो पर बनी हुई है। 

संजीव अरोड़ा से जेल में मिलेंगे CM भगवंत मान, गिरफ्तारी के बाद बढ़ी सियासी हलचल

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान 100 करोड़ रुपए से ज्यादा के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से मिलने सोमवार को गुरुग्राम की भोंडसी जेल जाएंगे। भगवंत मान दूसरी बार मंत्री अरोड़ा से जेल में मिलने जा रहे हैं।  संजीव अरोड़ा को ईडी ने 9 मई को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से वह जेल में हैं। निचली अदालत उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है, जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर अभी सुनवाई चल रही है। संजीव अरोड़ा के जेल जाने के बाद भी पंजाब सरकार उनके साथ खड़ी है। अरोड़ा चार महीने से जेल में हैं, इसके बावजूद पंजाब सरकार ने उन्हें अभी तक मंत्री पद से नहीं हटाया है। आम आदमी पार्टी और खुद मुख्यमंत्री भगवंत मान लगातार केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते रहे हैं। चंडीगढ़ स्थित सरकारी कोठी से हुई थी गिरफ्तारी प्रवर्तन निदेशालय ने फर्जी बिलिंग और लेनदेन से जुड़े मामले में छापेमारी के बाद संजीव अरोड़ा को 9 मई को चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया था। इस दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए थे। गिरफ्तारी और शुरुआती पूछताछ में कोर्ट के आदेशानुसार संजीव अरोड़ा को हरियाणा की भोंडसी जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वह वहीं बंद हैं और उनकी कानूनी टीम जमानत के लिए प्रयासरत है। भाजपा पर राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार ने इस पूरी कार्रवाई को भाजपा की साजिश करार दिया है। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का गलत इस्तेमाल कर गैर-भाजपा शासित राज्यों के नेताओं और मंत्रियों को निशाना बना रही है। मंत्रियों के विभागों में हुआ फेरबदल संजीव अरोड़ा के जेल जाने के बाद उनके अधीन आने वाले सभी प्रशासनिक विभाग पंजाब सरकार ने अन्य कैबिनेट मंत्रियों में बांट दिए, ताकि राज्य के विकास कार्य और विभागीय कामकाज प्रभावित न हों। कानूनी और राजनीतिक विवादों के बावजूद पंजाब सरकार ने संजीव अरोड़ा का इस्तीफा नहीं लिया है। वह अभी भी भगवंत मान कैबिनेट में मंत्री हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान व आप का समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले भी संजीव अरोड़ा से जेल में जाकर मुलाकात कर चुके हैं। आज की मुलाकात भी इसी सिलसिले की एक कड़ी है। इसके जरिए मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी यह संदेश देना चाहते हैं कि संकट की इस घड़ी में वे अपने नेता के साथ खड़े हैं। संजीव अरोड़ा पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला क्या है? ED का आरोप है कि 2023-24 में संजीव अरोड़ा की कंपनी ने करीब 157.12 करोड़ रुपए के मोबाइल फोन की बिक्री दिखाई। इनमें 102.50 करोड़ रुपए के मोबाइल फोन UAE की दो कंपनियों को निर्यात किए जाने का दावा किया गया। इन लेन-देन में वास्तविक माल की आपूर्ति के बजाय फर्जी बिल, शेल/डमी कंपनियों और कागजी निर्यात का इस्तेमाल किया गया। ED का दावा है कि संजीव अरोड़ा ने फर्जी खरीद के बिल तैयार किए और कागजों में मोबाइल फोन का निर्यात दिखाकर सरकार से GST समेत अन्य फायदे लिए। जांच एजेंसी के अनुसार, करीब 102.50 करोड़ रुपए की रकम अवैध तरीके से कलेक्ट की गई। ED की चार्जशीट में अरोड़ा को इस मामले का ‘किंगपिन’ बताया गया है।

वार्ड क्रमांक 15 में सड़क नहीं, कीचड़ से गुजरने को मजबूर वार्डवासी

वार्ड क्रमांक 15 में सड़क नहीं, कीचड़ से गुजरने को मजबूर वार्डवासी कई बार पंचायत में शिकायत और सीएम हेल्पलाइन के बावजूद नहीं हुआ समाधान बिलासपुर  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बिलासपुर के वार्ड क्रमांक 15 में सड़क नहीं होने के कारण वार्डवासियों को बरसात के दिनों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे रास्ते पर बारिश का पानी और कीचड़ जमा होने से लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। वार्डवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार ग्राम पंचायत में शिकायत की गई, लेकिन हर बार जल्द सड़क बनवाने का आश्वासन दिया जाता है। समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है। वार्डवासियों ने बताया कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और ग्रामीणों को कीचड़ भरे रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ता है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत एवं संबंधित अधिकारियों से वार्ड क्रमांक 15 में जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है।  

अजा एकादशी पर जरूर पढ़ें राजा हरिश्चंद्र की कथा, दूर होंगे संकट और पाप

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है. पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा है. धार्मिक मान्यता है कि अजा एकादशी का व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से व्यक्ति के पाप कर्मों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. इस दिन व्रत के साथ अजा एकादशी की कथा सुनना या पढ़ना भी बेहद शुभ माना जाता है. अजा एकादशी व्रत कथा पौराणिक कथाओं के अनुसार, प्राचीन समय में राजा हरिश्चंद्र एक प्रतापी और धर्मपरायण राजा थे. उनके राज्य में सुख-समृद्धि और वैभव की कोई कमी नहीं थी. प्रजा भी उनसे बेहद प्रसन्न थी. लेकिन समय ने ऐसी करवट ली कि राजा हरिश्चंद्र को अपना राज्य, धन-संपत्ति और यहां तक कि अपने परिवार से भी अलग होना पड़ा. कहा जाता है कि परिस्थितियां इतनी विकट हो गई थीं कि उन्हें अपना जीवन चलाने के लिए एक चांडाल के यहां दास के रूप में काम करना पड़ा. राजा हरिश्चंद्र के जीवन में दुख और परेशानियों का दौर लगातार बढ़ता जा रहा था. इसके बावजूद उन्होंने सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा. इसी दौरान एक दिन उनकी मुलाकात गौतम ऋषि से हुई. राजा हरिश्चंद्र ने ऋषि के चरणों में नमन किया और उन्हें अपने जीवन में आई सभी परेशानियों के बारे में बताया. उनकी स्थिति जानकर गौतम ऋषि ने उन्हें भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अजा एकादशी का व्रत रखने की सलाह दी. गौतम ऋषि ने राजा को बताया कि अजा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है. श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत को करने से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और उसके जीवन के संकट दूर होने लगते हैं. ऋषि की सलाह मानकर राजा हरिश्चंद्र ने विधि-विधान से अजा एकादशी का व्रत किया और भगवान विष्णु की आराधना की. धार्मिक मान्यता के अनुसार, अजा एकादशी के व्रत के प्रभाव से राजा हरिश्चंद्र के सभी कष्ट दूर हो गए. उन्हें अपना खोया हुआ राज्य, धन-संपत्ति और परिवार वापस मिल गया. अंत में भगवान विष्णु की कृपा से उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई और वे वैकुण्ठ धाम चले गए. अजा एकादशी व्रत की पूजा विधि अजा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें. इसके बाद घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें. पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. भगवान विष्णु को पीले वस्त्र अर्पित करें और पीले फूल चढ़ाएं. इसके बाद गंगाजल से भगवान का अभिषेक करें. पूजा के दौरान धूप और दीप जलाकर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें. भगवान को फल, मिठाई और अन्य सात्विक चीजों का भोग लगाया जा सकता है. पूरे दिन भगवान विष्णु के मंत्र ऊं नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करना शुभ माना जाता है. शाम के समय भगवान विष्णु की आरती करें या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें. इस दिन अजा एकादशी की व्रत कथा पढ़ना या सुनना भी शुभ फलदायी माना जाता है. अगले दिन द्वादशी तिथि पर पूजा करने के बाद व्रत का पारण करें. अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों या ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र और अन्य आवश्यक चीजों का दान करना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस तरह श्रद्धापूर्वक अजा एकादशी का व्रत और पूजा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.

सितंबर में इन 3 राशियों पर रहेगी शनि की कड़ी नजर, बढ़ सकती हैं मुश्किलें

 सितंबर का महीना ग्रहों की चाल और नक्षत्रों के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. इस माह कर्मफलदाता और न्याय के देवता शनि देव 3 मुख्य राशियों मिथुन, सिंह और कन्या के जातकों के धैर्य, निर्णय क्षमता और योग्यता की कड़ी परीक्षा ले सकते हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सितंबर में शनि देव की दृष्टि सिंह राशि के स्वामी ग्रह सूर्यदेव पर और मिथुन व कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध देव पर पड़ेगी.  ग्रहों के इस प्रभाव के कारण इन तीनों ही राशियों के जीवन में उथल-पुथल और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.  शनि देव कर्म प्रधान ग्रह हैं, इसलिए इस दौरान ईमानदारी और लगन से किए गए कार्यों का तो उत्तम फल मिलेगा, लेकिन भाग्य के भरोसे बैठकर आलस्य करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कि सितंबर महीने में इन तीनों राशियों पर शनि देव का कैसा असर रहने वाला है. मिथुन राशि (Gemini) मिथुन राशि के स्वामी ग्रह बुध पर शनि की दृष्टि रहने से इस माह आपको मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श में संयम रखें. जल्दबाजी में लिया गया कोई भी व्यावसायिक निर्णय भारी पड़ सकता है. सावधानी: अपनी योग्यता पर भरोसा रखें और शॉर्टकट अपनाने से बचें.  जितने अधिक प्रयास आप खुद करेंगे, सफलता उतनी ही मजबूत मिलेगी. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं, और सूर्य-शनि के बीच ज्योतिषीय शत्रुता मानी जाती है.  ऐसे में सिंह राशि वालों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा का रहेगा. कार्यस्थल पर आपके काम का बोझ बढ़ सकता है और सीनियर के साथ तालमेल बिठाने में मशक्कत करनी पड़ सकती है.  मान-सम्मान को लेकर थोड़ा सजग रहें. सावधानी: अहंकार से दूर रहें.  अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ें और भाग्य के भरोसे कोई नया जोखिम न लें. कन्या राशि (Virgo) कन्या राशि के स्वामी बुध पर शनि की दृष्टि के चलते इस माह आपके दैनिक कार्यों और योजनाओं में कुछ रुकावटें या देरी देखने को मिल सकती है. धन के मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं. फिजूलखर्ची से बचें और सेहत का विशेष ध्यान रखें. सावधानी: आलस्य को खुद पर हावी न होने दें.  शनि देव आपकी निरंतरता (Consistency) की परीक्षा लेंगे, इसलिए अपने लक्ष्यों पर टिके रहें. शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के सरल उपाय – शनिवार को दान: हर शनिवार को काले तिल, उड़द की दाल या सरसों के तेल का दान करें. – पीपल पूजन: शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं. – हनुमान जी की उपासना: प्रतिदिन या हर मंगलवार-शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें, इससे शनि देव के कष्टों से मुक्ति मिलती है.

रायपुर में ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए राज्यपाल रमेन डेका, बोले- परिश्रम ही सफलता की कुंजी

रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में हुए शामिल, कहा-समय का सदुपयोग और परिश्रम ही सफलता की कुंजी शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षक हुए सम्मानित रायपुर राज्यपाल रमेन डेका शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षकों के उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया गया तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया। इंटरनेट और तकनीक का सदुपयोग करते हुए युवा सही दिशा में आगे बढ़े      कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि समय का सही उपयोग जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज का दौर इंटरनेट और तकनीक का दौर है तथा बच्चे तेजी से एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जहां ज्ञान और सूचनाएं आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में बच्चों और युवाओं को समय का सदुपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक       राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश के शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने प्राचीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि पुराने समय में गुरुकुल परंपरा के माध्यम से गुरु विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार प्रदान करते थे। समय के साथ शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन हुए हैं और आज आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार एवं मूल्यों का समावेश भी आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि परिश्रम करने वालों को निश्चित रूप से सफलता मिलती है। जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और चुनौतियों से घबराना नहीं चाहिए। देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर         राज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में जो कुछ मिला है, उसके प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखना चाहिए तथा वर्तमान में रहकर जीवन का आनंद लेना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति और संस्कारों के महत्व पर जोर दिया। बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित होने से देश को जागरूक और राष्ट्रभक्त नागरिक मिलेंगे। उन्होंने कहा कि समाज के निर्माण में परिवार और शिक्षकों दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि समाज को शिक्षित और जागरूक बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ’शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित’         इस अवसर पर आयोजित ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में स्थापित सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ शिक्षकों के सम्मान, उनके अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।       कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल,  एसईसीएल के डायरेक्टर बिरंची दास, हिमांशु जैन, एसईसीएल के अन्य अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।