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Ganesh Chaturthi 2026: 14 सितंबर से इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, बप्पा बरसाएंगे कृपा

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी यानी 14 सितंबर 2026 (सोमवार) को देशभर में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश बुद्धि, ऋद्धि-सिद्धि और शुभता के दाता हैं. गणेश चतुर्थी पर बप्पा के आगमन के साथ ही ग्रहों की विशेष स्थितियों और शुभ योगों के प्रभाव से कई राशियों के लिए यह समय अत्यंत भाग्यशाली रहने वाला है. गणेश चतुर्थी से इन मुख्य राशियों को सबसे अधिक लाभ और भाग्य का साथ मिलने की संभावना है. मेष राशि करियर व व्यापार: भगवान गणेश की कृपा से अटके हुए काम गति पकड़ेंगे. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति के योग बन रहे हैं. धन लाभ: अचानक धन लाभ हो सकता है और नए बिजनेस प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी. मिथुन राशि बुद्धि और वाणी का लाभ: मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध देव हैं, जो गणेश जी से विशेष रूप से संबंधित हैं. आपकी निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा. आर्थिक पक्ष: आय के नए स्रोत बनेंगे. निवेश या पैतृक संपत्ति से बड़ा मुनाफा हो सकता है. कन्या राशि शुभ योगों का प्रभाव: गणेश चतुर्थी के दौरान बुध की अपनी उच्च राशि में मौजूदगी से आपको जबरदस्त लाभ मिलेगा. मान-सम्मान: समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा की सराहना होगी. प्रतियोगिता परीक्षा या नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को खुशखबरी मिल सकती है. तुला राशि सुख-साधनों में वृद्धि: घर-परिवार में मांगलिक कार्यों का आयोजन हो सकता है. नया वाहन या प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन रहे हैं. व्यापारिक डील: बिजनेस में कोई बड़ी पार्टनरशिप फाइनल हो सकती है, जिससे भविष्य में बड़ा फायदा होगा. मकर राशि बाधाओं से मुक्ति: लंबे समय से चली आ रही आर्थिक या मानसिक परेशानियां गणेश जी की कृपा से समाप्त होंगी. भाग्य का सहयोग: नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय वेतन वृद्धि और नए अवसरों से भरा रहेगा. गणेश चतुर्थी पर बप्पा की कृपा पाने के विशेष उपाय – गणेश चतुर्थी के दिन भगवान श्री गणेश को 21 दूर्वा (दूब घास) और मोदक या बेसन के लड्डू का भोग अवश्य लगाएं. – पूजन के समय ऊं गं गणपतये नमः मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें.  

क्रिकेट के बाद टीवी पर ‘हिटमैन’ की नई पारी, रोहित शर्मा होस्ट करेंगे फैमिली शो

नई दिल्ली 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित शर्मा क्रिकेट के मैदान से इतर अब टीवी स्क्रीन पर भी नजर आने वाले हैं. पूर्व भारतीय कप्तान 'फैमिली फुल हाउस' (Family Full House) से बतौर होस्ट टेलीविजन डेब्यू करने जा रहे हैं. शो का प्रीमियर 19 सितंबर 2026 को सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन और Sony LIV पर होगा. रोहित का यह नया कदम उनके क्रिकेट करियर के आखिरी दौर की ओर इशारा जरूर करता है, लेकिन इसे संन्यास का संकेत मानना जल्दबाजी होगी l रोहित शर्मा टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से पहले ही संन्यास ले चुके हैं. हालांकि, ओडीआई क्रिकेट में उनका सफर जारी है और वह भारतीय टीम की योजनाओं का हिस्सा हैं. टीवी शो की मेजबानी उनके करियर का एक नया पहलू जरूर है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उन्होंने वनडे क्रिकेट छोड़ने का मन बना लिया है l 'फैमिली फुल हाउस' एक फैमिली एंटरटेनमेंट शो है, जिसमें रोहित शर्मा होस्ट की भूमिका निभाएंगे. शो का पूरा फॉर्मेट अभी सामने नहीं आया है, लेकिन इसके प्रमोशन ने पहले ही लोगों का ध्यान खींच लिया है. प्रोमो में रोहित के कप्तानी के दिनों के चर्चित ‘गार्डन’ कमेंट को भी दोबारा दिखाया गया है. इससे साफ है कि शो में उनके क्रिकेट करियर और उनकी मजेदार शख्सियत की झलक भी देखने को मिल सकती है l BCCI के नियम में क्या प्रावधान? रोहित शर्मा के टीवी डेब्यू के बाद उनके क्रिकेट भविष्य को लेकर सवाल उठना लाजिमी है, लेकिन टीवी शो की मेजबानी और इंटरनेशनल क्रिकेट को एक साथ जारी रखने में कोई आधिकारिक बाध्यता नहीं है. भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) के नियम में ये कहीं नहीं लिखा है कि इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव क्रिकेटर्स टीवी शो होस्ट नहीं कर सकते l रोहित शर्मा की नजरें 2027 वनडे विश्व कप पर अभी से हैं. लॉर्ड्स में भारत के पिछले ओडीआई मैच में रोहित ने शानदार शतक लगाया था. वह इस ऐतिहासिक मैदान पर ओडीआई शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने. इस प्रदर्शन ने एक बार फिर ओडीआई क्रिकेट में उनकी उपयोगिता को सामने रखा l रोहित शर्मा आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) में मुंबई इंडियंस (MI) के लिए भी खेलते हैं. यानी फिलहाल उनके करियर में क्रिकेट और मनोरंजन, दोनों की भूमिका बढ़ती दिखाई दे रही है. टीवी पर नई पारी की शुरुआत रोहित के करियर में बड़ा बदलाव जरूर है, लेकिन अभी इसे क्रिकेट से विदाई नहीं माना जा सकता. खासकर ओडीआई और 2027 विश्व कप को लेकर उनकी योजनाएं अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं l

पार्टी छोड़ने वाले थे रामचंद्र यादव, AAP ने पहले ही दिखा दिया बाहर का रास्ता

चंडीगढ़. आम आदमी पार्टी को नगर निगम चुनाव से पहले एक और बड़ा झटका लगने जा रहा है। आप के पार्षद रामचंद्र यादव मंगलवार को कांग्रेस में शामिल होंगे। वह अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के साथ सेक्टर-35 स्थित चंडीगढ़ कांग्रेस भवन पहुंचकर कांग्रेस का हाथ थामेंगे। रामचंद्र यादव के कांग्रेस में जाने की सूचना मिलते ही आम आदमी पार्टी ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी। पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए आप प्रभारी जमैल सिंह और प्रदेश अध्यक्ष विजेपाल यादव ने उन्हें पार्टी से निष्कासित करने के आदेश जारी कर दिए। रामचंद्र यादव पिछले काफी समय से आप नेताओं से दूरी बनाए हुए थे। पार्टी के साथ उनकी खटपट भी चल रही थी। जनवरी में हुए मेयर चुनाव के दौरान उन्होंने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के बजाय डिप्टी मेयर पद के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल कर दिया था। उस समय भी काफी चर्चा में रहे थे। हालांकि रामचंद्र यादव ने कहा था कि वह पार्टी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन उन्हें भी चुनाव लड़ने का मौका मिलना चाहिए, इसलिए उन्होंने नामांकन दाखिल किया है। चुनाव के दिन उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया था। उनके इस कदम ने उस समय भी आप के भीतर चल रही नाराजगी को सामने ला दिया था। अब नगर निगम चुनाव से कुछ महीने पहले उनका कांग्रेस में जाना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। रामचंद्र यादव वार्ड नंबर 15 से पार्षद हैं। आगामी नगर निगम चुनाव के लिए वार्डों के आरक्षण का ड्रॉ 11 सितंबर को होना है। ऐसे में वार्ड 15 के आरक्षित होने की संभावना को भी उनके कांग्रेस में जाने की एक बड़ी वजह माना जा रहा है। यदि वार्ड आरक्षित हो जाता है तो रामचंद्र यादव के लिए वहां से दोबारा चुनाव लड़ना संभव नहीं होगा। दूसरी ओर आप में रहते हुए किसी दूसरे वार्ड से टिकट मिलने की संभावना भी उनके लिए आसान नहीं दिखाई दे रही थी। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस में शामिल होने को उनकी सोची-समझी राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि कांग्रेस उन्हें आगामी चुनाव में टिकट देगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मुनव्वर के बाद अब रामचंद्र आप के पार्षद मुनव्वर के कांग्रेस में शामिल होने के बाद ही रामचंद्र यादव के भी कांग्रेस में जाने की चर्चाएं तेज हो गई थीं। मुनव्वर ने जुलाई में कांग्रेस का हाथ थामा था। उनके शामिल होने के बाद कांग्रेस के पार्षदों की संख्या नौ हो गई थी। हालांकि कांग्रेस ने दोनों पार्षदों को एक साथ पार्टी में शामिल कराने के बजाय अलग-अलग समय पर आप को झटका देने की रणनीति अपनाई। अब रामचंद्र यादव के कांग्रेस में शामिल होने के बाद कांग्रेस के पार्षदों की संख्या बढ़कर 10 हो जाएगी। 2021 में सबसे बड़ी पार्टी थी आप 2021 के नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी 14 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा को 12 और कांग्रेस को आठ सीटें मिली थीं, जबकि शिरोमणि अकाली दल के हरदीप सिंह ने एक सीट जीती थी। हरदीप सिंह बाद में आप में शामिल हो गए थे, जिसके बाद निगम में अकाली दल का कोई पार्षद नहीं बचा। इसके बाद आप के पार्षदों के लगातार पाला बदलने से पार्टी की संख्या घटती गई। सुमन शर्मा और पूनम भाजपा में शामिल हुईं, जबकि कई पार्षद कांग्रेस का हाथ थाम चुके हैं। मुनव्वर के कांग्रेस में जाने के बाद आप की संख्या और कम हुई और अब रामचंद्र यादव के जाने के बाद आप के पास महज आठ पार्षद रह जाएंगे। वहीं भाजपा और कांग्रेस लगातार आप के पार्षदों में सेंध लगाने में सफल रही हैं। ऐसे में 2026 के नगर निगम चुनाव से पहले दलों के बीच पार्षदों को अपने पाले में लाने की सियासत और तेज होने की संभावना है। कभी 14 पार्षदों के साथ सदन की सबसे बड़ी पार्टी रही आप अब आठ पार्षदों तक सिमट गई है। नेता प्रतिपक्ष का पद भी मुनव्वर के कांग्रेस में जाने के बाद आप के हाथ से निकल चुका है। अब रामचंद्र यादव के जाने से पार्टी को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी     पार्षदों की संख्या – भाजपा     17 कांग्रेस     10 आम आदमी पार्टी     8 शिरोमणि अकाली दल     0 हरदीप सिंह के आप में शामिल होने के बाद से निगम में अकाली दल का कोई पार्षद नहीं है। इसके अलावा चंडीगढ़ के सांसद का सदन में अलग से मतदान अधिकार है।

मां महामाया की भूमि पर पहुंचे CG चीफ जस्टिस महापात्र, बोले- यहां आना मेरे लिए सौभाग्य

बिलासपुर. हाईकोर्ट में प्रभार लेने के बाद आज शाम अपने सम्मान में हुए ओवेशन को सम्बोधित करते हुए चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने कहा कि उनके प्रति व्यक्त किए गए शब्दों को वे केवल प्रशंसा के रूप में स्वीकार नहीं करते, बल्कि एक जिम्मेदारी तथा उस स्नेह और विश्वास की अभिव्यक्ति के रूप में स्वीकार करते हैं, जिसके साथ उनका इस संस्था में स्वागत किया गया है. उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सेवा करने का अवसर उनके लिए सम्मान और सौभाग्य की बात है, क्योंकि वे भगवान जगन्नाथ की पावन भूमि ओडिशा से मां महामाया की पवित्र भूमि छत्तीसगढ़ आए हैं. जस्टिस महापात्र ने कहा कि ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच केवल सीमा साझा करने का संबंध नहीं है, बल्कि दोनों की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जीवन में अनेक समानताएं हैं. महानदी दोनों राज्यों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है. पड़ोसी राज्य होने के कारण यहां आना उनके लिए किसी अपरिचित स्थान पर आने जैसा नहीं है. ओवेशन में जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू, जस्टिस एन. के. व्यास जस्टिस सचिन सिंह राजपूत, जस्टिस राकेश मोहन पांडे,, एन के चंद्रवंशी जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल, जस्टिस बिभू दत्त गुरु, जस्टिस संजय कुमार जायसवाल, जस्टिस ए के प्रसद्द सहित सभी न्यायमूर्ति व नय्यैक अधिकारी अधिवक्ता उपस्थित रहे.

हवा सुधारने में मध्यप्रदेश की बड़ी कामयाबी, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में तीन शहर टॉप-5 में

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026: मध्यप्रदेश के तीन शहर देश के शीर्ष पाँच में स्वच्छ वायु प्रबंधन में मध्यप्रदेश का स्वर्णिम प्रदर्शन: इंदौर द्वितीय, जबलपुर तृतीय और भोपाल चौथे स्थान पर, वार्ड श्रेणी में भोपाल का वार्ड-60 अलंकृत हरित विकास और जनभागीदारी की सुखद परिणति: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता रैंकिंग में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय पटल पर लहराया परचम भोपाल  पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और जनभागीदारी की दिशा में मध्यप्रदेश ने स्वर्णिम उपलब्धि अर्जित की है। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणामों में देश के शीर्ष पाँच स्वच्छ वायु शहरों में प्रदेश के तीन प्रमुख नगरों ने अनुपम स्थान प्राप्त कर राष्ट्रीय पटल पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस' के अवसर पर सोमवार को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में इंदौर एवं जबलपुर तथा वार्ड स्तरीय श्रेणी में भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव तन्मय कुमार द्वारा प्रदान किया गया। दस लाख से अधिक जनसंख्या श्रेणी में प्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के अंतर्गत 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले महानगरों की प्रतिस्पर्धा में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा। इस वर्ग में इंदौर ने संपूर्ण देश में द्वितीय, जबलपुर ने तृतीय तथा राजधानी भोपाल ने चतुर्थ स्थान अर्जित कर स्वच्छ वायु प्रबंधन में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। इसी श्रेणी में ग्वालियर ने 39वाँ स्थान प्राप्त किया। वहीं, 3 से 10 लाख जनसंख्या वर्ग में उज्जैन ने 16वाँ और सागर ने 21वाँ स्थान प्राप्त किया, जबकि 3 लाख से कम जनसंख्या श्रेणी में देवास ने 7वाँ स्थान हासिल किया। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा संचालित इस सर्वेक्षण में देश के 130 प्रमुख शहरों के मध्य निर्धारित मापदंडों पर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए रैंकिंग जारी की जाती है। इंदौर एवं जबलपुर की अनुकरणीय उपलब्धियां स्वच्छता के क्षेत्र में निरंतर नवमानक स्थापित करने वाले इंदौर नगर ने धूल नियंत्रण, मैकेनाइज्ड सड़क सफाई, हरित क्षेत्र के विस्तार तथा नागरिक सहभागिता के बल पर वायु गुणवत्ता प्रबंधन में देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। समारोह में इंदौर नगर निगम की ओर से महापौर पुष्यमित्र भार्गव, आयुक्त क्षितिज सिंघल एवं एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने यह सम्मान ग्रहण किया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण एवं सुनियोजित पर्यावरण संरक्षण कार्यों के दम पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले जबलपुर नगर निगम की ओर से महापौर जगत बहादुर सिंह 'अन्नू', आयुक्त राम प्रसाद अहिरवार, कमलेश श्रीवास्तव, संभव अयाची एवं जी.एस. मरावी ने पुरस्कार प्राप्त किया। भोपाल के वार्ड क्रमांक-60 को मिला राष्ट्रीय गौरव वार्ड स्तरीय वायु गुणवत्ता में अभूतपूर्व सुधार और नवाचारों के लिए भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष रूप से सराहा गया। स्थानीय स्तर पर हरित पहल, सघन पौधारोपण तथा नागरिक जागरूकता के प्रभावी प्रयासों के लिए अपर आयुक्त अमन मिश्रा एवं एमआईसी सदस्य आर. के. सिंह बघेल ने यह प्रतिष्ठित सम्मान स्वीकार किया। सतत् विकास और दूरदर्शी नेतृत्व की सुखद परिणति यह राष्ट्रीय गौरव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'विकसित भारत' के पावन संकल्प तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में संचालित पर्यावरण संरक्षण अभियानों का फलश्रम है। प्रदेश के नगरीय निकायों द्वारा धूल नियंत्रण, जल छिड़काव, खुले में कचरा जलाने पर रोकथाम, निर्माण स्थलों की निगरानी एवं व्यापक जनचेतना के जो प्रयास किए गए हैं, आज उन्हीं की परिणति स्वरूप मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय वायु संरक्षण पटल पर यह सफलता अर्जित की है।  

गांवों में पानी से लेकर सड़क तक विकास की रफ्तार तेज, योगी सरकार ने सुविधाओं को बनाया प्राथमिकता

योगी सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल आपूर्ति के साथ सुगम आवागमन की सुविधा पर भी जोर अक्टूबर से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद स्तर पर चलेगा सड़क मरम्मत से जुड़ा अभियान पेयजल आपूर्ति के दौरान पाइप बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों को बारिश के बाद किया जाएगा ठीक पेयजल योजनाओं को समय से पूरा किया जाए, लापरवाही सामने आने पर होगी कार्रवाई: जलशक्ति मंत्री लखनऊ  योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पेयजल आपूर्ति के साथ लोगों को सुगम आवागमन की सुविधा देने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मानसून के बाद अक्टूबर से पूरे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सड़क की मरम्मत का अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अभियान से जुड़ी सभी तैयारियां समय से पूरी करने को कहा है, ताकि पेयजल योजनाओं के लिए खोदी गई सड़कों को जल्द दुरुस्त कर ग्रामीणों को राहत दी जा सके। जलशक्ति मंत्री ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान कई स्थानों पर सड़कें खोदी गई हैं। मानसून के दौरान बारिश के कारण इन मार्गों पर लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अक्टूबर से अभियान चलाकर इन सड़कों को दोबारा भरकर, समतल करते हुए दुरुस्त किया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का काम पूरा होने के साथ लोगों को बेहतर सड़क सुविधा भी मिल सकेगी। क्षेत्र भ्रमण और रात्रि प्रवास पर भी जोर जलशक्ति मंत्री ने विभिन्न जोन के अभियंताओं और अधीक्षण अभियंताओं से क्षेत्र भ्रमण व रात्रि प्रवास के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने सहायक अभियंताओं (एई) और अवर अभियंताओं (जेई) को भी रात्रि प्रवास करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं के काम की मौके पर नियमित निगरानी हो सके। पेयजल योजनाओं को समय से पूरा करने के निर्देश निर्माणाधीन पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए स्वतंत्र देव सिंह ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय में जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जरूरत के अनुसार मैनपावर बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेयजल योजनाओं के संचालन और जलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए अधिकारी नियमित निगरानी करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की जा रही पेयजल योजनाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सकेगा और लोगों को लगातार पेयजल की सुविधा मिल सकेगी। अधिकारियों के काम की होगी निगरानी बैठक में मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और अधिशासी अभियंताओं (एक्सईएन) को अपने अधीनस्थ अभियंताओं और संबंधित एजेंसियों के कार्यों की गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर अपर मुख्य सचिव को भेजने के निर्देश भी दिए गए। इससे योजनाओं की प्रगति और अधिकारियों व कार्यदायी एजेंसियों के कामकाज की निगरानी को और मजबूत किया जा सकेगा। इस बैठक में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह, जेएमडी (प्रशासन) डॉ. राजेश प्रजापति, जेएमडी प्रभाष कुमार, स्टेट कोऑर्डिनेटर डीके सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

सेवा सेतु के जरिए महज चार दिन में जारी हुआ आय प्रमाण पत्र

सफलता की कहानी सेवा सेतु के जरिए महज चार दिन में जारी हुआ आय प्रमाण पत्र नागरिकों तक पहुंच रही डिजिटल शासकीय सेवाएं बिलासपुर सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को शासकीय सेवाएं अब अधिक सरल, सहज और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। सेवा सेतु नागरिकों और शासकीय सेवाओं के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं। आवेदन से लेकर आवश्यक दस्तावेजों की जांच और प्रमाण पत्र जारी होने तक की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने से नागरिकों को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से राहत मिल रही है। बिलासपुर तहसील के ’’श्री गौरी पहाड़ी को सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन करने के महज चार दिनों के भीतर आय प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया।’’         गौरी पहाड़ी को आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। आवेदन प्रस्तुत करने के महज चार दिनों के भीतर श्री गौरी पहाड़ी का आय प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। कम समय में प्रमाण पत्र प्राप्त होने से उन्हें अपने आवश्यक व्यक्तिगत एवं शासकीय कार्यों को पूरा करने में काफी सुविधा मिली। सेवा सेतु के माध्यम से पूरी प्रक्रिया सहज और सुविधाजनक होने से उन्हें प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर नहीं लगाने पड़े। आय प्रमाण पत्र मिलने के बाद श्री गौरी पहाड़ी ने ’’सेवा सेतु की त्वरित एवं सरल कार्यप्रणाली’’ पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आवेदन करने की प्रक्रिया आसान रही और निर्धारित समय से पहले ही प्रमाण पत्र प्राप्त हो गया। इससे उनके जरूरी कार्य समय पर पूरे हो सके। उन्होंने त्वरित निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।       सेवा सेतु छत्तीसगढ़ के नागरिकों तक डिजिटल सेवाएँ लाने का एक खास पहल है। इसका उद्देश्य हर एक नागरिक, विशेषतः दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वालों, तक सरकार की योजनाएँ और सुविधाएँ पहुंचाना हैं। ‘सेवा सेतु’ सरकार की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय हैं। इतने सालों में यह एक बड़े सेवा-वितरण व्यवस्था में बदल गया है जो यह सुनिश्चित करता है कि नागरिक सरकारी दफ्तर जाए बिना विभिन्न सेवाओ के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकें।  रचना/  

कटनी में तुलसीदास कुशवाहा बने टैक्सी यूनियन कल्याण समिति के जिला उपाध्यक्ष, सम्मान के साथ मिला आई-कार्ड

कटनी  आभार एवं धन्यवाद टैक्सी यूनियन कल्याण समिति संपूर्ण भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय माननीय  सुशील सिंह चौहान के नेतृत्व में राष्ट्रीय संगठन मंत्री नीरज दुबे जी के द्वारा तुलसीदास कुशवाहा जी को जिला उपाध्यक्ष का सम्मान एवं आई कार्ड वितरण उपस्थित सम्माननीय राष्ट्रीय सचिव  रोहिणी प्रसाद तिवारी उर्फ मुन्ना महाराज जी मध्य प्रदेश संगठन मंत्री  दीपक पटेल जी कटनी कार्यवाहक अध्यक्ष  तुषार पटेल जी मध्य प्रदेश महामंत्री  अरुण कुशवाहा जी कटनी जिला संरक्षक एवं संगठन मंत्री सोनू गुप्ता जी एवं विवेक शर्मा जी नितिन बर्मन जी उदय सिंह जी कैलाश कनौजिया जी मनोज दुबे जी समस्त कटनी जिला सदस्य  उपस्थित रहे।  राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुशील चौहान जी  (2) राष्ट्रीय संगठन मंत्री नीरज दुबे जी  (3) राष्ट्रीय संयुक्त सचिव पवन कुमार श्रीवास्तव जी राष्ट्रीय सचिव श्री रोहिणी प्रसाद तिवारी और मुन्ना महाराज जी (4)मध्य प्रदेश संगठन मंत्री दीपक पटेल जी  (5)मध्य प्रदेश महामंत्री अरुण कुशवाहा जी  कटनी जिले की टीम  (1) जिला अध्यक्ष दीपक पटेल जी  (2)संगठन मंत्री सोनू गुप्ता जी (3) उपाध्यक्ष कुलदीप मिश्रा जी  (4) उपाध्यक्ष तुलसीदास कुशवाहा जी  (5) कार्यवाहक अध्यक्ष तुषार पटेल  (6) सलाहकार अविनाश रावत  (7) मीडिया प्रभारी सागर शुक्ला जी  (8) महासचिव बॉबी अग्रवाल  (9) मीडिया प्रभारी कमल अरोड़ा  (10) सचिव जैकी राय  (11) महामंत्री विवेक शर्मा  (12) आरिफ खान  (13) संपर्क प्रमुख पवन सिकरवार  (14) राजा खान  (15) मंटू कुशवाहा  (16) सिंधु राज  (17) मुकेश सेन। 

‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना में बढ़ा लाभ, वैकल्पिक फसलों पर मिलेंगे ₹10 हजार तक

 चंडीगढ़  लगातार गिरते भू-जलस्तर से जूझ रहे हरियाणा में अब प्रदेश सरकार ने किसानों को धान की सीधी बिजाई या फिर कम पानी लेने वाली फसलों को लगाने के लिए प्रोत्साहित करने को 'मेरा पानी-मेरी विरासत' तथा 'फसल विविधीकरण और जल संरक्षण' योजना का विस्तार किया है। दोनों योजनाओं में पंजीकरण कराने वाले किसानों की प्रोत्साहन राशि पांच वर्षों तक हर साल बढ़ती जाएगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी को मंजूरी प्रदान की है, जिसके बाद कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार ने अधिसूचना जारी कर दी है। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत धान की बजाय वैकल्पिक फसलें लगाने वाले किसानों को पहले साल 8000 रुपये, दूसरे वर्ष 8300 रुपये, तीसरे वर्ष 8800 रुपये, चौथे वर्ष 9400 रुपये और पांचवें साल 10,000 रुपये दिए जाएंगे। इतना ही नहीं, दालें, तिलहन और कपास लगाने पर दो हजार रुपये का बोनस अलग से मिलेगा। इसी तरह धान की सीधी बिजाई पर पहले साल 4500, दूसरे साल 4700, तीसरे साल 5000, चौथे साल 5400 और पांचवें साल 6000 रुपये मिलेंगे। बढ़ी प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्याेरा पोर्टल पर किला नंबर वही दर्ज होना चाहिए। मेरा पानी-मेरी विरासत योजना में पहली बार धान की बजाय खेत में मक्का, कपास, खरीफ की दालें (अरहर, मूंग, मोठ, उड़द, ग्वार, सोयाबीन), खरीफ के तिलहन (तिल, अरंडी, मूंगफली), चारे की फसलें, कृषि-वानिकी (पापुलर और सफेदा) तथा खरीफ की प्याज सहित बागवानी फसलें व सब्जियां लगाने पर किसानों के बैंक खातों में आठ हजार रुपये डाले जाएंगे। इसके बाद किसान जैसे-जैस वैकल्पिक फसलें लगाते रहेंगे, उनकी प्रोत्साहन राशि बढ़ती जाएगी। वे किसान भी लाभान्वित होंगे, जिन्होंने धान लगाने की बजाय अपने खेतों को खाली छोड़ा है। फिलहाल योजना का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिन्होंने पिछले साल धान उगाया था और इस साल उसी खेत में स्वीकृत वैकल्पिक फसलों में से कोई एक फसल लगाई है। वे किसान, जिन्होंने पिछले चार वर्षों में से किसी भी वर्ष उसी खेत में वैकल्पिक फसलें उगाई थीं, वे पात्र नहीं होंगे। जिस किसानों ने पिछले खरीफ सीजन में मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत फसल विविधीकरण अपनाया था, वह इस साल भी योजना का लाभ उठा सकेंगे, बशर्ते कि उसी खेत में मंजूर की गईं वैकल्पिक फसलें उगाएं। यदि कोई किसान किसी बाद के वर्ष में उस 'किला नंबर' पर वैकल्पिक फसलें लगाना बंद कर देता है, तो वह उस विशिष्ट वर्ष में प्रोत्साहन के लिए पात्र नहीं होगा। यदि किसान एक साल के अंतराल के बाद उसी किला नंबर पर वैकल्पिक फसल अपनाता है, तो इसे नया नामांकन माना जाएगा और उसे प्रति एकड़ 8000 रुपये का शुरुआती वर्ष का प्रोत्साहन मिलेगा। डीएसआर मशीन पर मिलेगी 40 हजार रुपये तक सब्सिडी धान की सीधी बिजाई के लिए इस्तेमाल की जाने वाली डीएसआर मशीन पर सब्सिडी कीमत की 50 प्रतिशत या 40 हजार रुपये (जो भी कम हो) के हिसाब से दी जाएगी। सभी लाभार्थियों के बैंक खातों में यह राशि डीबीटी के माध्यम से डाली जाएगी। हरी खाद लगाने पर प्रति एकड़ मिलेंगे एक हजार रुपये किसानों को खेतों में हरी खाद तैयार करने के लिए एक हजार रुपये प्रति एकड़ दिए जाएंगे। ढैंचा, गर्मी की मूंग, उड़द, लोबिया, मोठ, अरहर और सोयाबीन तथा ग्वार लगाने पर यह प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।  

Samsung India में बड़ी छंटनी, TV और होम अप्लायंसेज बिजनेस से 100 अधिकारियों की नौकरी गई

Samsung India ने अपने एम्प्लॉइज को लेकर बड़ा फैसला लिया है. कंपनी ने अपने टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में करीब 80 से 100 अधिकारियों को नौकरी से हटा दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अलग-अलग बैच में एम्प्लॉइज की छंटनी कर रही है. इसमें डायरेक्टर, टीम लीड, ब्रांच मैनेजर और एरिया मैनेजर जैसे पदों पर काम करने वाले लोग भी शामिल हैं. कंपनी के इस फैसले के पीछे बढ़ता कॉस्ट और कमजोर सेल्स बड़ी वजह बताई जा रही है. पिछले कुछ समय में मेमोरी चिप की कीमत काफी बढ़ गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी कीमत दोगुने से ज्यादा हो चुकी है. इससे टीवी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनियों का खर्च बढ़ गया है. इसके अलावा रुपये में आई कमजोरी का भी असर सैमसंग पर पड़ा है. इम्पोर्टेड कंपोनेंट्स महंगे होने से कंपनी के लिए प्रोडक्ट बनाने की कॉस्ट बढ़ गई है. ऐसे में कंपनी के लिए कम कीमत पर प्रोडक्ट बेचकर पहले जैसा प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना मुश्किल हो रहा है. और एम्प्लॉइज पर पड़ सकता है असर अभी तक जो छंटनी सामने आई है, वह मुख्य रूप से टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में हुई है. लेकिन रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे भी कुछ एम्प्लॉइज की नौकरी जा सकती है. सैमसंग के इलेक्ट्रॉनिक्स बिजनेस की सेल्स और मार्केटिंग टीम में करीब 550 से 600 अधिकारी हैं. इस टीम के करीब 25 फीसदी एम्प्लॉइज पर असर पड़ सकता है. इसमें कंपनी के डायरेक्ट एम्प्लॉइज के साथ ऑफ-रोल एम्प्लॉइज भी शामिल हैं. नौकरी से हटाए जा रहे एम्प्लॉइज को कंपनी की तरफ से सर्वेंस दिया जा रहा है. कर्मचारियों को करीब तीन महीने की सैलरी के साथ हर साल की सर्विस के बदले एक महीने की एक्स्ट्रा सैलरी दी जा रही है. स्मार्टफोन बिजनेस में फिलहाल छंटनी नहीं सैमसंग के स्मार्टफोन बिजनेस को फिलहाल इस छंटनी से अलग रखा गया है. कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले फेस्टिव सीजन और दिवाली के दौरान स्मार्टफोन की सेल्स में तेजी आ सकती है. हालांकि, स्मार्टफोन मार्केट भी इस समय पूरी तरह मजबूत नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में स्मार्टफोन सेल्स वॉल्यूम में सालाना करीब 11 से 12 फीसदी की गिरावट देखी गई है. सैमसंग इंडिया अपने खर्च को कम करने के लिए कुछ रीजनल ऑफिस को भी एक साथ करने की तैयारी में है. कंपनी का फोकस ज्यादा कॉस्ट वाले कामों को कम करने और अपने ऑपरेशंस को आसान बनाने पर है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दिवाली के बाद टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में वर्कफोर्स को लेकर और बदलाव हो सकते हैं. यानी आने वाले समय में कुछ और एम्प्लॉइज पर इसका असर पड़ सकता है. फिलहाल सैमसंग इंडिया का पूरा बिजनेस खराब स्थिति में नहीं है. कंपनी की ओवरऑल परफॉर्मेंस मजबूत बनी हुई है. ऐसे में इस छंटनी को खास तौर पर टीवी और होम अप्लायंसेज बिजनेस में बढ़ती कॉस्ट, कम सेल्स और प्रॉफिट मार्जिन को बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.