samacharsecretary.com

अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक का कहर, 7 छक्कों के साथ 6000 टी20 रन पूरे

नई दिल्ली भारतीय टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20I सीरीज के पहले मुकाबले में 7 विकेट से जीत हासिल की. रविवार (13 सितंबर) को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में आयोजित इस मुकाबले में भारतीय टीम की जीत के हीरो अभिषेक शर्मा रहे. सलामी बल्लेबाज अभिषेक ने 7 छक्के और 7 चौके की मदद से सिर्फ 32 बॉल पर 82 रन बनाए. अभिषेक की तूफानी पारी के दम पर भारतीय टीम ने 13.4 ओवरों में ही 157 रनों का टारगेट हासिल कर लिया. इस तूफानी पारी के दौरान अभिषेक शर्मा ने एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. अभिषेक टी20 क्रिकेट में सबसे तेज 6000 रन पूरे करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए. अभिषेक को इस उपलब्धि के लिए सिर्फ 5 रनों की जरूरत थी. उन्होंने फजलहक फारूकी के खिलाफ पारी के पहले ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर यह मुकाम हासिल किया. उन्होंने 3420 गेंदों में 6000 टी20 रन पूरे किए. ओवरऑल सबसे तेज 6000 टी20 रन पूरे करने का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के फिन एलन के नाम है. एलन ने यह उपलब्धि 3386 गेंदों में हासिल की थी. यानी अभिषेक शर्मा इस रिकॉर्ड से सिर्फ 34 गेंद पीछे रहे. वेस्टइंडीज के दिग्गज आंद्रे रसेल 3550 गेंदों के साथ इस सूची में तीसरे नंबर पर हैं, जबकि टिम डेविड ने 3681 गेंदों में 6000 रन पूरे किए थे. T20 में सबसे तेज 6000 रन (गेंदों के हिसाब से): 3386 फिन एलन 3420 अभिषेक शर्मा 3550 आंद्रे रसेल 3681 टिम डेविड 3857 विल जैक्स/फिल साल्ट अभिषेक शर्मा ने साल 2018 में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए आईपीएल (इंडियन प्रीमियर लीग) डेब्यू किया था. डेब्यू मैच में ही उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों पर नाबाद 46 रनों की तूफानी पारी खेली थी. हालांकि शुरुआती वर्षों में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले. 2018 और 2019 में उन्होंने तीन-तीन आईपीएल मैच खेले. इसके बाद 2020 और 2021 में उन्होंने आठ-आठ मुकाबलों में हिस्सा लिया. फिर आईपीएल 2024 में अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींचा. उन्होंने उस सीजन 484 रन बनाए और इसी प्रदर्शन के दम पर पहली बार भारतीय टीम में जगह बनाई. 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया. इसके बाद वह टीम के नियमित सदस्य बन गए और 2026 टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा रहे. अभिषेक का ऐसा रहा है टी20 करियर अभिषेक शर्मा ने अपने टी20 करियर में अब तक 207 मैच खेलकर 6077 रन बनाए हैं, जिसमें 9 शतक और 38 अर्धशतक शामिल रहे. उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए उनके पास आने वाले वर्षों में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने का मौका है. 10000 टी20 रनों का आंकड़ा उनके करियर के बड़े लक्ष्यों में शामिल हो सकता है. फिलहाल अभिषेक की पहचान मुख्य रूप से टी20 बल्लेबाज के तौर पर है. उन्हें अभी तक भारतीय वनडे टीम में जगह नहीं मिली है. अभिषेक शर्मा ने आखिरी बार फरवरी 2024 में फर्स्ट क्लास मुकाबला खेला था. अब तक उनके नाम 24 फर्स्ट क्लास मैचों में 30.60 की औसत 1071 रन दर्ज हैं. फिलहाल वह भारतीय टेस्ट टीम की योजनाओं में नजर नहीं आते, जबकि सीमित ओवरों में उनका कद लगातार बढ़ रहा है.

गणेश चतुर्थी पर 200 साल बाद दुर्लभ संयोग, भद्र-मालव्य राजयोग से चमकेंगी 5 राशियां

इस बार गणेश चतुर्थी सिर्फ गणपति बप्पा की पूजा के लिए ही खास नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय नजरिए से भी इसे बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के दिन ग्रहों की स्थिति से भद्र पंचमहापुरुष राजयोग और मालव्य पंचमहापुरुष राजयोग बनने की बात कही जा रही है. ज्योतिषीय मान्यताओं में इन दोनों योगों को बेहद शुभ माना जाता है. खास बात यह है कि दोनों योग एक साथ बनने का यह संयोग करीब 200 साल बाद बनने का दावा किया जा रहा है. कैसे बन रहा है भद्र योग? भद्र योग पंचमहापुरुष राजयोगों में से एक है. ज्योतिष के अनुसार जब बुध अपनी स्वराशि मिथुन या कन्या अथवा अपनी उच्च राशि कन्या में केंद्र भाव में स्थित होता है, तब भद्र योग बनता है. इस समय बुध कन्या राशि में गोचर कर रहा है. कन्या राशि बुध की अपनी राशि होने के साथ-साथ मूलत्रिकोण राशि भी मानी जाती है. इसलिए बुध की इस स्थिति को मजबूत माना जाता है. ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, लेखन, गणना, व्यापार, शिक्षा और संचार का कारक माना गया है. ऐसे में भद्र योग बनने से इन क्षेत्रों से जुड़े कामों में शुभ परिणाम मिलने की मान्यता है. कैसे बन रहा है मालव्य योग? दूसरी ओर शुक्र अपनी स्वराशि तुला में गोचर कर रहा है. ज्योतिष में जब शुक्र अपनी राशि या उच्च राशि में केंद्र भाव में स्थित होता है तो मालव्य पंचमहापुरुष राजयोग बनने की स्थिति मानी जाती है. शुक्र को धन, वैभव, प्रेम, सौंदर्य, कला, भौतिक सुख-सुविधा, वाहन और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है. इसलिए मालव्य योग को आर्थिक और भौतिक सुखों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है. 200 साल बाद क्यों खास है यह संयोग? गणेश चतुर्थी के आसपास बुध का कन्या राशि में और शुक्र का तुला राशि में होना ज्योतिषीय रूप से खास संयोग माना जा रहा है. इसी वजह से इस बार गणपति उत्सव के दौरान भद्र और मालव्य योग की चर्चा हो रही है. इन दोनों योगों को पंचमहापुरुष राजयोगों में शामिल किया जाता है. हालांकि किसी व्यक्ति की कुंडली में इनका प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, लग्न और दशा पर निर्भर करता है. इन 5 राशियों को मिल सकता है फायदा मिथुन राशि मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में अच्छा माना जा सकता है. नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है . व्यापार करने वालों को नई डील या नए संपर्कों से लाभ मिलने के योग बन सकते हैं. रुके हुए काम भी धीरे-धीरे आगे बढ़ सकते हैं. वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है. आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं. कारोबार में लाभ मिलने की संभावना है. कन्या राशि कन्या राशि के जातकों के लिए भद्र योग विशेष महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बुध इसी राशि में स्थित है. इस दौरान बुद्धि, निर्णय क्षमता और कम्युनिकेशन स्किल मजबूत हो सकती है. नौकरी, बिजनेस, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं. तुला राशि तुला राशि वालों के लिए मालव्य योग विशेष लाभकारी माना जा रहा है. शुक्र अपनी राशि तुला में होने के कारण धन, करियर और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. मकर राशि मकर राशि के जातकों के लिए भी यह समय करियर के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है. कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है. नई जिम्मेदारी या पद में बदलाव के अवसर मिल सकते हैं. कब तक मिलेगा इन योगों का फायदा? ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुध 26 सितंबर 2026 तक कन्या राशि में रहेगा. इसके बाद वह तुला राशि में प्रवेश करेगा. इसलिए भद्र योग का यह चरण सितंबर के अंत तक माना जा रहा है. वहीं शुक्र तुला राशि में 6 नवंबर 2026 तक रहने वाला है. इस वजह से मालव्य योग का प्रभाव नवंबर की शुरुआत तक रहने की बात कही जा रही है. यानी 14 सितंबर से 26 सितंबर 2026 के बीच भद्र और मालव्य योग का एक साथ प्रभाव विशेष रूप से चर्चा में रहेगा. इसके बाद मालव्य योग का प्रभाव आगे भी जारी रहने की ज्योतिषीय मान्यता है.

रणबीर कपूर की ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज, भक्तिमय हुआ माहौल

 रणबीर कपूर और साई पल्लवी की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘रामायण’ को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट अब और बढ़ गई है. फिल्म का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज हो गया है और रिलीज होते ही इसने माहौल भक्तिमय कर दिया. गाने में भगवान राम की भव्य गाथा, दिव्य छवियां और दमदार विजुअल्स देखने को मिल रहे हैं, वहीं इसकी भक्ति में डूबी धुन सीधे दिल तक पहुंचती है. खत्म हुआ इंतजार! रणबीर कपूर के राम अवतार की झलक ने पहले ही फैंस का ध्यान खींच रखा था, अब ‘जय जय राम’ ने फिल्म को लेकर बज और भी तगड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर फैंस गाने की धुन और फिल्म के विजुअल ट्रीटमेंट की जमकर चर्चा कर रहे हैं. गणेश चतुर्थी के मौके पर मेकर्स ने फैंस को बड़ा तोहफा दे दिया है. अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज के साथ ए आर रहमान का म्यूजिक और जय जय राम की धुन बेहद ही मनमोहक लगती है. विजुअल की बात करें तो गाने में राम-सिया के स्वयंवर और शादी से लेकर राज्यभिषेक की तैयारी और वनवास जाने तक की झलक दिखती है. गाने को राम-सीता की प्रेम कहानी और लोगों की आस्था से जोड़कर देखा जाए तो गलत नहीं होगा. गाने में राम सिया राम जय जय राम का पुराना फील भी आता है. जो रोंगटे खड़े कर देने वाला है. गाना सुनकर फैंस बेहद खुश हो गए हैं. हर कोई कमेंट्स बॉक्स में बस तारीफों के पुल ही बांध रहा है. यूजर्स का कहना है कि- जितना प्यारा गाना सुनने में लग रहा है उतना ही देखने में आंखों को शीतलता मिल रही है. पूरी टीम को शुभकामनाएं. राम-सीता के पवित्र रिश्ते को सेलिब्रेट करती इन तस्वीरों ने सही मायने में फैंस का दिल जीत लिया है. फैंस का कहना है कि अगर गाना ऐसा है तो सच में इंतजार करना तो बनता था, और लाजिमी है. गाने में लक्ष्मण और भरत का किरदार निभा रहे रवि दुबे और आदिनाथ कोठारे की भी झलक दिखी है. ग्रैंड सेट, भक्तिभाव से भरपुर राम का ये संसार बेहद चौंका देने वाला है. मालूम हो कि 'रामायण' का पहला पार्ट इस दिवाली यानी 6 नवंबर को रिलीज होने वाला है. पहले पार्ट में वनवास जाने तक की कहानी दिखाए जाने की चर्चा है. हनुमान की एंट्री दूसरे पार्ट में होगी.

हरतालिका तीज आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत विधि और सुहाग की चीजों का महत्व

हरतालिका तीज को सुहाग और दांपत्य सुख से जुड़े प्रमुख व्रतों में गिना जाता है. मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. उसी तप और संकल्प की स्मृति में हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है. विवाहित महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित कन्याएं मनचाहा वर पाने की इच्छा से यह व्रत करती हैं. आज ही मनाई जा रही है हरतालिका तीज इस साल हरतालिका तीज 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाई जा रही है. यह व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है. इस बार तृतीया तिथि 13 सितंबर सुबह शुरू होकर 14 सितंबर सुबह समाप्त हो रही है, इसलिए उदया तिथि के आधार पर 14 सितंबर को व्रत रखा जा रहा है. पूजा का शुभ मुहूर्त नई दिल्ली के पंचांग के अनुसार हरतालिका तीज पर प्रातःकालीन पूजा का मुहूर्त सुबह 6:05 बजे से 7:06 बजे तक रहेगा. क्षेत्र और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय में अंतर हो सकता है. इस दिन शाम के प्रदोष काल में भी शिव-पार्वती की पूजा करने की परंपरा कई स्थानों पर है. इसलिए अपने शहर के पंचांग के अनुसार स्थानीय समय जरूर देख लें. त्रेता युग से कैसे जुड़ी है तीज? पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी. उनके पिता हिमालय भगवान विष्णु से उनका विवाह करना चाहते थे, लेकिन पार्वती की इच्छा भगवान शिव को पति के रूप में पाने की थी. कहा जाता है कि माता पार्वती की सखी उन्हें वन में ले गईं, जहां उन्होंने शिव की आराधना करते हुए कठोर व्रत किया. उन्होंने मिट्टी से शिवलिंग बनाकर पूजा की और भगवान शिव को पति रूप में पाने का संकल्प लिया. उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया.  इसी कथा को हरतालिका तीज के व्रत से जोड़ा जाता है. पूजा में शिव-पार्वती के साथ गणेश जी की करें आराधना हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा मुख्य रूप से की जाती है. इसके साथ गणेश जी की पूजा करने की भी परंपरा है. पूजा के लिए मिट्टी या बालू से शिव-पार्वती की प्रतिमा या शिवलिंग बनाकर स्थापित किया जा सकता है. इसके बाद जल, पंचामृत, अक्षत, रोली, चंदन, फूल, बेलपत्र, धूप और दीप अर्पित करें. माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित कर तीज व्रत की कथा सुनें. इसके बाद शिव-पार्वती की आरती करें, परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करें. हरतालिका तीज पर क्या दान करें? इस दिन दान-पुण्य को भी शुभ माना जाता है. अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न, फल, मिठाई और सुहाग सामग्री का दान किया जा सकता है. विवाहित महिलाएं किसी जरूरतमंद महिला को साड़ी, चूड़ी, सिंदूर, बिंदी, मेहंदी या अन्य श्रृंगार सामग्री दे सकती हैं. वहीं अन्न या फल का दान भी किया जा सकता है. दान करते समय दिखावे के बजाय श्रद्धा और सामर्थ्य को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है. सुहाग की इन चीजों का भी है महत्व हरतालिका तीज पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं.  इसमें सिंदूर, बिंदी, चूड़ी, मेहंदी, मंगलसूत्र, पायल आदि को सुहाग के प्रतीक के रूप में देखा जाता है. पूजा के दौरान माता पार्वती को भी सुहाग की सामग्री अर्पित करने की परंपरा है. मान्यता है कि इससे अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना की जाती है. निर्जला व्रत में रखें अपनी सेहत का ध्यान हरतालिका तीज पर कई महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं यानी पूरे दिन अन्न और जल का सेवन नहीं करतीं. हालांकि यह कठिन व्रत है और हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है. अगर किसी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी है, गर्भावस्था है, दवा चल रही है या डॉक्टर ने लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से मना किया है, तो निर्जला व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.  धार्मिक आस्था के साथ स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है. रात में जागरण और अगले दिन पारण कई परंपराओं में हरतालिका तीज की रात जागरण कर शिव-पार्वती की पूजा, भजन और व्रत कथा का पाठ किया जाता है. अगले दिन स्नान और पूजा के बाद व्रत का पारण किया जाता है. अलग-अलग क्षेत्रों में पारण और पूजा की विधि में थोड़ा अंतर हो सकता है. हरतालिका तीज का संदेश हरतालिका तीज की कथा में संकल्प, तपस्या और आस्था को विशेष महत्व दिया गया है. इसलिए इस पर्व का उद्देश्य केवल व्रत रखना नहीं, बल्कि शिव-पार्वती के प्रति श्रद्धा और उनके दांपत्य जीवन से जुड़े आदर्शों को याद करना भी माना जाता है.

पठानकोट की बेटी अंशिका ने बढ़ाया देश का मान, जॉर्डन में एशियाई कराटे चैंपियनशिप में जीता सिल्वर

 पठानकोट  पंजाब के पठानकोट जिले के गाँव बड़ा भनवाल की होनहार बेटी अंशिका भारद्वाज ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। जॉर्डन की राजधानी अम्मान में 8 से 11 सितंबर तक आयोजित 24वीं एशियाई कराटे चैंपियनशिप में अंशिका ने अंडर-21 महिला 68 किलोग्राम भार वर्ग में देश के लिए रजत पदक (सिल्वर मेडल) हासिल किया। टूर्नामेंट के दौरान अंशिका ने असाधारण तकनीकी दक्षता और मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया। उन्होंने ईरान, जॉर्डन और सऊदी अरब जैसी मजबूत टीमों की प्रतिद्वंद्वियों को मात देकर फाइनल में जगह बनाई। कड़े खिताबी मुकाबले में सऊदी अरब की खिलाड़ी से हार का सामना करने के बाद उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। अंशिका के पिता भारतीय सेना में सेवारत हैं, जबकि उनकी माता एक शिक्षिका हैं। बचपन से ही घर में फौजी अनुशासन को देखकर बड़ी हुईं अंशिका ने 12वीं की पढ़ाई के साथ ही कराटे को अपना ध्येय बना लिया था। उसने 10वीं बीएस एम एस डी राजपूत पब्लिक स्कूल सुजानपुर 12वीं महाराणा प्रताप सीनियर सेकेंडरी स्कूल भनवाल से की है 22 सितंबर 2025 को वे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में भर्ती हुईं और वर्तमान में 6वीं बटालियन, गोवा में तैनात हैं। अंतरराष्ट्रीय सफलता से पहले अंशिका ने नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित 5वीं केआईओ (KIO) सीनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप के -61 किग्रा वर्ग में देश भर के शीर्ष एथलीटों के बीच कांस्य पदक जीता था। अंशिका की इस शानदार सफलता पर सीआईएसएफ बल, खेल प्रेमियों और पठानकोट में खुशी की लहर है। अंशिका ने साबित कर दिखाया है कि कड़े अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।  

सहारा निवेशकों के लिए बड़ी खबर! Refund Portal बहाल, करीब 20 लाख पेंडिंग क्लेम की होगी जांच; जानें आवेदन का तरीका

नई दिल्‍ली  सहारा समूह मे अपनी कमाई फंसा चुके लाखों निवेशकों के लिए राहत की खबर है. केंद्र सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल को एक बार फिर एक्टिव कर दिया है. पोर्टल के दोबारा चालू होने से करीब 20 लाख लंबित दावों की जांच शुरू हो गई है. साथ ही अब अन्‍य लोग भी अपना पैसा वापस पाने के लिए ऑनलाइन क्‍लेम कर सकते हैं. यदि आपका भी पैसा सहारा में अटका हुआ है जान लें कि घर बैठे क्लेम कैसे करें और किन-किन दस्‍तावेजों की जरूरत होगी।  सहकारिता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शुरू किए गए इस पोर्टल के जरिए अब तक करीब 42 लाख जमाकर्ताओं को 9,267 करोड़ रुपये की राशि लौटाई जा चुकी है. यह पोर्टल मुख्य रूप से सहारा समूह की चार प्रमुख सोसायटियों, सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी के पात्र निवेशकों को रिफंड दिलाने के लिए बनाया गया है।  सहारा रिफंड पोर्टल पर कैसे दर्ज करें क्‍लेम? सहारा रिफंड पोर्टल पर आवेदन करने की प्रक्रिया बेहद आसान-     सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल (https://mocrefund.crcs.gov.in/depositor/#/home) पर जाएं और लॉगिन करें.     रजिस्ट्रेशन के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें और ओटीपी के जरिए सत्यापन पूरा करें.     इसके बाद स्क्रीन पर दिख रहे ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में अपनी सदस्यता संख्या, जमा खाता संख्या और सोसायटी का नाम भरें.     यदि आपने चारों सोसायटियों में पैसा लगाया है, तो सभी दावों को अलग-अलग नहीं बल्कि एक ही आवेदन फॉर्म में जोड़ें.     अंत में जमा राशि के प्रमाण संबंधी कागजात अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें. सबमिट होते ही एक रसीद संख्या मिल जाएगी. आवेदन की 30 दिन में होगी स्‍क्रूटनी ऑनलाइन क्लेम दर्ज होने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी. सहारा ग्रुप ऑफ कोऑपरेटिव सोसाइटीज 30 दिनों के भीतर निवेशक के दावों और दस्तावेजों की स्क्रूटनी करेगी. इसके बाद अगले 15 दिनों में सरकारी तंत्र द्वारा अंतिम मंजूरी दी जाएगी. इस तरह आवेदन की तारीख से कुल 45 दिनों के अंदर आपके दावे के बारे में आपको बता दिया जाएगा. दावा सही पाए जाने पर स्वीकृत रकम सीधे निवेशक के आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी।  ये कागज रखें तैयार रिफंड फॉर्म भरते समय किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए जरूरी दस्तावेजों को पहले से स्कैन करके रख लें. क्‍लेम के लिए निवेशक का आधार कार्ड, आधार से लिंक एक्टिव मोबाइल नंबर और आधार से जुड़ा बैंक खाते की जानकारी देनी होगी. सहारा सोसाइटी में पैसा जमा करते समय मिली मूल रसीद, पासबुक या निवेश प्रमाणपत्र (बॉन्ड) आदि भी मांगे जा सकते हैं।  दस्तावेजों में दर्ज सदस्यता संख्या (Membership Number), अकाउंट नंबर और नाम का सही मिलना चाहिए. यदि मूल जमाकर्ता की मृत्यु हो चुकी है, तो कानूनी उत्तराधिकारी या नॉमिनी को संबंधित कानूनी दस्तावेज और मृत्यु प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा. नाम या बैंक विवरण में कोई गलती होने पर रिफंड अटक सकता है, इसलिए पोर्टल पर जानकारी अपलोड करने से पहले अपने सभी कागजात अच्छी तरह जांच लें।      सहारा रिफंड आवेदनों की दोबारा जांच, लाखों को मिले पैसे।     सीआरसीएस पोर्टल पर आधार-मोबाइल से जमाकर्ता पंजीकरण करें।     फॉर्म भरें, स्कैन कर अपलोड करें, 45 दिन में राशि। किन सोसाइटियों में जमा पैसे वापस मिलेंगे? सहारा की चार कोऑपरेटिव सोसाइटियों के पात्र जमाकर्ताओं को रिफंड दिया जा रहा है. इनमें शामिल है…     स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड     सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड     हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड     सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड क्लेम के समय ठगों से सावधान रिफंड के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक से जुड़ी जानकारी न दें. अगर आपको क्लेम के लिए आवेदन करना है तो इसके लिए केवल आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें, दूसरी फर्जी वेबसाइट से बचकर रहें, वरना आप ठगी के शिकार हो सकते हैं.  सबसे पहले करना होगा रजिस्ट्रेशन     ऑनलाइन क्लेम दर्ज करने के लिए सबसे पहले CRCS रिफंड पोर्टल पर जाएं.     इसके बाद Depositor Registration का विकल्प आएगा, उसपर क्लिक करें.     फिर आधार के आखिर 4 अंक दर्ज करें.     इसके साथ ही आधार से लिंक मोबाइल नंबर भी दर्ज करें.     फिर आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा उससे वेरिफिकेशन पूरा करें.     इसके बाद आप पोर्टल पर क्लेम का प्रोसेस आगे पूरा कर सकते हैं. ऑनलाइन क्लेम कैसे दर्ज करें?     रजिस्ट्रेशन करने के बाद सबसे पहले Depositor CRCS Refund Portal पर लॉगिन करें.     इसके बाद अपनी सहारा सोसाइटी का नाम चुनें.     फिर अकाउंट नंबर, सदस्यता नंबर, रसीद नंबर और जमा राशि की जानकारी भरें.     इसके बाद आप जमा रसीद या फिर पासबुक की स्कैन कॉपी अपलोड करें.     जब आप सारी जानकारी दर्ज कर देंगे तो पोर्टल पर Cliam Request Form तैयार होगा.     इसको डाउनलोड करके प्रिंट करें.     अपनी पासपोर्ट साइज फोटो लगाएं और साइन करें.     50 हजार से ज्यादा क्लेम करने के लिए पैन नंबर दर्ज करें.     इसके बाद आप साइड किए गए Claim Request Form को स्कैन करें और पोर्टल पर अपलोड कर दें.     इसके बाद आवेदन सबमिट कर दें और Claim Request नंबर को अपने पास नोट करके सुरक्षित रखें.      अगर आपके आवेदन में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती है तो पैसे 45 दिन में आ जाता है, जिसकी जानकारी आपको SMS के जरिए मिल जाती है. इन चीजों को रखें तैयार सहारा की सोसाइटियों में रिफंड क्लेम करने के लिए पहले कुछ चीजों को तैयार रखें इनमें शामिल है…     सदस्यता नंबर     अकाउंट नंबर     पासबुक या रसीद     जमा प्रमाणपत्र     आधार से लिंक मोबाइल नंबर (OTP के लिए)     आधार से लिंक और DBT एक्टिव बैंक अकाउंट     50 हजार या उससे ज्यादा के क्लेप के लिए PAN कार्ड    

जालंधर में 27 अक्टूबर से एशियन चैंपियंस ट्रॉफी, भारत-Pak समेत 6 टीमें लेंगी हिस्सा; एंट्री फ्री

जालंधर एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 की शुरुआत 27 अक्टूबर से जालंधर से होगी। फाइनल मुकाबला 5 नवंबर को मोहाली में खेला जाएगा। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, जापान, मलेशिया, चीन और कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। ओमान और बांग्लादेश को रिजर्व टीमों के तौर पर रखा।  इस दौरान टूर्नामेंट का लोगो भी जारी किया गया। हॉकी इंडिया के खिलाड़ी भी मौजूद रहे। सरकार ने 25 करोड़ 40 लाख रुपए का बजट रखा है। पूरे टूर्नामेंट में दर्शकों की एंट्री फ्री रहेगी। सरकार की तरफ से सभी उचित इंतजाम किए जाएंगे। मोहाली में होंगे निर्णायक मुकाबले लीग चरण के बाद टूर्नामेंट के मुकाबले मोहाली में खेले जाएंगे। 4 नवंबर को सेमीफाइनल मुकाबले होंगे। इसके साथ ही तीसरे और चौथे स्थान के लिए भी मुकाबला खेला जाएगा। 5 नवंबर को शाम 7 बजे फाइनल मुकाबला होगा। इसी के साथ एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब 2026 के विजेता का फैसला होगा। खिलाड़ियों को इंडस्ट्री व मैदान घुमाएंगे टूर्नामेंट में आने वाले खिलाड़ियों को पंजाब की स्पोर्ट्स इंडस्ट्री से भी रूबरू करवाया जाएगा। उन्हें हॉकी के मैदानों से लेकर स्पोर्ट्स इंडस्ट्री तक ले जाया जाएगा। साथ ही, उन्हें पंजाब के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखाया जाएगा। खिलाड़ियों को सरसों का साग और मक्की की रोटी खिलाने के साथ अमृतसर, बाघा बॉर्डर और जलियांवाला बाग भी ले जाने की योजना है। कोशिश रहेगी कि खिलाड़ियों को पंजाब की संस्कृति और विरासत का पूरा अनुभव कराया जाए। पुराने हॉकी खिलाड़ी भी सम्मानित होंगे इस टूर्नामेंट में बच्चों पर भी विशेष ध्यान रहेगा। हर मैच के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पुराने और दिग्गज हॉकी खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। पंजाब सरकार अब जूनियर और सीनियर हॉकी लीग आयोजित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके अलावा, हॉकी इंडिया लीग में महिला और पुरुष दोनों वर्गों की पंजाब की टीमें शामिल होंगी।

‘गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए निशाना बनाते हैं’, ओम प्रकाश राजभर ने साधा विपक्ष पर निशाना

गरीब राजभर समाज में पैदा हुआ, इसलिए मेरी पैदाइश पर टिप्पणी: ओम प्रकाश राजभर   ओम प्रकाश सिंह पर पलटवार, बोले, मैं भी अनर्गल टिप्पणी कर सकता हूं लेकिन माता-पिता का अपमान करना हमारे संस्कार नहीं   सपा पर भी साधा निशाना, कहा, विधानसभा टिकट के लिए अपमान का घूंट पीकर पड़े हैं   लखनऊ  कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपनी पैदाइश को लेकर की गई टिप्पणी पर सपा नेता ओम प्रकाश सिंह पर तीखा पलटवार किया है। सोशल मीडिया पर उन्हें ‘मित्र ओम प्रकाश सिंह जी’ संबोधित करते हुए राजभर ने कहा कि पिछले दो दिनों से उनका बयान सामने आ रहा है। बयान सुनकर उन्हें हैरानी नहीं हुई, बल्कि ओम प्रकाश सिंह पर तरस आया। उन्होंने कहा कि उनकी पैदाइश पर टिप्पणी इसलिए की गई, क्योंकि वह किसी जमींदार या ऊंची जाति में नहीं, बल्कि बेहद गरीब और असहाय राजभर समाज में पैदा हुए हैं।   राजभर ने कहा कि उन्हें राजभर होने का कभी दुख नहीं रहा। बल्कि इस बात की खुशी है कि जिस समाज में पैदा हुए, उसके लिए कुछ करने की नीयत और हौसला उनके अंदर है। उन्होंने कहा कि चाहें तो वह भी ओम प्रकाश सिंह पर अनर्गल टिप्पणी कर सकते हैं, लेकिन छोटी जाति में पैदा होने के बावजूद राजभर समाज ने किसी व्यक्ति के माता-पिता पर गलत बयानबाजी करना नहीं सिखाया। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह के माता-पिता को प्रणाम करते हुए कहा कि कौन कब, कहां, किस कुल और किस जाति में पैदा होगा, यह कोई व्यक्ति तय नहीं करता। इसे परमात्मा तय करते हैं।   इसके बाद राजभर ने सपा और ओम प्रकाश सिंह पर सियासी हमला तेज करते हुए कहा कि शायद वे लोग ईश्वर को नहीं मानते। अगर मानते होते तो भगवान राम, रघुकुल, सूर्यवंश और सनातन का अपमान करने वाली समाजवादी पार्टी में एक विधानसभा टिकट के लिए अपमान का घूंट पीकर नहीं पड़े रहते।   राजभर ने कहा कि वह कर्म करने में विश्वास रखते हैं और कर्म के फल की चिंता नहीं करते। उन्होंने राजभर समाज के साथ पिछड़ों, दलितों और शोषितों की आवाज बुलंद करने का प्रण लिया है और उसी को पूरा करने में लगे हैं। उन्होंने ओम प्रकाश सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सपा का टिकट चाहिए तो बेशक लें। जनता सब देख रही है। वह उन्हें भी देख रही है और उनकी पार्टी को भी। समय आने पर नतीजा भी जनता ही देगी।   कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि ओम प्रकाश सिंह अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगेंगे और वह उनसे माफी की अपेक्षा भी नहीं रखते। लेकिन एक बार अपने माता-पिता को याद करके जरूर सोचें कि उनके जैसे छोटी जाति में पैदा हुए व्यक्ति की पैदाइश को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना उचित है या नहीं।   राजभर ने आखिर में लिखा कि बाकी ईश्वर उनका भला करे। इसके साथ उन्होंने ‘जय श्रीराम’ लिखकर अपनी पोस्ट समाप्त की।

नेशनल लोक अदालत में श्रीराम जनरल इंश्योरेंस ने निपटाए 400 प्रकरण

नेशनल लोक अदालत में श्रीराम जनरल इंश्योरेंस ने निपटाए 400 प्रकरण मुरैना  नेशनल लोक अदालत में श्रीराम जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने दुर्घटना में घायल व्यक्तियों और मृतकों के परिजनों द्वारा प्रस्तुत क्षतिपूर्ति दावों के निराकरण में सराहनीय सहयोग किया। 12 सितंबर 2026 को आयोजित लोक अदालत में कंपनी के लीगल हेड अश्वनी धनावत, डीजीएम लीगल घनश्याम भारद्वाज एवं मुरैना के विधि अधिकारी महेश गहलोत की मौजूदगी में प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया पूरी की गई। कंपनी के सहयोग से मध्यप्रदेश में करीब 400 प्रकरणों, जबकि मुरैना जिले में करीब 20 प्रकरणों का राजीनामा के माध्यम से निराकरण कराया गया। इसके चलते दुर्घटना पीड़ितों और मृतकों के परिजनों को क्षतिपूर्ति राशि प्राप्त होने का रास्ता आसान हुआ। लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों के त्वरित निराकरण से पीड़ित परिवारों को राहत मिली। कंपनी की ओर से कहा गया कि दुर्घटना में घायल या मृत व्यक्ति के परिवार को हुई क्षति की पूरी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन क्षतिपूर्ति राशि के माध्यम से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देने का प्रयास किया गया है।

गणपति स्थापना का सुबह का मुहूर्त छूटा? दोपहर बाद इन 3 शुभ समय में घर लाएं बप्पा

गणेश चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा को घर लाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सुबह के मुख्य मुहूर्त में स्थापना नहीं कर पाए तो परेशान होने की जरूरत नहीं है.14 सितंबर 2026 को गणपति स्थापना के लिए मध्याह्न काल के अलावा तीन शुभ चौघड़िया मुहूर्त भी बन रहे हैं. ऐसे में दोपहर 1 बजे के बाद भी शुभ समय में गणपति की स्थापना की जा सकती है. 11 बजे के बाद कब-कब कर सकते हैं गणपति स्थापना? 14 सितंबर को सुबह के मुख्य गणेश स्थापना मुहूर्त के बाद चर, लाभ और अमृत चौघड़िया में भी बप्पा की स्थापना का शुभ समय रहेगा. चर मुहूर्त दोपहर 1:49 बजे से 3:22 बजे तक अगर सुबह के समय गणपति घर नहीं ला पाए हैं तो दोपहर में इस मुहूर्त के दौरान बप्पा को घर लाकर स्थापना कर सकते हैं. लाभ मुहूर्त दोपहर 3:22 बजे से शाम 4:55 बजे तक इसके बाद लाभ चौघड़िया शुरू होगा.  इस दौरान भी गणपति स्थापना की जा सकती है. पूजा के लिए पहले से चौकी और बाकी सामग्री तैयार रखना अच्छा रहेगा. अमृत मुहूर्त शाम 4:55 बजे से 6:28 बजे तक तीसरा शुभ समय अमृत चौघड़िया है.  यह समय शाम तक चलता है, इसलिए अगर दिन में किसी वजह से समय नहीं मिल पाया तो इस अवधि में भी गणपति की स्थापना की जा सकती है. सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाए तो क्या करें? गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना के लिए मध्याह्न काल को विशेष महत्व दिया जाता है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश का प्राकट्य भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी के मध्याह्न काल में हुआ था. इसलिए इस दौरान पूजा और स्थापना को विशेष शुभ माना जाता है. लेकिन अगर किसी वजह से इस समय स्थापना नहीं हो पाती है तो चर, लाभ और अमृत चौघड़िया के इन तीन विकल्पों में से सुविधानुसार समय चुना जा सकता है. गणपति की स्थापना से पहले क्या करें? जिस जगह गणपति को स्थापित करना है, उसे पहले अच्छी तरह साफ कर लें.  चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं, पूजा की सभी सामग्री पहले से तैयार रखें.  गणपति की प्रतिमा स्थापित करने के बाद दीप जलाएं और भगवान गणेश को रोली, अक्षत, फूल और दूर्वा अर्पित करें. इसके बाद गणपति को मोदक या मिठाई का भोग लगाकर आरती करें.  परिवार की सुख-समृद्धि और विघ्नों के नाश की कामना के साथ पूजा पूरी करें.