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ग्वालियर AI सम्मेलन 2.0 का समापन, 40 टीमों ने हैकाथॉन में दिखाए AI आधारित नवाचार

ग्वालियर ग्वालियर एआई सम्मेलन 2.0 का सफल समापन; विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के औद्योगिक अनुप्रयोगों, डिजिटल उद्यमिता एवं भविष्य की तकनीकों पर किया मंथन अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर में आयोजित दो दिवसीय ग्वालियर एआई सम्मेलन 2.0 का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। 29 एवं 30 अक्टूबर को आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नवीनतम विकास, उसके विभिन्न अनुप्रयोगों तथा भविष्य की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। सम्मेलन के दूसरे दिन विभिन्न विशेषज्ञों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के व्यावहारिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों पर अपने विचार साझा किए। एप्पल, अमेरिका के श्री श्रनिथ लिंगा ने ऑनलाइन माध्यम से “फ्रॉम कैंपस टू प्रोडक्शन: लेसन्स फ्रॉम बिल्डिंग एआई सिस्टम्स इन इंडस्ट्री” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के मॉडल लागू करने के लिए केवल बेहतर मॉडल बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि आँकड़ों की गुणवत्ता, प्रणाली संरचना, विश्वसनीयता, निगरानी, सुरक्षा और लागत जैसे पहलुओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि मॉडल पूरी प्रणाली का केवल एक हिस्सा होता है तथा वास्तविक समस्याओं को समझना और गुणवत्तापूर्ण आँकड़े तैयार करना औद्योगिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणालियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सेवानिवृत्त वन महानिदेशक डॉ. दिलीप कुमार ने “एआई इन फॉरेस्ट एंड वाइल्डलाइफ मैनेजमेंट इन इंडिया” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारत में वन एवं वन्यजीव प्रबंधन के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता, तकनीकी नवाचारों तथा पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता के संरक्षण में इसकी संभावनाओं पर प्रकाश डाला। भारत-टैप  के निदेशक श्री प्रखर शिवहरे ने “एआई इन ऑनलाइन बिजनेस: फ्रॉम ऑटोमेशन टू रियल ग्रोथ” विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने ऑनलाइन व्यवसाय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, बहुभाषी बिक्री प्रणाली, चौबीसों घंटे उपलब्ध कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वॉइस एजेंट, क्यूआर कोड के माध्यम से ग्राहक समीक्षाओं तथा व्हाट्सऐप के माध्यम से उत्पाद संबंधी जानकारी और बिक्री जैसे व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता ऑनलाइन व्यवसायों में स्वचालन के साथ-साथ वास्तविक व्यावसायिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। फिलिप्स इंडिया में बुद्धिमान प्रणालियों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वास्तुशिल्प प्रमुख श्री वैभव शर्मा ने उद्योगों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग, बुद्धिमान प्रणालियों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीकी समाधानों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती भूमिका और विभिन्न तकनीकी प्रणालियों में इसके उपयोग की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। टॉपर्स ग्रेड, ग्वालियर की कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित शिक्षण-विधि विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, हमीरपुर की पूर्व संकाय सदस्य डॉ. मनीषा शर्मा ने “इंडियन विजडम / एआई / होलिस्टिक ग्रोथ” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने भारतीय पारंपरिक ज्ञान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय से विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता-सहायित शिक्षण की अवधारणा प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यार्थियों की व्यक्तिगत सीखने की आवश्यकताओं एवं कमियों की पहचान, उनके अनुरूप शिक्षण सामग्री और अभ्यास उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों की सक्रिय भूमिका को बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उद्देश्य केवल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, एकाग्रता, आत्म-जागरूकता और स्वतंत्र रूप से सीखने की क्षमता विकसित करना भी होना चाहिए। आइआइटीटीएम निदेशक प्रो. प्रशांत गौतम तथा अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान के डॉ. राहुल कला ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. राहुल कला ने “रोबोट मोशन प्लानिंग, रीइन्फोर्समेंट एंड इमिटेशन लर्निंग फॉर रोबोटिक्स, ऑटोनॉमस व्हीकल्स” विषय पर व्याख्यान देते हुए रोबोटिक्स एवं स्वायत्त वाहनों में रोबोट गति नियोजन, पुनर्बलन अधिगम और अनुकरण अधिगम की भूमिका पर चर्चा की। सम्मेलन के दूसरे दिन मौखिक शोधपत्र प्रस्तुतियों एवं उत्पाद प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें अनेक प्रतिभागियों ने अपने शोधपत्र एवं पोस्टर प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने अपने शोध कार्यों, नवीन विचारों एवं तकनीकी उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस दौरान संवादात्मक प्रदर्शनी भ्रमण के माध्यम से प्रतिभागियों को एक-दूसरे के कार्यों को समझने और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिला। सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित हैकाथॉन के अंतिम चरण एवं परियोजना प्रदर्शन में कुल 40 टीमों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने नवाचारपूर्ण परियोजना कार्यों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित समाधानों का प्रदर्शन किया तथा निर्णायक मंडल के समक्ष अपने विचार और परियोजनाएँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के अंत में समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. एस. एन. सिंह, विभागाध्यक्ष प्रो. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. दिलीप कुमार एवं प्रो. प्रशांत गौतम की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर सम्मेलन के सफल आयोजन की सराहना की गई तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार एवं उद्योग-अकादमिक सहयोग के महत्व पर विचार व्यक्त किए गए। समारोह में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ परियोजना पुरस्कार तथा सर्वश्रेष्ठ हैकाथॉन टीम पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन एवं चाय के साथ हुआ। ग्वालियर एआई सम्मेलन 2.0 ने शिक्षा, अनुसंधान एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ जिम्मेदार, विश्वसनीय एवं प्रभावी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और उपयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा का अवसर प्रदान किया। इस सम्मेलन ने शैक्षणिक ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक एवं सामाजिक चुनौतियों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया। इस आयोजन के संरक्षक प्रो. एस. एन. सिंह, निदेशक, अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान, ग्वालियर तथा सम्मेलन अध्यक्ष प्रो. अनुराग श्रीवास्तव रहे। आयोजन अध्यक्षों में डॉ. जीवराज एस., डॉ. यशवंत सिंह पटेल एवं डॉ. रोहित कुमार शामिल रहे। आयोजन समिति के सदस्यों में प्रो. जॉयदीप धर, प्रो. पंकज श्रीवास्तव, डॉ. अनुराज सिंह, डॉ. नीरज के. जायसवाल, डॉ. कपिल कांत, डॉ. प्रज्ञा शुक्ला, डॉ. पूर्णेंदु मिश्रा, डॉ. अनुवेदिता सिंह एवं डॉ. प्रबीर बर्मन शामिल रहे। आयोजकों ने सम्मेलन की सफलता के लिए संस्थान के निदेशक, विभागाध्यक्ष, आयोजन समिति के सभी सदस्यों, संकाय सदस्यों, सहयोगी संस्थाओं एवं छात्र स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उक्त जानकारी संस्थान की मीडिया प्रभारी दीपा सिंह सिसोदिया के द्वारा प्रदान की गयी।

CG में अर्नब का प्रभाव होगा कम, मौसम विभाग ने कई जिलों में जारी किया बारिश का अलर्ट

रायपुर. बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में पिछले दो दिन मौसम का मिजाज बदला रहा. अर्नब का बचा हुआ हिस्सा अब दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा पर अवदाब के रूप से एक्टुव है. मौसम विभाग ने इस ताकतवर सिस्टम के कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना जताई है. इससे बारिश की गतिविधि में कमी आ सकती है. प्रदेश में गुरुवार को अर्नब के असर से अधिकतर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. वहीं एक-दो स्थानों पर जमकर बादल बरसे. सबसे अधिक अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री दुर्ग में और सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री पेंड्रा रोड में दर्ज किया गया. रायपुरवालों सावधान! आज भी बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार आज रायपुर सहित प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. उत्तर छत्तीसगढ़ में एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ वज्रपात हो सकता है. रायपुर में आज आसमान सामान्यतः मेघमय रहेगा. एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. शहर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. इन इलाकों में हुई बारिश वर्षा के मुख्य आंकड़ों के अनुसार, सुकमा, कोंटा, नेरहरपुर और पिथौरा में 7 सेमी बारिश दर्ज की गई. वहीं तोकापाल, दोरनापाल, बड़ेराजपुर, केशकाल, छिंदगढ़, कांकेर, कुकरेल, बलरामपुर, नगरी, बसना, सरोना, कटेकल्याण, बेलरगांव, राजिम, कुसमी, धमतरी, अमलीपदर, प्रेमनगर, देवभोग, मैनपुर, फरसगांव, गादीरास और बागबाहरा में 5 से 6 सेमी वर्षा हुई. इसके अलावा माकड़ी, चारामा, सरायपाली, राजनांदगांव, पलारी, पेंड्रा रोड, मुकडेगा, करपावंड, लोहांडीगुड़ा, गुरुर, नानगुर, पथरिया, रायपुर, धनोरा, बलौदा, अर्जुन्दा, हसौद, छुरा और गरियाबंद में 4 सेमी बारिश दर्ज की गई. कुछ अन्य स्थानों पर इससे कम वर्षा हुई. कमजोर होगा अर्नब मौसम विभाग के अनुसार, अवदाब करीब 18 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है. गुरुवार सुबह 8.30 बजे इसका केंद्र जगदलपुर से लगभग 40 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम में था. अवदाब के आगे भी उत्तर दिशा में बढ़ने और 30 अक्टूबर सुबह तक कमजोर होकर उत्तरी छत्तीसगढ़ व उससे लगे उत्तर-पश्चिम ओडिशा के ऊपर स्पष्ट कम दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है.

धमनी-कोटनी पलौद से नवागांव तक 15.50 किलोमीटर सड़क का होगा नवीनीकरण एवं मजबूतीकरण

मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की पहल पर आरंग को 11.69 करोड़ रुपये की सड़क विकास की सौगात धमनी-कोटनी पलौद से नवागांव तक 15.50 किलोमीटर सड़क का होगा नवीनीकरण एवं मजबूतीकरण मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री  अरुण साव के प्रति जताया आभार रायपुर, आरंग विधानसभा क्षेत्र में सड़क सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। कैबिनेट मंत्री एवं आरंग विधायक श्री गुरु खुशवंत साहेब के प्रयासों से धमनी-कोटनी पलौद से नवागांव तक 15.50 किलोमीटर सड़क के नवीनीकरण एवं मजबूतीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा 11 करोड़ 69 लाख 9 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल है। सड़क के नवीनीकरण एवं डामरीकरण से धमनी, कोटनी पलौद, नवागांव सहित आसपास के गांवों के ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों एवं व्यापारियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।           इस स्वीकृति पर मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आरंग विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें ग्रामीण विकास और आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। निर्माण कार्य में गुणवत्ता एवं निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग की तैयारी रुकी, विपक्ष ने लिया फैसला वापस

नई दिल्ली मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'इंडिया' गठबंधन का 'जन महाभियोग' कार्यक्रम 31 अक्टूबर तक टाल दिया गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इसके पीछे बारिश को वजह बताया है। आज यही यानी शुक्रवार, 30 अक्टूबर को विपक्ष ने सीईसी के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ चलाने का ऐलान किया था। विपक्ष की तरफ से बताया गया था कि इस सांकेतिक महाभियोग के कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार करेंगी। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जन खरगे इस प्रस्ताव को पेश करने वाले थे। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समापन भाषण देने वाले थे। संभव है कि 31 अगस्त को इस सांकेतिक जन महाभियोग का आयोजन किया जाए। क्योंकि 1 नवंबर को रामलीला मैदान में विपक्ष की बड़ी रैली होने वाली है। कहां होना था यह कार्यक्रम यह पूरा कार्यक्रम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ओपन लॉन में आयोजित किया गया था। बताया गया कि ज्यादा बारिश होने की वजह से आयोजन को एक दिन के लिए टाला जा रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को कहा था कि कई स्थानों पर आयोजन की अनुमति नहीं मिलने के कारण यह कार्यक्रम शुक्रवार अपराह्न साढ़े तीन बजे खरगे के 10, राजाजी मार्ग स्थित आवास पर आयोजित किया जाएगा। 1 नवंबर की रैली टालने की मांग कर रहे है कारोबारी संगठन दिल्ली के कारोबारी संगठन 1 रैली की विपक्ष की रैली टालने की मांग कर रहे हैं। 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा कि इस रैली को दिवाली के बाद तक टाल दिया जाए। हालांकि रामलीला मैदान में टेंट लगने लगे हैं और तैयारियों पूरी जोर से चल रही हैं। कांग्रेस ने दावा किया है कि इस रैली में देशभर से 10 लाख लोग पहुंचेंगे। वहीं दिल्ली पुलिस का अनुमान है कि 50 हजार लोग रामलीला मैदान में पहुंच सकते हैं। विपक्ष की यह रैली एक नवंबर को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक होनी है। कांग्रेस का दावा है कि इसमें करीब 10 लाख लोग शामिल होंगे। यह रैली निर्वाचन आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इनक्लूसिव अलायंस) के अभियान का हिस्सा है।

यूपी के 2.24 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे ₹4,482 करोड़, PM किसान की 24वीं किस्त जारी

उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आई 4482.19 करोड़ रुपये की ‘सम्मान निधि’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से जारी की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में भेजे गए 18,690 करोड़ रुपये  दीपावली से पहले मिले इस उपहार के लिए सीएम योगी ने प्रदेश के अन्नदाता किसानों की तरफ से जताया प्रधानमंत्री का आभार अन्नदाता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, उनकी आय बढ़ाने और खेती की लागत घटाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही डबल इंजन सरकारः मुख्यमंत्री लखनऊ,   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त जारी की। इसमें देश भर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 18,690 करोड़ रुपये भेजे गए। उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसान इससे लाभान्वित हुए, जिनके खाते में 4482.19 करोड़ की ‘सम्मान निधि’ आई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दीपावली से पहले इस उपहार के लिए किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।  दो हजार रुपये आए हर किसान के बैंक खाते में  प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुई। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तों में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की थी। किसानों की खुशहाली में गांवों की समृद्धि और गांवों की समृद्धि में राष्ट्र की प्रगति निहितः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दीपावली से पहले मिले उस उपहार के लिए उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने लिखा कि किसानों की खुशहाली में गांवों की समृद्धि और गांवों की समृद्धि में राष्ट्र की प्रगति निहित है। इसी संकल्प के साथ आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के बनासकांठा से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त के अंतर्गत देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में ₹18,690 करोड़ से अधिक की सम्मान राशि सीधे अंतरित की। इससे उत्तर प्रदेश के 2.24 करोड़ से अधिक किसान साथी लाभान्वित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने लिखा कि अन्नदाता किसान बंधुओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने, उनकी आय बढ़ाने और खेती की लागत कम करने के लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। दीपावली से पूर्व प्राप्त इस उपहार के लिए उत्तर प्रदेश के समस्त किसान बंधुओं की ओर से आपका हार्दिक आभार प्रधानमंत्री जी। बॉक्स  उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला बड़ा लाभ शुक्रवार को 4482.19 करोड़ जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में अब तक 107,943.95 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। वर्ष*धनराशि  2018-19* 2238.92 करोड़  2019-20*11006.87 करोड़  2020-21*14,432.14 करोड़  2021-22*15,775.52 करोड़  2022-23*12,454.32 करोड़  2023-24*13,808.48 करोड़  2024-25*15,594.74 करोड़  2025-26*13727.85 करोड़ 2026-27 (अप्रैल-जुलाई)*4422.92 करोड़  2026-27 (अगस्त-नवंबर)*4482.19 करोड़ कुल प्राप्त राशि – 1,07,943.95 करोड़ रुपये

यूपी में 1 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद, पूर्वी यूपी समेत कई जिलों को राहत

पूर्वी उत्तर प्रदेश, लखनऊ- रायबरेली व उन्नाव में पहली नवंबर से होगी धान खरीद  धान (कॉमन)-2441 और (ग्रेड ए) का 2461 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2027 तक चलेगी खरीद तेजी से पंजीकरण करा रहे किसान, खोले गए 4195 क्रय केंद्र, 65 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य प्रस्तावित    क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को न हो कोई परेशानी, हर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से की जाएं पूरीः मुख्यमंत्री  लखनऊ,   खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवंबर से धान खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। केंद्र सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि भी की है। धान (कॉमन) का एमएसपी 2441 और (ग्रेड ए) का 2461 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर आने वाले किसानों को कोई परेशानी न हो, उनके लिए हर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं।  65 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य, 4195 क्रय केंद्र खोले गए  उत्तर प्रदेश ने पिछली बार भी सर्वाधिक 62 लाख मीट्रिक टन धान क्रय किया था। इस बार इसमें और वृद्धि की गई है। 8 क्रय एजेंसियों से 4500 क्रय केंद्रों के माध्यम से 65 लाख मीट्रिक टन खरीद होगी। इसके सापेक्ष शुक्रवार तक 4195 क्रय केंद्र खोले जा चुके हैं।  उतराई, छनाई व सफाई के लिए किसानों को अलग से दिए जाएंगे 20 रुपये प्रति कुंतल मुख्यमंत्री ने 48 घंटे के भीतर डीबीटी के माध्यम से किसानों को भुगतान के भी निर्देश दिए हैं। बिचौलियों का हस्तक्षेप न रहे, इसलिए सारा सिस्टम ऑनलाइन कर दिया गया है। वहीं उतराई, छनाई व सफाई के लिए किसानों को अलग से 20 रुपये प्रति कुंतल दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिया है कि क्रय केंद्रों पर बिक्री के लिए आने वाले किसानों को किसी भी सूरत में परेशानी नहीं होनी चाहिए। मौसम को देखते हुए उनके लिए छाया, पानी व बैठने समेत हर जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी कर ली जाएं। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में धान खरीद शुरू होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2027 तक चलेगी।   किसान यहां करा सकते हैं पंजीकरण  सरकार की धान क्रय नीति पर विश्वास जताते हुए अब तक 38 हजार से अधिक किसानों ने खरीद के लिए पंजीकरण करा लिया है। जिन किसानों ने धान बिक्री के लिए अभी तक पंजीकरण या नवीनीकरण नहीं कराया है, वे fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA पर पंजीकरण-नवीनीकरण करा सकते हैं। धान  बिक्री के दौरान यदि कोई समस्या होती है तो किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर जानकारी दे सकते हैं। इसका निस्तारण अधिकारियों द्वारा सुनिश्चित कराया जाएगा।

‘भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं, नींद हमारी नहीं बल्कि विपक्ष की उड़ी है’: विजय लक्ष्मी गौतम”

‘विपक्षी नेताओं को रोने की बीमारी, जनादेश स्वीकार करने के बजाय बहानेबाजी कर रहे’: मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम  ‘भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं, नींद हमारी नहीं बल्कि विपक्ष की उड़ी है’: विजय लक्ष्मी गौतम" एमएलसी चुनाव में भाजपा की सीटें कम नहीं हुईं, योगी आदित्यनाथ तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री: राज्यसभा सांसद बृज लाल  लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयानों पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों पर विधान परिषद चुनावों का कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, राज्यसभा सांसद बृज लाल ने कहा कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की सीटें कम नहीं हुई है, समाजवादी पार्टी बेमतलब हो-हल्ला कर रही है।   महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम सबसे अधिक भाजपा ने किया मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने कहा कि भाजपा में महिलाओं को सबसे ज्यादा टिकट देने और आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम भी आ चुका है। संगठन में भी महिलाओं और बहनों को 50 प्रतिशत तक स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि अन्य दल भी इसका अनुसरण करें। अखिलेश यादव द्वारा एमएलसी चुनाव पर दिए गए बयान पर विजय लक्ष्मी ने कहा कि जनता और शिक्षकों का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्षी दल के नेता अपनी हार और जनादेश को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। वह रोने की बीमारी से ग्रसित हैं।  ‘MLC चुनाव नतीजों से BJP  की नींद उड़ने के दावों पर पलटवार’  अखिलेश यादव द्वारा भाजपा की नींद उड़ने वाले बयान पर विजय लक्ष्मी ने पलटवार करते हुए कहा कि नींद उड़ाने का दावा करने वाले खुद सोना बंद कर चुके हैं। भाजपा के जांबाज कार्यकर्ता मैदान में डटे हैं। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार बनाएगी।  ‘योगी आदित्यनाथ तीसरी बार बनेंगे मुख्यमंत्री’ वहीं राज्यसभा सांसद बृज लाल ने कहा है कि एमएलसी चुनाव में भाजपा की कोई सीट कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में बनी रणनीति के आधार पर 2027 के विधानसभा चुनाव में हम जीत हासिल करेंगे। योगी आदित्यनाथ तीसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

Silver Price Crash: 9 महीने में ₹2.35 लाख सस्ती हुई चांदी, एक्सपर्ट ने बताए गिरावट के 5 कारण

इंदौर  दीवाली और धनतेरस से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए खरीदारी का सुनहरा मौका है. आज शुक्रवार, 30 अक्टूबर को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट (Gold-Silver Prices Drop) देखने को मिली है. सुबह-सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना-चांदी दोनों देखते ही देखते क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो गया. MCX पर चांदी जहां एक झटके में 4,000 रुपये से ज्यादा सस्ती हो गई, वहीं सोने की कीमत में भी  बड़ी गिरावट आई है. ऐसे में अगर आप त्योहारों पर सोना या चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले आज के ताजा भाव जरूर चेक कर लें।  MCX पर चांदी ₹4,000 से ज्यादा टूटी, सोना भी हुआ और सस्ता आज MCX पर 4 दिसंबर 2026 एक्सपायरी वाली चांदी की कीमतों में 2.17% की और बड़ी गिरावट दर्ज की गई. चांदी 4,111 रुपये और टूटकर ₹1,85,342 प्रति किलोग्राम पर आ गई है. दूसरी तरफ, सोने के भाव में भी कमजोरी आई है और यह 836 रुपये यानी 0.59% गिरकर ₹1,41,760 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा है।  24 कैरेट और 22 कैरेट सोने का रेट कितना घटा? रिटेल मार्केट में सोना 24 कैरेट और 22 कैरेट में मिलता है. 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल आमतौर पर ज्वेलरी बनाने में होता है. शुक्रवार को 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,42,210 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,30,359 प्रति 10 ग्राम रहा. वहीं, इंडियन बुलियन एसोसिएशन (IBA) के मुताबिक, 999 फाइन चांदी की कीमत ₹1,87,530 प्रति किलोग्राम है।  दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में आज सोने के भाव अगर आप अपने शहर में सोना खरीदने की सोच रहे हैं, तो 30 अक्टूबर के 24 और 22 कैरेट गोल्ड के लेटेस्ट रेट यहां चेक कर लें..     दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,41,710 और 22 कैरेट का भाव ₹1,29,901 प्रति 10 ग्राम है।      मुंबई में 24 कैरेट सोना ₹1,41,960 और 22 कैरेट सोना ₹1,30,130 प्रति 10 ग्राम है।      बेंगलुरु में 24 कैरेट सोना ₹1,42,070 और 22 कैरेट सोना ₹1,30,231 प्रति 10 ग्राम है।      कोलकाता में 24 कैरेट सोना ₹1,41,750 और 22 कैरेट सोना ₹13,693 प्रति 10 ग्राम है।      हैदराबाद में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,42,170 और 22 कैरेट की कीमत ₹1,30,323 प्रति 10 ग्राम है।      में चेन्नई: 24 कैरेट सोना ₹1,42,350 और 22 कैरेट सोना ₹1,30,488 प्रति 10 ग्राम है।  देश के बड़े शहरों में आज चांदी का भाव कितना है? सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी गिरावट आई है. 30 अक्टूबर को अलग-अलग शहरों में चांदी के भाव इस तरह हैं.. मुंबई: ₹1,87,170 प्रति किलोग्राम. नई दिल्ली: ₹1,86,850 प्रति किलोग्राम. बेंगलुरु: ₹1,87,320 प्रति किलोग्राम. कोलकाता: ₹1,86,120 प्रति किलोग्राम. हैदराबाद: ₹1,86,930 प्रति किलोग्राम. चेन्नई: ₹1,87,710 प्रति किलोग्राम. COMEX और MCX पर कितनी सस्ती हो चुकी चांदी? ग्लोबल मार्केट में चांदी की कीमत एक साल के लो लेवल पर पहुंच गई है। कॉमेक्स पर चांदी 50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार (silver rate today comex) कर रही है। जबकि नवंबर 2025 को चांदी की कीमत 49 डॉलर के ऊपर थी। वहीं, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी दिसंबर 2025 के बाद लो लेवल पर पहुंच गई है। आज, 30 अक्टूबर को चांदी 1,85,450 रुपए (silver price today mcx) के लेवल पर पहुंच गई। इसमें 2% यानी 3881 रुपए तक की भारी गिरावट दर्ज हुई। सोने-चांदी ने अब तक कितना रिटर्न दिया? पिछले साल सोने की कीमतों में 1979 के बाद की सबसे मजबूत तेजी देखने को मिली थी. अब तक इसमें 75% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. हालांकि, हाल के महीनों में सेफ हेवन डिमांड और ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमतों में तेजी कुछ धीमी हुई है।  दूसरी तरफ, चांदी की कीमतों में इससे भी ज्यादा उछाल आया है. मजबूत मांग और करेंसी में उतार-चढ़ाव के चलते चांदी का भाव 2023-24 में करीब ₹78,600 प्रति किलोग्राम से बढ़कर अक्टूबर 2026 में ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम के पार पहुंच गया था। 

‘MLC चुनाव में हार को जीत बता रहे अखिलेश’, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह का सपा प्रमुख पर तीखा हमला

'जीते तो जनसमर्थन, हारे तो चुनाव आयोग दोषी', MLC चुनाव के नतीजों को लेकर बीजेपी ने अखिलेश को घेरा ‘MLC चुनाव में हार को जीत बता रहे अखिलेश’, बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह का सपा प्रमुख पर तीखा हमला ‘पहले विधान परिषद में अपनी स्थिति देखें अखिलेश’, बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने अखिलेश पर साधा निशाना एक ही जाति के लोगों को आयोग का अध्यक्ष बनाने वाले अखिलेश आज शिक्षा व्यवस्था पर ज्ञान दे रहे हैं: बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी लखनऊ,  विधान परिषद चुनाव के नतीजों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर बीजेपी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि जब नतीजे पक्ष में आते हैं तो अखिलेश इसे जनसमर्थन बताते हैं, लेकिन जब जनता नकारती है तो वो संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने लगते हैं। प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने शिक्षा व्यवस्था और समान नागरिक संहिता (UCC) के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा। वहीं, डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने सपा सरकार के कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि तब बिना पर्ची के नौकरी नहीं मिलती थी।  ‘सपा शासन में बदहाल थी शिक्षा व्यवस्था’ दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि सपा सरकार के दौरान शिक्षकों की नियुक्तियां समय पर नहीं होती थीं और स्कूलों में भवन तक नहीं थे। कई जगह छात्र खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर थे। उन्होंने अखिलेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि तब बेटियां स्कूल जाने से डरती थीं। दिनेश सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि सपा और शिक्षा एक-दूसरे के धुर विरोधी हैं। अखिलेश को शिक्षा व्यवस्था पर बोलने से पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। ‘सपा हार स्वीकार करे, UCC पर बीजेपी प्रतिबद्ध’ बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि MLC चुनाव में बीजेपी की सीटें और मत प्रतिशत बढ़े हैं। उन्होंने सपा से नतीजे स्वीकार करने और निर्वाचन आयोग पर भरोसा स्पष्ट करने को कहा। UCC पर संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए त्रिपाठी ने कहा कि राहुल गांधी के साथ अखिलेश संविधान की किताब तो लहराते हैं, लेकिन उसे गंभीरता से पढ़ते नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि एनडीए की सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश में UCC लागू किया जाएगा। ‘सपा सरकार में योग्यता की होती थी अनदेखी’ बीजेपी प्रवक्ता डॉ. अंकुश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि सपा शासनकाल में भर्ती प्रक्रिया में योग्यता की अनदेखी होती थी और आयोगों में एक खास जाति के लोगों को प्राथमिकता दी जाती थी। उन्होंने सपा सरकार को ‘पर्ची-खर्ची’ वाली सरकार बताते हुए कहा कि युवाओं को नौकरी पाने के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार हर जिले में विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज बनाने की दिशा में काम कर रही है। त्रिपाठी ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में तीसरी बार एनडीए की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी।

PM किसान योजना की 24वीं किस्त से बिहार के किसानों को बड़ी राहत, खातों में पहुंचे 1,476 करोड़ रुपये

 पटना  बिहार में रबी की खेती की तैयारी में जुटे 73 लाख किसानों के खातों में शुक्रवार को दो-दो हजार रुपये की राशि पहुंच गई। केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 24वीं किस्त के रूप में राज्य के किसानों को 1,476 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। पीएम मोदी ने गुजरात से जारी की 24वीं किस्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा से पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त की राशि ऑनलाइन डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भेजी। इसके साथ ही बिहार के लाखों किसानों को खेती की तैयारियों के लिए आर्थिक सहायता मिली है। सालाना मिलते हैं छह हजार रुपये प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी। इसका उद्देश्य पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को कृषि और उससे जुड़ी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान परिवार को सालाना छह हजार रुपये दिए जाते हैं। यह राशि दो-दो हजार रुपये की तीन समान किस्तों में आधार से जुड़े सक्रिय बैंक खातों में सीधे भेजी जाती है। बीज और खाद की खरीद में मिलती है मदद पीएम-किसान योजना के तहत मिलने वाली राशि से किसान बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आदानों की खरीद सहित खेती से जुड़ी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। रबी फसलों की तैयारी के समय जारी हुई 24वीं किस्त से किसानों को कृषि कार्यों में आर्थिक मदद मिलेगी। अब तक 33 हजार करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित उल्लेखनीय है कि बिहार के किसानों के खातों में योजना की पिछली 23 किस्तों के माध्यम से अब तक 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। 24वीं किस्त जारी होने के बाद राज्य के किसानों को मिलने वाली कुल सहायता राशि में और बढ़ोतरी हुई है।