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राजस्थान में नई रेल लाइन का CRS निरीक्षण कल, धौलपुर से गढ़ी सांधरा तक होगा स्पीड ट्रायल

धौलपुर बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना धौलपुर-सरमथुरा रेल खंड पर धौलपुर जंक्शन से गढ़ी सांधरा स्टेशन तक नई रेल लाइन का रेल सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) की ओर से 31 अक्टूबर को निरीक्षण प्रस्तावित है। नई रेलवे लाइन के इस सेक्शन के बीच ट्रायल बतौर विशेष ट्रेन 121 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलाई जाएगी। रेलवे ने आमजन से अपील की है कि वह इस दौरान ट्रैक से दूर रहें। उधर, रेलवे स्टेशन पर भी निरीक्षण को लेकर तैयारियां जोरों पर चल रही है। यहां नवीन प्लेटफार्म के पीछे की तरफ भी इन दिनों जोरों से कार्य हो रहा है और पूर्व में बनाई रोडनुमा जगह के आसपास इन दिनों जमकर मिट्टी डाली जा रही है। माना जा रहा है कि उक्त स्थान को ऊंचा उठा कर यहां से पुरानी भारती टॉकीज की तरफ जा रहे पुराने रास्ते को सीधा कर निकाला जाएगा। वर्तमान में यहां पुरानी लाइन वाले ट्रैक पर घुमाव था और दूसरी तरफ खलतियां थी, जिसमें पानी का भराव रहता है। समपार फाटक से ही निकलें आमजन निरीक्षण के दौरान आमजन या वाहन चालक समपार फाटक एवं लिमिटेड हाइट सबवे का उपयोग कर सकते हैं। रेलवे के अनुसार निरीक्षण के दौरान रेलवे ट्रैक एवं उसके आसपास से सुरक्षित दूरी बनाए रखें। रेलवे ट्रैक पर अनाधिकृत रूप से प्रवेश न करें और न ही ट्रैक को अनधिकृत तरीके से पार करें। रेलवे लाइन पार करने के लिए केवल निर्धारित समपार का उपयोग करें। अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना अथवा उसे पार करना जानलेवा हो सकता है। साथ ही, यह दंडनीय अपराध है। पुलिस लाइन फाटक भी तैयार धौलपुर जंक्शन से गढ़ी सांधरा स्टेशन के बीच 31 अक्टूबर को ट्रायल प्रस्तावित है। रेलवे की ओर से इन दिनों स्टेशन समेत लाइन पर जोरों शोरों से कार्य हो रहा है। पुलिस लाइन के आगे समपार फाटक करीब-करीब तैयार हो चुका है। यहां पर गत दिनों गिट्टी बिछाकर सीसी किया है, जिससे वाहन आसानी से निकल सकें। इसी तरह जिरौली फाटक के पास भी लिमिटेड हाइट सबवे तैयार किया है, यहां एनएच 44 की सर्विस लेन से जुड़ा है जिस पर ट्रैफिक अधिक है। आने वाले दिनों में फाटक बंद होने पर यहां वाहन चालकों को ट्रेन गुजरने का इंतजार करना पड़ेगा। यहां पर कई दिनों से लाइन के दोनों तरफ गड्ढे हो रहे हैं। नया रास्ता…और मिट्टी से भराव! पुरानी भारती टॉकीज से खलतियों की तरफ जा रहे रास्ते पर आगे की तरफ रेलवे की ओर से इन दिनों नया रास्ता तैयार किया जा रहा है। बारिश के दौरान कुछ समय यहां पर कार्य थम गया था लेकिन अब कुछ समय से गति पकड़ा है। यहां पर भारी मात्रा में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए मिट्टी डाली जा रही है। इससे पूर्व यहां खलती के पुराने जलभराव वाले स्थल के बीच नए सड़क के लिए भी गिट्टी और मिट्टी डाली गई थी। लेकिन बीच में अचानक से कार्य बंद हो गया था लेकिन अब फिर से कार्य शुरू हो गया है। वहीं, पीजी कॉलेज की तरफ से बनाए रास्ते पर भी कार्य चल रहा है।

32 साल बाद फिर सिनेमाघरों में लौटेगी ‘मोहरा’, नसीरुद्दीन शाह के खतरनाक किरदार ने बनाया था यादगार

90 के दशक की बात ही कुछ और थी, जब फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सिनेमाघरों में त्योहार की तरह होती थीं. राजीव राय के निर्देशन में बनी साल 1994 की ब्लॉकबस्टर एक्शन थ्रिलर 'मोहरा' आज भी लोगों के जेहन में ताजा है. अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और रवीना टंडन जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि महज चार करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म के करोड़ों कमाने के पीछे असली वजह कोई एक्शन हीरो नहीं, बल्कि एक ऐसा शातिर विलेन था जो पर्दे पर खुद को गरीब और लाचार अंधा समाजसेवक दिखाता था? जी हां, हम बात कर रहे हैं दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह की, जिनके निभाए गए 'मिस्टर जिंदल' के किरदार ने इस फिल्म को इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया. सबसे हटकर और खौफनाक विलेन उस दौर की फिल्मों के विलेन आमतौर पर काफी आक्रामक होते थे, जिनका लुक देखते ही डर पैदा कर देता था, जैसे गब्बर सिंह या मोगैम्बो को ही ले लीजिए. लेकिन 'मोहरा' में मेकर्स ने एक ऐसा दांव खेला जो किसी ने नहीं सोचा था. नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म में मिस्टर जिंदल नाम के एक ऐसे मीडिया टाइकून का रोल निभाया, जो पर्दे पर बिल्कुल सीधा, शांत नजर आता था और जो दृष्टिहीन था. कोई सपने में भी नहीं सोच सकता था कि एक ऐसा इंसान जो अपनी आंखों से देख नहीं सकता, वो शहर का सबसे खतरनाक क्रिमिनल मास्टरमाइंड हो सकता है. उनकी इसी खौफनाक एक्टिंग ने दर्शकों को सिनेमाघरों में हैरान कर दिया था. कैसे बुना गया था धोखाधड़ी का पूरा जाल? फिल्म में जिंदल अपनी इसी लाचारी और अंधेपन का ऐसा शानदार ढोंग रचता है कि जेल में बंद विशाल अग्निहोत्री (सुनील शेट्टी) पूरी तरह उसके झांसे में आ जाता है. विशाल अपनी पत्नी और बहन की मौत का बदला लेना चाहता था और जिंदल उसे समाज की गंदगी साफ करने के नाम पर अपने ही दुश्मनों को रास्ते से हटाने के लिए इस्तेमाल करने लगता है. जिंदल उसे अपने एक 'मोहरे' की तरह चलाता है. इस दौरान पुलिस इंस्पेक्टर अमर सक्सेना (अक्षय कुमार) जब मामलों की तह तक पहुंचते हैं, तब जाकर उस भयानक साजिश का पर्दाफाश होता है. फिल्म के क्लाइमैक्स से पहले जब यह सच सामने आता है कि असली खूनी और विलेन कोई और नहीं बल्कि वही अंधा नसीरुद्दीन है, तो देखने वालों के होश उड़ जाते हैं. बॉक्स ऑफिस पर 'मोहरा' का धमाका एक जुलाई 1994 को रिलीज हुई इस फिल्म का जादू जनता के सिर चढ़कर बोला था. फिल्म में नसीरुद्दीन शाह का वह आइकॉनिक डायलॉग- 'एक चीज मांगो, तो सौ चीज देता हूं मैं' आज भी लोगों की जुबान पर है. गुलशन राय द्वारा निर्मित इस फिल्म ने अपने महज चार करोड़ के छोटे से बजट के मुकाबले दुनियाभर में करीब 23 करोड़ रुपये की धमाकेदार कमाई की थी. यह साल 1994 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली और सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी गई. हालांकि फिल्म की इस अपार सफलता में इसके गानों (जैसे 'तू चीज बड़ी है मस्त मस्त') के साथ-साथ बेहतरीन सस्पेंस और विलेन के दमदार किरदार का बहुत बड़ा हाथ था. अब 32 साल बाद सिनेमाघरों में होगी वापसी दशकों पुराना यह कल्ट क्लासिक अब एक बार फिर से बड़े पर्दे पर तहलका मचाने के लिए पूरी तरह तैयार है. 'मोहरा' अपनी रिलीज के 32 साल बाद यानी 6 नवंबर 2026 को नए और बेहतर (रीमास्टर्ड) रूप में सिनेमाघरों में लौट रही है. हालांकि, इस बार बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला एक बहुत बड़े प्रोजेक्ट से होने वाला है. ठीक इसी समय, यानी 5 नवंबर 2026 को नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण: पार्ट 1' भी रिलीज हो रही है, जिसमें रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश जैसे दिग्गज कलाकार नजर आने वाले हैं.

जालंधर में अंबेडकर प्रतिमा से तोड़फोड़, तीसरी बार शीशा टूटने से मचा हड़कंप

लुधियाना. लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर स्थित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के बाहर लगे शीशे को एक बार फिर किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर मारकर तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि इस तरह की यह तीसरी घटना है। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में तनाव का माहौल बन गया और वाल्मीकि समाज व बहुजन समाज पार्टी के लोग मौके पर एकत्रित होने लगे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जालंधर बाईपास चौक और आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है। पुलिस बल मौके पर तैनात है और हालात पर नजर रख रहा है। इस घटना की जानकारी एडवोकेट नरेंद्र आद्या ने अपने फेसबुक पेज पर लाइव होकर दी। उन्होंने लोगों को घटना के बारे में बताया। लगातार तीसरी बार प्रतिमा के बाहर लगे शीशे को निशाना बनाए जाने से समाज के लोगों में रोष है। फिलहाल शीशा तोड़ने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

CG कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी, सरकार ने जारी किया आदेश

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार ने सातवें वेतनमान के तहत वेतन प्राप्त करने वाले शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि को लेकर आदेश जारी कर दिया है। वित्त विभाग मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार बढ़े हुए महंगाई भत्ते की राशि का भुगतान नवंबर 2026 से देय होगा। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते की गणना कर्मचारी के मूल वेतन के आधार पर की जाएगी। इसमें विशेष वेतन और व्यक्तिगत वेतन को शामिल नहीं किया जाएगा। साथ ही महंगाई भत्ते का कोई भी हिस्सा मूलभूत नियम 9 (21) के अंतर्गत वेतन नहीं माना जाएगा। 50 पैसे से अधिक राशि होगी पूर्णांकित आदेश के मुताबिक, महंगाई भत्ते के भुगतान के दौरान यदि 50 पैसे या उससे अधिक की राशि होती है तो उसे अगले पूर्ण रुपये में शामिल किया जाएगा। वहीं, 50 पैसे से कम की राशि को छोड़ दिया जाएगा। इन कर्मचारियों को भी मिलेगा लाभ वित्त विभाग द्वारा जारी यह आदेश यूजीसी (UGC), एआईसीटीई (AICTE) के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों के साथ-साथ कार्यभारित एवं आकस्मिकता निधि से वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों पर भी लागू होगा। हालांकि, आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि महंगाई भत्ते के तहत किया जाने वाला भुगतान संबंधित विभाग के चालू वित्तीय वर्ष के स्वीकृत बजट प्रावधान से अधिक नहीं होना चाहिए। 

योगी सरकार की पहल से स्टार्टअप हब बना उत्तर प्रदेश, देश का तीसरा सबसे बड़ा इकोसिस्टम

योगी सरकार के प्रयासों से देश के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा उत्तर प्रदेश 24 हजार से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप्स के साथ प्रदेश में नवाचार और उद्यमशीलता को मिल रही नई गति नई स्टार्टअप नीति-2026 से युवाओं के लिए खुलेंगे उद्यमिता के नए अवसर, नोएडा और लखनऊ में विकसित होंगे यू-हब (डीप-टेक हब) स्टार्टअप्स को 35 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता, 88 मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर्स दे रहे हैं नवाचार को बढ़ावा लखनऊ,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार की प्रभावी नीतियों, वित्तीय प्रोत्साहन और संस्थागत सहयोग के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज देश के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है। प्रदेश में भारत सरकार द्वारा पंजीकृत स्टार्टअप्स की संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है। वहीं, 3,500 से अधिक स्टार्टअप 'स्टार्ट-इन-यूपी' के अंतर्गत पंजीकृत हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में नवाचार, तकनीकी विकास और उद्यमशीलता के तेजी से बढ़ते वातावरण को दर्शाती है। योगी सरकार ने प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को संस्थागत स्वरूप देने के लिए 15 जुलाई 2020 को उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2020 अधिसूचित की थी। इसके तहत 10 हजार स्टार्टअप का इकोसिस्टम तैयार करने और प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कम से कम 100 इन्क्यूबेटर्स का नेटवर्क विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। स्टार्टअप क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलावों और युवाओं की बढ़ती भागीदारी को देखते हुए सरकार ने 9 नवंबर 2022 को नीति का प्रथम संशोधन भी अधिसूचित किया। इसका उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहित करने के साथ युवाओं को उद्यम स्थापित करने के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना था। डीप-टेक और अत्याधुनिक तकनीक पर विशेष फोकस प्रदेश सरकार स्टार्टअप इकोसिस्टम को केवल संख्या तक सीमित रखने के बजाय अत्याधुनिक तकनीक और अनुसंधान आधारित उद्यमों को बढ़ावा दे रही है। इसी क्रम में आठ स्टेट ऑफ आर्ट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया। इसके अंतर्गत मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हेल्थ टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आईआईटी कानपुर के नोएडा परिसर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होकर संचालित हो रहे हैं। इसके अतिरिक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, मेडिटेक, ड्रोन, 5जी/6जी, दूरसंचार, ब्लॉकचेन और एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में सात अन्य सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे प्रदेश के युवाओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को नई तकनीकों पर आधारित उद्यम विकसित करने का अवसर मिलेगा। नई स्टार्टअप नीति-2026 से मिलेगा उद्यमिता को नया विस्तार स्टार्टअप नीति-2020 के पांच वर्ष पूर्ण होने के बाद योगी सरकार ने बदलती तकनीकी और औद्योगिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 10 जुलाई 2026 को नई स्टार्टअप नीति अधिसूचित की है। इसके साथ ही प्रदेश में स्टार्टअप, इन्क्यूबेशन और नवाचार गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन निदेशालय की स्थापना के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है। इसी क्रम में प्रदेश के डीप-टेक इकोसिस्टम को मजबूत बनाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से नोएडा एवं लखनऊ में 'यू-हब (डीप-टेक हब)' विकसित करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की स्वीकृति मिली है। ये हब तकनीकी नवाचार, अनुसंधान, निवेश और स्टार्टअप्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। स्टार्टअप्स को 35 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता योगी सरकार की स्टार्टअप प्रोत्साहन योजनाओं के तहत प्रदेश में उद्यमियों और इन्क्यूबेटर्स को वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक 150 स्टार्टअप्स को भरण-पोषण भत्ते के रूप में 123.14 लाख रुपये, 440 स्टार्टअप्स को सीड कैपिटल एवं विपणन सहायता के रूप में 1,457.425 लाख रुपये तथा 111 स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप विकास सहायता के रूप में 539.86 लाख रुपये वितरित किए गए हैं। वहीं, 59 इन्क्यूबेटर्स को परिचालन व्यय सहायता के रूप में 1,347.54 लाख रुपये और 16 इन्क्यूबेटर्स को पूंजीगत अनुदान के रूप में 365.56 लाख रुपये की धनराशि प्रदान की गई है। इस प्रकार स्टार्टअप्स और इन्क्यूबेटर्स को कुल 3,833.525 लाख रुपये यानी लगभग 38.34 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई है। 27 अगस्त 2026 को आयोजित 'उत्तर प्रदेश स्टार्टअप इकोसिस्टम' कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ रुपये से अधिक तथा नौ इन्क्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रोत्साहन वितरित किए। इसी अवसर पर 'यूपी स्टार्टअप मिशन' वेबसाइट का शुभारंभ भी किया गया, जिससे स्टार्टअप से जुड़ी योजनाओं और सुविधाओं तक पहुंच को और आसान बनाया जा सके। महिला उद्यमिता को भी मिल रहा प्रोत्साहन प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी है। डीपीआईआईटी द्वारा पंजीकृत स्टार्टअप्स में से 11 हजार से अधिक महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप हैं। यह प्रदेश में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी, नवाचार और उद्यमशीलता के विस्तार का महत्वपूर्ण संकेत है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के 48 स्टार्टअप्स को सिडबी द्वारा वित्तपोषित किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 88 सरकारी मान्यता प्राप्त इन्क्यूबेटर्स कार्यरत हैं। ये सूचना प्रौद्योगिकी, फिनटेक, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि और सामाजिक प्रभाव जैसे क्षेत्रों में नए उद्यमों को मार्गदर्शन, तकनीकी सहयोग और व्यावसायिक अवसर उपलब्ध करा रहे हैं। योगी सरकार की नीतिगत प्रतिबद्धता, वित्तीय सहायता, तकनीकी संस्थानों के साथ साझेदारी और नवाचार को प्रोत्साहित करने वाली पहलों ने उत्तर प्रदेश को स्टार्टअप के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। डीपीआईआईटी की वार्षिक स्टार्टअप रैंकिंग में प्रदेश को 'टॉप परफॉर्मर' श्रेणी प्राप्त होना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सरकार का लक्ष्य इस मजबूत आधार को आगे बढ़ाते हुए उत्तर प्रदेश को नवाचार, डीप-टेक और उद्यमशीलता का प्रमुख राष्ट्रीय केंद्र बनाना है।

लखनऊ में अमित शाह का चुनावी संदेश, बोले- 312 सीटों वाली रिकॉर्ड जीत याद दिलाने आया हूं

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है. लखनऊ में आयोजित उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति की बड़ी बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्य वक्ता के रूप में मोर्चा संभाला और पार्टी कार्यकर्ताओं में नए उत्साह का संचार किया।  अमित शाह ने अपने संबोधन की शुरुआत कार्यकर्ताओं का सम्मान करते हुए की. उन्होंने बीजेपी के सभी कार्यकर्ताओं को 'मालिक' कहकर संबोधित किया और कहा, "भाजपा के मालिक देवतुल्य कार्यकर्ताओं को मेरा राम-राम." शाह ने कहा कि बीजेपी की असली ताकत उसका बूथ स्तर का कार्यकर्ता ही है, जिसके दम पर पार्टी ने देश और प्रदेश में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।  CM योगी की तारीफ करते हुए अमित शाह ने कहा, '2019 में योगी जी को मुख्यमंत्री बनाया माफियाओं ने उसके पहले उत्तर प्रदेश को जकड़ कर रखा था.मैं योगी जी को बधाई देना चाहता हूं लोगों ने कठोर शासन देकर यूपी को माफियाओं से मुक्त किया. मित्रों यहां तुष्टिकरण चलता था, साढ़े पांच सौ साल से राम मंदिर नहीं बन पाया था, मोदी जी आए तो राम मंदिर की बना. धारा 370 की बात होती थी तो लोग कहते थे उनकी नदियां बह जाएगी. कई प्रदेशों में UCC लागू हो चुका है उत्तर प्रदेश में आप BJP सरकार बना उत्तर प्रदेश में हम UCC लागू करेंगे।  सपा पर हमला सपा पर तीखा हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि आज वही दिन है जब मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान रामभक्तों और कारसेवकों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थीं. उन्होंने कहा कि उस समय पूरा सरयू नदी का जल रामभक्तों के लहू से लाल हो गया था।  सपा अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए शाह ने कहा, "अखिलेश बाबू, आप किस मुंह से राज्य में सरकार बनाने की बात करते हैं?" उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार 'अंगद का पैर' है, जिसे कोई नहीं हटा सकता. अमित शाह ने कहा कि यूपी में हम फिर से सरकार बनायेंगे. उन्होंने कहा, 'कल्याण सिंह ने बिना अपनी सरकार की चिंता किए अयोध्या में कार सेवा होने दिया और ढांचा धवस्त हुआ।  2017 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा, 'मैं आज आप कार्यकर्ताओं को याद करने आया हूं यह आप ही लोग हो जिन्होंने रिकॉर्ड सीटें उत्तर प्रदेश में जिताई थी 2017 – 40 फीसदी वोट लेकर 312 सीटें दिलाई थी। 2022 में भी 41 फ़ीसदी वोट पाए और मैजिक फिगर से काफी ज्यादा सीट लेकर आए.आज कहता हूं कमर का स्लो और अर्जुन की तरह मछली की आंख पर निशाना लगाओ फिर से प्रचंड बहुमत से सरकार लेकर आएंगे. समय है तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनाएंगे. मैं याद दिलाने आया हूं कि भाजपा के नेता भी सबसे पहले कार्यकर्ता है।  2,850 दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में बना चुनावी प्लान आपको बता दें कि लखनऊ में आयोजित इस मेगा बैठक में संगठन और सरकार के करीब 2,850 प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं. बैठक में उत्तर प्रदेश से केंद्र में शामिल मंत्री, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री (केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक), सभी सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और मोर्चों के पदाधिकारी मौजूद हैं।  उत्तर प्रदेश में बीजेपी के लिए 2027 का विधानसभा चुनाव अहम चुनौती माना जा रहा है. 2017 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की थी. 2022 में भी बीजेपी सत्ता में वापसी करने में सफल रही, हालांकि उसकी सीटों की संख्या 2017 के मुकाबले कम हो गई थी. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के बेहतर प्रदर्शन ने राज्य में राजनीतिक मुकाबले की तस्वीर बदल दी।  ऐसे में बीजेपी के सामने 2027 में अपनी सरकार बरकरार रखने के साथ-साथ संगठन और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने की चुनौती है. यही वजह है कि पार्टी ने चुनाव से काफी पहले ही संगठनात्मक बैठकों और रणनीतिक तैयारियों पर जोर देना शुरू कर दिया है. लखनऊ की यह कार्यसमिति बैठक इसी दिशा में एक अहम कदम है। 

IND vs NZ: ग्लेन फिलिप्स के तूफानी शतक ने मचाई तबाही, भारत को मिली करारी शिकस्त

ऑकलैंड भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला 30 अक्टूबर (शुक्रवार) को खेला गया. ऑकलैंड के ईडन पार्क में आयोजित इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने 87 रनों से बड़ी जीत दर्ज की. मुकाबले में मेजबान न्यूजीलैंड ने भारत को जीत के लिए 260 रनों का बड़ा लक्ष्य दिया था, लेकिन भारतीय बल्लेबाज अपनी टीम को लक्ष्य के करीब भी नहीं ले जा पाए. भारतीय टीम 20 ओवरों में 9 विकेट पर 172 रन ही बना सकी. इस जीत के साथ ही न्यूजीलैंड ने टी20 सीरीज में स्कोर 1-2 कर दिया है. भारतीय टीम पहले ही टी20 सीरीज अपने नाम कर चुकी थी. टी20 सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले क्राइस्टचर्च में खेले गए, जिन्हें भारतीय टीम ने 4 विकेट के समान अंतर से जीते. फिर वेलिंगटन में हुए मुकाबले को भारतीय टीम 6 विकेट से जीतने में सफल रही थी. सीरीज का आखिरी मुकाबला 1 नवंबर को हैमिल्टन में खेला जाएगा. ऐसी रही भारत की बल्लेबाजी रनचेज में भारत की शुरुआत बेहद खराब रही. पहले ही ओवर में जैकब डफी ने संजू सैमसन (4 रन) और ईशान किशन (0 रन) के रूप में भारत को दो तगड़े झटके दिए. इसके बाद श्रेयस अय्यर और अभिषेक शर्मा के बीच तीसरे विकेट के लिए 46 रनों की साझेदारी हुई. मैथ्यू फिशर ने अभिषेक शर्मा को आउट कर इस साझेदारी का अंत कर दिया. अभिषेक ने 3 चौके और एक छक्के की मदद से 15 बॉल पर 27 रन बनाए. फिर एडम मिल्ने ने श्रेयस अय्यर (22 रन) को आउट कर भारत को चौथा झटका दिया. इसके बाद भारतीय टीम ने नीतीश कुमार रेड्डी (21 रन) और अक्षर पटेल (7 रन) के विकेट गंवाए, जिसने रनचेज को मुश्किल बना दिया. नमन धीर ने जरूर कुछ बड़े शॉट्स खेले, लेकिन जैकब डफी ने उन्हें चलता कर दिया. नमन ने दो छक्के और दो चौके की मदद से 13 बॉल पर 28 रनों का योगदान दिया. अर्शदीप सिंह के रूप में भारत का आठवां विकेट गिरा, जो अपना खाता भी नहीं खोल सके. तिलक वर्मा ने 100 की स्ट्राइक रेट से 35 रन बनाए और वो मैथ्यू फिशर का शिकार बने. न्यूजीलैंड की ओर से जैकब डफी ने चार विकेट लिए. जबकि मैथ्यू फिशर और मिचेल सेंटनर ने दो-दो विकेट झटके. न्यूजीलैंड की बैटिंग: फिलिप्स का शतक, ब्रेसवेल भी चमके टॉस हारकर पहले बैटिंग करते हुए न्यूजीलैंड ने सात विकेट पर 259 रन बनाए. न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही. मयंक यादव ने अपने पहले ही ओवर की छठी गेंद पर भारत को सफलता दिला दी. उन्होंने टिम सीफर्ट को डीप थर्ड मैन पर प्रिंस यादव के हाथों कैच कराया. सीफर्ट 5 गेंदों पर 3 रन बनाकर लौटे. फिर मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से न्यूजीलैंड को दूसरा झटका दिया. उन्होंने 143 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सटीक यॉर्कर डालकर डेरिल मिचेल को LBW आउट किया. मिचेल ने रिव्यू भी लिया, लेकिन गेंद सीधे उनके पिछले पैर पर लगी थी और अंपायर का फैसला बरकरार रहा. मिचेल ने सिर्फ 9 गेंदों पर 24 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. इसके बाद ग्लेन फिलिप्स और फिन एलन ने तीसरे विकेट के लिए 59 रन जोड़े. अक्षर पटेल ने फिन एलन की तूफानी पारी का अंत कर दिया. उन्होंने 99 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से छोटी गेंद डाली, जिसे एलन ने हवा में खेल दिया. डीप कवर पर अभिषेक शर्मा ने आसान कैच लपक लिया. एलन 17 गेंदों पर 31 रन बनाकर आउट हुए. उनकी पारी में 2 चौके और 2 छक्के शामिल रहे. मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से न्यूजीलैंड को चौथा झटका दिया. उन्होंने 142 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से शॉर्ट गेंद डाली. जैकब्स ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में ऊंची उठ गई. मिडविकेट पर अर्शदीप सिंह ने आसान कैच लपक लिया. जैकब्स 7 गेंदों पर 7 रन बनाकर आउट हुए. जैकब्स के आउट होने के बाद ग्लेन फिलिप्स और माइकल ब्रेसवेल के बीच पांचवें विकेट के लिए 40 बॉल पर 115 रनों की साझेदारी हुई. प्रिंस यादव ने सटीक यॉर्कर डालकर माइकल ब्रेसवेल की तूफानी पारी का अंत कर दिया. ब्रेसवेल गेंद को स्कूप करने के लिए आगे बढ़े, लेकिन चूक गए और गेंद सीधे पैड पर जा लगी. अंपायर ने उन्हें LBW आउट दिया. ब्रेसवेल ने रिव्यू लिया, लेकिन फैसला नहीं बदला. न्यूजीलैंड ने अपना एक रिव्यू भी गंवा दिया. ब्रेसवेल ने 25 गेंदों पर 65 रन ठोके. उनकी पारी में 4 चौके और 6 छक्के शामिल रहे. अर्शदीप सिंह ने मिचेल सेंटनर को आउट कर न्यूजीलैंड को छठा झटका दिया. उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर फुल गेंद डाली. सेंटनर ने जोरदार शॉट खेला, लेकिन गेंद सीधे डीप पॉइंट पर खड़े नीतीश कुमार रेड्डी के हाथों में चली गई. सेंटनर 6 गेंदों पर 5 रन बनाकर आउट हुए. इस विकेट के साथ ही अर्शदीप सिंह ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अपने 150 विकेट भी पूरे कर लिए. नीतीश कुमार रेड्डी ने ग्लेन फिलिप्स की विस्फोटक पारी का अंत कर दिया. उन्होंने फुल गेंद डाली, जिस पर फिलिप्स ने कवर के ऊपर से बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे डीप में खड़े अभिषेक शर्मा के हाथों में चली गई. फिलिप्स ने 49 गेंदों पर 107 रन बनाए. उनकी इस आतिशी पारी में 6 चौके और 10 छक्के शामिल रहे. उन्होंने 218.36 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की. फिलिप्स की विदाई पर ईडन पार्क में दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं. वैभव को नहीं मिला मौका इस मुकाबले के लिए टीम इंडिया में दो बदलाव किए गए, ईशान किशन और मयंक यादव की प्लेइंग-11 में एंट्री हुई. जबकि वैभव सूर्यवंशी-भुवनेश्वर कुमार बाहर रहे. वहीं न्यूजीलैंड टीम में काइल जेमिसन की जगह नाथन स्मिथ की वापसी हुई. इस बदलाव के साथ ही भारत की उस ओपनिंग जोड़ी को भी तोड़ दिया गया है, जिसने पिछले मुकाबले में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था. अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पावरप्ले में 118 रन जोड़कर इतिहास रचा था. यह टी20 इंटरनेशनल में किसी टीम का सबसे बड़ा पावरप्ले स्कोर है. भारत की प्लेइंग XI: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, शअय्यर (कप्तान), तिलक … Read more

360वें प्रकाश पर्व पर पटना में जुटेंगे देश-विदेश के श्रद्धालु, ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आकर्षण

पटना 360वें प्रकाश पर्व पर देश-विदेश से पटना साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवासन से लेकर यातायात, सुरक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तक की व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय सिख कॉन्क्लेव, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गतका व घुड़सवारी प्रतियोगिता और ड्रोन शो जैसे आकर्षण होंगे। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज करने की कवायद शुरू कर दी है। टेंट सिटी की योजना बनाने से लेकर पार्किंग, पेयजल, मोबाइल टायलेट और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता तक की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई है। तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही नहीं गुरुवार को प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आयोजन की तैयारियों पर चर्चा हुई। आयुक्त ने निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से काम पूरा करें ताकि प्रकाश पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन, ठहरने और बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान नहीं होना पड़े। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि तैयारियों में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो और सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय में पूरी की जाएं। बैठक में नगर आयुक्त यशपाल मीणा, उप विकास आयुक्त शुभम कुमार, डीआइजी जितेंद्र राणा, गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य और विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे। पहले बनेगा आयोजन स्थल का नक्शा, फिर होंगी व्यवस्थाएं आयोजन स्थल पर आवासन, आवागमन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्थित योजना बनाने के लिए पर्यटन विभाग और पटना सिटी के भूमि सुधार उप समाहर्ता को नजरी नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया। इसके आधार पर टेंट सिटी सहित विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए स्थान चिह्नित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उपयुक्त स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था और यातायात संचालन की कार्ययोजना भी पहले से तैयार करने को कहा गया है। सड़क, रोशनी और सफाई पर रहेगा जोर सड़क निर्माण विभाग को जरूरत के अनुसार सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और एलईडी लाइट की व्यवस्था दुरुस्त करने तथा सड़कों के सुंदरीकरण का निर्देश दिया गया नगर निगम को पर्याप्त संख्या में मोबाइल टायलेट, यूरिनल और डस्टबिन उपलब्ध कराने के साथ आयोजन स्थल और आसपास नियमित सफाई सुनिश्चित करनी होगी। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को वाटर एटीएम, पानी के टैंकर और पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था करने को कहा गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस पोस्ट श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए पुलिस विभाग को जरूरत के अनुसार पुलिस पोस्ट स्थापित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त स्वास्थ्य केंद्र और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया। इसके अलावा आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने तथा नागरिक सुविधाओं को दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया गया।  

यूपी को मिलेगी वंडरला जैसी सौगात, लखनऊ में बनेंगे रोलर कोस्टर, वॉटर पार्क और एडवेंचर जोन

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में देश का सबसे बड़ा एम्यूजमेंट पार्क बनाया जाएगा। एलडीए की प्रस्तावित प्रबंध नगर योजना में यह बनेगा। प्रबंध नगर योजना की ग्रीन बेल्ट की करीब 800 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा। इसका विकास पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर कोच्चि के वंडरला एम्यूजमेंट पार्क की तर्ज पर करने की योजना है। प्रबंध नगर योजना का शुभारंभ 23 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के हाथों होने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्राधिकरण प्रबंधनगर योजना का प्रस्ताव भी दो अक्तूबर को बोर्ड बैठक में रखने जा रहा है। प्रबंध नगर योजना में करीब 795 एकड़ जमीन ग्रीन बेल्ट की है। इसपर सामान्य निर्माण की अनुमति नहीं है। ऐसे में एलडीए इसे पार्क के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है। वहीं, देश में मुंबई का इमैजिका पार्क सबसे बड़ा है। यह करीब 300 एकड़ में फैला है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार प्रबंधनगर में करीब 800 एकड़ ग्रीन बेल्ट की जमीन खाली है। इस पर एम्यूजमेंट पार्क का निर्माण किया जा सकता है। इसीलिए इसका प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। एम्यूजमेंट पार्क में ये हो सकती हैं प्रमुख खूबियां रोलर कोस्टर और थ्रिल राइड्स तेज रफ्तार झूले, ऊंचाई से उतरने वाली रोमांचक सवारी और एडवेंचर राइड्स सबसे ज्यादा आकर्षित करेंगे। हो सकता है बहुत छोटे बच्चे इन पर न चढ़ सकें लेकिन नौजवानों को यह सबसे ज्यादा प्रभावित करेगा। वॉटर पार्क वाटर स्लाइड, वेव पूल, रेन डांस और बच्चों के लिए सुरक्षित जल का क्रीड़ा क्षेत्र होगा। अलग अलग तरह के कई स्लाइड अलग अलग समूहों के लिए बनाए जाएंगे। फैमिली एंटरटेनमेंट जोन परिवार के सभी सदस्यों के लिए अलग-अलग तरह के झूले, खेल और मनोरंजक गतिविधियां एक ही जगह पर मिल सकेंगी। सुबह से शाम तक का समय बिताने के लिए कई चीजें होंगी। बच्चों के लिए खास क्षेत्र किड्स राइड्स, थीम आधारित खेल क्षेत्र और छोटे बच्चों के अनुकूल आकर्षण अलग अनुभव देगा। अक्सर बच्चों की डिमांड पर ही परिवार के लोग इन जगहों पर जाते हैं। एडवेंचर गतिविधियां एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए कई तरह की गतिविधियां यहां होंगी। इनमें जिपलाइन, क्लाइंबिंग, रोप कोर्स और अन्य रोमांचक चीजें लुभाएंगी। थीम आधारित क्षेत्र थीम आधारित भी अलग-अलग क्षेत्र यहां बनाए जाएंगे। इनमें आर्षक लैंडस्केपिंग, सजावटी संरचनाएं और सबसे खास सेल्फी प्वाइंट भी होगा। फूड कोर्ट जब पूरे दिन यहां रह कर इंज्वाय करने की व्यवस्था हो रही है तो तरह तरह के व्यंजनों की भी व्यवस्था रहेगी। फूड कोर्ट के माध्यम से इसे पूरा किया जाएगा।

अलसी और नींबू से घर पर बनाएं नेचुरल स्किन जेल, झुर्रियों और फाइन लाइन्स से पाएं छुटकारा

बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर दिखने वाली झुर्रियां, फाइन लाइन्स और त्वचा का ढीलापन हर महिला की चिंता बढ़ा देता है. बाजार में मिलने वाली एंटी-एंजिंग और कोलेजन बूस्टिंग क्रीम्स इतनी महंगी होती हैं कि जेब पर भारी पड़ती हैं, और उनमें मौजूद केमिकल्स स्किन को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. क्या आप जानती हैं कि रसोई में मौजूद सुपरफूड अलसी के बीज और नींबू की मदद से घर पर ही पूरी तरह नेचुरल और विटामिन-सी से भरपूर कोलेजन जेल तैयार किया जा सकता है? यह जेल त्वचा में कसाव लाकर आपको जवां और चमकदार दिखाने में मदद करता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की बेहद आसान विधि. सामग्री अलसी के बीज: 3-4 बड़े चम्मच पानी: 1 से 1.5 कप ताजा नींबू का रस: 1 छोटा चम्मच (विटामिन-सी के लिए) एलोवेरा जेल: 1 बड़ा चम्मच (स्मूथ टेक्सचर और नमी के लिए) विटामिन-ई कैप्सूल: 1 (त्वचा को पोषण देने के लिए – ऑप्शनल) बादाम का तेल या ग्लिसरीन: ½ छोटा चम्मच (ड्रायनेस हटाने के लिए) बनाने का तरीका एक पैन में 1.5 कप पानी और अलसी के बीज डालें. इसे मध्यम आंच पर 7 से 10 मिनट तक उबालें. बीच-बीच में चम्मच से चलाते रहें. जब पानी गाढ़ा और जेल जैसा होने लगे, तब गैस बंद कर दें. अब इस गर्म मिश्रण को तुरंत एक सूती साफ कपड़े या छरनी की मदद से किसी कांच के बर्तन में छान लें. ठंडा होने से पहले छानना जरूरी है क्योंकि ठंडा होने पर यह बहुत गाढ़ा हो जाता है और निकलना मुश्किल हो जाता है. जब अलसी का यह पारदर्शी जेल हल्का गुनगुना या ठंडा हो जाए, तब इसमें 1 चम्मच ताजा नींबू का रस (जो विटामिन-सी से भरपूर होता है), 1 बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल और विटामिन-ई कैप्सूल का ऑयल मिला लें. सभी चीजों को चम्मच या विस्क की मदद से अच्छी तरह तब तक मिलाएं जब तक कि यह एक स्मूथ और क्रीमी सीरम या जेल के रूप में तैयार न हो जाए. आपका नेचुरल विटामिन-सी कोलेजन जेल तैयार है. इसे किसी एयर-टाइट कांच की डिब्बी में भरकर फ्रिज में 10 से 15 दिनों तक स्टोर करके रख सकती हैं. लगाने का सही तरीका रात को सोने से पहले अपने चेहरे को फेस वॉश से अच्छी तरह धोकर पोंछ लें. अब इस कोलेजन जेल की थोड़ी सी मात्रा अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं. हल्के हाथों से सर्कुलर मोशन में 2 मिनट तक मसाज करें ताकि यह स्किन की गहराई में समा जाए. इसे रातभर के लिए चेहरे पर लगा रहने दें और अगली सुबह सादे पानी से धो लें. बेहतरीन रिजल्ट के लिए रोजाना इसका इस्तेमाल करें.