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सुरक्षा को प्राथमिकता: विकास मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने का फैसला, पैदल और साइकिल चालकों को फायदा

चंडीगढ़. शहर के दक्षिणी सेक्टरों में अंधेरे में डूबी साइकिल ट्रैकों को रोशन करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने करीब 1.95 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट परियोजना शुरू करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षा बढ़ाना तथा झपटमारी और लूटपाट जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाना है। परियोजना के तहत विकास मार्ग पर सेक्टर 39/56, 55/40, 54/41, 53/42, 52/43, 51/44, 50/45, 49/46 और 48/47 के बीच स्थित साइकिल ट्रैकों पर प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इन इलाकों में लंबे समय से पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताएं बनी हुई थीं। हाल के वर्षों में इन अंधेरे मार्गों पर कई झपटमारी और लूट के प्रयास सामने आए हैं। मार्च में सेक्टर-56 के पास एक व्यक्ति से सामान छीने जाने की घटना हुई थी, जबकि पिछले वर्ष सेक्टर-39 के निकट साइकिल ट्रैक पर एक राहगीर को खिलौना पिस्तौल दिखाकर लूटने का प्रयास किया गया था। शहर में 200 किलोमीटर से अधिक लंबा साइकिल ट्रैक नेटवर्क है, लेकिन दक्षिणी सेक्टरों में कई ट्रैक सुनसान क्षेत्रों, खाली प्लिटों और घने पेड़ों वाले इलाकों से होकर गुजरते हैं, जहां शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। पुलिस रिकॉर्ड भी बताते हैं कि अपराधी ऐसे कम रोशनी वाले और कम आवाजाही वाले क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि नई स्ट्रीट लाइट व्यवस्था से दृश्यता बढ़ेगी, सुरक्षा मजबूत होगी और रात के समय साइकिल ट्रैकों का उपयोग अधिक सुरक्षित बन सकेगा।

दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट में सुरक्षा चूक, स्टेज पर चढ़ा खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी

फेमस पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ इन दिनों अपने ग्लोबल 'ऑरा वर्ल्ड टूर 2026' को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में सैन फ्रांसिस्को में चल रहे उनके एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए एक खालिस्तान-समर्थक प्रदर्शनकारी हाथ में झंडा लिए सीधे स्टेज पर जा पहुंचा. इस घटना से शो में मौजूद दर्शकों के बीच कुछ देर के लिए अफरातफरी और तनाव का माहौल बन गया. हालांकि, वहां मौजूद मुस्तैद वेन्यू सिक्योरिटी और स्थानीय पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला, उस व्यक्ति को काबू में किया और हिरासत में ले लिया. इस पूरे ड्रामे के बीच दिलजीत ने गजब के प्रोफेशनल रवैये का परिचय दिया और बिना डरे अपनी परफॉर्मेंस जारी रखी. शो के बीच में सुरक्षा में बड़ी चूक यह चौंकाने वाली घटना शुक्रवार की रात सैन फ्रांसिस्को में दिलजीत के लाइव शो के दौरान घटी. चश्मदीदों और मिली जानकारी के अनुसार, जब दिलजीत अपनी परफॉर्मेंस में डूबे हुए थे, तभी एक प्रदर्शनकारी अचानक दौड़ता हुआ मंच पर चढ़ गया. इसे सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक के रूप में देखा जा रहा है. हालांकि, दिलजीत ने इस व्यवधान के बाद भी अपना आपा नहीं खोया. जैसे ही पुलिस उस व्यक्ति को पकड़कर ले गई, दिलजीत ने तुरंत अपना डांस और गाना फिर से शुरू कर दिया. उन्होंने पूरे शो के दौरान अपना पूरा ध्यान दर्शकों के मनोरंजन और प्रवासी भारतीय समुदाय की एकता पर केंद्रित रखा. धमकियों के बीच दिलजीत का कड़ा रुख यह हंगामा ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) जैसे कुछ कट्टरपंथी संगठनों की तरफ से ऑनलाइन धमकियां और रुकावटें डालने की कोशिशें देखी जा रही थीं. ये समूह मुख्यधारा के भारतीय मीडिया में दिलजीत की सक्रिय मौजूदगी का विरोध कर रहे हैं. इस घटना के बाद सिंगर ने लाइव इवेंट्स को लेकर अपना रुख एक बार फिर साफ कर दिया है. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि जो कोई भी उनके फैंस को परेशान करने या कॉन्सर्ट में खलल डालने की कोशिश करेगा, उसे स्थानीय प्रशासन और अधिकारियों द्वारा फौरन बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा. सैन फ्रांसिस्को में टूर का शानदार समापन तनाव के इन पलों के बावजूद दिलजीत दोसांझ के नॉर्थ अमेरिकन 'ऑरा वर्ल्ड टूर 2026' का सफर बेहद शानदार रहा. इस बड़े स्टेडियम और एरिना टूर का समापन 20 और 21 जून, 2026 को सैन फ्रांसिस्को के मशहूर 'चेस सेंटर' में आयोजित हुए शोज़ के साथ हुआ, जहां फैंस की भारी भीड़ उमड़ी थी. लॉस एंजिल्स में मिला ऐतिहासिक सम्मान ग्लोबल स्तर पर दिलजीत का कद लगातार बढ़ रहा है. हाल ही में लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल ने वैश्विक मंच पर पंजाबी संगीत को पहचान दिलाने और अमेरिकी मनोरंजन जगत में दक्षिण एशियाई संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए दिलजीत को एक अनोखा सम्मान दिया है. काउंसिल ने बाकायदा एक प्रस्ताव पास करके 6 जनवरी, 2027 को आधिकारिक तौर पर 'दिलजीत दोसांझ दिवस' घोषित किया है.

भीषण गर्मी से बढ़ा बिजली का लोड, यूपी में मांग ने तोड़ा देश का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड

लखनऊ यूपी में बिजली आपूर्ति की अधिकतम मांग ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाया है। रविवार देर रात बिजली की अधिकतम मांग ने 32348 मेगावॉट का नया आंकड़ा छू लिया। यह देश में अब तक की अधिकतम मांग का रिकॉर्ड है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे लेकर पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र की अधिकतम मांग इस साल 13 मई को 32317 मेगावॉट गई थी। यह अब तक देश की अधिकतम मांग थी। यूपी ने रविवार को इस मांग को पीछे छोड़ते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। एके शर्मा ने इस उपलब्धि के लिए जनता और बिजली विभाग के सभी कर्मचारियों व अधिकारियों को शुभकामनाएं दी हैं। चढ़ते पारे से एक बार फिर बिजली की मांग में बेतरतीब इजाफा दर्ज किया जा रहा है। तकरीबन 10 दिनों के बाद बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 31 हजार मेगवॉट के पार चली गई है। बिजली की बढ़ती मांग के बीच चार पावर प्लांट ठप रहे, जिसकी वजह से बिजली के इंतजाम एक्सचेंज व अन्य स्रोतों से करना पड़ा। वहीं, बढ़ते लोड से बिजली फॉल्ट की संख्या भी बढ़ी है। बिजली की आवाजाही से जनता परेशान रही। बढ़ी हुई मांग की आपूर्ति बनाए रखना चुनौती जानकारों की मानें तो मौसम देखते हुए अभी बिजली की मांग में इजाफा दर्ज होगा। ऐसे में बिजली की आपूर्ति बनाए रखना पावर कॉरपोरेशन के लिए चुनौती से कम नहीं है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उपभोक्ताओं के संयोजित भार और ट्रांसफॉरमरों के भार में करीब 2 करोड़ किलोवॉट का अंतर है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे कहते हैंकि उमस भरे मौसम में बिजली की मांग और भी बढ़ती है। ऐसे में अभी दर्ज हो रही मांग से ज्यादा अधिकतम मांग वाला समय मॉनसून में आएगा। निर्बाध आपूर्ति के लिए बेहतर होगा कि छांटे गए संविदा कर्मचारियों को बहाल किया जाए। इससे बिजली फॉल्ट जल्दी ठीक किए जा सकेंगे। और लोग कम परेशान होंगे। शनिवार-रविवार रात 31509 मेगावॉट तक पहुंच गई थी मांग शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात को करीब 1.30 बजे बिजली की अधिकतम मांग 31509 मेगावॉट पहुंच गई। वहीं, न्यूनतम मांग का आंकड़ा भी 24369 मेगावॉट दर्ज किया गया। इसके पहले 10 जून को बिजली की अधिकतम मांग 31894 मेगावॉट दर्ज की गई थी। हालांकि, इसके बाद से मौमस में नर्मी थी तो बिजली की मांग भी कम पड़ी थी। अब एक बार फिर मौसम तप रहा है और बिजली की मांग बढ़ रही है। मांग बढ़ने की वजह से ट्रांसफॉर्मरों पर लोड़ बढ़ रहा है। तमाम जगहों पर एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) जलने, केबल जल जाने और ट्रांसफॉर्मर फुंक जाने जैसी घटनाएं हो रही हैं। इस तरह के फॉल्ट की संख्या में बीते दो दिनों में इजाफा दर्ज किया गया है। ऐसे में बिजली की आवाजाही उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत बनी हुई है। गर्मी में फॉल्ट की वजह से आपूर्ति बाधित होने से लेाग आक्रोशित हैं। वहीं, बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही उत्पादन इकाइयों के ठप होने से बिजली की उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला, जमीन विवाद में आरोपी गिरफ्तार

बॉलीवुड एक्टर पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई को लेकर चौंकाने वाली खबर सामने आई है. एक्टर बड़े भाई विजयेंद्रनाथ तिवारी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला हुआ है. हमले में एक्टर के भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पंकज त्रिपाठी के भाई पर कब और कैसे हमला हुआ? जानकारी के मुताबिक, पंकज त्रिपाठी के बड़े भाई पर बिहार के गोपालगंज जिले में जमीन विवाद को लेकर हमला किया गया है. पुलिस के मुताबित, विजयेंद्रनाथ तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला 21 जून को माधवपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलसंड तिवारी टोला में जमीन विवाद को लेकर किया गया है. सूचना मिलने के बाद सदर-2 के एसडीपीओ और माधोपुर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. किस हालत में हैं एक्टर के भाई? हमले में एक्टर के भाई गंभीर रूप से जख्मी हो गए, जिसके बाद विजयेंद्रनाथ तिवारी को घायल हालत में पहले गोपालगंज सदर अस्पताल ले जाया गया. वहां उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर और नियंत्रण में है. कौन है आरोपी? घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर सबूत जुटाए गए. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और आरोपी द्वारा पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए हैं. शुरुआती जांच से पता चला है कि यह हमला लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद के कारण हुआ. पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान पीड़ित के पड़ोसी राजेश साह के रूप में हुई है, जिसने कथित तौर पर तिवारी पर कुल्हाड़ी से हमला किया है. पुलिस ने राजेश को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि इलाके में कानून-व्यवस्था फिलहाल सामान्य है.

रेत माफियाओं पर सख्ती: भाजपा नेता हत्याकांड के बाद रातभर चला संयुक्त उड़नदस्ता का अभियान

रायपुर. कोरिया जिले में रेत उत्खनन को लेकर हुए विवाद के बाद भाजपा नेता की भाजपा नेता द्वारा की गई जघन्य हत्या के बाद अब सरकार हरकत में आती नजर आ रही है. केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने बीती रात नदियों का औचक निरीक्षण किया. औचक निरीक्षण में अवैध भंडारण पर कार्रवाई करते हुए भंडारण करने वालों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. संचालक आईएएस रजत बंसल के निर्देश पर सक्रिय हुए केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने बीती रात मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला के तहसील केल्हारी में दंडाहस्वाही स्थित केवाई नदी, पसौरी, कुटरा और हसदेव नदी का निरीक्षण किया. इस दौरान स्वीकृत दो अस्थाई भण्डारण अनुज्ञप्ति स्थलों की सघन जांच की गई. मौके पर ड्रोन सर्वे के माध्यम से रेत की मात्रा का मापन किया गया. विभागीय जानकारी के अनुसार, केवल एमसीबी जिला ही नहीं, बल्कि संचालक के निर्देशानुसार राज्य के विभिन्न जिले के पहुंच विहीन क्षेत्र एवं अवैध रेत उत्खनन क्षेत्रों का चिन्हांकन कर हाईटेक ड्रोन सर्वे के माध्यम से से निगरानी की जा रही है, जिससे अवैध रेत खनन एवम भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके. इसके साथ ही जांच में केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम के साथ जिला स्तरीय टीम मौजूद रहे. 

योगी सरकार का बड़ा एक्शन! 21 साल पुराने सपा कार्यालय पर चला बुलडोजर

सीतापुर  यूपी के सीतापुर में सुबह-सुबह समाजवादी पार्टी के ऑफिस में योगी सरकार का बुलडोजर गरजा। टॉउन हॉल परिसर में 21 साल पहले नजूल भूमि पर बना कार्यालय चार बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। प्रशासन द्वारा नोटिस जारी होने पर दो दिन पहले सपा कार्यालय खाली कर दिया गया था। टाउन हॉल परिसर की नजूल भूमि को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने नियम विरुद्ध 15 जनवरी 2005 को समाजवादी पार्टी के कार्यालय संचालन के लिए आवंटित किया था। जिसका वार्षिक किराया केवल 100 रुपये था। आवंटन प्रक्रिया नियम विरुद्ध होने पर पूर्व में नगर पालिका ने उक्त आवंटन को निरस्त कर दिया था। आवंटन निरस्त होने के बाद भी सपा कार्यालय नियम विरुद्ध संचालित हो रहा था। बीते आठ जून को जिलाधिकारी न्यायालय ने नोटिस जारी कर कार्यालय को 15 दिन के भीतर खाली करने का आदेश जारी किया गया था। प्रशासन की ओर से लगातार कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी। तय समय पूरा होने के पहले ही सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव ने लगभग दो दिन पहले ही कार्यालय खाली कर दिया। कार्यालय खाली होने के बाद सोमवार इसके बाद सोमवार सुबह ही प्रशासनिक अधिकारी बुलडोजर लेकर समाजवादी पार्टी कार्यालय पर पहुंच गए। समाजवादी पार्टी कार्यालय की बिल्डिंग को बुलडोजर की मदद से जमीदाज कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। सपा कार्यालय को दिया गया था नोटिस नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने कहा कि नियमों के तहत संबंधित पक्ष को विधिवत नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित 15 दिन की अवधि पूरी होने के बाद भूमि को खाली कराया गया, क्योंकि उस पर अवैध कब्जा था। यहां एक पार्टी कार्यालय संचालित हो रहा था। प्रशासन का उद्देश्य इस भूमि को कब्जामुक्त कराकर सरकारी महाविद्यालय के निर्माण के लिए सुरक्षित करना है। बागपत में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद पर चला बुलडोजर उधर, बागपत के राजपुर खामपुर गांव में न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बनी करीब 40 साल पुरानी मस्जिद को शनिवार को बुलडोजर से ध्वस्त करा दिया। कार्रवाई के दौरान गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रशासनिक अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। राजपुर खामपुर गांव में तकिए वाली मस्जिद है। करीब पांच साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई गई थी कि इस मस्जिद को सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है। शिकायत के अनुसार तालाब की जमीन पर करीब 40 साल पहले मस्जिद का निर्माण कर लिया गया था। मामला लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। अब न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ शनिवार को ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

जलवायु परिवर्तन का गहरा असर: बिहार में घट रही बारिश, बढ़ रहा तापमान

पटना बिहार सहित देश भर में जलवायु परिवर्तन का गंभीर असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है, जिससे मौसम का स्वाभाविक तेवर पूरी तरह बिगड़ चुका है और ऋतुओं का स्वरूप बेरंग हो रहा है। मौसम विभाग ने पिछले दो दशकों में तेजी से बदले इस पर्यावरण संकट के कारणों का एक विशेष अध्ययन करने का फैसला लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सहित देश भर में बारिश की गतिविधियां लगातार कम हो रही हैं और मानसून की चाल बुरी तरह बाधित हुई है। इस वजह से न केवल बारिश के दिनों में हीट वेव की स्थिति बन रही है, बल्कि सालभर के कुल वर्षापात (Rainfall) के आंकड़े भी साल-दर-साल लगातार घटते जा रहे हैं, जो कृषि प्रधान बिहार के लिए एक खतरे की बड़ी घंटी है। पिछले दो दशकों में 13 साल सूखा जैसे हालात आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 20 साल में बिहार के भीतर ऐसे 13 मौके आए हैं जब मानसून अवधि में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। आंकड़ों को देखें तो वर्ष 2025 में 31%, 2024 में 20%, 2023 में 23%, 2022 में 31% और 2018 में 25% कम वर्षा हुई थी, जबकि इस साल भी अब तक सूबे में 41% बारिश की भारी कमी बनी हुई है। जलवायु विशेषज्ञ प्रो. डॉ. प्रधान पार्थसारथी के अनुसार, बिहार में सावन और भादो के महीने में होने वाली पारंपरिक धीमी और लगातार बारिश, जिसे स्थानीय भाषा में 'झपसी' कहा जाता था, वह पिछले डेढ़ दशक से पूरी तरह गायब हो चुकी है। इस झपसी से न केवल धान की फसलों को प्रचुर लाभ मिलता था, बल्कि वातावरण का तापमान भी नियंत्रित रहता था, लेकिन अब नई पीढ़ी इस अनमोल मौसमी घटना से पूरी तरह वंचित हो चुकी है। देश के अलग-अलग केंद्रों को सौंपी गई जिम्मेदारी मौसम विभाग की इस विशेष योजना के तहत देश के विभिन्न प्रमुख केंद्रों को अध्ययन की अलग-अलग कमान सौंपी गई है। इसके तहत चंडीगढ़ केंद्र पश्चिमी विक्षोभ, अहमदाबाद हीट वेव व कोल्ड वेव, भोपाल मानसून के प्रसार, भुवनेश्वर ट्रॉपिकल साइक्लोन और जयपुर केंद्र डेजर्ट मेट्रोलॉजी पर अध्ययन करेगा, जबकि हैदराबाद को समेकित शहरी मौसम प्रणाली की जिम्मेदारी मिली है। गौरतलब है कि भारत में साल 1901 से 1930 की तुलना में 2015 से 2024 के बीच औसत तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों के कारण हरित क्षेत्र में कमी, वज्रपात की अप्रत्याशित घटनाएं, शहरी बाढ़, ग्राउन्ड वाटर पर असर पड़ रहा है, जिसे रोकने के लिए अब यह वैज्ञानिक अध्ययन बेहद मील का पत्थर साबित होगा।

अयोध्या राम मंदिर दान घोटाले की जांच तेज, शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हो सकती है FIR

अयोध्या अयोध्या राम मंदिर दान में कथित हेराफेरी की जांच के लिए बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) अपनी अंतरिम रिपोर्ट आज देर शाम तक सौंप सकती है। सूत्रों के अनुसार, अंतरिम रिपोर्ट पूरी हो चुकी है। इसे आज शाम को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय को सौंपा जा सकता है। 15 दिन बाद फाइनल रिपोर्ट श्रीराम जन्मभूमि में रामलला के चढ़ावे में धांधली की जांच के लिए गठित एसआईटी सोमवार को प्रारम्भिक रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। रिपोर्ट पूरी करने के लिए शासन से नामित वरिष्ठ जांच अधिकारी भले शनिवार शाम लखनऊ चले गए, लेकिन उनका स्टाफ देर रात तक श्रीराम जन्मभूमि परिसर के पीएफसी में कार्यरत रहा। यह टीम रविवार को भी पूरी सक्रियता से काम करती रही। 15 दिनों के बाद फाइनल रिपोर्ट सौंपी जाएगी। द्वितीय चरण की जांच एसआईटी सोमवार से शुरू करेगी। एसआईटी की प्रारम्भिक रिपोर्ट पर होगा मुकदमा टीम ने रिपोर्ट में शामिल लोगों के बयान में हुई भूल-चूक दुरुस्त करने के लिए दोबारा बुलाकर बयान दर्ज किया। सूत्र बताते हैं कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद यह टीम या इनका कोई अधिकृत व्यक्ति लखनऊ जाएगा और सोमवार को जांच टीम के अधिकारी रिपोर्ट शासन को सौंप देंगे। पुनः शासन के निर्देश पर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित होगी, जिसमें प्रथम दृष्टया दोषसिद्धि के आधार पर संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा सकती है। नृपेन्द्र के बयानों से असहज हो रहे ट्रस्टी अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे में धांधली के साथ दिन-प्रतिदिन हो रहे नए खुलासों के बीच मीडिया में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पदेन सदस्य और भवन-निर्माण समिति चेयरमैन नृपेन्द्र मिश्र के बयान ने कठघरे में खड़े ट्रस्टियों को असहज कर दिया है। किसी ने कहा कि प्रशासनिक सेवा से वरिष्ठतम अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त होकर और मंदिर ट्रस्ट में शामिल होते हुए भी उनकी ओर से बयान जारी करना उचित नहीं प्रतीत होता है। इससे ट्रस्ट की छवि ही नहीं प्रभावित हो रही, बल्कि मीडिया को भी अनर्गल प्रलाप का मौका मिल गया है। कई लोगों ने लगाए संगीन आरोप एक सप्ताह के भीतर देखें तो एसआईटी की जांच के बीच कुछ लोगों ने निर्माण से लेकर मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाने वाले रुपए और धातुओं को गायब करने का आरोप लगाया है। सूत्र बताते हैं कि अब जांच के दूसरे चरण में सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से जिन लोगों ने विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए हैं अब उनसे भी पूछताछ की जाएगी। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि उनके दावे में कितनी सच्चाई थी। इसके बाद बड़ी कार्रवाई की चर्चा है।

राहुल गांधी का पंजाब कांग्रेस को कड़ा संदेश! गुटबाजी छोड़ने की नसीहत, 5 दिग्गज नेताओं संग बैठक

 चंडीगढ़ लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले  पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं के साथ अहम बैठक की।  इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को समाप्त करना था। राहुल ने वरिष्ठ नेताओं को एकजुटता का पाठ पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में किसी भी तरह की गुटबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और विजय इंदर सिंगला समेत अन्य नेता शामिल थे। बाजवा ने बताया कि राहुल गांधी ने सभी वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। संगठनात्मक बदलाव का फैसला राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया है। पंजाब की जनता कांग्रेस को एक और अवसर देने के लिए तैयार है।  उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन का हवाला दिया। कांग्रेस ने तब 14 में से 8 संसदीय सीटें जीती थीं, जिनमें सात पंजाब की थीं। बाजवा के अनुसार, एकजुट होकर कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनाव में 70 से 80 सीटें जीत सकती है। 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां  पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने बताया कि यह बैठक 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिए थी। सभी नेताओं ने इसमें अपनी राय रखी। वड़िंग ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान नितिन नबीन के पंजाब दौरे पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा का पंजाब में जबरदस्ती करने का सपना पूरा नहीं होगा। पंजाब के लोग ऐसी किसी भी जबरदस्ती को बर्दाश्त नहीं करेंगे। संगठनात्मक बदलाव पर मंथन  पार्टी में प्रधान पद में बदलाव को लेकर भी चर्चा चल रही है। सांसद चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के नाम पर विचार हो रहा है। पार्टी आलाकमान इन दोनों नामों पर गहन मंथन कर रहा है। प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी खत्म करना पार्टी आलाकमान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। पार्टी ने गुटबाजी पर सख्त रुख अपनाया है। राहुल ने पहले भी पंजाब दौरे के दौरान चेतावनी दी थी कि जो नेता काम नहीं करेगा, उसे घर बैठा दिया जाएगा। नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें  बैठक से पहले पर्यवेक्षकों ने भी नेताओं के साथ व्यक्तिगत बैठकें की थीं। इन बैठकों में सांसद, विधायक, पूर्व मंत्री और जिला प्रधान शामिल थे। नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने बताया कि उन्होंने सबसे पहले समय मांगा था। उन्होंने बैठक के दौरान अपनी बात विस्तार से रखी। ये बैठकें नेताओं की व्यक्तिगत राय जानने के लिए महत्वपूर्ण थीं।  

बुध का कर्क राशि में प्रवेश, कई राशियों के लिए बदलेगा भाग्य का रास्ता

 वैदिक ज्योतिष के सभी ग्रहों में बुध अत्यंत प्रभावशाली ग्रहों में गिना जाता है. बुध को मिथुन और कन्या राशि का स्वामी माना जाता है और यह ग्रह विशेष रूप से बुद्धि, वाणी, संवाद क्षमता, व्यापारिक समझ और मानसिक चेतना से जुड़ा होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, बुध 22 जून यानी आज दोपहर 3 बजकर 9 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. बुध का यह राशि परिवर्तन बहुत ही विशेष माना जा रहा है. ऐसे में कुछ राशियों के लिए यह गोचर बहुत ही शुभ है और कुछ राशियों को सावधान रहना होगा. 1. मेष बुध का गोचर मेष राशि के चौथे भाव में होगा. घर का माहौल सकारात्मक बना रहेगा. करियर और कार्यक्षेत्र के संदर्भ में यह समय मेहनत का फल देने वाला रहेगा. बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है. वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों का सहयोग भी मिल सकता है. आर्थिक मामलों में जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद सामने आ सकते हैं. यह समय जीवनसाथी के लिए प्रगति लेकर आ सकता है. करियर में उन्नति या पदोन्नति मिलने की संभावना बन सकती है. 2. वृषभ बुध का गोचर वृषभ राशि के तीसरे भाव में होगा. अधूरे काम पूरे हो सकते हैं. आपके प्रयासों को सफलता मिल सकती है. आर्थिक मामले सही रहेंगे. रिश्ते मजबूत हो सकते हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना बढ़ सकती है. 3. मिथुन बुध का गोचर मिथुन राशि के दूसरे भाव में होगा. कम्युनिकेशन स्किल इस समय आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है. यह समय धन अर्जित करने के लिए बढ़िया माना जा रहा है. नई संपत्ति या प्रॉपर्टी खरीदने का विचार कर सकते हैं. 4. कर्क बुध आज कर्क राशि में ही जाने वाले हैं. सेहत का सबसे ज्यादा ध्यान रखना होगा. हालांकि, आर्थिक दृष्टि यह समय सकारात्मक रहेगा. विदेशी स्रोतों, विदेशी कंपनियों या विदेश से जुड़े कार्यों से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है. परिवार में मानसिक बनी रहेगी. करियर के क्षेत्र में नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय अच्छा साबित हो सकता है. 5. सिंह बुध का गोचर सिंह राशि वालों के बारहवें भाव में होगा, जो खर्च, विदेश, एकांत, शोध और मानसिक चिंतन से जुड़ा होता है. आर्थिक योजना बनाकर चलना बेहद जरूरी रहेगा. अनावश्यक खर्चे बढ़ सकते हैं. इस दौरान लंबी दूरी की यात्रा करनी पड़ सकती है, जो भविष्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. 6. कन्या बुध कन्या राशि वालों के ग्यारहवें भाव में होगा. आपकी कोई पुरानी इच्छा पूरी हो सकती है. लंबे समय से रुका हुआ काम पूरा हो सकता है. सेहत अच्छी रहेगी. आप खुद को ऊर्जा से भरपूर और शारीरिक रूप से मजबूत महसूस कर सकते हैं. सामाजिक जीवन में इस दौरान आपकी सक्रियता बढ़ सकती है. नए रिश्तों की शुरुआत होने की संभावना भी बन सकती है. 7. तुला बुध का गोचर तुला राशि वालों के दसवें भाव में होगा. यह अवधि तुला राशि के जातकों के लिए सकारात्मक अवसर लेकर आ सकती है. कार्यक्षेत्र या बिजनेस से जुड़ी कोई ऐसी खुशखबरी मिल सकती है. करियर में पदोन्नति मिलने की संभावना बन सकती है. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ सकता है. पारिवारिक जीवन में भी यह समय सुखद रह सकता है. भाग्य का साथ मिलेगा. 8. वृश्चिक बुध का गोचर वृश्चिक राशि वालों के नौवें भाव में होगा. इस दौरान कई मामलों में अप्रत्याशित लाभ मिलने की संभावना भी बन सकती है. इस दौरान अचानक यात्रा के योग भी बन सकते हैं, जो किसी जरूरी कार्य या अवसर के कारण हो सकती है. 9. धनु बुध का गोचर धनु राशि वालों के आठवें भाव में होगा. स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आ सकता है. इस दौरान जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकता है. पिता से जुड़े आर्थिक मामलों में थोड़ी परेशानी आ सकती है. 10. मकर बुध का गोचर मकर राशि वालों के सातवें भाव में होगा. पदोन्नति या आय में वृद्धि होने की संभावना बन सकती है. पेशेवर जीवन में स्थिरता और प्रगति देने वाला साबित हो सकता है. पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक माहौल बना रह सकता है. आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. 11. कुंभ बुध कुंभ राशि वालों के छठे भाव में प्रवेश करेंगे. पुराने कर्ज से मुक्ति मिलने की संभावना बन सकती है. खर्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना भी बन सकती है. आर्थिक योजना बनाकर चलना जरूरी होगा. कानूनी मामला चल रहा है तो इस दौरान निर्णय आपके पक्ष में आने की संभावना बन सकती है. 12. मीन बुध मीन राशि वालों के पांचवें भाव में होगा. इस दौरान नई चीजें सीखने और ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा बढ़ सकती है. आर्थिक दृष्टि से यह समय आय में वृद्धि के संकेत दे सकता है. यदि आप विवाहित हैं तो जीवनसाथी को करियर में कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि मिल सकती है. प्रेम विवाह के योग भी बन सकते हैं.