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चाणक्य नीति: पैसे का सही उपयोग ही सफलता की असली कुंजी

 क्या आपने कभी सोचा है कि ज्यादातर लोग बहुत मेहनत करते हैं, फिर भी अमीर नहीं बन पाते हैं? और क्यों कई बार पैसा होने के बावजूद सुख और सम्मान टिकता नहीं है? आचार्य चाणक्य ने इस सवाल का जवाब बहुत पहले दे दिया था. उन्होंने कहा था कि पैसा अगर सही जगह खर्च न किया जाए, तो वही विनाश का कारण बनता है. जीवन में 3 ऐसी जगहें हैं जहां पैसा खर्च करते वक्त कभी नहीं सोचना चाहिए और यही आपकी सफलता की असली गारंटी बनता है. शिक्षा (Knowledge) चाणक्य कहते हैं कि विद्या सबसे बड़ा धन है, क्योंकि इसे कोई चुरा नहीं सकता है. आज लोग मोबाइल अपग्रेड करने में पैसा खर्च कर देते हैं, लेकिन अपने दिमाग को अपग्रेड करने से बचते हैं. सोचें ₹5000 अगर किसी गैजेट पर खर्च होते हैं तो कुछ महीनों में उसकी वैल्यू खत्म हो जाती है, लेकिन वही पैसा अगर किसी स्किल पर लगे तो सालों तक फायदा देता है. शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री नहीं है, बल्कि सोच को बेहतर बनाना है. जो व्यक्ति सीखना बंद कर देता है, वह धीरे-धीरे पीछे छूट जाता है. रिश्ते (Relationships) चाणक्य कहते हैं कि संकट के समय जो आपके साथ खड़ा रहे, वही आपका असली धन है. आज हमारे पास हजारों ऑनलाइन कनेक्शन होते हैं, लेकिन मुश्किल समय में सिर्फ 2-3 लोग ही साथ खड़े होते हैं. यही वो लोग हैं जिनमें आपको समय, सम्मान और भावनाएं निवेश करनी चाहिए. लेकिन ध्यान रखें कि गलत लोगों में निवेश सबसे बड़ा घाटा है. जो लोग आपकी ऊर्जा खत्म करते हैं, उनसे दूरी बनाना ही समझदारी है. अच्छे रिश्ते बनाने के 3 नियम ईमानदारी कृतज्ञता (Thank you कहना) समय देना आत्मविकास (Self Growth) चाणक्य कहते हैं कि जो व्यक्ति खुद में निवेश नहीं करता, वह अंदर से हमेशा गरीब रहता है. आज लोग बाहर की चीजों पर खर्च करते हैं जैसे कपड़े, ब्रांड, दिखावा. लेकिन मन और आत्मा को मजबूत करने पर ध्यान नहीं देते हैं, तो वह अपना ही नुकसान कर रहे हैं. आत्मविकास का मतलब है? हर दिन कुछ नया सीखना, अपने व्यवहार पर विचार करना, अनुशासन (Discipline) अपनाना और ध्यान, पढ़ाई और आत्मचिंतन, ये तीन चीजें इंसान को अंदर से मजबूत बनाती हैं. असली अमीरी क्या है? चाणक्य कहते हैं कि अमीर वो नहीं जिसके पास पैसा है, बल्कि वो है जिसकी सोच अमीर है. पैसा सुविधा देता है, लेकिन बुद्धिमत्ता शांति देती है. अगर आप पैसा सिर्फ दिखावे में खर्च करते हैं, तो वह खत्म हो जाएगा. लेकिन अगर आप उसे ज्ञान, रिश्तों और खुद के विकास में लगाते हैं, तो वह बढ़ता रहेगा.

मलाई से पाएं नेचुरल ग्लो, जानें आसान फेस पैक रेसिपी

खूबसूरत और आकर्षक दिखना हर कोई चाहता है. सुंदर दिखने के लिए सिर्फ अच्छे कपड़े और जूते पहनना ही जरूरी नहीं होता है. उसके लिए स्किन का अच्छा होना भी बहुत जरूरी है. ऐसे में चेहरे पर नेचुरल ग्लो पाने के लिए लोग अक्सर महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का सहारा लेते हैं, लेकिन वैसा रिजल्ट नहीं मिल पाता है जैसा वो लोग चाहते हैं.    हालांकि, वो लोग ये बात नहीं जानते हैं कि स्किन पर ग्लो लाने के लिए जिस चीज की की तलाश वो लोग महंगे प्रोडक्ट्स में कर रहे हैं. वो कई बार घर की रसोई में मौजूद चीजों में ही मिल जाती है. जी हां, स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए कई बार घर में रखी चीजें ही कमाल कर जाती हैं. खासकर मलाई से बने फेस पैक स्किन को गहराई से नमी देने के साथ-साथ उसे मुलायम और चमकदार बनाने में मदद करते हैं. अगर आपकी स्किन रूखी या बेजान दिखने लगी है, तो आप मलाई से बनाने वाले कुछ फेस पैक्स का इस्तेमाल करके उसे ग्लोइंग और चमकार बना सकते हैं. मलाई क्यों है स्किन के लिए फायदेमंद? मलाई स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होती है. इसमें नेचुरल फैट और पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो स्किन को मॉइश्चराइज करने में मदद करते हैं. इसे चेहरे पर लगाने से स्किन सॉफ्ट दिखती है और रूखापन भी कम होता है. इसके साथ ही ये चेहरे की खोई चमक वापस लाने में भी मददगार मानी जाती है. 1. मलाई और शहद का फेस पैक अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा ड्राई रहती है, तो मलाई में शहद मिलाकर लगाना आपके लिए वरदान साबित हो सकता है. इसके लिए एक चम्मच मलाई में थोड़ा सा शहद मिलाकर पेस्ट तैयार करें. अब इसे चेहरे और गर्दन पर लगाकर करीब 15 मिनट छोड़ दें. इसके बाद हल्के गुनगुने पानी से चेहरा धो लें. इससे स्किन में नमी बनी रहती है और चेहरा फ्रेश नजर आता है. 2. मलाई और हल्दी से मिलेगा इंस्टेंट निखार हल्दी न केवल शरीर में लगी चोट को ठीक करने के लिए इस्तेमाल की जाती है, बल्कि इसे पुराने समय से स्किन केयर के लिए बढ़िया माना जाता रहा है. एक चम्मच मलाई में चुटकीभर हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं. करीब 10 से 15 मिनट बाद चेहरा साफ कर लें. ये फेस पैक चेहरे की डलनेस कम करने और स्किन को चमकदार दिखाने में मदद कर सकता है. 3. मलाई और बेसन वाला पैक अगर चेहरे पर टैनिंग या डेड स्किन जमा हो गई है, तो मलाई और बेसन का फेस पैक ट्राई किया जा सकता है. इसके लिए एक चम्मच मलाई में थोड़ा बेसन मिलाकर गाढ़ा पेस्ट बना लें. इसे चेहरे पर लगाकर सूखने दें और फिर हल्के हाथों से रगड़ते हुए पानी से धो लें. इससे स्किन साफ और मुलायम महसूस हो सकती है. 4. मलाई और गुलाबजल वाला पैक अगर आपकी स्किन बेजान दिखने लगी है तो मलाई और गुलाबजल का पैक आपके लिए अच्छा ऑप्शन साबित हो सकता है. दोनों चीजों को मिलाकर चेहरे पर लगाएं और 15 मिनट बाद साफ पानी से धो लें. इससे स्किन को ठंडक मिलती है और चेहरा फ्रेश दिखता है. बरतें ये सावधानियां मलाई का कोई भी फेस पैक लगाने से पहले इस बात जरूर ध्यान रखें कि चेहरा अच्छी तरह से साफ होना बहुत जरूरी है. अगर आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है, तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें. साथ ही हफ्ते में 2 से 3 बार ही इन पैक्स का इस्तेमाल करें, ताकि स्किन पर ज्यादा असर न पड़े.

लखनऊ में परीक्षा अभ्यर्थियों से बदसलूकी पड़ी भारी, छेड़छाड़ के आरोपी ऑटो चालक का एनकाउंटर

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सिपाही भर्ती परीक्षा देने जा रही दो युवतियों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया. युवतियों ने हसीब नाम के ऑटो चालक पर छेड़छाड़ और मारपीट का आरोप लगाया. इसके बाद पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए सोमवार की देर को रात लखनऊ के पारा इलाके में आरोपी हसीब का एनकाउंटर कर दिया. इस एनकाउंटर में हसीब के पैर में गोली जा लगी. इसके बाद पुलिस हसीब को घायल अवस्था में अस्पताल लेकर गई और उसको भर्ती कराया. पुलिस ने आरोपी हसीब के पास से तमंचा, कारतूस और ऑटो बरामद किया है. बताया जा रहा है कि दोनों युवतियां लखीमपुर जिले की रहने वाली थीं और परीक्षा देने जा रही थीं।  यूपी पुलिस की परीक्षा देने जा रही थीं लड़कियां दोनों लड़कियों को लखनऊ में ट्रेन से उतर कर रायबरेली बस से जाना था. रेलवे स्टेशन से बस अड्डे तक के लिए दोनों युवतियां हसीब के ऑटो में बैठी थीं. इस दौरान आरोपी हसीब उनको बस अड्डे न ले जाकर एक सुनसान इलाके में लेकर चला गया. जहां उसने दोनों लड़कियों से छेड़छाड़ की. वहीं जब युवतियों ने विरोध करना शुरू किया तो आरोपी हसीब ने उनकी पिटाई कर दी. इस दौरान युवतियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया. फिर आरोपी हसीब मौके से फरार हो गया।  पुलिस ने आरोपी हसीब का किया एनकाउंटर इसके बाद दोनों पीड़िता नजदीकी थाने पहुंचीं. फिर पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज कराई और परीक्षा के लिए रायबरेली भेजा. पुलिस ने कई सीसीटीवी फुटेज की मदद लेकर आरोपी हसीब की पहचान की और देर रात पुलिस की घेरेबंदी में फंस गया. इस दौरान उसने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की और गोली हसीब के पैर में जा लगी. बताया जा रहा है कि आरोपी हसीब पहले भी हरदोई में दुष्कर्म के मामले में जेल जा चुका है।   

मां वाग्देवी की पूजा के बाद रामेश्वर शर्मा का बड़ा बयान, भोजशाला को लेकर फिर छिड़ी चर्चा

धार धार की ऐतिहासिक भोजशाला में मंगलवार को हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने मां वाग्देवी की पूजा-अर्चना की। उन्होंने भोजशाला को राजा भोज द्वारा निर्मित मां सरस्वती का पावन मंदिर बताया। विधायक ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि वे ऐतिहासिक सत्य को स्वीकार करता है। विधायक शर्मा ने कहा कि भोजशाला को लेकर सदियों से चला आ रहा संघर्ष अब सत्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है। न्यायपालिका ने भी इससे जुड़े तथ्यों और ऐतिहासिक सत्य को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने सभी पक्षों से सच्चाई को स्वीकार करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर का विषय नहीं है, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रश्न है। हिंदू समाज के 700 वर्षों के संघर्ष की सराहना धार के हिंदू समाज की जमकर सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों ने लगभग 700 वर्षों तक इस संघर्ष की ज्योति को जलाए रखा है। मां सरस्वती का यह मंदिर ज्ञान, संस्कृति और भारतीय परंपरा का प्रतीक है। राजा भोज द्वारा निर्मित यह धरोहर पूरे देश की आस्था का केंद्र है, इसलिए इसका गौरव हर हाल में पुनर्स्थापित होना चाहिए। देशभर में गूंजेगी धार से उठी आवाज अपने संबोधन में रामेश्वर शर्मा ने विश्वास जताया कि भोजशाला का मुद्दा केवल धार तक सीमित नहीं रहेगा। यहां से उठने वाली यह आवाज देशभर में गूंजेगी और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण को लेकर जनजागरण का माध्यम बनेगी। भोजशाला परिसर में उनके आगमन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद विधायक ने पूरे मंदिर परिसर का अवलोकन भी किया।

12 वर्षों का सफर और नया इतिहास, सबसे लंबे समय तक पीएम रहने के मामले में नेहरू से आगे निकले मोदी

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजाद भारत में सबसे लंबे समय तक पीएम पद पर बने रहने के नेहरू के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. वो देश के सबसे लंबे कार्यकाल तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं. 9 जून 2024 को ही उन्होंने एनडीए के तीसरे कार्यकाल में पीएम पद की शपथ ली थी और उनके सत्ता में रहने के 12 साल भी आज पूरे हो रहे हैं. पीएम मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और आज 9 जून 2026 तक उनके कार्यकाल के 4398 दिन पूरे हो गए हैं. अब वो सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री बन गए हैं।  एनडीए 10 जून को दिखाएगा ताकत  एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की 10 जून को बैठक होगी और इसमें एकजुटता के साथ शक्ति प्रदर्शन होगा.आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू रखेंगे प्रस्ताव. अन्य सहयोगी दलों के नेता प्रस्ताव का करेंगे समर्थन. प्रस्ताव में बतौर प्रधानमंत्री पिछले बारह साल की उपलब्धियों का ज़िक्र किया जाएगा।  पंडित नेहरू का 12 साल का रिकॉर्ड भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 13 मई 1952 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. नेहरू लगातार 4397 दिन यानी 12 साल 14 दिन तक प्रधानमंत्री रहे थे. पीएम मोदी ने 9 जून को सबसे लंबे कार्यकाल वाले प्रधानमंत्री का नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया. निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने 4398 दिन यानी 12 साल 15 दिन पूरे कर लिए हैं. नेहरू हालांकि 15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री बने थे लेकिन 1952 में लोकसभा चुनाव के पहले तक वो पांच साल अंतरिम सरकार के प्रमुख थे. नेहरू तब तक चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री नहीं बने थे।  मोदी सरकार के 12 वर्ष और 22 राज्यों में NDA शासन संगठनात्मक विस्तार पर चर्चा भाजपा सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. संबित पात्रा ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बैठक दोपहर में शुरू हुई. शाम देर तक चली. उन्होंने बताया कि यह बैठक पीएम मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल की सफलताओं और एनडीए के 22 राज्यों में शासन को रेखांकित करने के लिए बुलाई गई थी, जो संगठन के व्यापक विस्तार का प्रतीक है। युवा, महिला और वंचित वर्गों पर फोकस भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि नितिन नबिन की अध्यक्षता में हुई भाजपा की बैठक में संगठनात्मक विस्तार, युवाओं को जोड़ने, महिलाओं के सशक्तिकरण और एससी/एसटी समुदायों के विकास पर चर्चा हुई. बैठक में पार्टी के संगठन को मजबूत करने, युवा वर्ग को मुख्यधारा में लाने, महिला सशक्तिकरण और अनुसूचित जाति/जनजाति के उत्थान जैसे मुद्दों पर फोकस किया गया।  आगामी चुनावों की रणनीति पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में 26 मई 2026 तक मोदी सरकार के 12 वर्षों के उपलक्ष्य में जन-संपर्क अभियान तेज करने और आगामी विधानसभा व राज्यसभा चुनावों के लिए रणनीति तैयार करने पर मंथन हुआ. संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने के लिए 10 जून को एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपमुख्यमंत्रियों की एक हाई-प्रोफाइल बैठक प्रस्तावित है, जिसमें भावी राजनीतिक एजेंडे पर चर्चा होगी।  नेहरू 1947 से 27 मई 1964 तक प्रधानमंत्री पद  पर रहे. ऐसे में नेहरू का पूरा टाइम तो 6130 दिन होता है. लेकिन इसमें से करीब 5 साल वो अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर प्रधानमंत्री रहे. पीएम मोदी ने 25 जुलाई 2025 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के लगातार 4077 दिनों के प्रधानमंत्री के लंबे कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा था।  शासन में सबसे लंबे वक्त का रिकॉर्ड पीएम मोदी ने मार्च 2026 में एक बड़ा इतिहास बनाया था. गुजरात के मुख्यमंत्री और फिर प्रधानमंत्री रहने के दोनों कार्यकालों को मिला दें तो वह 8931 दिनों से अधिक समय तक सत्ता में रहने वाले भारत के पहले नेता बन गए थे. उन्होंने तब सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग (8930 दिन) के रिकॉर्ड को तोड़ा था।  सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री पीएम मोदी भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने वाले पहले गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री भी हैं. वो गैर कांग्रेसी सरकार के ऐसे पहले नेता हैं, जिन्होंने लगातार दो बार पूर्ण बहुमत की सरकार चलाई और अब तीसरी बार एनडीए सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।  लगातार तीन बार चुनाव जीतने वाले दूसरे प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के बाद 2024 में नरेंद्र मोदी देश के दूसरे ऐसे प्रधानमंत्री बने थे, जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) में अपने नेतृत्व में गठबंधन या पार्टी को जीत दिलाकर लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. वो भारत के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनका जन्म देश की आजादी के बाद (17 सितंबर 1950) हुआ. इस तरह वो आजाद भारत में जन्मे पहले पीएम है. उनसे पहले के सभी प्रधानमंत्री 1947 से पहले जन्मे थे।  मोदी सरकार में लोगों को मिले कौन-कौन से लाभ? प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार हमेशा अंत्योदय से प्रेरित रही है और उसका प्रयास हमेशा यह सुनिश्चित करना रहा है कि विकास के लाभ उन लोगों तक पहुंचें जो दशकों से पीछे छूट गए हैं। पीएम ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह खुशी की बात है कि गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहायता सीधे और पारदर्शी तरीके से लोगों तक पहुंच रही है। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ है, कार्यकुशलता बढ़ी है और शासन में विश्वास मजबूत हुआ है। इसी तरह गरीब कल्याण को आगे बढ़ाने का सफर मानव सशक्तिकरण और विकसित भारत के हमारे सपने को साकार करने की दिशा में एक सामूहिक आंदोलन बन गया है। केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं से लोगों को वित्तीय सुरक्षा मिली: शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास और जन-धन जैसी केंद्रीय योजनाओं ने करोड़ों नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं और वित्तीय सुरक्षा से जोड़ा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल के दूसरे वर्ष के समापन पर एक संदेश में शाह ने कहा कि गरीब कल्याण मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमित शाह ने कहा कि सरकार ने अन्न योजना, … Read more

दिल्ली-NCR में यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी, Ola-Uber सेवाओं पर 9 दिन का संकट

नई दिल्ली दिल्ली के पड़ोसी राज्य पंजाब के कुछ शहरों के लोगों को 9 से 16 जून तक आवाजाही में दिक्कत झेलनी पड़ सकती है. दरअसल चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में ओला, उबर समेत एप बेस्ड कैब ड्राइवर हड़ताल पर हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैब ड्राइवर्स का ये अंदोलन सुबह 10 बजे से शाम 4 बज तक चलेगा. इस दौरान ये सवारियां लाने-लेजाने का काम नहीं करेंगे. ओला-उबर और इनड्राइव की इस हड़ताल का असर करीब 50 हजार यात्रियों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. कैब हड़ताल के बीच लोगों को तेज और जलती धूप के बीच पब्लिक ट्रांसपोर्ट या फिर ऑटो में सफर करना पड़ेगा।  कैब ड्राइवर क्यों कर रहे हड़ताल? पंजाब की राजधानी चंडीगढ़, मोहलाी और पंचकूला के कैब ड्राइवर्स के आंदोलन की वजह किराए की कीमतों में बढ़ोतरी न किए जाना है. ये लोग लगातार किराये में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं. कैब ड्राइवर्स के मुताबिक, साल 2025 में चंडीगढ़ प्रशासन ने उनके लिए किराया 25 किमी. प्रति किमी. तय किया था. इसके बाद से कई बार पेट्रोल, डीजल और सीएनजी महंगा हो चुका है. लेकिन कैब के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया. 1 साल से किराया नहीं बढ़ने से ये लोग नाराज हैं।  किराया 25 रुपये से35 रुपये प्रति किमी. करने की मांग कैब ड्राइवर्स कह रहे हैं कि सीएनजी 9 रुपये महंगी हो चुकी है. पेट्रोल-डीजल भी लगातार महंगा हो रहा है. ऐसे में ये लोग किराया 25 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये प्रति किमी. बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं. ड्राइवर एसोसिएशन का कहना है कि किराये में बढ़ोतरी की मांग को लेकर वे लोग कई बार अधिकारियों से मिले लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई. इसी वजह से उनको अब हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ा है।  दिल्ली-NCR में भी हुई थी ऑटो और टैक्सी भी हड़ताल बता दें कि 21 से 23 मई तक दिल्ली-एनसीआर में भी ऑटो और टैक्सी वालों ने हड़ताल की थी. इसका खामियाजा दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम के लाखों लोगों को भुगतना पड़ा था. ये हड़ताल इन लोगों ने कमर्शियल वाहनों पर ईसीसी बढ़ाए जाने और BS-4 या उससे पुराने वाहनों पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर की गई थी. हालांकि ओला, उबर और रैपिड जैसी एप बेस्ड सर्विसेज ने इस समर्थन का सपोर्ट नहीं किया था।  

आधुनिक खेती का कमाल: करेले की फसल ने महासमुंद के किसान को दिलाया लाखों का लाभ

पारंपरिक फसल छोड़ अपनाई करेले की आधुनिक खेती महासमुंद के प्रगतिशील किसान दीपक को हुआ 2.95 लाख रूपए का शुद्ध लाभ रायपुर,   करेले की आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं। आधुनिक तकनीकों (जैसे ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और मचान विधि) के प्रयोग से करेले की पैदावार कई गुना बढ़ जाती है और फलों की गुणवत्ता भी अच्छी रहती है।            छत्तीसगढ़ के किसान अब पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर आधुनिक और व्यावसायिक खेती के जरिए अपनी तकदीर बदल रहे हैं। ऐसा ही एक मिसाल महासमुंद जिले के विकासखंड बसना के अंतर्गत ग्राम बंसुलीडीह के प्रगतिशील किसान श्री दीपक ने पेश की है। स्नातकोत्तर  शिक्षित दीपक ने लीक से हटकर उद्यानिकी फसल को अपनाया, जिससे उनकी आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत सब्जी क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम के तहत करेला फसल का उत्पादन शुरू किया और आज वे क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं। धान की तुलना में 7 गुना से अधिक मुनाफा          किसान दीपक बताते हैं कि पहले वे अपनी 1.00 हेक्टेयर सिंचित भूमि पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे। धान से उन्हें सालभर में महज 42 हजार 300 रुपये का ही शुद्ध लाभ मिल पाता था। लेकिन उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से प्रेरित होकर जब उन्होंने करेले की खेती चुनी, तो उनकी किस्मत बदल गई। इस बार उन्हें इस फसल से लगभग 2.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है, जो धान के मुकाबले 7 गुना से भी अधिक है। आधुनिक कृषि तकनीकों ने बढ़ाई फसल की गुणवत्ता         दीपक की इस सफलता के पीछे वैज्ञानिक और आधुनिक तौर-तरीके रहे हैं। उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन में उन्होंने अपनी खेती में ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग तकनीक, आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग किया गया।  इन नवीन तकनीकों के प्रयोग से न केवल पानी की बचत हुई, बल्कि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में भी भारी उछाल आया। उन्हें प्रति एकड़ लगभग 18 टन करेले का बंपर उत्पादन मिला। ओडिशा के बाजारों तक पहुंची महासमुंद के करेले की धमक*           बेहतर क्वालिटी के कारण दीपक को बाजार में करेले का औसतन 30 रुपये प्रति किलोग्राम का शानदार भाव मिला। उन्होंने अपनी उपज को स्थानीय सरायपाली मंडी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के बड़े बाजारों में भी बेचा, जहां इसकी भारी मांग रही। प्रगतिशील किसान श्री दीपक ने बताया कि उद्यानिकी खेती अपनाने से मेरी आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी सुधार हुआ है। बढ़ी हुई आय से मेरे परिवार का जीवन स्तर काफी बेहतर हुआ है। मैं लगातार उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के संपर्क में रहता हूं ताकि नई सरकारी योजनाओं और तकनीकों का लाभ उठा सकूं। *आसपास के गांवों में बढ़ी उद्यानिकी फसलों की होड़          दीपक की इस बड़ी कामयाबी को देखकर ग्राम बंसुलीडीह सहित आसपास के इलाकों के अनेक किसान अब पारंपरिक खेती छोड़ उद्यानिकी फसलों (सब्जी और फल उत्पादन) की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। विभाग का मानना है कि ऐसी सफलताएं जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगी।

अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में होगा फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन

नई दिल्ली  फीफा वर्ल्ड कप 2026 बेहद खास होने वाला है। इस बार का विश्व कप ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि इसमें पहली बार 48 टीमें खेलती हुई दिखाई देंगी। ये वर्ल्ड कप फैंस के लिए भी खास होगा। विश्व कप की शुरुआत 12 जून से होने वाली है और इसका फाइनल मुकाबला 19 जुलाई को खेला जाएगा। ये वर्ल्ड कप तीन देशों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको शामिल हैं। ऐसा पहली बार होगा, जब फीफी विश्व कप तीन देशों की मेजबानी में खेला जाएगा। आइए बताते हैं ऐसे पांच फैक्ट्स जो आपके लिए जानना जरूरी है। 1. पहली बार 48 टीमों होंगी शामिल यह विश्व कप 48 देशों की टीमों के साथ खेला जाएगा। इससे पहले कतर 2022 में सिर्फ 32 टीमें थीं। अब 12 ग्रुप बनाए गए हैं, हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी। कुल मैच 64 से बढ़कर 104 हो गए हैं। ये टूर्नामेंट भी लंबा चलेगा और 39 दिनों तक खेला जाएगा। इस बदलाव से अफ्रीका, एशिया और कनाडा-मैक्सिको-अमेरिका क्षेत्र की ज्यादा टीमों को मौका मिला है। फीफा का लक्ष्य है कि विश्व कप और भी वैश्विक बने और इसी को ध्यान में रखते हुए फीफा ने 48 टीमों को शामिल कर लिया है। 2. तीन देश पहली बार संयुक्त मेजबान फीफा विश्व कप 2026 को तीन देश अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको मिलकर होस्ट करेंगे। पुरुष विश्व कप में यह पहली बार हो रहा है, जब तीन देश मेजबानी साझा कर रहे हैं। कुल 16 शहर मैचों की मेजबानी करेंगे, जिनमें वैंकूवर से लेकर मैक्सिको सिटी और मियामी तक शामिल हैं। अमेरिका सबसे ज्यादा मैच कराएगा, खासकर क्वार्टर फाइनल से आगे के सभी नॉकआउट मैच उसी के स्टेडियमों में होंगे। 3. एज्टेका स्टेडियम बनेगा ऐतिहासिक मैक्सिको सिटी का प्रसिद्ध एज्टेका स्टेडियम तीन अलग-अलग विश्व कप में मैच होस्ट करने वाला पहला स्टेडियम बनेगा। यहां 1970 और 1986 में भी मैच हुए थे। 2026 में टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच भी यहीं खेला जाएगा। इस स्टेडियम में पेले की ब्राजील (1970) और माराडोना की अर्जेंटीना (1986) ने विश्व कप फाइनल जीते थे। पेले की याद में स्टेडियम के बाहर हाल ही में उनकी बड़ी प्रतिमा भी लगाई गई है। 4. गर्मी होगी खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए चुनौती जून-जुलाई में उत्तर अमेरिका के कई शहरों में गर्मी और नमी बहुत ज्यादा होती है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग एक चौथाई मैच ऐसे मौसम में खेले जा सकते हैं जो खिलाड़ियों और फैंस दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। मियामी, कैनसस सिटी और फिलाडेल्फिया जैसे शहरों में यह समस्या ज्यादा हो सकती है। फीफा कूलिंग ब्रेक और अन्य सुरक्षा उपायों पर विचार कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये ब्रेक काफी छोटे हैं। 5. मनोरंजन पर खास फोकस, सुपर बाउल स्टाइल शो इस बार विश्व कप को और ज्यादा रोचक और मनोरंजक बनाने की कोशिश की जा रही है। फाइनल मैच न्यू जर्सी के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा। फीफा फाइनल के हाफ टाइम में एक बड़ा म्यूजिकल परफॉर्मेंस आयोजित करने की योजना बना रहा है, जैसा अमेरिका के सुपर बाउल में होता है।  

स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा

प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने की जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, आवास, पेयजल, राशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्यपालन और उद्यानिकी को बढ़ावा देने के दिए निर्देश दिव्यांग एवं असहाय हितग्राहियों को घर पहुंच पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने कहा रायपुर जशपुर जिले के प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने  जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना, कृषि, पेयजल, आवास, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य महत्वपूर्ण विभागों के कार्यों की जानकारी लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रभारी सचिव ने सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान सभी राजस्व प्रकरणों का ऑनलाइन पंजीयन एवं अद्यतन रिकॉर्ड संधारण सुनिश्चित करने पर बल दिया। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत आवास निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम जनमन योजना के अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्यों, निविदा प्रक्रिया एवं अपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर केंद्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने कहा। जल जीवन मिशन की समीक्षा के दौरान उन्होंने अपूर्ण कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा जिन गांवों में भूजल स्तर कम है वहां पेयजल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक एवं स्थायी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने जिले में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय चिकित्सालय, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय तथा अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों के निर्माण एवं स्थापना संबंधी कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने खरीफ एवं रबी फसलों के रकबे, खाद-बीज की उपलब्धता तथा भंडारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने किसानों की आय में वृद्धि के लिए दलहन, तिलहन, उद्यानिकी, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अपेक्स बैंक, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से किसानों को खेती, डेयरी, मत्स्यपालन एवं कृषि आधारित उद्यमों के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि इच्छुक किसान बड़े स्तर पर उत्पादन एवं व्यवसाय का विस्तार कर सकें। खाद्य विभाग की समीक्षा के दौरान राशन कार्डों के नवीनीकरण, नए राशन कार्डों की स्वीकृति तथा उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्नों के समय पर भंडारण एवं वितरण की स्थिति का जायजा लिया गया। शिक्षा विभाग से स्कूलों में पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म वितरण तथा महिला एवं बाल विकास विभाग से महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना एवं आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए। प्रभारी सचिव ने समाज कल्याण विभाग को निर्देशित किया कि ऐसे दिव्यांग, वृद्ध एवं असहाय हितग्राहियों की पहचान कर सूची तैयार की जाए, जो पेंशन प्राप्त करने के लिए बैंक तक पहुंचने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे हितग्राहियों को बीसी सखी के माध्यम से घर पहुंच पेंशन भुगतान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही कृत्रिम अंग, श्रवण यंत्र, चश्मा, बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरणों की आवश्यकता वाले हितग्राहियों को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने बताया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में कुल 35 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 15 हजार 846 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 11 हजार 205 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है तथा शेष आवेदनों का भी प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिले में मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरीय अस्पताल, शासकीय नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय एवं क्रिटिकल केयर सेंटर सहित विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 1 लाख 12 हजार 618 आवास स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 93 हजार 506 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार ने बताया कि मनरेगा अंतर्गत मजदूरी भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जिले में 6 मॉडल अमृत सरोवर चयनित किए गए हैं। इसके अलावा आजीविका डबरी के 495, वाटर रिचार्ज के 461, पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के 1,437 तथा सोक पिट निर्माण के 3,050 कार्य स्वीकृत एवं प्रगतिरत हैं। समीक्षा बैठक में मनरेगा, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, पीएम जनमन योजना, स्वास्थ्य, कृषि, उद्यानिकी, खाद्य, मत्स्यपालन, पशुपालन, जल संसाधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, शिक्षा, समाज कल्याण, श्रम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, क्रेडा तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सहित विभिन्न विभागों एवं योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

केसला ब्लॉक में महसूस हुए भूकंप के झटके, लोगों ने कहा- अचानक हिलने लगी जमीन

नर्मदापुरम  नर्मदापुरम जिले के केसला ब्लॉक के ग्राम चिचवानी और छीतापुरा क्षेत्र में सोमवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक आए कंपन से ग्रामीणों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। रात करीब 9:38 बजे महसूस हुआ कंपन मौसम केंद्र भोपाल और नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, 8 जून 2026 की रात करीब 9:39 बजे भूकंप दर्ज किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.8 मैग्नीट्यूड मापी गई। जबकि इसकी गहराई जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे बताई गई। छीतापुरा गांव तक महसूस हुए झटके चिचवानी गांव से करीब 2 किलोमीटर दूर छीतापुरा में भी लोगों ने झटके महसूस किए। स्थानीय जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया कि वह रात में छत पर सो रहे थे, तभी अचानक कुछ सेकंड के लिए कंपन महसूस हुआ। शुरुआत में ऐसा लगा कि घर हिल रहा है, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई। हल्की श्रेणी का माना जाता है 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 मैग्नीट्यूड का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। ऐसे भूकंप में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम रहती है, लेकिन इसके झटके लोगों को स्पष्ट रूप से महसूस हो सकते हैं। छत सो रहा था, अचानक से कंपन हुआ ग्राम चिचवानी से 2 किमी दूर स्थित छीतापुरा में भी झटके महसूस हुए। जनपद पंचायत सदस्य संतोष सल्लाम ने बताया रात करीब 9.30 बजे के आसपास जब में छत पर सो रहा था, तब कुछ पलभर के लिए कंपन हुआ। ऐसा लगा मानो घर हिल गया है लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ। 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है जानकारों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में आता है। इसमें आमतौर पर बड़ा नुकसान नहीं होता, लेकिन झटके साफ महसूस होते हैं। एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया मुझे इसकी जानकारी मिली है। अधिकृत पता करके थोड़ी देर में बताऊंगा। हल्की श्रेणी का भूकंप, नुकसान की खबर नहीं विशेषज्ञों के अनुसार 3.8 तीव्रता का भूकंप हल्की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे भूकंपों में आमतौर पर बड़े नुकसान की संभावना कम होती है, लेकिन झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए जा सकते हैं। प्रशासन ने भी फिलहाल किसी तरह की क्षति की पुष्टि नहीं की है। प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट एसडीएम निलेश शर्मा ने बताया कि भूकंप की जानकारी प्राप्त हुई है और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। अब तक किसी गांव से नुकसान या घायल होने की सूचना नहीं मिली है।