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सर्जरी के बाद दर्दनाक अंत: पत्नी ने पति के लिए दिया लीवर, दोनों की गई जान

पुणे  महाराष्ट्र के पुणे से एक दुखद मामला सामने आया है। यहां पर एक पत्नी ने अपने पति के जीवन को बचाने के लिए उसे लिवर दान देने का फैसला लिया। इसके बाद एक प्राइवेट हॉस्पिटल में सर्जरी करवाई गई। लेकिन सर्जरी के बाद ही पति की और फिर कुछ दिन बाद पत्नी की भी मौत हो गई। इससे लोगों ने प्राइवेट हॉस्पिटल को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना के सामने आने के बाद महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल को नोटिस जारी किया है। स्वास्थ्य सेवा की डिप्टी डायरेक्टर डॉक्टर नागनाथ येमपल्ले ने बताया कि सह्याद्री अस्पताल को इस घटना के संबंध में नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्हें इस ट्रांसप्लांट से जुड़ी सभी जानकारी सोमवार तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा, "हमने अस्पताल को एक नोटिस जारी किया है। इसमें पीड़ित की वीडियो रिकॉर्डिंग और उपचार की प्रक्रिया की जानकारी मांगी है। यह रिपोर्ट हमें सुबह 10 बजे तक मिल जाएगी। क्या है पूरा मामला? रिपोर्ट्स के मुताबिक मृतक बापू कोमकर को लिवर की समस्या थी, जिसे लेकर डॉक्टर ने उन्हें ट्रांसप्लांट की सलाह दी। उनकी पत्नी कामिनी ने पति की जान बचाने के लिए उन्हें अपना लिवर दान करने का फैसला लिया। इसके बाद 15 अगस्त को दोनों दी सह्याद्री अस्पताल में सर्जरी हुई। लेकिन सर्जरी के दो दिन बाद ही बापू कोमकर की हालत बिगड़ गई और 17 अगस्त को उनकी मौत हो गई। इसके बाद कामिनी को 21 अगस्त को इन्फेक्शन हो गया और उनकी भी मौत हो गई। दोनों लोगों की मौत हो जाने पर बापू और कामिनी के परिजनों ने अस्पताल के ऊपर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच करने और अस्पताल पर कार्रवाई करने की मांग की। हालांकि अस्पताल की तरफ से अपना बचाव करते हुए कहा गया कि उन दोनों की सर्जरी मेडीकल प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालने करने के बाद ही की गई थी। अस्पताल की तरफ से केस के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया कि हम कोमकर परिवार के प्रति अपनी पूरी संवेदना रखते हैं। मरीज को लीवर और अन्य अंगों से जुड़ी कई परेशानियां थीं, यह एक हाई रिस्क केस था। हमने इस सर्जरी के जुड़ी जटिलताओं के बारे में पहले ही परिवार को बता दिया था। सर्जरी पूरी मानक प्रोटोकॉल के बाद ही हुई। दुर्भाग्य से सर्जरी के कुछ दिन बाद ही मरीज को कार्डियोजेनिक शॉक हो गया और उसकी मृत्यु हो गई। जहां तक दानदाता की बात है तो शुरुआत में उन्होंने बेहतर परिणाम दिखाए और अच्छे से रिकवरी की। लेकिन बाद में उन्हें शॉक की वजह से मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी समस्या हो गई, जिसकी वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका। अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग से नोटिस मिलने की सूचना की पुष्टि करते हुए कहा, “हम जांच में पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं। इस मामले की जांच हो और अच्छी तरह से हो, इसके लिए हम आवश्यक जानकारी और सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

मध्य प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी, जबलपुर-सागर समेत 22 जिलों में गिरेगा पानी, कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी

भोपाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से 28 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने वाला है। अगले 48 घंटों में ग्वालियर, चंबल, सागर, उज्जैन एवं नर्मदापुरम संभाग में मौसम बदला रहेगा।आज सोमवार को 22 जिलों भारी से अति बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 8 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी जिलों में बिजली गिरने चमकने और मेघगर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। भिंड, मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर और शिवपुरी में बाढ़ जैसे हालात बने हुए है। बता दे कि मध्य प्रदेश में इस सीजन में अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है यानि 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95% तक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग ने भोपाल-उज्जैन, जबलपुर-सागर समेत कुल 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट में भारी बारिश होने का अनुमान है। इंदौर, भोपाल समेत अन्य जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। सोमवार को एक्टिव होगा नया वेदर सिस्टम     उत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। इससे जुड़ा ऊपरी वायु परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊँचाई के साथ दक्षिण की ओर झुक रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम-उत्तर- पश्चिम की ओर बढ़ने और उसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।     वर्तमान में मानसून ट्रफ़ माध्य समुद्र तल पर बीकानेर, जयपुर, ग्वालियर, प्रयागराज, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों पर निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र, पुरुलिया, दीघा और फिर दक्षिण-पूर्व की ओर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। पश्चिमी विक्षोभ माध्य समुद्र तल से 3.। और 9.6 किमी ऊपर एक द्रोणिका के रूप में बना हुआ है, जिसकी धुरी औसत समुद्र तल से 3. किमी ऊपर देशांतर 70* पूर्व से अक्षींश 28* उत्तर के उत्तर तक बनी हुई है।     एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और निकटवर्ती क्षेत्रो में माध्य समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है और ऊँचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झक रहा है। अगले 48 घंटों के दौरान ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से ट्रर उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है जिससे मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। उमरिया में सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश प्रदेश में रविवार को 30 जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हुई। सबसे ज्यादा पौन इंच बारिश उमरिया में हुई। इसके अलावा भोपाल, बैतूल, दतिया, गुना, ग्वालियर, सीहोर, शाजापुर, राजगढ़,विदिशा, देवास, इंदौर, नर्मदापुरम, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, छतरपुर, रीवा, सागर, हरदा, मंडला, मुरैना, श्योपुर, सतना, सीधी, टीकमगढ़, बालाघाट समेत कई जिलों में भी हल्की बारिश जारी रही। श्योपुर में गर्भवती को बोट से अस्पताल ले गए श्योपुर में गर्भवती महिला को बोट से अस्पताल भिजवाया गया। वहीं, सतना में निचली बस्तियों में पानी भर गया। तेज बारिश होने से नर्मदापुरम जिले के तवा डैम के गेट 5 फीट तक खोले गए। सिस्टम की एक्टिविटी से बारिश मौसम वैज्ञानिक डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि रविवार को मानसून टर्फ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और लो प्रेशर एरिया की एक्टिविटी देखने को मिली। इस वजह से उत्तरी हिस्से में तेज बारिश का दौर बना रहा। इसी प्रकार अगले 4 दिन तक कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। एमपी में अब तक 35.1 इंच बारिश प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 95 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है।

IAS अधिकारी सचिन शर्मा और आस्था का वैवाहिक बंधन, हिमाचल डिप्टी CM की बेटी बनी दुल्हन

गुरुग्राम/ शिमला  हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री आईएएस सचिन शर्मा के साथ विवाह बंधन में बंधेंगी। ऐसे में डिप्टी सीएम की इकलौती बेटी गुरुग्राम की बहू बनेंगी। रविवार को हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने एक्स पर इस गुड न्यूज को साझा किया। उन्होंने लिखा है कि परिणय सूत्र में बंधेंगे डॉ. आस्था अग्निहोत्री एवं सचिन शर्मा (IAS), हालांकि अभी शादी की तारीख की घोषणा नहीं की गई है। सचिन शर्मा मूलरूप से हरियाणा के रहने वाले हैं। सचिन शर्मा हरियाणा कैडर के आईएएस ऑफिसर हैं। डिप्टी सीएम की बेटी आस्था हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी (HPU) में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। सचिन शर्मा 2022 के बैच आईएएस हैं। दोनों के रिश्ते की काफी दिनों से चर्चा थी। पिता मुकेश अग्निहोत्री ने खुद इसका ऐलान किया है। अग्निहोत्री ऊना जिले की हरोली विधानसभा से 2022 में तीसरी बार जीते थे। ऊना के अंब में तैनात हैं सचिन शर्मा सचिन शर्मा ने 2022 में पहली ही कोशिश में यूपीएसपी परीक्षा पास की थी और 233वीं रैंक हासिल की। उन्होंने गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित DAV स्कूल से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स में बीटेक की डिग्री प्राप्त की और बीटेक के बाद एसटी माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में कई साल तक नौकरी की। उनका गांव हरियाणा के झज्जर जिले में आते हैं। वह अभी हिमाचल प्रदेश के ऊना के अंब में तैनात है। वह अभी एसडीएम की पोस्ट पर हैं। तो वहीं दूसरी ओर डिप्टी सीएम की बेटी डॉ. आस्था अग्निहोत्री हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) शिमला में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनकी मां सिम्मी अग्निहोत्री, भी HPU के कार्मिक प्रशासन विभाग में प्रोफेसर थीं। जिनका 9 फरवरी 2024 को हार्ट अटैक से निधन हो गया था। डिप्टी सीएम पिता के लिए भावुक क्षण रविवार को हिमाचल प्रदेश के डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने रविवार को इस गुड न्यूज को साझा करने से पहले अपनी पत्नी और बेटी की तस्वीरों वाला एक वीडियो साझा किया। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी की विवाह बंधन में जल्द बंधने की जानकारी साझा की। 9 अक्तूबर, 1952 के जन्में मुकेश अग्निहोत्री हिमाचल के पहले डिप्टी सीएम हैं। उन्होंने 11 दिसंबर, 2022 को कार्यभार संभाला था। अग्निहोत्री मूलरूप से पंजाब के संगरूर के रहने वाले हैं। बाद में उनकी शादी हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर सिम्मी अग्निहोत्री से हो गई थी। अग्निहोत्री की बेटी ने कानून की पढ़ाई की है। मुकेश अग्निहोत्री पहली बार 2003 में विधायक बने थे। कौन हैं आईएएस सचिन शर्मा? सचिन शर्मा गुरुग्राम शहर के साथ लगते जहाजगढ़ गांव के रहने वाले हैं। 2022 में यूपीएससी की परीक्षा पास कर आईएएस अधिकारी बने। उनको हिमाचल प्रदेश कैडर मिला। फिलहाल वह हिमाचल प्रदेश के अंब में एसडीएम के तौर पर कार्यरत हैं। सचिन शर्मा ने सेक्टर 14 के डीएवी स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की। उसके बाद उन्होंने इलेक्ट्रानिक में बीटेक की डिग्री की। बीटेक करने के बाद एक निजी कंपनी में नौकरी के दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की। 16 से 18 घंटे लगातार पढ़ाई करने के बाद उन्होंने यूपीएससी पास करने का अपना लक्ष्य हासिल किया। हरियाणा पुलिस से सेवानिवृत इंस्पेक्टर सुनील दत्त के सबसे छोटे बेटे सचिन शर्मा की इस उपलब्धि पर सभी को नाज हैं। परिवार और क्षेत्र में खुशी का माहौल सचिन शर्मा 5 भाई बहनों में सबसे छोटे हैं। सबसे बड़े भाई विपिन शर्मा है। उसके बाद उनकी बहन वंदना, मनीषा और वर्षा है। सचिन शर्मा सबसे छोटे हैं। वर्षा की शादी बजघेड़ा गांव के अरुण कौशिक के साथ हुई है। सचिन शर्मा के जीजा अरुण कौशिक का कहना है कि सचिन शर्मा और आस्था अग्निहोत्री के शादी के बंधन में बनने के समाचार से सभी को खुशी है। बजघेड़ा गांव के राकेश राणा बजघेड़ा का कहना है कि जब सचिन शर्मा ने यूपीएससी की परीक्षा पास की थी तो क्षेत्र के सभी लोगों को बेहद खुशी हुई थी। अब वह उपमुख्यमंत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री के साथ शादी कर रहे हैं। उनके शादी के समाचार से भी लोगों में खुशी का माहौल है। सचिन शर्मा के जीजा अरुण कौशिक ने बताया कि अभी कार्यक्रम हिमाचल प्रदेश में ही हुआ है। नवरात्र में रिंग सेरेमनी का कार्यक्रम तय किया गया है। शादी की तिथि अभी तय नहीं है। शादी के बाद रिसेप्शन का कार्यक्रम गुरुग्राम के किसी होटल में करने का विचार किया जा रहा है।

भरभराती बारिश: राजस्थान में तबाही, मुंबई की फ्लाइट्स भी प्रभावित

नई दिल्ली देश के अधिकतर राज्य इन दिनों मॉनसून के कहर से जूझ रहे हैं. पहाड़ी इलाकों से पानी नीचे आ रहा है, जो सब कुछ बहा ले जाने को तैयार है. वहीं मैदानी इलाकों की नदियां उफान पर हैं, जो बाढ़ की स्थिति पैदा कर रही हैं और सबकुछ डुबोने को तैयार हैं. पड़ोसी राज्य पाकिस्तान में भी बाढ़ के हालात हैं, जिसका असर जम्मू में देखने को मिल रहा है. जम्मू में हालात खराब जम्मू कश्मीर में बारिश और बाढ़ से नदियां उफान पर हैं. कई घर डूब गए हैं और रास्ते बंद हो गए हैं. कठुआ में हालात सबसे ज्यादा खराब है. यहां सैलाबी प्रहार से जबरदस्त तबाही मची है. महानपुर में एक पुराना प्राथमिक स्कूल की बिल्डिंग बारिश से बह गई. गनीमत ये है कि अब ये चालू हालात में नहीं था. हिमाचल में लैंडस्लाइड से भारी तबाही हिमाचल के अलग अलग शहरों में लैंडस्लाइड से भारी तबाही की खबर है. जगह जगह पहाड़ टूटने से सड़कों पर मलबा है. साथ ही बादल फटने से कई इलाके सैलाब की चपेट में हैं. उत्तरखंड के भी कई इलाकों में हालात गंभीर बने हुए हैं. मौसम विभाग ने कई इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी में उफान हर्षिल में फिर भारी बारिश से तेलगाड नदी उफान पर आ गई है, जिसके चलते पूरे बाजार और गांव को खाली कराया जा रहा है. भारी बारिश से क्षेत्र में दहशत का माहौल है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नदी में लगातार बड़े बोल्डर आने से भागीरथी का प्रवाह रुकने और झील का जलस्तर बढ़ने का खतरा है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से होटलों, आवासीय भवनों, जीएमवीएन गेस्ट हाउस और पुलिस थाने को खाली कराया है. पंजाब में जबरदस्त सैलाब पंजाब के भी कुछ हिस्से बारिश और बाढ़ की चपेट में हैं. पठानकोट और आसपास के इलाकों में जबरदस्त सैलाब की मार है. अलग अलग जगहों पर नदियां उफान पर हैं और लोगों की जिंदगी दांव पर है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश से 14 लोगों की जान गई है. प्रदेश सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ़ से जारी आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में अब तक 91 लोगों की जान गई है और 51 लोग घायल हुए हैं जबकि 40 मकान गिरे हैं. वहीं 51 पशुओं की भी मौत हो गई है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में गई14 लोगों की जान रविवार को उदयपुर के गाँव में 4 बच्चे डूब कर मर गए हैं. वहीं झालावाड़ में कालीसिंध नदी पर घूमने आए दो लोग कार समेत बह गए. नागौर में मकान गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. डीडवाना में मकान ढहने 2 लोग दब गए, सुल्तानपुर में भी एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसके अलावा बूँदी में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हुई है.  राज्य सरकार के आपदा प्रबंधन के आंकड़ों के अनुसार इस मॉनसून में आकाशीय बिजली गिरने से 24 लोगों की मौत हुई है और 16 लोग घायल हुए हैं जबकि पानी में बहने और डूबने से 44 लोग मरे हैं. दीवार गिरन से अबतक कुल 23 लोग मरे हैं और 35 लोग घायल हुए हैं. राजस्थान में आज भी भारी बारिश का अलर्ट है. सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से जल प्रलय सबसे ज्यादा प्रभावित राजस्थान के सवाई माधोपुर में बारिश के तांडव से पूरे इलाके में जल प्रलय से जैसे हालात हो गए हैं. यहां सड़कें डूबी हैं. लोगों के घर-अस्पताल-दुकान-स्कूल सब पानी में समा गए हैं. सीकर में भी अलसुबह से ही मूसलाधार बारिश का दौर जारी है. भारी बारिश के चलते शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं. सीकर में पुलिस चौकी में भी भरा पानी जगह-जगह जलभराव के चलते आमजन को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा. सीकर के बस डिपो स्थित पुलिस चौकी भी पूरी तरह से बारिश के पानी से भर गई. चौकी के अंदर तक पानी भर जाने के कारण वहां रखे कई जरूरी दस्तावेज भी भीग गए, जिससे पुलिस कर्मचारियों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. नवसारी में तीन लोग बाढ़ में फंसे गुजरात के नवसारी में भी ऊपरी इलाके में हुई बारिश के चलते मिंढोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे तीन लोग बाढ़ में फंस गए. 24 घंटे से लापता लोगों की सूचना मिलते ही मरोली पुलिस के जवानों और गाँव के सरपंच समेत लोगों ने ड्रोन की मदद से खोज की तो तीनों लोग पानी के बीच सुरक्षित दिखाई दिए. बचाव अभियान चलाकर नाव की मदद से तीनों लोगों को सुरक्षित निकाला. मुंबई में फिर शुरू हुई बारिश मुंबई में भी एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है. लोअर परेल, गांधी मार्केट समेत कई इलाके जलमग्न हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण हवाई यातायात भी प्रभावित हो रहा है, जिससे उड़ान संचालन में मामूली देरी हो रही है. इंडिगो ने इसके लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है.    

दिल जीतने वाला पल: बहन की मांग पर मोहन यादव ने लिया भुट्टे का मज़ा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव राजधानी भोपाल और प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर सामान्य नागरिकों के साथ संवाद अवश्य करते हैं। चाहे चाय की छोटी सी दुकान पर रुककर चाय पीने का प्रसंग हो या खुद चाय बनाने की बात हो या मूंगफली खरीदना,भुट्टा  खरीदना और ऑनलाइन पेमेंट करना, उनके सहज स्वभाव में शामिल हैं। इस बीच वे अपनी सौम्य मुस्कान के साथ छोटा-मोटा संवाद भी नागरिकों से कर लेते हैं। रविवार की शाम भी ऐसा ही हुआ। अटल बिहारी वाजपेयी  सुशासन संस्थान के नजदीक मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अपनी सहजता सरलता से राह चलते लोगों का भी मन मोह लिया। भदभदा पुल से जब वे कार्यवश निकल रहे थे तो काफिला रुकवा कर भुट्टे का स्वाद लिया।  दरअसल एक बहन ने उन्हें आवाज दी थी और सामान्य नागरिक मानकर उनसे कहा,साहब भुट्टे लेते जाओ तो उन्होंने अपना वाहन रुकवाया। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने बिना ट्रैफिक अवरुद्ध किये  बहन के  साथ भुट्टा भी खाया। वे भुट्टा अपने साथ भी ले गए। उपस्थित नागरिकों के साथ उन्होंने तसल्ली से छायाचित्र  भी खिंचवाए ।  

जहां सस्ती डील, वहां से तेल खरीदेंगे: US से टैरिफ पर भारत की स्थिति

नई दिल्ली भारत की तेल खपत इस समय दुनिया का सबसे बड़ा बातचीत का मुद्दा बना हुआ है। अमेरिका भारत की रूसी तेल खरीद पर अपनी नाराजगी जता रहा है, तो वहीं भारत ने भी साफ तौर पर कह दिया है कि यह उसकी मर्जी के ऊपर है कि वह कहां से तेल खरीदेगा। इस पर और सफाई से अपनी बात रखते हुए रूस में भारत के राजदूत विनय कुमार ने कहा है कि भारतीय कंपनियों को जहां भी बेहतर डील मिलेगी, वहां से तेल खरीदना जारी रखा जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने रूसी तेल खरीद के लिए अमेरिका की तरफ से भारत पर लगाए गए 25 फीसदी टैरिफ को गलत बताया। रूसी समाचार एजेंसी ताश को दिए इंटरव्यू में विनय ने कहा कि भारत अपने 1.4 अरब लोगों की हितों का पूरी तरह से ध्यान रखेगा। उन्होंने भारतीय सरकार का स्टैंड साफ करते हुए बताया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए 50 फीसदी टैरिफ के बाद भी सरकार भारतीयों के हितों को साधने में पीछे नहीं हटेगी और राष्ट्रीय हित को हमेशा ही प्राथमिकता देगी। विनय ने कहा, "सबसे पहले, हमने (सरकार) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारा उद्देश्य भारत के 1.4 अरब लोगों की ऊर्जा जरूरतों का ध्यान रखना है। इसके अलावा रूस और कई अन्य देशों के साथ मिलकर वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता लाने में मदद करना है। इसलिए हमारे ऊपर रूसी तेल खरीद को लेकर अमेरिका की तरफ से जो टैरिफ या जुर्माना लगाया गया है वह पूरी तरह से अनुचित, अविवेकपूर्ण और गलत फैसला है। हमारी सरकार ऐसा कोई कदम उठाने में पीछे नहीं हटेगी, जो की देश राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में हो।" कुमार ने कहा कि विश्व का कोई भी व्यापार बेहतर डील और आर्थिक हालात को देखते हुए होता है। इसलिए यदि बेहतर डील और आयात के आधार पर जो सही है वह किया जा रहा है। भारतीय तेल कंपनियों को जहां से भी बेहतर सौदा मिल रहा है वह वहां से खरीदारी करना जारी रखेंगी। वर्तमान स्थिति यही है। उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच में व्यापार आपसी समझ और दोनों तरफ के लोगों की आम भावनाओं को आधार पर है। यह दोनों देशों की भलाई के लिए है और यह पूरी तरह से बाजार के ऊपर भी है। विनय कुमार का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस से तेल खरीद को लेकर अमेरिका की तरफ से 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया है। इससे भारत के ऊपर टैरिफ 50 फीसदी हो गया है। हालांकि भारत ने इस मुद्दे पर अमेरिका के फैसले को दो मुंहा व्यवहार बताया था। इतना ही नहीं विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन और यूरोप और खुद अमेरिका भी रूस से व्यापार कर रहा है। यह अमेरिका का दोहरा रवैया है जो कि पूरी तरह से गलत है। कुछ दिन पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भी भारत के स्टैंड को साफ करते हुए कहा था कि हम हमारी व्यापार नीति, किसानों के हितों और संप्रभुता को लेकर कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। इन हितों को साधने के लिए सरकार को जो करना पड़ेगा सरकार करेगी।

योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया: समीक्षा बैठक में नहीं आए अधिकारियों का एक दिन का वेतन कटेगा

कमिश्नर ने जारी किया एक दिन का वेतन रोकने का आदेश विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को भेजा पत्र गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में रविवार को गोरखपुर के एनेक्सी भवन में हुई विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित पांच अधिकारियों के खिलाफ मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने कड़ा एक्शन लिया है। मंडलायुक्त ने इन अनुपस्थित अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है। साथ ही इनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा है।  सीएम योगी की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित जिन अधिकारियों के खिलाफ मंडलायुक्त ने कार्रवाई की है उनमें सीएंडडीएस यूनिट 14, 19 और 42 (तीनों यूनिट) के परियोजना प्रबंधकगण, उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ (यूपीआरएनएसएस)-प्रथम के अधिशासी अभियंता और बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य शामिल हैं।  समीक्षा बैठक और मुख्यमंत्री के जाने के बाद मंडलायुक्त ने अनुपस्थित अफसरों के खिलाफ एक दिन का वेतन रोकने का आदेश जारी किया। इन अफसरों के खिलाफ शासन को भी पत्र लिखा है।

असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलरी पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतराज, गाने को भी बताया बेकार

नईदिल्ली  देश में शिक्षकों की स्थिति पर बड़ी टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर उन्हें सम्मानजनक वेतन भी नहीं मिल पा रहा है तो फिर 'गुरुर्ब्रह्मा, गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वरा' गाना ही बेकार है। गुजरात सरकार की आलोचना करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कॉन्ट्रैक्चुअल असिस्टेंट प्रोफेसर को मात्र 30 हजार रुपये की सैलरी दी जा रही है, जबकि ऐड हॉक और रेग्युलर असोसिएट प्रफेसर का वेतन 1.2 से 1.4 लाख रुपये के बीच है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, जो शिक्षक हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य तय करते हैं और उन्हें आने वाले समय के लिए तैयार करते हैं, उनके साथ ही इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। बेंच ने कहा, किसी भी देश के लिए शिक्षक रीढ़ की हड्डी की तरह होते हैं जो कि हमारे बच्चों को भविष्य की चुनौतियों और अच्छा जीवन जीने के लिए तैयार करते हैं। शिक्षक ही इस समाज में अपनी रिसर्च, विचारों और मूल्यों के जरिए प्रगति का रास्ता दिखाता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह बड़ी ही चिंता की बात है कि समाज में शिक्षक के अमूल्य योगदान को पहचाना नहीं जा रहा है। कोर्ट ने कहा, अगर शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन भी नहीं मिलेगा तो देश में ज्ञान और बौद्धिक सफलता को भी सही स्थान नहं मिल पाएगा। बता दें कि हाई कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार को निर्देश दिया था कि इस मामले में 'समान कार्य, समान वेतन' के सिद्धांत का पालन किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, यह बड़ी ही चिंता की बात है कि असिस्टेंट प्रोफेसर को पिछले दो दशक से इतनी कम सैलरी दी जा रही है। हमें जानकारी मिली है कि 2720 रिक्तियां थीं जिनमें से अब तक 923 पोस्ट पर ही स्थायी भर्ती हुई है। शिक्षकों की कमी से शिक्षा का कार्य भी बाधित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक 158 ऐड हॉक और 902 कॉन्ट्रैक्चुअल असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्तियां हुई थीं। वहीं 737 पोस्ट अब भी खाली हैं। कोर्ट ने कहा कि बड़ी संख्या में जगहें खाली होने के बावजूद केवल ऐड हॉक और कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर शिक्षक रखे जा रहे हैं।

रेखा गुप्ता की सुरक्षा बदलने का फैसला, CRPF की जगह दिल्ली पुलिस देगी सुरक्षा

नई दिल्ली केंद्र ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता को दी गई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली है। कुछ दिन पहले ही गुप्ता पर हुए हमले के बाद उन्हें यह सुरक्षा प्रदान की गई थी। आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उनकी सुरक्षा का जिम्मा फिर से दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया है। सीएम रेखा गुप्ता पर 20 अगस्त की सुबह सिविल लाइंस इलाके में स्थित उनके ऑफिस में ‘जन सुनवाई’ कार्यक्रम के दौरान गुजरात के राजकोट निवासी एक व्यक्ति ने हमला कर दिया था। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस हमले को ‘‘उनकी हत्या की सुनियोजित साजिश’’ का हिस्सा बताया था। इस घटना के एक दिन बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विशिष्ट व्यक्तियों को दी जाने वाली सीआरपीएफ की ‘वीआईपी’ सिक्योरिटी विंग को केंद्र के ‘जेड’ श्रेणी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उन्हें सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था। सूत्रों ने बताया कि सीआरपीएफ सुरक्षा वापस ले ली गई है और अब दिल्ली पुलिस ही फिर से मुख्यमंत्री को सुरक्षा प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ सुरक्षा बढ़ाने का आदेश केंद्र द्वारा औपचारिक रूप से जारी किया जाना था, लेकिन योजना में बदलाव हुआ और सुरक्षा वापस लेने के आदेश जारी किए गए। दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री पर हमले की जांच के सिलसिले में अब तक दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुख्य आरोपी 41 वर्षीय राजेशभाई खिमजी सकारिया भी शामिल है, जो गुजरात के राजकोट का निवासी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- ग्वालियर के पर्यटन क्षेत्र में निवेश को मिलेगा नया आयाम

पर्यटन के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से निवेशकों को करायेंगे अवगत भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ग्वालियर में 29 एवं 30 अगस्त को होने वाली रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में निवेशकों से रू-ब-रू होकर प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं से अवगत करा कर सीधा संवाद भी करेंगे। प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और ग्वालियर–चंबल एवं सागर संभाग में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव होगा। ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में होने वाले इस रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की विशेष उपस्थिति होगी। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्वालियर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित किया जा रहा है। इससे ग्वालियर के पर्यटन श्रेत्र में निवेश को नया आयाम मिलेगा। “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ़ कल्चर, स्पिरिट ऑफ़ लेगेसी” थीम पर केन्द्रित यह कॉन्क्लेव पर्यटन निवेश, सांस्कृतिक धरोहर, अनुभवात्मक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में होटल, रिसोर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म क्षेत्र के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे। साथ ही एमओयू एवं अनुबंध भी होंगे। इन परियोजनाओं से स्थानीय समुदाय को पर्यटन आधारित रोजगार प्राप्त होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को स्थायित्व के साथ बल मिलेगा। क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये जाएंगे। कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटैलिटी ब्रांड्स, होम-स्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडिक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियाँ और सांस्कृतिक धरोहरों को समर्पित स्टॉल शामिल किये जायेंगे। प्रमुख सचिव श्री शुक्ला ने बताया कि रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में दो महत्वपूर्ण सत्र होंगे। पहला “टूरिज़्म ऐज़ अ कल्चरल ब्रिज – ब्रांडिंग ग्वालियर एंड हार्टलैंड ऑफ़ एमपी” विषय पैनल डिस्कशन होगा, जिसमें ग्वालियर की सांस्कृतिक धरोहर, शास्त्रीय संगीत और स्थापत्य कला को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीतियों पर विचार होगा। दूसरा पैनल डिस्कशन “ग्वालियर एंड चंबल राइजिंग – इनबाउंड अपील थ्रू हेरिटेज, लग्ज़री एंड एक्सपीरियंस” विषय पर केंद्रित होगा, जिसमें विरासत, लग्ज़री स्टे, डेस्टिनेशन वेडिंग और अनुभवात्मक पर्यटन जैसे नए आयामों पर संवाद होगा।