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मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच बढ़ाने के लिए विमान सेवाओं का विस्तार

सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच के लिए प्रदेश में किया जाएगा विमान सेवाओं का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव: सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच बढ़ाने के लिए विमान सेवाओं का विस्तार मुख्यमंत्री ने किया विमान सेवाओं के विस्तार का ऐलान, सुदूर अंचलों तक पहुंचेगी हवाई सुविधा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सुदूर अंचलों तक हवाई पहुंच संभव करने के लिए सरकार द्वारा विमान सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है, प्रदेश में हर 150 किलोमीटर पर एक हवाई अड्डा और हर 75 किलोमीटर पर एक हवाई पट्टी उपलब्ध हो। इससे न केवल शहरी क्षेत्र बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाके भी हवाई नेटवर्क से जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की कड़ी में रीवा, सतना और दतिया में नए हवाई अड्डों का शुभारंभ किया गया है। प्रदेश में हवाई अड्डों की संख्या बीते एक वर्ष में 5 से बढ़कर 8 हो गई है। शिवपुरी में नए हवाई अड्डे के लिए अनुबंध भी हो चुका है। मध्यप्रदेश हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल होने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से पर्यटन, व्यापार और आपातकालीन सेवाओं को बढ़ावा देना है। नए हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों के निर्माण से कनेक्टिविटी में सुधार होगा। साथ ही ­स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।  

हाईकोर्ट का तलाक पर अहम आदेश: पत्नी का व्यवहार बदला, बेरोजगार पति को ताने देना क्रूरता मानी

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट जस्टिस रजनी दुबे और जस्टिस एके प्रसाद की डिवीजन बेंच ने तलाक केस में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा कि, बेरोजगार पति को ताना मारना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को निरस्त करते हुए पत्नी फटकारा।  दरअसल, भिलाई निवासी अनिल कुमार सोनमणि उर्फ अनिल स्वामी पेशे से वकील है। उनकी शादी 26 दिसंबर 1996 को हिंदू रीति रिवाज से हुई थी। शादी के बाद सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन समय के साथ पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ने लगा। इस दौरान उनके दो बच्चे भी हो गए। अब उनकी बेटी 19 साल और बेटा 16 साल का है। इसी दौरान पति ने अपनी पत्नी को पीएचडी कराया। जिसके बाद वो प्रिंसिपल की नौकरी जॉइन की। वकील पति का आरोप है कि, प्रिंसिपल बनने के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। वो अक्सर छोटी-छोटी बातों पर विवाद करने लगी। कोरोना काल में बेरोजगार हो गया पति कोरोना काल में जब कोर्ट बंद हो गए थे। तब पति की वकालत से आय भी बंद हो गई। ऐसे में प्रिंसिपल पत्नी ने बेरोजगार पति को ताने मारना शुरू कर दिया। बात-बात पर झगड़ा कर पति को अपमानित भी करने लगी। जिससे पति मानसिक तनाव में आ गया। पत्र लिखकर पति-बेटे से तोड़ दी रिश्ता पति का आरोप है कि, अगस्त 2020 में विवाद के बाद वो बेटी को लेकर अपनी बहन के पास चली गई। कुछ दिनों बाद लौटी, लेकिन 16 सितंबर 2020 को फिर से चली गई। उसने एक पत्र भी छोड़ा, जिसमें लिखा था कि वो अपनी मर्जी से पति और बेटे से सारे रिश्ते तोड़ रही है। पति बोला- रिश्ता जोड़ने की कोशिश हुआ नाकाम पति ने कोर्ट को बताया कि, पत्नी को वापस लाने कई प्रयास किए, लेकिन वो नहीं लौटी। उन्होंने रिश्ता जोड़ने की कोशिश भी की। लेकिन, सफलता नहीं मिली, जिससे परेशान होकर पति ने दुर्ग फैमिली कोर्ट में तलाक का मामला पेश किया। इसमें तर्क दिया कि पत्नी ने जानबूझकर और बिना कारण वैवाहिक घर छोड़ा। कई बार मनाने के प्रयास के बावजूद वह नहीं लौटी। बेटे को उसके पास छोड़ दिया और बेटी को अपने साथ ले गई। घर में रहते हुए पत्नी ने गाली-गलौज, ताने और अपमानजनक शब्द कहकर मानसिक क्रूरता की। लेकिन फैमिली कोर्ट ने अक्टूबर 2023 में तलाक की अर्जी को खारिज कर दिया। फैमिली कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की। इस मामले की सुनवाई के दौरान नोटिस और अखबार में प्रकाशन के बावजूद पत्नी हाईकोर्ट में पेश नहीं हुई। हाईकोर्ट ने पति और गवाहों के बयान, पत्नी का छोड़ा हुआ पत्र और दस्तावेजों के आधार पर फैमिली कोर्ट का फैसला निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि, पत्नी ने बिना किसी वैध कारण के पति को छोड़ा है। उसके व्यवहार से मानसिक क्रूरता साबित होती है। इसके अलावा अब दोनों के बीच पुनर्मिलन की कोई संभावना नहीं है। इसलिए पति की तलाक की अर्जी मंजूर की जाती है।

एशियन डेवलपमेंट बैंक सहयोग से नेमावर में पेयजल परियोजना, जल्द लाभान्वित होंगे हजारों लोग

भोपाल  मध्यप्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीनस्थ उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा देवास जिले के नेमावर नगर परिषद् में एशियन डेवलपमेंट बैंक (ए.डी.बी.) के सहयोग से एक महत्वाकांक्षी जल प्रदाय परियोजना पर कार्य किया जा रहा है। यह परियोजना 10 वर्षों के संचालन एवं संधारण के साथ लगभग 21 करोड़ रूपये की लागत से क्रियान्वित की जा रही है। इसके अंतर्गत 1640 घरों को घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे, जिससे 6,498 की आबादी को प्रतिदिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। परियोजना के तहत् मध्यप्रदेश की जीवन रेखा नर्मदा नदी से पानी लाकर उसे 2.41 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शोधित किया जाएगा। शोधित जल को लगभग 36 किलोमीटर लंबी वितरण पाइपलाइन के माध्यम से पूरे नगर में पहुँचाया जाएगा। शहर में जल भंडारण के लिए 2 ओवरहैड टैंक का निर्माण भी पूर्णता की ओर है। इससे जल आपूर्ति व्यवस्था को स्थायित्व और नियमितता प्राप्त होगी। यह परियोजना नेमावर नगर में नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता – शुद्ध पेयजल – की सुनिश्चित आपूर्ति के लिये एक बड़ा कदम है। परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र के सामाजिक एवं स्वास्थ्य स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आयेगा।  

ऊर्जा मंत्री तोमर का निर्देश: झांकी-पंडाल सजाने के लिए अस्थाई कनेक्शन का ही उपयोग करें

भोपाल गणेशोत्सव त्यौहार तथा अन्य त्यौहारों में पंडालों को अस्थायी कनेक्शन देने के लिए विद्युत वितरण कंपनियों ने माकूल प्रबंध किए हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने धार्मिक उत्सव समितियों और बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक पण्डालों एवं झॉंकियों में बिजली साज-सज्जा,नियमानुसार ऑनलाइन अस्थाई कनेक्शन लेकर ही करें। अस्थाई कनेक्शन लेने के लिये क्या करें बिजली कंपनी के पोर्टल http://saralsanyojan.mpcz.in:8888/home पर जाकर निर्धारित प्रपत्र में सही, संयोजित विद्युत भार को दर्शाते हुए अस्थायी कनेक्शन के लिये ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत करें। लायसेंसी विद्युत ठेकेदार की टेस्ट रिपोर्ट आवेदन में संलग्न करें एवं वायरिंग इत्यादि लायसेंसधारी विद्युत ठेकेदार से ही करवाएं। आवेदन में दर्शाए अनुसार विद्युत भार के अनुरूप सुरक्षा निधि एवं अनुमानित विद्युत उपभोग की राशि अग्रिम जमा कराकर बिजली कंपनी से अस्थाई कनेक्शन की रसीद अवश्य लें। रसीद की लेमीनेटेड प्रति अनिवार्य रूप से पंडाल/झॉंकी के सामने लगाएं। आवेदित विद्युत भार से अधिक भार का उपयोग विद्युत साज-सज्जा के लिए न करें। विद्युत कनेक्शन मीटरीकृत होगा एवं विद्युत देयक की बिलिंग नियमानुसार अस्थायी कनेक्शन के लिये लागू घरेलू दर पर की जाएगी। झांकियों के निर्माण एवं विद्युत साज-सज्जा में सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। अनधिकृत तरीके से विद्युत का उपयोग न करें। अधिक जानकारी के लिए कंपनी के टोल फ्री नंबर 1912 पर भी कॉल कर सकते हैं। अस्थाई कनेक्शन न लेने से होने वाले नुकसान अधिक भार से ट्रांसफार्मर के जलने की संभावना तथा दुर्घटना की आशंका। पारेषण एव वितरण प्रणाली पर विपरीत असर होने से अंधेरे की संभावना। अनधिकृत विद्युत उपयोग करने पर इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के तहत उपयोगकर्ता एवं जिस विद्युत ठेकेदार से कार्य कराया गया है, उनके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही। अनधिकृत विद्युत उपयोग की दशा में संबंधित विद्युत ठेकेदार के लायसेंस निरस्तीकरण की कार्यवाही।  

रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार MP में, चीन से आज़ादी की राह आसान: मुख्यमंत्री यादव

मध्यप्रदेश अब बनेगा क्रिटिकल मिनरल्स हब: मुख्यमंत्री डॉ. यादव रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार MP में, चीन से आज़ादी की राह आसान: मुख्यमंत्री यादव मध्यप्रदेश में मिला रेयर अर्थ एलिमेंट्स का भंडार, चीन पर निर्भरता होगी समाप्त: मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अब क्रिटिकल मिनरल्स हब बनेगा। मध्यप्रदेश ऊर्जा राजधानी के साथ क्रिटिकल मिनरल्स की राजधानी भी कहलाएगा। इसके साथ ही भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी देश बनेगा। सिंगरौली जिले में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (आरईई) का अकूत भंडार मिलने से अब भारत की चीन जैसे देशों पर निर्भरता नहीं रहेगी। केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने संसद में जानकारी दी थी कि भारत में पहली बार इतनी विशाल मात्रा में इन दुर्लभ तत्वों का पता चला है। यह उपलब्धि भारत को ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। भारत को आत्मनिर्भर बनाने की ओर बड़ा कदम रेयर अर्थ एलिमेंट्स को आधुनिक तकनीक का आधार कहा जाता है। अब तक भारत इन खनिजों के लिए चीन और अन्य देशों पर निर्भर रहा है। प्रदेश के सिंगरौली की यह खोज भारत को आयात-निर्भरता से मुक्त कर वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगी। आने वाले समय में यह खोज आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देने के साथ ही औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगी। सिंगरौली : भविष्य का क्रिटिकल मिनरल हब कोल इंडिया लिमिटेड द्वारा किए गए शोध में सिंगरौली की कोयला खदानों और चट्टानों में REEs (जैसे स्कैंडियम, यिट्रियम आदि) की आशाजनक सांद्रता पाई गई है। कोयले में इनकी औसत मात्रा 250 पीपीएम और गैर-कोयला स्तर पर लगभग 400 पीपीएम आंकी गई है। जुलाई 2025 में इस खोज की आधिकारिक घोषणा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में कोयले की राख और ओवरबर्डन भी क्रिटिकल मिनरल्स का सैकण्डरी स्रोत बन सकते हैं। आईआरईएल के साथ सहयोग रेयर अर्थ एलिमेंट्स की खोज को देखते हुए राज्य सरकार अब इनके प्रसंस्करण और शोध-अन्वेषण के लिए बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में जुटी है। हाल ही में खनिज संसाधन विभाग के प्रतिनिधिमंडल ने इंडियन रेयर अर्थ लिमिटेड (आईआरईएल) की भोपाल इकाई का दौरा किया और संभावित सहयोग पर चर्चा की। विभाग रेयर अर्थ एलिमेंट्स पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की संभावनाएं तलाश रहा है, जो अनुसंधान, प्रशिक्षण और उद्योग को विश्वस्तरीय आधार प्रदान करेगा। वैश्विक नेतृत्व की ओर भारत सिंगरौली जिले में मिले इस खजाने से भारत ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों और उच्च तकनीकी उद्योगों में आत्मनिर्भर बनेगा। आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश केवल ऊर्जा राजधानी ही नहीं बल्कि क्रिटिकल मिनरल्स की राजधानी भी कहलाएगा। चीन पर निर्भरता समाप्त होगी और भारत वैश्विक मंच पर शक्तिशाली देश के रूप में स्थापित होगा। प्रमुख स्रोत और भूगर्भीय संरचनाएँ रेयर अर्थ एलिमेंट्स प्राकृतिक रूप से कई खनिज संरचनाओं में पाए जाते हैं। इनमें बास्टनेसाइट, जेनोटाइम, लोपेराइट और मोनाजाइट प्रमुख हैं। भारत के तटीय क्षेत्रों की रेत और अपक्षयित ग्रेनाइट मिट्टी भी इन तत्वों से समृद्ध मानी जाती है। रेयर अर्थ एलिमेंट्स के उपयोग रेयर अर्थ एलिमेंट्स का उपयोग अनेक आधुनिक उद्योगों में किया जाता है, इसमें प्रमुख हैं:-     रक्षा और अंतरिक्ष तकनीक : सैमरियम-कोबाल्ट और नियोडिमियम चुम्बक उच्च-प्रदर्शन वाले हथियारों, उपग्रह संचार और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में अनिवार्य हैं।     पेट्रोलियम उद्योग : लैंथेनम और सेरियम का उपयोग ऑटोमोटिव कैटेलिटिक कन्वर्टर्स और रिफाइनिंग में उत्सर्जन कम करने में होता है।     स्थायी चुम्बक : नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन तथा सैमरियम-कोबाल्ट चुम्बक इलेक्ट्रिक वाहनों और पवन ऊर्जा संयंत्रों के लिए आवश्यक हैं।     डिस्प्ले और प्रकाश उपकरण : यूरोपियम, टर्बियम और यिट्रियम एलईडी, एलसीडी और फ्लैट पैनल डिस्प्ले में उपयोग में आते हैं। कैमरा और स्मार्टफोन लेंस 50% तक लैथेनम से निर्मित होता है।     ऑटोमोबाइल सेक्टर : हाइब्रिड वाहनों की बैटरियों में लैथेनम आधारित मिश्र धातुओं का प्रयोग होता है।     इस्पात और मिश्रधातु : मिशमेटल (सेरियम, लैथेनम, नियोडिमियम और प्रेजोडायमियम का मिश्रण) इस्पात की गुणवत्ता सुधारने में उपयोगी है।     स्वास्थ्य क्षेत्र : गैडोलीनियम MRI स्कैन में कंट्रास्ट एजेंट के रूप में प्रयोग होता है, जबकि ल्यूटेटियम और यिट्रियम समस्थानिक कैंसर उपचार और PET इमेजिंग में सहायक हैं।  

दिवाली 2025: रोजमर्रा के सामान पर GST कटौती, टीवी-एसी की कीमत में बड़ा राहत

नई दिल्ली  इस त्‍योहारी सीजन में आम आदमी को बड़ी राहत मिलने वाली है. सरकार रोजमर्रा के उपयोग की चीजों पर जीएसटी घटाने का ऐलान कर चुकी है. जीएसटी की नई दरें दिवाली से पहले ही लागू होने की संभावना है. ऐसा होने से बहुत सी चीजों के दाम कम हो जाएंगे. सरकार  32 इंच से बड़े टीवी सेट, एसी और डिशवॉशर पर भी जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर सकती है. जीएसटी घटने से टीवी के रेट दस हजार रुपये तक कम हो जाएंगे. होम अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों को इससे इस त्योहारी सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है. उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले जीएसटी में यह कटौती मेगा फेस्टिव सेल्स को बढ़ावा देगी. जानकारों के मुताबिक, जीएसटी में यह कमी उपभोक्ता कीमतों में पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट साबित हो सकती है. खासकर उन खरीदारों के लिए राहत होगी, जिनकी आय शुरुआती श्रेणी के प्रोडक्ट्स की बढ़ती कीमतों के मुकाबले नहीं बढ़ पाई थी और यह बाजार लंबे समय से ठहराव का शिकार था. 2500 रुपये तक घटेगी एसी की कीमत एयर कंडीशनर (AC) पर लगने वाले जीएसटी स्लैब को मौजूदा 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है. सरकार के इस कदम से एसी की कीमत मॉडल के आधार पर करीब 1500 रुपये से 2500 रुपये तक कम होने की संभावना है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार Blue Star के मैनेजिंग डायरेक्टर बी थियागराजन ने इसे बेहतरीन कदम बताते हुए सरकार से इसे जल्दी लागू करने की अपील की है. ग्राहक को होने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी कीमत पर करीब 10 फीसदी का असर होगा क्योंकि जीएसटी फाइनल प्राइस पर लगाया जाता है. पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा का कहना है कि अगर एसी और अन्य उपकरणों पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया जाता है तो बाजार में सीधे 6-7 फीसदी तक की कीमत में कमी आएगी, क्योंकि जीएसटी सामान्यत: बेस प्राइस पर लगता है. यह सरकार का बहुत अच्‍छा कदम है. शर्मा ने कहा कि एसी की कीमत मॉडल के हिसाब से 1500 से 2500 रुपये तक घट जाएगी. गोदरेज अप्लायंसेस का कहना है कि टैक्स स्लैब में यह प्रस्तावित कमी कंजम्पशन को बढ़ाने और अप्लायंस डिमांड को बढ़ावा देने में अहम योगदान देगी. कारें भी होंगी सस्‍ती एंट्री-लेवल हैचबैक, छोटी सेडान और मिनी-एसयूवी को जीएसटी के 18 फीसदी टैक्‍स स्‍लैब में लाया जा सकता है. अभी इनपर 28% जीएसटी और 1-3% सेस लगता है जिससे देय कर 31 फीसदी तक पहुंच जाता है. अगर जीएसटी में कटौती होती है तो मारुति सुजुकी ऑल्टो K10,मारुति सुजुकी S-प्रेसो,रेनॉल्ट क्विड,मारुति सुजुकी वैगन,मारुति सुजुकी डिजायर,हुंडई औरा,टाटा टिगोर,टाटा पंच,हुंडई एक्स्टर और रेनॉल्ट काइगर जैसी गाडियां सस्‍ती हो जाएंगी.

सरकारी केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए खुशखबरी: दिवाली से पहले सैलरी में बड़ा इजाफा

    नई दिल्ली सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए इस बार की दिवाली बेहद खास हो सकती है. बता दें कि केंद्र सरकार उनके लिए एक बड़ा तोहफा लेकर आने की तैयारी कर रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार दिवाली से पहले महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है. DA में बढ़त का ऐलान सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में हो सकता है. खास बात ये है कि इस बार महंगाई भत्ते में जो बढ़ोतरी होगी, वो 7वें वेतन आयोग के तहत आखिरी हो सकती है, क्योंकि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने की संभावना है. 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए खुशखबरी है।जुलाई में श्रम मंत्रालय ने अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के जनवरी से जून के आंकड़ें जारी कर दिए है, ऐसे में संभावना है कि दिवाली से पहले केन्द्र की मोदी सरकार कर्मचारियों पेंशनरों का महंगाई भत्ता बढ़ा सकती है। इसका लाभ 50 लाख कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनरों को मिलेगा।यह 7वें वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्‍ते में आखिरी वृद्धि हो सकती है, क्योंकि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग लागू होने की उम्मीद है। जुलाई 2025 से फिर बढ़ेगा महंगाई भत्ता केन्द्र सरकार द्वारा महंगाई की दर को देखते हुए हर साल 2 बार जनवरी और जुलाई में केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंशनरों का महंगाई भत्ता/महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह आंकड़े जनवरी से जून और जुलाई से दिसंबर के बीच जारी किए जाते है। 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले कर्मचारियों पेंशनरों का जनवरी 2025 से 2% डीए बढ़ाया गया था, जिसका ऐलान मार्च में हुआ था, जिसके बाद डीए 53% से बढ़कर 55% पहुंच गया है और अब जुलाई 2025 से फिर डीए की दरों में बदलाव होना है जो जनवरी से जून के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करेगा। कितना बढ़ सकता है DA? फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 55% DA मिल रहा है लेकिन अब इसमें 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है. अगर सरकार 4% DA बढ़ाती है, तो यह बढ़कर 59% हो जाएगा. वहीं अगर 3% बढ़ोतरी होती है, तो DA 58% तक पहुंचेगा. कितनी बढ़ेगी सैलरी? अगर DA 3% बढ़ता है, तो जिन कर्मचारियों का बेसिक वेतन ₹18,000 है, उन्हें हर महीने ₹540 ज्यादा मिलेंगे. वहीं जिन पेंशनर्स की बेसिक पेंशन ₹9,000 है, उन्हें ₹270 प्रति माह का फायदा होगा. यानी दिवाली से पहले उनकी जेब में अतिरिक्त पैसा आ सकता है. हालांकि DA की नई दरें 1 जुलाई से लागू मानी जाएंगी, लेकिन सरकार इसका ऐलान सितंबरअक्टूबर में करती है. ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों का एरियर भी मिलेगा. साल में दो बार होता है DA का संशोधन सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है. पहली बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में. हर बार इसका ऐलान कुछ महीनों बाद किया जाता है, ताकि CPI-IW यानी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स का डेटा पूरा मिल सके और इसी आधार पर सरकार DA की दरें तय करती है. DA बढ़ाने के लिए सरकार श्रम ब्यूरो द्वारा जारी किए जाने वाले CPI-IW आंकड़ों का इस्तेमाल करती है. बीते 12 महीनों के औसत CPI-IW के आधार पर सरकार DA में बदलाव करती है और ये पूरी प्रक्रिया 7वें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार होती है. इस बार 3 फीसदी डीए वृद्धि संभव, एरियर भी मिलेगा अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर गौर करें तो अंक 145 पर रहा और डीए स्कोर 58.18% के आसपास आ गया ,जो 3 % वृद्धि की ओर संकेत दे रहा है।संभावना है कि जुलाई 2025 से केन्द्र सरकार 3% डीए बढ़ा सकती है जिसके बाद डीए 55% से बढ़कर 58% पहुंच जाएगा।नई दरें जुलाई 2025 से लागू होंगी ऐसे में एरियर का भी भुगतान होगा। कयास लगाए जा रहे है कि दिवाली से पहले होने वाली कैबिनेट बैठक में वित्त मंत्रालय द्वारा डीए वृद्धि का प्रस्ताव रखा सकता है, जिसमें मंजूरी मिलने के बाद आदेश जारी किए जाएंगे। यह दर जुलाई-दिसंबर के लिए होगी।अगर सितंबर में नई दरों का ऐलान होता है तो अक्टूबर में खाते में सैलरी बढ़कर आएगी और अगर अक्टूबर में लाभ मिलता है तो नवंबर में सैलरी बढ़कर मिलेगी। आईए जानते है कैसे होती है महंगाई भत्ते की गणना     केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते की गणना करने का एक फॉर्मूला है। फॉर्मूला है: 7वां सीपीसी डीए% = [{पिछले 12 महीनों के लिए एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू (आधार वर्ष 2001=100) का 12 महीने का औसत – 261.42}/261.42×100]     यह फॉर्मूला उन केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर लागू होगा जिन्हें सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर वेतन मिलता है। डीए%= (392.83-261.42)/261.42×100 = 50.26     पिछले 12 महीनों का औसत सीपीआई-आईडब्ल्यू 392.83 है। फॉर्मूले के मुताबिक, डीए मूल वेतन का 50.28 फीसदी आ रहा है। इसलिए, केंद्र सरकार महंगाई भत्ते को 50% (दशमलव बिंदुओं को नजरअंदाज करते हुए) तक बढ़ा सकती है।  

कैसे मोदी के तीसरे कार्यकाल में और मजबूत हुए बीजेपी-संघ के रिश्ते

नई दिल्ली आम तौर पर भारतीय जनमानस में यह मान लिया गया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी एक ही है. इसके पीछे विपक्ष का दुष्प्रचार भी रहा है. पर इससे इनकार भी नहीं किया जा सकता है कि बीजेपी और संघ आपस में इस तरह घुल मिले हैं कि ये कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि ये दो जिस्म एक जान हैं. पर ऐसा भी नहीं है कि दोनों में मतभेद नहीं होते रहे हैं. संघ और बीजेपी के रिश्ते साल दर साल बनते बिगड़ते रहे हैं. बहुत ऊंचे दर्जे के मतभेद दोनों ही संगठनों के बीच पैदा होते रहे हैं . पर खासियत यह रही है कि बहुत जल्दी दोनों ही संगठनों के नेता आपस में मेल मिलाप भी करते रहे हैं. 2024 में भी दोनों के बीच रिश्ते बहुत हद तक बिगड़ गए. लोकसभा चुनावों के परिणामों के बाद  बीजीपी और संघ के रिश्तों की तल्खी खुल कर जनता के सामने आ गई थी. पर नरेंद्र मोदी का तीसरा कार्यकाल, जो जून 2024 में शुरू हुआ, अप्रत्याशित रूप से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रिश्तों का स्वर्णकाल बन गया. 30 मार्च 2025 को मोदी का नागपुर दौरा इस पुनर्मिलन का प्रतीक बना, जहां उन्होंने RSS संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी और मोहन भागवत के साथ भविष्य की रणनीति तैयार की. उसके बाद से लगातार यह देखा गया कि बीजेपी और आरएसएस का रिश्ता और मजबूत होता जा रहा है. लाल किले की प्राचीर से संघ की उपलब्धियों की बखान हो या उपराष्ट्रपति पद के लिए संघ बैकग्राउंड वाले सीपी राधाकृष्णन का चयन हो, ऐसा लगता है कि आरएसएस-बीजेपी के रिश्तों का स्वर्ण काल चल रहा हो.   1-मोदी और संघ का संदेश, ताली दोनों हाथ से बजती  जनता में ऐसा समझा जाता है कि संघ बीजेपी का अभिभावक है. इसलिए स्वाभाविक तौर पर यह सवाल बनता है कि पिछले क़रीब ग्यारह साल से केंद्र में काम कर रही बीजेपी सरकार के प्रदर्शन को संघ कैसे आंकता है? इसी साल मार्च में बेंगलुरु में अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बैठक की तीसरी और आख़िरी पत्रकार वार्ता में संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बीजेपी का आंकलन देश के लोगों ने किया है. संघ देश से अलग नहीं है. और अभिभावक की बात है तो हम किसी भी सरकार के अभिभावक बनने को तैयार हैं, सिर्फ़ भाजपा के नहीं. होसबाले ने स्पष्ट कहा कि कोई भी पार्टी आए और हमारे विचार मिलें तो हम अभिभावक बन सकते हैं. कोई आता नहीं है वो अलग बात है. होसबाले की बातों से हम समझ सकते हैं कि बीजेपी और संघ के बारे में हम जितना समझते हैं, वास्तविकता उससे कहीं अलग है. कहा जाता है कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी कई मौकों पर आरएसएस से सलाह लिया करतीं थीं. वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने अपनी एक किताब में इंदिरा गांधी के करीबी सहयोगी अनिल बाली के हवाले से लिखा है कि, आरएसएस ने 1980 में इंदिरा गांधी को सत्ता में आने में मदद की थी. नीरजा चौधरी ने पुस्तक में लिखा है कि कांग्रेस के प्रति मुसलमानों की नाराजगी को देखते हुए वह अपनी राजनीति का हिंदूकरण करना चाहती थीं, क्योंकि उन्हें पता था कि आरएसएस की ओर से एक मौन संकेत या यहां तक कि उनके प्रति मुसलमानों का एक तटस्थ रुख भी इसमें मददगार हो सकता है. उपरोक्त बातें लिखने का मतलब सिर्फ इतना है कि संघ और बीजेपी किसी कानून से बंधे हुए नहीं हैं. दोनों अपने रास्ते कभी भी अलग करने के लिए स्वतंत्र हैं. पर नरेंद्र मोदी दूरदर्शी राजनीतिज्ञ हैं. वो बीजेपी को आगे ले जाने के लिए दूसरी विचारधारा वालों से समझौते करते रहे हैं. आरएसएस की विचारधारा तो उनके रगों में दौड़ रहा है. जाहिर है कि मोदी ने यही सोचकर संघ के साथ बीजेपी के रिश्तों को उस ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश की है, जहां तक दोनों आज तक नहीं पहुंचे थे.  2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला, और उसे एनडीए सहयोगियों पर निर्भर रहना पड़ा. इससे पार्टी को अपनी संगठनात्मक ताकत को मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई है. हरियाणा और महाराष्ट्र और दिल्ली विधानसभा चुनावों में संघ ने बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए छोटी-छोटी बैठकों का आयोजन किया, जिससे दोनों के बीच सहयोग बढ़ा.  शायद यही कारण है कि बीजेपी के संगठनात्मक चुनावों में संघ की पृष्ठभूमि वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जा रही है. कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) या संघ से जुड़े नेताओं को चुना गया. यह कदम दोनों संगठनों के बीच समन्वय को दर्शाता है.  उपराष्ट्रुपति पद के लिए कैंडिडेट के चयन में भी संघ बैकग्राउंड वाले सीपी राधाकृष्‍णन को प्राथमिकता और लालकिले के प्राचीर से तारीफ ने इस संबंध को और मजबूती प्रदान की है. उम्मीद की जा रही है कि भविष्य में बीजेपी का अध्यक्ष भी कोई संघ बैकग्राउंड वाला व्यक्ति ही आएगा. 2-पिछले 2 सालों में संघ और बीजेपी के रिश्ते 30 मार्च 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का RSS मुख्यालय, नागपुर में मोदी ने RSS संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार को श्रद्धांजलि दी और मोहन भागवत से मुलाकात की. इसी तरह, 15 अगस्त 2024 को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस भाषण में मोदी ने राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संगठनों की तारीफ की, जिसे अप्रत्यक्ष रूप से RSS के प्रति संकेत माना गया. 15 अगस्त 2025 के अपने भाषण में पीएम मोदी ने आरएसएस की भूरि-भूरि तारीफ की.  हालांकि, इस अवधि में कई मौकों पर RSS और बीजेपी के बीच दूरी बढ़ती नजर आई. नवंबर 2024 में मोहन भागवत का 75 साल की उम्र में रिटायरमेंट बयान को मोदी और शाह पर निशाना माना गया. फरवरी 2025 में बीजेपी अध्यक्ष के चयन में देरी और RSS के पसंदीदा उम्मीदवारों को नजरअंदाज करना भी तनाव को बढ़ाने वाला समझा गया. RSS बीजेपी को अपनी वैचारिक संतान मानता है, लेकिन वह अपनी स्वतंत्र पहचान और प्रभाव बनाए रखना चाहता है. बीजेपी, विशेषकर मोदी-शाह युग में, केंद्रीकृत शक्ति और चुनावी रणनीति पर जोर देती है, जो कभी-कभी RSS की सांस्कृतिक और संगठनात्मक प्राथमिकताओं से टकराती है.  3-नड्डा के एक बयान के चलते … Read more

आज का दिन खास! 20 अगस्त 2025 को इन राशियों पर चमकेगी खुशियों की धूप

मेष राशि- आप अपने दिन की शुरुआत योग से करना आपके लिए अच्छा रहने वाला है। पूरा दिन आर्थिक रूप से अच्छा दिख रहा है। शादीशुदा जिंदगी अच्छी रहने वाली है। मानसिक रूप से आप अच्छे रहने वाले हैं। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। वृषभ राशि- आज पूरे दिन आपकी ऊर्जा का स्तर बना रहेगा। आपकी कोई पुरानी बीमारी आज आपको परेशान कर सकती है। खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकती है। परिवार के सदस्यों का साथ मिलेगा। ऑफिस में किसी कलीग की मदद की जरूरत पड़ सकती है। मिथुन राशि- आज आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए। आय के नए स्रोत उत्पन्न होंगे। घर के माहौल में पॉजिटिविटी बनी रहेगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। अपनों का साथ मिलेगा। यात्रा का योग है। कार्यस्थल पर कोई उच्चाधिकारी आपके काम से प्रसन्न हो सकता है। कर्क राशि- आज आपको आर्थिक रूप से प्लान बनाने की जरूरत है, वरना बजट बिगड़ सकता है। ऑफिस में पॉलिटिक्स से दूरी बनाए रखें। परिवार की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे। संतान पक्ष से अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारिक रूप से सुदृढ़ होंगे। सिंह राशि- आज घरेलू मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही न करें। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। किसी मित्र के सहयोग से आर्थिक लाभ के संकेत हैं। ऑफिस में आपके काम की तारीफ हो सकती है। जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। कन्या राशि- आज आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। जीवनसाथी के साथ बातचीत में संतुलित रहें। कारोबार के लिए माता-पिता से धन मिल सकता है। नौकरी में बदलाव के संकेत हैं। यात्रा लाभप्रद नहीं रहेगी। जीवनसाथी के साथ व स्वास्थ्य पर नजर रखें। तुला राशि- आज का दिन यह उन बेहतरीन दिनों में से एक है जब आप कार्यस्थल पर अच्छा महसूस करेंगे। आज आपके सहकर्मी आपके काम की सराहना करेंगे। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहने वाला है। वृश्चिक राशि- आज आपके आत्मविश्वास में कमी रहेगी। वाणी में मधुरता रहेगी। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के मौके मिलेंगे। शैक्षिक कार्यों में सफल रहेंगे। अपनों का साथ मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। धनु राशि- आज आपकी सेहत अच्छी रहेगी। अपने भविष्य को समृद्ध बनाने के लिए आपने अतीत में जो भी पैसा निवेश किया था, उसका आज फल मिलेगा। जीवनसाथी के साथ बेहतर समझ घर में सुख-शांति और समृद्धि लाती है। अपने साझेदारों को हल्के में न लें। किसी अनचाही यात्रा पर जाना पड़ सकता है। मकर राशि- आज आपको अपनी फीलिंग्स पर कंट्रोल रखने की जरूरत है। किसी महंगी चीज पर खर्च करने से पहले विचार करें। आप भविष्य की कई परेशानियों से बच सकते हैं। कुछ लोगों के लिए पदोन्नति मिल सकती है। किसी कलीग के साथ मिलकर किसी प्रोजेक्ट में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कुंभ राशि- आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे और आज कुछ असाधारण करेंगे। धन का मैनेजमेंट करना आपके लिए अच्छा रहने वाला है। वैवाहिक जीवन अच्छा रहेगा। आपके वैवाहिक जीवन का सबसे अच्छा दिन बन सकता है। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहेगी। किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। मीन राशि- आज मीन राशि वालों के लिए नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के मौके मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। लेकिन कुछ जातकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है। परिवार की जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दें और आर्थिक रूप से बजट बनाकर चलें।

पुतिन का ऐलान: मैं जेलेंस्की से जरूर मिलूंगा, युद्ध की पृष्ठभूमि में बातचीत

नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि वो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिलने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन से फोन पर बात करते हुए यह बात कही है। रुबियो ने कहा कि तीन साल से चल रहे युद्ध के बाद पुतिन का जेलेंस्की से मिलने के तैयार होना एक बड़ी बात है। रुबियो ने कहा कि मैं यह नहीं कह रहा कि दोनों की मुलाकात के बाद युद्ध खत्म हो जाएगा, लेकिन कम से कम दोनों नेता एक दूसरे के साथ बात तो कर रहे हैं। यह एक बड़ी बात है। रुबियो ने आगे कहा कि हम पुतिन और जेलेंस्की की बैठक की दिशा में काम कर रहे हैं। अगर दोनों नेता एक दूसरे से बात करने के लिए तैयार हो जाते हैं तो यह त्रिपक्षीय बैठक भी हो सकती है जहां दोनों नेताओं के साथ ट्रंप भी बैठ सकते हैं। जल्द ही तीनों नेताओं की होगी मुलाकात: ट्रंप जेलेंस्की से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि जेलेंस्की से मिलने के बाद मैंने राष्ट्रपति पुतिन को फोन किया और राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच एक निर्धारित स्थान पर बैठक की व्यवस्था शुरू कर दी। उम्मीद है कि हम तीनों जल्द मिलेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्होंने रूस के साथ शांति समझौते के तहत यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर चर्चा की है, जिसमें यूरोप अग्रणी भूमिका निभा रहा है और वाशिंगटन के साथ समन्वय कर रहा है। जेलेंस्की ने ओवल ऑफिस में ट्रंप से आमने-सामने की मुलाकात भी की।