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चुनावी संग्राम में वोट चोरी के आरोप-प्रत्यारोप, EC ने की एंट्री

चंडीगढ  लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को नोटिस भेजकर वोट चोरी के आरोपों पर हलफनामा मांग चुके हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के लिए मतदाता सूचियों का संशोधन सामान्य और रुटीन की प्रक्रिया है। राज्यों की मतदाता सूची तैयार करने के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों की भागीदारी और उनकों त्रुटियों को सुधारने के लिए चुनाव आयोग की ओर से पर्याप्त समय और अवसर प्रदान किया जाता है, ताकि शुद्ध मतदाता सूचियां लोकतंत्र को मबबूत बना सकें। उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि चुनाव में किसी तरह की वोट चोरी हुई है। साथ ही आशंका जताई कि मतदाता सूचियों के प्रकाशन के बाद कुछ राजनीतिक दलों ने इन पर अपनी कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई, जिसका मतलब स्पष्ट है कि मतदाता सूचियों में कोई खामी नहीं थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस कान्फ्रेंस कर बाकी राज्यों की तरह हरियाणा को लेकर भी कहा था कि 22 हजार 779 वोटों से कांग्रेस राज्य में आठ सीटें हारी है। इसके जवाब में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और मुख्यमंत्री नायब सिंह ने दावा किया था कि राज्य में सात विधानसभा सीटें भाजपा सिर्फ 3500 से कम वोटों के अंतर हारी है। भाजपा को यदि 22 हजार वोट और मिल जाते तो राज्य में पार्टी 22 सीटें और जीत जाती। इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राहुल गांधी से हलफनामा देकर जवाब मांगा था, जिसका अभी कोई जवाब नहीं आया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद उसकी डिजिटल और प्रकाशित भौतिक प्रतियां सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध करवाई जाती हैं और साथ ही उन्हें भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर भी डाला जाता है, ताकि कोई भी इसका अवलोकन कर सके। ए श्रीनिवास ने कहा कि चुनाव आयोग द्वारा ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने से पहले मतदाताओं और राजनीतिक दलों को दावे और आपत्तियां दर्ज करने के लिए पूरे एक महीने का समय दिया जाता है। अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद अपील की एक द्वि-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिसमें पहली अपील जिला मजिस्ट्रेट के पास और दूसरी अपील प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के पास की जा सकती है। ऐसा प्रतीत होता है कि कुछ राजनीतिक दलों और उनके बूथ स्तरीय एजेंटों (बीएलएएस) द्वारा सही समय पर मतदाता सूचियों की जांच नहीं की गई और यदि कोई त्रुटि थी तो उसे एसडीएम/ईआरओ, डीइओ या सीइओ के संज्ञान में नहीं लाया गया। मतदाता सूचियों में त्रुटियों पर अब मुद्दे उठा रहे  मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार कुछ राजनीतिक दल और व्यक्ति मतदाता सूचियों में त्रुटियों के बारे में अब मुद्दे उठा रहे हैं, जिनमें पूर्व में तैयार की गई मतदाता सूचियां भी शामिल हैं। यदि यह मुद्दे सही समय पर सही माध्यमों से उठाए गए होते तो संबंधित एसडीएम/ईआरओ को चुनावों से पहले गलतियां सुधारने में मदद मिलती। चुनाव आयोग राजनीतिक दलों और किसी भी मतदाता द्वारा मतदाता सूची की जांच का स्वागत करता है। इससे एसडीएम/ईआरओ को त्रुटियों को दूर करने और मतदाता सूची को शुद्ध करने में मदद मिलेगी, जो हमेशा से चुनाव आयोग का उद्देश्य रहा है।  

राज्यपाल रमेन डेका ने किए महाप्रभु जगन्नाथ भगवान के दर्शन

रायपुर राज्यपाल रमेन डेका ने रायपुर के गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ का दर्शन एवं पूजन किया और देश एवं प्रदेश वासियों की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की कामना कीं। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

शिक्षकों के ऑनलाइन ट्रांसफर जल्द शुरू होंगे, शिक्षा मंत्री ढांडा ने दी अपडेट

जींद   शिक्षा मंत्री जींद की चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार बहु-विषयक शिक्षा पर एक दिवसीय कार्यशाला में पहुंचे थे। इस कार्यशाला म विभिन्न यूनिवर्सिटियों के वी.सी. एवं कई शिक्षाविदों ने शिरकत कर अहम विषय पर चर्चा की। जींद पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश में जल्द ही टीचरों के ऑनलाइन ट्रांसफर शुरू होंगे। उन्होंने कांग्रेस के जिलाध्यक्षों की लिस्ट पर तंज कसते हुए कहा कि यह लिस्ट हुड्डा-सैलजा-रणदीप ग्रुप की लिस्ट बनकर रह गई है। केंद्र में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा वोट चोरी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि चोर एक तो चोरी करे और ऊपर से सीनाजोरी करने वाली बात करे। उलटा वोट चोरी तो उन्होंने ही की थी, तभी तो 50 से 90 सीट जीत गए। हमारी सरकार तो वोट चोरी पर अंकुश लगाने का कार्य कर रही है। हम तो वोटर लिस्ट को रिवाइज करवा रहे हैं, इसमें उनको परेशानी क्यों हो रही है।

चुनाव आयोग सख्त, हरियाणा के 15 राजनीतिक दलों को भेजा नोटिस; सितंबर में होगी सुनवाई

चंडीगढ़  भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ऐसे राजनीतिक दलों पर सख्ती शुरू कर दी है, जिन्होंने पिछले 10 सालों में कोई चुनाव नहीं लड़ा है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1961 के तहत इन दलों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और जरूरी कागजात जमा करने के लिए कहा गया है। हरियाणा में ऐसे 15 राजनीतिक दलों की सूची जारी की गई है। आयोग ने सभी को सुनवाई का मौका देते हुए अलग-अलग तारीख और समय तय किए हैं। अगर ये दल समय पर अपना पक्ष नहीं रखते, तो माना जाएगा कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है। इसके बाद निर्वाचन आयोग बिना पूर्व सूचना दिए इन दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर सकता है। हिसार सहित इन जिलों के हैं राजनीतिक दल ​जिन दलों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें फरीदाबाद, सिरसा, हिसार, करनाल, रेवाड़ी, अंबाला, गुड़गांव, यमुनानगर, मेवात, महेंद्रगढ़, और भिवानी जैसे विभिन्न जिलों के दल शामिल हैं। सभी दलों को 28 अगस्त, 2025 तक आवश्यक कागजात और लिखित आवेदन जमा करने के लिए कहा गया है। ​ मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा ए श्रीनिवास द्वारा जारी इस नोटिस में कहा गया है कि सुनवाई 2 सितंबर से 3 सितंबर, 2025 के बीच चंडीगढ़ स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में होगी। प्रत्येक दल के लिए अलग-अलग तिथि और समय निर्धारित किया गया है। इसलिए शुरू हुई ये कार्रवाई ​हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास ने बताया कि यह कदम ऐसे दलों को हटाने के लिए उठाया गया है, जो केवल कागजों पर मौजूद हैं और चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग नहीं लेते हैं। यह चुनाव आयोग द्वारा राजनीतिक दलों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सिर्फ छह ने ही दिए डॉक्यूमेंट आयोग के द्वारा इससे पहले हरियाणा के 21 गैरमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बाद करीब छह ने आवश्यक कागजात जमा करवा दिए हैं, जिसके बाद अब 15 को सुनवाई के लिए आखिरी मौका दिया गया है। जिन गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, जिन्हें कारण बताओं नोटिस जारी किया गया, उनमें अपना राज फ्रंट झज्जर, हरियाणा स्वतन्त्र पार्टी झज्जर, राष्ट्रीय बुजुर्ग शक्ति पार्टी झज्जर, भारत (इंटीग्रेटेड) रक्षक दल गुडगांव, भारतीय जन हित विकास पार्टी गुडगांव , गुड़गांव रेजिडेंट पार्टी गुड़गांव, हिन्द समदर्शी पार्टी गुड़गांव, कर्मा पार्टी गुड़गांव, मेरा गांव मेरा देश पार्टी गुड़गांव शामिल हैं। जिन्हें नोटिस जारी हुआ उनमें नेशनल लेवल की भी पार्टियां नेशनल जनहित कांग्रेस (AB) गुड़गांव, समरस समाज पार्टी गुड़गांव, टोटल विकास पार्टी गुड़गांव, जनता उदय पार्टी फरीदाबाद, बेरोजगार आदमी अधिकार पार्टी फरीदाबाद, राष्ट्रीय आर्य राज सभा रोहतक, सेवा दल रोहतक, लोक परिवर्तन पार्टी (डीसी) पानीपत, हरियाणा जनरक्षक दल सोनीपत, हरियाणा कान्ति दल कुरूक्षेत्र,राष्ट्रीय कर्मयोग पार्टी, करनाल और सुशासन पार्टी, भिवानी शामिल हैं।

TMC ने INDIA ब्लॉक से दूरी बनाई, उपराष्ट्रपति चुनाव में रखी ये मांग

कलकत्ता उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर NDA और विपक्षी INDIA गठबंधन के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है. एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि विपक्षी पार्टियों के बीच अब भी आखिरी सहमति नहीं बन पाई है. सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मानना है कि INDIA गठबंधन का उम्मीदवार तमिलनाडु से नहीं होना चाहिए, और साथ ही ममता बनर्जी की पार्टी ने उम्मीदवार को लेकर अपनी मंशा भी जाहिर की है. टीएमसी चाहती है कि विपक्ष एक नॉन-पॉलिटिकल उम्मीदवार उतारे, जो बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा के खिलाफ लड़ाई को मज़बूत कर सके. टीएमसी का कहना है कि यह चुनाव सिर्फ पद की लड़ाई नहीं बल्कि संविधान और "आइडिया ऑफ इंडिया" को बचाने की जंग है. टीएमसी सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास से निकलते समय बताया था कि "कल (मंगलवार) दोपहर 12.30 बजे मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर INDIA गठबंधन की बैठक होगी." उन्होंने भरोसा जताया कि विपक्ष शाम तक एक मजबूत उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर देगा. एनडीए ने सीपी राधाकृष्णन को बनाया है अपना उम्मीदवार दूसरी तरफ, एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन का राजनीतिक करियर लंबा और प्रभावशाली रहा है. वह 31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं. इससे पहले फरवरी 2023 से जुलाई 2024 तक उन्होंने झारखंड के राज्यपाल के रूप में काम किया. इस दौरान उन्हें राष्ट्रपति की तरफ से तेलंगाना के राज्यपाल और पुडुचेरी के लेफ्टिनेंट गवर्नर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था. राधाकृष्णन तमिलनाडु से आने वाले वरिष्ठ बीजेपी नेता हैं और सार्वजनिक जीवन में उनका अनुभव चार दशकों से भी अधिक का है. वे दो बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं और कोयंबटूर से संसद पहुंचे थे. 2004 से 2007 तक उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई. उनकी पहचान आरएसएस विचारधारा से जुड़ी हुई है. सितंबर में होंगे उपराष्ट्रपति चुनाव उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर 2025 को होना है. यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद कराया जा रहा है. अब देखना यह होगा कि INDIA गठबंधन किस उम्मीदवार को मैदान में उतारकर एनडीए के मुकाबले में खड़ा करता है.

ED की रेड से हड़कंप, झारखंड में कबाड़ी के घर हुई लंबी जांच

साहिबगंज झारखंड के साहिबगंज शहर के बंगाली टोला स्थित संतोष कुमार गुप्ता उर्फ बबलू के यहां मंगलवार की सुबह ईडी का छापा पड़ा। ईडी की चार सदस्यीय टीम करीब आठ घंटे तक उसके घर में रूककर जांच की। ईडी की जांच के दौरान सुरक्षा के मद्देनजर सीआरपीएफ के कई जवान घर के बाहर मुस्तैद थे। जानकारी के मुताबिक संतोष कुमार गुप्ता उर्फ बबल दो भाई है। दोनों भाई यहां एक ही मकान में रहते हैं। मुहल्ले के लोगों ने बताया कि संतोष कबाड़ के सामान खरीदने व बेचने का काम करता है। उसके घर के बाहर कबाड़ में खरीदे गए सामानों के बोरियों रखीं हैं। उधर, सफदे इनोवा गाड़ी से सुबह करीब 7.10 बजे ईडी के अधिकारी छापेमारी के लिए इनके घर पहुंचे। ईडी के छापे की खबर थोड़ी ही देर में शहर में तेजी से फैल गई। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ उनके घर के बाहर जमा होने लगी। ईडी के अधिकारी यहां पहुंचने के बाद सीधे मकान के अंदर जाकर जांच शुरू कर दी। जांच के क्रम में घर के एक लड़के को लेकर ईडी के अधिकारी गाड़ी से कहीं गए और फिर थोड़ी देर में लौट आए। सुबह करीब 9.50 और 10.20 बजे ईडी के दो अलग-अलग अधिकारी किसी काम से मकान से बाहर निकले। एक अधिकारी बाहर खड़ी इनोवा कार के ड्राइवर से बातचीत कर तुरंत वापस अंदर चले गए। दूसरे अधिकारी ने ड्राइवर से गाड़ी में रखे अपना लैपटॉप मंगवाए। सूत्रों से पता चल रहा है कि झारखंड में हुए 750 करोड़ के जीएसटी घोटाले की जांच के क्रम में ईडी की टीम यहां पहुंची है। हालांकि आधिकारिक तौर पर ईडी के कोई भी अधिकारी मीडिया को छापेमारी की वजह के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है।  

रेलवे का नया नियम: ट्रेन में अनलिमिटेड सामान ले जाने पर रोक, क्लासवार तय हुई सीमा

 नई दिल्ली रेल यात्रा में अकसर आपने लोगों को भारी सामान लाते ले जाते देखा होगा, लेकिन जल्दी ही यह पुरानी बात हो जाएगी। रेलवे अब हवाई यात्रा की तरह सामान को लेकर सख्त नीति अपनाने जा रहा है। इसके तहत एक निश्चित वजन या आकार से ज्यादा सामान लेकर जाने पर पेनल्टी भी देनी पड़ सकती है। इसके लिए रेलवे स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक मशीनें लगाई जाएंगी। इनसे होकर जब सामान गुजरेगा तो पता चल जाएगा कि वजन और माप तय सीमा के भीतर ही है या नहीं। यदि माप और वजन तय लिमिट से ज्यादा हुआ तो फिर जुर्माना या अतिरिक्त चार्ज चुकाना होगा। यही नहीं रेलवे स्टेशनों पर भी अब लोगों का अनुभव बदलने की तैयारी पूरी हो गई है। अब रेलवे स्टेशनों पर बड़े ब्रांड्स की दुकानें दिख सकती हैं। रेलवे स्टेशनों पर कपड़े, ट्रैवल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान आदि आप आसानी से खरीद पाएंगे। इसके लिए शानदार दुकानें होंगी, जिनका रेलवे की ओर से टेंडर जारी किया जाएगा। इससे रेलवे स्टेशनों पर पहुंचकर लोग एयरपोर्ट जैसे माहौल का अनुभव करेंगे। इसके अलावा रेलवे के रेवेन्यू में भी इजाफा होगा। दुकानें टेंडर से आवंटित की जाएंगी, जिनके शुल्क से रेलवे को अच्छी आय होने की उम्मीद है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि सामान की वजन सीमा श्रेणी के अनुसार तय होगी। जैसे सामान्य श्रेणी का टिकट लेकर यदि कोई सफर कर रहा है तो उसे अपने साथ 35 किलो सामान से ज्यादा ले जाने की परमिशन नहीं होगी। यदि एक से ज्यादा लोग सफर कर रहे हैं तो तय लिमिट प्रति यात्री के अनुसार होगी। जैसे एक व्यक्ति पर 35 किलो की परमिशन है तो दो लोग साथ होंगे तो 70 किलो वजन तक का सामान ले जा सकते हैं। अब श्रेणी वार लिमिट की बात करें तो स्लीपर और थर्ड एसी में यह 40 किलो प्रति व्यक्ति होगी। इसके अलावा सेकेंड एसी में एक व्यक्ति को 50 किलो तक सामान ले जाने की परमिशन रहेगी। वहीं फर्स्ट एसी में यह लिमिट 70 किलोग्राम रहेगी। रेलवे सूत्रों का कहना है कि यह लिमिट इसलिए तय की गई है ताकि सभी यात्रियों का सफर सुखद और सुगम रहे। अब श्रेणीवार लिमिट की बात करें तो ऐसा इसलिए तय किया गया है ताकि सीटों की व्यवस्था के अनुसार ही सामान रखा जा सके। जैसे जनरल में जगह सबसे कम बचती है, ऐसे में उसके लिए लिमिट कम है। इसी प्रकार स्लीपर और थर्ड एसी का सीटिंग पैटर्न एक जैसा है। इसलिए वहां सामान की लिमिट एक समान रखी गई है। वहीं सेकेंड में एसी में एक लाइन में दो सीटें ही रहती हैं। इसलिए सामान की परमिशन थोड़ी ज्यादा है। फिलहाल इस लिमिट के तहत प्रयागराज जोन में काम शुरू होने वाला है। इसके बाद पूरे देश में ही रेलवे का यह फॉर्मूला लागू होगा।

लगघाटी में बादल फटने से दुकानों और पुल को नुकसान, कुल्लू-बंजार के स्कूल बंद

कुल्लू.  हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की लगघाटी के कनौण की ऊंची पहाड़ी पर रात ढाई बजे बादल फटने के बाद फ्लेश फ्लड आया है. बादल फटने से आई बाढ़ की चपेट में आकर कनौण में तीन दुकानें बह गईं और बाढ़ से लोगों की ज़मीनों, बाग–बगीचों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. उधर, सरवरी खड्ड में जलस्तर में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बाढ़ के कारण एक पुल क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है. एक युवक ने बताया कि कनौण गांव में बूबू नाले पर बना पुल बह गया और तीन दुकानों का नामोनिशान मिट गया. युवक ने बताया कि वह पूरी रात सोए नहीं हैं. युवक ने बताया कि गांव का संपर्क कट गया है और बादल फटने के बाद काफी नुकसान हुआ है और सड़क पर बड़े बड़े पत्थर आ गए थे. इसी तरह आपदा की मार झेल रहे मंडी जिले की पद्दर उपमण्डल की चौहारघाटी में बीती रात और आज सुबह हुई भारी बारिश ने तबाही मचा दी। घाटी की दो पंचायतों शिल्हबुधाणी और तरस्वाण में सबसे अधिक नुकसान हुआ है। यहां 6 फुट ब्रिज, एक वाहन, एक दुकान और सैकड़ों बीघा निजी भूमि तेज बहाव में बह गई। गनीमत रही कि किसी प्रकार का जानी नुकसान नहीं हुआ है। ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने बताया कि भारी बारिश से नाले उफान पर आ गए थे और लोगों ने सुरक्षित स्थानों में शरण लेकर अपनी जान बचाई। सैकड़ों बीघा भूमि बह जाने से किसानों और बागवानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। एसडीएम पधर सुरजीत सिंह और लोक निर्माण विभाग सहित राजस्व विभाग की टीमें मौके पर भेज दी गई हैं। हालात को देखते हुए पधर उपमंडल के शिक्षण संस्थानों में आज अवकाश घोषित कर दिया गया है। कुल्लू जिले की लगघाटी में मंगलवार सुबह बादल फटने से दो दुकानों और एक बाइक को नुकसान पहुंचा है। सरवरी क्षेत्र में एक पैदल पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। हालात को देखते हुए कुल्लू और बंजार उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रखे गए हैं। कुल्लू जिले में भारी बारिश के कारण ब्यास नदी पर बने भूतनाथ पुल के पास सड़क बह गई। स्थानीय निवासी, ईश्वर दास शर्मा, ने कहा, "नदी में उफान आया हुआ है, और इसने नदी के किनारे के हिस्सों को नुकसान पहुंचाया है। मैं सरकार से इस ओर ध्यान देने का आग्रह करता हूं।" भारी बारिश के बीच कांगड़ा जिले में पौंग डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार सुबह 8 बजे तक डैम का जलस्तर 1383.02 फुट दर्ज किया गया। बीबीएमबी प्रशासन के अनुसार सभी छह टर्बाइनें चालू हैं, जिनसे 17,456 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि स्पिलवे गेट्स से 42,379 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इस तरह कुल 59,835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बुधवार से यह मात्रा बढ़ाकर 75 हजार क्यूसेक कर दी जाएगी। निचले क्षेत्रों के प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है और लोगों से अपील की गई है कि वे नदी किनारों की ओर न जाएं। मौसम विभाग ने राज्य में 25 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही वर्षा से भूस्खलन, बादल फटने और नदियों-नालों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और किसी भी आपदा की स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है। सरवरी में भी नुकसान की खबर अहम बात है कि कुल्लू के पास सरवरी में भी फ्लेश फ्लड से खासा नुकसान हुआ है और सड़क का एक हिस्सा टूट गया है. वहीं,  भूतनाथ मंदिर के पास बस स्टैंड को जोड़ने वाली सड़क पर गहरी दरारें पड़ गई हैं और सुरक्षा के लिए बनाया गया डंगा बह गया है. इसके अलावा, हनुमानी बाग को जोड़ने वाला पैदल पुल भी टूटने की कगार पर है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही पर संकट खड़ा हो गया है.प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से परहेज करने और सतर्क रहने की अपील की है. कुल्लू जिला प्रशासन ने बीती रात से हो रही बारिश के चलते बंजार और कुल्लू सदर में स्कूल और कॉलेजों को बंद करने के आदेश दिए हैं. डीसी कुल्लू, एस. रवीश (IAS) ने आदेश जारी करते हुए बताया कि क्लाउडबर्स्ट, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की वजह से जगह-जगह सड़कों के बाधित होने, पुल बह जाने और नुकसान की सूचनाएं मिल रही हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 19 अगस्त 2025 के लिए कुल्लू जिला में येलो अलर्ट जारी किया है. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने आदेश दिया है कि कुल्लू और बंजार उपमंडल के सभी शैक्षणिक संस्थान, जिनमें स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग व फार्मेसी कॉलेज (सरकारी व निजी), आंगनबाड़ी केंद्र और DIET शामिल हैं, 19 अगस्त 2025 को बंद रहेंगे. प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा व कल्याण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. अब तक प्रदेश में 268 लोगों की मौत मॉनसून सीजन के दौरान हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और आपदाओं ने अब तक भारी तबाही मचाई है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 20 जून से अब तक 268 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 37 लोग अभी भी लापता हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि 336 लोग घायल हुए, 2540 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, 2274 पशुशालाएं और 362 दुकानें जमींदोज हो गईं. इसके अलावा, 1630 मवेशियों और 25,755 पोल्ट्री बर्ड्स की मौत हो चुकी है. बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में 2 राष्ट्रीय राजमार्ग और 387 सड़कें बंद हैं. वहीं, 760 ट्रांसफार्मर ठप होने से विद्युत आपूर्ति बाधित है और 186 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं. राज्य को अब तक इस आपदा से 2194 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है.

181 और 1098 हेल्पलाइन बन रही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की कड़ी

जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए हैल्पलाइन 181 और 1098 बनी संबल महिलाओं और बच्चों के लिए 181 व 1098 हैं अब भरोसेमंद सहारा जरूरतमंदों के लिए मदद का संदेश: 181 और 1098 बनी संबल 181 और 1098 हेल्पलाइन बन रही महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की कड़ी भोपाल  जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों के लिए प्रदेश में चलाई जा रही हैल्पलाइन 181 और 1098 संबल बन गई है। महिला एवं बाल विकास सचिव श्रीमती जी.व्ही. रश्मि ने सोमवार को विभागीय नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर हैल्पलाइन नम्बर 181 (महिला हैल्पलाइन) और 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कॉल प्रबंधन, शिकायत पंजीकरण एवं उनके निराकरण की प्रक्रिया का विस्तृत अवलोकन किया। सचिव श्रीमति रश्मि ने कॉल रिस्पॉन्स, डेटा प्रबंधन प्रणाली तथा आपात स्थितियों में विभिन्न विभागों के साथ समन्वय की कार्यशैली की सराहना की। उन्होंने नियंत्रण कक्ष में कार्यरत कर्मचारियों से चर्चा कर उनकी चुनौतियों की जानकारी भी प्राप्त की। श्रीमती रश्मि ने कहा कि हैल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं है, बल्कि प्रत्येक पीड़ित महिला और बच्चे को सुरक्षा, सहयोग और न्याय दिलाना है। दोनों हेल्पलाइनें पूरी निष्ठा और सेवा-भाव से कार्य करते हुए समय पर सहायता सुनिश्चित कर रही हैं। उन्होंने 181 और 1098 टीम की प्रतिबद्धता को सराहते हुए भविष्य में कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश भी दिए। इस अवसर पर संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा अवस्थी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

तीसरे दिन गया में तनाव, मंदिर में राहुल गांधी का इंतजार बेकार

गया  बिहार के गया में 'वोटर अधिकार यात्रा' के तीसरे दिन हंगामा हो गया. बताया जाता है कि यहां वजीरगंज के पुनावा हनुमान मंदिर पर लोग राहुल गांधी इंतजार करते रह गए, लेकिन वह नहीं पहुंचे. राहुल गांधी को पूजा अर्चना के बाद इसी मंदिर से यात्रा की शुरुआत करनी थी. लेकिन राहुल और तेजस्वी का काफिला सीधे आगे निकल गया. मंदिर में पूजा अर्चना नहीं करने से नाराज हुए स्थानीय लोग राहुल गांधी के मंदिर में पूजा नहीं करने से स्थानीय लोग नाराज हो गए. पूजा के लिए तैयार की गई थाली रखी रह गई. वहीं, राहुल गांधी का काफिला जब मंदिर के पास से गुजर गया और नहीं रुका तो स्थानीय युवा बीजेपी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे. सिर्फ वोट के लिए आते हैं नेता राहुल गांधी द्वारा मंदिर में पूजा-अर्चना नहीं किए जाने से वजीरगंज के युवाओं में गुस्सा है. युवाओं ने आज तक से बातचीत में कहा कि  नेता यहां केवल वोट लेने के लिए आते हैं. हमारे लिए यह प्राचीन मंदिर बहुत महत्व रखता है.  आपको बता दें कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की तरफ से वोटर अधिकार यात्रा की शुरुआत की गई है. यह यात्रा रविवार को सासाराम से शुरू हुई और फिर सोमवार को गया जी पहुंचने से पहले औरंगाबाद तक गई. SIR पर राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर बोला हमला यात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों को चेतावनी दी कि जब गठबंधन सरकार बनेगी तो "वोट चोरी" पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. गांधी ने यह भी कहा कि पूरा देश चुनाव आयोग से हलफनामा मांगेगा और अगर समय मिला तो उनकी पार्टी हर विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में "वोट चोरी" का पर्दाफाश करेगी. राहुल गांधी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष पैकेज की बात करते हैं, उसी तरह चुनाव आयोग भी बिहार के लिए एक "नया विशेष पैकेज" लेकर आया है. जिसका नाम SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) है, जो "वोट चोरी का एक नया रूप" है.