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भारत-UAE संबंधों में नई उड़ान! PM मोदी की यात्रा में अरबों डॉलर के निवेश पर बनी सहमति

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान शुक्रवार को भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कई समझौते हुए। इसमें द्विपक्षीय रणनीतिक रक्षा साझेदारी, एलपीजी की आपूर्ति एवं रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और भारत के आरबीएल बैंक, सम्मान कैपिटल और इन्फ्रास्ट्रक्चर में 5 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। इसके अलावा, दोनों देश के बीच गुजरात के वाडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर को स्थापित करने के लिए समझौता हुआ है। अबू धाबी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत हर परिस्थिति में संयुक्त अरब अमीरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत हर संभव सहयोग देगा।" उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का "स्वतंत्र और खुला रहना महत्वपूर्ण है ओर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहह्यान को धन्यवाद दिया और कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति में द्विपक्षीय सहयोग का महत्व और भी बढ़ गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनवरी में यूएई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति जताई थी और कम समय में ही महत्वपूर्ण प्रगति हासिल कर ली है। उन्होंने कहा, "हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए में आपको हार्दिक धन्यवाद देता हूं। जनवरी में आपकी भारत यात्रा के दौरान, हमने अपने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति व्यक्त की थी। इतने कम समय में भी, हमने सभी मामलों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। आज की स्थिति को देखते हुए, भारत-यूएई रणनीतिक सहयोग का महत्व बहुत बढ़ गया है। आने वाले समय में, हम हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे।" प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का प्रभाव वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा रहा है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संवाद और कूटनीति ही मुद्दों को सुलझाने का सर्वोत्तम तरीका है। प्रधानमंत्री आज सुबह यूएई पहुंचे और उनका औपचारिक स्वागत किया गया। बाद में, उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (जिन्हें लोकप्रिय रू से एमबीजेड के नाम से जाना जाता है) के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन ट्रांजिशन और व्यापार सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करना है।

अमेरिका-चीन रिश्तों पर ट्रंप का बड़ा बयान,शी जिनपिंग से बातचीत और उपलब्धियों का दावा

 नई दिल्ली  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपनी बीजिंग यात्रा के आखिरी दिन यह दावा किया कि चीनी नेता शी चिनफिंग ने उन्हें कई शानदार सफलताओं पर बधाई दी है। ट्रंप ने कहा कि जब चिनफिंग ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को शायद एक पतनशील राष्ट्र बताया, तो उनका यह इशारा ट्रंप से पहले की जो बाइडन सरकार की तरफ था। यह स्पष्ट नहीं था कि ट्रंप चिनफिंग की किसी बंद कमरे में हुई बातचीत का हवाला दे रहे थे या उनके थ्यूसीडाइड्स ट्रैप वाले बयान का। यात्रा के पहले दिन शी चिनफिंग ने कहा था कि अमेरिका-चीन संबंधों को स्थिर करना सिर्फ दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए बहुत जरूरी है। थ्यूसीडाइड्स ट्रैप का जिक्र हालांकि, शी चिनफिंग ने सार्वजनिक तौर पर पतनशील राष्ट्र शब्द का इस्तेमाल नहीं किया था, लेकिन उन्होंने यह सवाल जरूर उठाया था कि क्या दोनों महाशक्तियां थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से बच सकती हैं। यह एक ऐसा राजनीतिक सिद्धांत है जो बताता है कि एक उभरती हुई शक्ति और पहले से स्थापित महाशक्ति के बीच युद्ध होना तय होता है। सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक लंबी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पतन के बारे में शी चिनफिंग का आकलन 100% सही था। ट्रंप के अनुसार, बाइडन प्रशासन की इमिग्रेशन, जेंडर इक्वेलिटी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़ी नीतियों के कारण देश को अपार नुकसान उठाना पड़ा है। ट्रंप ने लिखा, "जब राष्ट्रपति शी ने बहुत ही शालीनता से अमेरिका को एक पतनशील राष्ट्र कहा, तो वह स्लीपी जो बाइडन और बाइडन प्रशासन के उन चार सालों के दौरान हुए भयानक नुकसान का जिक्र कर रहे थे। इस मामले में वह पूरी तरह सही थे।" उन्होंने आगे कहा कि खुली सीमाओं, भारी टैक्स, हर किसी के लिए ट्रांसजेंडर नीतियों, महिलाओं के खेलों में पुरुषों की भागीदारी, विविधता, समानता और समावेश, खराब व्यापार समझौतों और बढ़ते अपराध के कारण हमारे देश को बहुत नुकसान हुआ। ट्रंप ने गिनाईं अपनी उपलब्धियां ईरान और ताइवान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारी मतभेदों के बावजूद अमेरिकी नेता ने दावा किया कि दुनिया की दो सबसे बड़ी महाशक्तियों के बीच संबंध अच्छे हैं और लगातार बेहतर हो रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि उनके कार्यकाल के 16 शानदार महीनों के दौरान अमेरिका ने अविश्वसनीय प्रगति की है। उन्होंने शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर, अपनी कथित सैन्य जीत, मजबूत जॉब मार्केट और निवेश के नए वादों का हवाला देते हुए इसे अमेरिका के पुनरुत्थान का संकेत बताया। ट्रंप ने लिखा कि राष्ट्रपति शी का इशारा अमेरिका की उस अविश्वसनीय प्रगति की ओर नहीं था जो ट्रंप प्रशासन के 16 शानदार महीनों में दुनिया ने देखी है। उन्होंने वेनेजुएला के साथ अच्छे संबंधों, ईरान के सैन्य पतन और अमेरिका में बाहरी लोगों द्वारा 18 ट्रिलियन डॉलर के रिकॉर्ड निवेश का भी जिक्र किया। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि शी चिनफिंग ने इतने कम समय में मिली इन शानदार सफलताओं के लिए उन्हें बधाई दी। उन्होंने यह स्वीकार किया कि दो साल पहले अमेरिका वास्तव में पतन की ओर था, लेकिन अब यह दुनिया का सबसे हॉट देश है। क्या है जमीनी हकीकत? हालांकि, अमेरिका-चीन संबंधों को लेकर ट्रंप का यह सकारात्मक रवैया दोनों देशों के बीच मौजूद कई कड़वी सच्चाइयों से मेल नहीं खाता है। ईरान में चल रहे संघर्ष को सुलझाने में अमेरिका ने चीन से अधिक भागीदारी की अपील की है, लेकिन बीजिंग ने सार्वजनिक तौर पर इसमें बहुत कम दिलचस्पी दिखाई है। भले ही ट्रंप ने फॉक्स न्यूज के सीन हैनिटी को दिए इंटरव्यू में दावा किया हो कि शी चिनफिंग ने मदद की पेशकश की थी। इसके अलावा, वाइट हाउस का मानना है कि मेक्सिको में जाने वाले चीनी रसायनों को रोकने के लिए चीन को अभी और कदम उठाने चाहिए, जिनका इस्तेमाल अवैध फेंटानिल ड्रग बनाने में होता है। इस ड्रग्स की वजह से अमेरिका के कई समुदाय बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

खतरनाक इबोला वायरस का फैलाव तेज: संक्रमितों की संख्या 100 पार, अस्पतालों में अलर्ट

नई दिल्ली एक दूसरे से फैलने वाला खतरनाक इबोला वायरस इन दिनों रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो में अपना कहर ढा रहा है। जानकारी के मुताबिक इबोला वायरस से संक्रिमत करीब 65 लोगों की जान चली गई है और 100 से ज्यादा संदिग्धों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अब तक कॉन्गो में इबोला संक्रमण के 246 केस सामने आ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक टेस्ट किए गए हर 20 सैंपल में से 13 लोग संक्रमित पाए गए हैं। बता दें कि 2018 से 2020 के दौरान भी कॉन्गो में इबोला वायरस से बहुत मौतें हुई थीं। उस दौरान करीब 3 हजार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बूनिया में भी इबोला वायरस से दो हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। इसे दुनिया के सबसे खतरनाक वायरस में गिना जाता है। इस वायरस से संक्रमित 90 फीसदी लोगों की जान चली जाती है। इससे लोगों को डायरिया और खून बहने जासे लक्ष्ण दिखाई देते हैंय़ तीन दिन में ले लेता है जान रिपोर्ट्स के मुताबिक यह वायरस केवल तीन ही दिन में किसी की जान ले सकता है। यह वायरस छूने से या आसपास रहने से भी फैल कता है। इसके अलावा छींकने और खांसने से भी पानी के कड़ों के साथ यह वायरस फैल जाता है। इबोला वायरस संक्रामित जीव को खाने से भी हो जाता है। शरीर पर किसी तरह के घाव या फिर आंख, नाक, मुंह को छूने से यह वायरस संक्रमित कर देता है। इसके बाद बुखार, थकान र सिरदर्द जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ता है। यह ऑर्थोबोलावायरस समूह का ही एक सदस्य है। इस वायरस से संक्रमित होने पर समय पर इलाज ना मिलने पर व्यक्ति की मौत हो जाती है। क्या हैं लक्षण इबोला वायरस से संक्रमित व्यक्ति को अत्यधिक थकान, बुखार और सिरदर्द हो जाता है। इसके अलावा उसे नॉजिया. दस्त, रैशेज और खजली जैसी समस्याएं भी होती हैं। अगर इस वायरस से कोई मुक्ति भी पा जाता है तो भी कम से कम दो साल तक इसके लक्षण दिखते रहते हैं। इसके अलावा लोगों मेंसिर दर्द और आखों में जलन की शिकायत बनी रहती है। हंटा वायरस का भी प्रकोप हंटा वायरस की चपेट में आए एक क्रूज जहाज के छह यात्री शुक्रवार को ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, जहां उन्हें कम से कम तीन सप्ताह तक पृथक-वास में रहना होगा। नीदरलैंड से इन्हें लेकर आया 'गल्फस्ट्रीम लॉन्ग-रेंज बिजनेस जेट' पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया राज्य की राजधानी पर्थ के बाहर स्थित 'आरएएएफ बेस पियर्स' पर उतरा। यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को नजदीकी 'बुल्सब्रुक' पृथक-वास केंद्र में स्थानांतरित किया जाना था। ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने बृहस्पतिवार को कहा था कि सरकार इस वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए "दुनिया के किसी भी हिस्से की तुलना में सबसे मजबूत पृथक-वास व्यवस्थाओं में से एक" लागू करेगी।

धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान, NEET परीक्षा में मिलेगा एक्स्ट्रा टाइम; एडमिट कार्ड की तारीख भी तय

नई दिल्ली NEET के पेपर लीक कांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है और छात्रों के बीच गुस्सा देखने को मिल रहा है. इस बवाल के बीच आज पहली बार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मीडिया ने सामने आए. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने दो टूक कहा कि दोषियों को पाताल से भी ढूंढ निकालेंगे. हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले NTA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नई तारीखों की जानकारी पहले ही दे दी थी. 21 जून को छात्र दोबारा अपनी किस्मत आजमाएंगे. एडमिट कार्ड से लेकर परीक्षा केंद्रों तक की जानकारी NTA की ओर से दी जाएगी।  3 से 4 दिन के बाद लिया गया फैसला  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि गेस पेपर लीक होने के 3 से 4 दिन का समय लिया जिसके बाद से परीक्षा रद्द की गई ताकि किसी छात्र को परेशानी का सामना न करना पड़े.उन्होंने कहा कि हम आज नई तारीख के साथ आए हैं. आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी. हमारी अप्रोच वही रहेगी. परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है. विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है जिससे बचना बेहद जरूरी है. ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी. इस बार सीबीआई तह तक जाएगी और गड़बड़ी का पता लगाएगी. मंत्री ने कहा कि उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं. जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा।  नई तारीख का हुआ ऐलान  हमने समय में NEET के लिए नई तारीख का ऐलान कर दिया है. जब से परीक्षा में पेपर लीक की बातें सामने आई हैं तब से हमने इसपर अपनी पैनी नजर बनाई है. इसके लिए CBI को जांच सौंपी गई थी।  हम आज नई तारीख के साथ आए हैं। आज से एक महीने के बाद नई परीक्षा होगी। हमारी अप्रोच वही रहेगी। परीक्षा माफियाओं के साथ हमारी लड़ाई है। विभिन्न सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है। ऐसे में सरकार ने तुरंत सीबीआई को जांच सौंपी। इस बार सीबीआई तह तक जाएगी। कहां चूक हुई है, उसे एजेंसियां गंभीरता से ले रही हैं। जो भी दहशतगर्द घूम रहे हैं, आने वाले एग्जाम में वह इससे दूर रहें नहीं तो उन्हें दंड भुगतना पड़ेगा। हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें यह बड़ा निर्णय लेना पड़ा, ताकि अन्याय न हो सके। हमें अनेक सुझाव मिले हैं। एनटीए में जीरो-एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे। एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है। विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं। दोबारा एग्जाम की कोई फीस नहीं ली जाएगी। एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का अवसर देंगे।  परीक्षा में होने वाली फॉर्मेलिटीज के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा। परीक्षा के लिए 2 से 5.15 तक का समय दिया जाएगा। सभी के पास 14 जून तक एडमिट कार्ड पहुंच जाएगा। भारत सरकार की ओर से हम बात करेंगे कि इस बार नीट की परीक्षा के समय विद्यार्थियों के आवागमन के बोझ को कम किया जा सके, इसकी बात करेंगे। मौसम खराब रहने पर क्या करेंगे इसकी भी हम व्यवस्था करेंगे। कोई भी अफवाह में न जाएं। राधाकृष्णन कमेटी का पूरा पालन करने के बाद भी इसमें चूक हुई है, इसमें सुधारने की हम जिम्मेदारी लेते हैं। अगले साल से नीट की परीक्षा कम्प्यूटर से होगी। दुख के साथ लिया गया फैसला  धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हम इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन एक बड़े उद्देश्य को देखते हुए हमें ये फैसला लेना पड़ा ताकि अन्याय न हो सके. हमें अनेक सुझाव मिले हैं. एनटीए में जीरो एरर हो यह हमारा दायित्व है और हम यह करके रहेंगे. एनटीए हर साल एक करोड़ बच्चों का एग्जाम कराती है. विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े उसका हम दायित्व लेते हैं.  एनटीए ने तय किया है कि हम एक सप्ताह विद्यार्थियों को अपने पसंद का शहर में परीक्षा देने का मौका देंगे. उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान 12 मई तक यह साफ हो गया कि गेस पेपर के नाम पर असली प्रश्नपत्र के सवाल बाहर पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि शिक्षा माफिया की वजह से किसी ईमानदार और मेहनती छात्र का हक छीना जाए।  अगले साल से ऑनलाइन होगी एग्जाम  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि अगले साल से नीट यूजी (NEET UG) की परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की जाएगी जिससे पेपर लीक जैसी घटनाओं पर लगाम लगाया जा सके।  14 जून को आएगा एडमिट कार्ड  केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस दौरान बताया कि नीट यूजी 2026 के री-एग्जाम के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे. इसके अलावा छात्रों को 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। 

इंतजार खत्म! 21 जून को आयोजित होगी NEET परीक्षा, छात्रों के लिए नया अपडेट जारी

नई दिल्ली  नीट परीक्षा की नई तारीखें जारी हो गई हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-री एग्जाम की नई डेट घोषित कर दी हैं। मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट कैंसिल होने के बाद लाखों स्टूडेंट्स निराश और नाराज आए। पेपर कैंसिल होने के बाद उनके दिमाग में एक ही सवाल बार-बार आ रहा था कि अब नीट की परीक्षा फिर से कब होगी? इसका जवाब आ गया है। एनटीए नीट का री-एग्जाम 21 जून को आयोजित करेगा। इसकी ऑफिशियल जानकारी आ गई है। एनटीए ने हाल ही में नीट परीक्षा को लेकर आधिकारिक जानकारी दी है। जिसमें बताया गया है कि भारत सरकार की स्वीकृति से NEET (UG) 2026 की पुन: परीक्षा, रविवार 21 जून 2026 को आयोजित करने का फैसला किया गया है। ऐसे में अब स्टूडेंट्स के पास फिर से परीक्षा की तैयारी करने का एक महीने से ज्यादा का समय है। परीक्षा के लिए छात्रों के एडमिट कार्ड फिर से जारी किए जाएंगे। इस बार पेपर को लेकर सुरक्षा के पूरे इंतजार किए जाएंगे। नई तारीख और समय  मेडिकल की पढ़ाई करने का सपना देख रहे लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. NTA की ओर से जारी ऑफिशियल सोर्स के मुताबिक, पूरे देश में 21 जून को परीक्षा का आयोजन किया जाएगा. छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अब अपनी तैयारी को अंतिम रूम देना शुरू कर दें।  अफवाहों से सावधान रहने की सलाह  पोस्ट में NTA ने छात्रों और अभिभावकों के लिए एक विशेष अपील भी की है. ऐजेंसी ने कहा कि सोशल मीडिया पर परीक्षा को लेकर लगातार चल रही खबरों पर ध्यान न दें. केवल ऑफिशियल वेबसाइट या चैनलों पर दी गई जानकारी पर भरोसा करें. किसी भी अनाधिकारिक लिंक या मैसेज के जरिए साझा की गई सूचना को सच न मानें।  ले सकते हैं हेल्पलाइन नंबर की मदद  अगर किसी भी छात्र को अपनी परीक्षा, केंद्र या एडमिट कार्ड से जुड़ी किसी भी परेशानी है तो वे सीधे NTA से संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए आधिकारिक ईमेल और फोन नंबर के जरिए मदद ले सकते हैं. इसके लिए ईमेल आईडी और हेल्पलाइन नंबर दिया गया है।  ईमेल- neet-ug@nta.ac.in हेल्पलाइन नंबर-   011-40759000 और 011-69227700 

भारत-UAE संबंधों में बड़ा कदम,रक्षा, ऊर्जा और निवेश पर अहम समझौते

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने पांच देशों के विदेशी दौरे के पहले चरण में UAE की राजधानी अबू धाबी पहुंचे. एयरपोर्ट पर उतरते ही प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया. पीएम मोदी के विमान के अबू धाबी की धरती पर उतरते ही वहां के उच्च अधिकारियों ने उनका वेलकम किया की. इस मौके पर पीएम मोदी को 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया. अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान ने पीएम मोदी से मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने यूएई के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा की और यूएई का धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, 'भारतीयों की मदद के लिए यूएई का आभार. हम हर क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे. भारत शांति, स्थिरता और सहयोग के लिए तैयार है.' प्रधानमंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोले जाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत यूएई के साथ खड़ा है और खड़ा रहेगा. पीएम मोदी ने यूएई को हर मुमकिन मदद का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि यूएई ने संयम का परिचय दिया है. 'UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं…' पीएम मोदी मे आगे कहा, 'हम UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं. जिस तरह से UAE को निशाना बनाया गया है, वो किसी भी तरह से मंजूर नहीं है, देश की एकता, सुरक्षा और इलाके की एकता बनाए रखने के लिए आपके उठाए गए कदमों का हम स्वागत करते हैं. इस मुश्किल समय में UAE में रहने वाले भारतीय लोगों की जिस तरह से देखभाल की गई, जिस तरह से उन्हें अपने परिवार के सदस्यों जैसा माना गया, उसके लिए मैं UAE सरकार, आपका और रॉयल फैमिली का दिल से शुक्रिया अदा करता हूं.' भारत-UAE के बीच अहम समझौते पीएम मोदी ने आगे कहा, 'पश्चिम एशिया संकट का पूरी दुनिया पर असर हो रहा है और भारत जल्द से जल्द शांति चाहता है.'  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएई यात्रा भारत के लिए बड़ी उपलब्धियां भी लेकर आई है. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर मुहर लगी है. भारत और यूएई के बीच 'सामरिक रक्षा साझेदारी' समझौता हुआ है, जिससे दोनों देशों के सैन्य संबंध और मजबूत होंगे रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और LPG की सप्लाई को लेकर भी अहम सहमति बनी है. गुजरात के वाडिनार में 'शिप रिपेयर क्लस्टर' स्थापित करने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इसके अलावा, भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के साथ-साथ RBL बैंक और 'सम्मान कैपिटल' में कुल 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा की गई है. यूएई के राष्ट्रपति का पीएम मोदी ने जताया आभार पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति नहयान के साथ अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की है. इसके साथ कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'मैं अपने भाई, यूएई के प्रेसिडेंट, हाइनेस शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान को अबू धाबी एयरपोर्ट पर मेरा स्वागत करने के लिए धन्यवाद देता हूं. मैं एनर्जी, इन्वेस्टमेंट, सप्लाई चेन जैसे खास सेक्टर में भारत और UAE के बीच रिश्तों को मजबूत करने के मकसद से हमारी बातचीत का इंतजार कर रहा हूं.'

कठुआ से युवक गिरफ्तार, आर्मेनिया से संचालित हो रहा था नशा तस्करी का बड़ा नेटवर्क

कठुआ  पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय नशा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अभी तक की जांच में सामने आया है कि कठुआ के एक छोटे से गांव चक्क दराब खां का रहने वाला तस्कर अर्मेनिया में बैठकर नेटवर्क चला रहा है। यह तस्कर पाकिस्तान और पंजाब में सक्रिय नशा तस्करों के संपर्क में है और सीमा पार से पंजाब के रास्ते हेरोइन मंगाकर आगे सप्लाई कर रहा है। पुलिस ने कठुआ के चक्क दराब खां से एक नशा तस्कर को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में यह राजफाश किया है। पुलिस आगे की जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार, एक पुख्ता सूचना पर कठुआ के बिलावर पुलिस स्टेशन के एसएचओ मुश्ताक अहमद ने गुरुवार को मुनीश कुमार नामक युवक को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से करीब 15 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने अपने घर में भी भारी मात्रा में नशे की खेप छिपा रखी है। आरोपित की निशानदेही पर पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान पुलिस ने 420 ग्राम से अधिक हेरोइन बरामद की। पूछताछ में पता चला कि आरोपित ने यह खेप गांव के ही एक नशा तस्कर से ली है, जो छह महीने पहले अर्मेनिया भाग गया था। उसने पंजाब सीमा से खेप को मुनीश तक पहुंचाया। मुनीश अब इसे आगे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पूरे जिले में सक्रिय नशा तस्करों को बेच रहा था। सूत्रों ने बताया कि हेरोइन की जांच से पता चला है कि ऐसी सप्लाई सीमा पार पाकिस्तान से भेजी जाती है। अब पुलिस कठुआ और पंजाब में सक्रिय नशा तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुट गई है। इसके तहत कई टीमें भी गठित की गई हैं। बता दें कि नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान के तहत पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ विशेष मुहिम चला रही है। जिसमें कई बड़ी सफलताएं मिली हैं।

‘हार के बाद कोर्ट का सहारा’… ममता बनर्जी पर पूर्व जज की तीखी टिप्पणी

कोलकत्ता  पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के काला कोट पहनकर कोर्ट जाने को लेकर बवाल छिड़ गया है। अब सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने आरोप लगाए हैं कि बनर्जी ने सुर्खियों में बने रहने के लिए अदालत को चुना है। साथ ही उन्होंने कहा है कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद वह ऐसा कर रहीं हैं। इधर, BCI यानी भारतीय विधिज्ञ परिषद ने भी तृणमूल कांग्रेस प्रमुख से जवाब तलब किया है। जस्टिस काटजू ने लिखा, 'ममता बनर्जी हाई कोर्ट क्यों गईं? जाहिर है क्योंकि वह अपना खुद का चुनाव हार गई हैं और इसलिए वह विधानसभा में चिल्ला नहीं सकतीं। लेकिन उनके पास ऐसी जगह होनी चाहिए जहां वह चिल्ला सकें, ताकि उन्हें पब्लिसिटी मिले और वह सुर्खियों में बनी रहें। इसलिए उन्होंने हाई कोर्ट को चुना है।' एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'ममता बनर्जी ने तो हद कर दी थी।' ममता बनर्जी काले कोट में कोर्ट पहुंचीं बनर्जी गुरुवार को वकील का गाउन पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची। बनर्जी ने चुनाव के बाद कथित हिंसा और पार्टी दफ्तरों पर हमलों के मामले में अपनी दलील में कहा कि ‘बंगाल कोई बुल्डोजर राज्य नहीं है। अदालत से बाहर निकलते समय कुछ लोगों ने ममता के खिलाफ नारे भी लगाए। मामला मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थसारथी सेन की खंडपीठ के सामने सुनवाई के लिए आया। बनर्जी के साथ तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य और कल्याण बनर्जी भी थे। यह मामला टीएमसी की ओर से वकील शीर्षन्या बंद्योपाध्याय की दायर एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद पार्टी कार्यालयों पर हमलों और उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाया गया है। BCI ने मांगा जवाब BCI ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से बनर्जी के पंजीकरण और पेशेवर वकालत की स्थिति के संबंध में 48 घंटों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा। दरअसल, कोई भी व्यक्ति, जो संवैधानिक पद पर है या लाभकारी रूप से नियोजित है, उसे अपना बार लाइसेंस सेवा के दौरान निलंबित करवाना पड़ता है और फिर से वकालत करने के लिए इसे दोबारा चालू कराना होता है। पत्र में कहा गया है, 'ममता बनर्जी ने 2011 से 2026 तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उक्त अवधि के दौरान उनके संवैधानिक सार्वजनिक पद को ध्यान में रखते हुए और इस समय पर इस बात पर कोई राय व्यक्त किए बिना कि ऐसी उपस्थिति की अनुमति है या नहीं, बीसीआई को उनके पंजीकरण, वकालत, निलंबन और दोबारा प्रारंभ की तथ्यात्मक स्थिति आपके रिकॉर्ड से सत्यापित करने की आवश्यकता है।' बीसीआई ने पश्चिम बंगाल बार काउंसिल से बनर्जी की पंजीकरण संख्या और राज्य बार काउंसिल में उनके नामांकन की तारीख भी बताने को कहा है।

NEET UG बड़ा बदलाव: रि-एग्जाम के बाद परीक्षा होगी ऑनलाइन, NTA का नया सिस्टम लागू

नई दिल्ली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद अब पुनर्परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है. एजेंसी के अनुसार, परीक्षा अब 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए NTA ने कहा कि भारत सरकार की मंजूरी के बाद दोबारा परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है. साथ ही अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी भी जानकारी के लिए केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें. OMR शीट की जगह ऑनलाइन होगी परीक्षा इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया के आगे कई बातें साफ कीं. सबसे पहले उन्होंने बताया कि पेपर लीक के इस प्रकरण को देखते हुए अगले साल से NEET  की परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर बेस्ड और ऑनलाइन होगी. ओएमआर शीट की जगह छात्रों को कंप्यूटर के सामने बैठाया जाएगा जिससे पारदर्शिता रहे. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा-  एनटीए ने NEET UG की नई तारीख की घोषणा कर दी है. 21 जून को पुनर्परीक्षा होगी. हमारी प्राथमिकता छात्रों का भविष्य है. उन्होंने कहा- इससे पहले 3 मई को परीक्षा हुई थी और 7 मई तक एनटीए के  कंपलेंट सिस्टम में कुछ चिंताएं उठाई गईं और आंतरिक जांच भी हुई.  फिर मामला संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया, जिसमें कई राज्य शामिल थे. इस केस में 12 मई तक स्थिति स्पष्ट हो गई थी.  हमें 12 मई तक पता चला कि शिक्षा माफियाओं के माध्यम से गेस पेपर जारी हुए थे जो परीक्षा में आए पेपर से मेल खा रहे थे. 21 जून को रि-एग्जाम, 14 जून को एडमिट कार्ड उन्होंने आगे कहा- हम छात्रों के भविष्य से समझौता नहीं करना चाहते. इसलिए हमने परीक्षा के लिए नई तारीख 21 जून तय की है . इसके लिए 14 जून को एडमिट कार्ड जारी हो जाएंगे. अनियमितताओं के प्रति हमारी ज़ीरो टॉलरेंस नीति है. सीबीआई की कार्रवाई और परीक्षा माफियाओं के खिलाफ लड़ाई शुरू हो चुकी है 'किसी माफिया को नहीं छीनने देंगे सीट' उन्होंने कहा- राधाकृष्ण समिति की सिफारिशों का पालन करने के बावजूद यह उल्लंघन कैसे हुआ? ऐसे में सरकारी मशीनरी यह सुनिश्चित करेगी कि इस बार कोई अनियमितता न हो. हम किसी भी माफिया को पैसों के बल पर आपकी सीट छीनने नहीं देंगे. मंत्री के रूप में, अभिभावक के रूप में, अधिकारी के रूप में – हमें यह कठिन निर्णय लेना पड़ा. हमें सुधारों के लिए कई सुझाव मिले हैं. 'री-एग्जाम के लिए कोई फीस नहीं, सेंटर भी पसंद का' प्रधान ने कहा-  एनटीए का गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हुआ था और वह बहुत ही सक्षम नेतृत्व में है. प्रत्येक वर्ष 1 करोड़ उम्मीदवार एनटीए परीक्षाओं में शामिल होते हैं. एनईईटी परीक्षा रद्द होने के दिन एनटीए ने दो निर्णय लिए- सबसे पहले तो एनईटी स्नातक परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा, दूसरा पुनर्परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. इसको लेकर एनटीए शाम तक एक और सूचना जारी करेगा. उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को री- एग्जाम में शामिल होने के लिए अपनी पसंद का शहर चुनने का अवसर मिलेगा. इसके लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा. ओएमआर शीट में छात्रों का विवरण भरने के लिए 15 मिनट एक्सट्रा दिए जाएंगे. 'अफवाहों पर विश्वास न करें छात्र' प्रधान ने कहा कि इसके अलावा मैं उम्मीदवारों के परिवहन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों से बात करूंगा. चुंकी जून की परीक्षा में मानसून रहेगा, हम खराब मौसम के प्रभाव पर विचार कर रहे हैं. छात्रों से अपील है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें. आखिर में प्रधान ने कहा- पूरे केस में सीबीआई गहन जांच कर रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा  

वैश्विक मंच पर भारत का दम! प्रधानमंत्री मोदी की 5 देशों की अहम यात्रा आज से शुरू

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 15 मई से अपनी पांच देशों की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा शुरू कर रहे हैं। इस 5 दिवसीय दौरे (15-20 मई) के दौरान पीएम मोदी संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली का दौरा करेंगे। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस के बीच यह दौरा भारत के लिए रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। जानें क्या है दौरे का मुख्य एजेंडा? होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पीएम मोदी का प्राथमिक लक्ष्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को पुख्ता करना है। इस यात्रा में पारंपरिक ईंधनों के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन और न्यू टेक्नोलॉजी पर विशेष जोर रहेगा। सबसे पहले जायेंगे UAE दौरे के पहले दिन पीएम मोदी सबसे पहले अबू धाबी में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। जिसके बाद IOC और ADNOC के बीच LPG सप्लाई को लेकर रणनीतिक सहयोग होगा। भारत में Strategic Petroleum Reserve बनाने के लिए ISPRL और ADNOC के बीच अहम डील होने की उम्मीद है। वहीं UAE में रह रहे 45 लाख भारतीयों के हितों पर भी चर्चा होगी। यूरोप दौरा नीदरलैंड (16-17 मई): पीएम मोदी नीदरलैंड्स के पीएम रॉब जेटन के साथ सेमीकंडक्टर और जल प्रबंधन पर बात करेंगे। स्वीडन (17-18 मई): गोथेनबर्ग में स्वीडिश पीएम के साथ सप्लाई चेन और ग्रीन ट्रांजिशन पर चर्चा होगी। यहां पीएम मोदी 'यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री' को भी संबोधित करेंगे। नॉर्वे: 43 साल बाद ऐतिहासिक यात्रा 43 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे जा रहा है। 19 मई को ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेता शामिल होंगे। यहां मुख्य फोकस ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) और आर्कटिक सहयोग पर रहेगा। इटली: दौरे का समापन 20 मई को यात्रा के अंतिम चरण में पीएम मोदी इटली पहुंचेंगे। वहां प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ रक्षा और व्यापार संबंधों पर द्विपक्षीय बातचीत के बाद वे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। जानें क्यों जरूरी है यह दौरा? जनवरी 2026 में भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के बाद यह पीएम की पहली बड़ी यूरोप यात्रा है। इसका उद्देश्य भारतीय निर्यात के लिए नए रास्ते खोलना और भारत को दुनिया के लिए एक भरोसेमंद 'सप्लाई चेन पार्टनर' के रूप में स्थापित करना है।