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8वें वेतन आयोग से जुड़ा बड़ा फैसला, सैलरी और फिटमेंट फैक्टर पर होगी चर्चा

 नई दिल्‍ली 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. दिल्‍ली में 8th पे कमीशन को लेकर 3 दिनों की बैठक शुरू हो चुकी है. इस बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़नी चाहिए, क्‍या फिटमेंट फैक्‍टर होना चाहिए, महंगाई भत्ता मर्ज होगा या नहीं? आदि जैसी मांगों पर बात होगी।  दरअसल, जनवरी में 8वें वेतन आयोग का गठन किया गया था, जिसे 18 महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करनी है. इसी के मद्देनजर, आयोग ने जमीनी स्‍तर पर काम तेज कर दिया है और एक के बाद एक राज्‍यों के साथ बैठक कर रहा है और केंद्रीय कर्मचारियों के यूनियन की मांगों पर विस्‍तार से चर्चा कर रहा है।  मंगलवार को दिल्‍ली में एक बैठक शुरू की गई, जो 3 दिनों तक चलेगी. इससे पहल उत्तराखंड में 8वें पे कमीशन को लेकर बैठक हुई थी. इस बैठक में कर्मचारियों की मांगों पर विस्‍तार से चर्चा की गई. 30 अप्रैल तक दिल्‍ली में इसकी बैठक चलेगी. इसके बाद मई महीने में आयोग की टीम पुणे और महाराष्‍ट्र के अन्‍य ऑर्गनाइजेशन के साथ मिलकर उनका फीडबैक लेगी।  69,000 मिनिमम सैलरी की डिमांड  8वां वेतन आयोग मिनिमम बेसिक सैलरी के साथ ही कई भत्तों की भी समीक्षा कर रहा है, जिसमें ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य सेवा शर्तें शामिल हैं. कर्मचारी आयोग का कहना है कि इन भत्तों में भी सुधार की आवश्‍यकता है. इसके साथ ही बेसिक पे को भी बढ़ाने की मांग है. आयोग ने मिनिमम बेसिक पे को 18000 रुपये से बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्‍ताव दिया है।  फिटमेंट फैक्‍टर इतना करने की मांग 8वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के सामने कर्मचारी संगठनों के संयुक्त मंच (NC-JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी ने फिटमेंट फैक्‍टर को लेकर बड़ी मांग रख दी है. फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की गई है. अगर यह मांग मान ली जाती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ी उछाल आएगी।  5 यूनिट की फैमिली  एक बदलाव 5 यूनिट फैमिली को लेकर है, क्‍योंकि अभी तक 3 यूनिट की फैमिली मानकर भत्ता तय किया जाता है. अब यूनियन की मांग 5 यूनिट की फैमिली मानकर किया जा रहा है. अगर ऐसा होता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में और भी बड़ा इजाफा होगा।  

बंगाल में दूसरे फेज में रिकॉर्ड मतदान, 90 फीसदी वोटिंग; हुगली बना सबसे आगे

 पश्चिम बंगाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में शाम पांच बजे तक 89.99 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ था और वोटिंग का समय शाम छह बजे तक है। राज्य के पूर्वी बर्धमान जिले में शुरूआती दस घंटों (शाम पांच बजे तक) में सबसे अधिक 92.46 प्रतिशत और कोलकाता दक्षिण जिला में सबसे कम 86.11 प्रतिशत मतदान हुआ। इस बीच कुछ इलाकों में मतदान के दौरान झड़पों और तनाव की रिपोर्ट भी मिली है। राज्य के अन्य निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है। मतदान केन्द्रों में मतदाताओं की लम्बी-लम्बी कतारें देखी गई हैं। बंगाल के मतदाता लोकतंत्र के इस पर्व पर बढ़-चढ़ कर मतदान कर रहे हैं। चुनाव आयोग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, हुगली जिले में 90.34 प्रतिशत, हावड़ा में 89.44, कोलकाता उत्तर में 87.77, नदिया में 90.28, उत्तर 24 परगना में 89.74, दक्षिण 24 परगना में 89.57 प्रतिशत मतदान हुआ है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र में शाम पांच बजे तक 85.51 प्रतिशत मतदान हुआ। इस सीट पर उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी चुनाव मैदान में है। अधिकारी को बुधवार को कालीघाट इलाके में विरोध का सामना करना पड़ा। मतदान के बीच जैसे ही अधिकारी क्षेत्र में पहुंचे, तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए 'जय बंगला' के नारे लगाए। इस दौरान अधिकारी ने कहा, "मुस्लिम 'जय बंगला' के नारे लगा रहे हैं, हिंदू भाजपा के साथ हैं।" दूसरे चरण में कुल 142 सीटों पर मतदान राज्य में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों के लिए 1448 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में 41001 मतदान केन्द्र (39301 मुख्य और 1700 सहायक मतदान केन्द्र) बनाये गये हैं, जिसमें ग्रामीण मतदान केन्द्रों की संख्या 25083 और शहरी मतदान केन्द्रों की संख्या 14218 तथा 258 मॉडल मतदान केन्द्र हैं। इस चरण में 8845 मतदान केन्द्रों का प्रबंध पूरी तरह महिलाएं कर रही हैं। केंद्रीय बलों की तैनाती आयोग ने मतदान को हिंसा और भय से मुक्त रखने तथा स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं और संवेदनशील इलाकों में केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सघन तैनाती की गई है। चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों की 2,407 कंपनियों को तैनात किया है। सभी मतदान केन्द्रों पर सुबह से मतदाता मतदान के लिए पहुंच रहे हैं । दूसरे चरण में कुल 1,448 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस चरण में सर्विस मतदाता सहित कुल 3.22 करोड से अधिक मतदाता हैं, जिनमें 1.64 करोड़ पुरुष, 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 उभयलिंगी शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में कुल 6.44 करोड़ मतदाता हैं। TMC-BJP में कौन जीतेगा? राज्य में मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच है तथा कांग्रेस और वामपंथी दल भी पुरजोर से अपनी ताकत आजमा रहे हैं। भवानीपुर सीट इस बार के चुनाव में सबसे चर्चित सीट बनी हुई है, जहां मुख्य मुकाबला तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता एवं भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के बीच है। बांग्ला फिल्म जगत की मशहूर हस्तियों ने बढ़-चढ़कर अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग किया और जनता से भी मतदान करने की अपील की। दिग्गज अभिनेता और भाजपा नेता मिथुन चक्रवर्ती भी काशीपुर-बेलगाछिया निर्वाचन क्षेत्र में मतदान करने पहुंचे। काले रंग की टी-शर्ट, टोपी और चश्मे के साथ गले में नारंगी रंग का स्कार्फ पहने मिथुन ने मतदान के बाद मीडिया से कहा कि उन्होंने किसी विशेष व्यवस्था की मांग नहीं की थी। उन्होंने विश्वास जताया कि पूरी प्रक्रिया सुचारू और शांतिपूर्ण रहेगी। पहले फेज में 93.19 फीसदी मतदान मतदान केंद्रों पर पहुंचने वाले प्रमुख नामों में अभिनेता-निर्देशक जोड़ी सुभाश्री गांगुली और राज चक्रवर्ती (बैरकपुर विधानसभा क्षेत्र से टीएमसी उम्मीदवार) शामिल थे। वे कस्बा स्थित पोलिंग बूथ पर रोजमर्रा के परिधानों में नजर आए। मतदान के बाद इस जोड़े ने इंस्टाग्राम पर अपनी उंगलियों पर लगी स्याही दिखाते हुए एक सेल्फी साझा की और नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान हुआ था जिसमें 93.19 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला था।दोनों चरणों की मतगणना चार मई को होगी। लेखक के बारे में

UAE के OPEC छोड़ने से भारत को फायदा, पाकिस्तान को नुकसान: जानिए किसे कितना फायदा हुआ

नई दिल्ली संयुक्त अरब अमीरात ने अपने हालिया कदमों से साफ संकेत दे दिया है कि वह पाकिस्तान-सऊदी अरब गठजोड़ के खिलाफ रणनीति बना रहा है. तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC से बाहर निकलने का उसका फैसला सऊदी अरब को बड़ा झटका देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं ये फैसला पाकिस्तान के लिए भी बड़ा मैसेज बनकर सामने आया है, जिसने पड़ोसी मुल्क की पेशानी पर निशान ला दिए हैं।  पाकिस्तान को झटका तो क्या भारत को लाभ? इसे पूरे मामले को भारत के लिहाज से देखें तो सवाल उठता है कि क्या ये फैसला भारत के पक्ष में जा सकता है? असल में यूएई के इस फैसले से ग्लोबल मार्केट में तेल की सप्लाई बढ़ सकती है, जिससे कीमतों में कमी आ सकती है. इसका सीधा फायदा भारत जैसे आयात करने वाले देशों को मिल सकता है, क्योंकि उनका तेल खर्च कम होगा और महंगाई पर भी असर पड़ेगा. एक्सपर्ट्स के नजरिये को समझें तो यह कदम भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।  ऐसे में जहां भारत को सस्ते तेल और मजबूत ऊर्जा साझेदारी का फायदा मिल सकता है, वहीं पाकिस्तान के लिए यह स्थिति आर्थिक दबाव और रणनीतिक असहजता बढ़ाने वाली बन सकती है। UAE ने क्यों लिया ऐसा फैसला?  अब इस पूरे फैसले को कैनवस पर और बड़ा करके देखें तो नजर आता है कि इससे पहले कई घटनाक्रम तेजी से सामने आए. ईरान के साथ टकराव के दौरान यूएई को सीधे हमलों का सामना करना पड़ा, जबकि खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों से उसे वह समर्थन नहीं मिला जिसकी उसे उम्मीद थी. वहीं, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एकतरफा युद्धविराम की घोषणा कर खुद को पीछे खींच लिया है, जिससे यूएई खुद को सैन्य रूप से असुरक्षित महसूस करने लगा।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइल और अमेरिका की ओर से तेहरान पर हमलों के बाद सबसे ज्यादा जवाबी कार्रवाई का सामना यूएई को करना पड़ा. अबू धाबी के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 8 अप्रैल तक उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 537 बैलिस्टिक मिसाइल, 26 क्रूज मिसाइल और 2256 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया।  पाकिस्तान को लेकर क्या है UAE की राय? यूएई का मानना है कि पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाकर ईरान के खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाया, जिससे अबू धाबी में नाराजगी बढ़ी. विशेषज्ञों के अनुसार, यूएई इस संघर्ष को “ब्लैक-वाइट” की तरह देख रहा है, जहां बीच की कोई लाइन नहीं है. यही कारण है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता उसे रास नहीं आई।  इसी नाराजगी के चलते यूएई ने पाकिस्तान से 3.5 अरब डॉलर का कर्ज समय से पहले लौटाने की मांग कर दी, जो पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा था. हालांकि बाद में सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर का कर्ज देकर राहत दी और 5 अरब डॉलर की क्रेडिट लाइन देने का वादा किया।  पाकिस्तान और सऊदी के बीच रक्षा समझौता सितंबर 2025 में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक रक्षा समझौता भी हुआ, जिसके तहत पाकिस्तान जरूरत पड़ने पर रियाद की सुरक्षा के लिए अपने परमाणु और मिसाइल संसाधन दे सकता है. ईरान के हमलों के बाद पाकिस्तान ने सऊदी अरब को इस समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।  UAE और भारत के मजबूत संबंध इन घटनाओं के बीच खाड़ी देशों के भीतर दरार साफ नजर आने लगी है. जहां यूएई भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए हुए है, वहीं सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच एक नए रणनीतिक गठजोड़ की चर्चा हो रही है. यमन और सूडान जैसे क्षेत्रों में भी सऊदी अरब और यूएई के बीच मतभेद बढ़े हैं।  यमन में 2015 के सैन्य हस्तक्षेप के दौरान दोनों देश साथ थे, लेकिन बाद में रणनीति को लेकर टकराव बढ़ गया. सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों के साथ राजनीतिक समाधान की कोशिश की, जबकि यूएई ने अलगाववादियों का समर्थन किया. इसी तरह, सूडान में भी दोनों देश अलग-अलग गुटों का समर्थन कर रहे हैं।  तेल उत्पादन को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आए हैं. दशकों से सऊदी अरब OPEC का नेतृत्व करता रहा है, लेकिन यूएई अब अपने उत्पादन पर किसी तरह की पाबंदी नहीं चाहता. OPEC से बाहर निकलने के बाद यूएई अब अपनी पूरी क्षमता से तेल उत्पादन कर सकेगा, जो वैश्विक बाजार में उसके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद हो सकता है।  सऊदी के साये में नहीं रहना चाहता UAE यूएई के ऊर्जा मंत्री सुनील मोहम्मद अल माजुरी ने कहा कि यह फैसला देश की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति और बाजार की जरूरतों के अनुरूप लिया गया है. वहीं उद्योग मंत्री सुल्तान अल जाबर ने इसे राष्ट्रीय हित और वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के लिहाज से जरूरी कदम बताया।  करीब 59 साल बाद OPEC से अलग होने का यूएई का यह फैसला वैश्विक राजनीति और ऊर्जा बाजार में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सऊदी अरब के साथ उसके संबंध पूरी तरह खत्म हो गए हैं. दोनों देश अब भी बड़े व्यापारिक साझेदार हैं और GCC के सदस्य हैं. लेकिन इतना तय है कि अबू धाबी ने यह साफ कर दिया है कि वह अब सऊदी नेतृत्व के साए में रहने को तैयार नहीं है. मौजूदा युद्ध, नाकेबंदी और बदलते गठजोड़ के बीच यूएई का यह कदम खाड़ी राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत कर सकता है। 

एग्जिट पोल के लेटेस्ट आंकड़े: बंगाल और असम में भाजपा का दबदबा, TMC और कांग्रेस के लिए बुरी खबर

 नईदिल्ली  एग्जिट पोल 2026 के आंकड़े दिलचस्प और अलग-अलग तस्वीर दिखा रहे हैं. पश्चिम बंगाल में मुकाबला काफी कड़ा नजर आ रहा है. कुछ सर्वे बीजेपी को बढ़त देते हैं, जबकि कुछ टीएमसी की मजबूत वापसी का संकेत देते हैं. यहां अंतिम नतीजे चौंका सकते हैं. असम में तस्वीर अपेक्षाकृत साफ दिख रही है, जहां ज्यादातर एग्जिट पोल भाजपा गठबंधन को बहुमत से ऊपर बताते हैं और सत्ता वापसी के संकेत देते हैं. तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है, लेकिन एआईएडीएमके और टीवीके की मौजूदगी मुकाबले को पूरी तरह एकतरफा नहीं होने दे रही. केरल में यूडीएफ को बढ़त मिलने के संकेत हैं, जिससे सत्ता परिवर्तन की संभावना बनती दिख रही है, हालांकि एलडीएफ भी करीबी टक्कर में है।  इन पांचों राज्यों में वोटिंग प्रतिशत काफी ज्यादा रहा है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि नतीजे चौंकाने वाले हो सकते हैं. एग्जिट पोल के आंकड़े केवल एक अनुमान होते हैं, जो वोटर्स के फीडबैक पर आधारित होते हैं. पूर्व में कई बार ये नतीजे गलत भी साबित हुए हैं, लेकिन इनसे हवा के रुख का पता जरूर चलता है।  चुनाव आयोग 4 मई को वोटों की गिनती करेगा. उसी दिन आधिकारिक रूप से पता चलेगा कि किस राज्य में किसकी सरकार बन रही है. सभी की निगाहें अब शाम को आने वाले उन आंकड़ों पर हैं, जो देश की सियासत की नई दिशा तय करेंगे  एग्जिट पोल 2026 रिजल्ट | पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी का एग्जिट पोल केरल में यूडीएफ को बढ़त, एलडीएफ कड़ी टक्कर में पीछे केरल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में यूडीएफ को बढ़त मिलती दिख रही है. मैट्राइज के अनुसार यूडीएफ 75 से 85 सीटों तक पहुंच सकता है, जो बहुमत 71 से ऊपर है. वोटवाइब और पीपल्स पल्स भी यूडीएफ को 70 से 80 सीटों के बीच रखते हैं. वहीं एलडीएफ 58 से 65 सीटों के आसपास सिमटता नजर आ रहा है. एनडीए का प्रदर्शन कमजोर दिख रहा है, जहां सीटें एक अंक में रह सकती हैं. कुल मिलाकर राज्य में सत्ता बदलने के संकेत मिल रहे हैं।  तमिलनाडु में डीएमके आगे, लेकिन मुकाबला अभी बाकी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में डीएमके गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है. मैट्राइज के अनुसार डीएमके प्लस 122 से 132 सीटों तक पहुंच सकता है, जो बहुमत 118 से ऊपर है. पीपल्स इनसाइट और पीपल्स पल्स भी डीएमके को 120 से 145 सीटों के बीच रखते हैं. वहीं एआईएडीएमके गठबंधन 60 से 110 सीटों तक सिमटता नजर आ रहा है. टीवीके को 10 से 40 सीटों के बीच आंका गया है, जिससे मुकाबला रोचक बना हुआ है।  असम में भाजपा गठबंधन को साफ बढ़त, बहुमत पार करने के संकेत असम विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल में भाजपा गठबंधन को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है. एक्सिस माय इंडिया, मैट्राइज और जेवीसी जैसे सर्वे भाजपा प्लस को 85 से 101 सीटों के बीच रखते हैं, जो 64 के बहुमत आंकड़े से काफी ऊपर है. कांग्रेस गठबंधन 23 से 36 सीटों के बीच सिमटता नजर आ रहा है. पीपल्स इनसाइट भी इसी ट्रेंड की पुष्टि करता है. आंकड़े बताते हैं कि राज्य में सत्ता वापसी की राह भाजपा के लिए आसान दिख रही है।  सीटें कम, फिर भी मजबूत रह सकती है टीएमसी की असली ताकत पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 में केवल सीटों की संख्या पूरी तस्वीर नहीं दिखाती. कई बार कोई पार्टी कम अंतर से ज्यादा सीट जीत लेती है और सत्ता में आ जाती है, भले ही उसका वोट शेयर सीमित हो. दूसरी ओर विपक्ष को अच्छे खासे वोट मिलते हैं, लेकिन वे सीटों में बदल नहीं पाते. यही वजह है कि टीएमसी की असली ताकत समझने के लिए सिर्फ सीट काउंट नहीं, बल्कि वोट पैटर्न और अंतर को भी देखना जरूरी है।   बंगाल में बीजेपी की सरकार! अलग-अलग सर्वे क्या बता रहे? पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 के एग्जिट पोल ने सियासी तस्वीर को बेहद दिलचस्प बना दिया है. पीएमएआरक्यू और मैट्राइज जैसे सर्वे बीजेपी को बढ़त देते दिख रहे हैं, जहां सीटें 150 के आसपास तक जा सकती हैं. वहीं पीपल्स पल्स का अनुमान टीएमसी के पक्ष में जाता दिख रहा है, जिसमें 117 से 187 सीटों की रेंज दी गई है. कांग्रेस और लेफ्ट का प्रदर्शन सीमित नजर आ रहा है. अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़े बताते हैं कि मुकाबला पूरी तरह खुला है और अंतिम नतीजे चौंका सकते हैं।   केरल में कांग्रेस गठबंधन की सरकार, एग्जिट पोल का अनुमान केरल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल का डेटा आ गया है. News18 के मेगा एग्जिट पोल के अनुसार, कांग्रेस के UDF को 70 से 80 सीटें, LDF को 58 से 68 सीटें और NDA को 0-4 सीटें मिलने का अनुमान है।  चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ ने BJP को TMC से आगे बताया, सत्ता-विरोधी लहर के संकेतों को मज़बूती चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ का अनुमान है कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी 150–160 सीटें जीतेगी, जबकि TMC+ को 130–140 सीटें मिलेंगी. यहां बहुमत का आंकड़ा 148 है. इसके साथ ही, Matrize और PMARQ के बाद यह तीसरी ऐसी एजेंसी बन गई है, जिसने बीजेपी को टीएमसी पर बढ़त दी है. केवल People's Pulse ही इस रुझान के विपरीत ममता बनर्जी के पक्ष में खड़ा है।  केरल में UDF की आंधी! Axis My India ने दिया सबसे बड़ा अनुमान Axis My India का अनुमान UDF के लिए अब तक का सबसे ज़्यादा आशावादी अनुमान है. इसके मुताबिक, UDF को 78–90 सीटें मिल सकती हैं, जो तीनों एजेंसियों में सबसे ज़्यादा ऊपरी सीमा है. LDF को सिर्फ़ 49–62 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि BJP+ 0–3 सीटों पर ही अटकी हुई है. तीनों एजेंसियां- People's Pulse, Matrize और Axis My India अब इस बात पर एकमत हैं कि केरल में अगली सरकार UDF ही बनाएगी।   केरल में बड़ा उलटफेर, एग्जिट पोल में लेफ्ट को मात देती दिख रही कांग्रेस  पीपल्स पल्स ने TMC को दिया बहुमत, बीजेपी दूसरे पायदान पर काफी पीछे पीपल्स पल्स का अनुमान है कि पश्चिम बंगाल में TMC 177–187 सीटें जीतेगी, जो बहुमत के आंकड़े 148 से काफी ज़्यादा है. वहीं BJP 95–110 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर काफी पीछे रहेगी. … Read more

डायमंड हार्बर के कई बूथों पर EVM विवाद, चुनाव आयोग दोबारा मतदान पर विचार में

कोलकाता बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के बीच ईवीएम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कई पोलिंग बूथों पर ईवीएम मशीनों में उसके चुनाव चिह्न ‘कमल’ वाले बटन को टेप लगाकर ढक दिया गया, जिससे मतदाता अपनी पसंद का वोट नहीं दे सके। इस आरोप को लेकर सियासत तेज हो गई है और चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख व बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो और तस्वीरें साझा करते हुए दावा किया कि दक्षिण 24 परगना के फलता क्षेत्र के कई बूथों पर यह गड़बड़ी हुई। उनके अनुसार, हरिणडांगा हाई स्कूल स्थित बूथ संख्या 144 (भाग 170) और बूथ 189 सहित कई जगहों पर भाजपा के विकल्प को टेप से ब्लॉक कर दिया गया। भाजपा ने इसे “डायमंड हार्बर मॉडल” बताते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया। शाह और सुवेंदु में हुई बात इस पूरे घटनाक्रम के केंद्र में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस है, जबकि भाजपा नेताओं ने आरोपों के जरिए सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी के प्रभाव वाले क्षेत्र डायमंड हार्बर की चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, फलता से तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खान का नाम भी विवादों में घिरा है। विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी दो विशिष्ट बूथों का जिक्र करते हुए पुनर्मतदान की मांग की और इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाने का दावा किया। खबर है कि शाह और सुवेंदु के बीच टेलीफोन पर काफी देर बात हुई है जिसमें उन्होंने अधिकारी से पूरी स्थिति की जानकारी ली। सुवेंदु ने दावा किया कि यह अभिषेक बनर्जी और उनके करीबी जहांगीर खान का पुराना तरीका है, जिसे इस विधानसभा चुनाव में भी दोहराने की कोशिश की गई है। आयोग की चेतावनीः सीसीटीवी से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर होगी कार्रवाई इधर, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि आयोग इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि जहां भी ईवीएम के बटन पर टेप लगाए जाने की पुष्टि होगी, वहां अनिवार्य रूप से पुनर्मतदान कराया जाएगा। उन्होंने “जीरो टालरेंस” नीति का हवाला देते हुए चेतावनी दी कि यदि किसी विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं अधिक पाई गईं, तो पूरे क्षेत्र में भी री-पोल कराया जा सकता है। आयोग के अनुसार, मॉक पोल के दौरान ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि वोटिंग के दौरान ही शरारती तत्वों ने मशीनों से छेड़छाड़ की। सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर कार्रवाई की बात भी कही गई है। छिटपुट चुनावी हिंसा और तनाव के बीच भवानीपुर सहित कुछ अन्य इलाकों में भी झड़प और विरोध प्रदर्शन की खबरें आई हैं। कुल मिलाकर, दूसरे चरण की वोटिंग ने जहां राजनीतिक तापमान बढ़ाया है, वहीं बटन पर टेप विवाद ने नई बहस को जन्म दे दिया है।  

E85 पेट्रोल से बदलेंगे फ्यूल नियम, पेट्रोल में 85% एथेनॉल, सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट नोटिफिकेशन

नई दिल्ली  भारत सरकार ने सेंटर मोटर व्हीकल रूल्स में बदलाव के लिए एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसका उद्देश्य देश में मौजूदा E20 पेट्रोल प्रोग्राम से आगे बड़कर अधिक इथेनॉल वाले ईंधन को औपचारिक तौर पर शामिल करना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि इन संशोधनों में E85 ईंधन और E100 ईंधन के प्रावधान शामिल हैं। E100 होने पर वाहन लगभग पूरी तरह शुद्ध इथेनॉल पर चल सकेंगे। नियमों में मुख्य बदलाव नोटिफिकेशन के अनुसार, देशभर में E20 ईंधन लागू करने के लिए पेट्रोल के मानकों को E10/3 से बदलकर E10/E20 किया जाएगा। प्रस्ताव में E85 और E100 ईंधन को औपचारिक रूप से नियमों में शामिल किया गया है। साथ ही बायोडीजल के संदर्भ को B10 से बढ़ाकर B100 कर दिया गया है। चुनिंदा श्रेणियों में वाहन के कुल वजन की सीमा को 3,000 किलो से बढ़ाकर 3,500 किलो किया गया है। इसके अलावा उत्सर्जन परीक्षण के मानकों और तकनीकी शब्दावली को भी बेहतर बनाया गया है। हाइड्रोजन ईंधन के वर्गीकरण को भी बदलकर Hydrogen + CN की जगह Hydrogen+ CNG कर दिया गया है। क्या है नया प्रस्ताव सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 27 अप्रैल को मोटर व्हीकल एक्ट के तहत एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है. इसका मकसद इमीशन से जुड़े नियमों, फ्यूल क्लासिफिकेशन और हाई इथेनॉल ब्लेंड से जुड़े तकनीकी शब्दों में बदलाव करना है. इस प्रस्ताव में सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स, 1989 में संशोधन कर E85 या E100 तक के फ्यूल के लिए व्हीकल स्टैंडर्ड को शामिल करने की बात कही गई है. इससे पहले ये सीमा केवल E85 तक ही थी।  इन बदलावों के तहत पेट्रोल के साथ इथेनॉल की मिलावट की सीमा E10 से बढ़ाकर E20 तक की जा रही है. साथ ही B100 बायोडीजल के लिए भी प्रावधान जोड़े गए हैं. इससे साफ है कि सरकार अब हाई-ब्लेंड फ्यूल के पूरे रेंज को सपोर्ट करने के लिए नियम बना रही है. सरकार ने इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को फिलहाल पब्लिक कमेंट के लिए जारी किया है. यानी आम लोग और इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपनी राय दे सकते हैं. सभी सुझाव मिलने के बाद सरकार अंतिम फैसला लेगी।  इथेनॉल को लेकर रेगुलेटरी कदम CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उस प्रस्तावित कदम का मतलब यह नहीं है कि ज्यादा इथेनॉल वाले ईंधन को तुरंत लागू कर दिया जाएगा। इसका मकसद फिलहाल टेस्टिंग और मूल्यांकन के लिए नियम बनाना है। इसका मकसद E850E100 ईंधन के लिए फ्लेक्स-फ्यूल की तैयारी और जरूरी ढांचे का जायजा लेना है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले बताया था कि इस विषय पर संबंधित पक्षों के साथ सलाह-मशविरा जारी है। भारत यहां तक कैसे पहुंचा भारत ने 2025 में पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि पिछले कई सालों की मेहनत और मुख्य रूप से गन्ने और अनाज से मिले इथेनॉल की आपूर्ति के कारण संभव हो पाई है। Ethanol Programme सरकार की उस नीति का अहम हिस्सा रहा है जिसके मकसद पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करना और परिवहन ईंधन के स्त्रोतों में विविधता लाना है। गडकरी पहले ही कर चुके हैं अलर्ट केंद्रीय सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बीते कल दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा था कि, "आने वाले समय में इन ट्रेडिशनल फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) पर चलने वाली गाड़ियों का कोई भविष्य नहीं है." गडकरी ने वाहन निर्माता कंपनियों से अपील की कि, वे जल्द से जल्द बायोफ्यूल और अन्य वैकल्पिक फ्यूल की तरफ शिफ्ट करें. उनका कहना है कि पेट्रोल और डीजल न सिर्फ महंगे हैं बल्कि ये देश के लिए गंभीर समस्या भी बनते जा रहे हैं।  वाहन निर्माता कंपनियों ने धीरे-धीरे E20 ईंधन से चलने वाले इंजन पेश किए हैं जबकि नीति निर्माता साथ-साथ इस पर काम कर रहे हैं।

अहमदाबाद के पास हाईवे हादसा: तेज रफ्तार बस ने वैन को टक्कर मारी, राहत कार्य जारी

अहमदाबाद  गुजरात के साबरकांठा जिले में बुधवार को एक तेज रफ्तार निजी बस ने यात्री वैन को टक्कर मार दी। इस हादसे में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। यह दुर्घटना हिम्मतनगर के पास जसवंतगढ़ पाटिया के निकट शामलाजी-अहमदाबाद हाईवे पर हुई। पुलिस ने बताया कि यात्री वैन शामलाजी से हिम्मतनगर की ओर जा रही थी, तभी पीछे से आ रही एक निजी बस ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। गांभोई पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर अल्पेश चौधरी ने बताया कि वैन में सवार छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। उन्होंने कहा, "वैन में सवार छह यात्रियों ने घटनास्थल पर दम तोड़ दिया, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।" टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि बस तेज रफ्तार में थी। इंस्पेक्टर चौधरी ने कहा, "हादसा बस की अधिक गति के कारण हुआ प्रतीत होता है। हमने मामले का संज्ञान लेकर जांच शुरू कर दी है।" सूचना मिलते ही पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं। वैन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाया गया। हादसे के कारण हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सही कारणों की जांच की जा रही है। बस चालक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की गई है।  

पीएम मोदी ने किया यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण, विपक्ष पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में 594 km लंबे एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया।  लगभग ₹36,230 करोड़ की कुल लागत से बने गंगा एक्सप्रेसवे से मेरठ और प्रयागराज के बीच यात्रा का समय अभी के 10-12 घंटे से घटकर लगभग 6 घंटे होने की उम्मीद है।   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस वे का ये वरदान ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवन रेखा रही है वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस वे UP के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।" रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं मानता हूं कि उत्तर प्रदेश को एक्सप्रेस वे का ये वरदान ये भी मां गंगा का ही आशीर्वाद है। अब आप कुछ ही घंटों में संगम भी पहुंच सकते हैं, और काशी में बाबा के दर्शन करके भी वापस आ सकते हैं। जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से उत्तर प्रदेश और इस देश की जीवन रेखा रही है वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता ये एक्सप्रेस वे UP के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।" 'मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि यूपी सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं यूपी के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेस-वे की बधाई देता हूं।  निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 6-7 दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर वोट दे रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वो अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है और बड़ी संख्या में मतदान कर रही है।   बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है और जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है, लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं। पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है' पीएम मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले, जब बिहार में चुनाव हुए तो भाजपा-एनडीए ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी कल ही गुजरात में महानगर पालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत… इन सब के चुनाव के नतीजे आए हैं। 80 से 85 प्रतिशत नगरपालिका और पंचायत भाजपा ने जीत ली हैं। मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है। 4 मई के नतीजे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे। 'ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं' पीएम मोदी ने कहा कि कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं, और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।  पीएम बोले-अब वो दौर चला गया पीएम मोदी ने कहा कि अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। एक बार घोषणा हो गई तो वर्षों तक फाइलें चलती थीं। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे, उसके बाद सरकारें आती-जाती रहती थीं, लेकिन काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी पुरानी फाइलें ढूंढ़ने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है और तय समय में लोकार्पण भी होकर रहता है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। ये NCR की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा। 'यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था' पीएम मोदी ने कहा कि पहले यूपी को पिछड़ा और बीमारू प्रदेश कहा जाता था, वही उत्तर प्रदेश आज एक ट्रिलियन economy बनने की ओर आगे बढ़ रहा है। यूपी के पास असीम क्षमता है, देश की इतनी बड़ी युवा आबादी का पोटेंशियल यूपी के पास है, इस ताकत का इस्तेमाल हम यूपी को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए कर रहे हैं।  सपा विकास विरोधी भी है और नारी विरोधी भी है: मोदी पीएम मोदी ने कहा कि बीते दिनों एक बार फिर देश ने कांग्रेस और सपा का नारी विरोधी चेहरा देखा है। केंद्र की एनडीए सरकार नारी शक्ति वंदन संशोधन लेकर आई थी, अगर यह संशोधन पास हो जाता तो 2029 के चुनाव से ही महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण मिलता। बड़ी संख्या में महिलाएं चुनकर लखनऊ और दिल्ली पहुंचतीं, वो भी किसी अन्य वर्ग की सीटें कम हुए बिना। लेकिन सपा ने इस संशोधन के खिलाफ वोट किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सपा कभी भी परिवारवाद और जातिवाद से ऊपर नहीं उठ सकती। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति करेंगे। यूपी को सपा और उसके सहयोगियों से सावधान रहना है। पीएम मोदी ने कहा कि आप लोग देख रहे हैं कि आज पूरी दुनिया कैसे युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी हुई है। दुनिया के बड़े-बड़े देशों की हालत खराब है। … Read more

IMD का चेतावनी, 19 राज्यों में भारी बारिश, आंधी और ओले गिरेंगे, रेड अलर्ट जैसी स्थिति

नई दिल्ली  भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने तपती गर्मी के बीच देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी व बारिश की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग के द्वारा 29 अप्रैल को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अप्रैल से 4 मई के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 29-30 अप्रैल और फिर 2-4 मई के बीच गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं। विशेष रूप से 29 अप्रैल को पंजाब और हरियाणा में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है। राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में 29 अप्रैल को भीषण धूल भरी आंधी चलने की प्रबल संभावना है। इन राज्यों में 'रेड अलर्ट' जैसी स्थिति पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले चार दिनों तक मौसम बेहद खराब रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 30 अप्रैल से 2 मई के बीच कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। असम, मेघालय और नागालैंड में 29 अप्रैल से 3 मई तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। बिहार में चक्रवाती हवाओं का साया पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड और ओडिशा में अगले 6 दिनों तक आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, 29 और 30 अप्रैल को बिहार, झारखंड और गंगा से सटे पश्चिम बंगाल में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। झारखंड में इन दो दिनों के दौरान ओलावृष्टि की भी संभावना है। सिक्किम में 29 अप्रैल को अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले तीन दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। इसके अलावा, केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों में 30 अप्रैल से 2 मई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में 29 अप्रैल को ओले गिर सकते हैं। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

कलकत्ता हाई कोर्ट ने IPS अजय पाल शर्मा को दी राहत, मतदान तक बनी रहेगी उनकी तैनाती

 कलकत्ता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को दूसरे चरण का मतदान चल रहा है। इसके ठीक पहले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर और ऑब्जर्वर बनकर पश्चिम बंगाल गए यूपी कैडर के आईपीएस अजय पाल शर्मा के बीच शुरू हुई तकरार की चर्चा देश भर में हो रही है। इस बीच कलकत्ता हाई कोर्ट से आईपीएस अजय पाल शर्मा को बड़ी राहत मिली है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर तैनात किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई आदेश जारी नहीं करेगा, जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का दूसरा चरण होना है। एक वकील ने जस्टिस कृष्ण राव की कोर्ट में आईपीएस अफसर अजय पाल शर्मा को जोन में काम करने से रोकने के लिए मौखिक रूप से प्रार्थना की थी। आईपीएस अजय पाल साउथ 24 परगना जिले में राज्य विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक हैं। वकील का आरोप था कि अजय पाल आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं। इस पर, जस्टिस राव ने कहा कि वह 29 अप्रैल तक चुनाव ड्यूटी पर मौजूद किसी भी ऑफिसर के बारे में कोई ऑर्डर पास नहीं करेंगे। वकील ने अर्जी दी कि इस बारे में याचिका दायर करने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। जब वकील ने आरोप लगाया कि अजय वोटर्स को डरा रहे हैं। इस पर जस्टिस राव ने कहा कि अगर कोई शिकायत है तो चुनाव आयोग से संपर्क करें। वकील ने दावा किया कि आयोग को बताया गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है। मतदान से पहले छाए ‘सिंघम’ और ‘पुष्पा’ उत्तर प्रदेश के चर्चित आईपीएस अजय पाल शर्मा और टीएमसी नेतृत्व के बीच मतदान से एक दिन पहले मंगलवार को गतिरोध बढ़ गया। ‘सिंघम’ के नाम से चर्चित अफसर ने जहांगीर खान का नाम लेकर कुछ लोगों पर सख्ती दिखाई तो इसके जवाब में टीएमसी नेता ने ‘झुकेगा नहीं’ वाला पुष्पा अंदाज दिखाया। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने आरोप लगाया है कि अजय पाल शर्मा पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को डरा धमका रहे हैं। जहांगीर खान ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को मतदाताओं को डराने-धमकाने नहीं देंगे। यह बंगाल है, अगर वह (शर्मा) ‘सिंघम’ हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं। फाल्टा में यूपी के पुलिस अधिकारियों की किसी भी तरह की धमकी या दबाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीएमसी उम्मीदवार ने कहा कि शर्मा पुलिस बल के साथ आए और मुझ पर तथा मेरे लोगों पर दबाव डालने की कोशिश की। लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे कृत्य स्वीकार्य नहीं हैं।