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राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने प्रचंड हेलिकॉप्टर उड़ाकर कहा—“वीर सैनिकों, गर्व के साथ धन्यवाद; जय हिंद, जय भारत”

जैसलमेर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन से स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) प्रचंड में उड़ान भरी। वे हेलिकॉप्टर प्रचंड में बतौर को-पायलट उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं।राष्ट्रपति ने उड़ान के दौरान हेलिकॉप्टर के कॉकपिट से सैल्यूट किया। राष्ट्रपति मुर्मू इससे पहले लड़ाकू विमान सुखोई और राफेल में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनी थीं। राष्ट्रपति मुर्मू सुबह करीब 9:15 बजे जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पहुंची थीं। सेना के अधिकारियों ने उन्हें हेलिकॉप्टर के बारे में ब्रीफिंग दी। इसके बाद राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर के कॉकपिट में बैठीं।फिर सुबह करीब 10.15 बजे ग्रुप कैप्टन एन.एस. बहुआ के साथ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी। हेलिकॉप्टर में 25 मिनट उड़ान के दौरान राष्ट्रपति ने सीमावर्ती क्षेत्रों और पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया। जैसलमेर के सोनार दुर्ग के ऊपर ‘प्रचंड’ हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने रेडियो के माध्यम से देश के नाम संदेश दिया। उन्होंने कहा- मैं आज प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भर रही हूं। प्रचंड हेलिकॉप्टर आत्मनिर्भरता का प्रबल प्रतीक है। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जैसलमेर एयरफोर्स स्टेशन के अतिथि कक्ष में पहुंची. एयरफोर्स के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. राष्ट्रपति एयरफोर्स अधिकारियों से संवाद भी किया. इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लड़ाकू हेलिकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरने के लिए निकल पड़ीं. द्रौपदी मुर्मू को-पायलट बनने वाली देश की पहली राष्ट्रपति हैं. उन्होंने हेलीकॉप्टर में बैठकर फायरिंग रेंज का हवाई जायजा लिया. पहली राष्ट्रपति स्वदेशी लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH) प्रचंड़ में उड़ान भरती दिखीं. उन्होंने 10 बजकर 10 बजे उड़ान भरना शुरू किया. वह 10 बजकर 35 मिनट पर लैंड हुईं. 25 मिनट का हवाई सफर किया. पोकरण फिल्ड़ फायरिंग रेंज और परमाणु स्थल का भी जायजा लिया. शाम में पोकरण फिल्ड फायरिंग रेंज में वायुशक्ति 2026 का अभ्यास है, जिसमें राष्ट्रपति चीफ गेस्ट हैं. मैं इस समय जैसलमेर के प्रसिद्ध किले के ऊपर से उड़ान भर रही हूं। मैं देश के वीर सैनिकों को गर्व के साथ धन्यवाद देती हूं। मेरा सभी को प्यार भरा नमस्कार। जय हिंद, जय भारत। पाकिस्तान बॉर्डर के पास राजस्थान के पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आज शाम एयरफोर्स का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा। युद्धाभ्यास में सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी मौजूद रहेंगी। जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे और वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन को देखते हुए जैसलमेर में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. चांदन से पोकरण तक पूरे क्षेत्र को अस्थायी रूप से ‘नो-फ्लाई जोन' घोषित किया गया है. पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और सीमा क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है. दमदार प्रचंड हेलीकॉप्‍टर   एलसीएच प्रचंड भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन एवं विकसित लड़ाकू हेलीकॉप्टर है, जिसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने बनाया है. यह हेलीकॉप्टर रेगिस्तान से लेकर ऊंचे पर्वतीय इलाकों तक विभिन्न भू-भागों में काम करने में सक्षम है और 5,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर भी संचालन कर सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अक्टूबर 2022 में जोधपुर वायुसेना स्टेशन से ‘प्रचंड' में उड़ान भरी थी.  राफेल में भी उड़ान भर चुकी हैं राष्‍ट्रपति   राष्ट्रपति मुर्मू शुक्रवार शाम को पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में वायुसेना के क्षमता प्रदर्शन ‘वायु शक्ति' में शामिल होंगी. यह कार्यक्रम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास आयोजित किया जा रहा है. राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अक्टूबर 2023 में अंबाला वायुसेना स्टेशन पर राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी, जिससे वह दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति बनीं. अप्रैल 2023 में उन्होंने तेजपुर वायुसेना स्टेशन (असम) पर सुखोई-30 एमकेआई में लगभग 30 मिनट की उड़ान भरी थी.

राज्यसभा सीट पर पार्थ पवार लड़ेंगे चुनाव, सुनेत्रा पवार ने NCP की कमान संभाली

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम के तहत सुनेत्रा पवार को नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का राष्ट्रीय अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुन लिया गया है, जिसे पार्टी के भीतर संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी और वरिष्ठ नेताओं की बैठक में यह प्रस्ताव रखा गया, जिसका सभी सदस्यों ने समर्थन किया और बिना किसी विरोध के उन्हें शीर्ष पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस चयन को एनसीपी के पुनर्गठन और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में पार्टी को आंतरिक चुनौतियों, गुटबाजी और चुनावी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है।  सुनेत्रा पवार ने अध्यक्ष चुने जाने के बाद अपने संबोधन में कहा कि वह संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने तथा पार्टी की विचारधारा को देशभर में प्रभावी ढंग से पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनसीपी सामाजिक न्याय, समावेशी विकास और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के अपने मूल सिद्धांतों पर कायम रहेगी और आने वाले चुनावों में मजबूती से भाग लेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में पार्टी नई रणनीति के साथ राज्यों में संगठन विस्तार, गठबंधन राजनीति और जनसंपर्क अभियानों पर विशेष ध्यान दे सकती है। सर्वसम्मति से हुआ यह चुनाव यह भी दर्शाता है कि पार्टी नेतृत्व फिलहाल एकजुटता का संदेश देना चाहता है और किसी प्रकार के आंतरिक मतभेद को सार्वजनिक रूप से उभरने नहीं देना चाहता।  सुनेत्रा पवार की संगठनात्मक भूमिका पहले भी सक्रिय रही है और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों, महिला मोर्चा तथा सामाजिक अभियानों में भागीदारी के लिए जाना जाता है, जिससे यह उम्मीद की जा रही है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने में सक्षम होंगी। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी की खोई हुई राजनीतिक जमीन को वापस पाना, कार्यकर्ताओं में उत्साह भरना और विपक्षी दलों के साथ रणनीतिक तालमेल बनाना होगा। कुल मिलाकर, उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना एनसीपी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें संगठनात्मक पुनर्संरचना, वैचारिक स्पष्टता और चुनावी मजबूती पर विशेष फोकस रहने की संभावना है। राष्ट्रीय अधिवेशन में हुआ फैसला सुनेत्रा पवार ने कहा कि मैंने दादा के अधूरे सपनों को पूरा करने, अपनी पार्टी को बढ़ाने और उसे मजबूत करने के लिए यह पद स्वीकार किया है। सुनेत्रा पवार को पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अध्यक्ष बनाने का फैसला हुआ। गौरतलब हो कि 28 जनवरी को बारामती में प्लेन क्रैश की घटना में अजित पवार की मौत हो गई थी। प्लेन क्रैश के कारणों की जांच एएआईबी और सीआईडी द्वारा की जा रही है।  प्रफुल्ल पटेल ने रखा सुनेत्रा का नाम राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव किया। जिसका अनुमोदन सुनील तटकरे ने किया। जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। अधिवेशन में ही अजित पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार को राज्यसभा का कैंडिडेट भी घोषित कर दिया गया। सुनेत्रा पवार ने इस मौके पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से वादा किया कि मैं हमेशा आपकी बेटी, बहन और पार्टनर के तौर पर आपके साथ खड़ी रहूंगी। दादा के सपनों को पूरा करेंगे सुनेत्रा पवार ने कहा कि दादा की जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने अध्यक्ष चुने जाने के बाद कहा कि यह एक ऐसी पार्टी है जो महाराष्ट्र की खुशहाली, देश के बदलाव और सबसे ज़रूरी, आप सब और हम सबके गर्व और आत्म-सम्मान के बारे में सोचती है। इस सोच को आगे बढ़ाने के लिए, हमें इस मुश्किल समय में भी पक्के इरादे के साथ आगे बढ़ना होगा। दादा ने जो विचार दिए, जो विकास का रास्ता दिखाया, जो कार्यकर्ता बनाए। यही एनसीपी की असली ताकत है। सुनेत्रा ने कहा कि 30 जून, 2023 को दादा ने एनसीपी के नेशनल प्रेसिडेंट की जिम्मेदारी संभाली थी। दादा को नेशनल प्रेसिडेंट के तौर पर लगभग ढाई साल का समय मिला। इस दौरान उन्होंने पूरे महाराष्ट्र को अपनाया। पार्टी को बढ़ाया। हर कार्यकर्ता को मजबूत किया। कड़ी मेहनत, लगन और कड़ी प्लानिंग से पार्टी की ताकत बढ़ी।

इस्तीफा स्वास्थ्य के लिए: धनखड़ ने खुलासा किया, दाढ़ी वाले उन्हें डराते हैं

सादुलपुर पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा- मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। इस्तीफा देते समय मैंने कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा था कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं, जो सभी को देनी भी चाहिए। उन्होंने ये बात चूरू के सादुलपुर में कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां के आवास पर कही। राहुल कस्वां के पिता पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां और मां कमला कस्वां की सेहत की जानकारी लेने के लिए पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ यहां पहुंचे थे। धनखड़ का यहां स्वागत किया गया। इस दौरान एक युवक ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया तो धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुझे दाढ़ी वालों से डर लगता है। इस पर उपस्थित लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे। धनखड़ बोले- जब भी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह सबसे आगे रहे पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा- मैं रामसिंह जी के स्वास्थ्य के बारे में चिंता करते हुए यहां आया हूं। यह मेरी निजी यात्रा है। मैं अभिभूत हूं कि मुझे इतना सम्मान मिला। ये मेरे ऊपर एक कर्ज है। जब कभी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह जी सबसे आगे रहे। कांग्रेस की पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया ने भी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। इस दौरान डॉ. कुलदीप पूनिया, सतवीर पूनिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आसिम मुनीर के लिए संकट का दौर, एक तरफ भारत, दूसरी ओर BLA अटैक और अफगान तनाव

कराची  पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर इन दिनों बहुत बड़ी मुश्किल में फंसे हुए हैं. उनके सामने तीन बड़े संकट एक साथ आ गए हैं – भारत के साथ पुराना तनाव, बलूचिस्तान में बीएलए के घातक हमले और अफगानिस्तान के तालिबान के साथ खुली जंग. 27 फरवरी 2026 तक हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर ओपन वॉर घोषित कर दिया है.  1. भारत के साथ तनाव – कश्मीर का पुराना घाव फिर खुला पाकिस्तान और भारत के बीच कश्मीर विवाद 1947 से चल रहा है. अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 लोग मारे गए. भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह आतंकियों को मदद देता है.  भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान व पाक-अधिकृत कश्मीर में मिसाइल हमले किए. चार दिन तक दोनों तरफ मिसाइल और ड्रोन हमले हुए. आखिर में 10 मई 2025 को सीजफायर हुआ, लेकिन तनाव खत्म नहीं हुआ है. अब 2026 में भी भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी होती रहती है. आसिम मुनीर बार-बार कहते हैं – भारत कोई नया हमला करेगा तो पाकिस्तान का जवाब बहुत तेज और भयानक होगा. पाकिस्तान भारत पर आरोप लगाता है कि वह बीएलए और टीटीपी को मदद देता है. 2. बलूचिस्तान में बीएलए के हमले – देश के अंदर बड़ा खतरा बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे गरीब प्रांत है. यहां बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) नाम की अलगाववादी संगठन सालों से लड़ रही है. जनवरी के अंत और फरवरी 2026 की शुरुआत में बीएलए ने बलूचिस्तान में सबसे बड़ा हमला किया. कई जगहों पर एक साथ पुलिस स्टेशन, बैंक, घरों और सैन्य ठिकानों पर हमले हुए. 31-33 आम नागरिक और सैनिक मारे गए. पाकिस्तानी आर्मी ने जवाबी कार्रवाई की और 145 से 216 बीएलए लड़ाकों को मारने का दावा किया. लेकिन हमले रुक नहीं रहे. आसिम मुनीर की आर्मी पर आरोप है कि वह बलूचिस्तान में राजनीति ज्यादा करती है. सुरक्षा कमजोर है. पाकिस्तान कहता है कि बीएलए को भारत और अफगानिस्तान से मदद मिल रही है. 3. अफगान तालिबान से खुली जंग – सबसे नया और सबसे खतरनाक संकट पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके देश में हमले करते हैं. इसलिए 21 फरवरी 2026 को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और खोस्त में हवाई हमले किए. तालिबान ने बदला लिया. 26-27 फरवरी को अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया.  अफगानिस्तान का दावा – 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे, 15 पोस्ट कब्जे में लिए. उन्होंने एक पाकिस्तानी जेट भी गिराने का दावा किया. पाकिस्तान ने जवाब में काबुल, कंधार और पक्तिया पर और भारी बमबारी की. पाक रक्षा मंत्री ने कहा कि हम अफगानिस्तान के साथ ओपन वॉर में हैं. आसिम मुनीर पहले ही तालिबान को चेतावनी दे चुके थे – तुम्हें पाकिस्तान और टीटीपी में से एक चुनना होगा. तीनों संकट एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं? पाकिस्तान का कहना है कि भारत और अफगान तालिबान मिलकर पाकिस्तान को कमजोर करना चाहते हैं. दावा किया जाता रहा है कि भारत बीएलए को मदद देता है.  तालिबान टीटीपी को शरण देता है. दोनों मिलकर पाकिस्तान के अंदर हमले करवा रहे हैं. आसिम मुनीर अब तीन मोर्चों पर लड़ रहे हैं – सीमा पर भारत, अंदर बलूचिस्तान और पड़ोसी अफगानिस्तान. अभी क्या हाल है?  अफगानिस्तान सीमा पर भारी गोलीबारी और बमबारी चल रही है. बलूचिस्तान में सैन्य ऑपरेशन जारी.  भारत के साथ कश्मीर में तनाव बना हुआ है. पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता भी है. आसिम मुनीर पूरे देश की सेना और रक्षा के सबसे बड़े कमांडर हैं, लेकिन तीन तरफ से दबाव इतना है कि उनकी साख और पाकिस्तान की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं. आसिम मुनीर के लिए यह सबसे बड़ी परीक्षा का वक्त है. अगर तीनों मोर्चे एक साथ नहीं संभाले गए तो पाकिस्तान को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता है.   पाकिस्तानी जेट गिराया अफगान लड़ाकों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान (तालिबान शासन) के बीच बॉर्डर पर तनाव बहुत बढ़ गया है. दोनों तरफ गोलीबारी, हमले और हवाई हमले हो रहे हैं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक बड़ा दावा वायरल हो रहा है – अफगान सैनिकों ने पाकिस्तानी जेट गिरा दिया, वो भी रॉकेट लॉन्चर से. कुछ पोस्ट में लिखा है F-16, कुछ में JF-17. Tolo News ने भी रिपोर्ट किया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिराया. लेकिन कौन सा जेट था?   पहले समझें पूरा बैकग्राउंड पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच ड्यूरंड लाइन (सीमा) पर सालों से झगड़ा चल रहा है. पाकिस्तान कहता है कि अफगानिस्तान में छिपे टीटीपी (पाकिस्तानी तालिबान) उसके खिलाफ हमले करते हैं. इसलिए पाकिस्तान ने पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान के नंगरहार, पक्तिया और अन्य इलाकों में हवाई हमले किए. इन हमलों में पाकिस्तानी एयर फोर्स के जेट्स (F-16 और JF-17 दोनों) इस्तेमाल हुए. तालिबान ने जवाबी कार्रवाई की – उन्होंने पाकिस्तानी बॉर्डर पोस्ट पर हमला किया, कुछ पोस्ट कब्जा लिए और सैनिक मारे जाने का दावा किया. पाकिस्तान ने फिर काबुल, कंधार और पक्तिया पर और हमले किए. इसी बीच अफगानिस्तान ने दावा किया कि एक पाकिस्तानी जेट उनके एयरस्पेस में घुस आया था और उन्होंने उसे गिरा दिया. Tolo News ने क्या कहा? Tolo News ने 27 फरवरी 2026 को ब्रेकिंग न्यूज में लिखा… सिक्योरिटी सोर्सेज ने Tolo News को बताया कि अफगान फोर्स ने पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट गिरा दिया, जो अफगानिस्तान के एयरस्पेस में घुस आया था. ध्यान दें – Tolo News ने F-16 या JF-17 कुछ नहीं बताया. सिर्फ पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट कहा. तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी हमलों की पुष्टि की, लेकिन जेट गिराने का जिक्र नहीं किया. सोशल मीडिया पर क्या वायरल है? अफगान डिफेंस अकाउंट (@AFGDefense) और कई प्रो-तालिबान अकाउंट्स ने वीडियो पोस्ट किया. इसमें जलता हुआ wreckage दिख रहा है, पाकिस्तानी झंडा और नंबर 85510 दिख रहा है. कैप्शन लिखा है – यह अमेरिकी बना पाकिस्तानी F-16 है, जिसे अफगान फोर्स ने गिराया.  कुछ लोग लिख रहे हैं – रॉकेट लॉन्चर से गिराया. लेकिन कई यूजर्स (यहां तक कि Grok जैसे AI भी) बता रहे हैं कि यह वीडियो पुराना या फेक लगता है. नंबर 85510 किसी पाकिस्तानी जेट का नहीं मिलता. पहले भी ऐसे फेक वीडियो वायरल हुए थे (जैसे 2020 का ट्रेनर जेट … Read more

2026 में वेतन वृद्धि पर सर्वे रिपोर्ट: कर्मचारी वेतन में 9.1% तक इजाफा, जानें कौन‑से सेक्टर आगे

नई दिल्ली निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। भारत में साल 2026 में कर्मचारियों के वेतन में 9.1 % वृद्धि देखने को मिल सकती है यह जानकारी ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘एऑन ’ की 32वीं एनुअल सैलरी इंक्रीज एंड टर्नओवर सर्वे 2025-26 से सामने आई है। यह सर्वे देश की 45 अलग-अलग इंडस्ट्रीज की 1,400 से ज्यादा कंपनियों के डेटा पर आधारित है, जो यह संकेत देता है कि बाजार में तेजी बनी हुई है। सर्वे के अनुसार, एट्रिशन रेट यानी नौकरी छोड़ने की दर साल 2025 में गिरकर 16.2 प्रतिशत पर आ गई है। यह रेट 2023 में 18.7 प्रतिशत और 2024 में 17.7 प्रतिशत थी। किस सेक्टर को कितनी सैलरी हाईक?     एऑन की एनुअल सैलरी इंक्रीज एंड टर्नओवर सर्वे 2025-26 रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 में कर्मचारियों की सैलरी में औसतन 9.1% वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि अलग-अलग इंडस्ट्री में सैलरी बढ़ने की दर अलग-अलग होगी।     रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, साथ ही नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां (NBFCs) में ज्यादा तो ऑटोमोबाइल और वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग डिजाइन सर्विसेज, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल जैसे सेक्टरों में औसत बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।     रियल एस्टेट व इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 10.2 प्रतिशत, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFC) में 10.1 प्रतिशत, ऑटोमोबाइल व इंजीनियरिंग डिजाइन सर्विसेज में 9.9 प्रतिशत और मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर में 9.5 प्रतिशत तक सैलरी बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘मर्सर’ की रिपोर्ट में 9 से 10% तक वृद्धि संभव इससे पहले दिसंबर 2025 में ग्लोबल कंसल्टेंसी कंपनी ‘मर्सर’ की सैलरी सर्वे रिपोर्ट 2026 में 9 से 10 % तक की वृद्धि की बात सामने आई थी। इस सर्वे में 1500 से ज्यादा कंपनियों और 8000 से ज्यादा पदों का एनालिसिस किया था। मर्सर के सर्वे के अनुसार, साल 2026 में हाई टेक वाले सेक्टरों और ऑटो इंडस्ट्री में ज्यादा वेतन वृद्धि होने की उम्मीद है। हाई टेक सेक्टर में 9.3 प्रतिशत और ऑटो इंडस्ट्री में 9.5 प्रतिशत सैलरी बढ़ने की संभावना है। सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आईटी से जुड़ी सेवाएं (ITES) और वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) के कर्मचारियों को भी अच्छी सैलरी हाइक मिल सकती है।

भारत पहुंचे कनाडा के प्रधानमंत्री, पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय रिश्तों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली   कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे। प्रधानमंत्री कार्नी का भारत का यह पहला आधिकारिक दौरा होगा। चार दिवसीय भारत दौरे पर पीएम कार्नी दोनों देशों के संबंधों की मजबूती पर जोर देंगे। पीएम कार्नी कनाडा से रवाना हो चुके हैं और 27 फरवरी को वह मुंबई पहुंचेंगे। अगले दो दिनों में वे अलग-अलग बिजनेस प्रोग्राम में हिस्सा लेंगे और भारतीय तथा कनाडाई सीईओ, उद्योग एवं वित्तीय विशेषज्ञों, नवोन्मेषकों, शिक्षाविदों के साथ-साथ भारत में स्थित कनाडाई पेंशन फंड के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। पीएम कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे। 2 मार्च को दोनों देशों के प्रधानमंत्री हैदराबाद हाउस में डेलीगेशन स्तर की बातचीत करेंगे। दोनों नेता भारत-कनाडा रणनीतिक साझेदारी के अलग-अलग एरिया में अब तक हुए विकास की समीक्षा करेंगे, जो कनानास्किस (जून 2025) और जोहान्सबर्ग (नवंबर 2025) में हुई उनकी पिछली बैठकों पर आधारित होगी। वे व्यापार और निवेश, ऊर्जा, जरूरी मिनरल्स, कृषि, शिक्षा, शोध और नवाचार और लोगों के बीच संबंधों जैसे खास स्तंभों में चल रहे सहयोग की भी समीक्षा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी अपने विचार शेयर करेंगे। बाद में प्रधानमंत्री मोदी और पीएम कार्नी भारत-कनाडा सीईओ फोरम में भी शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि पीएम कार्नी का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत-कनाडा के आपसी संबंध सामान्य होने के एक अहम मोड़ पर हैं। दोनों प्रधानमंत्री पहले एक-दूसरे की चिंताओं के लिए आपसी सम्मान, लोगों के बीच मजबूत संबंध और बढ़ती आर्थिक एक-दूसरे को पूरा करने वाली चीजों पर आधारित एक रचनात्मक और संतुलित साझेदारी को आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। दोनों नेताओं के बीच होने वाली आने वाली मीटिंग, आगे की सोच वाली साझेदारी बनाने में भारत और कनाडा के सकारात्मक मोमेंटम और साझा दृष्टिकोण को फिर से पक्का करने का मौका देगी। कनाडाई सरकार ने कार्नी के भारत के लिए रवाना होने से पहले देश में हो रहे अपराध में भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया। कार्नी सरकार के अधिकारी ने भारत को क्लीन चिट देते हुए कहा कि कनाडा में हो रहे अपराध से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर इस तरह की गतिविधियां हो रही होतीं तो हम यह यात्रा बिल्कुल नहीं करते।

महिलाओं के लिए गृह आधार योजना, हर महीने 1500 रुपये की सहायता, पात्रता की पूरी जानकारी

नई दिल्ली केंद्र सरकार देश के अलग अलग वर्गों के लिए कई योजनाएं चलाती है. जिनका मकसद आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक मजबूती देना है. इन योजनाओं का फायदा किसानों, मजदूरों, बुजुर्गों और महिलाओं तक पहुंचता है. खास तौर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर अब ज्यादा फोकस किया जा रहा है. इसी दिशा में कुछ राज्य सरकारें भी अपनी स्तर पर पहल कर रही हैं.  सरकार की गृह आधार योजना ऐसी ही एक पहल है. जिसका मकसद घर की महिलाओं को नियमित आर्थिक सहयोग देना है. अब सरकार ने साफ कर दिया है कि पात्र महिलाओं को हर महीने की 10 तारीख को 1500 रुपये सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे. जानें किन महिलाओं को मिलता है इस स्कीम में लाभ. हर महीने 10 तारीख को मिलेंगे पैसे सरकार की ओर से महिलाओं के लिए गृह आधार योजना चलाई जा रही है. इस योजना के तहत गोवा की बड़ी संख्या में महिलाएं हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक  सहायता हासिल कर रही हैं. साल 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर पार्रिकर की ओर से यह योजना शुरू की गई थी. पहले कुछ मामलों में भुगतान में देरी की शिकायतें सामने आई थीं. इसके बाद महिला और बाल विकास विभाग ने विशेष कैंप आयोजित कर समस्याएं सुनीं और दस्तावेजों की जांच की.  मुख्यमंत्री  ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पात्र महिला का पेमेंट पेंडिंग न रहे. इसलिए सरकार ने अब तय किया गया है कि हर महीने की 10 तारीख को राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी. यह रकम दवा, बच्चों की पढ़ाई और घर के रोजमर्रा खर्च में काफी सहारा देती है.किन महिलाओं को मिलता है लाभ? योजना में इन महिलाओं को मिलता है लाभ इस योजना का फायदा वही महिलाएं उठा सकती हैं जो तय पात्रता शर्तों को पूरा करती हों. सबसे पहली शर्त उम्र से जुड़ी है. आवेदन करने वाली महिला की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह विवाहित हो. इसके साथ ही उसका गोवा में स्थायी रूप से रहना जरूरी है. नियम के मुताबिक महिला पिछले 15 वर्षों से गोवा में रह रही होनी चाहिए. इसके लिए आर्थिक मानदंड भी तय किए गए है. महिला और उसके पति की मिलाकर इनकम 300000 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. सरकार का मकसद उन परिवारों तक सीधी मदद पहुंचाना है. जिन्हें वास्तव में आर्थिक सहारे की जरूरत है. पात्रता पूरी होने पर ही योजना का लाभ दिया जाता है.

1 अप्रैल से लॉन्च होगा E20 पेट्रोल, सरकार का कदम ईंधन में स्वच्छ विकल्प की ओर

 नई दिल्ली केंद्र सरकार ने पेट्रोल को लेकर एक अहम फैसला लिया है, जिसका सीधा असर आम लोगों और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर पड़ेगा. केंद्र सरकार ने तेल बेचने वाली कंपनियों को साफ निर्देश दिया है कि 1 अप्रैल 2026 से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एथेनॉल ब्लेंडेड (E20)  पेट्रोल बेचा जाए. इस पेट्रोल में अधिकतम 20 प्रतिशत इथेनॉल होगा और इसका न्यूनतम रिसर्च ऑक्टेन नंबर यानी RON 95 होना जरूरी होगा.  यह आदेश केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी किया गया है. 17 फरवरी को जारी नोटिफिकेशन में मंत्रालय ने कहा है कि तेल कंपनियां वही पेट्रोल सप्लाई करें जो E20 मानकों पर खरा उतरता हो. यह पेट्रोल ब्यूरो ऑफ इंडिया स्टैंडर्ड (BIS) के तय मानकों के अनुसार होना चाहिए और पूरे देश में एक समान क्वॉलिटी के साथ उपलब्ध कराया जाना होगा. हालांकि कुछ खास हालात में सीमित समय के लिए कुछ इलाकों को छूट दी जा सकती है. क्या है E20 फ्यूल E20 फ्यूल एक ऐसा पेट्रोल मिश्रण है जिसमें 20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पारंपरिक पेट्रोल होता है. इथेनॉल एक बायो-फ्यूल है जो मुख्य रूप से गन्ने, मक्का या अन्य फसलों से बनाया जाता है, और इसे फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता घटाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. सरकार का उद्देश्य E20 को बढ़ावा देकर प्रदूषण कम करना और किसानों को फसल से अतिरिक्त आमदनी देना है. भारत ने जून 2022 में ही 10 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया था, जिसके बाद सरकार ने 20 प्रतिशत का लक्ष्य 2025-26 तक तय किया. RON 95 क्यों है अहम रिसर्च ऑक्टेन नंबर यानी RON यह बताता है कि पेट्रोल इंजन में नॉकिंग के अगेंस्ट कितना मजबूत है. नॉकिंग से इंजन को नुकसान और पावर लॉस हो सकता है. ज्यादा RON वाला पेट्रोल प्रेशन में भी स्टेबल रहता है. इथेनॉल का ऑक्टेन रेटिंग करीब 108 होता है, इसलिए जब इसे पेट्रोल में मिलाया जाता है तो फ्यूल क्वॉलिटी और गुणवत्ता बेहतर हो जाती है. RON 95 का नियम यह तय करेगा कि इंजन सेफ रहे और बेहतर परफॉर्मेंस दे. तेल मंत्रालय के अनुसार इथेनॉल ब्लेंडिंग की वजह से 2014-15 से अब तक भारत को 1.40 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है. कच्चे तेल के आयात में कमी आई है.  नया नियम लागू होने के बाद यह फायदा और बढ़ने की उम्मीद है. साथ ही प्रदूषण घटेगा और सस्टेनेबल मोबिलिटी की दिशा में भारत एक और मजबूत कदम आगे बढ़ाएगा. वाहनों पर क्या पड़ेगा असर ऑटो इंडस्ट्री के जानकारों का कहना है कि 2023 के बाद के बने ज्यादातर वाहन E20 पेट्रोल के लिए तैयार हैं. इन गाड़ियों में किसी बड़े बदलाव की जरूरत नहीं पड़ेगी. हालांकि पुराने वाहनों के कुछ यूजर्स का कहना है कि E20 पेट्रोल से माइलेज में 3 से 7 प्रतिशत तक की कमी आई है. इसके अलावा कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर E20 फ्यूल के इस्तेमाल के बाद वाहनों में समय से पहले पार्ट्स डैमेज होने की भी शिकायत की है. जिससे व्हीकल मेंटनेंस बढ़ा है. पुराने वाहनों के इंजन और फ्यूल सिस्टम इस हाई इथेनॉल ब्लेंडिंग के लिए डिज़ाइन नहीं किए गए है, जिसके कारण कई बार माइलेज घटने और स्टार्टिंग को लेकर  दिक्कतें सामने आती रही हैं. इस बीच कुछ वाहन निर्माताओं ने पुराने वाहनों के लिए E20 कन्वर्जन किट को बाजार में उतारा है. ताकि एथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल से वाहन के इंजन कंपोनेंट को होने वाले संभावित नुकसान को कम किया जा सके. कंपनियों का दावा है कि, ये कन्वर्जन किट न केवल वाहनों के परफॉर्मेंस को बेहतर बनाएगा बल्कि माइलेज को भी कम होने से रोकेगा. रॉयल एनफील्ड ने हाल ही में बुलेट, क्लासिक और थंडरबर्ड जैसी पुरानी BS3 और BS4 मॉडल्स के लिए ये किट लॉन्च किया है. 

PM मोदी का इज़राइल दौरा: Future Tech का जायजा, AI से लेकर हेल्थ तक भारत की नई दिशा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इजराइल के दौरे पर हैं. यरुशलम में उन्होंने एक टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी का दौरा किया. इस प्रदर्शनी में इजराइल की कई स्टार्टअप और टेक कंपनियों ने अपने नए प्रोडक्ट और रिसर्च दिखाए. यहां AI, हेल्थ-टेक, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग, एग्री-टेक और वॉटर मैनेजमेंट से जुड़ी टेक्नोलॉजी रखी गई थी. मोदी ने अलग-अलग स्टॉल पर जाकर डेमो देखे और कंपनियों के फाउंडर्स से बातचीत की. इजराइल लंबे समय से टेक और स्टार्टअप के लिए जाना जाता है. साइबर सिक्योरिटी और डिफेंस टेक में इजराइल की कंपनियों की पकड़ मानी जाती है. भारत पहले से इन सेक्टर में इजराइल के साथ काम कर रहा है. ऐसे में इस तरह की प्रदर्शनी में जाना एक संकेत है कि भारत नई टेक्नोलॉजी को समझना और अपनाना चाहता है. खासकर AI और हेल्थ-टेक जैसे सेक्टर भारत के लिए आने वाले सालों में अहम होने वाले हैं. पीएम मोदी ने वहां मौजूद कंपनियों से कहा कि वे भारत में अपने सॉल्यूशन लाने पर विचार करें. भारत में डिजिटल हेल्थ, स्मार्ट एग्रीकल्चर और साइबर सिक्योरिटी की जरूरत तेजी से बढ़ रही है. गांवों में हेल्थ सर्विस पहुंचाने के लिए AI टूल्स और रिमोट मॉनिटरिंग जैसे समाधान काम आ सकते हैं. खेती में डेटा और सेंसर्स के जरिए पानी और खाद का सही इस्तेमाल भी एक बड़ा मुद्दा है. प्रदर्शनी में दिखाए गए कई प्रोडक्ट इन समस्याओं से जुड़े थे. हालांकि इस दौरे के दौरान अब तक AI और साइबर सिक्योरिटी से जुड़ा कोई बड़ा करार या डील सामने नहीं आई है. अभी तक सिर्फ बातचीत और संभावनाओं की बात हुई है. सरकारी बयान में भी किसी MoU या एग्रीमेंट का जिक्र नहीं है. इसका मतलब यह है कि फिलहाल यह एक शुरुआती कदम है. असली टेस्ट तब होगा जब इन कंपनियों के साथ भारत में पायलट प्रोजेक्ट शुरू होंगे या कोई ठोस पार्टनरशिप सामने आएगी. पहले भी कई टेक डेमो दिखाए गए हैं, लेकिन वे जमीन पर उतरने में वक्त लेते हैं या कभी-कभी फाइलों में ही अटक जाते हैं. गौरतलब है कि भारत और इजराइल के रिश्ते बीते कुछ सालों में मजबूत हुए हैं. डिफेंस और टेक्नोलॉजी में दोनों देशों का सहयोग बढ़ा है. सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की पोस्ट से यह साफ है कि वे इस दौरे को इनोवेशन और युवाओं से जोड़कर दिखा रहे हैं. उन्होंने इजराइल के युवाओं के काम की तारीफ की और कहा कि इस तरह की टेक्नोलॉजी भविष्य की जरूरतों से जुड़ी है. लेकिन जमीन पर सवाल यह है कि क्या भारत इन टेक्नोलॉजी को अपने सिस्टम में तेजी से अपना पाएगा. भारत में रेगुलेशन, लोकल मैन्युफैक्चरिंग और डेटा पॉलिसी जैसे मुद्दे अक्सर किसी विदेशी टेक को अपनाने में देरी करते हैं. कुल मिलाकर यह दौरा एक संकेत देता है कि भारत टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर इजराइल जैसे देशों से सीखना चाहता है. अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इससे तुरंत कोई बड़ा बदलाव आएगा. फिलहाल यह एक शोकेस विजिट है. असली कहानी तब बनेगी जब इन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भारत के अस्पतालों, खेतों और डिजिटल सिस्टम में दिखने लगेगा. तभी यह दौरा केवल तस्वीरों और बयानों से आगे बढ़कर असली असर दिखा पाएगा.

Tejas vs F-35: ऑपरेशन सिंदूर में तेजस की शक्ति, PL-15 मिसाइल का क्षण भर में निष्क्रिय होना

नई दिल्ली बीते साल ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने पाकिस्तान को एक से बढ़कर एक गहरे जख्म दिए थे. लेकिन, 72 घंटे तक चली इस जंग में भारत को भी काफी कुछ सीखने को मिला था. भारत को अपनी कमी को परखने का मौका मिला था. इस जंग में पाकिस्तान ने जिस तरह से भारत के खिलाफ चीनी हथियारों का इस्तेमाल किया, उससे चिंता बढ़नी लाजिमी है. उसने चीनी हथियारों से भारत के सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की. हालांकि भारत के बेहद मजबूत सुरक्षा घेरे ने इन तमाम हथियारों को आसमान में ही तबाह कर दिया था. इस जंग से भारत ने बड़ी सीख ली. सबसे बड़ी सीख यह थी कि भविष्य में पाकिस्तान और चीन को अलग-अलग कर नहीं देखा जाना चाहिए. इस वक्त पाकिस्तान चीन का पूरी तरह पिछलग्गू देश बन चुका है. चीन के लिए भी पाकिस्तान एक बड़ा बाजार बनकर उभरा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय इलाके पर चीनी बीवीआर मिसाइलें पीएल-15 का इस्तेमाल किया था. भारतीय क्षेत्र में इस मिसाइल के मलबे मिले थे. पीएल-15 बेहद आधुनिक बीवीआर मिसाइलें हैं, जिनकी रेंज करीब 250 किमी है. इन मिसाइलों को फाइटर जेट्स से दागा जाता है और ये नजर आने से पहले ही लक्ष्य को भेद देती है. सैन्य एक्सपर्ट मानते हैं कि पाकिस्तान ने चीनी के 4.5 जेन के फाइटर जेट जे-17 से इनको फायर किया होगा. भारत की बीवीआर मिसाइलें खैर, अब इस बात को नहीं विराम देते हैं. दरअसल, आज की कहानी इसी पीएल-15 मिसाइलों से जुड़ी हैं. भारत के पास पीएल-15 के मुकाबले के लिए देसी अस्त्र मार्क-1 मिसाइलें हैं. ये बीवीआर श्रेणी की शानदार मिसाइलें हैं लेकिन, मौजूदा वक्त में इनकी रेंज थोड़ी कम है. अस्त्र मार्क-1 की रेंज करीब 160 किमी है. इसके साथ ही डीआरडीओ इसको एईएसए रडार और डूअल पल्स मोटर टेक्नोलॉजी से लैस कर रहा है. साथ ही भारत अस्त्र मार्क-2 पर भी काम कर रहा है. इसके अलावा अस्त्र मार्क-3 पर भी काम चल रहा है. लेकिन, पीएम-15 के मुकाबले अभी भी ये तकनीकी रूप से थोड़ा पीछे हैं. भारत फ्रांस से खरीदे गए राफेल विमानों में मेटियोर मिसाइलों का इस्तेमाल करता है. ये भी बीवीआर मिसाइलें हैं. इनमें रैमजेट इंजल लगे होते हैं, जिससे ये मिसाइले बेहद हाईस्पीड से वार करती हैं. बावजूद इसके चीन के पीएल-15 और उसके भविष्य के और एडवांस वैरिएंट को तकनीकी रूप से थोड़ी बढ़त हासिल है. ऐसे में भारत अपने पुराने और भरोसेमंद दोस्त रूस के साथ भी आर-37एम बीवीआर मिसाइलों को लेकर बातचीत कर रहा है. ये मिसाइलें 300 किमी तक मार कर सकती हैं. ये वार-टेस्टेड मिसाइलें हैं और ये हर एक मामले में चीनी पीएल-15 और उसके एडवांस वर्जन पीएल-17 को टक्कर देने में सक्षम हैं. तेजस भारत द्वारा निर्मित एक बेहद हल्का 4.5 जेन फाइटर जेट है. इजरायली स्काई स्टिंग मिसाइलें लेकिन, इतना सब होने के बावजूद भारत किसी एक पर निर्भर नहीं रहना चाहता. भारत के पास अपना देसी बीवीआर अस्त्र सीरीज की मिसाइलें हैं. उसके पास राफेल के लिए मेटियोर मिसाइलें है. रूसी आर-37एम को लेकर बातचीत चल रही है. लेकिन, वह एक और सिस्टम की तलाश में है जो और भी एडवांस हो. यह तलाश इजरायली बीवीआर मिसाइल के साथ पूरी होती है. इजरायल के ये बीवीआर मिसाइलें एआई इनेबल्ड हैं. यह 6th जेन की मिसाइलें हैं. यानी दुनिया में अभी इसके टक्कर की बीवीआर मिसाइलें नहीं हैं. ये बेहद हल्क और लंबी दूरी तक वार करने में सक्षम हैं. भारत इन मिसाइलों को अपने देसी हल्के तेजस फाइटर जेट्स में लगाना चाहता है. इसका नाम स्काई स्टिंग है. इसको इजरायल की सरकारी कंपनी राफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम्स (Rafael Advanced Defense Systems) डेवलप कर रही है. अगर यह यह डील हो जाती है तो भारत के हल्के तेजस विमान भी बेहद घातक बन जाएंगे. राफेल एडवांस सिस्टम ने इस स्काई स्टिंग को कुछ इस तरह से डिजाइन किया है जिससे कि वह किसी भी पश्चिमी फाइटर जेट्स के साथ आसानी से लिंक किया जा सके. इसमें अमेरिका की सबसे एडवांस फिफ्थ जेन फाइटर जेट एफ-35 भी शामिल है. हालांकि एफ-35 में इस मिसाइल को इंटीग्रेट करने के लिए जेट की निर्माता कंपनी लॉकहीड मार्टिन से अनुमति लेनी होगी. फिलहाल के लिए इसको भारतीय फाइटर जेट तेजस और सुखोई के साथ इंटीग्रेट करने की बाचतीच चल रही है.