samacharsecretary.com

मौसम विभाग की चेतावनी: लो-प्रेशर बना, आज-कल इन इलाकों में तेज बारिश और अलर्ट जारी

नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी एवं सटे हिंद महासागर पर बने कम दबाव के क्षेत्र की वजह से तमिलनाडु, दक्षिण केरल में 21 व 22 फरवरी (आज और कल) को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम भारत में अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान मे दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में 21 व 22 फरवरी को भारी बारिश होगी। केरल व माहे में 21 व 22 फरवरी को छिटपुट से काफी हल्की से मध्यम बारिश और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के चलने का अनुमान है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल में 21 व 24 फरवरी, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 21 व 23 फरवरी, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, रायलसीमा, तेलंगाना, विदर्भ, छत्तीसगढ़, गंगा तटीय पश्चिम बंगाल में 23 व 24 फरवरी को गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ छिटपुट से काफी हल्की बारिश होगी। अंडमान व निकोबार द्वीप में 23 से 25 फरवरी को बारिश होगी। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 23 फरवरी को और उत्तराखंड में 23 और 24 फरवरी को कुछ स्थानों पर बारिश व बर्फबारी होने वाली है। दिल्ली में गर्मी बढ़ी, अगले हफ्ते 33 डिग्री तक पहुंच सकता है दिन का तापमान वहीं, राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने से धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया कि राजधानी में तेज़ धूप खिलने के साथ न्यूनतम तापमान 14.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 2.4 डिग्री ज़्यादा है। विभाग ने संकेत दिया है कि अगले छह दिनों में तापमान बढ़ने का अनुमान है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री तक ज़्यादा हो सकता है। विभाग के अनुमान के मुताबिक शहर में दिन के तापमान में भी तेज़ी से बढ़ोतरी होने की संभावना है। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री से ज़्यादा बढ़कर अगले हफ़्ते शुक्रवार तक 30 डिग्री के निशान को पार करके 33 डिग्री तक पहुंच सकता है।  

गोवा जाना हुआ आसान: 13 घंटे में पहुंचेगी वंदे भारत, जानें संभावित रूट-टाइमिंग

गोवा बेंगलुरु और गोवा के बीच जल्द शुरू होगी नई वंदे भारत एक्सप्रेस। यशवंतपुर से मडगांव तक का सफर मात्र 13 घंटे में होगा पूरा। जानें नई ट्रेन का संभावित रूट, टाइमिंग और रेलवे बोर्ड के प्रस्ताव की पूरी डिटेल। बेंगलुरु और गोवा के बीच रेल यात्रा जल्द ही और भी सुविधाजनक होने वाली है। मिली जानकारी के अनुसार, इन दोनों लोकप्रिय डेस्टिनेशन के बीच एक नई वंदे भारत एक्सप्रेस (सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन) शुरू होने वाली है। यह नई ट्रेन बेंगलुरु से गोवा तक के सफर को लगभग 13 घंटे में पूरा करेगी। दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR) ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। बोर्ड से प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही नई वंदे भारत के आधिकारिक शेड्यूल का ऐलान कर दिया जाएगा। संभावित रूट और टाइमिंग दक्षिण पश्चिम रेलवे के संभावित टाइमटेबल के अनुसार, इस ट्रेन का रूट मंगलुरु रेलवे क्षेत्र से होकर गुजरेगा। बेंगलुरु से गोवा: यह ट्रेन बेंगलुरु के यशवंतपुर स्टेशन से सुबह 6:05 बजे रवाना होगी और शाम 7:15 बजे गोवा के मडगांव पहुंचेगी। वापसी का सफर (गोवा से बेंगलुरु): वापसी में यह ट्रेन मडगांव से सुबह 5:30 बजे चलेगी और शाम 6:40 बजे यशवंतपुर पहुंचेगी। रूट: प्रस्ताव के मुताबिक, यह ट्रेन मंगलुरु जंक्शन और मंगलुरु सेंट्रल स्टेशनों को छोड़ते हुए पडिल बाईपास के रास्ते आगे बढ़ेगी। रफ्तार बढ़ाने का प्रस्ताव यात्रा के समय को कम करने के लिए रेलवे विभाग ने कुछ सेक्शन पर ट्रेन की गति बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया है। चिक्का बाणावारा से हासन: इस सेक्शन पर ट्रेन की गति 110 किमी/घंटा से बढ़ाकर 130 किमी/घंटा करने का प्रस्ताव है। सकलेशपुर-सुब्रमण्य रोड घाट सेक्शन: इस पहाड़ी क्षेत्र में ट्रेन की गति 30 किमी/घंटा से बढ़ाकर 40 किमी/घंटा करने का सुझाव दिया गया है। रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार रिपोर्ट के मुताबि, एक वरिष्ठ SWR अधिकारी ने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में एक बैठक के दौरान इस वंदे भारत सेवा की योजना की घोषणा की थी। घोषणा के बाद, रेल मंत्रालय ने एक औपचारिक प्रस्ताव मांगा था, जिसे लगभग 20 दिन पहले रेलवे बोर्ड को सौंप दिया गया है। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस प्रस्ताव पर फिलहाल चर्चा चल रही है। इस रूट पर सेवा संचालित करने के लिए दो 'ट्रेनसेट' (रैक) की आवश्यकता होगी और दोनों रैक उपलब्ध होने पर ही इसे लॉन्च किया जा सकेगा। लॉन्च से पहले होंगे ट्रायल रन अंतिम टाइमटेबल तय करने से पहले रेलवे द्वारा इस रूट पर ट्रायल रन आयोजित किए जाएंगे। SWR के अनुसार, इन ट्रायल्स में ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग (AEB) सिस्टम से लैस दो वंदे भारत रैक का उपयोग किया जाएगा। ट्रायल शुरू होने से पहले, हाल ही में विद्युतीकृत किए गए हासन-ठोकुर (मंगलुरु) सेक्शन पर ओवरहेड इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट (OHE) सिस्टम का प्रमाणित होना और चालू होना आवश्यक है।  

मायावती से अखिलेश तक, यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन पर सियासी प्रतिक्रियाएं – मिली थू-थू, लोगों ने पीटा

 लखनऊ  नई दिल्ली में शुक्रवार को एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अर्द्धनग्न प्रदर्शन पर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने बेहद नाराजगी जताई है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं इस कृत्य की निंदा भी की है। बसपा मुखिया मायावती ने कहा कि नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में देश और विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे। यह इवेन्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में था, इस दौरान जिन भी लोगों ने अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निन्दनीय है। मायावती ने कहा कि अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किन्तु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिन्ता की बात है अर्थात अपने देश की गरिमा व इमेज को ना बिगाड़ा जाये तो यह उचित होगा। गौरतलब है कि दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में प्रदर्शन करने वाले भारतीय युवा कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ पुलिस से हाथापाई करने का भी आरोप है। कांग्रेस के 15 कार्यकर्ता आनलाइन रजिस्ट्रेशन कराकर समिट में पहुंचे थे। सभी ने जैकेट पहनी थी। सभी हाल नंबर पांच में पहुंचे और जैकेट निकाल कर पीएम नरेन्द्र मोदी के प्रति विरोध जताने वाले स्लोगन लिखी टीशर्ट दिखाकर नारेबाजी की थी। जिस समय विरोध प्रदर्शन किया गया वहां विदेशी डेलीगेट्स भी मौजूद थे। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी प्रदर्शन के तरीके को अशोभनीय और निन्दनीय बताया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा, "नई दिल्ली में आयोजित ’एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश और विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे. यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह अति-अशोभनीय व निन्दनीय है." उन्होंने कहा अगर यह सम्मेलन अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो अलग बात थी, किन्तु समिट के दौरान ऐसा आचरण करना यह चिन्ता की बात है अर्थात अपने देश की गरिमा व इमेज को ना बिगाड़ा जाये तो यह उचित होगा." तेलुगु देशम पार्टी के नेता और मंगलगिरी के विधायक नारा लोकेश ने भी इस मामले पर एक्स पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा, 'यह अत्यंत चौंकाने वाला और दुखद है कि एक ऐसा प्रमुख वैश्विक मंच, जिसका उद्देश्य भारत की उभरती हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में नेतृत्व को प्रदर्शित करना था, राजनीतिक मुद्दों के कारण बाधित हो गया.' प्रदर्शनकारी यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता लगातार अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और पीएम नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगा रहे थे। पुलिस का दावा है कि कुछ मिनटों में सभी को बाहर कर दिया गया था, इसी दौरान उनसे हाथापाई भी की। एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान शुक्रवार को अर्द्धनग्न प्रदर्शन मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की टीम ने तुरंत वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इनके खिलाफ तिलक मार्ग थाने में केस दर्ज किया गया है।      नई दिल्ली में आयोजित ’एआई इम्पैक्ट समिट’, जिसमें देश व विदेश के भी काफी प्रमुख लोग आमंत्रित थे तथा यह इवेन्ट अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खि़यों में था, इस दौरान जिन भी लोगों द्वारा अर्द्धनग्न होकर अपना रोष प्रकट किया है जिसमें अधिकतर कांग्रेसी युवा बताये जा रहे हैं, वह…

श्रीनगर में CRPF जवानों से भरा बुलेटप्रूफ वाहन नहर में गिरा, 7 जवानों की हालत गंभीर

श्रीनगरः जिले के अहमद नगर इलाके में सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के जवानों से भरा एक बंकर वाहन सड़क से फिसलकर नहर में जा गिरा. इस भीषण सड़क दुर्घटना में सीआरपीएफ की 21वीं बटालियन के सात जवान घायल हो गये हैं. हादसे के बाद घटनास्थल के पास अफरातफरी मच गयी. घटनास्थल पर सुरक्षा बल तैनात हैं. कैसे हुआ हादसा? प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीआरपीएफ का बुलेट-प्रूफ बंकर वाहन अपनी नियमित ड्यूटी पर था. जैसे ही वाहन श्रीनगर के अहमद नगर क्षेत्र में पहुंचा, चालक अचानक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा. चश्मदीदों के मुताबिक, वाहन की रफ्तार और सड़क की स्थिति के कारण बंकर वाहन बुरी तरह से लड़खड़ाया और सीधे सड़क किनारे बहने वाली एक नहर में जा गिरा. स्थानीय लोगों ने दिखाई बहादुरी हादसे के तुरंत बाद वहां मौजूद स्थानीय राहगीरों और निवासियों ने मिसाल पेश की. जैसे ही उन्होंने बंकर वाहन को नहर में गिरते देखा, वे जवानों की मदद के लिए दौड़ पड़े. स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद वाहन के भीतर फंसे सातों जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला. रेस्क्यू के तुरंत बाद, घायलों को उपचार के लिए नजदीकी 'शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज' (SKIMS), सौरा में भर्ती कराया गया. अस्पताल में उपचार और स्वास्थ्य की स्थिति अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों ने जवानों की जांच के बाद राहत भरी खबर दी है. डॉक्टरों का कहना है कि हालांकि जवानों को चोटें आई हैं, लेकिन सौभाग्य से ये चोटें मामूली हैं. वर्तमान में सभी जवानों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं. जांच के घेरे में दुर्घटना इस हादसे के बाद सुरक्षा और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. हालांकि अब तक आधिकारिक तौर पर इस पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की बारीकी से जांच की जाएगी. जांच टीम इस बात का पता लगाएगी कि क्या यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ, चालक की गलती थी या फिर कोई साजिश थी.

सड़क किनारे रखा था धमाके का सामान, जम्मू‑कश्मीर में बड़ी आतंकी साजिश हुई नाकाम, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

श्रीनगर  देशभर में पूजा स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों पर आतंकी हमले की साजिश के अलर्ट के बीच कश्मीर में एक बड़ा हादसा टल गया है। जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में सड़क के किनारे ही इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोजिव डिवाइस (IED) पाया गया है। कोहेस्तान कॉलोनी के पास ही गुलाब शेख मोहल्ले में इसे सड़क के किनारे एक बैग में रखा गया था। हालांकि एजेंसियों को इसकी जानकारी मिल गई और बम निरोधक दस्ते ने पहुंचकर इसे निष्क्रिय कर दिया। एक दिन पहले ही बारामुला जिले के जांबाजपोरा इलाके में आईडी पाया गया था। सेना ने आईईडी मिलने के बाद बड़ी सावधानी से इसे निष्क्रिय कर दिया। सेना का कहना है कि यह आतंकियों की साजिश है। बता दें कि घाटी में सुरक्षाबलों की सतर्कता और एजेंसियों के अलर्ट रहने की वजह से कई हादसे टाले गए हैं। दिल्ली में आतंकी साया दिल्ली में आतंकी खतरे की आशंका संबंधी खुफिया जानकारी मिलने के बाद शनिवार को लाल किले के आसपास के इलाके और चांदनी चौक के कुछ हिस्से सहित राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया था कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटीटी) ने कथित तौर पर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों को हमले वाले स्थानों की सूची में रखा है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने लाल किले के पास संभावित विस्फोट के खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है, जो प्रमुख पर्यटन स्थल और उच्च सुरक्षा वाला क्षेत्र है। मंदिर को भी निशाना बनाया जा सकता है सूत्रों ने बताया कि ऐसी खुफिया सूचना है कि चांदनी चौक स्थित एक मंदिर को भी निशाना बनाया जा सकता है। सूत्रों ने कहा कि खुफिया जानकारी का सत्यापन और उनका आकलन किया जा रहा है। इसी के मद्देनजर संवेदनशील धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया है कि लश्कर-ए-तैयबा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) आधारित हमले को अंजाम देने की कोशिश कर सकता है। सूत्रों के अनुसार, हमले की यह कथित साजिश आतंकी समूह द्वारा छह फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक मस्जिद में हुए विस्फोट का बदला लेने के प्रयासों से जुड़ी है। सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय एजेंसियां ​​और दिल्ली पुलिस की इकाइयां आपस में करीबी समन्वय बनाए हुए हैं और सीसीटीवी निगरानी, ​​वाहनों की जांच व संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती के माध्यम से निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने बताया कि बम निरोधक दस्ते, खोजी दस्ते और त्वरित प्रतिक्रिया दल भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात किए गए हैं। यह चेतावनी 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुए घातक कार विस्फोट की पृष्ठभूमि में जारी की गई है। विस्फोट में कम से कम 13 लोग मारे गए थे और 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवाओं को सूचित करने का आग्रह किया है। अधिकारियों ने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है और ये उपाय एहतियात के तौर पर किए गए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि आगे की जानकारी जुटाने और प्राप्त सूचनाओं की पुष्टि की जा रही है।

25‑50% से घटकर 18% और अब 10%: अमेरिकी टैरिफ में बदलाव, भारत को मिली राहत

नई दिल्ली अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दुनिया के तमाम देशों के खिलाफ लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया है. इसके बाद भारत को भी बड़ी राहत मिली है. इस टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अन्य नियम के तहत तमाम देशों पर 10 फीसदी टैरिफ की घोषणा की. ऐसे में यह सवाल उठ रहा था कि भारत जैसे देश जो अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर सहमति बना चुके हैं, उनके प्रोडक्ट को इस नए टैरिफ में जगह मिलेगी या नहीं. लेकिन, कुछ ही देर बाद अमेरिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ट्रेड डील कर चुके या इस पर सहमति बना चुके तमाम देशों पर भी अब एक समान 10 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा. इससे पहले ट्रेड डील के तहत भारतीय प्रोडक्ट पर अमेरिका ने 18 फीसदी टैरिफ लगाने की बात कही थी. व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने हमारी सहयोगी बिजनेस न्यूज टीबी चैनल ‘सीएनबीसी’ को स्पष्ट किया कि भारत पर टैरिफ दर 18 से घटकर 10 फीसदी हो गई है. यह ट्रंप के नए 10 फीसदी वैश्विक टैरिफ की व्याख्या करता है. सीएनबीसी के संवाददाता एमॉन जावेर्स ने भारत समेत तमाम ट्रेड डील वाले देशों का 10 फीसदी टैरिफ पर विवरण दिया है. वियतनाम को सबसे ज्यादा फायदा ट्रेड डील के तहत अमेरिका ने यूरोपीय संघ पर 15 फीसदी, जापान पर 15 फीसदी, ब्रिटेन पर 10 फीसदी और भारत पर 18 फीसदी टैरिफ लगाया था. स्विट्जरलैंड पर 15 फीसदी, दक्षिण कोरिया पर 15 फीसदी और वियतनाम पर 20 फीसदी टैरिफ की बात कही गई थी. इन सभी देशों या संघों के साथ अमेरिका ने ट्रेड डील कर ली है या फिर डील पर सहमति बन गई है. लेकिन, अब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप के नए आदेश में सभी देशों पर 10 फीसदी टैरिफ की बात कही है. ऐसे में इस आदेश का सबसे ज्यादा फायदा वियतनाम को मिलने वाला है जिसको 20 फीसदी टैरिफ देना था. भारत के प्रोडक्ट्स के खिलाफ टैरिफ 18 से घटकर 10 फीसदी पर आ गया है. भारत अब कितना टैरिफ देगा भारत की करें, तो पहले अमेरिका ने 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था और फिर इसे 50% किया था, लेकिन India-US Trade Deal पर बात बनते ही इसे 18% पर ला दिया गया. अब जबकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने Trump Tariff को गैरकानूनी करार दिया है, तो ट्रंप ने 10% ग्लोबल टैरिफ का ऐलान कर दिया, ऐसे में भारत पर अब कितना टैरिफ लागू होगा, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. ये 18% रहेगा, 10% होगा या फिर 13.5% आइए समझते हैं?  भारत पर ऐसे बढ़ता-घटता रहा US टैरिफ US Supreme Court द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ को रद्द करने के बाद, भारत को अपने अमेरिकी निर्यात पर कितना टैरिफ देना होगा, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है. भारत पर अमेरिकी टैरिफ बढ़ता घटता रहा है. Donald Trump ने बीते साल अप्रैल में जब दुनिया पर टैरिफ अटैक (Trump Tariff Attack) की शुरुआत की थी, तो शुरुआत में भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया गया था. इसके बाद अचानक ट्रंप ने भारत पर लागू टैरिफ को दोगुना करते हुए अगस्त में 50% कर दिया था और इसके पीछे कारण भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद (India Russian Oil Import) को बताया था. ऐसा करके यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद की बात कहते हुए भारत पर जुर्माने के तौर पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया गया था.  अमेरिका में हलचल हालांकि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत के साथ ट्रेड डील है और उसके प्रोडक्ट पर 18 फीसदी टैरिफ लगता रहेगा. लेकिन, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 10 फीसदी टैरिफ वाला नया आदेश सभी देशों पर लागू होगा. इसमें वे देश भी शामिल हैं जिनके साथ हमारा ट्रेड डील है.  डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले को अवैध करार दिए जाने के बाद अमेरिका में हलचल तेज है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पूरी दुनिया के कारोबार जगह में उथल-पुथल मच गया है. पूरी रात अमेरिका से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर रिएक्शन आते रहे. अब 18%, 10% या फिर 13.5%?  अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा Trump Reciprocal Tariff को रद्द किया गया है और अदालत ने साफ कहा है कि ट्रंप करीब 50 साल पुराने अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) का इस्तेमाल करते हुए शांति काल में टैरिफ नहीं लगा सकते. इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत को 18% या फिर 10% टैरिफ देना होगा. या फिर देश पर लागू US Tariff 13.5% होगा. तो बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत पर लगाए गए 18% के पारस्परिक टैरिफ का कानूनी आधार प्रभावी रूप से समाप्त हो जाता है. कानूनी फेरबदल के बाद 18% टैरिफ रद्द होने की स्थिति में भारत पर US Tariff महज 3.5% रह जाता है, जो कि ट्रंप के फैसलों से पहले भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा प्राप्त होने के कारण चुकाना पड़ रहा था. हालांकि, दूसरी ओर कोर्ट के फैसले से भड़के ट्रंप ने आनन-फानन में 10% के ग्लोबल टैरिफ को तत्काल लागू करने के लिए धारा 122 का इस्तेमाल किया, जो रद्द किए गए टैरिफ की जगह लेगा. ऐसे में देखा जाए तो 10% का अतिरिक्त टैरिफ जुड़ने के बाद ये US Tariff On India 13.5% हो जाता है.  ट्रंप ने भारत पर टैरिफ को लेकर क्या कहा?  बता दें कि Donald Trump ने सुप्रीम कोर्ट में मिली हार के बाद जिस धारा 122 का इस्तेमाल करते हुए 10% Global Tariff लागू किया है, वह अमेरिकी राष्ट्रपति को 150 दिनों के लिए 15% तक का शुल्क लगाने का अधिकार देती है, लेकिन इस टाइमलाइन के बाद उन्हें कांग्रेस की मंजूरी लेनी होती है. भारत को लेकर ट्रंप ने एक बयान में कहा है कि India पर टैरिफ पहले से तय ट्रेड डील के अनुसार 18% ही रहेगी, लेकिन उनके इस दावे पर व्हाइट हाउस ने बाद में स्पष्ट कर दिया कि कानूनी तौर पर फिलहाल भारत पर 10% टैरिफ लगाया जाएगा.

तारिक रहमान बने बांग्लादेश PM, भारत से जुड़ा अहम फैसला और यूनुस के फरमान को किया पलट

ढाका  बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भारत के साथ रिश्ते को बेहतर करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने शुक्रवार (20 फरवरी 2026) को भारत के लोगों के लिए वीजा सेवाएं फिर से बहाल कर दी है, जिन्हें मोहम्मद यूनुस की सरकार ने करीब दो महीने पहले सस्पेंड कर दिया था. भारत-बांग्लादेश वीजा सर्विस बहाल भारतीय नागरिकों के लिए सभी कैटेगरी के वीजा बहाल कर दिए गए हैं, जिनमें मेडिकल और पर्यटन वीजा भी शामिल हैं. पिछले साल दिसंबर में बिजनेस और वर्क वीजा पर रोक नहीं लगाई गई थी. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार (20 फरवरी) सुबह सेवाएं बहाल कर दी गईं. बीएनपी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के तीन बाद ये फैसला लिया गया, जो दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में सुधार का संकेत है. क्या भारत भी बहाल कर सकता है वीजा सर्विस? बांग्लादेश के सिलहट में भारत के वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने गुरुवार (19 फरवरी 2026) को बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों के लिए भी सभी वीजा सेवाएं पूरी तरह बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. बीडी न्यूज24 के अनुसार उन्होंने कहा, 'मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा वर्तमान में जारी किए जा रहे हैं. ट्रेवल सहित अन्य कैटेगरी वीजा को फिर से शुरू करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.' उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश संबंध आपसी सम्मान और साझा हितों पर टिकी है.' उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी प्रकार के भारतीय वीजा सामान्य रूप से जारी होने लगेंगे. बांग्लादेश में भारतीय हाई कमीशन पर हुआ था हमला तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद बांग्लादेश नए राजनीतिक दौर में प्रवेश कर गया है. बांग्लादेश में कट्टरपंथी राजनीतिक कार्यकर्ता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा हो गया था. दिसंबर 2025 में राजनयिक तनाव के मद्देनजर दोनों देशों के बीच कांसुलर और वीजा सेवाएं रोक दी गई थीं. सिंगापुर में इलाज के दौरान हादी की मौत की सूचना मिलने के बाद 18 दिसंबर की रात प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने चटगांव में भारतीय सहायक उच्चायोग के सामने प्रदर्शन किया और पत्थर फेंके थे. इसके बाद भारत ने वहां 21 दिसंबर से अगले आदेश तक कामकाज निलंबित कर दिया.  

रिस्की ऐप्स पर बड़ी कार्रवाई: AI की मदद से Google ने बचाए करोड़ों यूजर्स

नई दिल्ली गूगल ने गुरुवार को 2025 में एंड्रॉयड इकोसिस्टम को सिक्योर रखने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी है. अपने ऐनुअल सिक्योरिटी अपडेट में कंपनी ने बताया कि कैसे गूगल प्ले को सुरक्षित बनाने के लिए लाखों ऐप्स को ब्लॉक किया गया है. कंपनी ने लाखों ऐसे ऐप्स को ब्लॉक किया है जो मालवेयर फैला सकते थे.  इतना ही नहीं ये ऐप्स फाइनेंशियल फ्रॉड्स, छिपे हुए सब्सक्रिप्शन और प्राइवेसी में दखल के जरिए यूजर्स को नुकसान पहुंचा सकते थे. इससे पहले किसी यूजर को कोई नुकसान हो गूगल ने इन्हें अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया है. कंपनी ने बताया है कि उन्होंने AI टूल की मदद से ऐसे ऐप्स को पहचाना है.  17.5 लाख ऐप्स को किया ब्लॉक गूगल ने बताया कि 2025 में 17.5 लाख ऐप्स को Google Play पर पब्लिश होने से पहले ही ब्लॉक कर दिया गया है, क्योंकि उन्होंने कंपनी की पॉलिसी का उल्लंघन किया था. कंपनी ने इसकी जानकारी 19 फरवरी को रिलीज हुए ब्लॉक में दी है. साथ ही कंपनी ने 80 हजार डेवलपर्स को भी बैन किया है, जो ऐसी एक्टिविटी से जुड़े हुए थे.  दिग्गज टेक कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने 2,55,000 ऐप्स को यूजर के सेंसिटिव और गैरजरूरी डेटा तक पहुंचने से रोका है. गूगल ने अपनी प्राइवेसी पॉलिसी को मजबूत किया है और प्राइवेसी फॉर्वर्ड डेवलपमेंट को प्रमोट करने की बात कही है.  AI कैसे कर रहा है गूगल की मदद? ऐप डिस्कवरी में लोगों के भरोसे को बनाए रखने के लिए गूगल ने एंटी-स्पैम सिस्टम को बेहतर किया है. इसकी वजह से 16 लाख स्पैम रेटिंग और रिव्यूज को ब्लॉक किया गया है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड रिव्यूज भी शामिल हैं. इसके अलावा रिव्यू बॉम्बिंग कैपेन की वजह से ऐप्स को होने वाले नुकसान को भी कम किया गया है.  कंपनी का कहना है कि इससे यूजर्स और डेवलपर्स दोनों को फायदा हुआ है. कंपनी ने बताया है कि उसका जेनरेटिव AI पावर्ड रिव्यू सिस्टम किसी ऐप को कैसे एनालाइज करता है. ये सिस्टम किसी ऐप की अर्ली लाइफ साइकिल डेवपलमेंट को एनालाइज करने, मैलवेयर, स्पाईवेयर और फाइनेशियल स्कैम को डिटेक्ट करने में मदद करता है.

भिवंडी कोर्ट में राहुल गांधी की पेशी, RSS केस में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दिखाए काले झंडे

ठाणे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार को ठाणे जिले के भिवंडी में मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश हुए. राहुल ने मानहानि केस में नया जमानत दिया. उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल को नए जमानतदार के तौर पर पेश किया. इससे पहले, भिवंडी मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राहुल गांधी से केस में नया जमानत देने को कहा था, क्योंकि पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल, जो उनके जमानतदार या गारंटर थे, का पिछले साल दिसंबर में निधन हो गया था. राहुल गांधी के वकील नारायण अय्यर ने पहले कहा था कि जज ने राहुल गांधी को खास तौर पर नए जमानत से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए खुद कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया था. क्योंकि शिवराज पाटिल चाकुरकर, जो उनके मौजूदा जमानतदार थे, की 12 दिसंबर को मौत हो गई थी. जब राहुल गांधी को इस मामले में जमानत मिली थी, तो पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल उनकी जमानत के लिए खड़े हुए थे. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को दिखाए काले झंडे वहीं, कोर्ट में पेशी के लिए राहुल गांधी जब मुंबई पहुंचे तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने इसे एआई समिट में यूथ कांग्रेस के विरोध का जवाब बताया. राहुल गांधी सुबह छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे और कोर्ट में पेश होने के लिए सड़क के रास्ते ठाणे जिले के भिवंडी गए. बीजेपी समर्थकों के एक ग्रुप ने मुलुंड टोल नाका पर विरोध प्रदर्शन किया और उनके खिलाफ नारे लगाए. हालांकि, पुलिस ने कांग्रेस नेता के दौरे के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे ताकि भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी टकराव को रोका जा सके. पत्रकारों से बात करते हुए, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल का विरोध करते हैं और उन पर देश की छवि खराब करने का आरोप लगाया. एक प्रदर्शनकारी ने कहा, "राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री के हर काम का विरोध करते हैं. देश से जुड़े मुद्दों पर भी. यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने AI समिट में नारे लगाए, जिससे भारत की छवि खराब हुई. इसीलिए हमने उनके खिलाफ विरोध किया." इस बीच, कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने बीजेपी के विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया. सावंत ने सत्ताधारी बीजेपी पर ड्रामा करने का आरोप लगाया. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में महाराष्ट्र और देश के किसानों के हितों को दांव पर लगाकर उनके भविष्य से समझौता किया है. राहुल के खिलाफ मानहानि का केस राहुल के बयानों को लेकर एक RSS कार्यकर्ता राजेश कुंते ने उनके खिलाफ मानहानि का केस किया है. राजेश कुंते ने कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई कि कांग्रेस नेता राहुल ने 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान सोनाले गांव में एक रैली में कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था. कुंते ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 (मानहानि) के तहत अपनी शिकायत में कहा कि इस झूठी टिप्पणी से आरएसएस की छवि धूमिल हुई है. ट्रायल के दौरान कुंते का क्रॉस-एग्जामिनेशन और पुनर्परीक्षा खत्म हो गया है. इसस पहले, सुनवाई 20 दिसंबर, 2025 को होनी थी, लेकिन नए जमानतदार की जरूरत के कारण इसे 17 जनवरी तक के लिए टाल दिया गया था. 17 जनवरी को मजिस्ट्रेट ने मामले को 21 फरवरी तक के लिए आगे बढ़ा दिया.

भारत में घुसी ईरानी टैंकर की चालाकी, पाकिस्तानी सीमा में छुपकर हुआ था प्रवेश

मुंबई  भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने 6 फरवरी को भारत के पश्चिमी तट के पास ईरान से जुड़े जिन तीन प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त किया, उनमें से एक जहाज के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है. दर्ज एफआईआर के अनुसार, इन टैंकरों में से एक जहाज एमटी एस्फाल्ट स्टार कई दिनों तक पाकिस्तान के समुद्री क्षेत्र में अपनी ट्रैकिंग सिस्टम बंद रखे हुए था. जब्त किए गए तीन जहाजों के नाम MT Asphalt Star, MT Stellar Ruby और MT Al Jafzia हैं. इन पर ईरान से जुड़े तेल की तस्करी और अवैध गतिविधियों का आरोप है. भारतीय तटरक्षक ने 4-5 फरवरी को इन जहाजों की संदिग्ध शिप-टू-शिप ट्रांसफर गतिविधियों का पता लगाया और उन्हें मुंबई लाकर जांच के लिए रखा. कुल 55 क्रू मेंबर्स इन जहाजों पर सवार थे. रिपोर्ट के मुताबिक, 15 फरवरी को येलो गेट पुलिस स्टेशन में तटरक्षक कमांडेंट अनिरुद्ध धर्मपाल दबाश की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई. इसमें नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें तीनों जहाजों के मालिक अबू धाबी (यूएई) स्थित भारतीय नागरिक जोगिंदर सिंह बरार शामिल हैं. एस्फाल्ट स्टार के कप्तान श्याम बहादुर चौहान और एक क्रू मेंबर को तेल तस्करी तथा जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. एफआईआर के अनुसार, एमटी एस्फाल्ट स्टार के इलेक्ट्रॉनिक चार्ट डिस्प्ले एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (ECDIS) डेटा की जांच में पाया गया कि 20 जनवरी से 28 जनवरी तक यह जहाज पाकिस्तान की विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में प्रवेश कर गया था. 28 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे जहाज ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS), वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (VHF) और सभी सेंसर बंद कर दिए, जिससे उसकी पहचान छिपाई गई और संदिग्ध गतिविधियां की गईं. कप्तान ने पूछताछ में कहा कि जहाज का वॉयेज डेटा रिकॉर्डर सिस्टम खराब हो गया था. तीनों जहाजों ने AIS स्पूफिंग (झूठी लोकेशन दिखाना) और फर्जी पहचान डेटा का इस्तेमाल करके जांच से बचने की कोशिश की. एफआईआर में कहा गया है कि एमटी अस्फाल्ट स्टार ने भारतीय महासागर की ईईज़ेड में बिना किसी भारतीय सरकारी अधिकारी को सूचित किए एमटी अल जफजिया को 30 मीट्रिक टन हेवी फ्यूल ऑयल ट्रांसफर किया. साथ ही, एमची स्टेलर रूबी को 5473 मीट्रिक टन बिटुमेन (सड़क निर्माण के लिए इस्तेमाल) ट्रांसफर किया गया. जोगिंदर सिंह बरार ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनके जहाज संकट में फंसे अन्य जहाजों को आवश्यक आपूर्ति प्रदान कर रहे थे तथा कोई अवैध गतिविधि नहीं की गई. उन्होंने भारतीय अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है. यह कार्रवाई ईरान से जुड़े ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त जहाजों के नेटवर्क) के खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंधों का समर्थन करने वाली भारत की बढ़ती सतर्कता का हिस्सा मानी जा रही है. तटरक्षक ने भारतीय EEZ में निगरानी बढ़ा दी है और अवैध तेल व्यापार पर सख्ती बरती जा रही है. जांच जारी है और आरोपी जहाज मुंबई में लंगर डाले हुए हैं.