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यूपी में शिक्षकों की नियुक्ति पर CM योगी का सख्त संदेश, बोले- लेनदेन करने वालों पर होगी कार्रवाई

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों को मंगलवार को नियुक्ति पत्र दिए। इस मौके पर उन्होंने दो टूक कहा कि यदि नियुक्ति पत्र पाने वालों से किसी ने पैसे मांगे तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। सीएम ने कहा कि किसी भी शिक्षक को ज्वाइनिंग में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रबंधक की कोई जिज्ञासा है तो वह शासन के सामने अपनी बात रखे, लेकिन नियुक्ति पत्र प्राप्त होने के बाद यदि किसी प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता या शिक्षक से किसी ने लेनदेन की बात की तो उसे जेल में सड़ना पड़ेगा। हमें सख्त सख्त कार्रवाई पर मजबूर होना पड़ेगा। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि आज 3,567 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं और पिछले एक सप्ताह में वह 5,297 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित कर चुके हैं। पिछले नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। हमने सैफई सिंडिकेट से कहा है कि हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे, वे गिनते जाएं। सीएम ने तंज कसा कि यदि गिनती नहीं आती हो तो शिवपाल जी के सानिध्य में बैठ जाएं, बहुत अच्छी गिनती सीख जाएंगे। सीएम योगी ने पूर्ववती सपा सरकार पर सियासी वार करते हुए कहा कि अब कोई सैफई सिंडिकेट प्रतिभावान छात्रों के हितों पर डकैती डालने का दुस्साहस नहीं कर सकता। इसीलिए उत्तर प्रदेश पुलिस में अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को आयोग और बोर्डों की दिशा-दशा सुधारने का दायित्व दिया गया है। पहले युवाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया जाता था। लेकिन, अब नियुक्ति पाने वाले किसी भी अभ्यर्थी से पैसे की मांग करने वाले को जेल में सड़ना पड़ेगा। सीएम योगी का आरोप, 2015-16 में घूसखोरी का शिकार बने युवा सीएम योगी ने हाल में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले एक नौजवान के इंटरव्यू का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस युवक की आंखों में आंसू भरे थे और उसने बताया कि 2015-16 में भी उसने इस पद के लिए आवेदन किया था। उससे आठ लाख रुपये की मांग की गई थी। वह खेत बेचकर पैसा लेकर आया, लेकिन तब तक उससे अधिक पैसा देने वाला दूसरा व्यक्ति आ गया और वह नौकरी से वंचित रह गया। आज उसका सपना साकार हुआ है और जिस पद के लिए उसने आवेदन किया था, उसी पद पर उसे नियुक्ति मिल गई है। पूरी प्रक्रिया निरस्त की गई और उस युवा को नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि नौ साल में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले छह महीने के अंदर एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं। जब लोग परिणाम पूछते हैं तो मैं कहता हूं कि परिणाम यह है कि जो उत्तर प्रदेश नौ वर्ष पहले बीमारू राज्य कहा जाता था, आज भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना हुआ है। बॉटम फाइव से टॉप-थ्री में आया है। उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने और प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता मिली है। यही युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा है। एक शिक्षक 100 छात्रों से संवाद करे सीएम योगी ने कहा कि यदि एक शिक्षक प्रतिवर्ष 100 छात्रों के साथ इंटरेक्शन करता है तो 3,567 शिक्षक एक वर्ष में 3.5 लाख से अधिक बच्चों के साथ संवाद और उनका मार्गदर्शन करेंगे। बच्चों को गाइड करना, उनका मार्गदर्शन करना ही नए भारत की आधारशिला है। भारत तब विश्वगुरु था, जब वह दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों का संचालन करता था। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय भारत की धरोहर रहे हैं। यह धरोहर पहले से मौजूद है, केवल उसे पहचानने और जानने की आवश्यकता है। सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर दे सकती है, लेकिन उस इंफ्रास्ट्रक्चर पर गति कैसे होनी चाहिए, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेगा। सरकार उद्योग लगाने का माहौल दे सकती है और उद्योग लगाने में मदद कर सकती है, लेकिन वह उद्योग इनोवेशन और रोजगार का आधार बनेगा या नहीं, यह प्रशिक्षित छात्र तय करेंगे। सरकार लैब बना सकती है, लेकिन वह लैब बेहतरीन शोध का आधार बने और छात्र उसके योग्य बनें, यह शिक्षक द्वारा प्रशिक्षित विद्यार्थी तय करेंगे। जब यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, तभी आत्मनिर्भर और विकसित भारत की संकल्पना पूरी होगी।

UP Rise 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के आइडिया को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

यूपी राइज 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के विचारों को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए किया गया प्रेरित ‘संवाद, संकल्प, सफलता’ थीम पर विद्यार्थियों ने पेश किए नए कारोबारी विचार ‘ट्रैवल देखो’ दूसरे और ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट’ लिमिटेड तीसरे स्थान पर रही बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को युवाओं तक पहुंचाने के लिए इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में ‘यूपी राइज-2026’ का आयोजन किया गया। संवाद, संकल्प, सफलता’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने स्टार्टअप व नए व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने पहला स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में युवाओं को केवल सरकारी या निजी नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। मुख्य अतिथि अध्ययन फाऊंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें नए भारत की मजबूत नींव बताया। कहा कि युवाओं में नए विचारों और नवाचार की कमी नहीं है। आवश्यकता अपने विचार पर विश्वास करने, सही मार्गदर्शन लेने और उसे धरातल पर उतारने की है। शक्ति क्षेत्र में युवाओं ने लिखे आत्मनिर्भर यूपी के सपने विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए आयोजन स्थल पर विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ बनाया गया। यहां छात्र-छात्राओं ने पर्चियों पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने विचार और सपने लिखकर साझा किए। युवाओं ने बताया कि वे अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान देना चाहते हैं। कार्यक्रम में घूमते पहिये पर आधारित मनोरंजक गतिविधि भी आकर्षण का केंद्र रही। तत्काल तस्वीर निकालकर देने की व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों में खास उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान 300 से अधिक तस्वीरें निकालकर छात्र-छात्राओं को दी गईं। सक्रिय भागीदारी करने वाले 200 विद्यार्थियों को मिले उपहार कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन और सक्रिय भागीदारी करने वाले करीब 200 विद्यार्थियों को विशेष उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। इनमें डायरी, कपड़े के थैले, टी-शर्ट और डेटा सुरक्षित रखने वाले छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल रहे। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले मेंटर्स और प्रतियोगिता के निर्णायकों को भी स्मृति चिह्न, कॉफी मग और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल को 12 प्रचार पट्टिकाओं, छह बड़े प्रचार पटों, 10 दिशा-सूचक पट्टों और भव्य प्रवेश द्वार से सजाया गया था। मिष्टी, आशु, अन्नू और सचिन ने संभाली आयोजन की कमान आयोजन में विद्यार्थियों के नेतृत्व कौशल को विकसित करने पर भी जोर दिया गया। विश्वविद्यालय के चार विद्यार्थियों मिष्टी, आशु गुप्ता, अन्नू गंगवार और सचिन गंगवार को महाविद्यालय प्रतिनिधि बनाया गया। चारों विद्यार्थियों ने पंजीकरण से लेकर अतिथियों के प्रबंधन, मंच के आसपास की व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन तक में सक्रिय भूमिका निभाई।  ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों के कारोबारी विचारों का नवाचार, उपयोगिता और रोजगार सृजन की संभावनाओं के आधार पर मूल्यांकन किया गया। ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने निर्णायकों को प्रभावित करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। ‘ट्रैवल देखो’ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट लिमिटेड’ तीसरे स्थान पर रही। आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपने विचारों को कारोबार में बदलने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

होमगार्ड भर्ती प्रशिक्षण की तैयारी तेज, 41,424 अभ्यर्थियों के लिए खरीदे जाएंगे 10 लाख+ कारतूस

योगी सरकार 41,424 हजार होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए खरीदेगी 10 लाख से अधिक कारतूस – 3 करोड़ 55 लाख रुपये की कीमत से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के लिए खरीदे जाएंगे कारतूस – ट्रेनिंग के लिए कारतूस के साथ 1 करोड़ 44 लाख की कीमत से खरीदी जाएंगी 5.56 एमएम की 155 एसएलआर राइफल – सितंबर के अंत तक जारी हो जाएगा 41,424 हजार होमगार्ड भर्ती का रिजल्ट, नवंबर से होगी ट्रेनिंग – रिजल्ट जारी होने के बाद अक्टूबर में पूरी कर ली जाएगी मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया -नव चयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों की फरवरी में फील्ड में कर दी जाएगी तैनाती लखनऊ, योगी सरकार 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 5.56 एमएम राइफल के 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदने जा रही है। यह खरीदारी एसटीएफ के माध्यम से होमगार्ड विभाग करेगा। इसके लिए 3 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे। यह उत्तर प्रदेश में पहली बार है, जब होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जा रहे हैं। वर्तमान में होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया चल रही है। इन सभी की शारीरिक दक्षता परीक्षा अंतिम चरण में है। वहीं होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों का रिजल्ट जारी होने के बाद 7,600 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।  अंतिम दौर में शारीरिक दक्षता परीक्षा   डीजी होमगार्ड ध्रुवकांत ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके तहत पुलिस और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत होमगार्ड विभाग में 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। वर्तमान में अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) चल रही है, जो अंतिम दौर में है। सितंबर के अंत तक भर्ती का परिणाम जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी करने का लक्ष्य है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नवंबर में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से खरीदी जाएंगी 155 एसएलआर राइफल   डीजी होमगार्ड डीके ठाकुर ने बताया कि नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग नवंबर से शुरू किए जाने की तैयारी है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें होमगार्ड की जिम्मेदारियों, अनुशासन, कानून-व्यवस्था में सहयोग, आपदा एवं आपात परिस्थितियों में भूमिका के साथ-साथ हथियार संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जाएंगे। इसके लिए करीब 3 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से एसटीएफ के माध्यम से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के कारतूस खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग एसटीएफ के माध्यम से कारतूस के साथ करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से 155 एसएलआर राइफल भी खरीदेगा। नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को 90 दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी, जो नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। वहीं अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग को जनवरी में पूरा कर लिया जाएगा और फरवरी में नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों को फील्ड में तैनाती दे दी जाएगी। बॉक्स जल्द होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जारी किया जाएगा विज्ञापन डीजी होमगार्ड ने बताया कि होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के कुल 1,18,348 पद हैं। वर्तमान में 69,324 कार्यरत हैं। वर्तमान में भर्ती बोर्ड की ओर से 41,424 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके बाद भी निर्धारित पदों के अनुसार 7,600 पद रिक्त हैं।

नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार

नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार पहले की सरकारों में रद्द हो जाती थीं परीक्षाएं, योगी सरकार में मिला नियुक्त पत्र: ममता मौर्या योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव मिल रहे रोजगार के अवसर: आंचल शुक्ला पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को योगी सरकार ने किया खत्म: गोपाल प्रजापति लखनऊ  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर खिल उठे। पारदर्शी और त्वरित चयन प्रक्रिया के लिए उन्होंने योगी सरकार की खुलकर सराहना की। अभ्यर्थियों ने कहा कि निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए युवाओं को यह अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी प्रकट किया। आंचल शुक्ला ने बताया कि उनकी नियुक्ति अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज टाउनहॉल वाराणसी में कला विषय, प्रवक्ता (पीजीटी) के पद पर हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका बड़ा सपना पूरा हुआ है। योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। योगी सरकार ने महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी सुरक्षा के माहौल से महिलाओं की प्रदेश में भागीदारी बढ़ी है। पिछली सरकारों में रद्द हो जाती थी परीक्षाएं ममता मौर्या ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। वह 2005 में एमए करने के बाद से इसके लिए प्रयास कर रही थीं। पहले बार-बार परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं या लंबे समय तक परिणाम नहीं आता था। आज योगी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है कि परीक्षा में सफल होने के साथ ही नियुक्ति-पत्र भी मिल गया। इतने लंबे इंतजार के बाद चयनित होने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इसके लिए वह योगी सरकार का आभार व्यक्त करना चाहती हैं। टीजीटी गणित के पद पर चयनित मऊ के शिवम बरनवाल ने नियुक्ति-पत्र मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बिना रिश्वतखोरी, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। योगी सरकार ने खत्म की अव्यवस्था गोपाल प्रजापति ने बताया कि उनका चयन श्री वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में प्रवक्ता (पीजीटी) रसायन विज्ञान के पद पर हुआ है। योगी सरकार की त्वरित प्रक्रिया से उनका पूरा परिवार उत्साहित और खुश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को खत्म कर व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से मिल रहे हैं। कुमारी ऊषा सिंह ने बताया कि उनका चयन पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज, गोरखपुर में गृह विज्ञान सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सकी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर वह और उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री की अपेक्षानुसार वह अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। हजारों अभ्यर्थियों को मिला सीधा लाभ अमेठी के शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। उन्होंने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की सराहना की। कहा कि चयन प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधे लाभ मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से जिस ईमानदारी की अपेक्षा की है, उसे वह पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे।

निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर जोर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नवचयनित युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र

लखनऊ  छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महज चार दिन में तीन बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए 5,297 युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ा है। 19 सितंबर को स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास विभाग से शुरू हुआ नियुक्तियों का सिलसिला अगले दिन पुलिस और मंगलवार को शिक्षा विभाग तक पहुंचा। तीनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री योगी ने खुद नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।   आंकड़े भी जॉब कैलेंडर की रफ्तार बता रहे हैं। 19 सितंबर को 818 नियुक्तियां हुईं। अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। एक दिन के अंतराल के बाद मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक साथ 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके साथ चार दिन में नियुक्तियों का आंकड़ा 5,297 पहुंच गया।   पहले 818, अगले दिन 912 को नियुक्ति 19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, रीडर और प्रवक्ता के अलावा एमएसएमई और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित युवा शामिल रहे।   अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में 912 नियुक्तियां हुईं। इनमें 259 पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, 449 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और 204 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा शामिल हैं।   तीसरे कार्यक्रम में 5,297 पहुंचा आंकड़ा मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीसरा और चार दिनों का सबसे बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति मिली।   इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। चयनित अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल हैं।   नौकरी के साथ पारदर्शी भर्ती का संदेश लगातार हो रहे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती का संदेश भी दे रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि नियुक्ति मिलने के बाद किसी शिक्षक से पैसे मांगने की शिकायत मिली तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए।   5,297 के बाद अब एक लाख पर नजर सरकार के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस और होमगार्ड समेत विभिन्न विभागों की भर्तियां भी इसी रोजगार महाभियान का हिस्सा हैं।   चार दिन में तीन बड़े कार्यक्रम और 5,297 नियुक्तियां जॉब कैलेंडर की शुरुआती तस्वीर हैं। अब अगले छह महीने में अलग-अलग विभागों की भर्तियों और नियुक्ति पत्र वितरण के जरिए एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बांटे नियुक्ति पत्र, मंच पर 12 अभ्यर्थियों को सौंपे पत्र

लखनऊ  प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को मंगलवार को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें से 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे।   नियुक्ति पाने वालों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। इन सभी का चयन आयोग की ओर से पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए किया गया है।   नौ वर्षों में 48 हजार से अधिक को नियुक्ति माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षक के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों और माध्यमिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।   इन 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री से मंच पर नियुक्ति पत्र पाने वालों में डीएवी इंटर कॉलेज कानपुर नगर के प्रधानाचार्य राम सिंह और इंटर कॉलेज बीरा पट्टी वाराणसी के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।   प्रवक्ता पद पर चयनित अग्रसेन कन्या कॉलेज वाराणसी की आंचल शुक्ला, केडीईएम इंटर कॉलेज बरेली के अनुराग श्रीवास्तव, जिला पंचायत इंटर कॉलेज उग्रसेन प्रयागराज की प्रज्ञा सिंह, वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज आजमगढ़ के गोपाल प्रजापति और दीप चंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शादाब को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।   सहायक अध्यापक के पद पर चयनित पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज गोरखपुर की उषा सिंह, जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज संभल के आकाश कुमार, लाला राम स्वरूप शिक्षण संस्थान लखनऊ की रीना यादव, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झांसी की सोनम त्रिपाठी और नेहरू इंटर कॉलेज कुशीनगर के अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।

एक सप्ताह में 5,297 युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र, नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख को सरकारी नौकरी देने का दावा

 लखनऊ  प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को मंगलवार को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें से 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे।   नियुक्ति पाने वालों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। इन सभी का चयन आयोग की ओर से पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए किया गया है।   नौ वर्षों में 48 हजार से अधिक को नियुक्ति माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षक के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों और माध्यमिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।   इन 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री से मंच पर नियुक्ति पत्र पाने वालों में डीएवी इंटर कॉलेज कानपुर नगर के प्रधानाचार्य राम सिंह और इंटर कॉलेज बीरा पट्टी वाराणसी के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।   प्रवक्ता पद पर चयनित अग्रसेन कन्या कॉलेज वाराणसी की आंचल शुक्ला, केडीईएम इंटर कॉलेज बरेली के अनुराग श्रीवास्तव, जिला पंचायत इंटर कॉलेज उग्रसेन प्रयागराज की प्रज्ञा सिंह, वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज आजमगढ़ के गोपाल प्रजापति और दीप चंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शादाब को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।   सहायक अध्यापक के पद पर चयनित पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज गोरखपुर की उषा सिंह, जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज संभल के आकाश कुमार, लाला राम स्वरूप शिक्षण संस्थान लखनऊ की रीना यादव, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झांसी की सोनम त्रिपाठी और नेहरू इंटर कॉलेज कुशीनगर के अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।

सुप्रीम कोर्ट की मेरठ पर फटकार से लखनऊ की खुली पोल, शहर में 30 हजार अवैध भवन

लखनऊ सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेबी पार्डीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने सोमवार को लोकेश कुमार की याचिका की सुनवाई करते हुए मेरठ में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण पर चिंता जताने साथ ही अथॉरिटी को फटकार भी लगाई है। यह खबर राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद की आंखें खोलने वाली है। साथ ही ताबड़तोड़ अवैध निर्माण करने वालों को डराने वाली भी है, क्योंकि भविष्य में यदि ऐसा आदेश लखनऊ के लिए हुआ तो क्या होगा? जवाब है 30 हजार से अधिक इमारतें और 241 आवासीय कॉलोनियां अवैध बनी हैं। अवैध आवासीय व व्यावसायिक निर्माण रोकने के लिए मेरठ का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जबकि लखनऊ में ही ऐसा ही कदम उठाया जा चुका है। दिसंबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के तत्कालीन मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल व न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल अशोक कुमार की याचिका समेत चार अन्य याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए बहुमंजिला इमारतों के अवैध निर्माण के मामले में एलडीए से जवाब तलब किया था। हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में पूरे शहर की बदतर स्थिति विस्तार से बताई गई थी। राजधानी की तमाम बहुमंजिला इमारतें अवैध तरीके से बनाई गई हैं। इनमें से कुछ में स्वीकृति से ज्यादा मंजिलें बना दी गईं तो कई में अवैध निर्माण किया गया। एलडीए ने कुछ की पहचान तो की है, लेकिन बड़े भवनों को ध्वस्त नहीं किया गया। अवैध निर्माण में अधिकारियों की मिलीभगत है, लेकिन इनके खिलाफ अभी तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई। उस समय शहर में करीब 12500 अवैध निर्माण होने का दावा किया गया था, इनमें अपार्टमेंट, कांप्लेक्स, रो हाउसेस, प्लाटिंग सोसाइटी शामिल हैं। 241 अवैध आवासीय कॉलोनियां चिन्हित शासन-प्रशासन ने इन पर अंकुश लगाने के लिए आदेश दिए, मगर हुआ कुछ नहीं। होटल लेवाना सुइट्स अग्निकांड के बाद इनकी रफ्तार और बढ़ गई। इसके लिए प्रवर्तन के इंजीनियर व अफसर जिम्मेदार हैं। आवासीय भूखंडों पर सबसे ज्यादा होटल गोमती नगर, शहीद पथ के किनारे व गोमतीनगर विस्तार में बने हैं। एलडीए की सीलिंग के बावजूद ये इमारतें गुपचुप तरीके से बनकर तन गईं। इन पर कभी एलडीए का बुलडोजर नहीं चल सका। इस पर प्रभावी आदेश नहीं हो सका। इधर चार साल में अवैध भवन बनने की रफ्तार बढ़ गई यही वजह है कि अवैध भवनों का ग्राफ करीब 30 हजार तक पहुंच चुका है। लगभग ढाई हजार से अधिक नोटिस अवैध निर्माण करने वालों को दिए गए हैं। ऐसे ही 241 अवैध आवासीय कॉलोनियां चिन्हित हैं। राजधानी में अवैध निर्माण का ताजा प्रकरण अलीगंज के अवैध व्यावसायिक कांप्लेक्स में आग लगने के बाद सामने आई है। घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने गूगल स्ट्रीट व्यू तकनीक का उपयोग करके सिर्फ अलीगंज क्षेत्र में 51 अवैध निर्माण खोजा था। उसी समय एलडीए ने शहर में 101 अवैध भवनों को गिराने की कार्यवाही जल्द शुरू करने का दावा किया लेकिन, अब तक यह शुरू नहीं हो सकी है। वहीं, एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार स्वीकार कर चुके हैं कि राजधानी में सिर्फ छह प्रतिशत के पास ही वैध नक्शे हैं।

UP की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव तय, 8 BJP सांसद होंगे रिटायर

नई दिल्ली चुनाव आयोग ने राज्यसभा चुनावों के तारीखों की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों सहित 12 राज्यसभा सीटों पर आगामी 16 अक्टूबर को मतदान होंगे। वहीं वोटों की गिनती भी 16 अक्टूबर को ही शुरू हो जाएगी और देर शाम तक नतीजे घोषित होने की संभावना है। सबसे अहम बात यह है कि 12 में से 10 सीटें उत्तर प्रदेश की हैं। यूपी में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा चुनाव पर निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं एक सीट उत्तराखंड की है। यहां से भाजपा के श्री नरेश बंसल रिटायर हो रहे हैं। इसके अलावा टीएमसी सांसद रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद बंगाल की एक सीट पर भी उपचुनाव होगा। गौरतलब है कि आगामी 25 नवंबर को राज्यसभा के कुल 11 सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इनमें भाजपा के कुल 8 सांसद हैं। वहीं एक बहुजन समाज पार्टी और एक समाजवादी पार्टी के एक सांसद शामिल हैं। भाजपा के नरेश बंसल, बृजलाल, सीमा द्विवेदी, चंद्रप्रभा, हरदीप सिंह पुरी, नीरज शेखर, अरुण सिंह, बीएल वर्मा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। वहीं, सपा से राम गोपाल यादव और बसपा के एकमात्र सांसद रामजी भी रिटायर हो रहे हैं। चुनाव का पूरा शेड्यूल चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट के मुताबिक राज्यसभा चुनावों के लिए आगामी 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। इसके बाद 6 अक्टूबर को नामांकन जमा करने की आखिरी तारीख होगी। उम्मीदवार 9 सितंबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। चुनाव 16 अक्टूबर, शुक्रवार को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक संपन्न कराया जाएगा। 16 अक्टूबर को वोटों की गिनती होगी। विधान परिषद चुनाव का भी ऐलान इसके अलावा आयोग ने चार राज्यों की 28 विधान परिषद (MLC) सीटों पर भी चुनाव की घोषणा की है। इनमें उत्तर प्रदेश की 11 सीटें, बिहार की 8 सीटें, महाराष्ट्र की 5 सीटें और कर्नाटक की 4 सीटें शामिल हैं। सभी 28 सीटों पर 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। वहीं 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से आचार संहिता लागू कर दी है। UP में NDA खेमे के पास करीब 292 विधायक यूपी में एनडीए खेमे के पास करीब 292 विधायक हैं. इस लिहाज से बीजेपी गठबंधन आसानी से 7 से 8 सीटें जीत सकता है. वहीं, सपा के पास विधानसभा में 100 से अधिक विधायक हैं. इस संख्या बल के साथ सपा 2 सीटें बेहद आसानी से अपने पाले में कर लेगी. वहीं, उत्तराखंड से खाली हो रही सीट पर सत्ताधारी दल का मजबूत दबदबा है. मौजूदा समीकरणों को देखते हुए यह सीट भी भाजपा के पाले में जाएगी।  बंगाल की 1 सीट पर उपचुनाव क्यों हो रहा? पश्चिम बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव इसलिए हो रहा है क्योंकि हाल ही में टीएमसी सांसद रुक्मिणी मलिक ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था. इसी साल अप्रैल में वह राज्य सभा के लिए चुनी गईं थीं. अब यहां उपचुनाव हो रहा है।  चुनाव का टाइम टेबल राज्यसभा चुनाव के लिए नोटिफिकेशन 29 सितंबर को जारी किया जाएगा और नॉमिनेशन 6 अक्टूबर को बंद होंगे। नॉमिनेशन की जांच 7 अक्टूबर को होगी और नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 9 अक्टूबर है। वोटिंग 16 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगी और उसी दिन शाम 5:00 बजे वोटों की गिनती शुरू होगी। कौन-कौन हो रहा रिटायर? उत्तर प्रदेश से रिटायर होने वाले राज्यसभा सदस्यों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, अरुण सिंह, बृजलाल, बीएल वर्मा, राम गोपाल यादव, नीरजा शेखर, गीता उर्फ चंद्रप्रभा, रामजी, सीमा और डॉ दिनेश शर्मा शामिल हैं। नरेश बंसल उत्तराखंड से एकमात्र सेवानिवृत्त सदस्य हैं। आयोग ने निर्देश दिया है कि मतपत्रों पर प्राथमिकताएं अंकित करने के लिए केवल रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए पहले से तय विनिर्देशों वाले एकीकृत बैंगनी रंग के स्केच पेन का ही उपयोग किया जाए।  

LDA की वरुण विहार-नैमिषनगर योजना का होगा शुभारंभ, 5 हजार भूखंडों के लिए आवेदन शुरू

लखनऊ राजधानी लखनऊ में अपना घर बनाने के लिए प्लॉट का इंतजार कर रहे लोगों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा रोड पर प्रस्तावित वरुण विहार योजना में आयोजित समारोह में 24 सितम्बर को एलडीए की नव विकसित वरुण विहार और नैमिषनगर योजना का भूमि पूजन कर शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री के हाथों शुभारंभ के साथ ही दोनों योजनाओं में लगभग 5000 भूखंडों के लिए पंजीकरण भी खोल दिया जाएगा। एलडीए की ओर से समारोह की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नया हेलीपैड भी बनाया जा रहा है। एलडीए की टीम रात दिन काम में लग गई है। यह दोनों योजनाएं राजधानी के भविष्य के शहरी विस्तार का आधार बनेंगी और आधुनिक सुविधाओं से युक्त विकसित नगरों के रूप में तैयार की जाएंगी। पहले चरण में 5,000 भूखंडों के लिए पंजीकरण एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि दोनों योजनाओं में पहले चरण में लगभग 5,000 भूखंडों के लिए पंजीकरण शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री के भूमि पूजन के बाद आम नागरिकों के लिए आवेदन प्रक्रिया खोल दी जाएगी। वरुण विहार और नैमिष नगर योजना को कुल 10,680 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं पर लगभग 12,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजनाओं के तहत सड़क, जलापूर्ति, सीवरेज, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाएं और आधुनिक शहरी ढांचा विकसित किया जाएगा जिससे सुव्यवस्थित नगर तैयार हों सकें। यह होगी भूखंडों की दर, मिलेंगे कई विकल्प एलडीए के अनुसार वरुण विहार योजना में भूखंड 2,800 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से उपलब्ध होंगे जबकि नैमिषनगर योजना में भूखंडों की दर 3,800 रुपये प्रति वर्गफुट निर्धारित की गई है। दोनों योजनाओं में विभिन्न आकार के भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि अलग-अलग वर्गों को विकल्प मिल सके। नैमिषनगर में सुविधाओं आध्यात्मिकता का संगम सीतापुर रोड पर विकसित की जा रही नैमिषनगर योजना को धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक जीवनशैली से जोड़कर विकसित किया जाएगा। यहां आध्यात्मिक साधना, योग एवं शांति जीवनशैली केंद्र, ध्यान केंद्र, आश्रम और सांस्कृतिक केंद्र बनाए जाएंगे। एक जिला एक उत्पाद केंद्र, वाणिज्यिक केंद्र, शिक्षा केंद्र, खुले व्यायाम स्थल, सामुदायिक पार्क और खरीदारी मार्ग जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। योजना में 800 वर्गफुट से 5000 वर्गफुट तक के प्लॉट होंगे जिनकी कीमत 30 लाख से 1.90 करोड़ तक होगी। सबसे छोटे प्लॉट के लिए 1.52 लाख और सबसे बड़े प्लॉट के लिए 9.50 लाख पंजीकरण राशि देनी होगी। हाईटेक सुविधाओं पर रहेगा फोकस प्राधिकरण का दावा है कि दोनों योजनाओं को आधुनिक और हाईटेक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। चौड़ी सड़कों, बेहतर यातायात व्यवस्था, आधुनिक आधारभूत ढांचे और सुनियोजित विकास के जरिए इन्हें राजधानी की नई पहचान बनाने की तैयारी है। पांच अपार्टमेंट योजनाओं का भी होगा शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 24 सितंबर को वरुण विहार योजना में होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान लखनऊ विकास प्राधिकरण की पांच अपार्टमेंट योजनाओं का भी शिलान्यास करेंगे। इन पांच परियोजनाओं में कुल 4150 फ्लैट बनाए जाएंगे। एलडीए ने अपनी विभिन्न आवासीय योजनाओं में इन अपार्टमेंट के निर्माण की तैयारी की है। कुछ योजनाओं में पंजीकरण हो चुका है, कुछ में प्रक्रिया चल रही है। एलडीए की पांचों योजनाओं में सबसे अधिक फ्लैट अनंत नगर में प्रस्तावित आदिती अपार्टमेंट में बनाए जाएंगे। 1932 फ्लैट प्रस्तावित हैं। विराज खंड में लेक व्यू अपार्टमेंट में 646 फ्लैट बनाए जाएंगे। चार अन्य योजनाओं में भी निर्माण प्रस्तावित बागेश्वरी अपार्टमेंट में 824 फ्लैट होंगे। ऐशबाग स्क्वायर में 384 फ्लैट बनाए जाएंगे। वहीं बसंत कुंज स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल के पास पार्क व्यू अपार्टमेंट में 364 फ्लैट प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वरुण बिहार योजना के भूमि पूजन के साथ इन पांच अपार्टमेंट परियोजनाओं का शिलान्यास भी प्रस्तावित है।