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युवकों पर बेल्ट से हमला, आरोपी ने लगाई ‘भगवाराज जिंदाबाद’ की घोषणा; पुलिस जांच में जुटी

कोरबा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के खरमोरा अटल आवास में दशहरा के दिन एक युवक ने दो युवकों को करीब आधे घंटे तक बेल्ट से दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पीटा। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक नशे की हालत में था। पीड़ित युवक मुड़ापार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वीडियो में आरोपी "भगवाराज जिंदाबाद" कहते हुए पिटाई करता नजर आ रहा है। मार खा रहे युवक हाथ जोड़कर आरोपी से छोड़ने की गुहार लगाते रहे, यहां तक कि बीमार माँ का हवाला भी दिया, लेकिन हमलावर नहीं माना। स्थानीय लोग मौके पर तमाशबीन बने रहे और कुछ ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। मारपीट के दौरान पीड़ितों का खाना भी छीनकर फेंक दिया गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अटल आवास में नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुका है। यहां आए दिन मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से नियमित छापेमारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कोरबा सीएसपी भूषण एक्का ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और शिकायत के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मालीघोरी गांव में ड्राई डे पर शराब की तस्करी पकड़ाई, पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई

बालोद ड्राई डे पर भी अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम मालीघोरी में गुरुवार देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 498 पव्वा अवैध शराब जब्त की। यह जखीरा गांव के निवासी खिलेश गौतम के घर से बरामद हुआ है। गांव में शराब पकड़े जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ड्राई डे पर भी खुलेआम शराब बेची जा रही थी और बेचने वाला दबंगई कर रहा था। इस बात से नाराज होकर ग्रामीण लामबंद हो गए। देखते ही देखते गांव का माहौल बिगड़ गया और गांव छावनी में तब्दील हो गया। शिकायत मिलते ही बालोद थाने की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने खिलेश गौतम के घर से शराब का जखीरा जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। गांव के लोग इस कार्रवाई को लेकर संतुष्ट नजर आए, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक अवैध शराबखोरी पर रोकथाम को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कारोबार फल-फूल रहा है।

बालको प्लांट हादसा: पुराना ESP संयंत्र ढहने से उठी सुरक्षा की बड़ी चिंता

कोरबा कोरबा जिले के बालको एल्यूमिनियम प्लांट में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां करीब 20 साल पुराना इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) संयंत्र अचानक गिर गया। गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे जनहानि नहीं हुई। हादसे के बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के मुताबिक यह संयंत्र 2004-05 में सेपको कंपनी द्वारा बनाया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि उद्योगपतियों के दबाव में श्रम विभाग केवल खानापूर्ति कर रहा है और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। गौरतलब है कि बालको प्लांट में इससे पहले भी 2009 में निर्माणाधीन चिमनी गिरने का बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें 45 मजदूरों की मौत हुई थी। उस हादसे में भी सेपको कंपनी जिम्मेदार ठहराई गई थी और मामला अब भी अदालत में लंबित है। फिलहाल इस ताज़ा घटना पर विभागीय स्तर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन हादसे ने एक बार फिर से प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और श्रम विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस ने पकड़ा 43 लाख का अवैध ईंधन, 9 गिरफ्तार

रायपुर पुलिस ने थाना विधानसभा क्षेत्र के रिंग रोड नंबर 03 पर दो यार्डों में छापेमारी कर अवैध रूप से संग्रहित लाखों रुपये कीमत के डीजल और पेट्रोल को जब्त किया है. इस कार्रवाई में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि दोनों यार्ड के संचालक फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है. 1 अक्टूबर को मिली सूचना के आधार पर रेंज साइबर थाना रायपुर और थाना विधानसभा पुलिस की संयुक्त टीम ने टेकारी चौक और पिरदा चौक स्थित दो यार्डों पर छापेमारी की. टेकारी चौक के यार्ड से 15,300 लीटर पेट्रोल और 31,000 लीटर डीजल, जिसकी कीमत करीब 42,90,000 रुपये है, जब्त किया गया. साथ ही, घटना में प्रयुक्त तीन ट्रक टैंकर, एक चाडी और दो प्लास्टिक पाइप भी बरामद किए गए. इस प्रकरण में रवि यादव, नीरज नेताम उर्फ दउवाराम, शेख कलीमुद्दीन, शैलेन्द्र कुमार उर्फ बिहारी और राज पटेल को गिरफ्तार किया गया. दूसरी कार्रवाई पिरदा चौक के सूरज शाह के यार्ड में की गई, जहां 1,500 लीटर डीजल और 40 लीटर पेट्रोल, जिसकी कीमत लगभग 1,40,000 रुपये है, जब्त किया गया. इस मामले में अखिलेश चौबे, नीरज कुमार, अरविंद गोड और रोहित सरोज को गिरफ्तार किया गया. यहां भी एक ट्रक टैंकर, एक चाडी और दो प्लास्टिक पाइप जब्त किए गए. आरोपियों के पास ज्वलनशील पदार्थों के संग्रहण और बिक्री के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं थे. दोनों मामलों में थाना विधानसभा में अपराध क्रमांक 492/25 और 493/25 के तहत धारा 287 बी.एन.एस. और 3, 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 46,840 लीटर डीजल-पेट्रोल, जिसकी अनुमानित कीमत 44,30,000 रुपये है, और घटना में प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया.

छत्तीसगढ़ नंबर-1 ऑनलाइन सट्टे में, सियासी आरोप-प्रत्यारोप तेज

रायपुर नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) ने रिपोर्ट-2023 पेश किया है, जिसमें खुलासा हुआ है कि छत्तीसगढ़ ऑनलाइन जुआ-सट्टा मामले में देश में पहले स्थान पर है. प्रदेश में कुल 52 मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. आंकड़े सामने आने के बाद सियासत शुरू हो गई है. भाजपा नेता केदार गुप्ता ने इसका ठीकरा पिछली सरकार पर फोड़ा. वहीं इस बयान पर कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने भी पलटवार किया है. भूपेश सरकार में जमी ऑनलाइन सट्टा की जड़ें : भाजपा नेता केदार गुप्ता भाजपा नेता और प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने एनसीआरबी की रिपोर्ट में ऑनलाइन सट्टेबाजी में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर आने पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कांग्रेस पर हमलावर होते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार के समय में ऑनलाइन जुआं-सट्टा की जड़े जमीं हुई थी. लेकिन जब से भाजपा सरकार बनी है, उसकी जड़ें उखाड़ रही है. यह भी बोले कि ये ग्राफ जल्द नीचे जाएगा. केंद्र सरकर इसे बंद करें : कांग्रेस नेता विनोद तिवारी इधर, भाजपा नेता केदार गुप्ता के बयान का कांग्रेस नेता और प्रदेश प्रवक्ता विनोद तिवारी ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि जो ऑनलाइन सट्टा एप चल रहा है, वो सेंट्रल गवर्मेंट की अधीन है. केंद्र सरकार को इसे बंद कर देना चाहिए. भूपेश सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ में 6 से 7 सौ लोगों पर कार्रवाई भी हुई. साथ ही उन्होंने ऑनलाइन सट्टा को बंद करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था. उसके बाद भी ये कारोबार खुलेआम चल रहा है. इसको केंद्र सरकार को बंद ही कर देना चाहिए. उससे कमाई ही क्यों कर रहे हैं.

महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण के लिए धमतरी में एनआईटी रायपुर और डीएसआईआर का संयुक्त प्रयास

स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना  धमतरी महिलाओं के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के लिए धमतरी में महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की साझी पहल की है । डी.एस.आई.आर. का छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि  भारत  में  पहला प्रोजेक्ट है । धमतरी जिला ऐतिहासिक रूप से अनाज और वन-आधारित उपज के उत्पादन में अग्रणी रहा है, जो इस क्षेत्र में ग्रामीण आजीविका की रीढ़ हैं। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं कृषि और वन-आधारित व्यवसायों में संलग्न हैं। उत्पादन बढ़ाने, बेहतर मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित करने और आजीविका के अवसरों में सुधार के लिए, वैज्ञानिक क्षमता निर्माण, मूल्य संवर्धन और कौशल विकास की अत्यधिक आवश्यकता है।  इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की विशेष पहल | धमतरी जिले में डी.एस.आई.आर. (DSIR) स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भेजा गया था । यह पहल टी.डी.यू.पी.डब्ल्यू. (Technology Development and Utilization Programme for Women) योजना के अंतर्गत संचालित होगी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और नवीन अवसरों से जोड़ना है। इस परियोजना का संयुक्त क्रियान्वयन जिला प्रशासन धमतरी तथा एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) द्वारा किया जाएगा। इसके अंतर्गत वनोपज (NTFP) आधारित कौशल विकास, मूल्य संवर्धन और पारंपरिक बुनाई तकनीकों में आधुनिक डिजाइन हस्तक्षेप को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, फाइबर एक्सट्रैक्शन तकनीक के माध्यम से “वेस्ट टू वेल्थ” जैसे नवाचारों को अपनाने की योजना है, जिससे अपशिष्ट सामग्री का उपयोग कर मूल्यवान उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। परियोजना के निदेशक एवं प्रधान अन्वेषक के रूप में एनआईटी रायपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुज कुमार शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस परियोजना में एनआईटी रायपुर फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता, वैज्ञानिक अनुसंधान और उत्पाद नवाचार उपलब्ध कराएगा, जबकि जिला प्रशासन स्थानीय सहयोग, अवसंरचना और समुदाय को संगठित करने की भूमिका निभाएगा। यह परियोजना 36 माह की अवधि में पूरी की जाएगी। इसके लिए लगभग 95 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “यह परियोजना धमतरी जिले की ग्रामीण आजीविका को नई दिशा प्रदान करेगी। महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधनों और वैज्ञानिक नवाचार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता से यह पहल रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से धमतरी जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमिता और कौशल विकास से जहां आजीविका संवर्धन होगा, वहीं महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक उन्नति की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह पहल न केवल महिलाओं को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाएगी, बल्कि जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई पहचान प्रदान करेगी। अंततः यह कहा जा सकता है कि एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की साझी पहल धमतरी जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और सतत् आर्थिक प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह परियोजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि उन्हें समाज में नई पहचान भी दिलाएगी।     विशेष लेख अमित नूरेवाल सूचना अधिकारी

विजयादशमी अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक पर्व है – मुख्यमंत्री साय, रायपुर में दिए शुभकामनाएं

रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय भव्य आतिशबाजी देखने को उमड़ी भारी भीड़ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए।  साय ने कहा विजयादशमी पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता है। सत्य की अंततः जीत होती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का अवसर बहुत ही खास है। प्रभु राम का छत्तीसगढ़ से बहुत गहरा नाता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। इस लिए हम प्रभु राम को भांचा राम कहते है। इसी के कारण छत्तीसगढ़ में भांजे का पैर छूकर प्रणाम करने की परंपरा है। वनवास के दौरान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने यहां लंबा समय बिताया। छत्तीसगढ़ में अलग अलग स्थानों में इसके प्रमाण मिलते है। वनवास काल में प्रभु राम के सामने अनेक कठिनाइयां थीं। रावण से युद्ध के समय राम वनवासी थे जबकि रावण के पास अस्त्र-शस्त्र के साथ ही विशाल असुरों की सेना थी। प्रभु राम ने वानर सेना के साथ मिलकर रावण को परास्त कर यह सिद्ध किया कि अधर्म और अहंकार का नाश निश्चित है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने अंदर रावण रूपी काम, क्रोध,अहंकार,लोभ,मोह एवं माया रूपी बुराइयों को समाप्त करने का आव्हान किया और प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा यहां दहशरा मनाने की परंपरा लगभग 150 साल पुराना इतिहास है। प्रभु बालाजी महाराज का विशेष आशीर्वाद इस प्रांगण को मिलता है। आज विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की,अधर्म पर धर्म की जीत का का प्रतीक है। विधायक  सुनील सोनी, महापौर मती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, सीएसआईडीसी अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, पूर्व विधायक चंद सुंदरानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि गण  दूधाधारी मठ से जुड़े पदाधिकारी,खम्हारडीह सार्वजिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति के सदस्य एवं नागरिक गण उपस्थित थे।

राम ने युद्ध में जीत हासिल इसीलिए की क्योंकि वे सत्य के साथ थे – मुख्यमंत्री साय

रायपुर : दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है – राज्यपाल  डेका राम ने युद्ध में जीत हासिल इसीलिए की क्योंकि वे सत्य के साथ थे – मुख्यमंत्री  साय विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री रायपुर राजधानी रायपुर के डब्ल्यू.आर.एस. कॉलोनी के विशाल मैदान में इस वर्ष भी परंपरा और आस्था के साथ भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। 55 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा यह उत्सव इस बार और भी ऐतिहासिक रहा, जिसमें राज्यपाल  रमेन डेका, राज्य की प्रथम महिला मती रानी डेका काकोटी और मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय विशेष रूप से शामिल हुए। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्यपाल   रमेन डेका ने अपने उद्बोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ आज नक्सलवाद से बाहर निकलते हुए शांति और विकास की ओर अग्रसर है। प्रदेश की जीडीपी वृद्धि और देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में जनता की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही वास्तविक विकास है और यही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की परिकल्पना भी थी। राज्यपाल ने विजयादशमी का संदेश स्पष्ट करते हुए कहा कि यह पर्व केवल रावण दहन का नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है। रावण चाहे कितना भी बलवान क्यों न रहा हो, उसके अहंकार का अंत हुआ और जीत सत्य की हुई। बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अच्छाई हमेशा विजयी होती है। उन्होंने कहा कि हमें केवल मैदान में रावण का पुतला नहीं जलाना चाहिए, बल्कि अपने भीतर के रावण काम, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और घमंड—को भी समाप्त करना होगा। यही सही अर्थों में दशहरा पर्व का पालन होगा। गांधी जयंती का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दशहरा हमें बुराई का अंत करने की शिक्षा देता है और गांधी जयंती हमें सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। जब ये दोनों विचार साथ आते हैं तो समाज में प्रेम, भाईचारा और शांति कायम होती है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने भगवान राम, माता सीता और सनातन धर्म की जयकार के साथ सभा को विजयादशमी की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यू.आर.एस.कालोनी दशहरा उत्सव समिति इस आयोजन को भव्य रूप से संपन्न करती आ रही है और यह उत्सव अब ऐतिहासिक स्वरूप ले चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रावण के पास मेघनाद और कुंभकरण जैसे शक्तिशाली योद्धा थे, जबकि राम के साथ साधारण वानर सेना थी। इसके बावजूद विजय राम की हुई क्योंकि वे सत्य के साथ थे। इस अवसर पर कृषि मंत्री  राम विचार नेताम ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। स्वागत भाषण विधायक  पुरंदर मिश्रा ने और आभार प्रदर्शन आयोजन समिति के अध्यक्ष  जी. स्वामी ने किया। समारोह में 103 फीट ऊँचे रावण के पुतले का दहन इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहा। रंगीन आतिशबाजी और भव्य प्रस्तुति देखने हजारों लोगों की भीड़ मैदान में उमड़ी। इस अवसर पर अनेक जनप्रतिनिधि,  सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। समिति की सदस्य मती सरस्वती मिश्रा ने प्रथम महिला रानी डेका काकोटी को विशेष स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

बरसात की चेतावनी: छत्तीसगढ़ के जिलों में बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर, नागरिक रहें सतर्क

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 24 घंटे के लिए प्रदेश में कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। चेतावनी के अनुसार गरियाबंद और धमतरी जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से सीमांत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, महासमुंद, बालोद और नारायणपुर जिलों में भी एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। रायपुर, बलौदा बाजार, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिलों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडाई जिलों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में बना निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण आने वाले 2-3 दिनों तक दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। आज गुरुवार को 4 जिलों के लिए ऑरेंज और 19 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने के साथ गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि इस बार बारिश का दौर 20 अक्टूबर तक जारी रहेगा। नदियों में जलस्तर में वृद्धि की चेतावनी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान नदियों में जलस्तर में वृद्धि होगी और नालों का ओवरफ्लो होने की संभावना है। खनन क्षेत्रों में सड़कें फिसलन भरी होंगी, और नम मिट्टी के कारण भूस्खलन व पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। शहरों में सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है। रेल और सड़क मार्गों में बाधा आने, कृषि क्षेत्रों में फसलें गिरने और निचले इलाकों में कीचड़ भरी सड़कें और जलभराव होने की संभावना है। भारी वर्षा के कारण दृश्यता में कमी आएगी और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने जनता से अपील की है कि बहते पानी में कभी भी न जाएँ और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचें। निचले पुलों को पार करते समय सावधानी बरतें और जलस्तर की जांच अवश्य करें। कृषि क्षेत्रों में अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें। वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई और खनन क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।

धार्मिक आयोजन: रामभद्राचार्य 25 से 31 अक्टूबर तक करेंगे गौरेला पेंड्रा मरवाही में कथा

गौरेला पेंड्रा मरवाही तुलसी पीठाधीश्वर , जगद्गुरु रामभद्राचार्य का आज गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के पेंड्रा नगर में दिव्य आगमन हुआ। नगरवासियों ने पुष्प वर्षा, जयघोष और भक्ति भाव से उनका स्वागत किया। कोरबा में श्रीमद्भागवत कथा के उपरांत जब महाराज श्री चित्रकूट वापसी के मार्ग में पेंड्रा पहुंचे, तो उनके दर्शन की सूचना पाकर हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूरा नगर “जय श्रीराम” और “जय गुरुदेव” के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं की प्रबल भक्ति और आग्रह को देखकर महाराज ने पेंड्रा में 25 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक श्रीमद्भागवत कथा कहने का दिव्य आश्वासन दिया। इस पावन आयोजन की पुष्टि हेतु उन्होंने एक वीडियो संदेश भी जारी किया है।