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पंजाब में अवैध खनन पर CBI का एक्शन, होशियारपुर के गांव अमरो में छापेमारी

होशियारपुर  पंजाब के होशियारपुर जिले में अवैध माइनिंग के ठिकानों पर केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने अचानक रेड मारी है. जिले के तलवाड़ा इलाके में पड़ने वाले अमरो गांव में जांच एजेंसी की करीब 10 गाड़ियां एक साथ मौके पर पहुंची हैं. जिस इलाके में लंबे समय से अवैध खनन किए जाने के आरोप लग रहे थे, वहां सीबीआई की इस कार्रवाई से खनन करने वालों के बीच हलचल मच गई है. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है. इस क्षेत्र में 100 से 110 फीट तक गहरी माइनिंग करने और पहाड़ गायब करने के मामलों में जांच की संभावना जताई जा रही है।  जानकारी के अनुसार दसूहा, मुकेरियां और तलवाड़ा इलाके में अवैध माइनिंग से जुड़ा यह विवाद पहले ही अदालत की दहलीज तक पहुंच चुका है. स्थानीय स्तर पर ऐसे गंभीर आरोप लगे हैं कि कुछ जगहों पर 100 से 110 फीट तक गहरी माइनिंग की गई थी. कई स्थानों पर तो अवैध खनन के जरिए पूरे पहाड़ को ही गायब कर दिया गया था।  इसी मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की तरफ से सीबीआई को निर्देश दिए गए थे. हालांकि हाईकोर्ट के उन निर्देशों और आज की इस कार्रवाई के बीच के ऑफिशियल संबंध की पुष्टि अभी नहीं हुई है।  फिलहाल अमरो गांव में चल रही इस रेड से जुड़े कई विजुअल्स सामने आए हैं, जिनमें जांच एजेंसी की गाड़ियां मौके पर नजर आ रही हैं. इसके बावजूद अधिकारियों की तरफ से इस कार्रवाई, जांच के दायरे या किसी संभावित बरामदगी को लेकर कोई ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है. स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने भी इस मामले पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। 

परविंदर झोटा मर्डर केस में बड़ा अपडेट, आरोपी अश्विनी की पत्नी और दो साथी भी नामजद

मानसा. मानसा से चर्चा में आए परविंदर झोटा हत्याकांड में पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी और मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार के बाद अब उसकी पत्नी नीलम रानी का नाम भी नामजद कर दिया गया है। नीलम के अलावा अश्विनी के दो अन्य एसोसिएट लाडी बरनाला और विपिन गर्ग का नाम भी FIR में जोड़ दिया गया है। पुलिस अब इन सभी की भूमिका की भी गहराई से छानबीन कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब आरोपी अश्विनी कुमार ने केमस्टि शॉप के अंदर परविंदर झोटा पर गोली चलाई थी, उस दौरान वह अपने मोबाइल फोन पर किसी व्यक्ति से लगातार बातचीत कर रहा था। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के वक्त आरोपी की बात किससे हो रही थी। डीआईजी ने वारदात के बारे में जानकारी दी – झोटा की हत्या के बारे में बात करते हुए बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह ने कहा, "शुरुआती जांच में पता चला है कि अश्वनी नामक एक दवा दुकान के मालिक ने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा पर अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाई. परविंदर सिंह मानसा में नशा-विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे थे." अभियुक्त को पकड़ने के लिए पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित की थीं. बीबीसी संवाददाता चरणजीव कौशल ने बताया कि फोरेंसिक टीमें भी घटनास्थल की जांच कर रही हैं. इस बीच, मानसा में डीसी दफ़्तर के बाहर हत्या के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहा है. प्रदर्शनकारी हत्या के सभी अभियुक्तों की गिरफ़्तारी, मामले में कड़ी कार्रवाई और मृतक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं.

पंजाब बंद का व्यापक असर, स्कूल-बाजार बंद और हाईवे जाम; BJP करेगी 36 जगह प्रदर्शन

चंडीगढ़ मानसा में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद आज के लिए पंजाब में बंद का आह्वान किया गया था। इस बीच सूबे में सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है। इस प्रदर्शन को हर वर्ग समर्थन दे रहा है।फाजिल्का में पंजाब बंद के आह्वान के समर्थन में व्यापार मंडल, किसान और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने बाजार बंद रखने का फैसला लिया है।शहर में फिलहाल दुकानें बंद हैं और यह बंद दोपहर एक बजे तक रहेगा। वहीं, विभिन्न संगठनों की ओर से सुबह 10:30 बजे शहर के बाजारों में रोष मार्च निकाला जाएगा, जो डीसी कार्यालय पहुंचेगा। जालंधर में किसानों के रोष प्रदर्शन से पहले ही पुलिस ने किसान नेताओं को घर में ही नजर बंद कर लिया। जंडियाला के निकटवर्ती गांव पुलिस ने प्रधान कुलविंदर सिंह मछियाणा को डिटेन कियावहीं, फिरोजपुर में बंद का समर्थन करने वाले वंचित समाज से संबंधित नेता दीप दशनानंद और मिसल सतलुज के पदाधिकारी मान सिंह किली को फिरोजपुर पुलिस ने सुबह सवेरे उनके घरों से हिरासत में ले लिया। दोनों नेताओं की ओर से पंजाब बंद का पूर्ण समर्थन करते हुए धरना देने का एलान किया गया था। किसान नेता भी समर्थन में आए इस समर्थन को किसानों को भी सपोर्ट मिल रहा है। किसान मजदूर संघर्ष समिति के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सभी यूनियनों ने पंजाब के लोगों से अपील की है कि वे ड्रग माफिया के खिलाफ आज के 'पंजाब बंद' को सफल बनाएं। किसान मजदूर संघर्ष समिति ने पूरे पंजाब में जिला मुख्यालयों पर बंद का आह्वान किया है, और हमें उम्मीद है कि यह बंद सफल रहेगा। आपातकालीन सेवाएं चालू रहनी चाहिए। हमारा विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए, और किसी को भी कोई गड़बड़ी नहीं करनी चाहिए। स्कूलों में दिखा असर बंद के मद्देनजर कई निजी स्कूलों ने भी बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीती रात अभिभावकों को मैसेज भेजकर आज छुट्टी की सूचना दी थी। हालांकि, सरकारी स्कूल आम दिनों की तरह खुले हुए हैं। वहीं, जिला फाजिल्का केमिस्ट एसोसिएशन ने भी बंद का समर्थन किया है। इसके तहत दवाइयों की दुकानें सुबह 11 बजे तक बंद रहेंगी। इसके बाद केमिस्ट दुकानें खोल देंगे, ताकि मरीजों को दवाइयां लेने में परेशानी न हो। किसान संगठन सिद्धूपुर ने बठिंडा-चंडीगढ़ हाईवे जाम कर दिया। सभी जिलों में बाजार भी बंद रखे गए हैं। बठिंडा और फरीदकोट में किसान नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बंद के लिए सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक का टाइम तय किया गया है। इस दौरान सिर्फ अस्पताल, मेडिकल स्टोर, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाओं की छूट है। इसी बीच मानसा के SSP वैभव चौधरी ने मानसा सिटी थाने की SHO बेअंत कौर को सस्पेंड कर दिया है। वहीं DSP हरजिंदर सिंह गिल के खिलाफ जांच के लिए DGP ऑफिस को सिफारिश कर दी गई है। परविंदर झोटा का 13 अक्टूबर को मानसा में नशा बेचने का विरोध करने पर मेडिकल स्टोर मालिक अश्विनी कुमार ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। झोटा के पिता भीम सिंह ने डेडबॉडी लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इस हत्याकांड की CBI जांच की मांग की है। रेलों पर नहीं कोई असर पंजाब बंद को लेकर रेल यातायात पर अभी तक कोई असर नहीं है। रेल परिवहन पहले की तरह सामान्य रूप से संचालित है। लेकिन दूसरी तरफ बसें न चलने से सड़क मार्ग प्रभावित हो गया है। क्योंकि महज 10 फीसदी बसें ही चल रही हैं। इनमें भी लॉन्ग रूट की बसें शामिल हैं। सड़क मार्ग प्रभावित होने के बाद बस यात्रियों का रुख रेल पर देखा जा सकता है। ऐसे में स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ भी देखी जा सकेगी। बसें प्रभावित कई शहरों में सरकारी और प्राइवेट दोनों बसें बंद हैं। वहीं, बठिंडा में सभी प्राइवेट बस बंद हैं, लेकिन सरकारी बसें चल रही हैं। तरनतारन में पंजाब बंद का सुबह से जीवासर दिखने को मिला है। शहर के बोहड़ी चौक में पुलिस तैनात है जबकि सभी दुकानें बंद है। यहां बसों की आवाजाही भी कम है। फरीदकोट में बाजार अभी तक पूरी तरह बंद है। आम लोगों द्वारा समर्थन दिखाई दे रहा है जबकि आम दिनों में अब तक दुकानें खुलनी शुरू हो जाती हैं। दूसरी और बसें चल रही हैं लेकिन सभी स्कूल भी जिले में बंद है।  BJP 36 स्थानों पर करेगी प्रदर्शन, केवल ढिल्लों ने की CBI जांच की मांग  भाजपा प्रदेश महासचिव अनिल सरीन ने बताया कि पार्टी ने राज्य के 36 स्थानों पर धरना-प्रदर्शन कर आम आदमी पार्टी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ज्ञापन में कहा गया कि परविंदर सिंह लंबे समय से मानसा में नशा तस्करी और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहे थे और युवाओं को नशे से बचाने के लिए अभियान चला रहे थे। भाजपा नेताओं ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हत्या किसी बड़े षड्यंत्र का हिस्सा हो सकती है। मामले में सीबीआई जांच हो पार्टी की मांगों में सीबीआइ जांच के अलावा हमलावर के कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट, सीसीटीवी फुटेज और फेसबुक लाइव समेत डिजिटल सुबूत सुरक्षित करने, पीड़ित परिवार, खासकर नाबालिग बच्चों को तत्काल पुलिस सुरक्षा देने, पंजाब में नशा तस्करी के नेटवर्क की जांच शामिल हैं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मानसा में मंगलवार की सुबह नशा के खिलाफ मुहिम चला रहे परविंदर सिंह झोटा की हत्या की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक घटना है। इस मामले की सीबीआइ से उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए । बढ़ता जा रहा आक्रोश मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को तिकोनी चौक पर अनिश्चितकालीन धरन जारी रहा। एक्शन कमेटी ने मांगें पूरी होने तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं करने का एलान किया है। झोटा का पार्थिव शरीर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है। समर्थक मंगलवार से ही मोर्चरी के बाहर भी डटे हैं। परिवार का कहना है कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।  

पंजाब में झोटा हत्याकांड पर विरोध तेज, SGPC कल अपने सभी कार्यालय और संस्थान रखेगी बंद

अमृतसर. नशा बेचने वालों का विरोध करने वाले सिख युवक परविंदर सिंह की हत्या के विरोध में 15 अक्टूबर को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने समर्थन किया है। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने घोषणा की है कि 15 अक्टूबर को कमेटी के कार्यालय और सभी संस्थान बंद रहेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से बाहर निकालने के लिए संघर्ष कर रहे लोगों के साथ शिरोमणि कमेटी मजबूती से खड़ी है। कमेटी परविंदर सिंह के स्वजन को हर संभव सहयोग देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। अकाली दल वारिस पंजाब का गुस्सा फूटा – मानसा में नशे के खिलाफ अलख जगाने वाले प्रमुख एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की सरेआम गोली मारकर की गई हत्या के विरोध में राजनीति गरमा गई है। शिरोमणि अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने कोटकपूरा में पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। इसके साथ ही पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए ऐलान किया है कि घटना के विरोध में 14 अक्टूबर को पंजाब के सभी जिला मुख्यालयों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालयों के समक्ष विशाल प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता व हलका कोटकपूरा इंचार्ज रछपाल सिंह सोसन ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि परमिंदर सिंह झोटा की हत्या केवल एक कार्यकर्ता की हत्या नहीं, बल्कि पूरे पंजाब की अस्मिता और कानून-व्यवस्था की हत्या है। उन्होंने कहा कि झोटा सालों से इलाके में नशा तस्करों का पर्दाफाश कर रहे थे और युवाओं को नशे के दलदल से निकालने में जुटे थे।

पंजाब और हरियाणा के पेट्रोलियम डीलर्स अब नहीं लेंगे UPI पेमेंट, जानें क्या है वजह

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा के पेट्रोल पंप संचालकों ने MDR के खिलाफ कदम उठाते हुए डिजिटल भुगतान के तहत यूपीआई पेमेंट स्वीकार नहीं करने का फैसला लिया है। इस फैसले से रोजाना पेट्रोल-डीजल डलवाने वाले आम वाहन चालकों को बड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। एसोसिएशन के इस फैसले से व्यापारिक हलकों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। पंजाब प्रधान परमजीत सिंह दोआबा और प्रवक्ता मोंटी सहगल ने कहा- "" पहले से ही पेट्रोलियम डीलर्स कम मुनाफा और तेल कंपनियों की मनमानी नीतियों से परेशानियों से घिरे हुए हैं, ऐसे में हमारे फिक्स मार्जिन से ही MDR का नुकसान हम सहन नहीं करेंगे। उनका कहना है कि पेट्रोलियम डीलर्स पहले से ही भारी वित्तीय संकट, कम मुनाफे और तेल कंपनियों की मनमानी नीतियों के कारण बुरी तरह से परेशान हैं। ऐसे हालात में मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान को वे अपने फिक्स मार्जिन से सहन करने की स्थिति में बिल्कुल नहीं हैं।"" यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद – पूरे पंजाब में पेट्रोल पंप डीलरों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) या डिजिटल लेनदेन शुल्क इस तरह के लेनदेन पर पेश किया जाता है, तो वे 2,000 रुपये से ऊपर यूपीआई भुगतान स्वीकार करना बंद कर देंगे। द पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब (PPDAP) ने यूपीआई भुगतान पर किसी भी प्रस्तावित एमडीआर से पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स के लिए छूट की मांग की है। एसोसिएशन ने केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, वित्त और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) से संपर्क किया है, यह तर्क देते हुए कि पतले मार्जिन पर काम करने वाले डीलर किसी भी अतिरिक्त लेनदेन लागत को अवशोषित नहीं कर पाएंगे। पीपीडीएपी के अध्यक्ष परमजीत सिंह डोबा ने केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ अध्यक्षों और प्रबंध निदेशकों को संबोधित एक पत्र में यह मुद्दा उठाया इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल), जैसा कि टीओआई द्वारा रिपोर्ट किया गया है। डीलरों ने UPI लेनदेन शुल्क से छूट मांगी एसोसिएशन ने केंद्र से यूपीआई लेनदेन पर एमडीआर से पेट्रोल पंपों को छोड़कर एक विशिष्ट आदेश या सलाहकार जारी करने का आग्रह किया है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक का भुगतान भी शामिल है। पीपीडीएपी ने कहा कि पेट्रोलियम डीलर पहले से ही अपर्याप्त मार्जिन के कारण अपने परिचालन खर्च को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इसने कहा कि अतिरिक्त थोपना डिजिटल लेनदेन शुल्क खुदरा दुकानों पर वित्तीय बोझ को और बढ़ाएगा। एसोसिएशन ने 14 सितंबर को केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक असाधारण राजपत्र अधिसूचना का उल्लेख किया और पेट्रोलियम खुदरा दुकानों के लिए किसी भी नए ढांचे से पहले सुरक्षा की मांग की। यूपीआई लेनदेन शुल्क लागू किया जाता है। मोहाली डीलरों ने प्रस्तावित यूपीआई भुगतान सीमा का समर्थन किया मोहाली पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्विन्दर सिंह मोंगिया ने कहा कि पेट्रोल पंप डीलर पहले से ही ‘बहुत पतले मार्जिन’ के साथ काम कर रहे हैं और यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त लागत वहन करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमें यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लेने की उम्मीद नहीं की जा सकती है। हम पंजाब एसोसिएशन के इस फैसले का समर्थन करते हैं कि एमडीआर लगाए जाने पर 2,000 रुपये से अधिक का यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। सरकार को पेट्रोल पंपों को डीलरों पर बोझ डालने के बजाय ऐसे शुल्कों से छूट देनी चाहिए। मोहाली एसोसिएशन की स्थिति राज्य स्तरीय डीलरों के निकाय द्वारा उठाए गए रुख के अनुरूप है, जिसने केंद्र से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि यूपीआई लेनदेन के लिए पेट्रोल पंपों को किसी भी प्रस्तावित एमडीआर ढांचे के तहत नहीं लाया जाए।

पंजाब में झोटा हत्याकांड पर बवाल, विरोध प्रदर्शन के दौरान बीजेपी जिला प्रधान हिरासत में

फरीदकोट/जालंधर. मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में बुधवार को भाजपा के आहवान पर राज्य के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किया जा रहा है। जालंधर में जहां एक तरफ पुतला फूंका गया, वहीं फरीदकोट में प्रदर्शन कर रहे जिला प्रधान संदीप सिंह सन्नी बराड़ को हिरासत में लिया गया है। गौरतलब है कि कल की घटना के बाद भाजपा ने पूरे राज्य में प्रदर्शन करने का एलान किया था। फरीदकोट में घंटा घर चौक पर भाजपा नेताओं की तरफ से रोष प्रदर्शन किया। इसके बाद जब प्रदर्शनकारी एसएसपी कार्यालय के बाहर धरना देने पहुंचे तो पुलिस ने जिला प्रधान सन्नी बराड़ सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इससे पहले भाजपा जिला अध्यक्ष सन्नी बराड़ के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फरीदकोट के घंटाघर चौक से मिनी सचिवालय तक रोष मार्च निकाला और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शन के उपरांत भाजपा नेताओं ने डिप्टी कमिश्नर राहुल चाबा और एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस को ज्ञापन सौंपकर पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति और नशे के कारोबार पर चिंता जताई। भाजपा जिला अध्यक्ष सन्नी बराड़ ने कहा कि मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में गैंगस्टरों और नशा तस्करों के हौसले बुलंद हैं तथा पुलिस प्रशासन इन पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा है। सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी भाजपा नेता सन्नी बराड़ ने आरोप लगाया कि मानसा में एक केमिस्ट खुलेआम नशा बेच रहा था। जब परमिंदर सिंह झोटा जैसे नौजवानों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो उनकी गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। डीसी व एसएसपी को ज्ञापन देते भाजपा नेता। जिले में भी नशे की समस्या पर ठोस कदम उठाने की जरूरत: बराड़ उन्होंने दावा किया कि फरीदकोट जिले में भी नशे की समस्या पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। सन्नी बराड़ ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब को रंगला पंजाब बनाने का वादा करके सत्ता में आई सरकार के कार्यकाल में राज्य के हालात बिगड़ गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने नशा तस्करों और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

मानसा हत्याकांड पर पंजाब में सियासी घमासान, CM मान ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश, BJP ने उठाए सवाल

चंडीगढ़  पंजाब के मानसा जिले में एक सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस मामले में मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा है कि उन्होंने पंजाब पुलिस को इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं।  सीएम मान ने आम जनता से शांति बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस घटना के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अगर इसमें किसी भी अधिकारी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस इस मामले की तह तक जाएगी और साजिश के पीछे जो भी व्यक्ति होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।  इस दौरान उन्होंने दोहराया कि पंजाब में नशा बेचने वालों के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति है और सरकार किसी को संरक्षण नहीं देती।  बीजेपी की मांग- मामले की सीबीआई जांच हो दूसरी तरफ, चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं. बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि परमविंदर झोटा के पिता ने जो बयान दिया है, वो बेहद चौंकाने वाला है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि ये सब स्थानीय विधायक की मिलीभगत से हो रहा है।  ढिल्लों ने कहा, 'मैंने तुरंत गवर्नर को लिखा. हमने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच CBI को सौंपी जाए।  ढिल्लों ने आरोप लगाया कि आज सुबह ही एक पंजाब पुलिसकर्मी को BSF कर्मियों ने 15 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा है, जो एक वीआईपी काफिले में ड्यूटी पर था. उन्होंने कहा कि खुद पंजाब पुलिस के कर्मी ही ड्रग्स के कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं।   बीजेपी ने मान से की इस्तीफे की मांग कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति, लगातार हो रही हत्याओं, गैंगस्टरवाद और ड्रग्स से हो रही मौतों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, इसलिए उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए. उन्होंने अमृतसर में यस बैंक के मैनेजर की हत्या और मोहाली में मुठभेड़ के दौरान घर के अंदर फायरिंग जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया।  इस मामले पर कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा, 'मानसा परविंदर झोटा के पिता की अपील से सहमत होते हुए, मैं सभी पंजाबियों से अपील करता हूं: अगर हम पंजाब के युवाओं और अपने भविष्य को बचाना चाहते हैं, तो हमें जागना होगा और इस सोई हुई सरकार को दरवाजा दिखाना होगा। 

पंजाब में परविंदर झोटा की हत्या के बाद तनाव, अमृतपाल की पार्टी के कई कार्यकर्ता हिरासत में

मानसा. पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के बाद सूबे में हड़कंप मच गया है। बुधवार को गुस्साए लोगों ने आरोपी की दुकान में आग लगा दी। वहीं, आरोपी केमिस्ट के घर पर बुलडोजर से कार्रवाई की गई है। उधर, खडूर साहिब सीट से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस मामले में मानसा जाने की योजना बना रहे कई लोगों को पुलिस हिरासत में ले रही है। तरसेम सिंह ने परमिंदर सिंह झोटा की हत्या पर दुख जताया और पंजाब सरकार पर नशीली दवाओं की तस्करी रोकने में नाकाम रहने और नशीली दवाओं के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दबाने का आरोप लगाया। आरोपी की दुकान में लगाई आग, मकान पर चला बुलडोजर मानसा। पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या के बाद तनाव की स्थिति बन गई है। हत्या के आरोपी अश्विनी की दुकान में भीड़ ने आग लगा दी। वहीं, आरोपी के मकान को भी गिराया जा रहा है। पुलिस मौके पर मौजूद है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। आरोपी को मंगलवार को राजस्थान के चूरू से गिरफ्तार किया गया था। आरोपी की दुकान में आग, मकान पर कार्रवाई परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मानसा में लोगों का गुस्सा सामने आया। हत्या के आरोपी अश्विनी की दुकान को भीड़ ने आग के हवाले कर दिया। इसके बाद आरोपी के मकान को गिराने की कार्रवाई भी शुरू हुई। मौके पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद है। प्रशासन की ओर से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सूचना मिलने के बाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एसएसपी के अनुसार, अवैध निर्माण से जुड़ी जानकारी मिली थी और उसी संबंध में कार्रवाई की जा रही है। मनजीत कौर ने पुलिस पर लगाए आरोप इस बीच, 'वारिस पंजाब दे' के प्रमुख अमृतपाल सिंह के सहयोगी सरदार गुरप्रीत सिंह की मददगार मनजीत कौर ने पुलिस पर उन्हें जबरन घर में रोके रखने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में मानसा जाने वाली थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें वहां जाने से रोक दिया। मनजीत कौर ने बताया कि सुबह करीब 5.30 बजे पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा जोर-जोर से खटखटाने लगे। वहां करीब 15-16 पुलिसकर्मी और एक महिला पुलिसकर्मी मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने उनका नाम पूछा और बताया कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं तथा उन्हें थाने चलना होगा। मनजीत कौर ने बताया कि उन्होंने पुलिस से कार्रवाई का कारण पूछा, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। उन्होंने मोबाइल से घटनाक्रम रिकॉर्ड करने की कोशिश की तो पुलिसकर्मियों ने उनका फोन छीन लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी लगातार उन्हें एक सूची में नाम होने की बात कह रहे थे और धमकी भरे लहजे में बात कर रहे थे।

पंजाब के युवाओं में परविंदर सिंह झोटा की चर्चा, दोस्त की मौत के बाद बदली पहचान

मानसा. नशे के खिलाफ आवाज उठाने पर जान गंवाने वाले परविंदर सिंह झोटा के जीवन में भी एक ऐसा दौर भी आया था, जब वह खुद नशे की गिरफ्त में फंस गया था, लेकिन एक दोस्त की नशे के कारण हुई मौत ने उसे भीतर तक झकझोर दिया। इस घटना के बाद उसने न सिर्फ नशा छोड़ने का फैसला किया बल्कि नशे के खिलाफ जंग भी छेड़ दी। नशे के खिलाफ अभियान के दौरान वह इंटरनेट मीडिया के जरिए अपनी बात रखता था और नशे से जुड़े मामलों को सामने लाने के लिए स्टिंग ऑपरेशन भी करता था। बॉक्सिंग में रहा नेशनल खिलाड़ी नशे के कारोबार में शामिल होने का संदेह होने पर लोगों से सीधे सवाल करना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना उसकी गतिविधियों का हिस्सा बन गया। यही नहीं विभिन्न विवादों और कानूनी मामलों के कारण भी वह चर्चा में रहा। झोटा कभी बॉक्सिंग का नेशनल खिलाड़ी रहा था। उसकी शारीरिक ताकत के कारण लोग उसे "झोटा" कहने लगे और फिर यही नाम उसकी पहचान बन गया। परविंदर सिंह झोटा के खिलाफ नौ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इनमें कुछ मामले विचाराधीन थे, जबकि कुछ में उसे राहत मिली थी। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार,झोटा को गोली मारने वाले केमिस्ट अश्विनी कुमार के खिलाफ अलग-अलग वर्षों में चार एफआइआर दर्ज हुई थीं। मां से कहा था रोटी बनाकर रखना, आकर खाऊंगा झोटा की मां अमरजीत कौर की आंखों के सामने बार-बार बेटे के घर से निकलते समय कहे गए शब्द घूम रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कहता था कि कुछ लोग उसे मार देंगे, लेकिन फिर उसने नशे के खिलाफ अपनी आवाज बंद नहीं की। मां ने कहा कि घर से निकलते समय उसने पैर छुए और कहा कि रोटी बनाकर रखना, लौटकर खाना खाएगा।

मैड संधू हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी जश्नप्रीत मुंबई से गिरफ्तार

अमृतसर. मैड संधू हत्याकांड की जांच में पंजाब पुलिस को एक और अहम सफलता मिली है। जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस ने मुंबई एटीएस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए मामले से जुड़े मुख्य आरोपी जोबनप्रीत को मुंबई से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से तीन पिस्तौल, पांच मैगजीन और 11 कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर हथियारों की सप्लाई और वारदात में शामिल अन्य लोगों के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था आरोपी पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, जोबनप्रीत की भूमिका शूटरों तक हथियार पहुंचाने, उन्हें आर्थिक मदद देने और वारदात को अंजाम देने के लिए जरूरी लॉजिस्टिक सहायता उपलब्ध कराने में सामने आई है। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी  विदेश में बैठे हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हथियार कहां से लाए गए और उन्हें किन लोगों तक पहुंचाया जाना था। तरनतारन में तीन फायरिंग की घटनाओं में भी भूमिका प्रारंभिक जांच के मुताबिक, आरोपी ने तरनतारन जिले में रंगदारी से जुड़े तीन फायरिंग मामलों में अपनी संलिप्तता कबूल की है। पुलिस इन घटनाओं के संबंध में भी उससे पूछताछ कर रही है। अब यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन वारदातों के पीछे कौन लोग थे और क्या इनका संबंध किसी संगठित आपराधिक गिरोह से है। पुलिस अब आरोपी के संपर्कों, हथियारों की सप्लाई करने वालों और विदेश में बैठे हैंडलरों के साथ उसके संबंधों की जांच कर रही है।