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दिल के मरीजों के लिए वरदान बनी स्वास्थ्य योजना, हजारों लोगों को मिला तुरंत उपचार

चंडीगढ़. दिल के मरीजों के लिए पंजाब सरकार की कैशलेस इलाज योजना काफी लाभकारी साबित हो रही है। दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में हर सेकंड कीमती होता है। कुछ मिनटों की देरी जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकती है। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत तेज और कैशलेस एंजियोप्लास्टी सेवाएं मरीजों को जरूरत पड़ने पर समय पर और आपातकालीन इलाज उपलब्ध करवा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों अनुसार पहले इलाज के लिए पैसों का प्रबंध करने, जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने और अस्पताल से मंजूरी लेने में परिवारों का कीमती समय बर्बाद हो जाता था। अब यह स्थिति तेजी से बदल रही है। स्वास्थ्य कार्ड सिस्टम के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों को तुरंत लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों के अनुसार, दिल की बीमारियों के मामले अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आरामदायक जीवनशैली, तनाव, अस्वास्थ्यकर खानपान और डायबिटीज के बढ़ते मामले इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं। हालांकि, इसके साथ-साथ हृदय संबंधी बीमारियों के आपातकालीन इलाज तक पहुंच भी पहले से बेहतर हुई है। 5 हजार हृदय संबंधी सर्जरियां हुईं पंजाब में स्टेट हेल्थ एजेंसी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों के दौरान स्वास्थ्य योजना के तहत कुल 5,054 हृदय संबंधी सर्जरियां की गई हैं। इनमें 5,000 परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनल कोरोनरी एंजियोप्लास्टी (पीटीसीए) प्रक्रियाएं शामिल हैं, जिनमें डायग्नोस्टिक एंजियोग्राम भी शामिल हैं। पंजाब सरकार की ओर से इलाज पर कुल 49.6 करोड़ खर्च किए गए हैं। योजना का असर कुछ महीनों में दिखा पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि इस योजना का प्रभाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा, अब अधिक मरीज उन स्थितियों से भी बच रहे हैं, जिन्हें पहले लगभग जानलेवा माना जाता था। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज और राजिंदरा अस्पताल, पटियाला के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं एसोसिएट प्रोफेसर डा सौरभ शर्मा ने कहा, स्वास्थ्य कार्ड लोगों को समय पर इलाज दिलाने में मदद कर रहा है। इलाज के खर्च को लेकर जो हिचकिचाहट पहले होती थी, वह अब काफी हद तक कम हो गई है।

सात IAS अधिकारियों के तबादले के साथ पंजाब में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अर्शदीप थिंद को नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने  प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए सात आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।  2003 बैच के आईएएस कमल किशोर यादव को वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आईएएस अर्शदीप सिंह थिंद को जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। आईएएस अमित तलवार को ड्रग्स मामलों और जनगणना से संबंधित नोडल अधिकारी, आईएएस परमिंदर पाल सिंह को रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग में विशेष सचिव, आईएएस गौतम जैन को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक, आईएएस जसबीर सिंह पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और आईएएस पल्लवी मिश्रा को कलानौर में एसडीएम नियुक्त किया गया है। 

ASI ने बताया: नेटवर्क पर सख्त निगरानी, प्रोडक्शन वारंट से होगी पूछताछ

फरीदकोट  फरीदकोट की केंद्रीय जेल में बंद कैदियों और हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक करमजीत सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर जेल कर्मचारियों की टीम ने शुक्रवार रात विभिन्न बैरकों का औचक निरीक्षण किया। तलाशी अभियान के दौरान जेल में बंद हवालाती बठिंडा निवासी दलेर सिंह, फाजिल्का निवासी जशनप्रीत सिंह, मोगा निवासी अमरजीत सिंह, दिलबाग सिंह और हरजीत सिंह के पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए। थाना सिटी पुलिस ने उक्त पांचों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी-जांच अधिकारी इस संबंध में जांच अधिकारी और जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। यह भी जांच की जाएगी कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचे। यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी मामले में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।  

गोबर और दूषित पानी बहाने वाले डेयरी संचालक पर लुधियाना में कानूनी कार्रवाई

लुधियाना लुधियाना की लाइफलाइन माने जाने वाले बुड्ढा दरिया (नाला) को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जल संसाधन विभाग (ड्रेनेज-कम-माइनिंग और जियोलॉजी मंडल) की शिकायत पर थाना नंबर 7 की पुलिस ने एक डेयरी संचालक के खिलाफ की करवाई।  कार्यकारी इंजीनियर लुधियाना ड्रेनेज-कम-माइनिंग मंडल को सूचना मिली थी कि गुरु नानक नगर गांव भामियां कलां स्थित एक डेयरी द्वारा सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जांच में पाया गया कि आरोपी डेयरी संचालक सुरिंदर कुमार उर्फ रोमी अपनी डेयरी का गोबर, गंदगी और दूषित पानी सीधे बुड्ढा दरिया में बहा रहा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 10 फरवरी 2026 को प्राप्त हुई लिखित शिकायत के आधार पर अमल में लाई गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि डेयरी वेस्ट के कारण नाले का पानी न केवल जहरीला हो रहा है, बल्कि इससे जल शोधन परियोजनाओं में भी बाधा आ रही है। इन धाराओं में फंसा आरोपी पुलिस ने आरोपी सुरिंदर कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और ड्रेनेज एक्ट U/S 70 NIC & Drainage Act 1873 सरकारी जलमार्गों में कचरा फेंकने और नियमों के उल्लंघन में धारा 271, 272, 279 BNS के तहत केस दर्ज किया है। जन स्वास्थ्य को खतरे में डालने लापरवाही से प्रदूषण फैलाने और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के मामले में। प्रशासन की चेतावनी: अब नरमी नहीं ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि बुड्ढा नाला का कायाकल्प मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसके बावजूद कई डेयरी संचालक और फैक्ट्रियां चोरी-छिपे वेस्ट पाइपों के जरिए नाले में कचरा डाल रहे हैं। थाना 7 के जांच अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपी की डेयरी पर भी विभाग द्वारा आगामी कार्रवाई की जा सकती है, ताकि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति ऐसी हिम्मत न करे।  

पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई, कई अधिकारी मौके पर

चंडीगढ़  पंजाब की राजनीति में शुक्रवार को उस वक्त बड़ा भूचाल आ गया जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास समेत कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू कर दी. सुबह करीब 7 बजे सेक्टर-2 स्थित सरकारी कोठी पर ED अधिकारियों का काफिला पहुंचा. करीब 20 गाड़ियों में पहुंचे अधिकारियों के साथ भारी सुरक्षा बल भी तैनात किया गया. CIA और स्पेशल फोर्स के करीब तीन दर्जन जवानों ने पूरे इलाके को घेर लिया. जानकारी के मुताबिक सुबह 7:25 बजे औपचारिक रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ. ED की यह कार्रवाई PMLA 2002 के तहत की जा रही है. एजेंसी चंडीगढ़ और दिल्ली-NCR में संजीव अरोड़ा और उनसे जुड़े सहयोगियों के कुल चार ठिकानों पर जांच कर रही है. सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई दो दिन पहले शुरू हुई बड़ी जांच का विस्तार मानी जा रही है, जिसमें बिल्डर अजय सहगल, मोहिंदर सिंह और अन्य कारोबारियों के यहां भी छापेमारी हुई थी।  इस कार्रवाई के समानांतर पंजाब के मोहाली जिले के खरड़ स्थित वेस्टर्न टावर की 9वीं मंजिल पर चल रही ED रेड भी शुक्रवार देर रात खत्म हुई. यह सर्च ऑपरेशन करीब 40 घंटे तक चला. कारोबारी नितिन गोहल और प्रीतपाल सिंह ढींढसा के घरों और दफ्तरों पर लगातार जांच चलती रही. सूत्रों के मुताबिक प्रीतपाल सिंह ढींढसा के घर से ED की टीम रात करीब 11 बजे निकली, जबकि नितिन गोहल के यहां कार्रवाई देर रात 12:30 से 1 बजे के बीच खत्म हुई. हालांकि अधिकारियों ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है. बताया जा रहा है कि ED अधिकारी कई बैग और दस्तावेज लेकर बाहर निकले. अभी तक एजेंसी ने बरामदगी, जब्ती या गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. इससे पूरे मामले को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है।  एक महीने में दूसरी बार, एक साल में तीसरी रेड पंजाब सरकार और आम आदमी पार्टी ने ED की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि संजीव अरोड़ा के घर एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार ED पहुंची है, लेकिन अब तक कुछ नहीं मिला. उन्होंने लिखा कि पंजाब गुरुओं और शहीदों की धरती है, जिसे कोई ताकत झुका नहीं सकती. मान ने आरोप लगाया कि ED और BJP मिलकर विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और गर्म हो गई है।  बिल्डर नेटवर्क से जुड़ रही जांच की कड़ियां सूत्रों के मुताबिक दो दिन पहले पंजाब और दिल्ली-NCR में बिल्डर और कारोबारी नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ ED ने बड़ी कार्रवाई शुरू की थी. उसी जांच के तार अब संजीव अरोड़ा और उनके करीबियों तक पहुंचते दिखाई दे रहे हैं. जांच एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग, संदिग्ध लेनदेन और कंपनियों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड खंगाल रही है. अधिकारियों ने फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है, लेकिन लगातार बढ़ती छापेमारी से यह साफ है कि जांच का दायरा बड़ा हो चुका है।  सुरक्षा घेरे में पूरा इलाका ED रेड के दौरान चंडीगढ़ के सेक्टर-2 इलाके में सुरक्षा बेहद कड़ी रही. मंत्री आवास के आसपास आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को घेर लिया था. सुबह से लेकर देर शाम तक मीडिया और स्थानीय लोगों की भीड़ बाहर जमा रही. अधिकारियों ने किसी को भी परिसर के भीतर जाने की अनुमति नहीं दी. इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई।  क्या आगे गिरफ्तारी भी हो सकती है? फिलहाल ED ने किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है. हालांकि सूत्रों का कहना है कि एजेंसी वित्तीय दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है. यदि जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आती हैं तो आने वाले दिनों में पूछताछ और गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. पंजाब की राजनीति में इस कार्रवाई को आने वाले समय के बड़े राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। 

आत्महत्या के मामलों में बड़ी गिरावट, पंजाब में 2015 के बाद रिकॉर्ड कमी

 चंडीगढ़ खेती संकट और कर्ज के बोझ को लेकर लंबे समय से चर्चा में रहे पंजाब के लिए राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रिपोर्ट राहत भरी मानी जा रही है।क्राइम इन इंडिया-2024 रिपोर्ट के अनुसार राज्य में किसान और खेतिहर मजदूर आत्महत्या के मामलों में पिछले दस वर्षों का सबसे कम आंकड़ा दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों को दी जा रही आर्थिक सहायता, मुफ्त बिजली, राहत योजनाएं और फसल विविधीकरण की दिशा में किए गए प्रयासों का असर आंकड़ों में दिखाई दे रहा है। एनसीआरबी रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 के दौरान पंजाब में कुल 127 किसान और खेतिहर मजदूरों ने आत्महत्या की। इनमें 57 किसान और 70 खेतिहर मजदूर शामिल हैं। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 161 था। इस तरह एक साल के भीतर मामलों में करीब 21 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2015 के बाद यह सबसे कम संख्या है। कृषि क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य सरकार की ओर से किसानों को राहत देने के लिए कई कदम उठाए गए। किसानों को मुफ्त बिजली, फसल नुकसान पर मुआवजा, कर्ज राहत और धान-गेहूं के अलावा दूसरी फसलों की तरफ बढ़ने के लिए प्रोत्साहन जैसी योजनाओं का असर धीरे-धीरे सामने आ रहा है। यही वजह है कि खेती से जुड़े आत्महत्या मामलों में कमी दर्ज की गई। हालांकि विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि स्थिति को पूरी तरह सामान्य नहीं माना जा सकता। खेतिहर मजदूरों में आत्महत्या के मामलों की संख्या अब भी ज्यादा है, जो ग्रामीण आर्थिक ढांचे की कमजोर स्थिति की तरफ इशारा करती है। छोटे और सीमांत किसान अभी भी बढ़ती लागत, कर्ज और घटती आय जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि देश के कई अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब में स्थिति में सुधार दर्ज हुआ है। इसके बावजूद कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि किसानों की आय बढ़ाने, रोजगार के अवसर पैदा करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास जरूरी हैं, ताकि खेती से जुड़ा संकट स्थायी रूप से कम किया जा सके।

अब आधार अपडेट करवाने के लिए नहीं लगेंगे लंबे इंतजार, 3 जिलों में नए सेंटर शुरू

 जालंधर  आधार कार्ड धारकों के लिए राहत भी खबर सामने आई है। होशियारपुर, गुरदासपुर व जालंधर में नए आधार सेवा केंद्रों (एएसके) शुरू करके, यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI), क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ ने पंजाब में सेवा वितरण नेटवर्क को मजबूत किया है। जालंधर में ये नवीनतम आधार सेवा केंद्र रविवार सहित सप्ताह के सातों दिन खुले रहेगें।  केंद्रों का उद्देश्य नागरिक सुविधा बढ़ाने व आधार संबंधी सेवाओं के सहज वितरण सुनिश्चित करने हेतु हैं। निवासी आधार नामांकन, नाम, पता व जन्म तिथि जैसे जनसांख्यिकीय विवरणों के अपडेट के साथ-साथ बायोमेट्रिक अपडेट अधिक बेहतर व आसान तरीके से प्राप्त कर सकते हैं। इन केंद्रों के जुड़ने से UIDAI निवासियों, विशेषकर नजदीकी कस्बों व ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए पहुंच सुधारने व यात्रा समय घटाने की प्रतिबद्धता जारी रखे हुए है। केंद्र आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षित स्टाफ व सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं से सुसज्जित हैं ताकि न्यूनतम प्रतीक्षा समय व सुगम सेवा अनुभव सुनिश्चित हो। मानकीकृत व नागरिक हितैषी वातावरण बनाकर, मौजूदा केंद्रों पर भीड़ घटाकर व अनुरोधों की तेज प्रक्रिया सुनिश्चित करके, इन ASKs की स्थापना सेवा वितरण की समग्र गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार लाने की उम्मीद है। यह आधार सेवाओं में पारदर्शिता व विश्वसनीयता भी बढ़ाएगा। इसके अलावा, ये केंद्र वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं व दिव्यांग व्यक्तियों सहित समाज के सभी वर्गों के लिए आधार सेवाओं को आसानी से सुलभ बनाकर व्यापक समावेशन को बढ़ावा देंगे। बेहतर पहुंच सुगमता अधिक निवासियों को आधार विवरण अपडेट रखने के लिए प्रोत्साहित करेगी, जिससे विभिन्न सरकारी व वित्तीय सेवाओं तक बेहतर पहुंच संभव होगी। UIDAI पंजाब के निवासियों को अपने नामांकन और अपडेट संबंधी जरूरतों के लिए इन आधार सेवा केंद्रों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने साथ वैध सहायक दस्तावेज रखें और अतिरिक्त सुविधा के लिए वे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए, निवासी UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं या अपने निकटतम आधार सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। जालंधर में यह केन्द्र बस स्टैंड के निकट जवाहर नगर में अपैक्स टावर के ग्राउंड फ्लोर स्थित शाप नम्बर 2 में खोला गया है l

IED धमाकों के बाद पंजाब में हाई अलर्ट, हलवारा एयरफोर्स स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ाई गई

जालंधर/अमृतसर जालंधर और अमृतसर में हुए आईईडी धमाकों के बाद भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सेना केंद्र के मुख्य द्वार के बाहर जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस के दर्जनों सुरक्षाकर्मी तैनात किए गये हैं। गुरुवार रात 10 बजे के करीब एसएसपी डॉ अंकुर गुप्ता खुद नाकेबंदी की कमान संभाले नजर आये और सभी वाहनों की गहन तलाशी ली जा रही है।  लुधियाना बठिंडा राजमार्ग पर भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा कस्बा सुधार बाजार और आसपास के इलाके में पुलिस की गश्त हो रही है और हूटर बजाते सुरक्षा वाहन लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। जिला लुधियाना ग्रामीण पुलिस के अधीन सभी थाना चौकियों से आए कई अधिकारी और मुलाजिम वायु सेना केंद्र के आसपास सभी जगहों की कड़ी निगरानी कर रहे हैं और हर एक संदिग्ध से इलाके में होने के बारे में पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि भारत के अहम लड़ाकू विमानों के बेस हलवारा वायु सेना केंद्र में पहले से थ्री लेयर सुरक्षा प्रणाली तैनात है जिसके चलते अंदर तो परिंदा भी पर नहीं मार सकता लेकिन किसी संभावित थ्रेट के मद्देनजर स्टेशन परिसर के बाहर राज मार्ग और सभी लिंक सड़क पर सिविल पुलिस की गश्त तेज कर दी गई है। एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता के अलावा ग्रामीण पुलिस के अन्य बड़े अधिकारी भी पॉइंट टू पॉइंट नाकेबंदियों की समीक्षा कर रहे हैं। सिविल कपड़ों में खुफिया विभागों के अधिकारी और मुलाजिम भी नजर बनाए हुए हैं। वायु सेना केंद्र के चारों तरफ बनी मजारों और अन्य स्थानों पर बैठने वाले लोगों समेत पंचायतों से भी कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध के बारे में पुलिस को तुरंत जानकारी दी जाए। गौरतलब है कि एक दशक पहले भारतीय वायु सेना केंद्र हलवारा स्थित सेना के सीवी गोले इंडोर ऑडिटोरियम के बाहर एक मारुती कार में आईईडी बम लगाया गया था जिसे समय रहते डीफ्यूज कर दिया गया था।  

भारतीयों के लिए खुशखबरी: कनाडा में परमिट समाप्ति के बाद भी 90 दिन तक कानूनी रूप से रह सकेंगे

चंडीगढ़  कनाडा में रह रहे भारतीयों खासकर पंजाबियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब वर्क परमिट या स्टडी परमिट खत्म होने के बाद लोगों को तुरंत भारत लौटने की मजबूरी नहीं होगी। कनाडा की इमिग्रेशन एजेंसी इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा ने नियमों में बदलाव करते हुए नया विकल्प शुरू किया है। पहले नियमों के तहत यदि किसी व्यक्ति का वर्क परमिट खत्म हो जाता था तो उसे केवल वर्कर कैटेगरी में ही अपना स्टेटस बहाल कराना पड़ता था। इसी तरह स्टूडेंट को भी स्टूडेंट कैटेगरी में ही आवेदन करना होता था। नई नौकरी या नया कोर्स न मिलने की स्थिति में लोगों को कनाडा छोड़कर भारत लौटना पड़ता था। अब नए नियमों के तहत वर्क या स्टडी परमिट खत्म होने के बाद व्यक्ति 90 दिनों के भीतर विजिटर रिकॉर्ड के लिए आवेदन कर सकता है। इससे वह बिना नौकरी या पढ़ाई के भी कानूनी रूप से कनाडा में रह सकेगा। हालांकि इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा ने स्पष्ट किया है कि स्टेटस बहाली की प्रक्रिया पूरी होने तक व्यक्ति न तो काम कर सकेगा और न ही पढ़ाई जारी रख पाएगा। इमिग्रेशन एक्सपर्ट पूजा सिंह ने बताया कि पहले भी 90 दिन का नियम लागू था लेकिन उस दौरान व्यक्ति केवल अपने पुराने स्टेटस को ही बहाल कर सकता था। अब विजिटर रिकॉर्ड का विकल्प मिलने से लोगों को अतिरिक्त राहत मिली है। नए नियम के तहत विजिटर स्टेटस बहाल करने के लिए 346.25 कनाडाई डॉलर फीस तय की गई है। यह नियम 1 मई 2026 से लागू हो चुका है। एक्सपर्ट्स ने सलाह दी है कि लोग समय रहते आवेदन करें क्योंकि आउट ऑफ स्टेटस होने का असर भविष्य में पीआर और एक्सप्रेस एंट्री प्रोफाइल पर पड़ सकता है। 

मान सरकार का कार्रवाई प्रयास नाकाम, BJP में गए सांसद राजिंदर गुप्ता को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने राजिंदर गुप्ता को बड़ी राहत देते हुए उनकी कंपनी ट्राइडेंट ग्रुप के खिलाफ फिलहाल किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई पर रोक लगा दी है. अदालत ने पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि कंपनी को पहले कथित कमियों को दूर करने का अवसर दिया जाए, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाए. राज्यसभा सांसद राजिंदर गुप्ता हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे. ऐसे में इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है।  मामला ट्राइडेंट ग्रुप की बरनाला स्थित यूनिट से जुड़ा है. कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से की गई रेड और कार्रवाई को चुनौती दी थी. कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया कि बोर्ड ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से और राजनीतिक द्वेष की भावना के तहत कार्रवाई की. याचिका में कहा गया कि बोर्ड ने बिना पर्याप्त आधार के कंपनी को निशाना बनाया और कार्रवाई के दौरान तय नियमों का भी पालन नहीं किया गया। राजिंदर गुप्ता की ट्राइडेंट ग्रुप की बरनाला स्थित फैक्ट्री पर 7 दिन पहले पीपीसीबी ने रेड की थी, जिसके खिलाफ उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले की सुनवाई की और अब ये आदेश जारी किए हैं। राजिंदर गुप्ता की सिक्योरिटी हटाने को लेकर अभी कोर्ट ने कोई फैसला नहीं दिया है। इस पर भी आज ही कुछ देर बाद फैसला आ सकता है। उधर, आम आदमी पार्टी से भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पंजाब सरकार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज केस की कॉपी मांगी है। संदीप पाठक की याचिका पर हाईकोर्ट में आज सुनवाई होगी। पाठक ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट से अपील की है कि उन्हें यह बताया जाए कि पंजाब सरकार ने उनके खिलाफ दो केस कहां रजिस्टर किए और उनमें कौन सी धाराएं लगाई गई। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने की. सुनवाई के दौरान अदालत ने PPCB से पूछा कि क्या कंपनी की ओर से ऐसा कोई गंभीर पर्यावरणीय खतरा पैदा हुआ था, जिससे तत्काल कठोर कार्रवाई जरूरी हो जाए. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बोर्ड यह साबित करने में असफल रहा कि ट्राइडेंट ग्रुप की गतिविधियों से किसी नाले, कुएं, जमीन या पर्यावरण को जहरीले अपशिष्टों के जरिए प्रदूषित किए जाने जैसी कोई आपात स्थिति उत्पन्न हुई थी।  हाईकोर्ट ने कहा कि अगर कंपनी में कोई छोटी खामियां या तकनीकी कमियां हैं, तो बोर्ड पहले उन्हें सुधारने के लिए 30 दिन का उचित समय दे. अदालत ने साफ किया कि सुधार का मौका दिए बिना सीधे कठोर कार्रवाई करना उचित नहीं माना जा सकता. कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में कंपनी के खिलाफ कोई सख्त कदम उठाया जाता है, तो ट्राइडेंट ग्रुप को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी जाने की पूरी स्वतंत्रता होगी. इन निर्देशों के साथ हाईकोर्ट ने मामले का निपटारा कर दिया. अदालत के इस फैसले को ट्राइडेंट ग्रुप और राजिंदर गुप्ता के लिए बड़ी कानूनी राहत माना जा रहा है।  याचिका में पाठक ने क्या कहा…     FIR कहां दर्ज हुई, इसकी जानकारी मांगीः संदीप पाठक ने याचिका में लिखा है कि पिछले कुछ दिनों मीडिया में अचानक खबरें आई कि पंजाब सरकार ने उनके खिलाफ दो FIR गैरजमानती धाराओं में दर्ज की हैं। उन्हें पंजाब सरकार व पुलिस ने अभी तक नहीं बताया कि एफआईआर कहां और किन धाराओं में दर्ज हुई हैं।     मैंने कोई गलत काम नहीं कियाः दो दिन बाद संदीप पाठक सामने आए और उन्होंने कहा कि उन्हें पता ही नहीं है कि उनके खिलाफ कहां पर पर्चा दर्ज हुआ है। पाठक ने कहा था कि उन्होंने ऐसा कोई काम नहीं किया है, जिसकी वजह से उनके खिलाफ एफआईआर हो। संदीप पाठक दिल्ली स्थित अपने घर में थे और जब उन्हें यह सूचना मिली तो वो घर के पिछले दरवाजे से निकल गए थे, ताकि पंजाब पुलिस उन्हें गिरफ्तार न कर सके। AAP सरकार के खिलाफ खोला था मोर्चा FIR की सूचना से भाजपा समेत तमाम विरोधी दलों ने आप सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। आम आदमी पार्टी के नेताओं और मुख्यमंत्री ने भी यहां तक कह दिया था कि, जिसने गलत काम किए होंगे उनके खिलाफ तो कार्रवाई होगी ही। मुख्यमंत्री के इस तरह के बयान के बाद पाठक को लगा कि पंजाब पुलिस ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी है, लेकिन पुलिस उन्हें बता नहीं रही है। इस वजह से उन्होंने अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।