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गैर-मुस्लिम महिला से शादी के लिए वक्फ बोर्ड रजिस्ट्रेशन जरूरी? नियमों को लेकर बड़ा अपडेट

रायपुर. छत्तीसगढ़ में फर्जी निकाह रोकने छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने नए नियम बनाए हैं. गैर मुस्लिम महिला से निकाह के लिए अब वक्फ बोर्ड से रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है. वहीं बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलाना पर कार्रवाई हो सकती है. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने कहा, नए नियम के तहत अब वक्फ बोर्ड से रजिस्टर्ड मौलाना ही निकाह करा पाएंगे. अगर कोई मुस्लिम युवक या युवती किसी गैर-मुस्लिम से निकाह करना चाहता है तो पहले वक्फ बोर्ड से रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा. इसके लिए दोनों पक्षों की सहमति, आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी. डॉ. सलीम राज ने कहा, बिना अनुमति निकाह पढ़ाने वाले मौलानाओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. इसके अलावा नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में निकाह कराने वाले सभी मौलानाओं का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. केवल रजिस्टर्ड मौलाना ही निकाह करा सकेंगे. वक्फ बोर्ड का कहना है कि इससे फर्जी पहचान, दस्तावेज छिपाकर विवाह कराने और विवादित मामलों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी. हर निकाह का पूरा रिकॉर्ड वक्फ बोर्ड के पास सुरक्षित रखा जाएगा. निकाह के बाद जारी होने वाला प्रमाणपत्र भी बोर्ड के माध्यम से जारी किया जाएगा. वक्फ बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों से महिलाओं को बहला-फुसलाकर विवाह करने और संपत्ति विवाद से जुड़े कुछ मामलों की शिकायतें मिली हैं, इन्हीं शिकायतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों की निगरानी बढ़ाने और सभी निकाह का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की योजना बनाई गई है.

परियोजना 20 एकड़ क्षेत्र में होगी विकसित

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए विनिर्माण संयंत्र का भूमि-पूजन करेंगे। चीन की अग्रणी बहुराष्ट्रीय निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड की भारतीय इकाई द्वारा किया जा रहा यह विस्तार मध्यप्रदेश को निर्माण उपकरण विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। पीथमपुर में स्थापित होने वाला नया संयंत्र लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में 272 करोड़ रूपये का निवेश किया जा रहा है। संयंत्र में प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष 6,500 निर्माण उपकरणों के उत्पादन की क्षमता विकसित की जाएगी, जिसमें मुख्य रूप से एक्सकेवेटर का निर्माण किया जाएगा। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ आयात पर निर्भरता कम होगी तथा क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। लियुगोंग विश्व की अग्रणी निर्माण उपकरण निर्माता कंपनियों में शामिल है तथा व्हील लोडर निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी पहचान रखती है। कंपनी व्हील लोडर, एक्सकेवेटर, मोटर ग्रेडर, माइनिंग डंप ट्रक, बुलडोजर, स्किड-स्टियर लोडर, फोर्कलिफ्ट, कोल्ड प्लेनर तथा अन्य आधुनिक निर्माण एवं खनन उपकरणों का निर्माण करती है। कंपनी वर्ष 2008 से पीथमपुर में अपनी विनिर्माण इकाई का संचालन कर रही है। 44 एकड़ से अधिक क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र में प्रतिवर्ष 3 हजार व्हील लोडर एवं मोटर ग्रेडर के निर्माण की क्षमता है। वर्ष 2009 में इसी इकाई से पहला मेड इन इंडिया व्हील लोडर तैयार किया गया था। पीथमपुर स्थित इकाई में अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित हैं, जहां 500 से अधिक भारतीय युवा पेशेवर कार्यरत हैं। यह इकाई मेक इन इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्यों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। देशभर में सड़क निर्माण, खनन, जलविद्युत एवं पाइपलाइन परियोजनाओं सहित विभिन्न आधारभूत संरचना कार्यों में कंपनी के 4 हजार से अधिक निर्माण उपकरण उपयोग में लाए जा रहे हैं। पीथमपुर में प्रस्तावित नया संयंत्र इस बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, उत्कृष्ट औद्योगिक अधोसंरचना, सरल प्रक्रियाओं तथा निवेशक हितैषी नीतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लियुगोंग इंडिया का यह विस्तार राज्य में बढ़ते वैश्विक निवेशकों के विश्वास की एक और बड़ी मिसाल बनेगा।  

एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई खिलाड़ियों से टीटी नगर स्टेडियम में मिले मंत्री सारंग, बढ़ाया हौसला

एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों से टी.टी. नगर स्टेडियम में मिले मंत्री सारंग खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन कहा – मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय मंच पर रचेंगे नया इतिहास सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में आगामी एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से आत्मीय संवाद कर उनकी तैयारियों, प्रशिक्षण, फिटनेस और आगामी प्रतियोगिताओं को लेकर विस्तार से चर्चा की तथा उन्हें शुभकामनाएं देते हुए पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने का आह्वान किया। मंत्री सारंग ने कहा कि एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय आयोजन के लिए मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का बड़ी संख्या में चयन होना पूरे प्रदेश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। यह उपलब्धि खिलाड़ियों के अथक परिश्रम, प्रशिक्षकों के समर्पण तथा प्रदेश सरकार द्वारा खेलों के विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज मध्यप्रदेश देश के अग्रणी खेल राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और यहां के खिलाड़ी लगातार राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ा रहे हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अधोसंरचना, उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, वैज्ञानिक कोचिंग, खेल विज्ञान, पोषण, आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। सरकार की प्राथमिकता है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को हर स्तर पर आवश्यक सहयोग और अवसर प्राप्त हों। मंत्री सारंग ने कहा कि एशियन गेम्स केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि देश के लिए गौरव अर्जित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्हें पूरा विश्वास है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से भारत के लिए अधिक से अधिक पदक जीतेंगे और प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे अनुशासन, समर्पण और सकारात्मक सोच के साथ अपनी तैयारियां जारी रखें। पूरे प्रदेश की शुभकामनाएं और विश्वास उनके साथ हैं। उन्होंने प्रशिक्षकों और खेल विभाग के अधिकारियों की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और समर्पण का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी लगातार नई सफलताएं प्राप्त कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि आगामी एशियन गेम्स के लिए मध्यप्रदेश के 22 खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल विधाओं में क्वालिफाई किया है। इनमें एथलेटिक्स, शूटिंग, रायफल, कैनो स्लालम, कैनोइंग, कायाक, शॉटगन, क्लाउड जुडो, घुड़सवारी सहित विभिन्न खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों से प्रदेश को उत्कृष्ट प्रदर्शन और पदक जीतने की बड़ी उम्मीदें हैं। इस अवसर पर खेल विभाग के सचिव संजीव सिंह, संचालक अंशुमन यादव, उपसचिव अजय श्रीवास्तव, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक, खेल अकादमियों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। मंत्री सारंग ने सभी चयनित खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरा मध्यप्रदेश उनके साथ खड़ा है और उन्हें विश्वास है कि वे अपने प्रदर्शन से देश और प्रदेश को गौरवान्वित करेंगे।  

CM डॉ. मोहन यादव 8 जुलाई को पीथमपुर में LiuGong India के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का करेंगे शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव पीथमपुर में लियूगोंग इंडिया के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का 8 जुलाई को करेंगे शुभारंभ परियोजना 20 एकड़ क्षेत्र में होगी विकसित 2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का होगा निवेश पीथमपुर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बुधवार 8 जुलाई को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नए विनिर्माण संयंत्र का भूमि-पूजन करेंगे। चीन की अग्रणी बहुराष्ट्रीय निर्माण उपकरण निर्माता कंपनी गुआंग्शी लियुगोंग मशीनरी कंपनी लिमिटेड की भारतीय इकाई द्वारा किया जा रहा यह विस्तार मध्यप्रदेश को निर्माण उपकरण विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। पीथमपुर में स्थापित होने वाला नया संयंत्र लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग 2.8 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश किया जा रहा है। संयंत्र में प्रारंभिक चरण में प्रतिवर्ष 6,500 निर्माण उपकरणों के उत्पादन की क्षमता विकसित की जाएगी, जिसमें मुख्य रूप से एक्सकेवेटर का निर्माण किया जाएगा। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलने के साथ आयात पर निर्भरता कम होगी तथा क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। लियुगोंग विश्व की अग्रणी निर्माण उपकरण निर्माता कंपनियों में शामिल है तथा व्हील लोडर निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी पहचान रखती है। कंपनी व्हील लोडर, एक्सकेवेटर, मोटर ग्रेडर, माइनिंग डंप ट्रक, बुलडोजर, स्किड-स्टियर लोडर, फोर्कलिफ्ट, कोल्ड प्लेनर तथा अन्य आधुनिक निर्माण एवं खनन उपकरणों का निर्माण करती है। कंपनी वर्ष 2008 से पीथमपुर में अपनी विनिर्माण इकाई का संचालन कर रही है। 44 एकड़ से अधिक क्षेत्र में स्थापित इस संयंत्र में प्रतिवर्ष 3 हजार व्हील लोडर एवं मोटर ग्रेडर के निर्माण की क्षमता है। वर्ष 2009 में इसी इकाई से पहला मेड इन इंडिया व्हील लोडर तैयार किया गया था। पीथमपुर स्थित इकाई में अनुसंधान एवं विकास केंद्र तथा प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित हैं, जहां 500 से अधिक भारतीय युवा पेशेवर कार्यरत हैं। यह इकाई मेक इन इंडिया एवं आत्मनिर्भर भारत अभियान के उद्देश्यों को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। देशभर में सड़क निर्माण, खनन, जलविद्युत एवं पाइपलाइन परियोजनाओं सहित विभिन्न आधारभूत संरचना कार्यों में कंपनी के 4 हजार से अधिक निर्माण उपकरण उपयोग में लाए जा रहे हैं। पीथमपुर में प्रस्तावित नया संयंत्र इस बढ़ती मांग को पूरा करने के साथ मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण, उत्कृष्ट औद्योगिक अधोसंरचना, सरल प्रक्रियाओं तथा निवेशक हितैषी नीतियों के माध्यम से मध्यप्रदेश को देश का अग्रणी औद्योगिक निवेश केंद्र बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। लियुगोंग इंडिया का यह विस्तार राज्य में बढ़ते वैश्विक निवेशकों के विश्वास की एक और बड़ी मिसाल बनेगा।  

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, 190 तहसीलदारों को मिला डिप्टी कलेक्टर पद पर प्रमोशन

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने करीब एक दशक से लंबित तहसीलदारों की नियमित पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा करते हुए 190 तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख (एसएलआर) और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को राज्य प्रशासनिक सेवा में डिप्टी कलेक्टर पद पर पदोन्नत कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 7 जुलाई को इस संबंध में आदेश जारी किए। इस फैसले के साथ वर्षों से रुकी पदोन्नतियों का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि, फिलहाल पदोन्नत अधिकारियों की पदस्थापना में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वे अपने वर्तमान कार्यस्थल पर ही कार्य करते रहेंगे। राजस्व विभाग से जीएडी के अधीन आए अधिकारी सरकार के आदेश के अनुसार, कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से सभी पदोन्नत अधिकारियों को राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही वे अब राजस्व विभाग के बजाय सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण में माने जाएंगे। आदेश में उन अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ दिया गया है, जिन्होंने पहले प्रभारी डिप्टी कलेक्टर अथवा अधीक्षक भू-अभिलेख के रूप में कार्य करने की स्वीकृति दी थी, लेकिन कार्यवाहक उच्च पद का प्रभार ग्रहण नहीं किया था। 5400 ग्रेड पे पर होंगे पदोन्नत सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के साथ ही एक बड़ा ढांचागत बदलाव भी हुआ है. अब तक ये अधिकारी राजस्व विभाग के अधीन कार्यरत थे लेकिन इस नियमित पदोन्नति के बाद इन सभी 190 अधिकारियों को सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) का अधिकारी माना जाएगा. जारी आदेश के अनुसार संबंधित अधिकारियों को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से राज्य प्रशासनिक सेवा के कनिष्ठ श्रेणी वेतनमान (पे-मैट्रिक्स लेवल-12, 15600-39100 + 5400 ग्रेड पे) में पदोन्नत किया गया है।  प्रशासनिक व्यवस्था को मिलेगी मजबूती सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही जिला प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों की उपलब्धता बढ़ने से प्रशासनिक कार्यों में भी गति आएगी। अब नायब तहसीलदारों की पदोन्नति की तैयारी सूत्रों के मुताबिक अब राजस्व विभाग नायब तहसीलदारों की पदोन्नति प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर सकता है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि वर्तमान में प्रभारी तहसीलदार के रूप में कार्यरत करीब 200 नायब तहसीलदारों को नियमित तहसीलदार पद पर पदोन्नत करने के आदेश अगले एक-दो दिनों में जारी हो सकते हैं।

जमशेदपुर पासपोर्ट सेवा केंद्र में बढ़ी क्षमता, अब रोज 150 आवेदनों का होगा निपटारा

रांची  झारखंड के लोगों के लिए पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से अधिक आसान और तेज होने जा रही है। नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और अधिक सुलभ पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) रांची ने जमशेदपुर स्थित पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (पीओपीएसके) का पुनर्निर्माण और आधुनिकीकरण किया है। इस नई व्यवस्था से जमशेदपुर समेत पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और आसपास के जिलों के हजारों आवेदकों को सीधा लाभ मिलेगा। इस पहल से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को पासपोर्ट संबंधी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक तेजी और सुविधा के साथ मिल सकेंगी। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के अनुसार, पीओपीएसके जमशेदपुर को डाकघर परिसर के भीतर स्थानांतरित कर नया स्वरूप दिया गया है। केंद्र में सेवा काउंटरों की संख्या दो से बढ़ाकर तीन कर दी गई है। साथ ही आवेदकों के लिए बेहतर प्रतीक्षालय की भी व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें अधिक सुविधाजनक वातावरण मिल सके। तीसरे सेवा काउंटर के संचालन शुरू होने के बाद केंद्र की दैनिक अपाइंटमेंट क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब प्रतिदिन 140 पासपोर्ट आवेदनों और 10 पुलिस क्लियरेंस प्रमाण-पत्र (पीसीसी) आवेदनों का निपटारा किया जा सकेगा। इस प्रकार कुल दैनिक क्षमता 100 से बढ़कर 150 अपाइंटमेंट हो गई है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय रांची का कहना है कि इस सुधार से जमशेदपुर सहित आसपास के जिलों के आवेदकों को जल्द अपाइंटमेंट मिलने में मदद मिलेगी और पासपोर्ट सेवाओं की प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी। रांची में अब दबाव कम होगा। कार्यालय ने नागरिकों को पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।  

सरकार और संगठन के बीच तालमेल बढ़ाने की कवायद, NDA नेताओं के साथ सीएम की अहम बैठक

पटना  बिहार में सरकार-संगठन के बीच बेहतर समन्वय को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी पांच सहयोगी दलों के जिलाध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। 10 जुलाई को लोक सेवक आवास परिसर में यह बैठक होगी। माना जा रहा है कि पहली बार एक साथ सभी सहयोगी दलों के जिला स्तर के संगठनात्मक नेतृत्व के साथ मुख्यमंत्री का सीधा संवाद होगा। बैठक में पूर्व सीएम नीतीश कुमार के अलावा भाजपा, जदयू, लोजपा (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे व‍िभ‍िन्‍न बिंदुओं पर चर्चा करेंगे मुख्‍यमंत्री सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री संगठन के पदाधिकारियों से जिलों की राजनीतिक स्थिति, सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन, जनसरोकार के मुद्दों तथा गठबंधन के बीच बेहतर तालमेल पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही कार्यकर्ताओं से मिले फीडबैक और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी भी ली जाएगी। सीएम जिलाध्यक्षों से अपेक्षा करेंगे कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, जन शिकायतों के त्वरित समाधान तथा सरकार के प्रति जनता के विश्वास को और मजबूत बनाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श होने की संभावना है। बांकीपुर विधानसभा चुनाव के मध्य केवल संगठनात्मक औपचारिकता नहीं, बल्कि आगामी चुनावों की रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। जिला स्तर के पदाधिकारी किसी भी राजनीतिक दल की सबसे मजबूत कड़ी माने जाते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री का सीधे उनसे संवाद करना सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। गठबंधन सहयोग‍ियों में समन्‍वय पर भी हो सकती चर्चा सूत्रों के मुताबिक बैठक में प्रत्येक जिले की राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की सक्रियता, बूथ स्तर की तैयारियों तथा गठबंधन सहयोगियों के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हो सकती है। मुख्यमंत्री जिलाध्यक्षों से यह भी जानना चाहेंगे कि सरकार की योजनाओं को लेकर जनता की क्या प्रतिक्रिया है और किन क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। एनडीए सरकार बनने के बाद यह अपनी तरह की पहली व्यापक बैठक मानी जा रही है, जिसमें गठबंधन के सभी पांच दलों के जिला अध्यक्ष एक मंच पर मुख्यमंत्री के साथ मौजूद रहेंगे। राजनीतिक हलकों की नजर इस बैठक पर टिकी है, क्योंकि इससे सरकार और गठबंधन की आगे की रणनीति के संकेत मिलने की संभावना है। बैठक के निष्कर्षों के आधार पर आगामी दिनों में संगठन और सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत करने तथा जनसंपर्क अभियान को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। बताया जाता है कि बैठक में प्रवेश करने से पूर्व पूरी जांच की जाएगी। सूची में नाम है या नहीं, यह देखने के बाद ही प्रवेश द‍िया जाएगा।   घोषणापत्र की बातों को जमीन पर उतारेंगे बैठक की बाबत जदयू के राष्‍ट्रीय कार्यकारी अध्‍यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि, हम लोग आपस में बैठते रहते हैं। सभी पार्टी के जिलाध्‍यक्ष, सरकार के मंत्री और पार्टी नेता रहेंगे। बैठक में जदयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व पूर्व सीएम नीतीश कुमार की भी उपस्‍थ‍िति‍ रहेगी। इसके अलावा एनडीए के शीर्ष नेता भी बैठक में रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि एनडीए में समन्‍वय की कोई कमी नहीं है। इंड‍ी गठबंधन वाली बात थोड़े है कि चुनाव लड़े और अगले दिन से गालीगलौज करने लगे। सरकार का सबसे बड़ा उद्देश्‍य है कि मैनीफेस्‍टों में कही गई बातों को जमीन पर उतारा जाए।    

रेलवे ट्रैक के पोल पर मिला संदिग्ध CCTV कैमरा, अमृतसर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अमृतसर  अमृतसर-मानावाला रेलवे ट्रैक पर पोल पर सीसीटीवी कैमरा लगा मिला है जिसने आरपीएफ, जीआरपी और सिविल पुलिस की नींद उड़ाकर रख दी है। आरपीएफ ने उस कैमरे को कब्जे में लिया है और इस सनसनीखेज मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के दौरान अमृतसर-जालंधर सेक्शन में जीआरपी पुलिस कर्मचारी गत दिन शाम को रूटीन चेकिंग कर रहे थे तभी उनकी नज़र अमृतसर-मानावाला मध्य पड़ते किलोमीटर संख्या 508/23 पर ओएचई के पोल पर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी। उसके बाद जीआरपी, आरपीएफ, सिविल पुलिस और एआरपी पुलिस टीमें मौके पर पहुंच गई। आरपीएफ ने उस कैमरे को अपने कब्जे में ले लिया है। यह एरिया जीआरपी के अधीन आता है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।  

SEO-Friendly Title 2: पंजाब कांग्रेस में सियासी हलचल, भूपेश बघेल ने दोनों गुटों के नेताओं संग की अलग-अलग मुलाकात

चंडीगढ़. पंजाब कांग्रेस में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर पार्टी का मंथन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस में गुटबाजी के बीच विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल लगातार कांग्रेस नेताओं से मिले। मंगलवार को पंजाब कांग्रेस भवन में पार्टी के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। बैठकों का सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा इस बैठक में शामिल नहीं हुए। दोनों फिलहाल दिल्ली में हैं। चुनावी रणनीति पर चर्चा तेज बैठक में पंजाब कांग्रेस के तीनों वर्किंग प्रेसिडेंट, महासचिवों और संगठन के अन्य पदाधिकारियों से अलग-अलग बातचीत की गई। दोपहर बाद जिला कांग्रेस अध्यक्षों के साथ भी बैठक प्रस्तावित रही, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल लगातार नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर रहे हैं ताकि संगठन को और मजबूत बनाया जा सके। वड़िंग ने कहा कि अगले तीन-चार दिनों तक यह मंथन जारी रहेगा और सभी नेताओं से एक-एक कर चर्चा की जाएगी। एक दो दिनों में चंडीगढ़ में होगी मुलाकात चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के बैठक में शामिल नहीं होने के सवाल पर वड़िंग ने कहा कि दोनों नेताओं से भूपेश बघेल की फोन पर बातचीत हो चुकी है। वे फिलहाल पंजाब से बाहर हैं और एक-दो दिन में चंडीगढ़ आकर प्रभारी से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव समिति के दोनों चेयरमैन भी जल्द इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। जिला कांग्रेस अध्यक्षों की बैठक में कुछ पदाधिकारियों के अनुपस्थित रहने पर वड़िंग ने स्पष्ट किया कि दो जिला अध्यक्ष अमरनाथ यात्रा पर गए हुए हैं। उन्होंने पहले ही लिखित रूप से इसकी सूचना दे दी थी, इसलिए उनकी अनुपस्थिति का कोई अन्य अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। उधर, कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने दिल्ली में अपनी मौजूदगी को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि उनका दिल्ली जाना पूरी तरह निजी कारणों से है। उन्होंने बताया कि वह अपनी पत्नी को विदेश जाने के लिए छोड़ने के लिए दिल्ली आए हैं और उनके दौरे का किसी राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। 'मतभेद जल्द सुलझाएं जाएंगे' बैठक के बाद वर्किंग प्रेसिडेंट राजकुमार वेरका ने कहा कि कांग्रेस 2027 के चुनाव को ध्यान में रखकर लगातार रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी में गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। यदि कहीं कोई मतभेद है तो उसे भी जल्द सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस के सभी नेता एक मंच पर नजर आएंगे और चुनाव की तैयारियों को मिलकर आगे बढ़ाएंगे।

मुख्य सचिव की बैठक में बड़ा फैसला, बैकलॉग के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती के निर्देश

रायपुर. मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के समस्त विभागों के भार सादक सचिवों की बैठक ली। बैठक में विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों एवं योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने सभी विभागों में बैकलॉग के रिक्त पदों की भर्ती के लिए शीघ्र कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए है। मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को उनके विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं प्रगति की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए है। बैठक में ई-ऑफिस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डेसबोर्ड, सुघ्घर छत्तीसगढ़, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, डी रेगुलेशन ई-गजट, सेवा सेतु, ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं, पीएम सूर्य घर बिजली सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली गई। मुख्य सचिव ने शासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्टों के अंतर्गत भू-अर्जन के प्रकरणों को तेजी से निपटाने के निर्देश अधिकारियों को दिए है। बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋर्चा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमख सचिव शहला निगार, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, गृह विभाग की सचिव नेहा चम्पावत, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव अविनाश चम्पावत, परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर.शंगीता, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, वाणिज्यिक कर (पंजीयन) सचिव भुवनेश यादव सहित राज्य शासन के अन्य विभागों के सचिव मौजूद थे।