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ब्रेकिंग: होली के मौके पर वृंदावन में नहीं होंगे ठाकुर जी के दर्शन, नई अपडेट जारी

वृंदावन होली के अवसर पर इस वर्ष वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में पूजा-अर्चना की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। तीन मार्च को पूर्णिमा तिथि के दिन चंद्रग्रहण पड़ने के कारण ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के कपाट सूतक काल के दौरान बंद रहेंगे। इसी वजह से ब्रज में होली का उत्सव एक दिन पहले मनाया जाएगा और होलिका दहन भी निर्धारित तिथि से पहले किया जाएगा। मंदिर के सेवायत प्रहलाद बल्लभ गोस्वामी ने जानकारी दी कि सामान्यतः पूर्णिमा के दिन होली मनाई जाती है और शाम को होलिका दहन होता है। लेकिन इस बार दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम 6 बजकर 45 मिनट तक चंद्रग्रहण रहेगा। इसलिए होलिका दहन 2 मार्च की रात्रि में किया जाएगा। परंपरा के अनुसार अगले दिन डोलोत्सव मनाया जाता है, किंतु ग्रहण और सूतक के कारण दर्शन व्यवस्था में बदलाव रहेगा। सूतक काल के दौरान सुबह से शाम लगभग सात बजे तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। तीन मार्च को ठाकुर बांकेबिहारी की सेवा-पूजा सुबह 9 बजकर 5 मिनट से पहले तथा शाम सात बजे के बाद ही संपन्न की जाएगी। नगर के प्राचीन सप्तदेवालयों में शामिल ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू रहेगी। यहां सुबह नौ बजे से शाम सात बजे तक मंदिर के पट बंद रखे जाएंगे। सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी के अनुसार, मंगला आरती प्रातः चार बजे होगी, जिसके बाद धूप और श्रृंगार आरती संपन्न की जाएगी। शाम सात बजे कपाट खुलने के बाद गौर पूर्णिमा के अवसर पर ठाकुरजी का अभिषेक, धूप, संध्या आरती और शयन आरती आयोजित होगी। ठाकुर राधारमण मंदिर में भी तीन मार्च को धुलेंडी मनाई जाएगी, लेकिन चंद्रग्रहण के चलते यहां भी पूजा समय में परिवर्तन रहेगा। सेवायत पदमलोचन गोस्वामी ने बताया कि सुबह की सेवा छह बजे तक पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद सुबह छह बजे से शाम सात बजे तक, लगभग 13 घंटे, मंदिर के पट बंद रहेंगे। ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर की धुलाई और शुद्धिकरण प्रक्रिया के उपरांत नियमित पूजा-अर्चना पुनः आरंभ की जाएगी। ज्योतिषाचार्य रामविलास चतुर्वेदी के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से शाम 6 बजकर 47 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जबकि सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा। सूतक अवधि में पूजा-पाठ का विधान नहीं होने के कारण ब्रज के अधिकांश मंदिरों में कपाट बंद रखे जाएंगे। इस प्रकार चंद्रग्रहण के कारण इस वर्ष होली के पर्व पर वृंदावन में धार्मिक कार्यक्रमों और दर्शन व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन देखने को मिलेगा। श्रद्धालुओं को मंदिर जाने से पहले समय की जानकारी अवश्य कर लेनी चाहिए, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।  

मौसम का मिजाज बदलेगा: छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में 23-24 फरवरी को हल्की बारिश के आसार

रायपुर लगातार बढ़ते तापमान के बीच छत्तीसगढ़ में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। प्रदेश में फिलहाल दिन का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, लेकिन अगले 48 घंटों में कुछ हिस्सों में हल्की राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय निम्न दाब क्षेत्र और उससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का असर प्रदेश पर पड़ रहा है, जिससे नमी युक्त हवाएं प्रवेश कर रही हैं। शनिवार को प्रदेश का मौसम शुष्क रहा, हालांकि तापमान में तेजी दर्ज की गई। सुकमा में अधिकतम तापमान 35.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। नमी बढ़ने के कारण रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 22 फरवरी को अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 23 और 24 फरवरी को मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में हल्की से अति हल्की वर्षा हो सकती है। एक-दो स्थानों पर बादल गरजने और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह बदलाव प्री-समर गतिविधियों की शुरुआत का संकेत हो सकता है। नमी और गर्मी के संयोजन से स्थानीय स्तर पर बादल बन सकते हैं, जिससे शाम या रात के समय छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें, खासकर जिन क्षेत्रों में सब्जी और दलहन की फसल तैयार अवस्था में है। राजधानी रायपुर में आज आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन में हल्की गर्मी महसूस होगी, जबकि सुबह और देर शाम मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है। आगामी दिनों में तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना नहीं है, लेकिन नमी के प्रभाव से वातावरण में हल्का बदलाव बना रहेगा। मौसम विभाग ने फिलहाल किसी प्रकार की चेतावनी जारी नहीं की है, फिर भी गरज-चमक की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश में फिर बढ़ेगी चीतों की संख्या: बोत्सवाना से आठ चीते लाने की तैयारी

भोपाल मध्य प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। चीतों की संख्या में वृद्धि के लिए 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ और चीते लाए जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है। इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश में चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट विश्व का सबसे सफल अभियान है। यह परियोजना ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश है। सितंबर 2022 में शुरू हुई वन्य जीव संरक्षण की इस यात्रा ने सफलता के तीन साल पूरे कर लिए। 2023 से 2026 के बीच 39 शावकों का जन्म 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो अभयारण्य के संरक्षित बाड़ों में छोड़ कर पुनर्स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया। 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए। वर्ष 2023 से 2026 के बीच यहां 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 27 शावक कूनो में स्वस्थ और जीवित हैं। राष्ट्रपति के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रह सकते हैं बताया जा रहा है कि इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष डुमा बोका भी मौजूद रह सकते हैं। कार्यक्रम केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में होगा। अति विशिष्ट अतिथियों के संभावित आगमन को लेकर कूनो पार्क में पांच हेलीपैड बनाए गए हैं। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए जा चुके हैं चीते एयरफोर्स के अधिकारियों की देखरेख में यहां हेलीकॉप्टर उतारने का ट्रायल भी किया गया है। बता दें कि भारत में चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए जाने के बाद अब बोत्सवाना से दो वयस्क मादा चीते और उनके छह शावक लाए जा रहे हैं।  

अगले 12 महीनों तक इस मार्ग से नहीं होगा आवागमन, मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

नई दिल्ली दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए बताया कि GRG सर्कल और PM सर्कल के बीच स्थित पंडित पंत मार्ग 23 फरवरी (सोमवार) से लगभग एक साल के लिए बंद रहेगा। पुलिस के अनुसार, यहां ‘युगे युगीन भारत’ अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के निर्माण का काम शुरू होने जा रहा है, जिसके चलते अगले 12 महीनों तक इस मार्ग पर आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। यह फैसला सुरक्षा और निर्माण कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए लिया गया है। इस बंदी का सबसे ज्यादा असर लुटियंस दिल्ली (सेंट्रल दिल्ली) से आने-जाने वाले लोगों पर पड़ेगा, क्योंकि यह इलाका राजधानी का प्रमुख प्रशासनिक और यातायात केंद्र है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट जरूर जांच लें, ताकि जाम और असुविधा से बचा जा सके। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने GRG सर्कल और PM सर्कल के बीच पंडित पंत मार्ग बंद होने के कारण लोगों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों की सलाह जारी की है। पुलिस के अनुसार, गोल डाक खाना से पंडित पंत मार्ग की ओर आने वाले वाहन चालक डॉ. बिशंबर दास मार्ग का उपयोग करें। इसके बाद वे गुरुद्वारा रकाबगंज रोड (GRG रोड) की ओर बढ़ते हुए चर्च रोड पहुंचने के लिए चर्च लेन का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी तरह, चर्च रोड से आने वाली गाड़ियों को GRG रोड, तालकटोरा रोड होते हुए पंडित पंत मार्ग की दिशा में जाने के लिए संबंधित लेन लेने की सलाह दी गई है। इलाके में भीड़ कम करने और ट्रैफिक को सुचारु बनाए रखने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने कई वैकल्पिक मार्ग सुझाए हैं। पुलिस के अनुसार वाहन चालक संसद मार्ग, पटेल चौक गोल चक्कर, अशोक रोड, बाबा खड़क सिंह मार्ग, बिशंबर दास रोड, गुरुद्वारा रकाब गंज रोड और महादेव रोड जैसे मार्गों का उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा, ISBT, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को विशेष सलाह दी गई है कि वे यातायात प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें और अपनी यात्रा की योजना सावधानी से बनाएं, ताकि किसी भी प्रकार की देरी या असुविधा से बचा जा सके। एडवाइजरी में सुझाए गए मार्ग गोल डाक खाना से PP मार्ग की ओर आने वाले वाहन: डॉ. बिशंबर दास मार्ग से होते हुए गुरुद्वारा रकाबगंज रोड (GRG रोड) जाएं और फिर चर्च लेन के जरिए चर्च रोड की ओर बढ़ें। चर्च रोड की ओर से आने वाले वाहन: चर्च लेन का उपयोग करते हुए GRG रोड, तालकटोरा रोड और आगे पंडित पंत मार्ग की दिशा में जा सकते हैं। ये सड़क रहेगी बंद GRG सर्कल और PM सर्कल के बीच पंडित पंत मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सुझाए गए वैकल्पिक मार्ग यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने संसद मार्ग, पटेल चौक गोल चक्कर, अशोक रोड, बाबा खड़क सिंह मार्ग, बिशंबर दास रोड, गुरुद्वारा रकाब गंज रोड और महादेव रोड जैसे रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। पुलिस की अपील एडवाइजरी में यात्रियों से प्रभावित हिस्से से बचकर या उसे बायपास करके गुजरने की अपील की गई है। साथ ही सुरक्षित और आसान यात्रा के लिए लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे मेट्रो और बस का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है।  

फिर बदलेगा उत्तर प्रदेश का मौसम, बारिश–कोहरा–गर्मी का तिहरा असर; कई जिलों में चेतावनी

लखनऊ उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम तेजी से बदल रहा है। अब धीरे-धीरे सर्दी जा रही है और गर्मी आ रही है। सुबह के समय प्रदेश में घना कोहरा छाया रहता है और लोगों को ठंड का एहसास होता है, लेकिन धूप निकलते ही तापमान में बढ़ोतरी हो जाती है। इसी बीच मौसम विभाग ने एक ताजा अनुमान जारी किया और आने वाले दिनों में मौसम कुछ ऐसा रहने वाला है… बारिश होगी या नहीं? मौसम विभाग के मुताबिक, 22 फरवरी को राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। हालांकि सुबह के समय पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की गई है। दिन में मौसम साफ रहेगा और तेज धूप निकलेगी, जिससे तापमान में बढ़ोतरी जारी रहेगी। इन जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग के मुताबिक गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, प्रयागराज, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया, मिर्जापुर, गोंडा और बहराइच में सुबह के समय हल्का से घना कोहरा छा सकता है। कोहरे की वजह से दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों, खासकर वाहन चालकों को सावधानी बरतने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। कब बढ़ेगी गर्मी? मौसम विभाग के अनुसार, अभी प्रदेश में सुबह और शाम के समय में लोगों को ठंड का एहसास होता है। सुबह के समय घना कोहरा भी छाया रहता है। लेकिन, धूप निकलते ही मौसम साफ हो जाता है। शनिवार को अधिकतम तापमान 30.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 14 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। महीने की शुरुआत के मुकाबले दिन और रात दोनों के तापमान में करीब 6 से 7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। इससे साफ है कि फरवरी के अंत में ही गर्मी की आहट महसूस होने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटों में तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, जिससे थोड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद तापमान फिर बढ़ने लगेगा और मौसम शुष्क बना रहेगा।  

आधार कार्ड अपडेट कराना हुआ आसान! भोपाल में 35 से ज्यादा सेंटर एक्टिव, जानें कहां जाएं

भोपाल शहर में आधार से जुड़े कार्यों के लिए नागरिकों को अब भटकना नहीं पड़ेगा। नए नामांकन, मोबाइल-ईमेल अपडेट, पता परिवर्तन, बायोमेट्रिक और फोटो सुधार जैसी सुविधाएं 35 से अधिक सक्रिय केंद्रों पर उपलब्ध हैं। ये केंद्र डाकघरों, प्रमुख बैंक शाखाओं और अधिकृत आधार सेवा केंद्रों में संचालित हो रहे हैं। अधिकांश केंद्र सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुले रहते हैं, जिससे कामकाजी लोगों को भी सहूलियत मिल रही है। जीपीओ भोपाल, एमपी नगर डाकघर, न्यू मार्केट, कोलार रोड, बैरागढ़ और गोविंदपुरा डाकघर में आधार सेवाएं दी जा रही हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक की चयनित शाखाओं में भी अधिकृत आधार केंद्र संचालित हैं।   नगर निगम और कलेक्ट्रेट परिसर में भी केंद्र नगर निगम परिसर, कलेक्ट्रेट कार्यालय और विभिन्न कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर भी आधार अपडेट की सुविधा उपलब्ध है। यहां नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और बायोमेट्रिक सुधार कराए जा सकते हैं। जरूरी दस्तावेज और शुल्क पता परिवर्तन के लिए वोटर आईडी, बिजली बिल या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे वैध दस्तावेज साथ लाना अनिवार्य है। निर्धारित शुल्क डेमोग्राफिक अपडेट के लिए 50 रुपये और बायोमेट्रिक अपडेट सहित सुधार के लिए 100 रुपये है। नागरिकों से अपील है कि तय शुल्क से अधिक राशि न दें और अपॉइंटमेंट के लिए यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।

अमेरिका ट्रेड समझौते पर घमासान: भोपाल में कांग्रेस का पहला किसान सम्मेलन, राहुल गांधी और खरगे होंगे शामिल

भोपाल अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में कांग्रेस पहला किसान सम्मेलन मध्य प्रदेश में 24 फरवरी को करने जा रही है। इसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सम्मिलित होंगे। दोनों नेता दोपहर 12 बजे के करीब भोपाल पहुंचेंगे और तीन घंटे से अधिक समय तक रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों व जिलाध्यक्षों की बैठक कर सकते हैं। किसान सम्मेलन अटल पथ अथवा लाल परेड मैदान में कराने की तैयारी है। इसमें प्रदेश भर से किसान आएंगे। राहुल का एक वर्ष में यह पांचवां प्रदेश दौरा राहुल गांधी का एक वर्ष में यह पांचवां प्रदेश दौरा है। इसके पहले वह इंदौर आए थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ट्रेड डील से सबसे अधिक नुकसान मध्य प्रदेश को होने वाला है, इस कारण किसान सम्मेलनों की शुरुआत मध्य प्रदेश से की जा रही है। भारत नहीं अमेरिका के किसानों की आय दोगुनी होगी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने चिंता की है कि यह डील देश हित में नहीं है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2014 में कहा था कि देश के किसानों की आय दोगुनी होगी, लेकिन ट्रेड डील से अमेरिका के किसानों की आय दोगुनी करना चाहते हैं। इसमें चिंतन करने की जरूरत है। देश में इतना सोयाबीन उत्पादित हो रहा है कि बाहर से लाने की जरूरत ही नहीं है। इस डील से भारत के लोगों की रोजी-रोटी पर अमेरिका अतिक्रमण करेगा।

MP में बढ़ेगी चीतों की संख्या, 28 फरवरी को बोत्सवाना से आएंगे 8 नए मेहमान

भोपाल मध्य प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। चीतों की संख्या में वृद्धि के लिए 28 फरवरी को बोत्सवाना से आठ और चीते लाए जाएंगे। राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष-2032 तक लगभग 17 हजार वर्ग किलो मीटर क्षेत्र में 60–70 चीतों की आत्मनिर्भर आबादी स्थापित करना है। इसके लिए गुजरात के बन्नी घास के मैदानों में संरक्षण प्रजनन केंद्र स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में मध्य प्रदेश में चीता पुनर्स्थापन प्रोजेक्ट विश्व का सबसे सफल अभियान है। यह परियोजना ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश है। सितंबर 2022 में शुरू हुई वन्य जीव संरक्षण की इस यात्रा ने सफलता के तीन साल पूरे कर लिए। 2023 से 2026 के बीच 39 शावकों का जन्म 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री मोदी ने कूनो अभयारण्य के संरक्षित बाड़ों में छोड़ कर पुनर्स्थापना परियोजना का शुभारंभ किया। 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 और चीते कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़े गए। वर्ष 2023 से 2026 के बीच यहां 39 शावकों का जन्म हुआ, जिनमें से 27 शावक कूनो में स्वस्थ और जीवित हैं। राष्ट्रपति के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष मौजूद रह सकते हैं बताया जा रहा है कि इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु के साथ बोत्सवाना के राष्ट्राध्यक्ष डुमा बोका भी मौजूद रह सकते हैं। कार्यक्रम केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव की मौजूदगी में होगा। अति विशिष्ट अतिथियों के संभावित आगमन को लेकर कूनो पार्क में पांच हेलीपैड बनाए गए हैं। नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए जा चुके हैं चीते एयरफोर्स के अधिकारियों की देखरेख में यहां हेलीकॉप्टर उतारने का ट्रायल भी किया गया है। बता दें कि भारत में चीता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए जाने के बाद अब बोत्सवाना से दो वयस्क मादा चीते और उनके छह शावक लाए जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री जैसे नवाचारों से बढ़ रही है गद्धों की संख्या

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज सोमवार को हलाली डेम क्षेत्र में लुप्तप्राय प्रजाति के 5 गिद्धों को प्राकृतिक आवास में मुक्त करेंगे। इनमें चार भारतीय गिद्ध (जिप्स इंडिकस) और एक सिनेरियस गिद्ध (एजिपीयस मोनाकस) शामिल हैं। उच्च परिशुद्धता वाले जीपीएस-जीएसएम उपग्रह ट्रांसमीटरों से सुसज्जित पाँच दुर्लभ प्रजाति के गिद्धों को भोपाल स्थित गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र में व्यवस्थित अनुकूलन और अवलोकन अवधि के बाद मुक्त किया जा रहा है। टैगिंग प्रक्रिया सभी संबंधित संस्थाओं एवं वन विभाग के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में वाइल्डलाइफ एसओएस के वन्यजीव पशु चिकित्सक की देखरेख में हुई। यह पहल मध्यभारत के विकसित होते ‘गिद्ध परिदृश्य’ को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जहाँ भारतीय गिद्ध सामान्यतः एक ही क्षेत्र में रहते हैं, वहीं सिनेरियस गिद्ध मध्य एशियाई फ्लाईवे के अंतर्गत लंबी दूरी का प्रवास करते हैं, जो 30 से अधिक देशों तक फैला विश्व का एक प्रमुख प्रवासी पक्षी गलियारा है। पक्षी संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश वन विभाग ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के सहयोग से गिद्धों की गतिविधियों और निगरानी के लिए उपग्रह टेलीमेट्री कार्यक्रम प्रारंभ किया है। टेलीमेट्री से प्राप्त आंकड़ों के माध्यम से गिद्धों के भूदृश्य उपयोग, आवागमन पैटर्न और मानव-जनित दबावों के प्रति उनकी प्रतिक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है। इससे प्रमुख पड़ाव स्थलों और भोजन क्षेत्रों की पहचान, संरक्षित एवं मानव-प्रधान क्षेत्रों में उनकी पारिस्थितिकी को समझने तथा बिजली के झटके, विषाक्तता और आवास क्षरण जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता मिल रही है। इस प्रक्रिया में संग्रहित वैज्ञानिक प्रमाण अधिक प्रभावी खतरा-निवारण रणनीतियाँ विकसित करने और सीमा-पार सहयोग सहित भूदृश्य स्तर पर संरक्षण योजनाओं को सशक्त बनाने में सहायक होंगे। मध्यप्रदेश में उपग्रह टेलीमेट्री से गिद्ध संरक्षण की एकीकृत डेटा-आधारित एवं भूदृश्य-स्तरीय संरक्षण का पारस्थितिकी तंत्र विकसित हुआ है। इससे लुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियों का संरक्षण होगा और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के प्रहरी के रूप में उनकी भूमिका भी दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित होगी। भारतीय परंपरा में गिद्धों को शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना गया है। रामायण में उल्लेख है कि जटायु ने रावण से माता सीता की रक्षा के प्रयास में आत्मोत्सर्ग कर दिया। रामायण में ही उसके भाई सम्पाती की भी कथा है, जिसने अपने छोटे भाई जटायु को सूर्य की तपन से बचाते हुए बलिदान दे दिया था। पर्यावरण पारिस्थितिकी तंत्र में गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गिद्ध पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, साथ ही बीमारियों के प्रसार को रोकने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। मध्यप्रदेश लंबे समय से देश में गिद्धों की समृद्ध आबादी का केंद्र रहा है। प्रदेश में भारतीय गिद्ध (लॉन्ग-बिल्ड वल्चर), सिनेरियस गिद्ध (ब्लैक वल्चर), मिस्र गिद्ध (व्हाइट स्कैवेंजेर वल्चर) और हिमालयन ग्रिफॉन जैसी प्रजातियाँ पाई जाती हैं। हाल ही में वल्चर एस्टिमेशन-2026 के पहले दिन दक्षिण पन्ना वन प्रभाग में एक हजार से अधिक गिद्धों का अवलोकन किया गया, जो हाल के वर्षों में सर्वाधिक संख्या है।  

भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम में मप्र का दबदबा, 15 नेताओं को मिला अवसर

भोपाल भाजपा संगठन की राष्ट्रीय टीम में मध्य प्रदेश के कई चेहरे दिखाई दे सकते हैं। प्रदेश संगठन ने राज्य के ऐसे 15 नेताओं के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे हैं, जो अलग- अलग अंचलों से हैं और अभी सत्ता या संगठन के किसी पद पर नहीं हैं। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम का गठन होना है और अन्य मोर्चे भी गठित किए जाने हैं। केंद्रीय नेतृत्व ने इस बारे में प्रदेश संगठन से सुझाव मांगे थे। वर्तमान में मध्य प्रदेश से सत्यनारायण जटिया (संसदीय बोर्ड सदस्य), ओम प्रकाश धुर्वे (राष्ट्रीय सचिव) और लाल सिंह आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष, एससी मोर्चा) जैसे नेता राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव और संगठन की मजबूती को ध्यान में रखकर अनुभवी नेताओं के साथ-साथ युवा और महिला चेहरों को भी वरीयता देना चाहती है। पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा की टीम में मध्य प्रदेश से कैलाश विजयवर्गीय सहित चार नेताओं को स्थान मिला था। उस दौरान कैलाश विजयवर्गीय राष्ट्रीय महासचिव थे।   बाद में वर्ष 2023 में वह राज्य में मंत्री बना दिए गए। पार्टी नेताओं का मानना है कि चूंकि पूर्व में राष्ट्रीय संगठन में एक ही समय में मध्य प्रदेश से दो-दो महासचिव थावरचंद गहलोत और नरेंद्र सिंह तोमर रहे हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि नितिन नवीन की टीम में भी मध्य प्रदेश का प्रभाव बढ़ सकता है। इस बार भी चार से पांच नेताओं को नितिन नवीन की टीम में स्थान मिलने की संभावना है। इसमें एक या दो महिलाएं भी हो सकती हैं। इसके साथ ही युवा नेताओं को भी अवसर मिल सकता है। बाकी अन्य को मोर्चा- प्रकोष्ठ में शामिल किया जा सकता है। दरअसल, मध्य प्रदेश हमेशा से ही भाजपा के लिए एक प्रयोगशाला की तरह रहा है। हिंदू महासभा हो या जनसंघ, दोनों की जड़ें मध्य प्रदेश में मजबूत रही हैं। यही कारण है कि भाजपा यहां लंबे समय से सत्ता में है। संगठन की मजबूती की दूसरी वजह यहां के कुशल संगठनकर्ता भी माने जा सकते हैं। जिनकी वजह से राष्ट्रीय संगठन के स्तर पर भी यहां के भाजपा कार्यकर्ताओं का दबदबा रहा है।