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पंजाब कांग्रेस में चन्नी की ताकत का प्रदर्शन, समर्थकों की जुटी भीड़; बराड़ का बड़ा बयान

चंडीगढ़  पंजाब में 2027 चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर बगावत शुरू हो गई है। प्रदेश प्रधान न बनाए जाने से पूर्व CM चरणजीत चन्नी बेहद नाराज हैं। इसी वजह से कैंपेंनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने पर चन्नी ने हाईकमान का धन्यवाद तक नहीं किया। उन्होंने आज, शुक्रवार को मोरिंडा स्थित घर में मीटिंग बुलाई है। जिसमें सांसदों, विधायकों और हलका इंचार्जों को बुलाया गया है। चन्नी के बुलावे पर लुधियाना से पूर्व मंत्री भारत भूषण आशू, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व MLA गुरप्रीत कांगड़, नाजर सिंह मानशाहिया, दविंदर सिंह घुबाया, इंदरवीर सिंह बुलारिया, लखबीर लक्खा, तरसेम डीसी और बाघापुराना से पूर्व MLA दर्शन बराड़ चन्नी, हरमिंदर सिंह गिल और पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक के घर पहुंच चुके हैं। बराड़ ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर चन्नी को प्रधान न बनाया गया तो पंजाब में कांग्रेस की सरकार नहीं बन सकती। चन्नी के इस रुख से लग रहा है कि पंजाब कांग्रेस में आज कोई बड़ा धमाका हो सकता है। चन्नी के एक करीबी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- प्रधान न बनाए जाने से चन्नी बहुत खफा हैं और अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का फैसला कर दिया है। वह शक्ति प्रदर्शन कर हाईकमान को अपनी ताकत का एहसास कराना चाहते हैं। वड़िंग हटाओ, कैप्टन की तरह प्रधान बनाओ पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में एक प्रचलन रहा है कि जो पार्टी प्रधान होता है, वही सीएम बनता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह दोनों बार चुनाव से पहले अध्यक्ष बनाए गए और जब पार्टी ने चुनाव जीता तो उन्हें ही सीएम बनाया गया। इसी कुर्सी पर नजर रखते हुए चन्नी गुट लंबे समय से राजा वड़िंग के विरोध में रहा है, यह किसी से छुपा नहीं है। पार्टी की इंटरनल मीटिंग हो या फिर हाईकमान के सामने सब जगह चन्नी राजा वड़िंग को फेल लीडर बता चुके हैं और उन्हें प्रधान पद से हटाने की वकालत भी कर चुके हैं। 2017 में जब कांग्रेस की सरकार आई तो इसी तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बनाया था कि उन्हें प्रधान बनाएं। जब प्रताप बाजवा को प्रधान पद से हटाया गया था। प्रधान बनने का मकसद साफ होता है कि टिकट बंटवारे में उनकी ही चले और जब विधायक जीतकर आएं तो ज्यादातर विधायक उनके समर्थक हों और उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी का रास्ता साफ रहे। कैप्टन ने इसके लिए जाट महासभा तक को एक्टिव कर दिया था। चन्नी भी कैप्टन के रास्ते पर हैं। वह चाहते हैं कि हाईकमान उन्हें प्रधान बनाए ताकि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो राजा वड़िंग ये क्रेडिट न ले सकें कि प्रधान होने के नाते यह जीत उनकी अगुआई में हुई है। फिर वह सीएम कुर्सी पर भी दावा ठोक सकते हैं। प्रधान नहीं तो मुझे 'सीएम चेहरा' घोषित करो 2022 में नवजोत सिद्धू प्रधान थे और चरणजीत चन्नी मुख्यमंत्री, इसीलिए तब हाईकमान पर दबाव डाला गया कि सीएम चेहरा घोषित करें। इसकी वजह ये थी कि प्रधान सिद्धू थे और सीएम चन्नी। चन्नी पंजाब कांग्रेस के ट्रेंड से वाकिफ थे कि अगर सिद्धू की प्रधानगी में चुनाव जीते तो सीएम कुर्सी मिलनी मुश्किल है। इसलिए सिद्धू को उकसाया गया और अंदरूनी तौर पर चन्नी लॉबिंग करते रहे। फिर पहली बार कांग्रेस ने पंजाब में औपचारिक तौर पर चन्नी को सीएम चेहरा घोषित करना पड़ा। माना जा रहा है कि चन्नी उसी पैटर्न पर चल रहे हैं। वह चाहते हैं कि हाईकमान उन्हें प्रधानगी की कुर्सी दे। अगर ऐसा नहीं होता तो चाहे राजा वड़िंग प्रधान रहें लेकिन पिछली बार की तरह उन्हें CM चेहरा घोषित किया जाए। पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि कांग्रेस जट्‌टसिखों को नाराज नहीं करना चाहती थी। इसलिए वड़िंग को नहीं हटाया। इसीलिए चन्नी अब पार्टी हाईकमान पर उन्हें सीएम फेस घोषित करने का दबाव बना रहे हैं। चन्नी के पास समर्थक नेताओं की लंबी फौज है। ऐसे में समर्थकों और 31% दलित वोट बैंक के जरिए वह हाईकमान पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। चन्नी की दोनों मांगें दरकिनार तो क्या रास्ता बचा? पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि चरणजीत चन्नी पहले तो कांग्रेस पर पूरा दबाव बनाएंगे कि या तो उन्हें अध्यक्ष बनाया जाए या फिर सीएम फेस घोषित किया जाए। अगर दोनों में से कुछ भी नहीं हुआ तो उनके पास प्लान बी है। प्लान बी के तहत वो अपने समर्थकों के साथ नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान माना जाएगा। उनका कहनना है कि चन्नी के साथ एक बड़ा दलित वर्ग जुड़ा है। 2021 में उनके 111 दिन के कार्यकाल से भी अच्छी छवि बनी है। अगर चन्नी बगावत करते हैं या अलग पार्टी बनाते हैं, तो कांग्रेस के पारंपरिक दलित और गरीब तबके में मैसेज जाएगा कि उनके नेता की सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में यह वोट बैंक पूरी तरह से खिसक जाएगा, जिसका सीधा फायदा विरोधी दलों को मिलेगा। चन्नी गुट के दिग्गज नेताओं का इस फैसले पर क्या रवैया चन्नी गुट के किसी भी नेता ने हाईकमान के फैसले पर कोई धन्यवाद नहीं किया। इनमें MLA राणा गुरजीत, MLA परगट सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व MLA भारत भूषण आशू प्रमुख नेता हैं। कपूरथला से MLA राणा गुरजीत की एक रील भी सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने ‘पातशाही दा वा रखदे हां, खंडियां दी धार ते नचदे हां, सानू औंदा है बदला लैंणा’ सॉन्ग लगा रखा है। इससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वह भी चन्नी की लड़ाई में उनके साथ हैं। राणा गुरजीत ने 2022 में AAP की आंधी के बावजूद न केवल अपनी सीट जीती बल्कि अपने बेटे राणा इंदरप्रताप को भी सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय जिता दिया।

इंदौर दुष्कर्म केस: हिंदू नाम बताकर संबंध बनाने का आरोप, पीड़िता सिलीगुड़ी से पहुंची मध्य प्रदेश

 इंदौर  धार्मिक पहचान छुपाकर गायिका के साथ दुष्कर्म करने वाले मुस्लिम युवक को बाणगंगा पुलिस ने गिरफ्तार किया है।उसने अपना नाम राहुल बताकर युवती से दोस्ती की और बातचीत के बहाने कमरे पर ले गया। वहां जबरन संबंध बनाए, विरोध करने पर मांग पर सिंदूर भर दिया और कहने लगा आज से वह उसका पति हो गया। बाणगंगा थाने के टीआइ सियारामसिंह गुर्जर के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम अगस्त 2024 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुआ। पीड़िता वहां एक इवेंट के लिए गई थी। बाद में जब उसे पता चला कि राहुल मुस्लिम है, उसका पूरा नाम मोहम्मद राहुल पुत्र अब्दुल शेख है और उसके कई लड़कियों से संबंध हैं तो विरोध जताया। आरोपित ने युवती को कमरे में कैद कर लिया और मारपीट करने लगा। अक्टूबर 2025 में पीड़िता किसी तरह उसके चंगुल से निकली और दिल्ली में रहने वाली सहेली के पास पहुंची। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया। इस साल मार्च में पीड़िता इंदौर में बेटे को लेकर मां के साथ रहने लगी। आरोपित उससे मिलने के बहाने इंदौर पहुंचा और पुन: संबंध बनाए। बाद में मारपीट भी की। पीड़िता ने हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं की मदद ली और आरोपित को पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। टीआइ के अनुसार, आरोपित पुलिस को बरगला रहा है।

प्रजनन अधिकार पर अहम फैसला, इंदौर हाईकोर्ट ने अलग रह रही पत्नी को दी गर्भपात की इजाजत

इंदौर  इंदौर हाई कोर्ट ने एक महिला को गर्भपात कराने की अनुमति दे दी है. महिला अपने पति से काफी दिनों से अलग रह रही थी और दोनों के बीच तलाक को लेकर सहमति भी बन गई थी. लेकिन पति के मुकर जाने के बाद और कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं होने के चलते इंदौर हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में पीड़िता को इस तरह की अनुमति दी है. कोर्ट ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट, 1971 के तहत यह फैसला सुनाया है।  गर्भवती महिला ने लगाई थी याचिका इंदौर हाईकोर्ट के जस्टिस संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ में महिला की ओर से एक याचिका लगाई गई थी. जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि महिला पति से अलग रह रही है और आगे वैवाहिक संबंध नहीं रखना चाहती है. ऐसे में संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत उसे अपनी प्रजनन संबंधित स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है. इसी कानून के तहत उसे गर्भपात करने की अनुमति दी जाना चाहिए।  कोर्ट के सामने पेश नहीं हुआ पति बता दें कि पति-पत्नी दोनों में तलाक को लेकर सहमति बन गई थी, लेकिन इसी दौरान पति तलाक देने से मुकर गया जिसके चलते कोर्ट ने उसे नोटिस जारी किया. लेकिन वह कोर्ट के समक्ष उपस्थित नहीं हुआ और लेकिन उसके बाद भी पति-पत्नी अलग रह रहे थे. पत्नी ने गर्भपात करवाने को लेकर इंदौर हाईकोर्ट की शरण ली और कोर्ट को उसके द्वारा इस बात की जानकारी दी कि उसे 13 हफ्ते का गर्भ है. कोर्ट ने तमाम दलीलों को सुनने के बाद उसे गर्भपात करने की अनुमति दे दी है. फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने यह भी कहा है कि, महिला को गर्भपात के लिए पति की सहमति की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि पति उससे अलग रह रहा है।  क्या है मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट एक मौलिक मानवाधिकार है, जो महिलाओं को परिवार नियोजन, गर्भधारण करने या न करने, और बच्चों की संख्या व अंतराल के बारे में फैसला करने का अधिकार देता है. खास बात यह है कि, पति-पत्नी के बीच चल रहा अलगाव भी अबॉर्शन की अनुमति के लिए एक वैध और कानूनी आधार माना जा सकता है। 

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना

रायपुर : कृत्रिम गर्भाधान से पशुधन विकास की मिसाल बना ग्राम पुरी कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने उन्नत वत्स प्रदर्शनी का किया अवलोकन, विभागीय नवाचारों की सराहना रायपुर, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने धमतरी जिले के प्रवास के दौरान पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर पशुधन विकास विभाग द्वारा विकासखंड धमतरी के मुख्य ग्राम योजना अंतर्गत ग्राम पुरी स्थित पशु चिकित्सा संस्था मुख्य ग्राम इकाई में उन्नत वत्स प्रदर्शनी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस मौके पर गायों को हरा चारा भी खिलाया । प्रदर्शनी में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से उत्पादित 42 उन्नत वत्सों (एफ-1 से एफ-3 पीढ़ी) का प्रदर्शन किया गया। मंत्री नेताम ने उन्नत नस्ल के इन वत्सों का अवलोकन कर विभाग द्वारा किए जा रहे वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाना किसानों और पशुपालकों की आय वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए पशुपालकों से संवाद किया तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा पशुधन विकास विभाग के संचालक चन्द्रकांत वर्मा, कलेक्टर अविनाश मिश्रा भी उपस्थिति थे।  ग्राम की सरपंच श्रीमती कुंती देवदास एवं दुग्ध सहकारी समिति के अध्यक्ष चिरौंजीलाल साहू ने बताया कि ग्राम पुरी में शत-प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से लगभग प्रत्येक परिवार डेयरी गतिविधियों से जुड़ चुका है। वर्तमान में ग्राम के दुग्ध संकलन केन्द्र में प्रतिदिन 500 लीटर से अधिक दूध का संकलन किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्राम पुरी अब वैज्ञानिक पशुपालन एवं डेयरी विकास का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रहा है। कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम गर्भाधान कार्य में सूचना-तंत्र के रूप में महत्वपूर्ण सहयोग देने वाले ग्राम के चरवाहों को मंत्री नेताम ने गमछा एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता से ही शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो पाता है। इस अवसर पर कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेतों में दवा के छिड़काव हेतु स्प्रे ड्रोन का पूजन-अर्चन कर मंत्री नेताम ने उसका प्रदर्शन भी किया। ड्रोन तकनीक के माध्यम से कम समय, कम लागत एवं अधिक दक्षता के साथ कृषि कार्य किए जाने की उपयोगिता से उपस्थित किसानों को अवगत कराया गया।

मध्य प्रदेश में बारिश का कहर, उज्जैन में शिप्रा नदी उफान पर; इंदौर की सड़कें दरिया, भोपाल में लंबा जाम

उज्जैन /भोपाल /इंदौर  मध्य प्रदेश में मौसम लगातार करवट ले रहा है, जहां जुलाई की शुरुआत में हुई मूसलाधार बारिश ने एमपी में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. बुधवार शाम से देर रात तक हुई बारिश के कारण प्रदेश के कई शहरों में जलभराव हो गया और नालों में तेज बहाव की स्थिति बन गई. इंदौर और भोपाल में बारिश का कहर देखने को मिला. इंदौर में तेज बारिश जानलेवा साबित हुई. शहर में अलग-अलग स्थानों पर दो युवक नालों के तेज बहाव में बह गए।  इस दौरान उज्जैन के इंगोरिया थाना क्षेत्र के गांव गांवड़ी लोधा में सहायक सचिव नाले में बह गए, जिनका शुक्रवार सुबह तक कोई सुराग नहीं लग पाया. वहीं, एक युवक रपट पुलिया पार करने के दौरान बाइक सहित पानी के तेज बहाव के साथ बह गया. गनीमत रही कि वह तैरने जानता था, जिससे तैरकर वह किनारे पहुंचा और झाड़ियां पकड़ कर अपनी जान बचा ली. लेकिन इस घटना में उसी बाइक पानी में बह गई. वहीं, इंदौर में नाले में बहकर 2 युवकों की मौत हो गई है।  सहायक सचिव नहीं मिला कोई सुराग इंगोरिया थाना प्रभारी दीपेश व्यास ने बताया, "गांवड़ी लोधा ग्राम पंचायत के सहायक सचिव सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा गुरुवार शाम 07:30 बजे करीब घर लौट रहे थे. तभी नाले पर बनी पुलिया को बाइक से पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि वे बाइक सहित बह गए." इस मामले में होमगार्ड की प्लाटून कमांडर शीला ने बताया, "बड़नगर से जवानों को भेज दिया गया है. रात होने के कारण रेस्क्यू संभव नहीं हो पाया है. रेस्क्यू टीम सुबह 6 बजे रवाना होगी." रात के करीब 1 बजे सहायक सचिव की बाइक मिली, तो लोगों को उम्मीद जगी, लेकिन शुक्रवार सुबह तक सहायक सचिव का कोई सुराग नहीं मिला है।  मंडला में जलमग्न हुई सड़कें मंडला नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 14 सुभाष वार्ड में पहली ही बारिश पूरी सड़क जलमग्न हो गई. गंदा पानी कई घरों में घुस गया. करीब एक घंटे बाद सड़क से पानी तो उतर गया, लेकिन पूरी सड़क पर कीचड़ और गंदगी फैल गई. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जनसुनवाई के दौरान नगरपालिका अधिकारियों ने 1 सप्ताह में समस्या के समाधान का भरोसा दिया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जलभराव के कारण भविष्य में कोई दुर्घटना, जनहानि या अन्य अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगरपालिका प्रशासन की होगी।  निगम मुख्यालय में पहली बारिश में भरा पानी मध्य प्रदेश के नए निगम मुख्यालय में पहली बारिश में ही पानी घुस गया. इससे करोड़ों रुपए के बने नए भवन की पोल खुल गई है. लगभग 75 करोड रुपए में बनी बिल्डिंग का पिछले महीने ही लोकार्पण हुआ था. नगर निगम के नए मुख्यालय में तेज बारिश की वजह से जगह-जगह पानी भर गया. अब बारिश के बाद आधुनिक निगम मुख्यालय वॉटर लॉबी बना नजर आया।  थोड़ी बारिश में सड़कें हुई लबालब इसके अलावा भोपाल के कई क्षेत्रों में थोड़ी बारिश के बाद ही सड़कें लबालब हो गईं. तेज बारिश में निचले इलाकों में वाटर लॉगिंग की समस्या साफ दिखाई दी. इससे भोपाल नगर निगम के दावों की पोल खोल दी. सड़क किनारे के छोटे नाले भी कई जगह ओवरफ्लो दिखाई दिए. इसके अलावा बारिश की वजह से सड़कों पर लंबा जाम लग गया और धीमी गति से वाहन रेंगते हुए नजर आए।  जबलपुर में तेज बहाव में बह गई बोलेरो जबलपुर में सुबह से लगातार बारिश हो रही है. बेलखेड़ा क्षेत्र में नाले उफान पर हैं. इस दौरान उफनते नाला पार करते समय बड़ा हादसा हो गया, जब बोलेरो नाले में बह गई. इसमें ड्राइवर की मौके पर मौत हो गई और तीन लोग बोलेरो का शीशा तोड़कर बाहर निकल आए. मृतक ड्राइवर का नाम रवि पिल्ले बताया जा रहा है. बताया जा रहा है कि नाले में तीन फुट से ज्यादा पानी था. पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।  उज्जैन में बारिश के बाद जलभराव उज्जैन में हुई बारिश के बाद जगह-जगह जल भराव की स्थिति नजर आई. नई सड़क, बहादुर गंज, चामुंडा माता मंदिर चौराहा, इंदौर गेट, गदा पुलिया, नीलगंगा, एटलस चौराहा से लेकर ऐसे तमाम जगहों पर पानी भरा हुआ नजर आया. वहीं ग्राम पंचायत गांवड़ी लोधा में पानी के तेज बहाव में अपनी टूव्हीलर बाइक सहित गांव में ही खंती में बहे सहायक सचिव बह गए. सहायक सचिव का नाम सूर्य प्रताप सिंह सोनगरा है।  पिता के लिए खाना ले जाते समय नाले में बहा युवक इंदौर में बारिश के दौरान जलभराव हो गया. इसी दौरान लसूड़िया मोरी निवासी 34 साल के गोलू पंवार रात करीब 9 बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था. नाले के किनारे से गुजरते समय उसका पैर फिसला और वह नाले के तेज बहाव में बह गया. सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया. गुरुवार सुबह गोलू का शव बरामद कर लिया गया।  वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी क्षेत्र में महेश चौहान अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था. अचानक दोनों नाले के तेज बहाव में बह गए. मनीष किसी तरह बाहर निकल आया, लेकिन महेश अब भी लापता है. पुलिस और रेस्क्यू टीम आसपास के नालों और नदी किनारों पर लगातार उसकी तलाश कर रही है. प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान नालों, पुलिया और रपट पार नहीं करने तथा सतर्क रहने की अपील की है।  पुलिस ने लोगों से की अपील एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि फिलहाल एक युवक का शव बरामद हो चुका है, जबकि नाले में बहा दूसरा युवक अब भी लापता है. पुलिस और एसडीआरएफ की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक जोखिम नहीं उठाने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। 

डॉ. आशा लकड़ा बोलीं- जनजातीय समाज के अधिकारों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

रायपुर : जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग प्रतिबद्ध: डॉ. आशा लकड़ा जशपुर में जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक, समस्याएं और सुझाव सुने कहा- सभी वैध प्रकरणों का नियमानुसार होगा निराकरण, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की होगी सतत निगरानी रायपुर, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने गुरुवार को जशपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ संवाद किया। बैठक में उन्होंने जनजातीय समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों, शिकायतों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि सभी वैध मामलों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में विधायक गोमती साय एवं रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय तथा छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष शंभूनाथ चक्रवर्ती उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का मूल उद्देश्य अनुसूचित जनजातियों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना, उन्हें न्याय दिलाना तथा उनके हितों का संरक्षण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आयोग का छत्तीसगढ़ प्रवास जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर स्थानीय समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि आयोग केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर जनजातीय क्षेत्रों में संचालित विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा भी करता है। जिन मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव नहीं हो पाता, उन्हें संबंधित विभागों तक पहुंचाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। डॉ. लकड़ा ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव के योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि उनके संघर्ष ने जनजातीय अधिकारों की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक आधार तैयार किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा, आंगनबाड़ी जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव हो अथवा अनुसूचित जनजाति के लोगों के साथ अन्याय, शोषण या अत्याचार की घटनाएं सामने आती हैं, तो आयोग ऐसे मामलों में गंभीरता से सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करता है। उन्होंने बताया कि देश में लगभग 12 करोड़ अनुसूचित जनजाति के नागरिक और 725 से अधिक जनजातीय समुदाय निवास करते हैं। इनके अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा के लिए वर्ष 2004 में संविधान के अनुच्छेद 338(क) के अंतर्गत राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन किया गया। आयोग अनुसूचित जनजातियों को प्राप्त संवैधानिक एवं कानूनी संरक्षणों के क्रियान्वयन की निगरानी, शिकायतों की जांच तथा जनजातीय विकास योजनाओं की समीक्षा कर सरकार को आवश्यक सुझाव देता है। डॉ. लकड़ा ने कहा कि आयोग को जांच के दौरान दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियां प्राप्त हैं। आयोग आवश्यक होने पर किसी भी अधिकारी या संबंधित व्यक्ति को समन जारी कर सकता है, सार्वजनिक अभिलेख तलब कर सकता है तथा प्रकरणों की विधिवत सुनवाई कर सकता है। आयोग की अनुशंसाएं कार्रवाई प्रतिवेदन के साथ संसद के दोनों सदनों में प्रस्तुत की जाती हैं। ऑनलाइन भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत डॉ. आशा लकड़ा ने जनजातीय समुदाय से अपनी शिकायतें एवं समस्याएं लिखित रूप में प्रस्तुत करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आयोग के ऑनलाइन शिकायत पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन दर्ज किए जा सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को डायरी नंबर जारी किया जाता है, जिसके आधार पर प्रकरण की सुनवाई की जाती है। उन्होंने आवेदन करते समय पूरा पता, मोबाइल नंबर एवं पिनकोड सही ढंग से दर्ज करने की अपील की। बैठक में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के कंसल्टेंट एच.आर. मीणा एवं जे.पी. सिंह, सीनियर इन्वेस्टिगेटर श्रीमती सोनल राज, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

रायपुर: विकसित भारत-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई रफ्तार, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर : विकसित भारत-जी रामजी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति: मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े 125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान और ग्रामसभा आधारित कार्ययोजना से सशक्त होंगे गांव  जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा रायपुर, विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी एवं सतत विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। यह योजना ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार, समयबद्ध भुगतान तथा ग्रामसभा आधारित कार्ययोजनाओं के माध्यम से गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी। यह बात महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने विकसित भारत-जी रामजी योजना के शुभारंभ अवसर पर कही। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आजीविका संवर्धन, आधारभूत संरचना विकास तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को नई गति देगी। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं तथा इन क्षेत्रों में सामूहिक प्रयासों से ही स्थायी विकास के लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को पूर्व में उपलब्ध 100 दिनों के रोजगार के स्थान पर अब 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ग्रामसभाओं के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यों का चयन एवं अनुमोदन किए जाने से विकास कार्यों की प्रभावशीलता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, वृक्षारोपण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि आधारित गतिविधियों तथा टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का विस्तार होने के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि विकसित भारत-जी रामजी योजना प्रधानमंत्री के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सभी संबंधित विभागों से योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया। इस अवसर पर विकसित भारत-जी रामजी योजना तथा ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान पर आधारित प्रेरणादायी लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों ने नशा मुक्त भारत और बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक शपथ भी ली। मनरेगा के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंचों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

पंजाब की बेटी का कमाल! अमृतसर की छात्रा अंतरराष्ट्रीय शक्तिसैट मिशन में करेगी प्रतिनिधित्व

अमृतसर अमृतसर के सरकारी स्कूल ऑफ एमिनेंस, मॉल रोड की छात्रा टिया की असाधारण उपलब्धि ने पूरे पंजाब का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।12वीं कक्षा की मेडिकल स्ट्रीम की छात्रा टिया का चयन अंतरराष्ट्रीय "शक्तिसैट" सैटेलाइट मिशन के लिए हुआ है। इस प्रतिष्ठित अभियान में दुनिया के 108 देशों से छात्रों को चुना गया, और पंजाब के भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर टिया को मिला है। इस सफलता के पीछे टिया की लगातार मेहनत, अनुशासन और सीखने का जुनून है। उन्होंने करीब 10 महीने तक इस मिशन की तैयारी की। प्रिंसिपल मंदीप कौर के नेतृत्व और रसायन विज्ञान के प्रवक्ता कमल कुमार के मार्गदर्शन ने भी इस सफर को नई दिशा दी। शिक्षकों के सहयोग और टिया के समर्पण ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया। अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेंगी टिया अब अगस्त महीने में दिल्ली के पास आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय ट्रेनिंग कैंप में टिया हिस्सा लेंगी। इस विशेष प्रशिक्षण के दौरान उन्हें सैटेलाइट की डिजाइनिंग, असेंबली और टेस्टिंग जैसी आधुनिक तकनीकों की बारीकियां सिखाई जाएंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद दुनिया भर के चयनित छात्रों द्वारा तैयार किए गए सैटेलाइट को चंद्रमा की कक्षा में भेजने की योजना है, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक और वैज्ञानिक उपलब्धि होगी।  

रायपुर: कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश, हर किसान तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, बढ़े आय और उत्पादन

रायपुर : कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दिए निर्देश: किसानों तक हर योजना का लाभ पहुंचे, बढ़े आय और उत्पादन रायपुर,  कृषि मंत्री रामविचार नेताम एवं बस्तर सांसद महेश कश्यप ने गुरुवार को बीजापुर जिला कार्यालय के सभाकक्ष में बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिलों में संचालित कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की आय में वृद्धि तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र हितग्राही तक सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि मंत्री नेताम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करते हुए नलकूप एवं कूप निर्माण के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने तिलहन, दलहन, मक्का, कोदो-कुटकी, हल्दी एवं गन्ना जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास करने पर बल दिया। बैठक में पार्लर प्रोजेक्ट के तहत हल्दी की खेती, नारियल एवं ऑयल पाम के पौधारोपण तथा उद्यानिकी विभाग के लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। बीजापुर जिले में मक्का उत्पादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना करते हुए किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान विभागीय भूमि के बेहतर उपयोग, रबी फसलों विशेषकर गेहूं की उत्पादकता बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण बीज वितरण, बीज उत्पादन कार्यक्रम, जैविक खेती तथा दलहन-तिलहन मिशन के प्रभावी संचालन पर विस्तार से चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने दंतेवाड़ा जिले में पिछले सात वर्षों से सफलतापूर्वक संचालित जैविक खेती मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी अपनाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से वंचित किसानों को जोड़ने, सभी किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के पात्र किसानों तक भी शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशुधन पोर्टल, टीकाकरण, मोबाइल वेटनरी यूनिट, राष्ट्रीय गोकुल मिशन, बकरी पालन, सूकर पालन एवं उन्नत मादा पालन योजनाओं की प्रगति का परीक्षण किया गया। कृषि मंत्री ने अधिकारियों को सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में हैचरी विस्तार, मछली एवं झींगा पालन को बढ़ावा देने, किसान क्रेडिट कार्ड, एनएफडीपी पंजीयन तथा विभागीय योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मत्स्य पालकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे तथा निर्धारित लक्ष्यों को तय समय-सीमा में पूरा किया जाए। बैठक में छत्तीसगढ़ जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित बस्तर संभाग के बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं सुकमा जिलों के कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन एवं मत्स्य पालन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बम्हनीडीह के विकास की नई यात्रा का किया शुभारंभ

रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बम्हनीडीह के विकास की नई यात्रा का किया शुभारंभ हसदेव नदी पर पुल, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय और सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन की घोषणा रायपुर स्थानीय स्वशासन लोकतंत्र की सबसे सशक्त कड़ी है और नगर पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाइयाँ नहीं, बल्कि नागरिकों की आकांक्षाओं को धरातल पर उतारने का प्रभावी माध्यम हैं। नवगठित नगर पंचायत बम्हनीडीह के प्रथम जनप्रतिनिधियों के कंधों पर केवल एक नगर के विकास की नहीं, बल्कि एक नई कार्यसंस्कृति और जनविश्वास की नींव रखने की जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह में नगर पंचायत के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष रमेश कुमार डडसेना एवं सभी पार्षदों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ उन्हें दायित्व सौंपा है, उसका प्रतिफल पारदर्शी प्रशासन, संवेदनशील कार्यशैली और विकास के रूप में दिखाई देना चाहिए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बम्हनीडीह के विकास को नई गति देने वाली तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए दहिदा-बम्हनीडीह के बीच हसदेव नदी पर पुल निर्माण, बिजली विभाग का सब डिवीजन कार्यालय तथा सर्वसुविधायुक्त मंगल भवन के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल आधारभूत संरचनाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और सुविधासंपन्न बनाना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में विकास को नई गति देते हुए हर वर्ग के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों परिवारों को पक्के घर, किसानों को उनकी उपज का सम्मानजनक मूल्य, महिलाओं को महतारी वंदन योजना के जरिए आर्थिक संबल तथा युवाओं के लिए रोजगार और अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल बड़े शहरों के विकास से नहीं, बल्कि बम्हनीडीह जैसे उभरते नगरों को सशक्त बनाने से होगा। राज्य सरकार ऐसे सभी नगरीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर नागरिक सेवाओं और सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बम्हनीडीह नगर पंचायत जनभागीदारी, सुशासन और विकास का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगी तथा आने वाले वर्षों में क्षेत्र की नई पहचान बनेगी। समारोह में कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, विधायक किरण सिंह देव ने भी जनता को संबोधित किया।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव, खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, नारायण चंदेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।