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पंजाब में आंधी-बारिश का अलर्ट, 15 शहरों में तापमान 35 डिग्री पार, बठिंडा सबसे गर्म

बठिंडा पंजाब और चंडीगढ़ में गर्मी का असर दिखने लगा है। तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं वेस्टर्न डिस्टरबेंस पहाड़ों पर पहुंच गया है। इस वजह से शुक्रवार को (17 अप्रैल को) आंधी, तूफान और बिजली चमकने का येलो अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। कुछ जिलों में बारिश की भी संभावना है। पिछले दिन की तुलना में तापमान में 1.3 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। यह सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक हो गया है। सबसे अधिक तापमान 40.3 डिग्री बठिंडा में रहा है।  चंडीगढ़ 38.1 डिग्री तापमान रहा , जो कि सामान्य से 2.8°C अधिक है। वहीं, गर्मी बढ़ने से बिजली की खपत बढ़ गई। यह डिमांड 7854 से अधिक बनी हुई है। सात जिलों में बारिश और आंधी मौसम विभाग के मुताबिक शुक्रवार को 7 जिलों पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में अलग-अलग स्थानों पर तेज हवाओं (30 से 40 किमी/घंटा) के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। इन्हीं 7 जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की भी संभावना है।  इसके बाद 18 को मौसम साफ है, जबकि 19 को फिर से बारिश की संभावना है। राज्य में 23 अप्रैल तक किसी भी महत्वपूर्ण वर्षा की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान उत्तर और पूर्वी हिस्सों में 32 से 36°C के बीच रहने की संभावना है, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में यह 36 से 40°C के बीच रह सकता है। इस सप्ताह राज्य में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। लुधियाना में सबसे अधिक तापमान बढ़ा लुधियाना में सबसे अधिक 4.1 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 39.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।  मौसम प्रणाली का असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय है, जो लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के आसपास निचले स्तर पर एक चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है। उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर ऊंचाई पर तेज पश्चिमी हवाएं भी चल रही हैं, जिनकी गति लगभग 100 नॉट्स तक है। आगे कैसा रहेगा मौसम मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार 17 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन गर्मी बनी रह सकती है। राज्य का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 3.5 डिग्री अधिक रहा, जबकि सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 40.4 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर में 38.0 डिग्री (सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक), पटियाला में 39.5 डिग्री (सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक) और चंडीगढ़ शहर में 38.1 डिग्री (सामान्य से 2.8 डिग्री अधिक) तापमान रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा फरीदकोट में 39.5 डिग्री, भाखड़ा बांध (रूपनगर) में 37.7 डिग्री, रोपड़ में 36.9 डिग्री, पठानकोट में 36.7 डिग्री, मोहाली और एसबीएस नगर (बलोवाल सौंखड़ी) में 36.6 डिग्री, होशियारपुर में 35.9 डिग्री से 36.2 डिग्री के बीच, थीन डैम (पठानकोट) में 35.8 डिग्री और गुरदासपुर में 35.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।  कुल मिलाकर राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा। इस तरह की मौसम की स्थिति इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवा के हिस्सों में सक्रिय है। यह लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर फैला हुआ है और 58° पूर्वी देशांतर के आसपास तथा 32° उत्तरी अक्षांश के उत्तर की ओर स्थित है। उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में करीब 1.5 किलोमीटर की ऊँचाई पर हवा का एक घूमता हुआ सिस्टम बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर बहुत उंचाई (लगभग 13.5 किलोमीटर) पर तेज पश्चिमी हवाओं की धारा चल रही हैं, जिसमें हवा की रफ्तार करीब 100 नॉट्स तक है।  दो से तीन डिग्री तापमान बढ़ेगा मौसम विभाग के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक 17 तारीख को कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले 2 दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।

सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े

जहां गूंजता था लालातंक वहां लगी बाच चौपाल सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े रचनात्मक गतिविधियों से बाल आयोग अध्यक्षा डॉ वर्णिका ने जानी बच्चों की समस्याएं बच्चों की समस्याओं का हुआ त्वरित निराकरण बाल चौपाल में दिखा नया बस्तर, जागरूक और आत्मविश्वासी बच्चे रायपुर  छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की पहचान अब तेजी से बदलती नजर आ रही है। एक समय था जब यहां नक्सल आतंक का साया मंडराता था और लोगों के जीवन में भय और असुरक्षा का माहौल था, लेकिन आज उसी धरती पर बच्चों की खिलखिलाहट गूंज रही है। उत्तर बस्तर कांकेर जिले के दुर्गकोंडल क्षेत्र में आयोजित “बाल चौपाल” इस सकारात्मक बदलाव का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उस बदलती सोच और प्रयासों का प्रतीक है, जिसके जरिए सुदूर और संवेदनशील क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। बस्तर में जहां कभी डर और सन्नाटा था, आज वहां बच्चों की मुस्कान और उम्मीदों की गूंज सुनाई दे रही है छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा के कार्यकाल का एक वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में  इस विशेष बाल चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष शालिनी राजपूत भी शामिल हुईं। इस दौरान बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और आकांक्षाओं को समझने का प्रयास किया गया। यह पहल इस बात को दर्शाती है कि अब शासन केवल कागजी योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर पहुंचकर वास्तविक स्थितियों का आकलन कर समाधान निकालने की दिशा में सक्रिय है। बाल चौपाल के जरिए सरकार ने सुदूर बस्तर में पहुंचकर बच्चों और समाज की आवाज को सीधे सुना कार्यक्रम के दौरान बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और आत्मरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। खासतौर पर “गुड टच और बैड टच” जैसे संवेदनशील विषय को बेहद सरल और सहज तरीके से समझाया गया। बच्चों ने इस विषय को गंभीरता से समझा और अपनी जागरूकता का परिचय भी दिया। यह इस बात का संकेत है कि अब बस्तर के बच्चे भी अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति पहले से अधिक सजग हो रहे हैं, जो एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। खेल-खेल में नैतिक शिक्षा से बच्चों को जोड़ा बाल चौपाल में बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से नैतिक शिक्षा भी दी गई। इस अनोखे तरीके से बच्चों ने अनुशासन, ईमानदारी, सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को आसानी से समझा। शिक्षा को रोचक और आनंददायक बनाकर बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित करना इस कार्यक्रम की खासियत रही। इसके साथ ही बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी दी गई और उन्हें बताया गया कि किसी भी समस्या की स्थिति में वे किस तरह मदद प्राप्त कर सकते हैं। कई बच्चों ने यह भी साझा किया कि उन्होंने पहले हेल्पलाइन का उपयोग किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि जागरूकता अभियान अब प्रभावी हो रहे हैं। हालांकि इस दौरान एक अहम समस्या भी सामने आई, जो डिजिटल सुविधाओं की कमी से जुड़ी थी। दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को अभी भी डिजिटल शिक्षा और संसाधनों की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) से समन्वय कर आगामी सत्र से बच्चों को डिजिटल रूप से जोड़ने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि वे भी आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकें। डॉ वर्णिका ने कहा कि दुर्गकोंडल में आयोजित यह बाल चौपाल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बदलते बस्तर की नई कहानी है। यह दर्शाता है कि जब सरकार, प्रशासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में भी सकारात्मक बदलाव संभव है। आज बस्तर में बच्चों की हंसी और उनके सपनों की चमक इस बात का प्रमाण है कि यह क्षेत्र अब भय से निकलकर विकास, शिक्षा और खुशहाली की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मुख्यधारा में लौटे नक्सलियों के पुनर्वास केंद्र पहुंचीं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने की मुलाकात बाल चौपाल के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाडे, बाल आयोग अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा और हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष शालिनी राजपूत ने पुनर्वास केंद्र में रह रहे लोगों से संवाद कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि वे समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें। इस पहल का उद्देश्य न केवल उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है, बल्कि उनके जीवन में स्थायित्व और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। यहां उन्होंने मुख्यधारा में वापस लौटे नक्सलियों और उनके परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को जाना।

मुख्यमंत्री का आदेश: जन समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी

जन समस्याओं का त्वरित समाधान कराएं अधिकारी : मुख्यमंत्री लगातार दूसरे दिन जनता दर्शन में 200 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री ने लोगों को दिया भरोसा, हर समस्या का प्रभावी निस्तारण कराएगी सरकार गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन, शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। समस्या से जुड़ी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण व संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित कराएं। जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, “घबराइए मत। सरकार, आपकी हर समस्या पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराएगी।”  शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में, महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 200 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी बातें सुनीं। उनके प्रार्थना पत्र अपने हाथ में लेकर उसका अवलोकन कर समस्या/शिकायत का संज्ञान लिया। फिर, अलग-अलग मामलों से जुड़ी समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित और हस्तगत किया। साथ ही निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह शुक्रवार को भी कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार धन उपलब्ध कराएगी। कुछ महिलाओं ने आवास की समस्या मुख्यमंत्री को बताई। इस पर सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार हर जरूरतमंद को प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराने को संकल्पित हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जो भी पात्र लोग पक्के आवास की सुविधा से वंचित हैं, उन्हें इसका लाभ दिलाया जाए।

पटना में जदयू की अचानक बैठक, मंत्रिमंडल विस्तार पर कयास

पटना  बिहार में एक बार फिर से सियासी हलचल तेज होती हुई दिख रही है।  15 अप्रैल को सम्राट सरकार के गठन के दिन जदयू ने अपने विधायक दल की बैठक टाल दी थी। लेकिन अब अचानक से नीतीश कुमार के आवास 7 सर्कुलर रोड पर फिर से जदयू की बैठक बुला ली गई है। जदयू के विधायकों को 20 अप्रैल को पटना में हाजिर रहने को कहा गया है। जदयू विधायक दल की अचानक बुलाई गई बैठक बिहार में नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने के बाद इस घटनाक्रम को अहम माना जा रहा है। हालांकि ये बताया जा रहा है कि 15 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक टाल कर उसे NDA विधायक दल की बैठक बनाया गया था। अब नई सरकार के मद्देनजर 20 अप्रैल को जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। हालांकि इसको लेकर कई तरह के कयास भी लगाए जा रहे हैं। पहला कयास- मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विधायक दल की मीटिंग पहला कयास ये लगाया जा रहा है कि बिहार में अभी सिर्फ सम्राट चौधरी (सीएम), विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव (डिप्टी सीएम) ही मंत्रिमंडल में हैं। ऐसे में विभागों के बंटवारे के लिए कैबिनेट विस्तार होना तय है। कहा जा रहा है कि जदयू ने मंत्रिमंडल विस्तार में अपने कोटे के मंत्रियों की लिस्ट फाइनल करने के लिए ये बैठक बुलाई है। हालांकि पुष्ट रूप से कुछ भी नहीं बताया गया है। दूसरा कयास- क्या निशांत को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी जदयू विधायक दल की बैठक को लेकर ये कयास भी लगाए जा रहे हैं कि बिहार में निशांत कुमार को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी है। लिहाजा जदयू विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में निशांत कुमार को जदयू में बड़ी जिम्मेदारी देने को लेकर भी संभावना जताई जा रही है। या बैठक का कोई और ही मकसद NDA के एक सूत्र ने हमें बताया कि 'बैठक का मकसद अभी तक साफ नहीं है।' एक तरह से देखा जाए तो ये बैठक 15 नवंबर को भी हो सकती थी, उस दिन जदयू विधायक दल की मीटिंग होनी जरूरी भी थी, क्योंकि बिहार में नई सरकार आकार लेने वाली थी। लेकिन नीतीश कुमार ने इसे टाल दिया। क्यों टाला गया, अब तक इसकी ठोस वजह नहीं बताई गई है। वहीं दूसरी तरफ ये भी चर्चा है कि नीतीश कुमार कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर अभी कोई भी पुष्टि नहीं है।  

जनगणना 2027: अब ऑनलाइन स्व-गणना, 33 सवालों का देना होगा जवाब

पटना  बिहार में आज 17 अप्रैल से जनगणना 2027 का पहला चरण (मकान सूचिकरण) शुरू होने जा रहा है। इसमें लोग घर बैठे खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन कर सकेंगे। पहले चरण में स्व-गणना का काम 1 मई तक चलेगा। बिहार में जनगणना 2027 में पहले 15 दिनों तक लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद अपने परिवार और घर की जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद गणनाकर्मी घर पहुंचकर दर्ज जानकारी की जांच करेंगे। यह प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। बिहार में जीविका दीदियों की ली जाएगी मदद इस पोर्टल पर परिवार के मुखिया के नाम और परिवार के किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद नागरिकों को 33 सवालों के जवाब भरने होंगे। स्व-गणना के लिए प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान से सभी को जोड़ने के लिए 'जीविका दीदियों' की मदद ली जाएगी।इन सवालों में मकान की स्थिति, फर्श, दीवार और छत किससे बनी है, कितने लोग रहते हैं, परिवार के सदस्यों की संख्या, पानी, बिजली, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की जानकारी मांगी जाएगी। आइए आपको बताते हैं कैसे आप स्पेट-बाय स्टेप जनगणना के लिए अपनी जानकारी भर सकते हैं… पहला चरण: जनगणना के लिए जानकारी भरने के लिए रजिस्ट्रेशन – जनगणना के लिए अपनी जानकारी भरने के लिए सबसे पहले आपको सरकारी पोर्टल में लॉगिन करके एंट्री करनी होगी। – सरकारी पोर्टल पर जाएं। फिर अपने राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का चयन करें। कैशे कोड दर्ज करें। परिवार के पंजीकरण के लिए परिवार के मुखिया का नाम, 10 अंकों का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी (वैकल्पिक) दर्ज करें। परिवार के मुखिया का नाम बाद में बदला नहीं जा सकेगा। ऐसे में जो मुखिया है, उसी का नाम डालें। – प्रत्येक परिवार के लिए केवल एक मोबाइल नंबर का उपयोग किया जा सकता है। एक बार पंजीकृत होने के बाद वही मोबाइल नंबर किसी अन्य परिवार के लिए उपयोग नहीं किया जा सकता है। दूसरा चरण– सत्यापन और जगह की पहचान जनगणना के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होने के बाद दूसरा चरण शुरू होगा। इसमें आपने जो जगह भरी है, उसका सत्यापन किया जाएगा। फिर जगह की पहचान की जाएगी। बताते हैं इसके लिए आपको क्या करना होगा.. – पोर्टल पर आपको अपनी भाषा का चयन करना होगा। पोर्टल पर पसंदीदा भाषा वाले बॉक्स में जाकर अपनी भाषा का सिलेक्शन करें। यहां भाषा चयन के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए डाले गए मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। इस ओटीपी को साइट पर दर्ज करें। बता दें, चयनित भाषा को बाद में बदला नहीं जा सकता है। – साइट पर आगे बढ़ें और अपने जिले का चयन करें। यहां पिन कोड दर्ज करें। फिर अपने गांव, नगर या स्थानीय क्षेत्र की जानकारी भरें। – आगे बढ़ने पर आपको आपके क्षेत्र का नक्शा दिखाई देगा। इस पर अपने निवास स्थान को चिन्हित करें। इसके लिए आपको नक्शे पर दिख रहे लाल रंग के मार्क को आगे-पीछे खिसकाकर अपने मकान के सटीक जगह पर रखें और स्थान की पुष्टि करें। तीसरा चरण: डेटा दर्ज करें और पूछी गई डिटेल भरें – पूछे गए सवालों को पूरा भरें: मकानसूचीकरण और मकानों की गणना वाली प्रश्नावली भरें। प्रश्नों को समझने में आपकी सहायता के लिए टूलटिप्स, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) और 'महत्वपूर्ण जानकारी' उपलब्ध हैं। – पूर्वालोकन एवं समीक्षा: अभी तक आपने जो जानकारी भरी है, वो यहां आपको देखने को मिलेगी। आप दर्ज की गई सभी जानकारी को अच्छे से जांच लें। – अगर दर्ज किए गए डेटा में कोई संशोधन करना है तो आपको वापस उसी सेक्शन में जाना होगा। ऐसे में अभी तक भरी जानकारी को ड्राफ्ट के रूप में सेव करें। अगर सभी जानकारी भर चुकी है और कोई संसोधन नहीं करना है तो पुष्टि करें और सबमिट करें। – पुष्टि करें और सबमिट करें पर क्लिक करके अपने डेटा का फाइनल सबमिशन करें। फाइनल सबमिशन के बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा। – स्व-गणना पहचान संख्या (SEID) का सृजन: पूरी डिटेल भरने के बाद जब आप फाइनल सबमिट करेंगे तो 11 अंकों की एक खास स्व-गणना पहचान संख्या (SE ID) जनरेट होगी, जो 'H' अक्षर से शुरू होती है। यह आईडी SMS और अगर आपने ईमेल आईडी दी है तो उसके जरिए आपको मिलेगी। चौथा चरण: क्षेत्रीय सत्यापन चौथे चरण में आपके मकान का क्षेत्रीय सत्पापन जनगणना कर्मी करेंगे। – जब जनगणना करने वाले कर्मी आपके घर आएं, तो उन्हें अपनी SE ID दें, जो आपको ऑनलाइन मकान की गणना करने पर मिलेगी। – SE ID मिलान का परिणाम: अगर SE ID मौजूदा रिकॉर्ड से मेल खाती है, तो आपकी जानकारी की पुष्टि कर उसे मंजूर कर लिया जाएगा। अगर SE ID का मिलान नहीं होता है तो गणनाकर्मी आपकी नई जानकारी लेकर दर्ज करेगा।  

जल गुणवत्ता निगरानी पर जल वाहिनियों का प्रशिक्षण सफल

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। खड़गवा विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच, रासायनिक-भौतिक तत्वों की पहचान और परिणामों के विश्लेषण की जानकारी दी गई। साथ ही जल जनित बीमारियों से बचाव और स्वच्छ जल के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा हुई। व्यवहारिक सत्र में प्रतिभागियों को स्वयं जल परीक्षण कराकर उनकी दक्षता बढ़ाई गई तथा WQMIS पोर्टल पर डेटा एंट्री और रजिस्टर संधारण की प्रक्रिया सिखाई गई। विभाग ने जल स्रोतों की नियमित जांच और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जल वाहिनियों की क्षमता में वृद्धि हो रही है, जिससे ग्रामीण स्तर पर जल गुणवत्ता निगरानी और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूती मिल रही है।

महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्रेशन सस्ता, फैसले का स्वागत

महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्रेशन सस्ता, फैसले का स्वागत मनेन्द्रगढ़/एमसीबी महिलाओं के नाम पर भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की कमी के राज्य सरकार के फैसले का जिले सहित पूरे प्रदेश में स्वागत हो रहा है। इसे महिलाओं को संपत्ति स्वामित्व और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मनेन्द्रगढ़ की निवासी जयंती शुक्ला ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। सरकार के अनुसार इस फैसले से राजस्व में कमी के बावजूद महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महिलाओं में संपत्ति के प्रति स्वामित्व की भावना मजबूत होगी।

उत्तर भारत में डबल मार: 40°C के करीब तापमान, हवा भी जहरीली

लखनऊ  उत्तर भारत में गर्मी अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों के लिए दोहरी चुनौती बनकर सामने आ रही है। एक ओर आसमान से बरसती आग और पछुआ हवाओं की तपिश है, तो दूसरी ओर गिरती हवा की गुणवत्ता ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। लखनऊ में जहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंचकर लोगों की सेहत के लिए खतरा बन गया है। आने वाले दिनों में गर्मी और प्रदूषण दोनों के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लखनऊ में चटक धूप और पछुआ हवाओं ने बढ़ाई तपिश शहर में बीते दो दिनों से अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गुरुवार को यह 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। सुबह से ही तेज धूप निकलने और दिनभर गर्म पछुआ हवाएं चलने के कारण गर्मी की चुभन लोगों को बेहाल कर रही है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है, जबकि लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। रात का तापमान भी 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे राहत कम ही मिल रही है। 2-3 दिन तक शुष्क रहेगा मौसम भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और आने वाले 2–3 दिनों तक पछुआ हवाएं जारी रहेंगी। इससे तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। एनसीआर में गर्मी के साथ प्रदूषण का कहर गर्मी के साथ-साथ एनसीआर के शहरों में प्रदूषण ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में तापमान 38–39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार कम होने और धूल भरी हवाओं के कारण प्रदूषण के कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। AQI ‘बहुत खराब’ स्तर पर, गाजियाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, नोएडा का AQI 255 (खराब), ग्रेटर नोएडा का 318 और गाजियाबाद का AQI 308 दर्ज किया गया है। गाजियाबाद की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां यह देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। बीते कुछ दिनों में यहां AQI 170 से बढ़कर 308 तक पहुंच गया है, जो तेजी से बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को दर्शाता है। धूल और हवाओं से बन रहे स्मॉग जैसे हालात विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की रफ्तार कम होने और धूल भरी हवाओं के चलते प्रदूषण के कण वातावरण में स्थिर हो रहे हैं। इससे स्मॉग जैसी स्थिति बन रही है, जो सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। अगर हवा की गति नहीं बढ़ी, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। 40 डिग्री पार जाने का अनुमान, लू चलने की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक, 21 से 24 अप्रैल के बीच तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही लू चलने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलना और भी मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा, विशेषज्ञों की सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और प्रदूषण का यह दोहरा असर शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है

ग्वालियर-इंदौर संभाग में जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के कार्य में नागरिकों की स्वेच्छिक भागीदारी

ग्वालियर  जनगणना जैसे कार्य में शासकीय सेवकों को महत्वपूर्ण दायित्व निभाने के लिए शासन द्वारा सभी सुविधाएं और मानदेय दिया जाता है। वहां ऐसे भी भारतीय नागरिक हैं जो बिना किसी शासकीय सुविधा के स्वप्रेरणा से जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपना समय और पैसा खर्च करके प्रत्येक नागरिक को जागरूक करने के लिए दूर-दूराज के ग्रामीण इलाकों में भ्रमण कर रहे हैं। 5-4-26 से ग्वालियर क्षेत्र में यह कार्य प्रख्यात पुस्तक लेखक डॉ अजित बाबू जैन के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम द्वारा संचालित किया जा रहा है। उनकी टीम में श्री अक्षय कुमार दानी, श्री अमित कुमार, श्रीमती सुधा जैन , प्रख्यात समाजसेवी श्री महेन्द्र कुमार जैन, एवं पुष्पराज के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है जिन्होंने 11 दिनों में सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक आदि संचार माध्यमों और स्वयं सभी स्थानों पर दौरा करते हुए सभी क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाकर लोगों को जागरूक किया है। इंदौर क्षेत्र में यही कार्य भारत सरकार से राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद डॉ मनोरमा जैन के मार्गदर्शन में उनकी टीम कर रही है। उनकी टीम में मुख्य रूप से श्री योगेश कुमार जागीचा देपालपुर, श्रीमती मनीषा मंडोवरा गौतमपुरा, श्रीमती नयन जैन बेटमा, श्रीमती मधु नाहर इंदौर और श्री अमिष जैन बेटमा द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा कर संपूर्ण इंदौर क्षेत्रों में पहुंच बनाई गई है। ग्वालियर और इंदौर दोनों ही टीमों में बहुत लोग स्वेच्छा से जुड़ते जा रहे हैं जिससे कार्य अधिक आसान हो रहा है।

स्वर्णिम उपलब्धि: बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने रचा सफलता का नया इतिहास

स्वर्णिम उपलब्धि: बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने रचा सफलता का नया इतिहास CBSE कक्षा 10वीं में शत-प्रतिशत परिणाम, अनुष्का मंडल बनी टॉपर (98.8%) सीपत, बिलासपुर एनटीपीसी सीपत स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल ने सीबीएसई कक्षा दसवीं परीक्षा सत्र (2025–26) में शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त कर उत्कृष्टता की नई मिसाल पेश की है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने न केवल बेहतरीन अंक हासिल किए, बल्कि समग्र प्रदर्शन से संस्था की शैक्षणिक गुणवत्ता को भी सिद्ध किया। विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा अनुष्का मंडल ने 98.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं शौर्य साहू एवं सस्मित राज ने 98.6% अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि अयमान तनवीर ने 98% अंक अर्जित कर तृतीय स्थान हासिल किया। परिणाम में उत्कृष्टता का प्रमाण कुल 66 विद्यार्थियों में से— 23 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए 47 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक अर्जित किए 61 विद्यार्थियों ने 70% से अधिक अंक हासिल किए यह आँकड़े विद्यालय की उच्चस्तरीय शिक्षा प्रणाली और अनुशासित वातावरण को दर्शाते हैं। विषयवार शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र विभिन्न विषयों में विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की— शौर्य साहू – गणित, संस्कृत एवं एआई सस्मित राज – गणित, सोशल साइंस एवं संस्कृत अनुष्का मंडल – संस्कृत एवं एआई अयमान तनवीर – सोशल साइंस एवं एआई गौरव बनर्जी – संस्कृत एवं एआई साईप्रदा साहू – सोशल साइंस एवं संस्कृत इसके अतिरिक्त— दर्शिल सुब्रत (गणित) पान्या सना कुजूर, साग्निक डे सरकार (संस्कृत) यामिनी भार्गव, अवनी जैन, सोहम शर्मा (एआई) ने 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।   विद्यालय के प्राचार्य शलभ निगम ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि— “यह सफलता विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम, शिक्षकों की समर्पित मेहनत एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास—चरित्र, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता—को विकसित करना है।” इस शानदार सफलता के साथ बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने जिले में अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक मजबूत किया है तथा आने वाले वर्षों के लिए नई प्रेरणा स्थापित की है।