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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने की सौजन्य भेंट

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।

मध्यप्रदेश को मिलेगी 2 नई सौर परियोजनाओं की सौगात, CM डॉ. मोहन यादव करेंगे उद्घाटन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 2 बड़ी सौर परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण 440 मेगावॉट की मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का होगा पीपीए 1553.98 करोड़ की औद्योगिक इकाइयों एवं विकास कार्यों का होगा भूमि-पूजन और लोकार्पण केंद्रीय मंत्री जोशी और प्रदेश के मंत्री शुक्ला रहेंगे मौजूद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 जून को नीमच में 500 मेगावॉट और शाजापुर में 450 मेगावॉट के सौर पार्क का उद्घाटन करेंगे। परियोजनाओं, 440 मेगावॉट की सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना पॉवर परचेज एग्रीमेंट और 1553.98 करोड़ रुपये की औद्योगिक इकाइयों और विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम में केन्द्रीय नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और प्रदेश के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला भी उपस्थित रहेंगे। अपर मुख्य सचिव नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मनु श्रीवास्तव ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी के साथ प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री शुक्ला की उपस्थिति में भोपाल में 440 मेगावॉट के मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना का पॉवर परचेज एग्रीमेंट होगा। मुरैना सोलर प्लस स्टोरेज प्रदेश की पहली सोलर ऊर्जा भण्डारण परियोजना है। इस परियोजना में 2 रुपये 70 पैसे प्रति यूनिट की दर निविदा पर प्राप्त हुई है, जो देश में न्यूनतम है। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री नीमच में 500 मेगावॉट के नीमच सोलर पार्क और 450 मेगावॉट के शाजापुर सोलर पार्क का शुभारंभ करेंगे। दोनों सौर परियोजनाओं की 2 रुपये 14 पैसे प्रति यूनिट की दर आयी है, जो कि देश की न्यूनतम दरों में शामिल है। एमडी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम अमित तोमर ने बताया कि लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय मंत्री जोशी 1593.98 करोड़ की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों और अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण करेंगे। परियोजनाओं का विवरण नीमच सोलर पार्क (500 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.14 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.15 रुपये प्रति यूनिट। शाजापुर सोलर पार्क (450 मेगावॉट) – यूनिट-1 : 2.35 रुपये प्रति यूनिट, यूनिट-2 : 2.33 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-3 : 2.339 रुपये प्रति यूनिट। आगर सोलर पार्क (550 मेगावॉट) (निर्माणाधीन) – यूनिट-1 : 2.45 रुपये प्रति यूनिट और यूनिट-2 : 2.44 रुपये प्रति यूनिट।  

जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन पर आज विशेष ग्राम सभाएँ, जल संरक्षण का लिया जाएगा संकल्प

जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन दिवस पर होंगी विशेष ग्राम सभाएँ मुख्यमंत्री के संदेश का किया जायेगा वाचन अभियान अंतर्गत हुए कार्यों का होगा प्रस्तुतिकरण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर 19 मार्च से प्रारंभ हुए जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन 30 जून 2026 को होगा। अभियान के दौरान लगभग 3.62 लाख से अधिक कार्यों का क्रियान्वयन किया गया है, जिनमें ग्रामीण, नगरीय, वन, सिंचाई, शिक्षा, औ‌द्योगिक तथा अन्य क्षेत्रों में जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, जल गुणवता परीक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, नदी पुनर्जीवन तथा जन-जागरुकता से संबंधित विविध गतिविधियाँ सम्मिलित हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान 2026" का समापन जिले के प्रभारी मंत्रियों की उपस्थिति में समारोह पूर्वक किया जा रहा है। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया जायेगा सम्मानित अभियान के समापन के अवसर पर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संदेश का वाचन किया जाएगा और जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निष्पादित कार्यों, उपलब्धियों तथा लाभान्वित परिवारों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। जन-सहभागिता, श्रमदान एवं नवाचार के माध्यम से उत्कृष्ट योगदान देने वाले नागरिकों, स्वयंसेवी संगठनों, जलदूतों एवं सामुदायिक संगठनों का सम्मान किया जाएगा। जल संरक्षण, जल सुरक्षा, भू-जल संवर्धन तथा वर्षा जल संचयन की भावी कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी तथा ग्राम स्तर पर आगामी वर्ष के लिये कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी। आगामी 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होने वाली "विकसित भारत – रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) (VBG RAM G)" के विभिन्न आयामों एवं संभावित लाभों के संबंध में जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही अभियान के अंतर्गत निर्मित अथवा पूर्ण हुई महत्वपूर्ण जल संरचनाओं का जनप्रतिनिधियों द्वारा लोकार्पण कराया जाएगा।  

Noida Fire News: एसी ब्लास्ट के बाद हाइराइज सोसायटी में भड़की भीषण आग, मची भगदड़

 नोएडा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में आग का तांडव जारी है. अब एनसीआर के तहत आने वाले उत्तर प्रदेश के नोएडा में आग लगने की घटना हुई है. नोएडा की एक हाईराइज सोसाइटी में सोमवार की सुबह भीषण आग लग गई. सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग की विकराल लपटों पर काबू पाया।  इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है. घटना नोएडा के सेक्टर 119 स्थित एक सोसाइटी की है. जानकारी के मुताबिक नोएडा सेक्टर 119 की अरण्य सोसाइटी के एक टावर से सोमवार की सुबह धुआं उठता दिखा. देखते ही देखते इसने आग की लपटों का रूप ले लिया. आग लगने की जानकारी आसपास के लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को दी और अपने स्तर से भी आग पर काबू पाने की कोशिशें शुरू कर दीं।  आग की लपटों ने देखते ही देखते पास के एक फ्लैट को भी अपनी चपेट में ले लिया. लोगों ने आसपास के लोगों से भी फ्लैट खाली करने की अपील की. सूचना पाकर फायर ब्रिगेड की छह गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं. फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद आग की विकराल लपटों पर काबू पाया. आग 22वीं मंजिल पर लगी थी और इसकी वजह से आग पर काबू पाने में फायर ब्रिगेड को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।  नोएडा के चीफ फायर अफसर भी खुद मौके पर पहुंचे. सीएफओ के साथ ही पुलिस भी मौके पर मौजूद है. इस घटना के पीछे एसी ब्लास्ट को वजह बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि 22वें फ्लोर पर स्थित एक फ्लैट की बालकनी में लगी एसी में विस्फोट हुआ. इसके बाद लगी आग ने पास के एक फ्लैट को भी आगोश में ले लिया। 

अयोध्या पर बयान के बाद योगी का पलटवार, बोले- मथुरा पर रुख साफ करें अखिलेश यादव

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। योगी ने अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह धार्मिक बनने का प्रयास कर रहे हैं तो अब उन्हें मथुरा के बारे में भी बोलना चाहिए। अखिलेश के अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाने के बयान सीएम योगी ने कहा, मुल्ला-मौलवियों के सामने घुटने टेकने वले अयोध्या को क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे?वह पहले आप अपना इतिहास देखें। अखिलेश ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर जारी जांच के बीच शनिवार को कहा था कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है और अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वह अयोध्या को एक ‘बेमिसाल’ धार्मिक व पवित्र नगरी के रूप में विकसित करेंगे। सपा प्रमुख पर सीएम योगी का तंज योगी ने हाथरस में एक सभा को संबोधित करते हुए सपा प्रमुख का नाम लेते हुए तंज कसा, ‘अखिलेश जी, अयोध्या को तो राम भक्तों ने संवार दिया। आप मथुरा की बात करिए। अगर सचमुच अपने आपको धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हो तो मथुरा-वृंदावन पर खुलकर बोलिए, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोलिए। यह भी कहिए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति का अभियान चलना चाहिए।’ उन्होंने कहा, ‘भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। हमारी सरकार सुविधाएं उपलब्ध करा रही है लेकिन आपमें (अखिलेश में) हिम्मत नहीं है, क्योंकि आपने एक वर्ग के सामने घुटने टेकने के अलावा प्रदेश के विकास के लिए कोई एजेंडा नहीं रखा है।’ अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं योगी ने जोर देकर कहा, 'बात अयोध्या, मथुरा और काशी के उत्थान तथा उनकी पौराणिक पहचान को सुदृढ़ करने की होनी चाहिए। धूल झोंकने का काम मत करिए। अयोध्या अपनी पहचान के लिए आप पर मोहताज नहीं है।' उन्होंने कहा, 'अयोध्या की अपनी पहचान है और उसने दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।' मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अखिलेश यादव एक बयान में कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएगी। अरे, आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे? अपना इतिहास देखिए। राम भक्तों पर गोली आपके ही लोगों ने चलाई थी। आपकी ही समाजवादी पार्टी की सरकार ने गोली चलवाई थी।’ जेलों में जन्माष्टमी के आयोजन पर सपा सरकार ने लगाई थी रोक सीएम योगी ने कहा, 'आप (अखिलेश) भूल गए कि आपने थानों और जेलों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन तक को रोक दिया था। कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था। जब हमारे जनप्रतिनिधि कह रहे थे कि हाथरस में 22 से अधिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण हुआ तो क्या यह सपा शासन में संभव था? उनके समय में यह संभव नहीं था।' पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को आजमगढ़ में एक विवाह समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी निंदनीय और चिंता का विषय है। अखिलेश ने कहा, 'दान में गबन की खबरों के बाद सरकार को दबाव में आकर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना पड़ा। हालांकि, इससे यह सवाल उठता है कि एसआईटी की रिपोर्ट एक खास व्यक्ति को ही क्यों सौंपी गई है।'

शालू जिंदल को मिला ‘CSR Visionary Leader of the Year’ सम्मान, सामाजिक सरोकारों में उत्कृष्ट योगदान का मिला सम्मान

 शालू जिन्दल को 'सीएसआर विजनरी लीडर ऑफ द ईयर' का सम्मान नई दिल्ली/रायपुर  जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल को सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और अनुकरणीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'सीएसआर विजनरी लीडर ऑफ द ईयर' अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटल प्राइड प्लाजा में 'द ब्रेनालिटिक्स' द्वारा हाल ही में आयोजित '7वें भारत सीएसआर एंड सस्टेनेबिलिटी समिट एंड अवार्ड्स 2026' में प्रदान किया गया। यह सम्मान देश भर में विभिन्न समुदायों का जीवन स्तर सुधारने और उनके कल्याण के लिए जिन्दल फाउंडेशन के माध्यम से श्रीमती शालू जिन्दल द्वारा किये गए दूरदर्शी और समर्पित प्रयासों की कड़ी में मील का एक पत्थर है। उनके कुशल मार्गदर्शन में फाउंडेशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, आजीविका, जल और स्वच्छता, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, पर्यावरणीय विकास, कला व संस्कृति और सामाजिक उत्थान जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है। इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती शालू जिन्दल ने इस अवार्ड को फाउंडेशन की सेवा यात्रा से जुड़े सहयोगियों, साझेदारों और टीम के सामूहिक प्रयासों और उनके समर्पण का सम्मान बताया, जो सामाजिक उत्थान के पवित्र प्रयासों में निरंतर योगदान कर रहे हैं। जिन्दल फाउंडेशन के बारे में – जिन्दल स्टील की सामाजिक सेवा शाखा 'जिन्दल फाउंडेशन' देशभर में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज में समान अवसरों व खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण संरक्षण, खेल तथा कला एवं संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।

पटना समेत कई जिलों में गर्मी का असर, उत्तर बिहार में भारी बारिश की संभावना

 पटना बिहार में इन दिनों मौसम का दोहरा मिजाज देखने को मिल रहा है। राज्य के एक हिस्से में आंधी-बारिश हो रही है, तो दूसरे हिस्से में लू और भीषण गर्मी पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना की ताजा बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार में बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं बाकी हिस्सों में भीषण गर्मी और हीट वेव का असर बना रहेगा। इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, सुपौल, अररिया, कटिहार, किशनगंज, पूर्णिया, सहरसा और मधेपुरा जिलों के अनेक स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति बन सकती है। वहीं उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार में मेघ गर्जन, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। जबकि दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार में भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने की संभावना है। इन जिलों में लू का प्रकोप बारिश के बीच दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी भी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग ने भभुआ (कैमूर), बक्सर और रोहतास जिलों में हीट वेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में लू के प्रकोप से बचने के लिए इन क्षेत्रों के लोगों अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है। मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, पश्चिम चंपारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा जिले में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। वहीं उत्तर-पूर्व बिहार के अररिया, पूर्णिया, सुपौल अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के पटना, गया, बक्सर, भोजपुर यहां गर्मी का असर अधिक रहेगा और अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।  

हाथरस से सियासी वार: सीएम योगी ने अखिलेश को मथुरा पर खुली चुनौती दी

लखनऊ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने  दावा किया था कि उनकी सरकार आई तो अयोध्या को धार्मिक सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। अखिलेश के इसी दावे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार की तीखा हमला किया। सीएम योगी ने अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि अयोध्या की पहचान बन चुकी है। अगर हिम्मत है तो यही बात मथुरा के लिए बोलकर दिखाइए। यह बोलकर दिखाइए कि जैसे अयोध्या के लिए श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन चला उसी तरह श्रीकृष्ण मुक्ति के लिए आंदोलन चलना चाहिए। सीएम योगी हाथरस में करोड़ों की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कल अखिलेश यादव का एक बयान पढ़ रहा था। वह कह रहे थे कि उनकी सरकार आएगी तो अयोध्या को धार्मिक नगरी बनाएंगे। सीएम योगी ने कहा कि आप क्या धार्मिक नगरी बनाएंगे, रामभक्तों पर गोली तो समाजवादी पार्टी की ही सरकार ने चलवाई थी। राम भक्तों की मेहनत से अब जब अयोध्या त्रेता युग का स्मरण करा रही है तो आपके मुंह में भी पानी आने लगा है। अयोध्या के लिए पश्चाताप, रामलला का जाकर दर्शन कीजिए योगी ने कहा कि अखिलेश जी अयोध्या को तो रामभक्तों ने सजा औऱ संवार दिया है। आप उसकी चिंता मत कीजिए, पश्चाताप कीजिए। एक बार कम से कम रामलला का दर्शन कर लीजिए, उसी से सद्बुद्धि आएगी। अब तैयारी कीजिए कि हम कृष्ण कन्हैया के लिए भी कुछ कर सकें। अब मथुरा की बात कीजिए। अगर सचमुच अपने को धार्मिक कहलाने का प्रयास कर रहे हैं तो मथुरा-वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर खुलकर बोल दीजिए। अखिलेश को चुनौती देते हुए कहा कि यह बोलकर दिखाइए कि श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति का भी अभियान चलना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण की भूमि को भी सम्मान मिलना चाहिए। मुल्ला-मौलवियों के आगे घुटने टेकने का ही एजेंडा सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम कर रही है। युद्धस्तर पर हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन आप में हिम्मत नहीं है क्योंकि आप पर मुल्ला और मौलवियों के सामने घुटने टेकने के अलावा कोई एजेंडा नहीं है जिससे प्रदेश का विकास हो सके। कोई ऐसा एजेंडा नहीं है जिससे अयोध्या, मथुरा या काशी का उत्थान हो और उनकी पौराणिक पहचान स्थापित हो। कब्रिस्तान के पैसों को मंदिरों की ओर डायवर्ट किया कहा कि आंखों में धूल झोंकने का प्रयास मत कीजिए। अयोध्या पहचान की मोहताज नहीं है, अयोध्या ने दुनिया के सामने अपनी पहचान को बनाया हुआ है। आपने तो थानों में और जेलों में कृष्ण जन्माष्टमी मनाने पर भी रोक लगा दी थी। कांवर यात्रा पर भी प्रतिबंध लगा दिया था। समाजवादी सरकार में पैसा कब्रिस्तान की बाउंड्री की तरफ जाता था, हमने उसे मंदिरों की तरफ डायवर्ट किया है। अखिलेश ने क्या कहा था अखिलेश यादव ने शनिवार को अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की चर्चा करते हुए कहा था कि हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्व भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे। अखिलेश ने एक्स पर लिखा था कि प्रभु के आशीर्वाद के साथ, हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे। इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुन: स्थापित करेंगे।

बीडीए की बड़ी परियोजना: पीलीभीत बाइपास रोड सिक्सलेन और आठ लेन विस्तार की तैयारी तेज

बरेली  शहर के पीलीभीत बाइपास रोड पर प्रस्तावित सिक्स लेन का कार्य 50 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो गया है। परियोजना के अगले दो माह में पूर्ण होने और आमजन को सौंपने की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए बीडीए की ओर से 60 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। परियोजना के तहत बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक मार्ग को सिक्सलेन में बदला जा रहा है। वहीं, बैरियर टू से सेटेलाइट तक मार्ग को आठ लेन बनाने के लिए मंगलवार को निविदा टेक्निकल बिड खोली जाएगी। बीडीए अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में सड़क व फुटपाथ पर गिट्टी का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। माना जा रहा है कि अब डीबीएम और वीसी का कार्य भी अगले दो माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। पीलीभीत बाइपास सिक्सलेन मार्ग बना रहा बीडीए उल्लेखनीय है कि, शहर के सबसे व्यस्ततम मार्गों में एक पीलीभीत बाईपास मार्ग (बरेली एयरपोर्ट स्थित बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक) अब तक सिर्फ दो लेन होने की वजह से आए दिन जाम की समस्या बनी रहती थी। साथ ही दुर्घटनाएं भी होती रहती हैं। सड़क को चौड़ी करने के लिए पूर्व मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने बीते वर्ष बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक 4.86 किमी. मार्ग के फोरलेन निर्माण के लिए 136 करोड़ की कार्ययोजना शासन को प्रेषित की थी। अब तक 50 प्रतिशत से अधिक प्रगति का दावा इसके लिए कुछ धनराशि बीडीए से भी मांगी गई थी। मगर, परियोजना की स्वीकृति में लग रहे समय को देखते हुए अब बीडीए ने खुद मार्ग को चौड़ीकरण करने का निर्णय लिया। इस मार्ग पर एयरपोर्ट भी स्थित है। मार्ग के महज दो लेन होने के कारण एयरपोर्ट जाने वाले लोगों और दिल्ली, मुंबई व अन्य महानगरों से आने वाले यात्रियों को जाम के चलने परेशानी का सामना करना पड़ता था। 30 जून को खोली जाएगी निविदा इसी मार्ग पर ही सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक कई बड़े मैरिज हाल, होटल-रेस्टोरेंट व अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हैं। अब इस मार्ग चौड़ीकरण के बीच ही वर्तमान मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने बीडीए को सेटेलाइट से बैरियर-टू तक आठ लेन व दो सर्विस लेन बनाने के लिए निर्देश दिए हैं, इसके लिए बीडीए की ओर से आमंत्रित निविदा 30 जून को खोली जाएगी। इस मार्ग के बनने के बाद शहर की तस्वीर बदलने की बात कही जा रही।  

पहले एक दिन की देरी पर लगता था पूरे महीने का चार्ज

रायपुर  छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने इस संबंध में तथ्यात्मक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था वास्तव में उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए तैयार की गई है। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए लेट पेमेंट सरचार्ज (विलंब अधिभार) को लेकर सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में चल रही दोहरा झटका या रोज़ाना ब्याज जैसी खबरें पूरी तरह भ्रामक और गलत हैं। क्या थी पुरानी व्यवस्था और क्यों था नुकसान?      पावर कंपनी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुरानी व्यवस्था में यदि कोई उपभोक्ता नियत तिथि के बाद महज एक या दो दिन की देरी से भी बिजली बिल का भुगतान करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत सरचार्ज वसूल लिया जाता था। यह व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदेह थी। नई व्यवस्था से ऐसे होगा उपभोक्ताओं का फायदा          संशोधित नियमों के बाद अब लेट फीस की गणना पूरी तरह पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी कर दी गई है। अब विलंब अधिभार 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर से लिया जाएगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ता जितने दिन बिल पटाने में देरी करेगा, उसे केवल उतने ही दिनों का शुल्क देना होगा। एक दिन की देरी पर मामूली शुल्क         यदि किसी कारणवश उपभेक्ता बिल के भुगतान में केवल एक दिन का विलंब होता है, तो अब पूरे महीने का सरचार्ज नहीं, बल्कि मात्र 0.04 प्रतिशत अधिभार ही देय होगा। महीने भर की देरी पर भी कम ब्याज         यदि कोई उपभोक्ता पूरे 30 दिन का भी विलंब करता है, तब भी कुल अधिभार केवल 1.2 प्रतिशत (0.04 प्रतिशत × 30 दिन) ही बनेगा, जो कि पुरानी व्यवस्था के 1.5 प्रतिशत से काफी कम है। भ्रामक खबरों से दूर रहने की अपील        पावर कंपनी ने साफ किया है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दरें कम हुई हैं, बढ़ी नहीं हैं। इसे रोजाना ब्याज लगने या झटके के रूप में पेश करना तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी ने सभी समाचार माध्यमों और आमजन से अनुरोध किया है कि वे इस सही और स्पष्ट जानकारी को ही साझा करें ताकि उपभोक्ताओं के बीच फैला अनावश्यक भ्रम दूर हो सके।